Category: देश

  • आसाम:बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय-हक-अधिकार को लेकर 24 से आन्दोलन की घोषणा

    बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय-हक-अधिकार को लेकर 24 दिसंबर से धारावाहिक आन्दोलन की घोषणा अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन का। “हम अपनी गणतांत्रिक लड़ाई असम से दिल्ली तक लेके जायेंगे” — सभापति रेजाउल करिम सरकार।

    चाईजुर रहमान/मिल्लत टाइम्स: गुवाहाटी
    आसाम के अल्पसंख्यक समुदाय की अधिकार के लिए गणतांत्रिक लड़ाई लड़ रहे अमस के अल्पसंख्यक समुदाय के बहुत बड़ा चात्र संगठन अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन ने बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय, हक-अधिकार, मांग को लेकर 24 दिसम्बर से धारावाहिक आन्दोलन घोषित की है। पिछले काफी अर्से से दुर्विह जीवन जापन कर रहे असम के बड़ो टेरिटरियेल काउंसिल यानी बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय, हक-अधिकार, मांग को गैरआन्दाज करती आ रही बिटिचि सरकार के खिलाफ कुल 20 मांग को लेकर आन्दोलन घोषित की है

    यह अल्पसंख्यक चात्र संगठन। आज धारावाहिक आन्दोलन की घोषणा करते हुए अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन के सभापति रेजाउल करिम सरकार ने कहा कि बिटिचि मे रह रहे अल्पसंख्यक लोगो को राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक अधिकारो से बचिंत किया जा रहा है। लगातार नाईन्साफि कर रहे बिटिचि सरकार ने बिटिचि मे तानाशाही से शासन करके वहाके अल्पसंख्यक लोगो की हक-अधिकार छीन लिया है। जबतक जुल्म के शिकार लोगो को न्याय नही मिलेगा, जुल्म का अतं जबतक नही होगा हम चैन की साश नही लेंगे। “हम अपनी गणतांत्रिक लड़ाई असम से दिल्ली तक लेके जायेंगे।” सभापति रेजाउल करिम सरकार ने कहा। अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन 24 दिसम्बर के सुबह ग्यारह बजे से एक बजे तक बिटिचि के मुख्य चहर कोकराझार मे धर्णा प्रदर्शन करेंगे। नये साल के 15 जनवारी को कोकराझार, चिरां, बाक्सा, अदालगुरि ओर पर्वतझोरा मे विशाल समावेश का आयोजन करेगा। अगर बिटिचि ओर असम सरकार संगठन की मांग पुरी नही करेगा तो रेलपथ अवरोध करने के साथ-साथ दिल्ली मे भी आन्दोलन करने का फैसला लिया है संगठन ने।

    बिटिचि चुक्ति पुनरीक्षण करे; चात्र नेता लाफिकुल ईसलाम की हत्याकारी को गिरफ्तार करे ओर सख्त सजा दे; अल्पसंख्यक लोगो की जीवन, सम्पत्ति का निरापत्ता, सुरक्षा सुनिश्चित करे; पंचास प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक लोग रहने वाले गांव के नाम बिटिचि से निकाल दे; साम्प्रदायिक हिंसा के बलि अल्पसंख्यक लोगो को आर्थिक सहायता का प्रतिश्रुति पालन करे; बिटिचि मे माइनॉरिटी बोर्ड बनाये; बड़ोलेण्ड विश्वविद्यालय मे अरबी ओर उर्दू  भाषा का अध्यापक नियुक्त करे से लेकर कुल 20 मांग की है अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन ने। संगठन असम सरकार,असम के राज्यपाल ओर बिटिचि चीफ हाग्रामा महिलारी को ज्ञापन भी सौंपेगे। गौरतलब है कि 2003 मे असम सरकार के सहयोग से उग्रवादी संगठन बड़ो लिवारेशन टाइगर ने अस्त्र समर्पण करके केन्द्र सरकार केन्द्र साथ बिटिचि चुक्ति किये थे। जिस चुक्ति के आधार पर बड़ो समुदाय को राजनीतिक अधिकार के साथ साथ शैक्षिक, आर्थिक जैसे अधिकारो पर संरक्षण दिया गया। हालांकि असम के चार जिले को लेकर गठित बिटिचि मे सिर्फ 27 प्रतिशत बोड़ो सम्प्रदाय के लोग रहते है। 73 प्रतिशत साधारण हिन्दू, मुस्लिम, राभा, आदिवासी, बंगाली आदि समुदाय के लोग है।

