Category: देश

  • क्या फिर आएगा बिहार से सियासत में भूचाल?PK के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा।

    मिल्लत टाइम्स,पटना: बिहार की सियासत की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो नई बहस को जन्म दे सकती है. दरअसल बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा और जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की साथ की ये तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है.


    तस्वीर में प्रशांत किशोर व मदन मोहन झा

    कहते हैं कि तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलतीं, लेकिन कई बार तस्वीर का मतलब जो होता नहीं, वह भी निकाल लिया जाता है. अब इस तस्वीर का मतलब आने वाले दिनों में क्या निकलता है, देखना होगा. वैसे कयास कई सारे लगने लगे हैं. हालांकि आज की तारीख में जेडीयू एनडीए का अहम हिस्सा है और बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहा है.

    जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा की यह फोटो वायरल हो रही है. इस फोटो में मदन मोहन झा और प्रशांत किशोर बातचीत करते नजर आ रहे हैं. यह फोटो पटना एयरपोर्ट के वेटिंग रूम की है.

    चुनावी रणनीतिकार के रूप में प्रशांत किशोर कांग्रेस के लिए पहले भी कई राज्यों में काम कर चुके हैं, लेकिन अब वे जेडीयू में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. वैसे नीतीश कुमार के लिए भी 2015 में उन्होंने काम किया था और बिहार में महागठबंधन सरकार बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी.

  • विपक्ष ने किया पीएम पद के लिए राहुल का समर्थन,स्टालिन बोले-2019 में मोदी को मिलकर हराएंगे

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले रविवार को एक बार फिर विपक्ष की एकजुटता देखने को मिली। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एम. करुणानिधि की मूर्ति के अनावरण के मौके पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के सीएम पी. विजयन समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

    इस दौरान डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उम्मीदवारी का समर्थन करने का एलान किया। स्टालिन ने कहा कि राहुल गांधी में काबिलियत है कि वह फासिस्ट मोदी सरकार को हरा सकते हैं। मोदी सरकार ने पांच वर्षों के दौरान देश को 15 साल पीछे धकेल दिया है। अगर हम उन्हें दोबारा मौका देंगे तो देश 50 साल पीछे चला जाएगा। पीएम मोदी राजा की तरह व्यवहार करते हैं, इसलिए हम सब एक साथ आएं और मिलकर देश और लोकतंत्र को बचाएं।

    देश की संस्थाओं को बर्बाद नहीं करने देंगे: राहुल
    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और आरबीआई जैसे संस्थानों को बर्बाद नहीं करने देंगे। करुणानिधि ने देश की संस्थाओं की रक्षा की थी, लेकिन अब केंद्र में ऐसी सरकार है, जो तमिलनाडु और देश की आवाज को दबा रही है। हम लोग एक साथ मिलकर आने वाले चुनावों में भाजपा को हराने जा रहे हैं।

    ‘हम देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और भारत के विचारों को नष्ट करने वाली राजनीतिक शक्तियों से मिलकर लड़ेंगे। भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस और डीएमके के इरादे मजबूत हैं।’ – सोनिया गांधी, यूपीए अध्यक्ष

    ‘लोगों ने भाजपा सरकार को चुना और सभी संस्थाएं बर्बाद हो गईं। सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। सीबीआई प्रमुख को हटा दिया जाता है। आरबीआई गवर्नर इस्तीफा देते हैं। संघवाद नष्ट हो गया।’ – चंद्रबाबू नायडू, मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश

    सोनिया गांधी ने किया प्रतिमा का अनावरण
    इससे पहले, डीएमके मुख्यालय पर सोनिया गांधी ने करुणानिधि की कांस्य की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अभिनेता रजनीकांत, भाजपा नेता और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी समेत कई दिग्गज नेता और कलाकार मौजूद रहे।

  • निर्भया कांड की छठी बर्सी पूरे होने पर ममता ने कहा कि देश को महिलाओं के लिए बेहतर बनाए स्थान

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: निर्भया बलात्कार एवं हत्याकांड के छह वर्ष पूरे होने के मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश को महिलाओं के लिए बेहतर स्थान बनाने की रविवार को अपील की। बनर्जी ने ट्विटर पर लोगों से महिलाओं के खिलाफ हिंसा खत्म करने की अपील की।


