Category: मनोरंजन

  • शिवम रॉय प्रभाकर की फिल्म’द थर्ड हैकर’की रिलीज डेट बढ़ सकती है आगे

    MT News Network:कोरोनोवायरस लॉकडाउन के कारण बॉलीवुड की बहुत सारी फिल्में स्थगित हो गई हैं। कोरोना वायरस ने न केवल फिल्मों की शूटिंग को प्रभावित किया बल्कि फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्में रिलीज करने में भी बहुत मुश्किल हो रही है।

    हाल ही में अभिनेता शिवम रॉय प्रभाकर (Shivam Roy Prabhakar) ने साझा किया कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन के कारण उनकी फिल्म द थर्ड हैकर (The Third Hacker) कैसे पूरी तरह से शूट नही किया जा सका । उन्होंने बताया कि फ़िल्म का एक शूटिंग शेड्यूल रह गया था। लेकिन बाद में कोरोनोवायरस लॉकडॉन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

    न्यूज़ वेबसाइट https://estradeherald.com के अनुसार, फिल्म 13 नवंबर को रिलीज होने जा रही थी क्योंकि निर्माता लक्ष्मण सिंह राजपूत (Laxman Singh Rajput) ने पहले ही रिलीज की तारीख की घोषणा कर दी थी। लेकिन फिल्म पूर्ण न हो पाने की वजह से इसे उस तारीख पर रिलीज नही किया जा सकेगा।

    फिल्म द थर्ड हैकर (The Third Hacker) सागर जोशी (Sagar Joshi) द्वारा निर्देशित है। फिल्म एक टीनएजर लड़के पर आधारित है जो एक इंजीनियर छात्र है। लड़का कंप्यूटर गेम का आदी है और बाद में वह कुछ कारणों से एथिकल हैकिंग की ओर मुड़ जाता है। फिल्म दिखाती है कि इंटरनेट गतिविधियां हमारे लिए कितनी खतरनाक हो सकती हैं।

  • असम के लोकसंगीत सुरीली जिकिर अब हिंदी में भी उपलब्ध।शिल्पी वाजिदुर रहमान का प्रयास।ईद-उल-फितर के पहले किया जायेगा रिलीज।

    चाईजुर रहमान, गुवाहाटी, 21 मई:– असम के जातीय जीवन का अभिन्न अंग जिकिर अब राष्ट्रीय भाषा हिंदी में भी उपलब्ध होगा। गोलाघाट जिले के देरगांव के अनातार शिल्पी वाजिदुर रहमान ने पहली बार असमिया भाषा से हिंदी भाषा में जिकिर को अनुवाद करके राष्ट्रीय स्तर पर लाने की कोशिश की है। गौरतलब है कि असम के जातीय जीवन के प्रसिद्ध समाज संस्कारक तथा एकता, संप्रीति, भाईसारे का प्रतीक अजान फ़क़ीर ने जिकिर रचना की थी। अनुमानिक चोलवी शताब्दी में बगदाद से असम आये इस शख्सियत ने ईस्लाम की सार्वजनिन भाईसारे की वाणी से असम की हिन्दू-मुसलमान को एकता की डोर से बंधा था।