  • दरभंगा:कंस्ट्रक्शन के मालिक को गोलियों से भुना,नीतीश जि के सुशासन राज मे अपराधी बेलागाम

    मिल्लत टाइम्स,बिहार: बिहार में बड़े कारोबारी अब अपराधियों के निशाने पर हैं। हाजीपुर में पटना के बड़े व्यवसायी गुंजन खेमका की ह’त्या के बाद आज सुबह अपराधियों ने दरभंगा के सड़क निर्माण कंपनी के मालिक केपी शाही की गोली मार दी और फरार हो गए। घटना दरभंगा सदर थाने के एनएच 57 पर दिल्ली मोड़ के समीप की है, जहां चारपहिया वाहन सवार अपराधियों ने शाही कंस्ट्रक्शन के संचालक कुशे प्रसाद शाही (48) को गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें दरभंगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने कुछ देर बाद उन्हें मृ’त घोषित कर दिया। घटना शनिवार की सुबह करीब 10.30 बजे की है।

    जानकारी के अनुसार, शाही कंस्ट्रक्शन के संचालक कुशे शाही स्विफ्ट कार बीआर06बीएम-9996 से लहेरियासराय के मिश्रटोला स्थित आवास से अकेले ही अॉफिस जाने के लिए निकले थे और जैसे ही एनएच-57 पर पहुंचे और सकरी रोड की तरफ बढ़े ही थे कि एक चारपहिया वाहन पर सवार बदमाशों ने ओवरटेक करके शाही की स्विफ्ट कार को रोका, फिर सामने से अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

    शाही को पेट और सिर में चार गोलियां लगी थीं। मौके पर पहुंची मब्बी और सदर थाने की पुलिस ने उन्हें इलाज़ के लिए दरभंगा के एक निजी अस्पताल में भेजा, जहां चिकित्सकों ने कुछ देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने शाही की कार से तीन खोखा बरामद किया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों की संख्या चार थी और सभी मुंह को बांधे हुए थे। फायरिंग के बाद वापस दिल्ली मोड़ की ओर भाग गए।

    एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि एसडीपीओ सदर अनोज कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है और परिजनों का बयान दर्ज किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जैसा कहा जा रहा है कि उनकी हत्या में एके 47 का प्रयोग किया है, एेसा मामला अभी सामने नहीं आया है। यह सब अनुसंधान में स्पष्ट होगा।

    मुजफ्फरपुर : जिले के हथौड़ी के भदई गांव में शुक्रवार की शाम 7:30 बजे श्राद्ध के भोज के दौरान ठेकेदार राम कृष्ण शर्मा उर्फ लड्डू की गोली मार कर हत्या कर दी गई। गोली लगने के बाद भाग रहे ठेकेदार को खदेड़ कर पांच-छह और गोली आरोपी चंदन ने उसके शरीर में उतार दी। गोलीबारी के समय 100 से ज्यादा लोग भोज में शामिल थे। गोलीबारी के बाद सभी गिरते-पड़ते भागे। इस बीच हथियार लहराते हत्यारोपी भी फरार हो गया। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद पहुंची हथौड़ी पुलिस पर गांव के लोगों ने हमला कर दिया। हमले में हथौड़ी थाना अध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पुलिस को मौके से भागना पड़ा। देर रात में डीएसपी पूर्वी गौरव पांडेय कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।

  • अकबरुद्दीन ओवैसी की अचानक बिगड़ी तबियत,ओवैसी हॉस्पिटल में भर्ती,दिल्ली से सिधे हाॅस्पिटल पहुँचे असदउद्दीन ओवैसी

