Category: खेल

  • सुप्रीम कोर्ट:50% वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्ची से कराने की मांग10 से ज्यादा विपक्षी दलों ने लगाई याचिका

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट 21 विपक्षी पार्टियों के द्वारा दायर की गई याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। पार्टियों की मांग है कि आम चुनावों के नतीजे से पहले कम से कम 50% वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से किया जाए। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग को लेकर गुरुवार को 10 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।

    मुख्य न्यायाधीश गोगोई करेंगे सुनवाई

    याचिकाकर्ताओं मेंआंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू (टीडीपी), शरद पवार (एनसीपी), फारुक अब्दुल्लाह (एनसी), शरद यादव (एलजेडी), अरविंद केजरीवाल (आप), अखिलेश यादव (एसपी), डेरेक ओब्रायन (टीएमसी) और एमके स्टालिन (डीएमके) शामिल थे। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई करेंगे।

    पहले भी उठाए थे ईवीएम पर सवाल
    पार्टियों ने कहा कि हमें ईवीएम की प्रमाणिकता पर संदेह है, जो चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता पर भी संशय पैदा करता है। ऐसे में आयोग यह अनिवार्य करे कि 50 फीसदी ईवीएम मतों का मिलान वीवीपैट पर्चियों से किया जाए।21 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने चुनाव आयोग को भी ज्ञापन सौंपा। नवंबर-दिसंबर में पांच विधानसभाओं में हुए चुनाव के दौरान भी इन पार्टियों के द्वारा ईवीएम को लेकर सवाल उठाए गए थे।(इनपुट भास्कर)

  • भारत ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट से जीता पहला वनडे सीरीज

    मिल्लत टाइम्स,भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पांच वनडे की सीरीज के पहले मैच में 6 विकेट से हरा दिया। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 237 रन का लक्ष्य दिया। टीम इंडिया ने इसे 48.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले टीम इंडिया एडिलेड और मेलबर्न में हराया था। इस जीत में महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव ने अहम योगदान दिया। धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार चौथा अर्धशतक लगाया। उन्होंने इस साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन अर्धशतक लगाए थे। धोनी 72 गेंद पर 59 रन और केदार 87 गेंद पर 81 रन बनाकर नाबाद रहे। केदार को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

    हैदराबाद में भारत की लगातार तीसरी जीत

    हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले उसने 2011 में इंग्लैंड और 2014 में श्रीलंका को हराया था। इस मैदान पर विकेट के लिहाज से किसी टीम की यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है। भारत ने श्रीलंका को 2014 में 6 विकेट से हराकर सबसे बड़ी जीत हासिल की थी। उस समय टीम के पास 35 गेंद शेष थे। वहीं, इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के पास 10 गेंद शेष रहे।

    ऐसे गिरे भारत के विकेट

    पहला विकेट (1.1 ओवर): भारत को पहला झटका दूसरे ओवर में लगा। नाथन कूल्टर नाइल ने अपने स्पेल की पहली ही गेंद पर शिखर धवन को पवेलियन भेज दिया। धवन खाता भी नहीं खोल सके। उनका कैच मैक्सवेल ने लिया। दूसरा विकेट (16.6 ओवर): एडम जम्पा ने 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर भारत को दूसरा झटका दिया। उन्होंने भारतीय कप्तान विराट कोहली को 44 रन के निजी स्कोर पर एलबीजडब्ल्यू कर दिया। जम्पा पिछले तीन मैच में कोहली को दोे बार आउट कर चुके हैं। तीसरा विकेट (20.5 ओवर): ओपनर रोहित शर्मा 21वें ओवर में आउट हो गए। उन्होंने 66 गेंद पर 37 रन की साझेदारी की। रोहित को कूल्टर नाइल ने कप्तान एरॉन फिंच के हाथों कैच आउट कराया।
    चौथा विकेट (23.3 ओवर): रोहित के बाद अंबाती रायडू भी जल्द ही आउट हो गए। जम्पा ने रायडू को एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट कराया। रायडू ने 19 गेंद पर 13 रन बनाए।