    असम की हिन्दू महिला से शादी करके यही बचे अजान फ़क़ीर का असली नाम शाह मिलन था। असम के शिवसागर जिले के सरागुरि सापरि में उसका मज़ार है। इस महान शख्सियत के नाम से असम सरकार हर वर्ष राज्य के लिए उल्लेखनीय अवदान देनेवाले ब्यक्ति कोे अजान पीर अवार्ड से सम्मानित करते है। अजान फ़क़ीर का नाम असम के जनजीवन के दो महान शख्सियत तथा महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव और श्रीमंत माधवदेव के साथ जोड़ा जाता है। इन्ही शख्सियत के नाम से ही असम को शंकर-माधव-अजान का देश कहा जाता है। ये महान शख्सियत अजान फ़क़ीर ने जिकिर और जारी रचना की थी। जिकिर एक तरह का गीत है जिसमे अल्लाह के गुनगान के जरिये एकता, भाईसारे, संप्रीति, मिलन का सन्देश दिया जाता है। हर किसी के दिल को शकुन देता जिकिर असम के लोकसंगीत में से अन्यतम है और इसे असम के संस्कृति का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। अजान फ़क़ीर द्वारा रचित जिकिर में से एक बहुत ही अनोखा और लोकप्रिय जिकिर ‘मोर मनत भेद भाव नाइ ओ अल्लाह’ को हिंदी भाषा में पहली बार अनुवाद किया है अनातार शिल्पी वाजिदुर रहमान ने। असम के गोलाघाट जिले के देरगांव के रहनेवाले वाजिदुर रहमान ने इस अनोखा और सुरीली जिकिर का ऑडियो रिकॉर्डिंग करने के बाद अब वीडियो भी बनाया है। उन्होंने बताया की ईद-उल-फितर के पहले हिंदी भाषा में यह जिकिर रिलीज़ किया जायेगा। जिकिर में यास्मीन सुल्ताना के साथ कोई महिलाओ ने कंठदान दिया है। उल्लेखनीय है की अनतार शिल्पी वाजिदुर रहमान असम के जिकिर सम्राट रेकीबुद्दीन अहमद का भतीजा है।

  • राज्यस्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट में ढाका ने ट्रॉफी पर किया कब्ज़ा

    राज्यस्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट में ढाका ने ट्रॉफी पर किया कब्ज़ा 
    स्वर्गीय मोतिउर्रहमान मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में उमड़े क्रिकेट प्रेमी – पूर्व खिलाड़ियों , पत्रकारों सहित 103 लोगों को किया गया सम्मानित ।
    खेल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों के हौसले बढ़ाना हमारा कर्तव्य – फैसल रहमान

    विजेता टीम को ट्राफी देते ढाका विधायक फैसल रहमान एवं अन्य

    मोतिहारी ( मिल्लत टाइम्स / फजलुल मोबीन)

    विजयी क्रिकेट क्लब ढाका द्वारा आयोजित स्वर्गीय मोतिउर्रहमान मेमोरियल राज्य स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में ढाका ने मुजफ्फरपुर कि टीम को 18 रनों से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम किया। टॉस जीत के पहले बल्लेबाजी करते हुए विजयी क्रिकेट क्लब ढाका कि टीम ने 20 ओवर में 169 रन बनाए। जीत के लिए मुजफ्फरपुर कि टीम को 170 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य पीछा करने उतरी मुजफ्फरपुर कि टीम अंतिम ओवर तक 152 रन ही बना सकी। ढाका कि ओर से अशफाक अहमद 38 और जुल्फिकार ने 28 रन रनों का योगदान दिया।
    मुजफ्फरपुर की तरफ से पप्पू कुमार ने तीन और आशीष और आलोक ने दो-दो विकेट लिए

    170 रनों का  पीछा करती हुई 19.3 ओवर में  152 रन बनाकर ऑल आउट हो गई जिसमें हिमांशु ने 23 और पप्पू कुमार ने सर्वाधिक 57 रनों का योगदान दिया। ढाका के तरफ से राशिद इकबाल  और मुकेश ने तीन-तीन विकेट लिए और राजू यादव को दो सफलताएं मिली इस तरह  ढाका ने मुजफ्फरपुर को पराजित कर सेराज अनवर की कप्तानी में लगातार दूसरी बार विजेता बना

    बताते चलें कि :   दूसरी पारी के 15 ओवर तक ढाका मैच को एकतरफा जीत रही थी, लेकिन वहीं मुजफ्फरपुर के खिलाड़ी पप्पू कुमार ने धुंवाधार पारी खेलते हुए हैट्रिक छक्का लगाया और मैच को बेहद रोमांचक बना दिया । तभी रोमांचक मौके पर पप्पू कुमार उन्नीसवें ओवर में आउट हो गए जिसके बाद मुजफ्फर की टीम बिखर गई और मैच हार गई ।