    न्होंने लिखा, ‘‘दिल्ली में हुए भयावह निर्भया हादसे के आज छह वर्ष पूरे हो गए। इस हादसे ने देश को हिला दिया था। एक समाज के तौर पर हमें देश को महिलाओं के लिए बेहतर स्थान बनाना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को ‘ना’ कहें।’’

    गौरतलब है कि 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ 16 दिसम्बर 2012 को चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था और फिर उसे उसके पुरुष मित्र के साथ वाहन से सड़क पर फेंक दिया गया था। पीड़िता को बाद में इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया लेकिन वह बच नहीं पाई।

    हादसे के खिलाफ देश में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए गए। सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनपर बलात्कार और हत्या का मामला चलाया गया। इन आरोपियों में से एक ने जेल में ही खुद को फांसी लगा ली थी, जबकि हादसे के समय उनमें से एक नाबालिग था जिसे सुधार गृह में अधिकतम तीन वर्ष की सजा दी गई।अन्य चार बाद में बलात्कार और हत्या के दोषी पाए गए। उन्हें बाद में मौत की सजा सुनाई गई, जिसपर अभी तामील नहीं हुई है।

  • बुलंदशहर हिंसा में फरार बजरंगदल आतंकियों की पुलिस ने फ़ोटो सहित पोस्टर चिपकाए।लोगों से सूचना देने की अपील

    मिल्लत टाइम्स, बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ के हाथों एक पुलिस अधिकारी और एक युवक के मारे जाने के करीब 15 दिन बाद 22 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ नोटिस जारी किया गया है. फ़िलहाल ये सब फ़रार हैं.

    इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक इनमें बजरंगदल के जिला संयोजक और मुख्य आरोपी योगेश राज का नाम भी शामिल है. नोटिस में इन सब को घोषित अपराधी बताया गया है और कहा गया है कि अगर इन लोगों ने एक महीने के अंदर सरेंडर नहीं किया तो उनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी.

    पुलिस द्वारा चिपकाया गया पोस्टर

    इस नोटिस को एक सप्ताह पहरी किया गया था, और अब इन्हें अभियुक्तों के घर के दरवाज़ों पर चिपका दिया गया है.

    बुलंदशहर में सार्वजनिक जगहों और आस-पास के ज़िलों में इनके पोस्टर भी लगा दिए गए हैं. इन पोस्टरों में अभियुक्तों की तस्वीरें और नाम-पता लिखा हुआ है.

  • कर्नाटक:मंदिर का प्रसाद खाने से 11 लोगों की मौत’दर्जनो की हालत गंभीर

    मिल्लत टाइम्स,कर्नाटक: कर्नाटक के चामराजनगर ज़िले में एक मंदिर का प्रसाद खाने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है और लगभग एक दर्जन लोगों की हालत गंभीर है.

    मैसूरु और अन्य जगहों के अस्पतालों में क़रीब 70 लोग भर्ती बताए जा रहे हैं.
    यह घटना सुलावाड़ी गांव के किच्चुकुट्टी मारम्मा मंदिर की है.

    प्रसाद न खाने वाले लोगों में शामिल रहे मरिअप्पा नाम के एक व्यक्ति ने कहा, “हमें पूजा के बाद टमाटर और चावल खाने को दिए गए थे. चावल से बदबू आ रही थी. जिन लोगों ने इसे फेंक दिया, वे ठीक हैं लेकिन जिन लोगों ने इसे खाया, उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं और पेट में दर्द होने लगा.”

    हालात ऐसे हैं कि इस प्रसाद को खाने वाले कौओं तक की मौत हो गई है.
    प्रसाद खाने के बाद कौओं की भी मौत हुई है
    तालुका पंचायत के सदस्य मणि ने कहा, “मंदिर में आसपास के गांवों से लोग आए हुए थे. इनमें ज़्यादातर लोग मरटाहल्ली और वड्डरहल्ली गांवों के थे.”

