Category: शिक्षा

  • विश्वविद्यालय रैंकिंग में जामिया ने डीयू को किया पीछे, जानिए किया है वर्तमान स्थिति

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क 2019 की रैंकिंग में जामिया ने डीयू को पछाड़ दिया है। डीयू जहां विश्वविद्यालय श्रेणी में सातवें स्थान से फिसलकर 13वें स्थान पर पहुंच गया है, वहीं जामिया इस्लामिया पिछले साल की तरह 12वें पायदान पर मौजूद है। वहीं ओवरऑल रैंकिग में जहां जामिया 19वें स्थान पर कायम है और डीयू 14वें स्थान से खिसक कर 20वें पायदान पर चला गया है।

    हालांकि, कॉलेज की रैंकिंग में बीते साल की तुलना में इस साल पांच की जगह डीयू के छह कॉलेजों ने अपनी जगह बनाई है। इसमें नौवीं रैंक में शामिल हंसराज कॉलेज का प्रदर्शन सराहनीय है।
    हमदर्द 18वें पायदान पर : जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय श्रेणी में 18वें पायदान पर रहा। पिछले साल यह 23वें पायदान पर था। डीटीयू पिछले साल 70वें पायदान पर था जबकि इस साल 47वें स्थान पर पहुंच गया है। आईपी विश्वविद्यालय पिछले साल के 74वें स्थान से 66वें पायदान पर आ गया है।

    जेएनयू ओवरऑल में पीछे : विश्वविद्यालय रैंकिंग में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पिछले साल की तरह ही दूसरे स्थान पर रहा। वहीं ओवरऑल रैंकिंग में जेएनयू 2019 में सातवें पायदान पर है, जबकि पिछले वर्ष छठे स्थान पर रहा था। दिल्ली के अन्य विश्वविद्यालयों में जामिया हमदर्द ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। यह इस साल 31वें स्थान पर है जबकि 2018 में 37वें स्थान पर रहा था। दिल्ली प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय में सबसे ज्यादा उछाल आया है। बीते साल जहां 100वीं रैंक मिली थी, इस साल यह 71वीं रैंक पर आ गया है।

    ये हैं पांच मानदंड
    शिक्षण-अधिगम संसाधन
    पहुंच एवं समावेशिता
    अवर स्नातक परिणाम
    अवधारणा
    अनुसंधान एवं व्यावसायिक प्रक्रियाएं
    आईआईटी-मद्रास बना देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान
    रैंकिंग में आईआईटी-मद्रास को देश का सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षा संस्थान चुना गया। पिछले सभी एनआईआरएफ रैंकिंग में पहले स्थान पर रहने वाला आईआईएससी-बेंगलुरु पिछले बार से ज्यादा अंक लाने के बाद भी दूसरे स्थान पर खिसक गया। वहीं, आईआईटी-दिल्ली ने अपनी रैंकिंग में एक अंक का सुधार करते हुए तीसरे स्थान पर आने में सफल रहा। इस साल मैनेजमेंट श्रेणी में भी उलटफेर देखा गया। पहली बार आईआईएम-बेंगलुरु ने आईआईएम-अहमदाबाद को पीछे छोड़ते हुए इस श्रेणी में पहले स्थान पर कब्जा कर लिया।

    एम्स पहले, मौलाना आजाद 14वें स्थान पर
    रैंकिग में आने वाले टॉप 30 मेडिकल संस्थानों में छह संस्थान दिल्ली के हैं। एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग में दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को पहला स्थान मिला है। वहीं दिल्ली का ही इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एवं बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) को नौवां और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को देशभर में 14वां स्थान मिला है। इस सूची में जामिया हमदर्द को 15वां और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल को 19वां स्थान मिला है। जीटीबी अस्पताल से जुड़ा यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज को 23वां स्थान मिला है।
    ”मुझे इस बात की खुशी है कि विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ रैंकिंग में अपने पिछले स्थान को बरकरार रखा। जामिया ने एक लंबा सफर तय किया है। उम्मीद है कि भविष्य में हम और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।” -प्रो शाहिद अशरफ, कार्यकारी कुलपति, जामिया मिलिया इस्लामिया