    मैन ऑफ द मैच मुज़फ़्फ़रपुर के खिलाड़ी पप्पू कुमार को तीन विकेट लेने और 57 रन बनाने के लिए दिया गया।
    मैंने ऑफ द सीरीज  का पुरस्कार ढाका टीम के राजू यादव को दिया गया,बेस्ट बॉलर का पुरष्कार राजू यादव,बेस्ट कीपर का पुरष्कार अशफ़ाक़ अहमद को दिया गया।

    मैन ऑफ द सीरीज राजू यादव

    टूर्नामेंट के संरक्षक सह ढाका विधायक फैसल रहमान , मुख्य अतिथि के रूप में चिरैया के पूर्व विधायक लक्ष्मी यादव। जिला किर्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर गौतम, राजद युवा जिला अध्यक्ष हामिद राजा राजू , ज़फ़र हबीबी ने विजेता टीम के कप्तान सेराज अनवर को ट्राफी के साथ 51 हजार रुपए भी दिए । जबकि उप विजेता टीम को ट्राफी के साथ 21 हजार रुपए दिए गए ।

    उपविजेता को ट्राफी देते विधायक व अन्य

    इस अवसर पर टूर्नामेंट के संरक्षक सह ढाका विधायक फैसल रहमान ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों का भरपूर हौसला बढ़ाया ।

    भाषण देते फैसल रहमान

    उन्होंने कहा: “हमें अपने काम के साथ साथ खेल को बढ़ावा देना चाहिए और इसे हमेशा प्रोत्साहित करना चाहिए।” अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि: खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए और इलाका, राज्य और देश का नाम रौशन करना चाहिए।  उन्होंने अंत में कहा: मेरे पिता, जिनकी याद ये टूर्नामेंट में आयोजित की गई थी, एक खेल प्रेमी थे और हमेशा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते थे।  टूर्नामेंट के अंत में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ जिसमें अतिथियों , विजय क्रिकेट क्लब ढाका के पूर्व खिलाड़ियों, टूर्नामेंट के सभी सदस्यों और पत्रकारों के साथ-साथ कमेंटेटर, स्कोरर, अंपायर के साथ साथ 103 लोगों को सम्मानित किया गया।  फाइनल मैच की अंपायरिंग टीपू सिंह और प्रदीप कुमार मुन्ना ने को  जबकि कमेंट्री अब्दुल रहमान और असलम ने कि । वहीं इस फाइनल मैच को फेसबुक के माध्यम से लाइव दिखाने में हमजान अली शेख और कमेंटेटर लिटिल गुरु ने अहम भूमिका निभाई ।

    खेल का आंनद लेते अतिथि गण

    उक्त अवसर पर ढाका विधायक फैसल रहमान , मुख्य अतिथि के रूप में चिरैया विधायक लक्ष्मी यादव। जिला किर्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर गौतम, युवा जिला अध्यक्ष हामिद राजा , नूर आलम खां, राजद अध्यक्ष शम्स तबरेज, डाक्टर फहद रहमान ,

    क्रिकेट प्रेमियों की उमड़ी भीड़

      हारून खान,संजय सिंह,सुरेंद्र सिंह,जारुन खान,एजाज आलम,भोला खान,समीम खान,इम्तेयाजुल हक़,कन्हैया जी,शाहिद खान,आज़म खान,आले खान,आज़म जूनियर,दानिश,मो० इश्तेयाक अंसारी,साहेब खान, ज़फ़र हबीबी , शमीम अंसारी , वक़ार खान , कमरुज्जोहा , कमरे आलम निर्दोष सहित हजारों खेल प्रेमी मौजूद थे।

  • अमान क़ासिम मुंबई में यंगेस्ट अचीवर अवार्ड से हुए सम्मानित

    मुंबई : जब आपके अंदर जज़्बा हो कुछ करने का तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है और इसका बेहतरीन उदाहरण पेश किया है एक युवा अमान क़ासिम ने। अमान क़ासिम को मुंबई में उनके बेहतरीन कामों की वज़ह से यंगेस्ट अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

