Category: देश

  • अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा कह पाना मुश्किल,क्यूंकि परिस्थिति काफी कठिन:बाबा रामदेव

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: भाजपा के फेवर में बोलने वाले बाबा रामदेव आज कन्फ्यूजन में नजर आ रहे हैं वह तय कर कर पाना मुश्किल बता रहे हैं कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा इसे संकेत मिलते हैं कि बाबा रामदेव को कुछ गड़बड़ लग रहा है अगला प्रधानमंत्री मोदी नहीं बन पाएंगे पर फैसला तो चुनाव के बाद आएगा तभी मालूम पड़ेगा कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा जानिए बाबा रामदेव ने क्या कहा

    योग गुरू बाबा रामदेव ने इस समय देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति को काफी कठिन बताया है। मदुरै में पत्रकारों से बात करते हुए रामदेव ने कहा कि वे नहीं बता सकते हैं कि कौन देश का अगला प्रधानमंत्री बनेगा।


    अपने बयान में उन्होने आगे कहा कि मैं राजनीति पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा हूं, मैं किसी का समर्थन या विरोध नहीं करता हूं। हम एक सांप्रदायिक या हिंदू भारत बनाने का लक्ष्य नहीं रखते हैं, हम एक आध्यात्मिक दुनिया और भारत बनाना चाहते हैं।

  • विकलांग के मुंह मे डंडा डालने पर बीजेपी नेता पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज,SC-ST एक्ट भी लगा

    मिल्रत टाइम्स: दिव्यांग को पीटने के मामले में बीजेपी नेता पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज, SC-ST एक्ट भी लगा
    संभल: दिव्यांग से बदसलूकी के मामले में बीजेपी नेता मोहम्मद मिया पर संभल पुलिस ने धारा 307 के तहत हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया है. नेता पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट भी लगाया है. दिव्यांग की शिकायत पर पुलिस ने ये मुकदमा दर्ज किया है. बीजेपी नेता मोहम्मद मिया कथित तौर पर हिस्ट्री शीटर अपराधी है और किसी भी वक्त उसकी गिरफ्तारी हो सकती है.

    संभल सीओ सुदेश कुमार का कहना है कि बीजेपी नेता मोहम्मद मिया द्वारा एक दिव्यांग को पीटे जाने का मामला हमारे सामने आया था. इस मामले में कल रात केस दर्द किया गया था. हमने अपनी टीमों को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भेज दिया है.

    दरअसल बीजेपी नेता का एक दिव्यांग युवक को डंडे से पीटने का वीडियो वायरल हुआ है. दिव्यांग युवक अखिलेश यादव को वोट देने को कह रहा था, जिस पर बीजेपी नेता डंडे से युवक का मुंह बंद करते हुए दिखाई दे रहा है. वीडियो संभल के एसडीएम दफ्तर के सामने का है, युवक को पीट रहे बीजेपी नेता को जब एक पत्रकार ने रोकने की कोशिश की तो नेता पत्रकार से ही भिड़ गये. ये घटना रविवार की है.

    बीजेपी नेता का नाम मोहम्मद मिया है जो संभल के असमोली के रहने वाले हैं. विकलांग युवक का नाम मुकेश है जो संभल के चंदौसी का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक युवक शराब के नशे में था जिसे एसडीएम ऑफ़िस से हिरासत में लेकर शांति भंग की धारा 151 के तहत चलान किया गया था.

    बीजेपी नेता का कहना है था कि युवक प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाली दे रहा था इसलिए उन्होंने उसी के डंडे से उसे चुप कराया लेकिन साफ़ दिखाई दे रहा है की किस तरह बीजेपी नेता दिव्यांग के मुंह में डंडा डालने की कोशिश कर रहे हैं.

    मौके पर जब एक स्थानीय पत्रकार ने बीजेपी नेता को रोकने की कोशिश की तो वो पत्रकार से ही भिड़ गये. बीजेपी नेता के दबाव में पुलिस ने युवक के खिलाफ ही कार्यवाही कर दी. अब बीजेपी नेता की दबंगई का ये वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है.