    ”एनआईआरएफ रैकिंग में जेएनयू को विश्वविद्यालय की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है, वहीं समग्र श्रेणी में सातवां स्थान पर है। यह सभी सदस्यों के लिए गर्व की बात है। जेएनयू लगातार अपने अकादमिक स्तर को सुधार रहा है।” -प्रो. जगदीश कुमार,जेएनयू कुलपति

    (इनपुट हिंदुस्तान)

  • बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट घोषित,80.73% स्टुडेंट हुए पास,सावन राज ने किया टाॅप

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:बिहार बोर्ड मैट्रिक रीजल्ट आज जारी हो गया। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन शनिवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सभागार में बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर की मौजूदगी में मैट्रिक परिणाम जारी किए गए। सिमुलतला विद्यालय के सावन राज भारती ने मैट्रिक परीक्षा में टॉप किया है। उन्होंने 97 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वहीं दूसरे स्थान पर सिमुलतला स्कूल के रविन्द्र राज ने 96 फीसदी अंक पाए हैं। इस बार फिर से सिमुलतला विद्यालय ने बाजी मारी है। पहले 5 रैंक पाने वाले 8 स्टूडेंट्स सिमुलतला के हैं।

    प्रथम श्रेणी में 2 लाख 90 हजार छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।
    द्वितीय श्रेणी में 5,56,131 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।
    तृतीय श्रेणी में 454450 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।

    कुल 13,20036 स्टूडेंट्स पास हुए हैं। इन में 683990 छात्र और 636046 छात्राएं पास हुए हैं।

    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2019 के परीक्षाफल में कुल 80.73 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो पिछले वर्ष 68.89 प्रतिशत था। इस प्रकार, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2019 में कुल 11.84 प्रतिशत विद्यार्थी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक उत्तीर्ण हुए हैं। इस परीक्षा में सम्मिलित विद्यार्थियों में कुल 3,14,813 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए हैं। वहीं 18,789 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है, जिसकी परीक्षा मई में होंगी।

    पिछले शनिवार को बिहार बोर्ड ने इंटर रिजल्ट जारी किए थे। ऐसा पहली बार है जब अप्रैल में ही बिहार बोर्ड इंटर और मैट्रिक के नतीजे जारी हो जाएंगे। बिहार बोर्ड वार्षिक मैट्रिक परीक्षा का आयोजन 21 से 28 फरवरी, तक राज्य के कुल 1418 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इसमें 16,60,609 स्टूडेंट्स ने फार्म भरा था। इनमें 8,37,075 छात्राएं व 8,23,534 छात्र हैं।

    बोर्ड द्वारा पहली बार मार्च में रिजल्ट जारी किया जा रहा है। नतीजे जारी करने के लिए बोर्ड ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। इंटर का मूल्यांकन मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हुआ था।

  • ज़कात फाउंडेशन के 18 मुस्लिम लड़के-लड़कियां बने IAS और IPS अफसर,जुनैद को मिला तीसरा रैंक

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:UPSC संघ लोक सेवा आयोग के नतीजों की फाईनल लिस्ट आई है जिसमें कुल 1994 उम्मीदवार इंटरव्यू में शामिल हुए थे,जिनमें से 759 को कामयाबी मिली है,इस बार के नतीजों में एक बार फिर से दिल्ली में चलने वाले ज़कात फाउंडेशन का जलवा देखने को मिला है. यहां के 18 मुस्लिम लड़के-लड़कियों ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस और आईपीएस बनने का रास्ता साफ कर लिया है. वहीं ज़कात के सहयोग से यूपीएससी की तैयारी करने वाले यूपी के जुनैद अहमद ने आल इंडिया में तीसरी रैंक पाई है।

    यूपीएससी के मेन्स एग्जाम में ज़कात के 27 मुस्लिम और दो क्रिश्चियन युवाओं ने कामयाबी हासिल की थी. जिसमे से 18 लड़के और 2 लड़कियों ने ये परीक्षा पास की है. इंटरव्यू पास कर आईएएस बनने वालों में एक क्रिश्चियन युवक भी है।

    ये वो 18 लड़के-लड़कियां हैं जिन्होंने ज़कात की मदद से यूपीएससी की तैयारी की थी. गौरतलब है कि जक़ात फाउंडेशन जक़ात (दान) के पैसों से चलता है. हालांकि पिछली बार ज़कात फाउंडेशन की ओर से कामयाब होने वाले युवाओं की संख्या 26 थी. लेकिन इस बार ये संख्या घटकर 18 पर रह गई है।

