Category: खास ख़बरें

  • वैज्ञानिक मुर्तजा:पुलवामा मे शहीद सैनिक के परिवार को देगा 110 करोड़ रुपये,पीएम मोदी से मांगा मिलने का समय

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार की मदद के लिए देशभर से लोग सामने आ रहे हैं। कोटा के रहने वाले एक शख्स ने भी शहीदों के परिवार के लिए 110 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की पेशकश की है। यह राशि वह प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजेंगे।

    इस शख्स का नाम है मुर्तजा अली, जो फिलहाल मुंबई में बतौर वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। मुर्तजा ने शहीदों के परिवार की मदद के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में बाकायदा ईमेल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन्हें दो-तीन दिन में प्रधानमंत्री के साथ बैठक करने का जवाब भेजा है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुर्तजा प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर उन्हें 110 करोड़ रुपये का चेक सौंपेंगे। इसके लिए उन्होंने सारी कागजी कार्रवाई भी कर रखी है। उन्होंने 25 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय को ईमेल भेजकर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय मांगा था। इसके बाद एक मार्च को जवाब आया कि दो से तीन दिन में उन्हें मिलने का समय बता दिया जाएगा।

    मुर्तजा जन्म से ही नेत्रहीन हैं। उन्होंने कोटा के कॉमर्स कॉलेज से स्नातक (ग्रेजुएशन) किया है। उनका ऑटोमोबाइल का पुश्तैनी बिजनेस है।

    मुर्तजा एक जाने-माने वैज्ञानिक हैं। वह फ्यूल बर्न रेडिएशन टेक्नोलॉजी के जरिए जीपीएस, कैमरा या अन्य किसी उपकरण के बगैर ही किसी भी वाहन को ट्रेस किए जाने का आविष्कार कर चुके हैं।

  • पाकिस्तान से भारत लौटे विंग कमांडर अभिनंदन,स्वागत में दीवाने हुए लोग

    माल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: आज 130 करोड़ हिन्दुस्तानियों के लिए सबसे बड़ा दिन है। आज 130 करोड़ हिन्दुस्तानियों की मुराद पूरी हुई है। आज हमारे रणबांकुरे विंग कमांडर अभिनंदन वतन वापस लौट आये हैं। पूरे दिन लंबे इंतज़ार के बाद आज शाम 9:15 पर बाघा बार्डर से विंग कमांडर अभिनंदन हिन्दुस्तान की धरती पर कदम रखा। पाकिस्तान के फाइटर प्लेन एफ 6 को मार गिराने के बाद अभिनंदन का मिग 21 विमान क्रैश हो गया था। अभिनंदन पाकिस्तान की धरती पर उतरे थे। पाकिस्तान ने हमारे जांबाज पायलट को पकड़ लिया था। लेकिन हमारी ताकत के आगे 36 घंटे के अंदर ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और हमारे पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने का ऐलान कर दिया। पर पाकिस्तान की मीडिया में अभिनंदन के हौसले और दिलेरी की चर्चा है।

    अभिनंदन की जाबांजी को सलाम करने भारी संख्या में लोग जुटे हुए हैं। दुश्मन के गढ़ से जब अभिनंदन स्वदेश लौटे तो देशवासियों के लिए यह एक भावुक करने वाला पल था। पाकिस्तानी सेना के हाथों पकड़े जाने के दो दिन बाद अभिनंदन स्वदेश लौटे हैं। अभिनंदन के लौटने पर बॉर्डर पर गजब का जोश और जुनून देखने को मिल रहा है। वहां बीएसएफ और एयरफोर्स के अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। बॉर्डर का माहौल ढोल और नगाड़ों के साथ जोश और उत्साह की धुन से गूंज रहा था. लोग ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे।

    लोग फूलों की मालाएं और बड़े-बड़े बैनर लेकर अपने पायलट के स्वागत में तैयार खड़े थे। महिलाएं अभिनंदन को चंदन का टीका लगाने को उत्सुक दिखीं। जब बुधवार सुबह पाकिस्तानी विमान भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे तो भारतीय पायलट ने अपने मिग-21 बायसन से ही उनके F-16 विमान को खदेड़ दिया। हालांकि, उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और जब वह पैराशूट से कूदने के बाद PoK पहुंच गए. कुछ देर बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें कैद कर लिया।

    अभिनंदन पाकिस्तानी सेना के सामने डटे रहे और कैद में होने के बावजूद उनके चेहरे पर वही निडरता का भाव दिख रहा था। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के बार-बार पूछने पर भी ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया था. भारतीयों के लिए वह किसी हीरो से कम नहीं है।(इनपुट न्यूज २४)