    मिल्लत टाइम्स,हैदराबाद: ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के फ्लोर लीडर,दबंग विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के अचानक रात में पेट मे तेज़ दर्द होने के कारण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया,जहां डॉक्टर उनका उपचार कर रहे हैं।

    अकबरुद्दीन ओवैसी को ओवैसी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती किया गया है,जहां के कई सीनियर डॉक्टरों की देख रेख में उनका इलाज किया जारहा है,तथा स्वास्थ्य का विशेष देखभाल की जारही है।

    अकबरुद्दीन ओवैसी के बड़े भाई बैरसिटर असदउद्दीन ओवैसी संसदीय स्तर में भाग लेने के लिये दिल्ली में थे ,अकबरुद्दीन कि बीमारी की खबर लगते ही वो हैदराबाद पहुँचे और ऐयरपोर्ट से हॉस्पिटल पहुँचकर उनके हालचाल जाने।

    अकबरुद्दीन ओवैसी पर 30 अप्रैल 2011में उनके विधानसभा क्षेत्र चन्द्रायनगुट्टा के बारकस में जानलेवा हमला हुआ था,जिसमें वो गम्भीररूप से घायल हुए थे।

    हमले के बाद से अकबरुद्दीन के पेट में दर्द रहता है,डॉक्टर पेट का दो बार ऑपरेशन कर चुके हैं,जिसके बावजूद दर्द खत्म नही हुआ है।

    अकबरुद्दीन ओवैसी ने पांचवी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 80264 वोट से बीजेपी की शहज़ादी सैय्यद को हराया है,अकबरुद्दीन को 95339 मिले हैं तथा फातिमा सैय्यद को 15075 वोट मिले हैं।

  • मेरठ:पुलिस ने नमाजियों का चलान काट किया विवादित टिप्पणी तथा लाठीचार्ज

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: कस्बा सिवालखास में जुमे की नमाज से लौट रहे बाइक सवार युवक का हेलमेट न लगाने पर पुलिस ने चालान काट दिया। इसके बाद पुलिस ने धार्मिकस्थल के बाहर खड़े ठेली-खोमचे हटवा दिए और डंडा चला दिया। विरोध पर दरोगा ने विवादित टिप्पणी कर दी। इस पर लोगों का गुस्सा भड़क गया लोगों ने दारोगा को घेरते हुए हाथापाई कर दी। चेयरपति पति अपनी स्कॉर्पियो में दरोगा को बैठाकर भीड़ से बचाकर ले गए।

    कस्बा सिवालखास में शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे चौकी प्रभारी धनवीर सिंह बुढ्डापीर नाले के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नमाज से लौट रहे बाइक सवार शेरू का हेलमेट पहने नहीं होने पर चालान काट दिया। दरोगा ने धार्मिकस्थल के बाहर खड़े ठेली-खोमचे हटवा दिए। अतिक्रमणकारियों पर लाठी फटकारनी शुरू कर दी।
    बताया जा रहा है कि इससे वहां भगदड़ मच गई और कई लोग नाली में गिरकर चोटिल हो गए। नमाज से आ रहे लोगों का इसका विरोध किया। आरोप है कि दरोगा ने विवादित टिप्पणी कर दी।

    चेयरपर्सन पति दरोगा को बचाकर ले गए
    सूचना पर चेयरपर्सन पति गुलजार चौहान पहुंच गए। वह दरोगा को अपने आवास पर ले आए। पीछे-पीछे सैकड़ों लोगों की भीड़ पहुंच गई और चेयरपर्सन का आवास घेर लिया। यहां भीड़ ने दरोगा को खरीखोटी सुनाई और कई गंभीर आरोप लगाए। लोगों ने चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग की। दरोगा से हाथापाई तक की नौबत आ गई। भीड़ का गुस्सा देख चेयरपर्सन पति दरोगा को अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर जैसे-तैसे वहां से निकल गए और थाने तक छुड़वाया। सरधना सीओ संतोष कुमार सिंह ने दरोगा धनवीर सिंह को सिवालखास चौकी से हटाने का भरोसा दिया है।