    इसके पीछे की वजह बताते हुए ज़कात फाउंडेशन के अध्यक्ष डाक्टर सैय्यद जफर महमूद ने बताया, इस बार यूपीएससी ने सीटों की संख्या घटा दी थी. आपको बता दें कि डाक्टर सैय्यद जफर महमूद खुद भी सिविल सर्विस से रिटायर्ड हैं. उन्होंने कई मंत्रालयों में अपनी सेवाएं दी हैं. वहीं सच्चर कमेटी के भी वो सदस्य रहे हैं।

    खास बात ये है कि यूपीएससी की परीक्षा की तैयारियों के लिए जक़ात फाउंडेशन की मदद पाना आसान नहीं है. जक़ात की मदद पाने के लिए पहले सिविल सर्विस प्री परीक्षा स्तर की परीक्षा पास करनी होती है. उसके बाद इंटरव्यू भी पास करना होता है. इस परीक्षा का आयोजन जक़ात फाउंडेशन ही करता है।

    (इनपुट हिंदुस्तान)

  • असम के लोगो के एजुकेशन,एम्पावरमेंट,एम्पलायमेंट के लिए आगे आए सेन्टर अफ इन्फर्मेशन गाइडेंस इंडिया(CIGI)।

    असम के लोगो के एजुकेशन, एमपावारमेन्ट,एम्प्लॉयमेन्ट के उपर काम करने के लिए आगे आए चेन्टर अफ इन्फर्मेशन गाइडेंस ईन्डिया (CIGI)। गुवाहाटी के केरल केफे मे बैठक सम्पन्न।

    चाईजुर रहमान,असम: असम के लोगो की एजुकेशन, एमपावारमेन्ट, एम्प्लॉयमेन्ट के उपर काम करने के लिए आगे आए है चेन्टर अफ इन्फर्मेशन गाइडेंस ईन्डिया (CIGI) नामक एक संस्था। असम के मुसलमानो की बत्तर हालत पर चिन्ता जाहिर करते हुए CIGI ने गुवाहाटी के हातीगाॅव स्थित केरल केफे मे एक बैठक का आयोजन किया।

    असम के कई जाने-माने लोक मौजूद रहे इस बैठक मे असम के मुसलमानो की शिक्षा, चिकित्सा, कर्मसंस्थान आदि मुद्दे पर चर्चा की गई। केरल के संस्था CIGI पिछले काफी अर्से से देश के कई जगह पर एजुकेशन, एमपावारमेन्ट, एम्प्लॉयमेन्ट के उपर काम कर रही है। बैठक के दौरान CIGI ASSAM का एक तदर्थ कमेटी गठन किया गया। एप्रिल के 27 तारीख को CIGI द्वारा एक बहुत महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित करने का भी फैसला लिया गया ।

  • JMI:सरोजिनी नायडू सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज को चेयरमैन ने प्लान मोड से डिपार्टमेंट के रूप मे स्थापित करने का आश्वासन दिया

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:गत दो सप्ताह से यू. जी. सी. की नई गाइड लाइन को लेकर पूरे देश की विश्वविधालय प्रध्यापकों मे एक रोश था जिसको लेकर तरह तरह की प्रत्याशाएँ लगाई जा रही थीं की देश भर के महिला अध्धयन केन्द्र को प्लान पोजीशन से प्रोजेक्ट मोड मे डालने की योजना है। इस ख़बर ने जामिया मिलिया इस्लामिया के महिला अध्धयन केन्द्र को भी काफी चिंतित करके रख था जोकि बीस वर्ष से यू. जी. सी. के प्लान मोड पर चल रहा था। ज्ञात हो कि इस विषय पर जल्द ही जामिया टीचर्स असोसिएशन ने तुरंत संज्ञान लेकर विश्वविधालय प्रशासन के सामने टीचर्स के मुद्दे रखे और तुरंत यू.जी.सी. चेयरमैन से महिला अध्धयन केन्द्र के डेलीगेशन के साथ प्रो. अमीर आज़म, अध्धयक्ष, प्रो. माजिद जमील, सचिव, डा. इरफ़ान कुरैशी, संयक्त सचिव से इस मुद्दे पर बात की जिसपर यू. जी. सी. चेयरमैन ने डेलीगेशन को नई गाइड लाईन को ड्राफ्ट गाइडलाइन होने की बात कही साथ ही सुझाव के लिए आमंत्रित किया और साथ ही यह टीचर्स असोसिएशन को सरोजनी नायडू सेंटर के दो दशक की उपलब्धता को देखते हुए सेंटर के प्लान मोड से डिपार्टमेंट के रूप मे स्थापित करने का आश्वासन दिया और जल्द ही नोटिफिकेशन भेचने का आश्वासन दिया। ज्ञात हो कि सेंटर के स्थायित्व का मुद्दा गत दो वर्ष से यू. जी. सी. की आधिकारिक प्रकिया से चल रहा था। जिसपर आज यू. जी. सी. चेयरमैन ने औपचारिकता पूरी कर दी।