  • भारत पहुंचे विंग कमांडर अभिनंदन,स्वागत में दीवाने हुए लोग,बीटिंग रिट्रीट नहीं देख पाएंगे लोग

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:वाघा बॉर्डर से शिवराज द्रुपद. पाकिस्तान में बंदी बनाए गए विंग कमांडर अभिनंदन थोड़ी देर में भारत लौटेंगे। इसे देखते हुए वाघा बॉर्डर पर रोजाना होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी आज आम लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई। विंग कमांडर के स्वागत में यहां लोग ढोल-नगाड़े, पोस्टर और हार-फूल लेकर पहुंचे हैं। देशभक्ति के गाने बजाए जा रहे हैं। अभिनंदन के माता-पिता भी उन्हें लेने वाघा बॉर्डर पहुंचेंगे। दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते वक्त लोगों ने उनका ताली बजाकर स्वागत किया। प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान की संसद में गुरुवार को ऐलान किया था कि भारतीय पायलट को शुक्रवार को भारत को सौंपा जाएगा।

    इमरान ने कहा कि पाकिस्तान शांति का संदेश देने के लिए यह कदम उठा रहा है। इससे पहले भारत ने पाक से कहा था कि वह तत्काल और बिना शर्त अभिनंदन को रिहा करे। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर अभिनंदन की रिहाई के बदले पाक सौदेबाजी की उम्मीद कर रहा है तो यह उसकी बड़ी भूल है।

    भारत आते ही परिवार से नहीं मिल पाएंगे अभिनंदन

    वायुसेना के रिटायर्ड जूनियर वारंट ऑफिसर भास्कर मिश्रा ने बताया, “वाघा बॉर्डर पर पहुंचने पर अभिनंदन की उनके परिवार से कुछ देर की ही भेंट होगी। सबसे पहले एयर फोर्स की टीम अभिनंदन का मेडिकल टेस्ट करेगी। जांच में अगर मिलता है कि पाक में उनके साथ कोई ज्यादती, टॉर्चर या फिजिकल हैरेसमेंट किया गया है तो इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसायटी उनकी जांच करेगी और इसके बाद इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में पाकिस्तान के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।”

    उन्होंने बताया, जांच करने के बाद अभिनंदन का बयान लिया जाएगा कि वहां उनके साथ क्या-क्या हुआ? उनसे वहां क्या पूछताछ हुई और क्या उन्होंने वहां सेना से जुड़ी कोई जरूरी जानकारी बताई? अगर अभिनंदन ने वहां कोई खुलासे किए होंगे, तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी लेकिन उन्हें कभी वायुसेना का अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। अगर जांच में सबकुछ ठीक निकलता है तो अभिनंदन को ड्यूटी ज्वाइन करने या फिर घर जाने की अनुमति होगी।

    अपडेट्स

    वाघा बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी रद्द की गई। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर शिव दुलार सिंह ने कहा- अभिनंदन आज आएंगे, लेकिन सही टाइम नहीं बता सकता। कई औपचारिकताएं पूरी करनी हैं। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी यहां पहुंच चुके हैं। अभिनंद को उन्हें ही सौंपा जाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा- भारतीय पायलट को दोपहर बाद छोड़ा जाएगा। चीन ने पाकिस्तान होकर आने वाली और वहां जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल कीं। वाघा बॉर्डर पर अभिनंदन के लौटने से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मीडिया को बॉर्डर से तकरीबन एक किलोमीटर पहले कस्टम पोस्ट (आईसीपी) के बाहर रोका गया। उन्हें यहां से आगे जाने की इजाजत नहीं है। पाक ने कहा- अगर भारत ठोस सबूत दे तो हम ‘बेहद बीमार’ मसूद अजहर को गिरफ्तार करेंगे। पाकिस्तान से रोजाना आने वाली बस भारत पहुंची और उसे कड़ी सुरक्षा में निकाला गया।

    ‘एक पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो गया’

    पाकिस्तान की ओर से गुरुवार को अभिनंदन की रिहाई के ऐलान के कुछ ही देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के विज्ञान भवन में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार समारोह के दौरान स्पीच दे रहे थे। उन्होंने पाक का नाम लिए बगैर उस पर तंज कसा। प्रधानमंत्री ने कहा- “पायलट प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उसे बढ़ाया जाता है, तो अभी एक पायलट प्रोजेक्ट हुआ है। अब रियल करना है, पहले तो प्रैक्टिस थी।”