  • कांवड़‍ियों पर फूल बरसाती है यूपी पुलिस,मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोकती है:ओवैसी

    मिल्लत टाइम्स :हैदराबाद के सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन औवैसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर उठाए सवाल। उन्होंने यूपी पुलिस पर सांप्रदायिक सोच के साथ काम करने वाला बताया है
    । ओवैसी नोएडा अथॉरिटी के पार्कों में नमाज पढ़ने पर रोक लगाने से नाराज हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पुलिस कावड़ियों पर फूल बरसाती है, लेकिन मुसलमानों के नमाज पढ़ने पर रोक लगाती है। वहीं, पुलिस का कहना है कि उसने यह कदम आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए शांति कायम करने के लिए उठाया है।
    ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा, “यूपी पुलिस ने वाकई में कांवड़ियों के लिए पंखुड़ियों की बौछार की। लेकिन, हफ्ते में एक बार अदा की जाने वाली नमाज शांति और सौहार्द बिगाड़ सकती है। यह मुसलमानों को बताया जा रहा है कि आप कुछ भी कर लो, गलती तो आपकी ही होगी।”
    उन्होंने आगे लिखा, “कानून के मुताबिक भी अगर कोई शख्स निजी तौर पर कुछ करता है तो इसके लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कैसे उत्तरदायी ठहराया जा सकता है?”

    दरअसल यह पूरा मामला नोएडा के एक पार्क से जुड़ा है। पार्क मे मुस्लिमों को नमाज पढ़ने पर सेक्टर 58 थाना पुलिस ने रोक लगा रखी है। पुलिस ने इस संबंध में आस-पास स्थित कंपनियों को नोटिस भेजा है और कर्मचारियों को नोएडा अथॉरिटी के पार्क में नमाज नहीं पढ़ने की बात कही है। पुलिस ने कहा है कि अगर कोई भी कर्मचारी अथॉरिटी के पार्क में नमाज पढ़ते पाया गया तो इसकी जिम्मेदार कंपनी होगी और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस की इस नोटिस से जिला प्रशासन ने पल्ला झाड़ लिया है। जिला प्रशासन का कहना कि पुलिस का नोटिस सिर्फ नोएडा अथॉरिटी के सेक्टर-58 के पार्कों के लिए है। यह पूरे शहर के लिए नहीं है।

    पुलिस का कहना है कि अगर पार्कों में किसी को धार्मिक आयोजन करना है तो उसे अथॉरिटी से परमिशन लेनी होगी। पुलिस का कहना है कि अथॉरिटी के पार्क में कई लोगों ने नमाज की इजाजत मांगी थी लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। बावजूद इसके लोग पार्क में पहुंचकर नमाज पढ़ते देखे गए। पुलिस ने साफ किया कि यह रोक किसी धर्म-विशेष के लिए नहीं है। बल्कि, सभी धार्मिक क्रियाकलापों के संदर्भ में है।

    लेकिन वही उस नोटिस में दूसरे धर्मों का नाम नहीं लिखा गया है सिर्फ मुस्लिमों का नाम लिखा गया है उस नोटिस में कहा गया है कि मुस्लिम कर्मचारी पार्क में नमाज नहीं पढ़ सकते हैं अगर नमाज पढ़ते हैं तो कंपनी जिम्मेदार होगी
    और आगे लिखा हुआ है कि 2019 के चुनाव के मद्देनजर संप्रदायिक सौहार्द से बिगड़ सकता है लेकिन वहां सभी धर्म के लोग कोई ना कोई कार्यक्रम करते रहते हैं और किसी ने भी कोई परमिशन नहीं लेती है तो क्या पुलिस ने नेता की राह पर चलते हुए एक खास धर्म को टारगेट किया है

  • मोदी सरकार अंडमान-निकोबार के तीन लोकप्रिय द्वीपों के बदलेगी नाम, जानिए क्या होगा नाम

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली,। केंद्र सरकार अंडमान और निकोबार के तीन लोकप्रिय द्वीपों- रॉस द्वीप, नील द्वीप और हैवलॉक द्वीप के नाम बदलने जा रही है। इसकी घोषणा आने वाले रविवार को की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 75 वीं वर्षगांठ पर पोर्ट ब्लेयर की अपनी यात्रा के दौरान इसका एलान कर सकते हैं। गौरतलब है कि सुभाष चंद्र बोस ने 1943 को पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था।