    यू. जी. सी. ने न केवल सरोजनी नायडू की स्थायित्व का आश्वासन दिया बल्कि दूसरे तीन महत्वपूर्ण सेंटर सेंटर फार सोशल एक्सक्लूज़न, कोचिंग स्कीम फार एस. सी. एस. टी. एण्ड माइनारिटी, व स्कीम फार परसन विध डिसएबिलिटी की स्थायित्व प्रदान करने का मुद्दे को भी कमीशन ने संज्ञान मे लेकर एक्शन लेने का आश्वासन दिया। इस पूरे प्रकरण मे जामिया प्रशासन की भूमिका ख़ासतौर से प्रध्यापकों के हित को ध्यान मे रखने का आश्वासन सराहनीय रहा। सरोजिनी नायडू सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज के समस्त स्टाफ ने यू.जी.सी. और जामिआ शिक्षक संघ के लिए भावपूर्ण धन्यवाद दिया.
    जामिया टीचर्स असोसिएशन

  • बिहार बोर्ड से फोन कर परीक्षार्थीयों से मांगा जा रहा है रूपया,कहा रुपया भेजो वरना फेल कर देंगे

    मिल्लत टाइम्स,बिहार: बिहार बोर्ड के खेत की ओर से कई लोगों को किया जा रहा है फोन फोन पर कहा जा रहा है कि अगर आप हमें रुपया नहीं भेजेंगे तो आप फेल हो जाएंगे अगर आप मुझे रुपया भेजेंगे तो हम आपको पास कर देंगे यह मामला कई लोगों के साथ आया है वही एक व्यक्ति ने मिल्लत टाइम्स को बताया कि हमें बिहार बोर्ड की ओर से फोन किया जा रहा है और हम से रुपया का डिमांड किया जा रहा है उन्होंने बताया कि एक कॉल आया है उन्होंने कहा कि अब आप कई सब्जेक्ट में फेल हो रहे हैं अगर आप हमें पैसा देंगे तो हम आपको पास कर देंगे,उन्होंने कहा पहले तुम मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि बिहार बोर्ड की ओर से मुझे कॉल आएगा वह भी रुपए का डिमांड करेंगे पास करने के लिए फिर जब इनको उन्होंने पूरा डिटेल्स बताया इन का रोल नंबर नाम पिता का नाम और सभी डीटेल्स दिए तब जाकर इन्हें विश्वास हुआ कि यह कोई फ्रॉड कॉल नहीं है यह सही में बिहार बोर्ड का ही कॉल है तब जाकर उन्होंने उनसे रूपए की डील करने लगे उन्होंने पूछा कि हम आपको कितना और कैसे पेमेंट करेंगे तो उन्होंने कहा कि आप मुझे तीन हजार पांच सो (3500) रूपए अकाउंट पर भेज देंगे श्री उन्होंने पूछा क्या आप कहां से टीचर हैं तो उन्होंने कहा कि हम लखीसराय से टीचर हैं पूछा किस कॉलेज से तो उन्होंने कहा कि सटन हाई स्कूल से हम टीचर हैं

    AUD-20190314-WA0004
    (फोन पर की गई बात की रिकार्डिंग)

    फिर उन्होंने पूछा कि आपका नाम क्या है हम पेमेंट करेंगे तो उस फोन पर आपका नाम भी लिखना पड़ेगा तो उन्होंने कहा कि आप मैडम के नाम पर भेजेंगे मैडम का क्या नाम है तो फिर उन्होंने कहा कि मैडम का नाम कविता मैडम है