    उस्मान ख्वाजा ने करियर का छठा अर्धशतक लगाया

    इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में दूसरा सबसे कम स्कोर बनाया। इससे पहले 2011 में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 10 विकेट पर 174 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए उस्मान ख्वाजा ने 50 और ग्लेन मैक्सवेल ने 40 रन की पारी खेली। ख्वाजा ने करियर का छठा अर्धशतक लगाया। भारत के लिए मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए।

    ऐसे गिरे ऑस्ट्रेलिया के विकेट

    पहला विकेट (1.3 ओवर) : जसप्रीत बुमराह की इस गेंद को एरॉन फिंच ने आगे आकर पुश करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुई विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में पहुंच गई। इस स्कोर ऑस्ट्रेलिया का खाता भी नहीं खुला था। दूसरा विकेट (20.1 ओवर) : केदार जाधव की यह गेंद काफी ऊंची थी। मार्क्स स्टोइनिस ने इसे फुल टॉस की तरह खेलना चाहा, लेकिन शॉर्ट मिडविकेट पर खड़े विराट कोहली ने उनका कैच पकड़ लिया। स्टोइनिस ने आउट होने से पहले उस्माना ख्वाजा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 87 रन जोड़े। तीसरा विकेट (23.5 ओवर) : कुलदीप यादव की इस गेंद पर उस्मान ख्वाजा ने छक्का लगाने की कोशिश की। हालांकि, गेंद पूरी तरह से उनके बल्ले पर आई नहीं और विजय शंकर ने अपनी दाईं ओर दौड़ लगाते हुए मिडविकेट पर शानदार कैच पकड़ा। इस समय टीम का स्कोर 97/3 था। चौथा विकेट (29.6 ओवर) : पीटर हैंड्सकॉम्ब ने कुलदीप यादव की इस गेंद को हल्का सा आगे निकलकर खेलने की कोशिश की। हालांकि, गेंद इतनी घूमी कि उनके बल्ले पर नहीं आई और विकेट के पीछे खड़े महेंद्र सिंह धोनी ने चपलता दिखाते हुए उन्हें स्टम्प कर दिया। इस समय टीम का स्कोर 133/4 था। पांचवां विकेट (37.5 ओवर) : मोहम्मद शमी ने 38वें ओवर की पांचवीं गेंद पर एश्टन टर्नर को बोल्ड कर दिया। टर्नर का यह पहला वनडे है। उन्होंने 23 गेंद पर 21 रन की पारी खेली। टर्नर ने मैक्सवेल के साथ पांचवें विकेट के लिए 36 रन की साझेदारी की। छठा विकेट (39.5 ओवर) : टर्नर के आउट होने के दो ओवर बाद ही मैक्सवेल भी पवेलियन लौट गए। उन्हें भी शमी ने बोल्ड कर दिया। मैक्सवेल ने 51 गेंद में 40 रन की पारी खेली। उन्होंने इस दौरान पांच चौके लगाए। सातवां विकेट (49.5 ओवर): पारी की आखिरी ओवर के पांचवीं गेंद पर कूल्टर नाइल आउट हो गए। बुमराह की गेंद पर कोहली ने उनका कैच लिया। कूल्टर नाइल ने 27 गेंद पर 28 रन की पारी खेली। उन्होंने एलेक्स कैरी के साथ सातवें विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी की।

    युजवेंद्र चहल की जगह कुलदीप यादव टीम में

    भारतीय टीम युजवेंद्र चहल के बिना उतरेगी। उन्हें आराम दिया गया है। चहल की जगह कुलदीप यादव को टीम में लिया गया। वहीं, रविंद्र जडेजा को भी अंतिम एकादश में जगह बनाने में सफल रहे। उन्हें हार्दिक पंड्या की जगह टीम में लिया गया। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने एलेक्स कैरी को टीम में लिया। वे टी-20 सीरीज के दौरान टीम से बाहर थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए ऑलराउंडर एश्टन टर्नर ने डेब्यू किया। उन्हें पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन ने वनडे कैप दिया।

    दोनों टीमें इस प्रकार हैं :
    भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, अंबाती रायडू, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, विजय शंकर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा।
    ऑस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), मार्क्स स्टोइनिस, उस्मान ख्वाजा, एलेक्स कैरी, पीटर हैंड्सकॉम्ब, ग्लेन मैक्सवेल, एश्टन टर्नर, एडम जम्पा, जेसन बेहरेनडॉर्फ, पैट कमिंस, नाथन कूल्टर-नाइल।

  • भारत ने न्यूजीलैंड को तीसरा वनडे 7 विकेट से‌ हराया,सिरीज़ पर किया कब्ज़ा

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:भारत को ये मैच जीतने के लिए 244 रनों की चुनौती मिली थी, जिसे रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाज़ी के चलते भारत ने 43 ओवरों में तीन विकेट पर 245 रन बनाकर मैच जीत लिया.