    अमान क़ासिम जो एक मोशन और ग्राफ़िक कंपनी Amaan Quasim motion pictures Pvt ltd के CEO के साथ युवा बिज़नेसमैन भी है।

    अमान अब तक कई सफल इवेंट कर चुके है जिसमें जश्न-ए-इत्तिहाद, नोएडा लिटरेचर फेस्ट, वर्ल्ड रिकॉर्ड जैसे महत्वपूर्ण इवेन्ट्स शामिल है। इसके इलावा ये संजय कपूर, जैन इमाम, ज़रीन खान और रणदीप राय जैसे बॉलीवुड के कई बड़े नामों के साथ शूट भी कर चुके है।

    अमान क़ासिम की एक फीचर फिल्म लव इन कानपुर सेंट्रल जल्द ही रिलीज़ होने वाली है इसके इलावा यह वेब सीरीज़ बना चुके है।

  • अमिताभ बच्चन को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

    प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है. दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसी कलाकार के लिए भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है.

    सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्विटर पर इस खबर की पुष्टि की.

    जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ‘दो पीढ़ियों का मनोरंजन और उन्हें प्रेरित करने वाले कलाकार अमिताभ बच्चन को सर्वसम्मति से दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है. पूरा देश एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रसन्न है। उन्हें मेरी ओर से हार्दिक बधाई.

    76 वर्षीय अमिताभ बच्चन ने 1970 के दशक में ‘ज़ंजीर’, ‘दीवार’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों के माध्यम से युवा पीढ़ी के गुस्से को अभिव्यक्ति दी और उन्हें ‘एंग्री यंग मैन’ कहा गया.

    1970 के दशक से शुरू हुआ अमिताभ का स्टारडम भारतीय सिनेमा में अब तक जारी है.

    अपने पांच दशक के करिअर में अमिताभ ने कई यादगार फिल्में दीं और उन्हें अग्निपथ (1990), ब्लैक (2005), पा (2009) और पीकू (2015) के लिए चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

    1984 में पद्मश्री, 2001 में पद्मभूषण और 2015 में पद्मविभूषण से भी अमिताभ बच्चन को नवाज़ा जा चुका है. इसके अलावा फ्रांस की सरकार साल 2007 में उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित कर चुकी है.

    अमिताभ बच्चन ने साल 1969 में बॉलीवुड में फिल्म सात हिंदुस्तानी से कदम रखा था. उनकी हालिया फिल्म बदला (2019) थी, जिसमें वह अभिनेत्री अमृता सिंह और तापसी पन्नू के साथ नजर आए थे.

    बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का करिश्मा बिखेरने वाले अमिताभ बच्चन ने छोटे पर्दे यानी टीवी पर भी खासी सफलता हासिल की. छोटे पर्दे पर साल 2000 से शुरू हुआ कौन बनेगा करोड़पति आज भी लोगों के पसंदीदा कार्यक्रमों में से एक है. वर्तमान में वह कौन बनेगा करोड़पति के 11वां संस्करण के प्रस्तोता हैं.

     

     

     

     

  • 18 लाख का चेक बाउंस,भोजपुरी अभिनता खेसारीलाल पर प्राथमिकी दर्ज

    *असहनी गांव निवासी श्रीकृष्ण पांडेय के पुत्र मृत्युंजय नाथ पांडेय ने रसुलपुर थाने में 18 लाख का चेक बाउंस होने की प्राथमिकी दर्ज करायी*

    परवेज़ सिवानी,एकमा:भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता व गायक के खिलाफ बिहार में छपरा के एकमा में रसूलपुर थाना क्षेत्र के धानाडीह गांव निवासी मंगरू यादव के पुत्र शत्रुध्न कुमार उर्फ खेसारीलाल यादव पर 18 लाख रुपये के चेक बाउंस होने के मामले में असहनी गांव निवासी श्रीकृष्ण पांडेय के पुत्र मृत्युंजय नाथ पांडेय ने रसुलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.

    दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित ने कहा है कि वह अपनी खरीदी गयी जमीन मौजा अठडीला तौजी संख्या 954, खाता संख्या 128, सर्वे संख्या 295, रकबा सात कट्ठा ग्यारह धुर जमीन बाईस लाख सात हजार रुपये में तय किया था. जिसकी रजिस्ट्री चंदा देवी पति शत्रुध्न कुमार उर्फ खेसारीलाल यादव के नाम एकमा स्थित निबंधन कार्यालय में 04 जून 2019 को कर दिया. जिसके बाद आरोपी ने बैंक ऑफ बड़ौदा का 000451 चेक संख्या पर अठारह लाख रुपये की रकम का चेक दिया और बाकी का शेष रकम बाद में देने का भरोसा दिलाया. 20 जून 2019 को जब अपने बैंक में उक्त चेक को जमा किया तो 24 जून को चेक वापस हो गया.

    बैंक कर्मियों के कहने पर पुन: उक्त चेक को दुबारा 27 जून को अपने बैंक खाते में जमा किया पर 28 जून को चेक बाउंस हो गया. अंततः मानसिक रूप से परेशान होकर कानूनी वकालतन नोटिस भेजा गया. जिसका भी जवाब अबतक आरोपी ने नहीं दिया तो थक हार कर पीड़ित ने निबंधित जमीन के कागजात व चेक मेमो की छाया प्रति संलग्न करते हुए रसूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगायी है.

    वही , चेक बाउंस मामले में खेसारी लाल यादव ने पूछे जाने पर बताया कि उनके खाते में सत्तर लाख से ऊपर रुपये है. चेक बाउंस हो ही नहीं सकता. बल्कि उसे भुगतान करने से रोका गया है. अभिनेता खेसारी लाल ने कहा कि रजिस्ट्री करने वाले मृत्युंजय नाथ पांडेय ने तय की गयी रुपये भुगतान के पहले दाखिल खारिज करने की बात की थी. क्योंकि उस जमीन का दाखिल खारिज किसी और के नाम से है. जिससे पांडेय ने जमीन खरीदी थी. खेसारीलाल ने कहा कि तीन महीना बीतने के बाद भी उस जमीन का दाखिल खारिज पांडेय अपने नाम से नहीं करा सके. इसलिए उन्हें आशंका है कि इस जमीन की खरीद बिक्री में उनके साथ धोखाधड़ी की गयी है. जब तक जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो जाती तब तक भुगतान रुका रहेगा. दाखिल खारिज नहीं होने पर वे खुद धोखाधड़ी की प्राथमिकी करेंगे.

  • Tik Tok के यूजर्स के लिए अच्छी खबर,कोर्ट ने बैन हटाया,कंपनी ने जारी किया बयान

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:17 अप्रैल को पॉपुलर चीनी ऐप Tik Tok भारत में गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से हटा लिया गया. वजह ये थी कि मद्रास हाई कोर्ट ने इसे बैन करने फैसला किया था. 3 अप्रैल को तामिलनाडु की एक कोर्ट ने सरकार से Tik Tok ऐप बैन करने को कहा था. कोर्ट कहना ये था कि Tik Tok पॉर्नोग्राफी को बढ़ावा देता है.

    कोर्ट ये फैसला एक PIL के बाद आया जिसमें एक शख्स ने Tik Tok बैन करने के लिए PIL फाइल की थी. IT मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के मुताबिक मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने गूगल और ऐपल को लेटर लिख कर Tik Tok ऐप को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा. आखिरकार गूगल ने 18 अप्रैल को Tik Tok ऐप पर बैन लगाया और अपने स्टोर से हटा लिया यानी डाउनलोड पर रोक लग गई.

