Category: देश

  • बुलंदशहर पीड़ितों को इंसाफ के लिये लड़ेगी SDPI – मो. शफ़ी

    सैफुर रहमान:11 दिसंबर 2018, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत ने शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के गांव तरगवान जिला इटावा, उ०प्र० में परिवार से मिलकर सांत्वना प्रकट की।

    इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नि ,दोनों बेटे व परिवार अभी तक बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश व संघ परिवार के अराजक लोगों द्वारा की गई उनकी नृशंस हत्या को भुला नहीं पा रहा है। उनकी पत्नि व बेटे का रो-रो कर बुरा हाल है।

    सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने उनके परिवार को यक़ीन दिलाया कि एसडीपीआई इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और हर सम्भव मदद करने के लिए हर समय तैयार है।
    ज्ञातहो कि 3 दिसंबर 2018 को बुलन्दशहर ,थाना सियाना क्षेत्र के चिंगराउटी पुलिस चौकी पर बजरंग दल, आरएसएस के लोगों ने गवमांस के नाम पर उत्पात मचाकर दर्जनों वाहनों को जलादिया तथा जब पुलिस ने उनपर कार्रवाई की तो इंस्पेक्टर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसमें एक बंजरंगी सचिन की भी घटना स्थल उत्पात करते हुए जान चली गई ।

    सुबोध कुमार सिंह के छोटे बेटे अभिषेक प्रताप सिंह, उनकी पत्नि, उनके चाचा पूर्व सब-इंस्पेक्टर रामअवतार सिंह, रामराजपाल सिंह राठौड़ आदि उनके पैतृक गांव तरगवान में उपस्थित थे।
    प्रतिनिधिमंडल का नेतृत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर पी पंड्या जी ने किया व साथ ही राष्ट्रीय महासचिव मो शफ़ी, राष्ट्रीय सचिव तस्लीम रहमानी, प्रदेश अध्यक्ष मो कामिल, प्रदेश महासचिव फरमान अली व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

  • मोदी ने पूछा-अब क्या करें?योगी बोले-कांग्रेस का नाम बीजेपी कर दें’चुनाव नतीजों पर वायरल हो रहे फनी मीम्स

    Election Result 2018: ‘
    चुनाव परिणाम 2018: 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों/रुझानों में बीजेपी को मायूसी हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ में तो पार्टी 15 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

    मिजोरम, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनावों के परिणाम/रुझान आ चुके हैं। लगभग हर जगह से बीजेपी को मायूसी हाथ लगी है। जहां छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस के हाथ सत्ता लगी है वहीं मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट(MNF) और तेलंगाना में TRS की सरकार बन रही है।

    मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस ही सबसे आगे है, हालांकि यहां पर कौन सरकार बनाएगा इस पर कुछ कहना जल्दबाजी हो सकती है। नतीजे देख जहां बीजेपी के खेमे में मायूसी है तो वहीं कांग्रेस इन नतीजों पर खासे उत्साहित दिख रही है। इन सबके बीच चुनाव नतीजों पर सोशल मीडिया यूजर्स भी मजे ले रहे हैं। यूजर्स सभी राजनीतिक दलों की स्थिति पर जमकर चुटकी ले रहे हैं। सबसे ज्यादा चुटकी बीजेपी और बीजेपी सपोर्टर्स की ली जा रही है।

    सोशल मीडिया पर बहुत से फनी मीम्स भी वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक मीम है जिसमें पीएम मोदी यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को फोन कर पूछ रहे हैं कि अब क्या किया जाए। इस पर उधर से योगी कह रहे हैं कि कांग्रेस का नाम बदलकर बीजेपी रख दिया जाए।
    input:jansatta

  • मप्र तथा राजस्थान मे कांग्रेस बहुमत के करीब,तेलंगाना में टीआरएस ने कांग्रेस को धोया तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को धोया:12 बजे तक के रूझान

    मप्र तथा राजस्थान मे कांग्रेस बहुमत के करीब,तेलंगाना में टीआरएस ने कांग्रेस को धोया तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को धोया:12 बजे तक के रूझान

    नई दिल्‍ली: 12 बजे तक आए रुझानों में मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टी-20 जैसा मुकाबला चल रहा है. दोनों के बीच एक-एक सीट के लि मुकाबला चल रहा है. वहीं  एग्जिट पोल के उलट छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को बुरी तरह से हरा दिया है. जबकि राजस्थान में कांग्रेस आगे जरूर है लेकिन बहुमत से पीछे है. वहीं तेलंगाना में टीआरए ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही बुरी तरह से धो डाला है. कुल मिलाकर अभी तक के रुझानों में बीजेपी के लिए झटका है लेकिन कांग्रेस के लिए भी कोई बड़ी बढ़त नहीं है.