    पाक के 3 विमानों ने की थी घुसपैठ

    इससे पहले बुधवार को पाकिस्तान वायुसेना के तीन विमानों ने भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन किया था। वे यहां तीन मिनट तक रहे। पाक ने सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की कोशिश की थी। वायुसेना ने घुसपैठ का जवाब देने के लिए 2 मिग-21 और 3 सुखोई-30 भेजे। मिग के पायलट ने एक पाकिस्तानी एफ-16 मार गिराया। हालांकि, इस दौरान हमारा एक मिग क्रैश हो गया, जिसके चलते पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया।

    इससे पहले भी पाक से जवानों की रिहाई हो चुकी है

    करगिल जंग के वक्त जब कम्बापति नचिकेता वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट थे तब उनकी उम्र 26 साल थी। उनके जिम्मे बटालिक सेक्टर की सुरक्षा थी। 27 मई 1999 को वे मिग-27 फाइटर प्लेन उड़ा रहे थे जब इंजन फेल हो जाने के चलते उन्हें इजेक्ट होना पड़ा और पैराशूट के सहारे वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा गिरे। पाकिस्तान के सैनिकों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। पाक सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के दखल के बाद उनके साथ बुरा बर्ताव रुका। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव बनाया और 8 दिन बाद नचिकेता की रिहाई हो सकी।

    1965 की भारत-पाक जंग के वक्त भी कई भारतीय सैनिकों को पाक ने बंदी बना लिया था। इनमें एक स्क्वॉड्रन लीडर केसी करियप्पा भी थे। उनके विमान को पाकिस्तानी वायुसेना ने निशाना बनाया था। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था। जब जंग खत्म हुई तो चार महीने बाद उनकी रिहाई हो सकी।

  • पाकिस्तानी संसद में बोले इमरान खान-शुक्रवार को छोड़ेंगे भारतीय पायलट

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी बरकरार है। इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक संसद में एलान किया है कि शुक्रवार (1 मार्च) को भारतीय पायलट अभिनंदन को छोड़ा जाएगा।  इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ से लगातार बातचीत की पेशकश की जा रही है लेकिन भारत ने साफ तौर पर कह दिया है कि पहले हमारे पायलट की सकुशल वापसी कराओ। इस बीच पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी, मनकोट, खारी करमारा और देगवार में सीजफायर का फिर उल्लंघन किया है। पाकिस्तान सुबह 6 बजे से इन इलाकों में रह रहकर मोर्टार दाग रहा है और फायरिंग कर रहा है। भारतीय जवान पाकिस्तान की इस फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। दोपहर तीन बजे से फायरिंग फिर शुरू हो गई है।

    अमेरिका ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर भारतीय हमले का खुलेआम समर्थन किया है। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर पाकिस्‍तान से आतंकी ठिकानों के खिलाफ सार्थक कार्रवाई करने को कहा था। इसके अलावा ऑस्‍ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देश पहले ही भारत के कदम का समर्थन कर चुके हैं। दूसरी तरफ, जम्‍मू में सीमा से लगते इलाकों के स्‍कूलों को बंद कर दिया गया है। खासकर पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्‍कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं, समझौता एक्‍सप्रेस 28 फरवरी को भी नहीं चलेगी। पाकिस्‍तान ने भारत के साथ मौजूदा तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।

    पुलवामा हमले को रचने वाले पाकिस्तानी आतंकी संगठन पर शिकंजा कसने की तैयारी हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यी यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की सैंक्शंस कमिटी को प्रस्ताव दिया है आतंकवादी संगठन पर शिकंजा कसा जाए। उसके इंटरनैशनल यात्रा पर बैन लगाई जाए और उसकी संपत्तियां भी फ्रीज कर दी जाएं। तीनों देशों ने इस संगठन को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव भी दिया है। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के एक अधिकारी ने कहा, “अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है और उसने दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है।(इनपुट जनसत्ता)

  • लड़ाई और युद्ध में सिर्फ मानवता ही नहीं बल्कि प्रकृति को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है