    ये गांव चामराज ज़िले के हानुर तालुका के रामपुरा के आसपास पड़ते हैं.
    क्या कहना है पुलिस का
    मैसुरू रेंज के आईजीपी एच.सी. शरत चंद्र ने बीबीसी हिंदी को बताया, “मरने वाले 11 लोगों में तीन महिलाएं हैं. हानुर, कोल्लेगल और मैसूरु के अस्पतालों में लगभग 70 लोगों को भर्ती किया गया है.”

    पीड़ित का हाल जानते मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी
    उन्होंने कहा कि अभी यह नहीं बताया जा सकता कि किसे किस अस्पताल में भर्ती किया गया है मगर 11 मरीज़ों की हालत गंभीर है.

    इस बीच पुलिस ने घटना स्थल से सैंपल लेकर फ़ॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजे हैं. मगर जिस तरह से प्रसाद खाकर कौए भी मरे हैं, उससे आशंका जताई जा रही है कि कीटनाशक के कारण मौतों हुई हों

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अधिवक्ता सुशील कुमार ने सीजेएम कोर्ट में किया परिवाद दायर

    मिल्लत टाइम्स, पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है. साथ ही नगर आवास मंत्री सुरेश शर्मा और जिले के तीन वरीय अधिकारियों पर भी केस दर्ज कराया गया है. कोर्ट ने इस परिवाद मुकदमे को स्वीकार भी कर लिया है.

    घंटों जाम में फंसे रहे अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने यह परिवाद पत्र दायर किया है. अब मामले की सुनवाई 18 दिसंबर को होगी. अधिवक्ता ने बताया कि 14 दिसंबर को वे अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर अघोरिया बाजार से सुबह करीब 10 बजे कचहरी के लिए निकले थे.

    उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे से करीब 12:30 बजे बजे तक वे जाम में फंसे रहे. समय की बर्बादी एवं अपने मुवक्किल का कार्य बाधित होने से वे तनावग्रस्त हो गए और मूर्छित होकर गिर पड़े. कारण वो अपने मुवक्किल की पैरवी में विलंब हो गए.

  • राफेल पर सरकार के खिलाफ लाउंगा विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव’संसद ही नहीं सुप्रीम कोर्ट को भी किया गुमराह: संजय सिंह

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में CAG व PAC से संबंधित गलत जानकारी देकर संसद की अवमानना करने का आरोप लगाया है.

    ‘राफेल पर केंद्र के खिलाफ लाउंगा विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव’

    ( सभापति को दिया गया पत्र )
    आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखा है. सिंह ने इस पत्र में अटॉर्नी जनरल को संसद में बुलाए जाने की मांग की है ताकि उनसे इस पूरे मामले में सफाई मांगी जाए. आप सांसद ने कहा कि राफेल मामले में सरकार ने सिर्फ संसद ही नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट को भी गुमराह करने का प्रयास किया है.

    संजय सिंह ने पत्र में केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में CAG व PAC से संबंधित गलत जानकारी देकर संसद की अवमानना करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केंद्र नो सर्वोच्च संस्थाओं को अंधेरे में रखा है. सिंह ने कहा कि सदन में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाउंगा.

    संजय सिंह ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट को ग्रामर सिखा रही है. जब सीएजी की कोई जांच रिपोर्ट आई ही नहीं तो सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कैसे कहा कि ऐसी कोई जांच रिपोर्ट है. सरकार के अटॉर्नी जनरल ने भी सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सील बंद लिफाफे में जो कुछ भी दिया गया वह उन्होंने नहीं पढ़ा है तो अब उन्होंने करेक्शन का हलफनामा कैसे दिया? उन्हें वह सीलबंद रिपोर्ट कहां से मिली?

    आप सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में जिक्र है कि एयरफोर्स प्रमुख ने कीमतों के खुलासे पर आपत्ति की थी. एयरफोर्स चीफ ने यह बयान कब दिया या ऐसा कोई एफिडेविट कब दिया था? नए एफिडेविट में भी सरकार कह रही है कि सीएजी को कीमतों के बारे में जानकारी दे दी गई है लेकिन सीएजी की रिपोर्ट तो जनवरी के बाद आएगी.

    उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के हलफनामे के मुताबिक यह माना कि सीएजी और पीएसी कीमतों को लेकर पहले ही जांच कर रही है. शायद इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने राफेल घोटाले में जांच के आदेश नहीं दिए. अगर कोर्ट को यह पता होता कि ऐसी कोई जांच नहीं हुई है तो शायद इस मामले में जांच के आदेश दिए जाते.