    नए द्वीपों के ये होंगे नाम
    केंद्र सरकार ने रॉस द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम स्‍वराज द्वीप रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को पोर्ट ब्‍लेयर जाने वाले हैं। इस दौरान वे नेताजी के श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। पीएम की यात्रा के दौरान द्वीप के लिए अन्य योजनाओं की भी घोषणा कर सकते हैं।

    नेताजी के संबंधी और भाजपा नेता ने की थी मांग
    गौरतलब है कि नवंबर में पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष और नेताजी के संबंधी चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर शहीद और स्वराज द्वीप करने का आग्रह किया था।

    ‘यूनाइटेड फ्री इंडिया’ के पहले पीएम थे नेताजी
    दिलचस्‍प तथ्‍य है कि नेताजी ने ‘यूनाइटेड फ्री इंडिया’ के पहले प्रधानमंत्री के रूप में 30 दिसंबर, 1943 को पोर्ट ब्लेयर के तत्कालीन जिमखाना ग्राउंड, जिसे अब नेताजी स्टेडियम कहा जाता है, उसमें राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस दौरान नेताजी ने घोषणा की थी कि अंडमान और निकोबार द्वीप स्वतंत्र होने वाला भारत का पहला क्षेत्र है. इस अवसर नेताजी ने अंडमान और निकोबार द्वीपों का नाम शहीद और स्‍वराज रखा था।

    ये लोग भी थे नेताजी के साथ
    गौरतलब है कि उन्‍हीं दिनों द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानियों ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने आईएनए के जनरल ए डी लोगनाथन को इसका गवर्नर नियुक्त किया था। नेताजी के साथ इस अवसर पर सर्वश्री आनंद मोहन सहाय, कैप्‍टन रावत-एडीसी और कर्नलडीएस राजू भी थे। राजू नेताजी के पर्सनल फिजिशियन थे।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने किया एसिया के द्वितीय तथा भारत के पहले सबसे लंबे रेल और पथ पुल का उदघाटन

    प्रधानमंत्री मोदी ने किया एसिया के द्वितीय तथा भारत के पहले सबसे लंबे रेल और स्थल पथ संलग्न बगीबील पुल का उद्घाटन। 21 साल की अपेक्षा। लम्बाई 4.940 किलोमीटर। खर्च हुआ 5920 करोड़ रुपए।

    चाईजुर रहमान/मिल्लत टाइम्स,असम:दीर्घकालीन प्रत्याशा तथा अपेक्षाकृत आसाम के बगीबील पुल का आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभ उद्घाटन किया। पिछले 21 साल के अपेक्षा के बाद एसिया के द्वितीय तथा भारत के पहला सबसे ज्यादा लंबाई वाला रेल ओर स्थल पथ संलग्न बगीबील पुल का आज दोपहर दो बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन करके देशवाशीयो को समर्पित किया। आज दोपहर 1:25 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के डिब्रुगड़ जिले के मोहनबारी हवाई अड्डा पहुंचने के बाद उसको भव्य स्वागत किया गया।

    आसाम के मुख्यमन्त्री सर्बानन्द सोनोवाल, राज्यपाल जगदीश मुखी, आसाम सरकार के मुख्य सचिव आलोक कुमार ओर आसाम पुलिस के डिजिपि कुलधर शईकिया समेत अन्य पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। उसके बाद 3 बिशेष हेलिकॉप्टर से प्रधानमंत्री बगीबील पुल के पास जा पहुचे ओर फिटा काटकर पुल का शुभ उद्घाटन किया। इस एतिहासिक मौकेपर आसाम के मुख्यमन्त्री सर्बानन्द सोनोवाल, राज्यपाल जगदीश मुखी, केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई भी मौजूद थे। गौरतलब है कि बगीबील पुल 4.940 किलोमीटर लम्बा है। 1997 साल के 22 जनवारी मे तदानीन्तन प्रधानमंत्री एईस डि देवगौड़ा ने इसका आधारशिला स्थापित किए थे। लगभग पांच साल तक कई भी काम न होने के बाद 2002 मे तदानीन्तन प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी द्वारा निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। 2007 मे तदानीन्तन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के सरकार द्वारा बगीबील पुल को रास्ट्रीय प्रकल्प घोषित किया गया।