    इस जीत के साथ ही भारत ने पांच वनडे मैचों की सिरीज़ में 3-0 की निर्णायक बढ़त ले ली है. न्यूज़ीलैंड के मैदान पर भारत ने दस साल के बाद कोई सिरीज़ पर कब्ज़ा जमाया है.

    रोहित शर्मा ने 62 और विराट कोहली ने 60 रनों की पारी खेली. अंबाति रायडू ने नाबाद 40 और दिनेश कार्तिक ने नाबाद 38 रनों का योगदान दिया.

    भारत की ओर से इस मैच में शानदार गेंदबाज़ी करने वाले मोहम्मद शमी को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. शमी ने नौ ओवरों में 41 रन देकर तीन विकेट चटकाए

    इससे पहले न्यूज़ीलैंड की टीम 243 रनों पर सिमट गई थी. न्यूज़ीलैंड की शुरुआत ख़ासी अच्छी नहीं रही और सातवें ओवर तक उसके दो विकेट गिर गए थे लेकिन इसके बाद बल्लेबाज़ी करने आए रॉस टेलर क्रीज़ पर जम गए और उन्होंने 93 रन बनाए.

    46वें ओवर में मोहम्मद शमी ने उन्हें दिनेश कार्तिक के हाथों कैच आउट करवाया और वह अपना शतक नहीं पूरा कर पाए.

    उनके बाद टॉम लैथम ने सबसे अधिक 51 रन बनाए. भारत की ओर से सबसे कसी हुई गेंदबाज़ी मोहम्मद शमी ने की उन्होंने तीन विकेट लिए.

    वहीं प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाले हार्दिक पांड्या ने ग़ज़ब का प्रदर्शन किया. उन्होंने दो विकेट लेने के अलावा शानदार फ़ील्डिंग की. उन्होंने चहल की गेंद पर न्यूज़ीलैंड के कप्तान के.एस. विलियम्सन (28 रन) का शानदार कैच लिया.

    युज़वेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार ने भी दो-दो विकेट अपने नाम किए.

    विवादित टिप्पणी करने पर बैन किए गए ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने टीम में वापसी कर ली है. उन्होंने इस मैच में 10 ओवरों में गेंदबाज़ी करके 45 रन देकर दो विकेट झटके.

    इस सिरीज़ में जीत हासिल करने के साथ बीते एक साल के अंदर भारत ने दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड- तीन विदेशी वनडे सिरीज़ में जीत हासिल करने का करिश्मा दिखाया है.

  • भारत ने रचा एक नया इतिहास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज पर किया कब्जा

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:भारत ने 7 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया है भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज में भारत ने 21 से सीरीज पर कब्जा कर लिया है

    भारत में बहुत मजबूत स्थिति में या जीत दर्ज की है एक तरफ महेंद्र सिंह धोनी चट्टान की तरह खड़े रहे विकेटों पर तू दूसरी तरफ केदार जाधव ने अपने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए भारत को जीत दिला दिया है ऑस्ट्रेलिया ने 229 रन मारकर 230 रन का लक्ष्य भारत के सामने रखा था भारत ने इसके जवाब में 7 विकेट नाबाद 3 विकेट खोकर कब अपने नाम कर लिया है

  • कोहली के शतक और धोनी के छक्के से जीता भारत,AUS के खिलाफ सीरीज 1-1 से बराबर

    मिल्लत टाइम्स,एडिलेड: मैन ऑफ द मैच कोहली की शतकीय पारी के बाद धोनी ने 54 गेंद में नाबाद 55 रनों की पारी खेलकर भारत को छह विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

    जीत से गदगद कोहली ने की धोनी की तारीफ- बड़े शॉट का खिलाड़ी
    भारतीय कप्तान विराट कोहली एडिलेड वनडे जीतकर बेहद खुश हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में जीत दर्ज करने के बाद पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि वह (धोनी) अपने रंग में दिखे. ‘मैन ऑफ द मैच’ कोहली (104) की शतकीय पारी के बाद धोनी ने 54 गेंद में नाबाद 55 रनों की पारी खेलकर भारत को छह विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इस जीत से तीन मैचों की सीरीज को भारत 1-1 से बराबर करने में सफल रहा.