    बिपिन कुमार शर्मा/मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:”युद्धा को युद्ध विराम और अयुद्धा को युद्ध लेकर चिंतित करती मन की विषमता परेशान करती है । जिसने लडाई नही देखी उसको लडाई की बहुत जल्दी रहती है । क्योंकि उसका ना तो बच्चा उस लडाई होगा और ना ही कोई ऐसा व्यक्ति जिससे उसके निजी सम्बंध होगे । उसको सिर्फ लडाई का लाईव देखना है । उनको लडाई के साथ होने वाले नुकसान का कोई अंदाजा ही नही होता है । साथियो महाभारत का युद्ध हमने टीवी पर देखा । लेकिन मैंने लडा है । युद्ध तो शान्ति स्थापित करने का सबसे आखिर विकल्प है । जिसके सहारे कुछ समय तक शान्ति रह सके ।
    युद्ध मे इंसान इंसान को मारता है और वे इंसान भी मरते है जिनका युद्ध से कोई लेना-देना भी नही होता है । बहुत बड़े पैमाने इंसानियत की जान चली जाती है । जरा सोचिए अगर धरती पर इंसान ही नही रहेगा तो शान्ति ही रहेगी । युद्ध से इंसान नही रहेगा जमीन और आसमान तो रहेगे । फिर कौन इस जमीन का मलिक होगा ।
    हमे अगर युद्ध लडना है तो शिक्षा के क्षेत्र चिकित्सा पद्धति के साथ युद्ध लडना चाहिए । ताकी इंसानियत कभी दुनिया से रुखसत ना हो सके ।”

    मैं युद्ध, प्रतिशोध या हत्या का जश्न नहीं मना सकता और न ही इसे राष्ट्र के स्वाभिमान या विजय से जोड़कर देख सकता हूं।
    क्या इस संसार में कोई ऐसा अभागा देश भी होगा, जहां सैनिकों की सुरक्षा के प्रति शासक की घोर लापरवाही और विफलता को ढकने के लिए युद्ध का प्रपंच रचा जाता हो, ताकि आमजन में उस ‘राजा’ का ‘पौरुष’ लांछित न हो?
    ठीक इस पल में भी, जबकि देश युद्ध के रोमांच से सिहर रहा है और कथित राष्ट्रभक्त सेना के शौर्य पर आंखों में आंसू भर-भरकर जयघोष कर रहे हैं, मैं पूरी ताकत से कहना चाहता हूं कि वह शासक पूरी तरह असफल और अपराधी है, अगर उसके देश की बहुसंख्यक जनता दुखी, जर्जर, बेकार, असहाय, हताश और अवसादग्रस्त है!
    वह देश किस मुंह से अपनी विजयगाथा गाएगा, जिसकी बहुसंख्यक जनता दिनोंदिन आत्महत्या के कगार पर पहुंचती जा रही है और देश के पूंजीपति उनकी दुर्दशा पर अट्टहास कर रहे हों? जिस देश का सर्वोच्च न्यायपीठ न्याय करने की जगह अत्याचार का मार्ग प्रशस्त करता हो?
    वह देश किस शत्रु के पराजित होने का स्वप्न देखकर जागा है और अभी तलक अपनी अंगड़ाई रोके खड़ा है, जिसने अभी तक ठीक तरह से अपने शत्रुओं को पहचाना भी नहीं है??
    दो पल ठहरकर तो सोचो, हमारा राजा कुछ ही दिन पहले शान्तिदूत बनकर घर लौटा है! उसके चेहरे से मुस्कान की सिलवटें अभी पूरी तरह मिटीं भी नहीं और रणभेरी बजने लगी! कहीं हमारे राजा के मुंह खून तो नहीं लग गया है? गिद्ध को तो लाश चाहिए, वह चाहे जिसकी हो!
    इस विजय का दंभ भी हमेशा की भांति क्षणभंगुर साबित होने वाला हैे! काल के अथाह प्रवाह में विजय और पराजय कोई मूल्य नहीं रखते! किंतु मनुष्य का दुख, सुख और उसके सुकर्म हमेशा महत्व रखते हैं! क्या यह युद्ध इस देश का दुख-दलिद्दर दूर कर देगा? क्या इस युद्ध के बाद नौजवानों को शिक्षा और आजीविका मिल सकेगी? क्या इस युद्ध के बाद आम आदमी का जीवन थोड़ा-सा भी आसान हो जाएगा? अगर नहीं तो ऐसे लाखों युद्ध निरर्थक हैं। ऐसे युद्ध मनुष्य को उसकी मनुष्यता से पतित करने के सिवा और कुछ न कर सकेंगे।

    या यह युद्ध भी केवल शासक की नाकामियों को छुपाने और देश में युद्धोन्माद के धुंधलके के बीच उसे दुबारा गद्दी पर बिठाने के लिए लड़ा जा रहा है, जिसमें कुछ और सैनिकों का मर जाना चन्द जुमलों के सिवा कुछ और महत्व नहीं रखता है??
    विचार कठिन वक्त में संजीवनी से कम आवश्यक नहीं होते!

