Category: विदेश

  • मॉस्को से अचानक ईरान के लिए निकले राजनाथ सिंह, जानिए क्यों अहम है यह दौरा

    मास्को में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अचानक ईरान पहुंचने वाले हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी ट्वीट करके दी है। चीन से हालिया तनाव के बीच ईरान दौरे पर भारत के रक्षामंत्री का पहुंचना रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। तेहरान के एक दौरे से राजनाथ चीन के साथ पाकिस्तान को भी साधने की कोशिश कर सकते है

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स

    तेहरान:मास्को में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अचानक ईरान पहुंचने वाले हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी ट्वीट करके दी है। चीन से हालिया तनाव के बीच ईरान दौरे पर भारत के रक्षामंत्री का पहुंचना रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। तेहरान में राजनाथ सिंह अपने समकक्ष ईरानी रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। भारतीय रक्षा मंत्री के ईरान के अचानक दौरे से कई कयासों को बल मिलने लगा है। जानिए क्यों महत्वपूर्ण है राजनाथ सिंह का ईरान दौरा?

    चाबहार पर होगी बातचीत?
    पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के जवाब में भारत ईरान के चाबहार पोर्ट को विकसित कर रहा है। इस पोर्ट के रास्ते भारत न केवल अपनी सामरिक बल्कि आर्थिक हितों को भी साधेगा। चीन से बढ़ते तनाव और रिंग ऑफ पर्ल्स के खिलाफ इस पोर्ट की अहमियत काफी ज्यादा है। कुछ दिनों पहले ऐसी खबरें आईं थी कि चाबहार में निर्माण की धीमी गति को लेकर ईरान चिंतित है। ऐसे में भारत की बड़ी कोशिश ईरान की इन चिंताओं का समाधान करना होगा।
    फेल होगा पाकिस्तान-चीन का मिशन ग्वादर
    पाकिस्तान और चीन एक साथ मिलकर ग्वादर बंदरगाह को भारत के खिलाफ आर्थिक और सामरिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। ऐसे में चाबहार के जरिए भारत ग्वादर के ऊपर बैठा है और वहीं से चीन-पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है। इस बंदरगाह के कारण पाकिस्तान का व्यापारिक घाटा भी बढ़ रहा है क्योंकि मध्य एशिया के अधिकतर देश अब पाकिस्तान के ग्वादर को छोड़कर ईरान के चाबहार का उपयोग करने लगे हैं।

    चीन-पाक को एक साथ साधने की तैयारी
    दो फ्रंट पर युद्ध की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने भी कमर कस ली है। ईरान को साधकर भारत न केवल पाकिस्तान बल्कि चीन को भी तगड़ी चोट लगाने की तैयारी में है। चीन ने कुछ दिनों पहले ही ईरान के साथ अरबों डॉलर का सौदा किया था। इसमें न केवल रक्षा बल्कि व्यापार क्षेत्र के भी कई बड़े समझौते हुए थे। ऐसे में अगर भारत चीन के खिलाफ ईरान को मना लेता है तो यह बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी।

    पाकिस्तान को तगड़ा झटका देगा भारत
    ईरान और पाकिस्तान की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। इस स्थिति में भारत ईरान को अपने पाले में करके पाकिस्तान को बड़ा झटका भी दे सकता है। वहीं, कट्टर शिया देश होने के कारण पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंध अच्छे भी नहीं है। ऐसे में भारत को इसका फायदा हो सकता है। ईरान के रास्ते भारत व्यापार के नए आयाम स्थापित करने की तैयारी में है। इससे भारी दबाव से गुजर रही ईरानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    ईरान के रास्ते पश्चिम एशिया से व्यापार बढ़ाएगा भारत
    चाबहार पोर्ट के ऑपरेशनल हो जाने से भारत अपना व्यापार अफगानिस्तान और ईरान से कई गुना बढ़ा चुका है। अब भारत की नजर इस बंदरगाह के जरिए रूस, तजकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजकिस्तान और उजेबकिस्तान से अपने व्यापार को बढ़ाना है। इस के जरिए हथियारों की खरीद के कारण रूस से बढ़ रहे व्यापार घाटे को भी कम करने में भारत को मदद मिल सकती है।

  • भारत,पाकिस्तान और इंडोनेशिया में दुनिया की 25% आबादी,फिर भी यहां सबसे कम टेस्ट किए गए