    इस पुल को बनाने मे कुल 5920 करोड़ रुपए खर्च किए गए। एन एफ रेलवे के उद्योग मे हिन्दुस्तान कॉन्सट्राक्सन ने बगीबील पुल को 77 हजार मेट्रिक टन लोहे से बनाया है। जो कि तीन आईफैल टावर बनाने का लोहा इस्तेमाल किए गए। चुईडेन ओर फिनलैंड पुल की आर्हि से बनाया बगीबील पुल मे आमेरिकान गोल्डन गेट का साद्रृश्य दिखाई देती है। 42 खम्बायुक्त बगीबील पुल के ऊपर मे 362 ष्ट्रीट लाईट लगाया गया ओर साथ ही साथ नीचे दो ब्रडगज रेलपथ मे 300 लाईटे ओर 882 थ्रेसार लाईट लगाया जा चुका है। भुमिकम्प के आघात से बचने के लिए पुल मे उच्च प्रयुक्ति इस्तेमाल किया गया जबकि 7-8 प्रावल्य का भुमिकम्प से कोई नुकसान नही होगा। बगीबील पुल से डिब्रुगड़-धेमाजि अरुणाचल प्रदेश मे यातायात व्यवस्था को सुचल हुआ है। दीर्घ बरस से यातायात व्यवस्था को लेकर इस इलाके के लोग अनेक कष्ट का सामना कर रहे थे। आसाम-अरुणाचल प्रदेश का सम्पर्क इस पुल के जरिए अभी अनेक आसान हो पायेगा। हालांकि 1961के भारत-चीन युद्ध के बाद यहा पर पुल बनाने का दाबी उत्थापित हुआ था। लेकिन 1985 मे अल आसाम चात्र संस्था ओर भारत सरकार के बीच हुई आसाम चुक्ति मे बगीबील पुल का निर्माण को स्थान दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीर्घकालीन प्रत्याशा तथा अपेक्षाकृत बगीबील पुल का शुभ उद्घाटन करने के बाद धेमाजि जिले के कारें चापरमे मे आयोजित एक समारोह को सम्बोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बगीबील पुल के द्वारा देश के उच्च स्तर के प्रयुक्ति प्रतिफलित हुए है। उत्तर-पूर्व के यातायात व्यवस्था को एक नया दिशा मिल गया। भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा हुआ। आज के दिन को एक एतिहासिक दिन है। कांग्रेस सरकार ने इस पुल को बनाने मे कई कदम नही उठाए थे।

    केंद्र मे बीजेपी का सरकार आने के बाद बगीबील पुल का काम आगे बढ़ाया गया। देश के प्रतिरक्षा के लिए यह पुल महत्वपूर्ण है। मोदी ने अपने भाषण के दौरान आसाम के एतिहासिक वीर, शिल्पी, साहित्यिको का भी जिक्र किया। हालांकि प्रधानमंत्री ने बगीबील पुल का नामांकन नही किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बगीबील पुल का शुभ उद्घाटन करके पुल पर कुछ दूर तक पैदल चले ओर उपस्थित लोगो को अभिवादन किया। समारोह मे आसाम के मुख्यमन्त्री सर्बानन्द सोनोवाल, राज्यपाल जगदीश मुखी, केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई, आसाम के वित्तमंत्री डॉ हिमन्त विश्व शर्मा, बिटिचि चीफ हाग्रामा महिलारी, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दर्जी खाण्डु समेत कई नेता मौजूद थे। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने तिनिसुकिया – नाहरलगुण यात्रीबाही रेल का भी फ्लेग अफ किया।

  • संभल:विकलांग ने कहा-अखिलेश यादव को दूंगा वोट,तो बीजेपी नेता मुंह में घुसा दिया डंडा

    मिल्लत टाइम्स,संभल:भारत में लोकतंत्र है मतलब लोगों को अपनी पसंद का जनप्रतिनिधि चुनने का पूरा अधिकार है. लेकिन लगता है बीजेपी नेताओं को लोकतंत्र में लोगों को मिली ये आजादी रास नहीं आ रही है. दरअसल उत्तर प्रदेश के संभल में बीजेपी नेता का एक दिव्यांग युवक को डंडे से पीटने का वीडियो वायरल हुआ है. दिव्यांग युवक अखिलेश यादव को वोट देने को कह रहा था, जिस पर बीजेपी नेता डंडे से युवक का मुंह बंद करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो संभल के एसडीएम दफ्तर के सामने का है, युवक को पीट रहे बीजेपी नेता को जब एक पत्रकार ने रोकने की कोशिश की तो नेता पत्रकार से ही भिड़ गये. ये घटना रविवार की है.