    Bipin Kumar Sharma

  • पाक फोर्स का दो भारतीय पायलट को गिरफ्तार करने का दावा,भारतीय एयरफोर्स ने किया इंकार

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:भारतीय वायुसेना ने पाकिस्‍तानी सेना के उस दावे का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि उसने भारत के एक पायलट को गिरफ्तार कर लिया है. पाकिस्‍तान की ओर से दावा किया गया है कि उसके एफ-16 विमान ने भारत के दो विमान को मार गिराया है. पाकिस्‍तान के मेजर जनरल गफूर ने दावा किया है कि हमने भारतीय सीमा पर घुसकर भारत के दो विमानों को मार गिराया है और एक पायलट को गिरफ्तार कर लिया है.भारतीय वायुसेना की ओर से PoK पर किए गए हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. बुधवार सुबह से ही कश्‍मीर के अलग-अलग हिस्‍सों में पाकिस्‍तान की ओर से फायरिंग की सूचना मिल रही है. इसी बीच पाकिस्‍तान ने दावा किया था कि उसके एफ-16 विमान भारत में घुसे थे और दो विमान को मार गिराया था.

    उन्‍होंने दावा किया था कि उसने भारत के एक पायलट को गिरफ्तार कर लिया है. इसी बीच अब भारतीय वायुसेना ने बयान जारी किया है कि उसके सभी पायलट सुरक्षित हैं पाकिस्‍तानी सेना का दावा, भारत के दो लड़ाकू विमान मार गिराए, एक पायलट गिरफ्तारउधर जम्मू के नौशेरा से है, जहां पाकिस्तान के लड़ाकू विमान भारतीय सीमा में घुसे और भारत की जवाबी कार्रवाई में उसका F-16 विमान मार गिराया गया है.

    न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक पाकिस्तानी विमान का पायलट जिंदा बचा है या नहीं, इसका अभी पता नहीं चला है. खबरों के मुताबिक जब F-16 विमान क्रैश हो रहा था, तो उससे एक पैराशूट निकलते हुए देखा गया

  • Air Strike:राहुल गांधी ने वायुसेना को किया सलाम,नेताओं ने सैनिकों के पराक्रम पर जताया भरोसा

    नई दिल्ली. पुलवामा हमले के विरोध में पाक अधिकृत कश्मीर के बालाकोट, चकौती और मुजफ्फराबाद में स्थित आतंकी ठिकानों में वायुसेना के हमले पर भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज राजनीतिज्ञों के साथ सिने, खेल जगत के सितारों ने भी सैनिको की तारीफ की है। ट्वीट्स के जरिए इन लोगों ने सेना के जांबाजों को नमन किया है। भाजपा सांसद कैलाश विजयवर्गीय ने आतिशबाजी कर मिठाई बांटी और ट्विटर पर इसका वीडियो भी अपलोड किया।  

    पाक पर हमले की पूरे देश ने की तारीफ

    वायुसेना के सूत्रों के हवाले से सुबह 6 बजकर 58 मिनट पर एजेंसी का ट्वीट- पाक के कब्जे वाले कश्मीर में हमला।  राहुल गांधी- मैं वायुसेना के पायलटों को सैल्यूट करता हूं। कांग्रेस- हम वायुसेना को सलाम करते हैं, देश के लोगों की रक्षा के लिए जवान शिद्दत से जुटे हैं। रणदीप सुरजेवाला- वायुसेना के जाबांज रणबांकुरों को नमन। ज्योतिरादित्य सिंधिया- आतंकी ठिकानों पर की गई जबरदस्त कार्रवाई के लिए सैनिकों के शौर्य और साहस को मेरा सलाम। मैं और मेरी पार्टी राष्ट्रहित में उठाए जाने वाला हर कदम पर आपके साथ हैं। कमलनाथ-आतंकी ठिकानों पर की गई जबरदस्त कार्रवाई के लिए सैनिकों को बधाई। मैं और मेरी पार्टी राष्ट्रहित में उठाए जाने वाला हर कदम पर आपके साथ हैं।
    सुब्रमण्यम स्वामी- यूनाइटेड नेशंस के चार्टर के मुताबिक भारत को सेल्फ डिफेंस का अधिकार है। वो (पाक) हमारे ऊपर लगातार हमले कर रहे हैं। उनका कहना है कि वो हमें हजारों जख्म देना चाहते हैं। सरकार ने इन लोगों पर 1000 बम गिराकर सही काम किया। कैलाश विजयवर्गीय- यह सिर्फ निंदा करने वाली मजबूर सरकार नहीं है बल्कि जोरदार जवाब देने वाली मजबूत सरकार है।  डॉ. सीपी जोशी- आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के लिए सभी सैनिकों को और भारत वर्ष के नागरिकों को बहुत बधाईयां और शुभकामनाएं।
    शिवराज सिंह चौहान- सरकार ने इन लोगों पर 1000 बम गिराकर सही काम किया।  कुमार विश्वास- इस बार सर्जिकल स्ट्राइक-2 का सबूत मांगा जाए तो वायुसेना से अनुरोध है कि जैसे हजार टन का सबूत इमरान खान पीटीआई को दिया वैसे ही सौ-दो सौ ग्राम का सबूत ऐसे लोगों तक पहुंचा दीजिएगा। कई दिनों से बालाकोट वाले भारतीय टमाटरों के लिए रो पीट रहे थे। वायुसेना से हजार टन की पहली खेप जैश के कंट्रोल रूम को दे दी है। उम्मीद है ये लाल रंग पसंद आएगा। जितना मांगोगे उतना टमाटर भेजेंगे। वादा। अरविंद केजरीवाल-मैं वायु सेना के जांबाज पायलटों को सलाम करता हूं, जिन्होंने पाक में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया। ममता बनर्जी- आईएएफ का मतलब जांबाज पायलट, जय हिंद। अभिषेक बच्चन- नमस्कार करते हैं। वीरेंद्र सहवाग–ब्वॉयज प्लेड वेरी वैल।(इनपुट भास्कर)