    मंगलवार को कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं कि उन्हें इस टीम का हिस्सा होना चाहिए, एमएस (धोनी) उस अंदाज में दिखे, जिसके लिए जाने जाते हैं. वह खेल की स्थिति का आकलन शानदार तरीके से करते हैं. वह मैच को आखिर तक ले जाते हैं, जहां सिर्फ वही जानते हैं कि उनके दिमाग में क्या चल रहा हैं. वह अंतिम ओवरों में बड़े शॉट खेलने का माद्दा रखते हैं.’

    कोहली भारतीय टीम को 299 रनों के लक्ष्य तक नहीं पहुंचा सके, लेकिन धोनी और दिनेश कार्तिक (14 गेंद में 25 रन) ने 57 रनों की अटूट साझेदारी कर चार गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. उन्होंने कहा, ‘आप खुद को प्रोत्साहित करने के लिए छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देते हो और फिर लय हासिल कर लेते हो और मैं यहीं करने की कोशिश कर रहा था.’

    विराट ने कहा, ‘ मेरे कपड़ों में पसीने के सफेद दाग लगे हैं. धोनी भी थक गए होंगे. फील्डिंग में 50 ओवरों तक खड़े रहने के बाद बल्लेबाजी करना मुश्किल था.’ भारतीय कप्तान ने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की अंतिम ओवरों में की गई गेंदबाजी की भी तारीफ की.

    उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें अंतिम ओवरों में रन बनाने से रोकना चाहते थे. जब मैक्सी (ग्लेन मैक्सवेल) और शॉन (मार्श) बल्लेबाजी कर रहे थे, तब हमें लगा कि वे मैच को हमसे दूर ले जाएंगे. दोनो को दो गेंद में आउट करना शानदार रहा. मुझे लगा इस विकेट पर 298 का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण था.’

    मार्श की शतकीय पारी से ऑस्ट्रेलिया ने बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया, लेकिन भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर भारी पड़े. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरॉन फिंच ने कहा, ‘जब आप भारतीय टीम जैसी बल्लेबाजी इकाई के खिलाफ खेलते है तो आपको पता होता है कि लगातार अंतराल पर विकेट लेना जरूरी है और धोनी भी मैच हमसे दूर ले गए, भारत को इसका श्रेय जाता है, उन्होंने अच्छा खेल दिखाया.’

  • PSE:PM के लिए मोदी को पिछे छोड़ राहुल बने पहली पसंद CM के लिए अमरिंदर,सिद्धू का भी ग्राफ चढ़ा

    PSE सर्वे के डेटा के मुताबिक पंजाब में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की लोकप्रियता में खासा इजाफा हुआ है. सितंबर से अब तक उनकी लोकप्रियता 4% से बढ़कर 16% तक पहुंच गई है. सिद्धू को करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोले जाने के फैसले को लेकर लाभ मिला है. PSE सर्वे के मुताबिक 42% वोटरों ने इसके लिए सिद्धू को श्रेय दिया. यही नहीं, पंजाब में पीएम पद के लिए राहुल गांधी भी नरेंद्र मोदी से आगे निकल गए हैं.

    PSE:PM के लिए मोदी को पिछे छोड़ राहुल बने पहली पसंद CM के लिए अमरिंदर,सिद्धू का भी ग्राफ चढ़ा
    पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री के लिए वोटरों की पहली पसंद हैं लेकिन बीते तीन महीने में उनकी खुद की लोकप्रियता में 9% की गिरावट आई है. इंडिया टुडे ग्रुप के लिए एक्सिस माई इंडिया की ओर से पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज PSE सर्वे के डेटा के मुताबिक कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की लोकप्रियता में खासा इजाफा हुआ है. सितंबर से अब तक उनकी लोकप्रियता 4% से बढ़कर 16% तक पहुंच गई है. सिद्धू को करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोले जाने के फैसले को लेकर लाभ मिला है. PSE सर्वे के मुताबिक 42% वोटरों ने इसके लिए सिद्धू को श्रेय दिया.