    हिंदुस्तान के इनपुट के साथ

  • आसाम:लोकसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यक के समर्थन मे जुटे बीजेपी,31 जनवरी को दिल्ली मे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक सम्मेलन

    31 जनवारी और 1 फरवरी मे दिल्ली मे विशाल रास्ट्रीय अल्पसंख्यक सम्मेलन। गुवाहाटी मे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आब्दुल रशीद आनचारी का घोषणा।

    चाईजुर रहमान/मिल्लत टाइम्स, गुवाहाटी
    लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी देश के अल्पसंख्यको को अपनी तरफ करने मे कई कछर नही छोड़ना चाहते। शासक दल ने अपना अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा ईसके उपर लगातार कोशिश बरकरार रख दिख रहे है। कभी अल्पसंख्यक की नौकरी, स्वास्थ्य की बात उठाकर समुदाय को अपने करीब लाने तथा अल्पसंख्यक समुदाय पर प्रभाव डालने मे लगे बीजेपी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव मे अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा का मुद्दा उठाकर समर्थन हासिल करने की चाह अब स्पष्ट दिखाई दे रहे है।

    अगले साल यानी 2019 के 30 जनवारी ओर 1 फरवरी को देश के अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा के मुद्दे के उपर दिल्ली मे रास्ट्रीय स्तर पर एक बिशाल अल्पसंख्यक सम्मेलन का आयोजन करने जा रहे है। आज गुवाहाटी मे इस बात की पुश्ति कि बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आब्दुल रशीद आनचारी ने। आज गुवाहाटी के आवर्त भवन मे सांबादिक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नये साल के 31 जनवारी ओर 1 फरवरी मे दिल्ली मे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा एक बहुत विशाल ओर महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।

    बीजेपी के हर राज्य के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष समेत सांसद, बिधायक भी सम्मेलन मे उपस्थित रहेंगे। साथ ही साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी सिरकत करेंगे इस अल्पसंख्यक सम्मेलन मे। खास तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षा के उपर गुरुत्व आरोप किया जायेगा इस सम्मेलन मे। आब्दुस राशिद आनचारी ने जानकारी देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की समस्या को दूर करने के लिए बीजेपी काम कर रहे है। वही आसाम मे हो रहे एन आर चि के उपर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एन आर चि का काम चल रहा है। आज कि सांबादिक मेल मे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव एच. एम. आक्राम ओर असम प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मुख्तार हुसेन खान भी मौजूद थे।

  • सोहराबुद्दीन फर्जी इनकाउंटर:एक-एक करके सभी आरोपी हो गए बरी,सरकारी वकील ने माना था सीबीआई ने जल्दबाजी में दाखिल की चार्जशीट

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: देश की सियासत में खलबली मचाने वाले बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और शेख के सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ में मौतों के मामले में आखिरकार एक-एक करके सारे आरोपी बरी हो गए। गौर करने वाली बात है कि इसके संकेत बहुत पहले मिलने शुरू हो गए थे।

    बीते पांच दिसंबर को ही मामले की अंतिम बहस के दौरान सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बी. पी. राजू ने स्वीकार किया था कि मामले में कई लूप होल्स हैं। सीबीआई ने चार्जशीट जल्दबाजी में दाखिल की। दूसरी बात यह कि कथित शेख फर्जी एनकाउंटर के पांच साल बीत जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया था। जांच के लिहाज से यह देरी को ठीक नहीं थी।

    यही नहीं सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने केस ट्रांसफर करने की मांग करते वक्त दलील दी थी कि गवाहों पर दबाव न डाला जा सके इसलिए इस सुनवाई गुजरात से बाहर होनी चाहिए। मामले में माना जा रहा है कि सीबीआई का शक भी वाजिब था।

    एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह रही कि गवाहों के बयान 12 साल में दर्ज किए गए। नतीजतन, 210 गवाहों में से 92 पलट गए। गौरतलब यह भी कि ट्रायल शुरू होने से पहले ही सभी बड़े नाम बरी हो गए थे। शेष बचे थे गुजरात और राजस्थान पुलिस के छोटे कर्मचारी जिन्हें आखिरकार अदालत ने शुक्रवार को बरी कर दिया।

    अमर उजाला के इनपुट के साथ

  • झारखंड:2018 में मैट्रिक,इंटर की परीक्षा में खराब प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने नहीं ली कोई सीख

    (अनवर हुसैन फिदवी/मिल्लत टाइम्स)
    झारखंड /रांची, वर्ष 2018 में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में खराब प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने कोई सीख नहीं ली.हालत यह है कि इस बार परीक्षा को सिर्फ 60 दिन बचे हैं और तैयारी हवा-हवाई है.2018 में 59.48 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही मैट्रिक की परीक्षा में पास हुए हैं, जबकि 1,73,559 स्टूडेंट्स असफल घोषित किये गये हैं.मैट्रिक की परीक्षा में इस साल 4,28,389 परीक्षार्थी शामिल हुए थे.

    पिछले साल 2017 में मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट 67.83 प्रतिशत हुआ था.गत वर्ष की तुलना में इस साल रिजल्ट में आठ प्रतिशत की गिरावट हुई.पिछले 13 सालों की तुलना में यह सबसे खराब परीक्षा परिणाम रहा था.परीक्षाफल प्रकाशित होने के बाद शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए कई घोषणाएं की, जो पूरी तरह से हवा-हवाई निकलीं.शिक्षा मंत्री ने कहा था कि इस वर्ष स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर कर ली जायेगी.10वीं कक्षा का सत्र समाप्त होने के बाद भी अब तक स्टूडेंट्स को न स्कूलों में शिक्षक ही मिले और न ही समय पर उन्हें किताबें सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा सकीं.जैक पंजीयन विभाग के एक अधिकारी  के अनुसार इस बार मैट्रिक परीक्षा 20 फरवरी 2019 से होनी है.इसमें लगभग चार लाख स्टूडेंट्स शामिल होनेवाले हैं.ऐसे में बड़ा प्रश्न स्टूडेंट्स और अभिभावकों के समक्ष उत्पन्न हो गया है कि स्टूडेंट्स परीक्षा में बिना तैयारी के लिखेंगे क्या और परीक्षाफल उनका कैसा होगा.

    स्टूडेंट्स बिना तैयारी के देंगे परीक्षा, प्रति हाई स्कूल एक शिक्षक ने छात्रों को पढ़ाया

    2018 में मैट्रिक के खराब रिजल्ट के बाद सरकार ने घोषणा की थी इस राज्य के सभी हाई स्कूलों में 19 हजार शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया की जा रही है, ताकि नये सत्र में बच्चों को प्राप्त संख्या में शिक्षक मिल सकें.सरकार की घोषणा के बाद दिसंबर 2018 तक शिक्षकों की नियुक्ति अब तक हाई स्कूल में नहीं की जा सकी.झारखंड में कुल 2266 हाई स्कूल हैं, जिनमें 203 कस्तूरबा स्कूल व 89 मॉडल स्कूल शामिल हैं.इन स्कूलों में हाई स्कूल शिक्षकों की संख्या लगभग तीन हजार है.इस सत्र के दौरान प्रति स्कूल एक शिक्षक ने 10वीं का सिलेबस छात्रों को पढ़ाया है.वस्तुत: स्थिति का आकलन करने के बाद से यह साबित होता है कि मैट्रिक परीक्षा देनेवाले स्टूडेंट्स का सिलेबस इस वर्ष किस तरह से तैयार किया गया है और उन्हें किन परिस्थितियों में मैट्रिक की परीक्षा देनी होगी.

    राज्य के आधे स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें

    राज्य के आधे स्कूलों में 10वीं की किताबें नहीं पहुंचीं और जिन बच्चों के पास किताबें पहुंचीं, तब तक बच्चों का आधा सिलेबस खत्म हो चुका था.झारखंड परियोजना के अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि किताबों की छपाई देर से होने के कारण स्टूडेंट्स के बीच किताबें देरी से पहुंचीं.