    बीजेपी नेता का नाम मोहम्मद मिया है जो संभल के असमोली के रहने वाले हैं. विकलांग युवक का नाम मुकेश है जो संभल के चंदौसी का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक युवक शराब के नशे में था जिसे एसडीएम ऑफ़िस से हिरासत में लेकर शांति भंग की धारा 151 के तहत चलान किया गया था.

    बीजेपी नेता का कहना है की युवक प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाली दे रहा था इसलिए उन्होंने उसी के डंडे से उसे चुप कराया लेकिन साफ़ दिखाई दे रहा है की किस तरह बीजेपी नेता दिव्यांग के मुंह में डंडा डालने की कोशिश कर रहे हैं.

    मौके पर जब एक स्थानीय पत्रकार ने बीजेपी नेता को रोकने की कोशिश की तो वो पत्रकार से ही भिड़ गये. बीजेपी नेता के दबाव में पुलिस ने युवक के खिलाफ ही कार्यवाही कर दी. अब बीजेपी नेता की दबंगई का ये वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है.(इनपुट एबीपी)

  • नोएडा:खुले में नमाज पढ़ने पर पुलिस लगाई रोक,कहा इससे बिगड़ सकता है संप्रदायिक सौहार्द,नमाज को बताया पब्लिक मीटिंग,कंपनी को भी भेजा नोटिस

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: दिल्ली से सटे नोएडा में खुले में नमाज पर पुलिस ने पहरा लगा दिया है.नोएडा के एसएसपी ने यहां की बड़ी-बड़ी कंपनियों को चिट्टी भेजकर कहा है कि अगर उनके मुस्लिम कर्मचारी शुक्रवार को पार्क जैसी सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ते हैं तो इसके लिए कंपनी को दोषी माना जाएगा. नोएडा पुलिस की दलील है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले इस तरीके की पब्लिक मीटिंग से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है. नोएडा पुलिस ने कंपनियों से कहा है कि वो अपने कर्मचारियों को मस्जिद, ईदगाह या दफ्तर के परिसर के अंदर ही नमाज पढ़ने के लिए कहें.

    इस मामले पर यूपी सरकार ने पुलिस को तलब कर लिया है.

    नोटिस के मुताबिक, अगर आदेश का उल्लंघन हुआ या कार्यालयों के कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो इसके लिए कंपनियां दोषी मानी जाएंगी.

    नोएडा के सेक्टर 58 पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया में आने वाले नोएडा अथॉरिटी के पार्क में खुले में नमाज पढ़ने पर रोक लगाई है. इसके लिए पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया के सभी कंपनियों को नोटिस भेजा है.

    जिन कंपनियों के कार्यालय नोएडा में हैं, उनमें एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एल्सटॉम सिस्टम्स, ज़ांसा, इंटररा, पोलारिस, आर सिस्टम्स, आरएमएसआई, ताल, एडोब इंटरनेशनल, टीसीएस, एसटी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक, सैमसंग और मिंडा हफ शामिल हैं.

    नोएडा की कंपनियों ने इस मामले पर पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत की मांग की है. वो कर्मचारियों द्वारा आदेश के उल्लंघन पर खुद को जिम्मेदार ठहराने पर चर्चा चाहते हैं.

    इस पूरे मामले पर नोएडा पुलिस का कहना है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े उसे देखते हुए ये फैसला लिया गया है. नोएडा सेक्टर-58 के थाना प्रभारी पंकज राय ने कहा कि हमें कुछ दिनों से पार्कों में नमाज पढ़े जाने की शिकायत मिल रही थी. इसलिए हमने अपने इलाके की कुछ कंपनियों को नोटिस भेजे हैं.(इनपुट एबीपी)

  • सीतामढ़ी:प्यार में पागलपन’ प्रेमी ने प्रेमिका को गोली मार फिर खुद को मारी गोली

    मो० तौफीक़/मिल्लत टाइम्स,सीतामढ़ी:कहते है कि जब दो सच्चा प्यार करने वालो की प्यार जब चरम सीमा पर हो तो उसे एक होने से कोई नही रोक सकता है वही सीतामढ़ी में जब दो प्रेमी ने एक साथ जी नही सके तो एक साथ मरने की कोशिश की लेकिन प्रेम में पागल प्रेमी ने प्रेमिका की गोली मार कर हत्या कर दी और फिर ख़ुदकुशी करने की कोशिश की है. लेकिन वो बच गया जिसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

    जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सीतामढ़ी के भवदेवपुर चौक स्थित होटल सम्राट पैलेश के एक कमरे में एक युवक, युवती ठहरे थे. तभी अचानक होटल में गोली चलने की आवाज आई. गोली की आवाज सुन होटल कर्मचारी और वहां उपस्थित अन्य लोग जब कमरे में पहुंचे तो देखा की एक दोनों खून से लथपथ पड़े हैं. युवती की सांसे थम चुकी थी और युवक के भी सिर में गोली लगी थी और वह तड़प रहा था.

    होटल कर्मचारी ने तुरंत घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया. वहीँ गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज चल रहा है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँच घटना की जाँच में जुटी है.(न्यूज ४ नेशन इनपुट के साथ

  • योगी ने किया ऐलान,अकबर के किले में सरस्‍वती,ऋषि भारद्वाज की लगवाएंगे प्रतिमा

    मिल्लत टाइम्स: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि प्रयागराज (इलाहाबाद) में मुगल सम्राट अकबर द्वारा बनाए गए किले में सरस्वती और ऋषि भारद्वाज की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही योगी ने कहा कि यह पहली बार है जब कुंभ और उसके बाद अक्षयवट तथा सरस्वती कूप को पूजा के खोला जाएगा। लखनऊ में युवा कुंभ के उद्घाटन के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “यह पहली बार है जब कुंभ मेले के दौरान अक्षयवट और सरस्वती कूप को पूजा के लिए खोला जाएगा। मुगल सम्राट अकबर ने यहां यहां एक किले का निर्माण कर दिया था, इस वजह से लोग यहां पूजा करने नहीं जा पाते थे।”

    यूपी के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा अगले साल आयोजित होन वाले कुंभ मेले के दौरान काफी ज्यादा लोग आएंगे। यह पहली बार है जब इस आयोजन को यूनेस्को द्वारा सबसे बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया गया है। प्रयागराज में होने वाले वैचारिक कुंभ में सभी जाने-माने संत हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान अचानक भीड़ से लोगों ने नारा लगाना शुरू कर दिया कि “मंदिर जो बनाएगा, वोट उसी को जाएगा।” इस नारे के बाद राम मंदिर निर्माण पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा, “हम (भाजपा) ही एक ऐसी पार्टी है जो अयोध्या में राममंदिर का निर्माण करेगी। और कोई ये काम नहीं कर सकता है।”

    योगी ने आगे कहा, “भारत एक राष्ट्र है, उसकी एक ही संस्कृति है। भारत की एक सोच है। यहां पर भाषाएं, जाति, क्षेत्र, खान-पान, रंगरूप, बोली भाषा अलग-अलग हो सकती है। भारत राजनीतिक रूप से भले ही अलग-अलग रहा हो, लेकिन उसकी एक संस्कृति है, जो हिन्दू संस्कृति के रूप में जानी जाती है। इस पर हम सबको गर्व होना चाहिये। यहां कुछ लोग रामजन्मभूमि के बारे में बोल रहे थे। मित्रों, यह कार्य जो भी करेगा, जब भी करेगा, यह कार्य हम ही करेंगे, कोई दूसरा नहीं कर पाएगा।’’

    इस मौके पर सीएम योगी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘जो लोग राम और कृष्ण को मिथक मानते रहे हैं उन लोगों द्वारा जनेऊ दिखाकर और गोत्र बताकर भरमाने का प्रयास किया जा रहा है।’’ उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘‘हम लोग वर्तमान में चल रहे इस अभियान को बहुत नजदीक से समझने का प्रयास करें। कौन वे लोग हैं जो अपनी मातृभूमि और अपनी राष्ट्रमाता के प्रति षड्यंत्र करने में संलिप्त हैं। अगर हम आज इसे समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं तो हमारी इस युवा ऊर्जा के लिये, हमारी इस प्रतिभा के लिये इससे बड़ा दुखदायी अवसर और नहीं होगा। हमारे पास इस षड्यंत्रों को समझने का अवसर है, जो इस देश में नकारात्मकता का प्रतिनिधित्व करते हुए इस देश को एक बार फिर विखण्डन की तरफ धकेलना का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। यह षड्यंत्र हर स्तर पर रचने की तैयारी होगी लेकिन उसके प्रति सावधान रहना जरूरी है।’’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