    (उसके द्वारा दिया गया बैंक खाता विवरण)


    इस नं से किया गया था काॅल

    आपको बता दें कि यह कॉल बिहार के सीतामढ़ी जिला में नानपुर ब्लॉक के रायपुर गांव में क्या गया है मोहम्मद दानिश अंसारी ने मिल्लत टाइम्स को बताते हुए कहा कि मुझे 2 दिन से यह कॉल करके परेशान कर रहा है और रूपए की डिमांड कर रहा है मोहम्मद दानिश अंसारी की बहन ने 2019 मे मैट्रिक की परीक्षा दी थी और अब मैट्रिक परीक्षा के कॉपी की जांच चल रही है ,

  • आरक्षण:शैक्षणिक संस्थानों में 200 पॉइंट रोस्टर फिर लागू होगा,कैबिनेट से अध्यादेश को मंजूरी

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:मोदी कैबिनेट ने शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्ति में आरक्षण लागू करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद नियुक्तियों में आरक्षण के लिए दोबारा 200 पॉइंट रोस्टर लागू होगा। इसके मुताबिक, अब यूनिवर्सिटी और कॉलेज को यूनिट माना जाएगा। यूजीसी ने मार्च 2018 में 13 पॉइंट रोस्टर लागू किया था, इसमें विभाग को यूनिट माना जाता है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल 2017 में 13 रोस्टर लागू करने का फैसला दिया था
    यूजीसी ने पिछले साल मार्च में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अप्रैल 2017 के फैसले को लागू किया था। इसके मुताबिक, पदों पर आवंटन की गिनती करते वक्त एक विभाग को यूनिट के तौर पर लिया जाता है।

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने मानव संसाधन मंत्रालय की याचिका को खारिच कर दिया था, जो हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। जावड़ेकर ने 11 फरवरी को लोकसभा में कहा था कि सरकार पुनर्याचिका रद्द होने के बाद अध्यादेश ला सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि सरकार संस्थानों में रिजर्वेशन रोस्टर को फिर से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। जावड़ेकर ने कहा था कि सरकार 200 पॉइंट रोस्टर लागू करेगी, जिससे पदों पर आवंटन की गिनती करते वक्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज को यूनिट के तौर पर माना जाएगा, न कि किसी एक विभाग को।

    क्या है 13 पॉइंट रोस्टर?
    यूजीसी के आदेश के बाद से अभी तक 13 पॉइंट रोस्टर से यूनिवर्सिटी में अध्यापकों की नियुक्तियां हो रही हैं। इसके मुताबिक, यूनिवर्सिटी या कॉलेज को यूनिट नहीं माना जाएगा, बल्कि एक विभाग को यूनिट माना जाएगा। अगर किसी विभाग में चार नियुक्तियां निकलती हैं तो तीन स्थानों पर सामान्य और चौथे स्थान पर ओबीसी उम्मीदवार को मौका मिलेगा।

    अगली बार जब नियुक्तियां निकलेंगी तो इसे पांच के बाद से जोड़ा जाएगा। 7 वें स्थान पर एससी, आठवें स्थान पर ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार को मौका मिलेगा। इसे रजिस्टर में दर्ज करना होगा। यह प्रक्रिया 13 पॉइंट तक चलेगी। एसटी वर्ग के उम्मीदवार को तभी मौका मिलेगा, जब विभाग में 14 पद होंगे। वहीं, 200 पॉइंटरोस्टर में यूनिवर्सिटी और कॉलेज को यूनिट मानकर आरक्षण दिया जाता है। इसमें प्रक्रिया 200 पॉइंट तक चलती है।

  • बिहार:कल से शुरू होगी इंटर की परीक्षा,13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं होंगे शामिल

    मिल्लत टाइम्स,पटना:बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित इंटर की वार्षिक परीक्षा बुधवार से शुरू होगी। परीक्षा के लिए राज्यभर में 1339 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा में कुल 13,15,371 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे, जिसमें 7,62,153 छात्र एवं 5,53,198 छात्राएं हैं। इसमें कला संकाय में 5,63,311 , विज्ञान संकाय में 6,87,059, वाणिज्य संकाय में 64,267 विद्यार्थियों तथा वोकेशनल में 734 विद्यार्थी शामिल हैं।