  • सरस्वती पूजा का चंदा वसूलने पर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के डिप्टी रजिस्ट्रार प्रोफेसर आतिफ को पिटा

    मिल्लत टाइम्स,बिहार:पूर्व JNU स्कॉलर और वर्तमान में बी.आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय मुज़फ्फ़रपुर (बिहार) के Deputy Registrar प्रोफेसर आतिफ़ रब्बानी भाई को कल सरस्वती पूजा के लिए चंदा वसूलने के लिए मारा-पीटा गया!
    जब से बिहार में नीतीश कुमार बनाम (शुशाशन बाबु) मोदी और अमित शाह कि गोदी में जाके बैठा है तब से ही हर दिन बिहार में किसी ना किसी का हत्या, बलातकार, खुले आम मार पीट की वारदातें होती रहती है।

    नीतीश सरकार में बिहार में इतना दंगा हुआ, भागलपुर ,दरभंगा , छपरा, रोसड़ा दलसिंहसराय, औरंगाबाद, सीतामढ़ी में जिंदा जला दिया गया लेकिन शुशाशन बाबु चु तक नहीं बोले।

    हाजीपुर में अभी तक कुल 21 हत्या हुई…..कितनो का आँसू पोछा नीतीश जी ने?

    अभी चन्द दिनों पहले रेल हादसा में सेकङो लोगों की जाने चली गई, कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए लेकिन शुशाशन बाबु गूँगा बने रहें।
    ना शिक्षा, न स्वास्थ,न रोजगार और न हिं भ्रष्टाचार पर कुछ बोलते हैं नीतीश जी आखिर क्यों?
    …ना ही बिहार के लिए कोई नई सोच..

    अभी पिछले हफ़्ते इन्ही गुण्डों ने आतिफ़ भाई को ऊँचा चंदा देने के लिए धमकाया था! इसका मतलब साफ़ है कि कल वो जान बूझकर निशाना बनाये गये! क़ानून व्यस्था इतनी अप्रभावी है कि एक हफ़्ते पहले धमका कर जाते हैं और फिर आकर बुरी तरह पीट जाते हैं! ज्ञात हो कि तीन-चार महीने पहले प्रोफेसर संजय कुमार (पूर्व JNU स्कॉलर) को महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, मोतिहारी में लगभग जान से मार हीं दिया गया था!

    ध्यान रहे कि पूजा के नाम पर चंदा वसूलने को वहाँ के एसएसपी ने रंगदारी घोषित कर रखा है फिर भी गुंडई का आलम ये है कि यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार तक को गुण्डे ख़ुलेआम पीट दे रहे हैं तो आम दूकानदारों और लोगों का क्या होता होगा! कहने को तो सरस्वती शिक्षा की देवी मानी जाती हैं, और ये गुण्डे उन्हीं ‘शिक्षा की देवी’ की पूजा के नाम पर शिक्षक को ही पीट रहे हैं!