    दिल्ली. एशियाई देशों भारत, पाकिस्तान और इंडोनेशिया में हर 10 लाख लोगों में कोरोनावायरस के सबसे कम टेस्ट हुए हैं। ब्लूमबर्ग ने आधिकारिक डेटा का विश्लेषण कर यह दावा किया है। इन तीनों देशों में दुनिया की 25 फीसदी आबादी रहती है। एजेंसी का कहना है कि बेहद कम टेस्ट होने के कारण इस आबादी में संक्रमण तेज होने की आशंका है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडानॉम गैबरेयेसस कह चुके हैं कि भारत, पाकिस्तान और इंडोनेशिया में हर 10 लाख लोगों में से 15 हजार लोगों का टेस्ट किया जाना चाहिए। इसके बिना हमारी कोशिशें आंख में पट्‌टी बांधकर चलने जैसी होंगी। भारत में अब तक कुल 75 हजार टेस्ट हुए हैं। इसका मतलब यह है कि भारत में हर 10 लाख लोगों में केवल 66 लोगों का टेस्ट हुआ है। भारत की आबादी करीब 134 करोड़ है।

    इंडोनेशिया में टेस्ट कराने वाले 22 फीसदी लोग पॉजिटिव मिले

    टेस्टिंग का भारत का आंकड़ा सबसे ज्यादा 13,56,085 टेस्ट करने वाले अमेरिका से बहुत कम है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि टेस्टिंग से गुजरे लोगों में से 3 से 12 फीसदी तक लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। केवल इंडोनेशिया में टेस्ट कराने वाले 22 फीसदी लोग पॉजिटिव मिले हैं। एशिया में सबसे ज्यादा प्रभावित चीन खतरे से बाहर आता जा रहा है, लेकिन अन्य देशों में स्थिति खराब है। सबसे ज्यादा ईरान में हालात खराब हैं। यहां अब तक 55,743 मामले सामने आए हैं। जबकि 3,452 लोगों की मौत हो चुकी है।

    दुनिया: सबसे ज्यादा टेस्ट अमेरिका में

    देश कुल टेस्ट प्रति 10 लाख
    यूएस 13,56,085 4,097
    स्पेन 3,55,000 7,593
    इटली 6,19,849 10,252
    जर्मनी 9,18,460 10,962
    फ्रांस 2,24,254 3,436
    एशिया: द. कोरिया में सबसे ज्यादा टेस्ट हुए

    देश कुल टेस्ट प्रति 10 लाख
    द. कोरिया 4,55,032 8,875
    ईरान 80,000 8,875
    भारत 75,000 66
    पाकिस्तान 30,308 137
    इंडोनेशिया 7,193 26

    (इनपुट भास्कर)

  • वर्ष 2019 के विश्व मुस्लिम व्यक्ति का सम्मान तैयब एर्दोगान के नाम

    अंकारा (मिल्लत टाइम्स): तुर्की के मौजूदा अध्यक्ष रिसेप तईप एर्दोगन की इज्जत में लगातार वृद्धि हो रही है। नाइजीरिया के एक अखबार ने तैयब एर्दोगन को वर्ष 2019 के मुस्लिम व्यक्ति में सब से महत्पूर्ण करार दिया हे.न्यूज़ पेपर “मुस्लिम समाचार नाइजीरिया” ने शनिवार को अपने प्रकाशन में तैयब एर्दोगन को इस साल का विश्व इस्लामी व्यक्ति करार दिया और उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया है, 2018 में भी या सम्मान एर्दोगान के नाम हुवा था

    अबू बकर ने कहा कि राष्ट्रपति एर्दोगन मजलूमों के साथी और दोस्त हैं और वह पूरी दुनिया में पीड़ित राष्ट्रों के लिए आवाज बुलंद करते हैं। उन्होंने हमेशा फिलिस्तीनी पीड़ित मुसलमानों के लिए आवाज बुलंद की। वह फिलिस्तीनियों के खिलाफ अत्याचार की साहसी और जोरदार आवाज हैं।संपादक अबू बकर ने बताया कि “रिसेप तईप एर्डोगन ने सीरिया, म्यांमार, कश्मीर और फिलीस्तीन के मामलों में हमेशा अपनी आवाज़ खुलकर बुलंद की है।” आपने हाल ही में कुआलालंपुर शिखर सम्मेलन में भी मुस्लिम देशो में एकता और एकजुटता की कोशिश की है