    बैन हटने के बाद टिक टॉक का बयान

    मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने Tik Tok से बैन हटाने का फैसला किया है. Tik Tok बयान आ चुका है. Tik Tok ने कहा है, ‘हम इस फैसले से खुश हैं और हमें विश्वास है कि इस फैसले का स्वागत टिक टॉक कम्यूनिटी भी करेगी. हम हमारे यूजर्स को बेहतर तरीके से सर्व किए जाने के लिए दिए गए इस मौके के लिए आभारी हैं. हम लागातर अपने प्लेटफॉर्म को गलत इस्तेमाल होने से रोकेंगे और काम यहीं खत्म नहीं होता है. हम अपनी सेफ्टी फीचर्स को बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

    हालांकि डाउनलोड पर रोक तो लगी, लेकिन फिर भी जिनके पास टिक टॉक ऐप था वो इसे यूज कर रहे थे. इसे कंपनी का नुकसान भी हुआ है और रिपोर्ट के मुताबिक इस बैन से हर दिन कंपनी को 5 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा था. निश्चित तौर पर ये कंपनी के लिए बड़ी राहत की खबर है. लेकिन अब पूरी उम्मीद है कि कंपनी अपनी पॉलिसी में कुछ बदलाव करेगी, ताकि भविष्य में ऐसा न हो.

    Tik Tok से बैन क्यों हटा?

    Tik Tok की तरफ से Amicus Curiane जिसे आप न्यामित्र कह सकते हैं या आसान शब्दों में टिक टॉक के Counsel सीनियर एडवोकेट अरविंद दातर थे. दातर ने अपने स्टेट्मेंट में कहा है कि ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं हो सकती है जो वैधानिक रूप से मान्य हो, लकिन न्यायिक रूप से पूर्ण न हो. इस ऐप को बैन करना समाधान नहीं है. यूजर्स की राइट सुरक्षा करना जरूरी है.

    कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि कोर्ट सिर्फ ऑनलाइन यूजर्स के प्रोटेक्शन को लेकर चिंतित है, खास कर बच्चों के लिए जिनके खिलाफ साइबर क्राइम होते हैं.

    दातर ने ये आईटी ऐक्ट के सेक्शन 79 का हवाला देते हुए कहा है कि जैसे फेसबुक को इसके प्लेटफॉर्म पर किसी शख्स द्वारा अपडेट किए गए अवैध स्टेटस या किसी अवैध मैसेज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, ठीक इसी तरह से Tik Tok को उस पर अपलोड किए गए कॉन्टेंट के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.

    मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने रिमार्क दिया है कि भारत के पास साइबर स्पेस में बच्चों की सुरक्षा के लिए COPAA (चिल्ड्रेन ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन) जैसी लेजिस्लेशन नहीं है. अमेरिका में 13 साल तक के बच्चों की प्राइवेसी के लिए COPAA है जिसे वहां 2000 में लागू किया गया था.

    Tik Tok की तरफ से कोर्ट में सीनियर एडवोकेड आइजैक मोहनलान ने कोर्ट को बताया है कि Tik Tok के पास ऐसी टेक्नॉलजी है जो ये सुनिश्चित कर सकती है कि न्यूड या ऑब्सीन कॉन्टेंट इस ऐप पर अपलोड न किए जाएं. इसके अलावा टिक टॉक ने इस तरह के कॉन्टेंट को रोकने के लिए उठाए गए कदम के बारे में भी कोर्ट को बताया है.‌

    (इनपुट आजतक)

  • 23 भाषाओं में होगी रिलीज मोदी पर बनी फिल्म,2 साल से हो रही थी तैयारी,पोस्टर हुआ लंच

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म PM Narendra Modi का पहला पोस्टर सोमवार को लॉन्च किया गया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे लॉन्च किया. इस मौके पर एक्टर विवेक ओबेरॉय भी मौजूद रहे. इस पोस्टर के साथ ही फिल्म में विवेक ओबेरॉय के लुक का भी अनावरण हो गया है. पोस्टर में विवेक बिल्कुल मोदी जैसे ही नजर आ रहे हैं. फिल्म पर पिछले 2 सालों से काम चल रहा था और अब जाकर मेकर्स ने इसका पहला पोस्टर लॉन्च किया है. पोस्टर लॉन्च के बाद अब फैन्स को इसके टीजर और ट्रेलर वीडियो का इंतजार है.