    आतिफ़ भाई एक शानदार स्कॉलर हैं. वो अख़बारों, मैगजीनों और शोध पत्रिकाओं में आर्टिकल लिखते रहते हैं और निहायत सेक्युलर और हँसमुख इंसान हैं!

    रात में जब पता चला तब से चिंतित और गुस्से में हूँ! ऐसी घटनाओं के ख़िलाफ़ हमें खुलकर आना होगा! धर्म के नाम पर हिंसा और गुंडई पहले से अधिक जस्टिफाई होने लगी है!

    आतिफ़ भाई हम सब आपके साथ हैं! पुरा जे एन यू आपके साथ हैं इस देश कि आम जनता आपके साथ हैं।
    तबरेज हसन।
    पुर्व संयुक्त सचिव छात्र संघ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली।

  • इल्म के बिना इंसान दीन और दुनिया से अनजान रहता है:इंजीनियर फिरोज अहमद

    मिल्लत टाइम्स,मोतिहारी। इल्म से इंसान की पहचान बनती है, अगर किसी मज़हब को बर्बाद करना हो तो उसे तालीम से दूर कर दिया जाए, या फिर उसके तालीम के जरिये को खत्म कर दिया जाए, अपनी माली हालत को इल्म से ही बेहतर बनाया जा सकता है। ये बातें ढाका अर्श एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट के संस्थापक इंजीनियर फ़िरोज़ अहमद ने अर्श कोचिंग सेंटर के 12वीं के स्टूडेंट्स के फेयरवेल प्रोग्रम के दौरान कही, उन्होंने कहा कि आज हम इसी लिए हर चीज़ में पीछे हैं की हम तालीम के महत्व को नही जान सके हैं, बल्कि हम तालीम अहमियत से कोषों दूर होते चले जा रहे हैं। अर्श कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर सरफराज अहमद ने कहा कि इल्म की वजह से इंसान बहुत सी बुराइयों से महफूज़ रहता है। दुनियावी तालीम के साथ-साथ दीनी तालीम भी जरूरी है, और इल्म ऐसी बेशकीमती चीज है, जिससे इंसान के अक्लो शऊर किरदार मज़बूत होता है। उन्होंने कहा कि समाज की बुराइयों और फसाद पर इल्म के जरिए ही रोक-टोक लगाई जा सकती है।

    अर्श कोचिंग सेंटर के इंग्लिश के टीचर वाज़िद खान ने कहा कि इंसान को चाहिए कि वो हर लैंग्वेज को जाने, क्योंकि लैंग्वेज की अपनी अहमियत होती है।
    इंसान हर कुछ करता है लेकिन जब वो नई जगह जाता है और वहां की भाषा से परिचित नहीं होता तो उसे बहुत सी कठनाइयों का सामना करना पड़ता है।
    प्रोग्राम को संबोधित करने वालों में गाइड टू गुड के डायरेक्टर सगीर आलम, नूर आलम खान, मास्टर जमील अख्तर आदि थे, तो वही प्रोग्रम में शिरकत करने वालों में कराटे के कोच जिया उल्लाह शेख, शमीम उर्फ छोटे, अब्दुल कादिर, ढाका फैन क्लब के बानी अब्दु रहमान, जितेंद्र झा, भोला, मोहम्मद मोदस्सिर आदि मौजूद थे।

    साथ ही इस दौरान साइंस में टॉप करने वाले 10 छात्र छात्राओं को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया, जिनमें अफ़नाज़ बेगम, सोहराब आलम, मोहम्मद राशिद, शकीना रानी, गुड़िया कुमारी, कासिफ महमूद, शीबा शहज़ादी, फलक कुमारी, मोहम्मद कैफ, वासिफ रज़ा खान के नाम शामली हैं।

  • देश ने आज 70वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया,राजपथ पर दिखा सेना का शौर्य

    हर साल की तरह इस साल भी देश ने धूमधाम से 70वां गणतंत्र दिवस मनाया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजपथ पर ध्वजारोहण किया. लांस नायक नजीर अहमद वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया.

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:देश ने आज 70वां गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया. शनिवार को आसमान ही नहीं राजपथ पर हिंदुस्तान की जमीनी ताकत भी दिखी. देश के लिए मर मिटने वाले जांबाजों ने कदमताल की तो लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया. राजपथ पर परेड की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के तिरंगा फहराने के साथ हुई. राजपथ पर तिरंगा फहराने के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गणतंत्र दिवस के साथ मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा मौजूद रहे.