    अखबार के मुख्य संपादक रशीद अबू बकर ने कहा कि तैयब एर्दोगन इस्लामी की शक्तिशाली, प्रभावशाली और सम्मानित व्यक्ति हैं। वे इस्लामी साल 2019 की विश्व इस्लामी व्यक्ति का सम्मान और पुरस्कार प्राप्त करने के हकदार हैं।

    वर्ष 2019 के इस एवार्ड में दूसरे नंबर पर मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद, तीसरे नंबर पर अमेरिकी संसदीय सदस्य इल्हान उम्र, चौथे नंबर पर गामबिया के अध्यक्ष और पांचवें नंबर पर तुर्की मूल जर्मन फुटबॉलर मसूद अज़ाल रहे हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया में लगी भीषण आग पर सऊदी किंग ने किया मदद का ऐलान,ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने‘शुक्रिया’अदा किया

    रियाद : सऊदी किंग शाह सलमान ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को एक टेलीफोन कॉल किया।बातचीत के दौरान, शाह सलमान ने ऑस्ट्रेलिया में वर्तमान झाड़ियों के सामने मुश्किल परिस्थितियों में ऑस्ट्रेलिया के साथ सऊदी अरब के राज्य की स्थिति की पुष्टि की, और सहायता प्रदान करने का एलान किया ताकि ऑस्ट्रेलिया इस आपदा को खत्म कर दे लेकिन अभी तक यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि कितना रूपये कि मदद करेंगे ।

    शाह सलमान ने ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों में मृतक के परिजनों से मिलकर घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।शाह सलमान ने यह भी कहा कि किंगडम और उसके लोग इस आपदा के परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलियाई लोगों के साथ दर्द की भावनाओं को साझा करते हैं।

    अपने हिस्से के लिए, ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री ने ऑस्ट्रेलिया और इसके लोगों के प्रति उनकी गंभीर भावनाओं के लिए धन्यवाद और सराहना की hai

  • क़ासिम सुलेमानी की बेटी ने हसन रूहानी से कहा कौन लेगा मेरे पिता के मौत का बदला

    तेहरान। अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के रेवोलुशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद मध्य-पूर्व में युद्ध के बादल छा गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और सोशल मीडिया पर वर्ल्ड वॉर थ्री ट्रेंड कर रहा है। हर किसी की निगाहें इस बात पर हैं कि ईरान इसका बदला कैसे और कब लेगा क्योंकि ईरान ने कसम खाई है कि वह सुलेमानी की मौत का बदला अमेरिका से लेकर रहेगा। इस बीच कासिम सुलेमानी के परिवार से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे रुहानी से कासिम की बेटी जैनब ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी से मुलाकात कर पूछा है कि उनके पिता की मौत का बदला कौन लेगा।

    हर कोई सुलेमानी की मौत का बदला लेगा
    इस पर रुहानी ने कहा कि हर कोई सुलेमानी की मौत का बदला लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भयावाह गलती की है। अमेरिकी लोगों को इस आपराधिक कृत्य के लिए न सिर्फ आज, बल्कि भविष्य में भी अंजाम भुगतने होंगे। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि सुलेमानी एक शहीद हैं और उनके खून का बदला ईरान लेगा। जैनब ने कहा है कि उनके पिता की मौत उन्हें तोड़ नहीं पाएगी और अमेरिका को यह जान ले कि उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी।

    आप मेरे पिता से दुश्मनी करते हुए उनकी बराबरी नहीं कर सके, इसलिए आपने उन्हें मिसाइलों से निशाना बनाया। अगर आप इतने सक्षम होते, तो आपने आमने-सामने से उनका मुकाबला किया होता। जैनब ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि हिजबुल्लाह उसके पिता के हत्यारों से बदला जरूर लेगा। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के रुख को भांपते हुए पहले ही ट्वीट कर कहा कि ईरान बदला लेने की धमकी दे रहा है।

    मैं ईरान को चेतावनी देना चाहता हूं कि हमने ईरान के 52 ठिकानों को टारगेट किया है। अगर ईरान ने किसी अमेरिकी नागरिक या अमेरिकी ठिकाने पर हमला किया, तो इन 52 जगहों पर बहुत तेजी से और बहुत विध्‍वंसक हमले किए जाएंगे इसलिए अमेरिका को और ज्‍यादा धमकी नहीं चाहिए।

  • ईरान पर हमले के लिए हम अमेरिका को एक बित्ता अपनी ज़मीन नहीं देंगे:इमरान खान

    इस्लामाबाद :अमरीका और ईरान के बीच के घमासान जारी है इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बड़ा बयान दिया है , बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बुधवार को कहा कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव से किसी का भला नहीं होगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि जं’ग किसी के भी हक़ में नहीं है. साथ ही क़ुरैशी ने कहा कि अगर जंग हुई तो वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी.

