Category: शिक्षा

  • मलिक ने NEET की परीक्षा में 4999 रैंक लाकर बढ़ाया जमुई व नवादा जिले का सम्मान!

    कहा जाता है कि जब किसी लक्ष्य को पाने के लिए दिल मे लगन और जुनून हो तो सफलता परिस्थितयो की मोहताज नही होती उसे इंसान प्राप्त कर ही लेता है. इन्ही पंक्तियों को चरितार्थ किया है जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड के कैथा गांव निवासी पेशे से विदेश में कार्यरत औद्योगिक सुरक्षा पर्यवेक्षक आफताब आलम के छोटे पुत्र यासिर आफताब ने आल इंडिया में रैंक लाकर सफलता का परचम फहराया है.

    यासिर आफताब ने नीट की परीक्षा में कुल 720 अंको में 614 अंक प्राप्त किया है और आल इंडिया रैंक 4999 है.
    यासिर के बड़े भाइयो ने भी मारी थी जेईई एडवांस में बाजी
    यासिर के दो बड़े भाई शारिक अफताब और आमिर आफताब ने भी जेईई एडवांस में सफलता हासिल की थी. वे अभी NIT और जामिया दिल्ली में अध्ययन कर रहे है.

    वही यासिर ने मिल्लत टाइम्स से बातचीत करते हुए अपनी सफलता का श्रेय अपने माता मुमताज़ सुल्ताना और अपने गुरुजनों की दी है एवं प्रेरणा अपने नाना स्वर्गिय डॉ सुल्तान अहमद से प्राप्त कर सफलता हासिल की है !
    ज्ञातव्य हो की देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणाम बुधवार को घोषित किए गए।

    यासिर ने NEET की परीक्षा में कुल 720 अंकों में 614 अंक प्राप्त किया है। यासिर ने पहले ही प्रयास में नीट की परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 12वी तक कि पढ़ाई नवादा से पूरी की है जहां 12वी में उसने भी अच्छे अंक प्राप्त किया।

  • राजस्थान के दसवी बोर्ड के परिणाम मे भी मुस्लिम बेटियों ने तीर मारा।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    राजस्थान के शेखावाटी जनपद मे मुस्लिम गलर्स ऐजुकेशन का पैमाना काफी ऊंचा जाने लगने के साथ साथ बेटीया बोर्ड परीक्षा मे अच्छे परिणाम देने लगी है। सेंकड़ो बेटियों ने नब्बे प्रतिशत से अधिक व हजारों बेटियों ने पिच्यासी प्रतिशत से अधिक अंक पाकर उस भ्रम को तोड़ डाला है कि बेटीया बेटो से कम ना होकर शिक्षा मे चार कदम आगे ही रहकर परिवारजनों व वतन का सकारात्मक दिशा मे नाम रोशन कर सकता है , अगर उनको अवसर प्रदान किया जाये।

    आज राजस्थान दसवीं बोर्ड के आये परीक्षा परिणाम पर सरसरी तोर पर नजर डाले तो उनमे से चंद उदाहरण के तोर पर पाते है कि पींसागन अजमेर की शाहीन अफरोज के 98.50 प्रतिशत, सीकर शहर की असमा निर्वाण को 97.33 प्रतिशत, कुचामन सिटी की तसलीम बानो 96.33 प्रतिशत व शहर के पास के किरडोली गावं की सना खान के 95.83 प्रतिशत, बिसाऊ के इशरत खान के 95.33 प्रतिशत, सदीनसर सीकर की अबू निशा खान के 93.50 प्रतिशत, झुन्झुनू जिले की सानिया खान के 92.67 प्रतिशत, डीडवाना के छोटी बेरी गावं की सुफियान बानू के 91.33 प्रतिशत , शाहीना बाने केकड़ी 90.17 प्रतिशत अंक आये है।

    कुल मिलाकर यह है कि मुस्लिम समुदाय को अपनी बेटियो को भी अच्छी से अच्छी शेक्षणिक संस्थानो मे प्रवेश दिलाकर आला दर्जे की शिक्षा पाने के अवसर उपलब्ध कराने पर गम्भीरता पूर्वक विचार करना समय की आवश्यकता बन गया है।

  • बेटियों के लिए मिसाल बनी जामिया की छात्रा हाफ़िज़ा माहरुख फातिमा एरम,अब बनना चाहती है IAS