    संजय सिंह ने कहा कि हमने राज्य सभा चेयरमैन को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि अटार्नी जनरल को संसद में बुलाया जाए और उनसे इस पूरे मामले में सफाई मांगी जाए. सरकार ने सिर्फ संसद ही नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट को भी गुमराह करने का प्रयास किया है.

    इससे पहले राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आप सांसद संजय सिंह ने मामले में जेपीसी जांच की मांग की. उन्होंने कहा क‍ि सरकार कभी ये मानने को तैयार नहीं है क‍ि उसने भ्रष्टाचार क‍िया है. बेहतर होता क‍ि सुप्रीम कोर्ट क‍िसी जांच एजेंसी से इस मामले की जांच कराती ज‍िससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता.

    सिब्बल ने भी लगाए आरोप
    राफेल पर शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने राफेल के मामले में गलत जानकारी दी है. हम चाहते हैं कि पीएसी (लोक लेखा समिति) में अटॉर्नी जनरल को बुलाया जाना चाहिए, जिससे यह साफ हो सके कि एफिडेविट क्यों जमा कराए गए, जिसका वास्तव में कोई जिक्र नहीं है. यह बेहद संवेदनशील मामला है, जिस पर संसद में भी चर्चा होनी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में हमेशा स्पष्ट रही है कि इस मामले के लिए सुप्रीम कोर्ट सही जगह नहीं है, यहां पर हर तरह की फाइल का खुलासा नहीं किया जा सकता. यह सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में भी नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले में प्रेस रिपोर्ट और सरकार के हलफनामे का हवाला दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अनुच्छेद 32 के तहत कोर्ट के न्यायाधिकार के कारण वो फैसला नहीं कर सकते.

    आज तक इनपुट के साथ

  • मानवाधिकार संगठन एन.सी.एच.आर.ओ की टीम ने किया बुलंदशर का दौरा

    मिल्लत टाइम्स,बुलंदशहर:मानवाधिकार संगठन एन.सी.एच.आर.ओ. की एक टीम ने आज बुलंदशहर का दौरा किया और सम्बंधित सभी पक्षों से बातचीत की। सभी पक्षों से बातचीत और घटनास्थल का दौरा करने के बाद जारी प्रेस वक्तव्य में टीम ने बुलन्दशहर की घटना को पूर्वनियोजित होने की तरफ इशारा किया है।

    फैक्ट फाइडिंग टीम आज सुबह वरिष्ठ पत्रकार किरण शाहीन के नेतृत्व में बुलंदशहर घटना की जांच करने के लिए दिल्ली से रवाना हुई। टीम के सदस्यों में एआईपीएफ के मनोज कुमार, एनसीएचआरओ के एडवोकेट अन्सार इंदौरी, दिल्ली विश्वविधलय की प्रोफेसर भावना बेदी, सामाजिक कार्यकर्ता अज़ीम नावेद और आरटीएफ की आयशा शामिल थी।

    टीम की सदस्या और वरिष्ठ पत्रकार *किरण शाहीन* ने बताया की योगेश राज द्वारा लिखाई गई एफआईआर में सुदेफ़ चौधरी, इलियास, शराफत, अनस, साजिद, परवेज़ और सरफुद्दीन निवासी नया वास थाना स्याना, जिला बुलंदशहर गायों को काट रहे थे। जो उन्हें देख और उनके शोर मचाने से मौके से भाग गये। तहरीर के मुताबिक योगेशराज तथा अभियुक्तगण एक ही गांव के रहने वाले हैं। फिर भी तहरीर में 12 साल से कम उम्र के अनस और साजिद का नाम शामिल हो गया। अभी पुलिस ने जो लोग गौकशी के नाम पर पकड़ें है उनमे कुछ युवक सालों पहले गांव छोड़ कर जा चुके हैं।