    क़ुरैशी ने यह भी साफ़ कर दिया है कि क्षेत्रीय टकराव में पाकिस्तान कोई पार्टी नहीं बनेगा.उन्होंने कहा, ”क़ासिम सुलेमानी को मारने का असर ओसामा बिन लादेन और इस्लामिक स्टेट प्रमुख अबु बकर अल-बग़दादी की मौ’त से भी ज़्यादा होगा.

    पाकिस्तान किसी भी तरह की एकतरफ़ा कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा. मध्य-पूर्व का तनाव बहुत ही गंभीर है.”क़ुरैशी ने कहा कि यूएन चार्टर के हिसाब से किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा. हम इस मामले में कोई पार्टी नहीं बनेंगे.”

  • दुश्मन को अभी एक थप्पड़ लगा है,ईरान दुनिया के गुंडों से मुकाबला के लिए तैयार है:अयातुल्ला ख़ामेनई

    तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला ख़ामेनई का कहना है कि मिसाइल हमला अमेरिका के मुंह पर तमाचा है और केवल सैन्य कार्रवाई पर्याप्त नहीं बल्कि क्षेत्र में अमेरिका की उपस्थिति समाप्त होनी चाहिए।

    ईरानी मीडिया के अनुसार इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला ख़ामेनई ने अपने संबोधन में कहा कि ईरानी राष्ट्र आज दुनिया के गुंडों के खिलाफ एकजुट हो गई है, अमेरिकी और गठबंधन सेना पर हमला सफल रहा, अमेरिका जहां भी जाता है तबाही और शरारत लाता है लेकिन ईरान विरोधियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

    आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ केवल सैन्य हमले पर्याप्त नहीं बल्कि क्षेत्र में अमेरिका की उपस्थिति समाप्त होनी चाहिए, कासिम गोमेद पश्चिम एशिया में अमेरिकी षड्यंत्र के खिलाफ बाधा थे, कासिम गोमेद को खतरों का सामना था पर उन्होंने हमेशा दूसरों के जान की परवाह की , कासिम सुलैमान ने इस्राएल के खिलाफ संघर्ष में फिलीस्तीनियों की बहुत मदद की।

  • ईरान ने मस्जिद पर लाल झण्डा फहराकर किया जंग का ऐलान,अमेरिकी दूतावास पर गिराया रॉकेट

    नई दिल्ली: अमेरिका के विरुद्ध अब ईरान ने ऐलान जंग कर दिया है,शियाओं के पवित्र शहर क़ुम की मस्जिद की छतों पर लाल झण्डे लहरा दिए गए हैं,जिसको लेकर पूरी दुनियाभर में चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।

    अमेरिका द्वारा ईरानी जर्नल कासिम सुलेमानी को ड्रोन हमले में मारा गया है जिसके बाद दुनिया की दोनों सुपर पावर एक दूसरे के आमने सामने खड़ी हो गई हैं,इस से भारत सहित अन्य कई देशों की आर्थिक रूप से प्रभाव पड़ेगा।

    ईरान ने अब अमेरिका के खिलाफ लामबन्दी शुरू करदी है शनिवार सुबह ईरान ने मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराकर संभावित युद्ध की चेतावनी दी है. बता दें कि ऐसे हालात में लाल झंडा फहराने का मतलब होता है कि युद्ध के लिए तैयार रहें या युद्ध शुरू हो चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है जब ईरान ने इस तरह से मस्जिद पर झंडा फहराया हो।

    इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के डिप्टी कमांडर ने कहा है कि ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार कर वाशिंगटन ने तेहरान को “यथोचित’ जवाब देने की चुनौती दी है।

    सुलेमानी ईरान के अल-कुद्स बल के प्रमुख थे और शुक्रवार को बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के पास हुए अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे।

    सरकारी टेलीविजन ने रियर एडमिरल अली फदावी के हवाले से बताया, “हमले के बाद शुक्रवार सुबह… अमेरिकियों ने राजनयिक प्रयास बहाल किए।

    उन्होंने कहा, “अगर आप बदला चाहते हैं, तो आपको वैसा ही बदला मिलेगा, जैसा आप चाहते हैं.’