    अमरिंद सरकार के कामकाज से 41% वोटर असंतुष्ट, 34% संतुष्ट

    पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कामकाज से वोटर असंतुष्ट ज्यादा है संतुष्ट कम. PSE जनवरी सर्वे में 34% वोटरों ने राज्य सरकार के कामकाज से खुद को संतुष्ट बताया. वहीं तीन महीने पहले हुए PSE सर्वे में ये आकंड़ा 28 फीसदी ही था. ताजा PSE सर्वे में अमरिंदर सरकार के कामकाज से 41% वोटरों ने खुद को असंतुष्ट बताया. सितंबर PSE सर्वे में 45% प्रतिभागियों ने खुद को असंतुष्ट बताया था.

    केंद्र में बीजेपी सरकार के कामकाज को लेकर 40% वोटर असंतुष्ट, 36% संतुष्ट

    जहां केंद्र में बीजेपी सरकार के कामकाज का सवाल है तो पंजाब में 36% वोटर संतुष्ट हैं. तीन महीने पहले PSE सर्वे में ये आंकड़ा 31% था. केंद्र में मोदी सरकार के कामकाज से PSE सर्वे में 40% ने खुद को असंतुष्ट बताया. तीन महीने पहले हुए सर्वे में ऐसे प्रतिभागी 42% थे.

    प्रधानमंत्री के लिए लोकप्रियता में मोदी से आगे राहुल

    ताजा PSE सर्वे के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री के लिए पंजाब में लोकप्रियता की दौड़ में नरेंद्र मोदी से आगे हैं. ताजा सर्वे में 37% प्रतिभागियों ने राहुल गांधी को पीएम के लिए पहली पसंद बताया. तीन महीने पहले हुए सर्वे में 36% वोटरों ने राहुल को पीएम के लिए पहली पसंद बताया था. जनवरी PSE सर्वे में 34% वोटरों ने मोदी को पीएम के तौर पर एक और कार्यकाल देने के पक्ष में राय व्यक्त की. तीन महीने पहले ये आंकड़ा 32% था. ताजा सर्वे में 9% प्रतिभागियों ने अरविंद केजरीवाल को भी पीएम के लिए अपनी पसंद बताया.

    नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर का श्रेय

    एक्सिस माई इंडिया की ओर से इंडिया टुडे के लिए इकट्ठा किए गए PSE डेटा के मुताबिक कैप्टन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री के लिए वोटरों की पहली पसंद बने हुए हैं लेकिन बीते तीन महीने में उनकी खुद की लोकप्रियता में 9% की गिरावट आई है. ताजा सर्वे में 33% प्रतिभागियों ने कैप्टन को मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद बताया. जबकि सितंबर PSE सर्वे में ये आंकड़ा 42% था. अमरिंदर कैबिनेट में मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की लोकप्रियता में बीते तीन महीने में खासा इजाफा हुआ है.

    ताजा सर्वे में सिद्धू को 16% प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया. सितंबर PSE सर्वे में सिद्धू को सीएम के लिए अपनी पसंद बताने वाले प्रतिभागियों की संख्या महज 4 फीसदी थी. शिरोमणि अकाली दल नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को ताजा सर्वे में 24% प्रतिभागियों ने सीएम के लिए पहली पसंद बताया. तीन महीने पहले ये आकंड़ा 29% था. साफ है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल की लोकप्रियता में गिरावट का लाभ नवजोत सिंह सिद्धू को मिला है. ताजा सर्वे में सुखबीर सिंह बादल को 8%, AAP सांसद भगवंत मान को 6% और अरविंद केजरीवाल को 4% प्रतिभागियों ने ही मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद बताया.

    PSE सर्वे में पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने के फैसले के लिए सबसे ज्यादा 42% प्रतिभागियों ने नवजोत सिंह सिद्धू को श्रेय दिया. सर्वे में 15% प्रतिभागियों ने मोदी और 14% ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को श्रेय का हकदार माना. 9% प्रतिभागियों की राय में बादल परिवार को कॉरिडोर खोलने के लिए श्रेय दिया जाना चाहिए. 20 फीसदी प्रतिभागी इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट राय नहीं जता सके.