    टीम के सदस्य और संगठन के सचिव *एड्वोकेट अन्सार इन्दौरी* ने कहा की घटना के समय प्रशासन की मौजूदगी में इतनी बड़ी घटना का हो जाना ये साबित करता है कि इस घटना की साजिश पहले से रची जा रही थी। समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सही कदम उठाया अगर प्रशासन सही कार्यवाही नहीं करता तो इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था। उपद्रव के दौरान खुलेआम भीड़ के हाथो एक पुलिस अधिकारी का मारा जाना भीड़ द्वारा हत्या की नई घटना नहीं है।

    टीम की सदस्या और दिल्ली विश्वविद्यालय की *प्रोफेसर भावना बेदी* ने कहा की कि संघी कार्यकर्ताओ के षडयंत्र को नाकाम करने में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अपनी जान गंवानी पड़ी।इन हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर मुस्लिमो के साथ साथ हिन्दू भी थे।

    टीम के सदस्य और एआईपीएफ के *मनोज सिंह* के अनुसार 3 दिसंबर की घटना बुलंदशहर के इस शांत इलाक़े में संघ-बीजेपी से जुड़े संगठनों द्वारा बर्चस्व बढ़ाने और मुस्लिम समुदाय में डर का माहौल बनाने की साज़िश है। जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर दोनों समुदायों के कुछ व्यक्तियों और समुदायों के बीच के छोटे झगड़ों को बहाना बना, इलाक़े को सांप्रदायिक आग में झोंकने की साज़िश रची गयी, जिसमें स्पष्ट तौर पर राजनैतिक संरक्षण दिखता है। इस घटना द्वारा सीधा प्रशासन से टकराव कर एक खास समुदाय के अंदर से कानून और प्रशासन के प्रति अविश्वास का भाव फैलाकर प्रशासन के ईमानदार हिस्से को हतोत्साहित करने की साज़िश दिखती है।

    टीम के सदस्या और राइट टू फ़ूड कैंपेन की *आयशा* ने बताया की जिस तरह इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को मारते हुए वीडियो बनाया गया है उससे साफ है कि इस भीड़ को योगी-मोदी सरकार का राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। इनका मनोबल आज इतना बढ़ गया है कि ये पुलिस को भी सरेआम दौड़ा कर उनकी हत्या कर रहे हैं’। आज के माहौल में आम व्यक्ति और जनता की रक्षक कही जाने वाली पुलिस, कोई भी सुरक्षित नहीं है। इस घटना के बाद उन हज़ारों बच्चों का भविष्य भी दांव पर है जिनके माता-पिता ने उन्हें इस हिंसा के बाद से स्कूल जाने से रोक लिया है। घटनास्थल पर गाय कटने का कोई चिन्ह न मिलना, आसपास के विद्यालयों की समय से पहले छुट्टी कर देना इत्यादि से साफ़ ज़ाहिर है कि इस हिंसा और इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या सोची समझी साज़िश को अंजाम देकर मुस्लिम समुदाय में डर का माहौल बनाना है।

    संगठन जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली में जारी करेगा।

  • कलाम को सलाम,जिसने भारत को बनाया दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश’पुरी दुनिया डरती है अब भारत से

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:अब मिसाइल के मामले में रूस और अमेरिका भी भारत से पीछे हो गए हैं। कलाम साहब का सपना पूरा करते हुए भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल बना ली है। 3457 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हमला बोलने वाली ये मिसाइल अब तक भारत की सबसे एडवांस्ड मिसाइल है।

    करीब 300 किलोमीटर दूर लक्ष्य को भेद पाने में सफल इस हाइपरसोनिक मिसाइल को रोकना पाकिस्तान तो दूर चीन के बस की बात भी नहीं है। यह मिसाइल इतनी सटीक है कि 300 किलोमीटर दूर चलते फिरते टारगेट को भी आसानी से भेद सकती है। और तो और यदि टारगेट अपना रास्ता बदल ले तो मेनुवरेबल तकनीक के जरिए यह भी अपना रास्ता बदलकर उसके पीछे चल पड़ती है। शायद इसी कारण भारतीय वैज्ञानिकों ने इसे ‘बटन दबाओ और भूल जाओ’ वाली मिसाइल कहा था।