    कांग्रेस को जहां लगता सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाकर वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीजेपी को साफ कर देगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सफलता मिली है. मिजोरम में भी कांग्रेस के हाथ से सत्ता चली गई है

  • चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बीजेपी बुरी तरह हारी, मध्यप्रदेश में कांटे की टक्कर किसी को बहुमत हासिल नहीं अभी तक

    चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बीजेपी बुरी तरह हारी, मध्यप्रदेश में कांटे की टक्कर किसी को बहुमत हासिल नहीं अभी तक

    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत कांग्रेस ने अभी तक 54 सीट जीत लिया है अभी 4 सीटों पर परीणाम आना बाकी है लेकिन वही बात करें बीजेपी की तो बात 24 पर सिमट कर रह गई है तो यह बता दो यहां कहीं बड़ी जीत हो चुकी है है वही राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है 100 सीटों का बहुमत वाला आंकरा राजस्थान में भी कांग्रेस ने पा लिया है वह बीजेपी अभी तक 84 पर अटकी हुई है

    वही बता दे कि मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर चल रही है अभी तक किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है

  • विधानसभा परिणाम लाइव अपडेट:चार राज्यों में कांग्रेस सबसे आगे‌ कई जगह बीजेपी का अभी तक खाता नहीं खुला

    विधानसभा चुनाव लाइव अपडेट : अभी की सबसे बड़ी खबर चार राज्य में कांग्रेस आगे चल रही है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस 45 मैं तो वहीं बीजेपी 37 पर है

    इस टाइम चल रही है आपको बता दें कि राजस्थान में भी सबसे आगे कांग्रेस चल रही है राजस्थान में कांग्रेस का 62 तों बिजेपी का 44 है ,छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का 24 तो बीजेपी का 18 है

    तेलंगाना में आपको बता दें कि वह टीआरएस 22 से आगे चल रही है तो वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस 18पर चल रही है ,वही मिजोरम में कांग्रेस एक पर है तथा अन्य एक पर है

  • परिणाम से 1 दिन पहले मिले चंद्रशेखर राव से तेलंगाना में KCR का समर्थन करेंगे ओवैसी

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वो तेलंगाना में केसीआर का साथ देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा है कि तेलंगाना में केसीआर अकेले दम पर सरकार बनाने में कामयाब रहेंगे. असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी कहा कि वो राष्ट्र निर्माण के लिए उनके साथ है.इससे पहले तेलंगाना बीजेपी ने केसीआर को ऑफर दिया था कि अगर वो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ जाने का फैसला छोड़ दें, तो बीजेपी उनसे हाथ मिलाने को तैयार है.

    तेलंगाना में विधानसभा की 119 सीटों के लिए 7 दिसंबर को वोटिंग होने के बाद अब 11 दिसंबर को आने वाले रिजल्ट का इंतज़ार है. वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल्स के अनुमानों में राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) को बहुमत मिलता दिखाया गया है

    .एग्जिट पोल्स के अनुमानों के मुताबिक, तेलंगाना में चंद्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस को 119 सीटों में से 67 सीटें मिल सकती है, जबकि कांग्रेस व अन्य को 39, बीजेपी को 5 और अन्य को 8 सीटें मिलने का अनुमान है. राज्य में कांग्रेस और बीजेपी दोनों के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन पाने के लिए बहुत कुछ है. अगर केसीआर की पार्टी बहुमत के आंकड़े से दूर रह जाती है तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां अपने-अपने सियासी समीकरण साधने में पीछे नहीं हटेंगी
    input news18

  • वि० चुनाव:कांग्रेस की आपत्ति के बाद‌ चुनाव आयोग ने मतगणना स्थल पर वाईफाई और वेबकास्टिंग पर लगाई रोक,देरी से आएंगे परिणाम