    PSE सर्वे में 52% प्रतिभागियों ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन के समय सिद्धू के पाकिस्तान जाने के फैसले को सही बताया. वहीं 20% प्रतिभागियों ने सिद्धू के इस फैसले को गलत माना. इस सवाल पर 28% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके.

    रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा

    PSE सर्वे के मुताबिक पंजाब में सबसे अहम चुनावी मुद्दा बेरोजगारी का है. सर्वे में सबसे ज्यादा 33% प्रतिभागियों ने रोजगार के अवसर को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना. वहीं 22% वोटरों की नज़र में महंगाई और 18% के मुताबिक कृषि और किसानों की दिक्कतें अहम मुद्दे हैं. 15 फीसदी प्रतिभागियों ने भ्रष्टाचार और 8% ने गावों को जोड़ने वाली सड़क को अहम मुद्दा बताया.

    ये पूछे जाने पर कि अमरिंदर सरकार की ओर से मुफ्त स्मार्टफोन देने के फैसले से युवा मतदाता क्या कांग्रेस को समर्थन करेंगे, इस सवाल का 38% प्रतिभागियों ने ‘हां’ में जवाब दिया. वहीं 44% वोटरों ने कहा कि इसका कांग्रेस को लाभ नहीं मिलेगा.

    पंजाब में ड्रग्स समस्या की वजह से भी अकाली दल को 2017 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा था और ये मुद्दा उसकी हार की वजहों में शामिल रहा था. अमरिंदर सरकार के आने के बाद ड्रग्स की समस्या की क्या स्थित है, इस सवाल पर ताजा PSE सर्वे में 41% प्रतिभागियों ने कहा कि अमरिंदर सरकार ड्रग्स की समस्या पर अंकुश लगाने के प्रयासों में सफल हो रही है. वहीं 46% की राय में ऐसे प्रयासों में अमरिंदर सरकार सफल नहीं हो पा रही है. सर्वे में 5% प्रतिभागियों ने कहा कि स्थिति पहले के जैसी ही है. इस सवाल पर 8% वोटर कोई स्पष्ट राय नहीं जता सके.

    पंजाब के किसानों को अमरिंदर सरकार के कृषि ऋण लोन माफी के फैसले से फायदा हुआ है? इस सवाल पर PSE सर्वे में वोटरों की राय बराबर बंटी दिखी. 43% प्रतिभागियों ने जहां कहा कि फायदा हुआ वहीं 43% की राय में फायदा नहीं हुआ. इस सवाल पर 14% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं जता सके.

    पंजाब में पराली जलाए जाने का मुद्दा वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है. सर्वे में 65% प्रतिभागियों ने कहा कि पंजाब सरकार को पराली जलाए जाने पर सख्त प्रतिबंध लगाना चाहिए. 20% वोटरों की राय में ऐसा प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए. इस सवाल पर 15% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके.

    PSE सर्वे में जब किसान प्रतिभागियों से पूछा गया कि क्या पिछले चार सालों में किसानों की स्थिति में सुधार हुआ तो 37% प्रतिभागियों ने हां में जवाब दिया. वहीं 34% का कहना था कि किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.

    अयोध्या में राममंदिर निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान रखते हुए वोट करेंगे तो 42% ने हां में जवाब दिया. वहीं 36% प्रतिभागियों का जवाब नहीं था. 22% वोटरों ने इस सवाल पर कोई स्पष्ट राय व्यक्त नहीं की.

    PSE सर्वे में 38% प्रतिभागियों ने राय व्यक्त की कि बीजेपी सरकार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश (क़ानून) लाना चाहिए. वहीं 28% प्रतिभागियों ने कहा कि अध्यादेश नहीं लाना चाहिए. इस सवाल पर 34% वोटर कोई स्पष्ट राय व्यक्त नहीं कर सके.

    पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) 2017 विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर उभरी थी. 2014 लोकसभा चुनाव में भी AAP को पंजाब में 4 सीटों पर कामयाबी मिली थी. लेकिन 2017 विधानसभा चुनाव के बाद से ही पंजाब में AAP में आंतरिक उठापटक के चलते इसके कमजोर होने की ख़बरें सामने आती रहीं.