    इंटर की परीक्षा के लिए पटना जिला में कुल 82 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिसमें शामिल होने के लिए कुल 71,313 छात्र हैं। इनमें 31,847 छात्राएं एवं 39,466 छात्र हैं। पटना जिला में कुल 82 परीक्षा केन्द्रों पर 41,252 विद्यार्थी विज्ञान संकाय में, 22,562 विद्यार्थी कला संकाय में, 7,363 विद्यार्थी वाणिज्य संकाय में एवं 137 विद्यार्थी वोकेशनल में शामिल होंगे।

    सभी परीक्षा केन्द्रों पर 200 मीटर की परिधि में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सभी परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दण्डाधिकारी की व्यवस्था की गई है पूरे राज्य में महिला परीक्षार्थियों के लिए कुल 573 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं।

    परीक्षा के बेहतर संचालन के लिए बिहार बोर्ड के (माध्यमिक प्रभाग) में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम ने मंगलवार से ही काम करना शुरू कर दिया। 16 फरवरी तक कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। परीक्षा संचालन के क्रम में किसी प्रकार की समस्या होने पर समिति के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या- 0612-2230009 तथा फैक्स नं॰- 0612-2222726 पर फोन कर समस्या का समाधान पाया जा सकता है। इसके अलावा वाट्सएप ग्रुप के जरिए भी अधिकारी ऑनलाइन रहेंगे और परीक्षा के संचालन का काम करेगे।

    परीक्षार्थी को दोनों पालियों में परीक्षा प्रारम्भ होने के 10 मिनट पहले तक परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश दिया जाएगा। पहली पाली में सुबह 9.30 बजे से शुरू होगी, इसके लिए 9.20 बजे तक प्रवेश दिया जाएगा जबकि दूसरी पाली 1.45 बजे से शुरू होगी इसके लिए 1.35 बजे तक प्रवेश दिया जाएगा।

    पहले दिन बायोलॉजी, फिलॉस्फी की परीक्षा
    इंटर परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में साइंस के परीक्षार्थियों के लिए बायोलॉजी विषय की परीक्षा है जबकि वोकेशनल कोर्स के छात्रों के लिए आरबी हिंदी विषय की परीक्षा है। दूसरी पाली में आर्ट्स के छात्रों के लिए फिलॉस्फी तथा कॉमर्स के छात्रों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप विषय की परीक्षा है। परीक्षा की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं

    एडमिट कार्ड में गड़बड़ी वाले भी दे सकेंगे परीक्षा
    बिहार बोर्ड ने निर्देश दिया है कि एडमिट कार्ड में गड़बड़ी वाले छात्र भी परीक्षा दे सकेंगे। खासकर लिंग में गड़बड़ी वाले परीक्षार्थियों के लिए कहा गया है कि उन्हें प्रवेश पत्र में अंकित परीक्षा केंद्र पर ही परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। केंद्राधीक्षक महिला एवं पुरुष परीक्षार्थियों को अलग-अलग बैठने की व्यवस्था करके उन्हें परीक्षा में शामिल कराएंगे। गड़बड़ी में सुधार से संबंधित निर्णय बाद में लिया जाएगा। इसके अलावा कॉपियों में नाम में प्रिटंग में गड़बड़ी, ओएमआर रोलशीट में डाटा में गड़बड़ी होने पर भी छात्र को परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। बिहार बोर्ड ने इसके लिए विस्तृत निर्देश सभी केंद्राधीक्षकों को भेजा है।

  • 13 पॉइंट रोस्टर और कई अहम मुद्दे पर मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के छात्रों ने किया जोरदार प्रोटेस्ट

    मिल्लत टाइम्स/हैदराबाद:मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में कल शाम 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम, 10 परसेंट रिज़र्वेशन, और असम बिल के खिलाफ यूनिवर्सिटी छात्रों ने जोरदार हल्ला बोला, प्रोटेस्ट मार्च निकाले और 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के कॉपी को जलाया।