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: कांग्रेस की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को निर्णय लिया है कि मतगणना के समय केवल सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। मतगणना के समय न तो वेबकास्टिंग होगी और न ही वाई फाई नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।

    दिसम्बर 10, 2018 को ये निर्णय देर रात लिया गया। कांग्रेस पार्टी ने मांग की थी कि वेबकास्टिंग में जियो की बजाय बीएसएनएल नेटवर्क का उपयोग होना चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि वेबकास्टिंग के काम का ठेका गुजरात की कंपनी संघवी इन्फोटेक को क्यों दिया गया। जानकारी के मुताबिक जब इस कंपनी के कुछ इंजीनियर जब भोपाल और सागर में वेबकास्टिंग के लिए कैमरे इंस्टॉल कर रहे थे, तब कांग्रेसियों ने उनका नाम पूछा था। इनमें से एक ने अपना नाम बताते हुए कहा कि वह गुजरात से है। जिसके बाद कांग्रेस ने हंगामा किया।

    कांग्रेस का कहना है कि जब भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश का खुद का डोमेन (प्लेटफॉर्म) है तो मतगणना की जानकारी देने का काम किसी निजी कंपनी के हाथों क्यों सौंपा गया। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने मध्यप्रदेश के निर्वाचन सदन पहुंचकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को आपत्ति दर्ज कराई। पहले तो कांग्रेस की आपत्ति को खारिज कर दिया गया लेकिन बाद में देर रात ये निर्णय लिया गया।

    जानें क्या है वेबकास्टिंग
    वेबकास्टिंग के तहत एक वीडियो कैमरा मतगणना केंद्र में वहां लगाया जाता है, जहां से सारी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ये कैमरा सेंट्रलाइज्ड सर्वर से जुड़ा रहता है। इससे मतगणना केंद्र का सीधा प्रसारण भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयोग के अफसर देखते हैं।
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    वहीं इस बार चुनाव के नतीजे में देरी हो सकती है। इसके पीछे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस की वह मांग मान ली है जिसमें उसने वोटों की गिनती के दौरान हर राउंड के पश्चात परिणाम की जानकारी लिखित में देने की बात कही थी।

    बताना चाहेंगे कि यह प्रक्रिया केवल मध्य प्रदेश में ही लागू नहीं बल्कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में भी अपनाई जाएगी। इस बाबत चुनाव आयोग शनिवार को दिल्ली से आदेश भी जारी कर चुका है।

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशियों ने इस बार ईवीएम मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिनपर गौर करते हुए ही चुनाव आयोग ने यह अहम फैसला लिया है। बताना चाहेंगे कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पिछले 15 साल से विपक्ष में बैठी है।

    यही कारण है कि इसबार ईवीएम पर सवाल उठाए गए हैं और परिणाम लिखित में जारी करने की मांग की गई है। ठीक इसी प्रकार से भाजपा की ओर से भी यही मांग की गई है। 11 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।

    ज्ञात हो इस बार मध्य प्रदेश में चुनाव खत्म होने के बाद प्रदेशभर से ईवीएम को लेकर विवाद की खबरें सामने आई। बाद में कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम में रखरखाव को लेकर आयोग से शिकायत दर्ज कराई।

  • RBI‌ के गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा,निजी कारणों को बताया जिम्मेदार

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। RBI के गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के पीछे उन्होंने निजी कारणों को जिम्मेदार बताया है।आपको जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था।

    भारत सरकार ने अगस्त 2016 में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल को नया गवर्नर घोषित किया था। उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी।उनका कार्यकाल 3 साल का था। 28 अक्टूबर 1963 को जन्मे उर्जित ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीए किया है।

  • बड़ी खबर:उपेंद्र कुशवाहा यूनियन मिनिस्टर पद से दिया इस्तीफा एनडीए छोड़ महागठबंधन में होंगे शामिल

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाह ने आज यूनियन मिनिस्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का उपेन्द्र ने साथ छोड़ दिया है। इससे पहले ही उपेन्द्र ने कहा था कि वो एनडीए की बैठक में नहीं शामिल होंगे। ऐसे में इससे बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। वहीं रालोसपा प्रमुख पिछले कुछ दिनों से भाजपा और उसके सहयोगी दल के नेता, बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर हमला कर रहे हैं।