    PSE सर्वे के मुताबिक 39% प्रतिभागियों ने माना कि पंजाब में AAP के कमजोर होने का कारण पार्टी के राज्य नेतृत्व से आंतरिक लड़ाई रहा. वहीं 23% प्रतिभागियों की राय में पंजाब में जनता का पार्टी से भरोसा उठ गया है. 11% प्रतिभागियों ने AAP के राज्य में कमजोर होने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार बताया. 27% वोटर इस सवाल पर कोई स्पष्ट राय व्यक्त नहीं कर सके.

    एक्सिस माई इंडिया की ओर से PSE सर्वे 2 जनवरी से 9 जनवरी 2019 के बीच किया गया. इस दौरान पंजाब के सभी 13 संसदीय क्षेत्रों में टेलीफोन इंटरव्यू लिए गए. इसमें 1,372 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.(आजतक इनपुट के साथ

  • दुसरे टेस्ट मे आस्ट्रेलिया ने भारत को हराया सिरीज़ 1-1 से बराबर

    मिल्लत टाइम्स:भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ में खेले गए टेस्ट मैच में टीम इंडिया को कंगारूओं ने 146 रनों से हरा दिया है.
    भारत की इस हार के बाद टेस्ट सिरीज़ 1-1 से बराबर हो गई है.
    चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में पहला मैच भारत ने जीता था.

    दूसरे टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 326 और दूसरी पारी में 243 रन बनाए थे.
    इसके जवाब में टीम इंडिया पहली पारी में 283 बनाकर पवेलियन लौट गई. वहीं दूसरी पारी में भारत सिर्फ़ 140 रन बना सका.

    किस ख़िलाड़ी ने बनाए कितने रन?
    भारत की तरफ़ से मैच में कप्तान विराट कोहली ने पहली पारी में सर्वाधिक 123 रन बनाए. वहीं दूसरी पारी में कोहली ने 17 रन बनाए.

    ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से हैरिस ने पहली पारी में 70 और दूसरी पारी में 20 रन बनाए. वहीं यूटी ख्वाजा ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 72 रन बनाए.

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ एन एम लॉयन ने पहली बारी में पांच और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए. वहीं एम ए स्टार्क ने पहली पारी में दो और दूसरी पारी में तीन विकेट झटके.
    भारतीय गेंदबाज़ ईशांत शर्मा ने पहली बारी में चार विकेट और दूसरी पारी में एक विकेट लिया. वहीं मोहम्मद शमी ने दूसरी पारी में छह विकेट झटके.

    क्यों ख़ास रहा पर्थ का मैच?
    ये मैच इसलिए भी ख़ास रहा क्योंकि ऑप्टस मैदान में ड्रॉप-इन पिच है. लेकिन ये कौन सी पिच होती है और ड्रॉप-इन का मतलब क्या होता है?

    ये ऐसी पिच होती है, जिसे मैदान या वेन्यू से दूर कहीं बनाया जाता है और बाद में स्टेडियम में लाकर बिछा दिया जाता है. इससे एक ही मैदान को कई अलग-अलग तरह के खेलों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

    सबसे पहले पर्थ WACA के क्यूरेटर जॉन मैले ने वर्ल्ड सिरीज़ क्रिकेट के मैचों के लिए ड्रॉप-इन पिचें बनाई थीं, जो साल 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी केरी पैकर ने आयोजित कराई थी.
    इस सिरीज़ में ये पिच इसलिए अहम थीं क्योंकि उसका ज़्यादातर क्रिकेट डुअल पर्पज़ वेन्यू, यानी ऐसे जगह खेला गया, जहां एक से ज़्यादा खेल हो सकते थे. इसकी वजह ये थी कि टूर्नामेंट के मैच क्रिकेट के प्रभुत्व वाले इलाक़े से बाहर हुए थे.

    क्या होती हैं ड्रॉप-इन पिचें?
    ये ऐसी पिच होती है, जिसे मैदान या वेन्यू से दूर कहीं बनाया जाता है और बाद में स्टेडियम में लाकर बिछा दिया जाता है.

    इससे एक ही मैदान को कई अलग-अलग तरह के खेलों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
    सबसे पहले पर्थ WACA के क्यूरेटर जॉन मैले ने वर्ल्ड सिरीज़ क्रिकेट के मैचों के लिए ड्रॉप-इन पिचें बनाई थीं, जो साल 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी केरी पैकर ने आयोजित कराई थी.