    इस मार्च का आयोजन मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ के तरफ से किया गया था, छात्र संघ के उपाध्यक्ष मुस्ताफिज़ शरीक ने बताया कि इस सेकुलर मुल्क को ये तनाशाही सरकार बर्बाद करने पर तुली है, जिस तरह से शिक्षा में फण्ड कट हुआ है 13 पॉइंट रोस्टर को लाया गया है ये सरासर मोदी सरकार देश मे ब्राह्मण वाद लाना चाहती है, जिसका हम पुर जोर विरोध करते है।

    एक्टविस्ट सबनवाज अहमद ने कहा ये फ़ासिस्ट सरकार पूरी तरह से देश को बर्बाद कर दिया है, सविधान की धज्जियां उड़ाते हुए रिज़र्वेशन को खत्म कर रही है, सरकार जल्द 13 पॉइंट रोस्टर को वापिस ले और 200 पॉइंट रोस्टर को फिर से लागू करे वरना बड़ी लड़ाई लड़ी जयेगी।

    केम्पस फ्रन्ट के छात्र एक्टिविस्ट सैफुर रहमान ने मोदी सरकार को चनौती देते हुए कहा मोदी और चंद दिनों की मेहमान है उसे जल्द ही सत्ता से उखाड़ फेकेंगे और पूरी देश मे फिर से अम्न चैन बहाल होगा, साथ ही असम बिल पर कहा भारत देश समानता के साथ चलने वाला है। यहाँ धर्म के नाम पर बनायी गयी कोई पालिसी नही चल सकती इसलिए हम असम नागरिकता बिल को पूरी तरह रद्द करते है।

    अ इ सा एक्टिविस्ट सेराज ने अपने भाषण में कहा कि मौजूदा सरकार दलितों पिछड़ो और अल्पसंख्यको की विरोधी सरकार है, इसलिए छात्रों युवाओ ने फैसला किया है दिल्ली में “यंग इंडिया अधिकार मार्च” के जरिये इस सरकार को जवाब देना है और उखाड़ फेंकना है।

    अंसा पैनल से सईदा आलम इस प्रोटेस्ट को लीड कर रही थी, और कहा ये सरकार पूरे देश मे आरएसएस वाद को लागू करना चाहती है, हम इसे लागू होने नही देंगे हम सविधान को बचाने की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

    इस प्रोटेस्ट में मुख्य रूप से जाहिद इक़बाल, अलतमश खान, मसरूर अज़हर, फैज़ान, अलाम, मुतासिर, फैसल, साकिब, प्रिंस, अज़मत, दानिश, आदि मौजूद थे।

  • अब हाजिरी के समय प्रेजेंट सर की जगह जय भारत,जय हिंद बोलेंगे बच्चे,सरकार का शाही फरमान।

    सरकार ने कहा- ऐसा करने से स्कूली बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी
    राजस्थान में ऐसी शुरुआत एक शिक्षक ने की थी, इसके बाद कई स्कूलों ने इस बदलाव को अपनाया

    मिल्लत टाइम्स,गांधीनगर.गुजरात में स्कूली बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने के लिए हाजिरी की प्रक्रिया में बदलाव पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही स्कूलों में बच्चे हाजिरी लगाए जाने के समय ‘हाजिर हैं’, ‘जी सर’, ‘यस सर’ और ‘प्रेजेंट सर’ जैसे संबोधनों की जगह ‘जय भारत’ या ‘जय हिंद’ बोलते नजर आएंगे।

    सरकार का मानना है कि ऐसा करने से स्कूली बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी। अभी के संबोधनों से बच्चों पर सकारात्मक बदलाव देखने में नहीं मिलता है। शिक्षामंत्री भूपेन्द्र सिंह चूडास्मा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था बदलने पर विचार किया जा रहा है। जीसीईआरटी के निदेशक टीएस जोशी ने कहा कि कुछ स्कूलों में इस तरह के प्रयोग हो रहे हैं।

    राजस्थान के कई स्कूलों में जय हिंद बोलते हैं बच्चे : राजस्थान के झालोद में शिक्षक संदीप जोशी ने हाजिरी के वक्त संबोधन में बदलाव किया था। उन्होंने यस सर, प्रेजेंट सर की जगह बच्चों से जय हिंद, जय भारत बुलवाना शुरू किया था। संदीप की इस पहल को राजस्थान सरकार ने भी अपनाया था। राजस्थान के कई स्कूलों में अब भी ऐसा हो रहा है।