    शिक्षकों की हड़ताल के कारण सरकारी स्कूलों को बच्चों ने छोड़ा

    2018 में पारा शिक्षकों के साथ कई बार हाई स्कूल एवं प्राथमिक शिक्षकों ने आंदोलन किया.इसके कारण 10वीं कक्षा में पढ़नेवाले राज्य के स्टूडेंट्स ने परीक्षा में बेहतर करने के लिए सरकारी स्कूलों को छोड़ निजी स्कूलों में नामांकन इस वर्ष लिया.वहीं, परीक्षा में शामिल होनेवाले स्टूडेंट्स की संख्या में गिरावट आयी है.जैक ने परीक्षा की तिथि (20 फरवरी से) घोषित तो कर दी है, लेकिन स्टूडेंट्स का सही डेटा नहीं दे रही है, क्योंकि इस वर्ष स्टूडेंट्स की संख्या में काफी गिरावट आयी है.बताय जा रहा है कि इस बार चार लाख से कम ही स्टूडेंट्स मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होंगे.

    किस वर्ष में कितने स्टूडेंट्स मैट्रिक परीक्षा में हुए शामिल।

    वर्ष 2013 में  469667, वर्ष 2014 में 478079, वर्ष 2015 में 455829, वर्ष 2016 में 470280, 2017 में 467193, वर्ष 2018 में 428388

  • कंप्यूटर पर निगरानी को लेकर भड़के राम गोपाल यादव, पूछा-क्या सरकार किसी के बीवी के बेडरूम मे झांकेंगे

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कंप्यूटर पर निगरानी से जुड़ा निर्णय लेकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। संसद भवन परिसर में जब प्रो. राम गोपाल यादव को इसे लेकर भाजपा के सांसद की प्रतिक्रिया बताई गई तो वह तपाक से बोल पड़े कि क्या आप (सरकार) उनकी बीवी से हो रही बातें सुनेंगे।

    उन्होंने सवाल किया कि क्या आप किसी के बेडरूम में झाकेंगे और उनकी निजता का हनन करेंगे। समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि यह सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों और तीन राज्य में मिली हार से बौखला गई है। यह लोगों को निजता के अधिकार का हनन करने पर तुली है।

    अपने लिए गड्ढा न खोदें
    प्रो. राम गोपाल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को हल्के लहजे में गंभीर चेतावनी दे डाली। प्रो. ने कहा कि यह सरकार केवल चार महीने के लिए सत्ता में है। चार महीने बाद मोदी सरकार सत्ता से हट जाएगी और नई सरकार आएगी। इसलिए मेरी सरकार को सलाह है कि वह अपने लिए कोई गड्ढा न खोदे। रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार का यह आदेश उच्चतम न्यायालय के आदेश और संविधान में आम आदमी को प्राप्त मूल भूत अधिकार का हनन है

    केंद्र में दो जासूस : संजय सिंह
    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि एक पुरानी फिल्म दो जासूस आई थी। इस समय देश की सत्ता में दो जासूस बैठे हैं। यह आम लोगों के बेडरूम, कंप्यूटर, मोबाइल हर जगह पर पहुंच बनाने में लगे हुए हैं। जैसे इन्होंने पूरे देश में मॉब लिंचिंग को पहुंचाया है उसी तरह से अलोकतांत्रिक निर्णय लेकर लोगों की निजता में दखल देना चाहते हैं, यह निंदनीय है।