  • असम के बिटिचि के खिलाफ आमचु ने किया धरना-प्रदर्शन। मे तानाशाही शासन बंद करे:आमचु।

    चाईजुर रहमान/मिल्लत टाइम्स, गुवाहाटी:असम के बड़ो टेरिटरियेल काउंसिल यानी बिटिचि मे रह रहे अल्पसंख्यक लोगो के हक-अधिकार तथा लगातार नाईन्साफि कर रहे बिटिचि सरकार के तानाशाही शासन के खिलाफ आज अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन (आमचु) ने जंग चेर दि है। वहाके अल्पसंख्यक लोगो की हक-अधिकार छीन लिया है। अल्पसंख्यक समुदाय के बहुत बड़ा चात्र संगठन अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन (आमचु) ने आज बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय, हक-अधिकार, मांग को लेकर धर्णा प्रदर्शन की है। पिछले काफी अर्से से दुर्विह जीवन जापन कर रहे असम के बड़ो टेरिटरियेल काउंसिल यानी बिटिचि के अल्पसंख्यक लोगो की न्याय, हक-अधिकार, मांग को गैरआन्दाज करती आ रही बिटिचि सरकार के खिलाफ कुल 20 मांग को लेकर आन्दोलन की है अल्पसंख्यक चात्र संगठन आमचु ने। आज दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक बिटिचि के मुख्य चहर कोकराझार मे धर्णा आन्दोलन करते हुए अल आसाम माइनॉरिटी स्टुडेंट ईउनियन (आमचु) ने जोरदार नारेबाजी की।

    उनलोगो ने असम सरकार मुर्दाबाद, मुख्यमंत्री सर्बानन्द सोनोवाल मुर्दाबाद, बिटिचि सरकार हाय हाय, हाग्रामा महिलारी मुर्दाबाद नारेबाजी की। लगभग पाचसौ से ज्यादा नेता-कर्मीयो ने हिस्सा लिया ईस आन्दोलन के जरिए आमचु ने बिटिचि चुक्ति पुनरीक्षण करे; लाफिकुल ईसलाम की हत्याकारी को गिरफ्तार करे ओर सख्त सजा दे; अल्पसंख्यक लोगो की जीवन, सम्पत्ति का निरापत्ता, सुरक्षा सुनिश्चित करे; पंचास प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक लोग रहने वाले गांव के नाम बिटिचि से निकाल दे; साम्प्रदायिक हिंसा के बलि अल्पसंख्यक लोगो को आर्थिक सहायता का प्रतिश्रुति पालन करे; बिटिचि मे माइनॉरिटी बोर्ड बनाये;

    बड़ोलेण्ड विश्वविद्यालय मे अरबी ओर उर्दू भाषा का अध्यापक नियुक्त करे से लेकर कुल 20 मांग की है। संगठन ने असम सरकार,असम के राज्यपाल ओर बिटिचि चीफ हाग्रामा महिलारी को ज्ञापन भी सौंपे। गौरतलब है कि 2003 मे असम सरकार के सहयोग से उग्रवादी संगठन बड़ो लिवारेशन टाइगर ने अस्त्र समर्पण करके केन्द्र सरकार केन्द्र साथ बिटिचि चुक्ति किये थे। जिस चुक्ति के आधार पर बड़ो समुदाय को राजनीतिक अधिकार के साथ साथ शैक्षिक, आर्थिक जैसे अधिकारो पर संरक्षण दिया गया। हालांकि असम के चार जिले को लेकर गठित बिटिचि मे सिर्फ 27 प्रतिशत बोड़ो सम्प्रदाय के लोग रहते है। 73 प्रतिशत साधारण हिन्दू, मुस्लिम, राभा, आदिवासी, बंगाली आदि समुदाय के लोग है। आज के धर्णा प्रदर्शन मे आमचु के महासचिव रेजाउल करिम सरकार, सचिव आब्दुर रहमान बिस्वास, बारपेटा जिले के सभापति नजरुल ईसलाम समेत बहुत सारे नेता मौजूद थे।