    फिल्म का पोस्टर 23 भाषाओं में लॉन्च किया गया है और फिल्म को भी इतनी ही भाषाओं में रिलीज किए जाने की खबरें हैं. फिल्म का निर्देशन ओमंग कुमार ने किया है.

    ओमंग इससे पहले मैरी कॉम और सरबजीत जैसी बायोपिक फिल्में बना चुके हैं. उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रही हैं.

    विवेक ओबेरॉय ने फिल्म का पोस्टर ट्वीट करते हुए कैप्शन में लिखा- हम इस अद्भुत सफर के लिए आपकी प्रार्थनाओं और आशीर्वाद की कामना करते हैं.

    ओमंग कुमार के निर्देशन और सुरेश ओबेरॉय व संदीप सिंह के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

    द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स इस प्रोजेक्ट पर पिछले 2 सालों से काम कर रहे थे. काफी वक्त तक ये कयास लगाए जाते रहे कि परेश रावल इस फिल्म में प्रधानमंत्री मोदी का रोल प्ले करते नजर आएंगे.

  • मशहूर अभिनेता कादर खान का कनाडा के अस्पताल मे निधन,फिल्मी जगत मे शोक की लहर

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली मशहूर अभिनेता कादर खान का सोमवार (31 दिसंबर) की रात निधन हो गया। 81 वर्षीय अभिनेता कनाडा के एक अस्‍पताल में भर्ती थे। खान को प्रोग्रेसिव सुपरन्यूक्लियर पाल्सी नाम की बीमारी थी। इसमें व्‍यक्ति अपना शारीरिक संतुलन खोने लगता है। मरीज को चलने, उठने, बैठने यहां तक कि बात करने में दिक्‍कत होती है। कादर खान को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत और खराब होने पर उन्‍हें नियमिट वेंटिलेटर से हटाकर बाइपैप वेंटिलेटर पर स्‍थानांतरित किया गया था।

    1937 में अफगानिस्तान के काबुल में जन्मे कादर खान बॉलीवुड के सबसे वर्सटाइल कलाकारों में से एक थे। 46 साल के फिल्मी करियर में उन्होंन करीब 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। कादर खान ने एक्टिंग से लेकर राइटिंग अलग अलग तरह के काम किए। कादर खान ने जहां अपनी कलाकारी से लोगों को हंसाया तो वहीं अपने निगेटिव किरदारों से दर्शकों के दिलों में एक खौफ भी पैदा किया। पिछले कुछ सालों से अस्वस्थ होने की वजह से उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली थी।

  • जरीन खान ने एक शख्स को मारा थप्पड़, कर रहा था टच करने की कोशिश

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक कार्यक्रम में पहुंची जरीन खान एक शख्स को जोरदार तमाचा जड़ दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी शख्स भीड़ का फायदा उठाकर जरीन खान के बेहद करीब पहुंच गया और उन्हें टच करने की कोशिश करने लगा, तभी जरीन खान ने बिना देर किए युवक को तमाचा जड़ दिया। बताया जा रहा है कि जरीन ने शख्स को इसलिए मारा क्योंकि वह उन्हें गलत तरीके से टच कर रहा था

    जरीन खान ने जरा थप्पड़
    इसी बीच भीड़ अभिनेत्री जरीन की एक झलक पाने के लिए इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को लाठी चार्ज कर उन्हें दूर हटाना पड़ा। घटना वीडियो भी सामने आया है जिसमें पुलिस भीड़ को हटा रही है और कुछ लोग एक शख्स की धुनाई कर रहे हैं।

    खबरों के अनुसार घटना दो दिन पहले की है। औरंगाबाद में जरीन खान एक स्टोर की लॉन्चिग के लिए पहुंची थीं। जरीर खाने इस घटना का जिक्र सोशल मीडिया पर करते हुए कहा, ‘भीड़ में मौजूद कुछ गंदे लोग मुझे गलत तरीके से छूने की कोशिश कर रहे थे लेकिन किसी तरह से उनसे बचकर अपनी कार तक पहुंची। भीड़ मेरी कार की ओर बढ़ रही थी।,