    कम सीटें है नाराजगी की वजह ?
    गौरतलब है कि रालोसपा को 2019 लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के भाजपा के इशारों के बाद से उपेन्द्र कुछ नाराज से दिख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा – जदयू के बीत बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है।


    एनडीए से भिड़ेंगे उपेन्द्र ?
    बता दें कि उपेन्द्र कुशवाह ने इससे पहले बिहार में एनडीए के खिलाफ चुनाव लड़ने के भी संकेत दिए थे। वहीं पिछले दिनों मोतिहारी में उन्होंने कहा था कि लोग हमारे भविष्य की रणनीति को लेकर आस लगाए बैठे हैं। उनको मैं साफ करना चाहता हूं कि सुलह समझौता करने के लिए सभी प्रयासों को अब तक सफलता नहीं मिली है। इसलिए आने वाले दिनों में उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की पंक्तियां बोली थीं कि ‘अब याचना नहीं रण होगा संघर्ष बड़ा भीषण होगा।’

    मंदिर पर भी दिया था बयान
    कुशवाह ने भाजपा पर मंदिर मुद्दे को लेकर भी वार किया था। उपेन्द्र ने कहा था कि ये मुद्दा उठाकर जनता का ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकार और राजनीतिक दलों का ये काम नहीं है कि कहां मंदिर या मस्जिद बने। अगर मंदिर बनाना है तो सही तरीके से बनाइए। ये देश संविधान से चलता है और संविधान धर्मनिरपेक्षता के सिंद्धांत से चलता है।

  • बुलंदशहर:आरोपी फौजी जीतू को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार,अदालत ने 14 दिन के लिए भेजा जेल

    मिल्लत टाइम्स,बुलंदशहर:उत्तरप्रदेश एसटीएफ की टीम बुलंदशहर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी जितेंद्र मलिक उफ जीतू फौजी को लेकर रविवार सुबह स्याना पहुंची। एसटीएफ की टीम ने जीतू से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी जीतू ने माना कि वह हिंसा के वक्त मौके पर ही मौजूद था। निचली अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, जीतू ने मीडिया से कहा कि वह बेकसूर है और हिंसा से उसका लेना देना नहीं है।

    इससे पहले जीतू को शनिवार देर रात सेना ने जम्मू-कश्मीर के सोपोर में एसटीएफ को सौंपा। आर्मी चीफ बिपिन रावत ने इस मामले में पुलिस का पूरा सहयोग करने की बात कही थी। उधर, जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट के बाद शनिवार को बुलंदशहर एसएसपी, स्याना सीओ और चिंगरावठी चौकी प्रभारी को हटा दिया गया।

    जिले के स्याना इलाके के चिंगरावठी गांव में 3 दिसंबर को कथित गोकशी के बाद भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध और गांव के युवक सुमित की मौत हो गई थी।

    वायरल वीडियो में कट्टे के साथ दिखा था सैनिक
    उत्तरप्रदेश डीजीपी के प्रवक्ता आरके गौतम ने बताया था कि एक वीडियो वायरल हो रहा है और इसमें जितेंद्र नाम का जवान कट्टे के साथ दिखाई दे रहा है। शक है कि यह घटनास्थल पर मौजूद था। जीतू वारदात के बाद अपनी यूनिट के लिए जम्मू रवाना हो गया था। उत्तरप्रदेश की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने सेना के अधिकारियों से बातचीत के बाद जीतू को पकड़ने के लिए टीम जम्मू रवाना की थी।

    योगी ने कहा- यह सिर्फ हादसा
    उधर, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या को महज हादसा करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उत्तरप्रदेश में मॉब लिंचिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई।

    गोकशी के शक में भड़की थी हिंसा
    बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के शक में हिंसा फैली थी। आरोप है कि इसकी अगुआई बजरंग दल के नेता योगेश राज ने की थी। पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर योगेश की शिकायत पर गोकशी की है। इसमें सात लोगों के नाम हैं। वहीं, दूसरी एफआईआर हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में दर्ज की गई है। इसमें 27 के नाम हैं, 60 से ज्यादा अज्ञात हैं। अब तक इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।