    ढाई लोगों का सिंडीकेट डिपार्चर लाऊंज में : प्रो. मनोज झा
    राजद के राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार के निर्णय की कड़ी आलोचना की। मनोज झा ने कहा कि जैसे सोवियत यूनियन में स्टालिन के दौर में अथॉरटेरियन सरकार थी उसी तरह मोदी सरकार देश में तानाशाही से भरी अथॉरटेरियन सरकार बना रही है। यह देश को खतरनाक मोड़ पर ले जाना चाहते हैं। मनोज झा ने कहा कि सत्ता पर ढाई लोगों का सिंडीकेट डिपार्चर लाऊंज में बैठा है। इसे लोगों की निजता में हनन के प्रयास से बाज आना चाहिए।
    सर्विलांस स्टेट बनाने की मंशा : आनंद शर्मा
    कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा में उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों के मोबाइल, इंटरनेट, कंप्यूटर, इनक्रिप्टेड सिस्टम की मॉनिटरिंग, टैपिंग (इंटरसैप्टिंग), डिक्रिप्शन (इनक्रिप्टेड यानी कोड में सुरक्षित किए डेटा को ओरिजिनल डेटा में कनवर्ट करने की प्रक्रिया को डिक्रिप्शन कहते हैं) करके देश को सर्विलांस स्टेट बनाने पर तुली है। सरकार तानाशाही भरे रवैये से काम कर रही है। इससे भविष्य में खुफिया, सुरक्षा और मॉनिटरिंग एजेंसियों के निरंकुश होने का खतरा पैदा हो जाएगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अवहेलना है। संविधान में देश के आम नागरिकों को निजता का मूलभूत अधिकार दिया गया है। लेकिन सरकार अब इसमें दखल दे रही है। आनंद शर्मा ने कहा कि काफी समय से सरकार नेताओं, नौकरशाहों, न्यायाधीशों, उद्योगपतियों आदि के फोन टैप कर रही है। यह गलत है।

  • फारूख अब्दुल्ला ने कहा:तीन राज्यों को जीतने के बाद राहुल गांधी अब‘‘पप्पू’’नहीं रहे

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूख अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब ‘‘पप्पू’’ नहीं रहे और उन्होंने तीन प्रमुख हिंदी भाषी राज्यों के चुनावों को जीतकर, बतौर नेता अपनी क्षमताएं साबित कर दी है।
    विज्ञापन

    एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उन्होंने सवाल करते हुये कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित रथ यात्रा की आवश्यकता क्या है? उन्होंने आश्चर्य प्रकट करते हुये कहा कि क्या पार्टी खुद को हिंदुओ की रक्षक के तौर पर पेश करना चाहती है।

    अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘राहुल गांधी अब पप्पू नहीं रहे। उन्होंने तीन राज्यों को जीत कर अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर दिया है। गौरतलब है कि भाजपा और अन्य कुछ दल गांधी पर व्यंग्य करते हुये उन्हें प्राय: ‘‘पप्पू’’ की संज्ञा देते हैं।

    अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुये कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक जैसे संस्थानों को मौजूदा सत्ता ने गंदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को मजहब के आधार पर बांटने की कोशिशें की जा रही हैं। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जिस तरह से मुसलमानों के धर्म और उनके तौरतरीकों में हस्तक्षेप किया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

  • AAP में घमासान:अलका लांबा ने इस्‍तीफा दिया,सोमनाथ भारती की प्रवक्‍ता पद से छुट्टी:राजीव गांधी भारत रत्न पर हुआ विवाद

    (नई दिल्ली:- मिल्लत टाइम्स):दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी के भारत रत्‍न को वापस लेने के प्रस्‍ताव को लाने पर आम आदमी पार्टी ने अलका लांबा, सोमनाथ भारती पर कार्रवाई की है.

    आम आदमी पार्टी ने विधायक अलका लांबा से इस्‍तीफा ले लिया है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. सूत्रों ने बताया कि उनकी प्राथमिक सदस्‍यता भी रद्द कर दी गई है. वहीं सोमनाथ भारती को प्रवक्‍ता पद से हटा दिया गया है.

    विधायक जनरैल सिंह पर भी कार्रवाई की तैयारी है. सूत्रों ने बताया के राजीव गांधी का भारत रत्‍न वापस लेने के प्रस्‍ताव पर ये तीनों अड़े हुए थे. इसके चलते यह कार्रवाई की गई है. लांबा ने प्रस्‍ताव की कॉपी सोशल मीडिया पर भी शेयर की थी.