    ब्रह्मोस मिसाइल देश की सबसे मॉर्डन और दुनिया की सबसे तेज हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। दुनिया का कोई भी एंटी मिसाइल सिस्टम फिलहाल ब्रह्मोस को रोकने में नाकाम साबित होगा। दरअसल, इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है। अभी तक अमेरिका की टॉम हॉक मिसाइल को दुनिया की सबसे ताकतवर क्रूज मिसाइल माना जाता था, लेकिन ब्रह्मोस ने उसे भी पछाड़ दिया है। एक बार टारगेट पर लॉक होने के बाद ये चंद सेकेंड में अपने टारगेट को उड़ा देती है। मौजूदा वक्त में दुनिया के किसी भी देश के पास इसे रोकने वाला कोई भी हथियार मौजूद नहीं है। दुश्मन को पता चलने से पहले ही ये मिसाइल अपने टारगेट को उड़ा देती है।

    डोकलाम विवाद के वक्त जब खबरें आई थी कि भारत अरुणाचल सीमा पर ब्रह्मोस तैनात करने जा रहा है, तब चीनी सेना ने माना था कि ब्रह्मोस की तैनाती के बाद चीन के युन्नान प्रांत पर खतरा मंडराने लगा है। चीन पाकिस्तान में ब्रह्मोस को लेकर घबराहट की एक और वजह है। चिंता का दूसरा बड़ा कारण यह है कि ब्रह्मोस को जमीन, पानी और आसमान से फायर किया जा सकता है। फिलहाल भारतीय सेना ब्रह्मोस से लैस है और नौसेना और वायुसेना भी जल्द ब्रह्मोस से लैस होने वाली है। ब्रह्मोस को पनडुब्बी और वारशिप से दागने के सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। एयरफोर्स के सुखोई विमान ने भी दिसंबर के अंतिम दिनों में सुपरसॉनिक ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। इस उड़ान के साथ ही भारतीय वायुसेना दुनिया की पहली ऐसी एयरफोर्स बन गई है, जिसके जंगी बेड़े में सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल शामिल हो गई है।

    आपको बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण ब्रह्मोस कॉरपोरेशन ने किया है जो भारत के DRDO और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिशिया का ज्वॉइंट वेंचर है। ब्रह्मोस नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है। रूस इस परियोजना में लॉन्चिंग तकनीक उपलब्ध करवा रहा है। इसके अलावा उड़ान के दौरान मार्गदर्शन करने की क्षमता भारत के द्वारा विकसित की गई है।

  • तेलंगाना में चंद्रशेखर राव ने अली को सौंपा गृह मंत्रालय,पिछली सरकार मे बनाया था उपमुख्यमंत्री

    हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव ने मोहम्मद महमूद अली को एक बार फिर अपने कैबिनेट में शामिल कर लिया है, उन्हें गृह मंत्री बनाकर उनकी वफादारी के लिए पुरस्कृत किया है.

    गुरुवार की रात मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, केसीआर ने उन्हें होम पोर्टफोलियो आवंटित किया है. अली केसीआर के पिछले कैबिनेट में राजस्व मंत्रालय देख रहे थे.

    हालांकि अभी ये बात साफ़ नही हो पाई है कि क्या अली अब इस नई सरकार में उपमुख्यमंत्री रहेंगे या नही.

    गृहमंत्रालय किसी भी राज्य के लिये बहुत ही अहम् मंत्रालय माना जाता है, टीआरएस सरकार की पिछली अवधि के समय नयन नारसिम्हा रेड्डी गृहमंत्री थे.

    66 वर्षीय मोहम्मद महमूद अली 2001 से तेलंगाना की माँगों पर चन्द्रशेखर राव के आंदोलन में साथ रहे थे, इसी कारण से चन्द्रशेखर राव उनकी वफादारी के बदले उन्हें पुरुस्कृत करते रहते हैं.

    चन्द्रशेखर राव ने अपनी पिछली सरकार में एक मुस्लिम चेहरे के रूप में मोहम्मद महमूद अली को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया था, वहीं इनके अलावा एक दलित नेता को भी अपना उपमुख्यमंत्री बनाया गया था.

    टीआरएस के नेताओं का कहना है कि कैबिनेट में दूसरों को शामिल करने से पहले केसीआर ने अली को मुस्लिम समुदाय से जोड़ रहे महत्व को रेखांकित किया है.