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमर जवान ज्योति पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान शोपियां मुठभेड़ में शहीद होने वाले लांस नायक नजीर वानी को राष्ट्रपति कोविंद ने अशोक चक्र से सम्मानित किया. वानी की पत्नी महजबीं ने पति का सम्मान लिया. 70वें गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर एक बार फिर दुनिया ने न्यू इंडिया का शक्ति प्रदर्शन देखा. जब राजपथ के ऊपर से ध्रुव और रूद्र हेलिकॉप्टर ने उड़ा भरी तो लोग एकटक आसमान की ओर देखते रहे.


    देश के जांबाजों का मार्चपास्ट

    स्वदेशी आकाश मिसाइल ने बताया कि देश का आकाश महफूज है. ये मिसाइल प्रणाली विमान को 30 किमी दूर व 18,000 मीटर ऊंचाई तक टारगेट कर सकती है. राजपथ पर टी-90 टैंक आने पर तालियों से स्वागत हुआ. ये टैंक दिन और रात में समान रूप से 5 किलोमीटर दायरे में वार करने की क्षमता रखता है. इसे भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया जाता. फिर बारी आई देश से जाबांजों के मार्चपास्ट की. गोरखा रेजिमेंट का अंदाज ही कुछ और था. सबसे पुरानी रेजिमेंट ने जांबाजी की मिसाल कायम की है.

    बैंड की धुनों से सराबोर हुआ राजपथ

    नौसेना ब्रास बैंड ने जय भारती की जोशीली धुन के साथ राजपथ पर समां बांधा. वायु सेना का बैंड स्ट्रोनॉट की धुन के साथ उतरा. कोस्ट गार्ड का दस्ता वयम रक्षाम के मंत्र के साथ मार्च पास्ट के लिए उतरा. समंदर के ये सिपाही जीवन रक्षक के काम में होते हैं. सीआरपीएफ का बैंड – देश के हम हैं रक्षक के स्लोगन के साथ राजपथ पर उतरा. गोलियों के बीच सबसे आगे रहने वाली सीआरपीएफ देश का सबसे पुराना अर्ध सैनिक दस्ता है.


    दिल्ली पुलिस के मार्चिंग दस्ते ने दी जोश भरी सलामी

    दिल्ली पुलिस 1950 से लगातार राजपथ पर मार्च करती रही है. दिल्ली पुलिस को 14 बार बेस्ट मार्चिंग दस्ते से नवाजा गया है. बीएसएफ का ऊंट सवार दस्ता के आते ही लोगों जमकर कर तालियां बजाई. इस दस्ते के सभी जवानों की लंबाई 6 फीट से ज्यादा होती है. मूछों की स्टाइल भी एक जैसी रहती है. इनका मंत्र है जीवन पर्यंत कर्तव्य. ये रेगिस्तान इलाके में सुरक्षा के साथ तस्करी पर भी लगाम लगाते हैं.

    असम राइफल्स के महिला दस्ते ने रचा इतिहास

    महिलाओं के शौर्य का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला जहां नौसेना और सेना के कई दस्तों की अगुवाई उन्होंने की और एक महिला अधिकारी ने बाइक पर हैरतअंगेज करतब दिखाए. पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होकर असम राइफल्स के महिला दस्ते ने इस साल इतिहास रचा.

    राजपथ में निकाली गई 22 झांकियां

    राजपथ पर निकाली गई 22 झांकियों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की झलक देखने को मिली. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर इस बार राजपथ पर निकाली गई 22 झांकियों में बापू के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को दिखाया गया. इनमें राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की 16 झांकियां थी जबकि विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों- कृषि, ऊर्जा, पेयजल और स्वच्छता, भारतीय रेलवे, सीआईएसएफ और सीपीडब्ल्यूडी की छह झांकियां थी.
    14 किलोमीटर की दूरी तय करती है परेड

    एनसीसी के बैंड में सैनिक स्कूल के साथ-साथ सिधिंया स्कूल ग्वालियर के बच्चे भी शामिल थे. बिड़ला बालिका पीठ, पिलानी का बैंड भी शामिल था. इस बैंड ने राजपथ पर सारे जहां की धुन बिखेरा. आजाद हिंद फौज के जवान भी परेड में शामिल हुए. सुभाष चंद्र बोस की सेना के सिपाही पहली बार राजपथ पर उतरे. दुनिया ने आज हिंदुस्तान के आन, बान और शान को देखा. गणतंत्र दिवस पर राजपथ से गुजरता ये परेड 14 किलोमीटर की दूरी तय कर लालकिले तक जाता है और पूरे 14 किलोमीटर तक वहीं जो, वहीं जज्बा दिखता है.(इनपुट आजतक)