  • तुर्की ने रचा इतिहास,609 साल पुरानी मस्जिद को पहियों पर लाद कर दूसरी जगह किया शिफ्ट

    अंकारा. तुर्की (Turkey) में 609 साल पुरानी एक मस्जिद (Mosque) को डैम के पानी में डूबने से बचाने के लिए पांच किलोमीटर शिफ्ट किया गया है. करीब 1700 टन वजन की इर रिज्क मस्जिद (Er-Rizk Mosque) को हसनकैफ शहर से तिगरिस इलाके में शिफ्ट किया गया. दरअसल हसनकैफ में इलिसु बांध बनाया जा रहा है, जिसके का लरण यह पूरा क्षेत्र पानी में डूब जाएगा. इस मस्जिद का निर्माण 1409 में एबु मेफाहिर ने किया था.

    हसनकैफ की इस सबसे बड़ी मस्जिद को राज्य हाइड्रोलिक वर्क्स और सांस्कृतिक संपदा एवं संग्रहालय के जनरल डायरेक्टरेट की देखरेख में इसे टिग्रिस नदी के किनारे ले जाया गया. इस मस्जिद को कई टुकड़ों में एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया गया और तिगरिस इलाके में इसे एक बार फिर जोड़ा गया. बताया जा रहा है कि इलिसु बांध बनाए जाने की वजह से 12 हजार साल पुराना शहर पानी में डूब जाएगा. इलिसु बांध बनाए जाने के बाद से 80 हजार से अधिक लोग अपना घर छोड़ चुके हैं.

    दक्षिणी तुर्की में टिग्रिस नदी के तट पर बसा यह शहर मेसोपोटामिया की सबसे पुरानी बस्तियों में एक है. इलिसु बांध के जरिए बिजली उत्पादन किया जाएगा. ये बांध तुर्की का चौथा सबसे बड़ा बांध होगा. बताया जाता है कि इस बांध को बनाने को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था. बांध के चलते खतरे में पड़ चुके इस प्राचीन शहर को बचाने के लिए काफी विरोध हो रहा था. इसी विरोध को देखते हुए अब बांध बन जाने के बाद इस मस्जिद के अलावा शहर की अन्य ऐतिहासिक धरोहरों को भी शहर से बाहर किसी सुरक्षित जगह पर ले जाने की तैयारी चल रही है. बताया जा रहा है कि आर्तुकुलु हमाम (स्नानघर), सुल्तान सुलेमान कोक मस्जिद, इमाम अब्दुल्ला जावियाह, जेनेल अबिदीन मौसोलुम और अयूबी मस्जिद को भी दूसरी जगह पर शिफ्ट किए जाने की तैयारी तेज कर दी गई है.

  • बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ‘स्ट्राइक’ईरान के मिलिट्री जनरल सुलेमानी समेत 8 की मौत

    बगदाद : अमेरिका ने बगदाद हवाई अड्डे पर एयर स्ट्राइक किया. यह दावा इराकी मिलिशिया ने किया. इराकी मिलिशिया ने कहा कि इस एयर स्ट्राइक में इलाइट कुड्स फोर्स के हेड ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी, इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस समेत आठ लोगों की मौत हो गई है

    ईरान समर्थित मिलिशिया के प्रवक्ता अहमद अल-असदी ने कहा, ‘मुजाहिदीन अबू महदी अल-मुहांडिस और कासेम सोलेमानी को मारने के लिए अमेरिकी और इजरायली दुश्मन जिम्मेदार हैं. माना जा रहा है कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक से मध्य पूर्व में एक नया मोड़ आ गया है, और ईरान और सैन्य बलों द्वारा इजरायल और अमेरिकी हितों के खिलाफ मध्य पूर्व में गंभीर जवाबी कार्रवाई करने की उम्मीद है.

    बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयरस्ट्राइक के लिए पीएमएफ ने अमेरिका पर निशाना साधा है. हालांकि अमेरिका और ईरान की तरफ से फौरन इस पर कोई बयान नहीं आया है. एक वरिष्ठ इराकी राजनेता और एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस से पुष्टि की कि इलाइट कुड्स फोर्स के हेड ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी, इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस समेत आठ लोगों की मौत हो गई है.ईरान के प्रति निष्ठावान दो मिलिशिया नेताओं ने भी मौत की पुष्टि की, जिसमें कटैब हिजबुल्ला के साथ एक अधिकारी भी शामिल था, जो इस सप्ताह अमेरिकी दूतावास पर हमले में शामिल था.