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:रमज़ानुल मुबारक का आख़री अशरा शुरू होते ही जगह-जगह क़ुरआने करीम के मुकम्मल होने का दौर जारी हो गया है, मस्जिदों के अलावा घरों में भी ख़त्म तरावीह का एहतेमाम किया जा रहा है।
    इसी तरह अबुल फज़ल इंक्लेव जामिया नगर में डॉक्टर अदील अहमद की 21 साला होनाहार साहबजादी हाफ़िज़ा माहरुख फातिमा एरम की इमामत में ख़वातीन की 23 रोज़ में क़ुरआने करीम मुकम्मल किया गया, क़ुरआने करीम मुकम्मल होने पर लोगों में खुशी और मुसर्रत पाई जा रही है, इस बच्ची की हौसला अफजाई और दुआओं से नवाज़ने के लिए आस-पास की 50 से ज्यादा ख़वातीन व मोअल्लीमा ने शिरकत की और बच्ची को मुबारकबाद पेश किया, रमज़ानुल मुबारक की फ़जीलत पर रौशनी डालते हुवे हाफ़िज़ा माहरुख फातिमा एरम कहती है की रमज़ानुल मुबारक अल्लाह की तरफ से एक ऐसा तोहफाह है जिसने अल्लाह पाक की खाश रहमत और बरकत नाज़िल होती है, इसी महीना में अल्लाह ताला ने कुरआन जैसी मुकद्दस किताब नाज़िल फरमाई जो तमाम आलम के लोगों के लिए हिदायत है, जितना ज़्यादा हो सके इस महीना में इबादत करनी चाहिए।

    रमज़ान का आखिरी अशरा शुरू हो चुका है मुसलमान इन अय्याम में अल्लाह की खास रहमतों और बरकतों से फ़ैज़याब हो, माहरुख फातिमा मज़ीद कहती है के हमें झूठ ज़िनाह गीबत और हर तरह की दुनियावी चींज़ों को तर्क करके अल्लह ताला के हुज़ूर में अपने तमाम गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। इस अशरा में पांच ऐसी रातें हैं जिसे शबे कदर कहा जाता है ये तमाम रातों से अफ़ज़ल है, इन पांच रात में कोई एक ऐसी रात है जो खास है, इस रात में लोगों को कसरत से अपनी गुनाहों से तौबा करनी चाहिए। वाज़ेह हो के माहरुख फातिमा का ताल्लुक बिहार के मधुबनी ज़िला के सुन्हौली गांव से है, और उसने कम उमरी में क़ुरआन जैसी बा बरकत किताब को हिफ़्ज़ करने की सआदत हासिल की है, खत्म तरावीह के बाद हाफ़िज़ा माहरुख फातिमा की आंखे नम थी, आज से तीन साल पहले उनकी वालिदा का जामिया नगर में सड़क हादसे में इंतकाल हो गया था, माहरुख फातिमा ने पटना में मौजूद अल हिरा पब्लिक स्कूल से हिफ़्ज़ मुकम्मल करने के बाद, दिल्ली के खदीजतुल कुबरा गर्ल्स पब्लिक स्कूल से 10वीं और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से 12वीं और ETE की तालीम हासिल की है और अब जामिया में B.A फाइनल इयर की स्टूडेंट है।

    माहरुख ने हमसे बात करते हुवे आगे कहा, “मैं हमेशा से कलेक्टर बनना चाहती थी। जब मैं 7वीं क्लास में थी, एक लेडी ऑफिसर मेरे स्कूल आई थी। बाद में मुझे पता चला कि वह कलेक्टर थी। मैं उनसे काफी इम्प्रेस हुई। उसी वक्त मैंने तय कर लिया था कि मैं कलेक्टर बनूंगी और आईएएस ऑफिसर बन कर समाज के दबे कुचले तबके की मदद और औरतों के एम्पावरमेंट के लिए काम करना चाहती हूं। खास कर गांव वाले इलाकों में लड़कियों की तालीम पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है। समाज के सामने मिसाल कायम करना चाहती हूं कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं।

  • भारतीय सिविल सेवा परीक्षा-2018 को टोप करने वाले कनिष्क कटारिया के बाद,मेघवाल समाज की बेटी गीता ने सीनियर कला के परीक्षा परिणाम मे इतिहास रचा।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    दलित समुदाय की योग्यता पर सवाल उठाने वालो पर करारा तमाचा जड़ते हुये श्रीगंगानगर जिले के जोरावरसिंहपुरा गावं की राजकीय स्कूल की छात्रा गीता जयपाल (मेघवाल) ने आज सीनियर कला के जारी हुये परीक्षा परिणाम मे 99.40 प्रतिशत अंक पाकर सूनहरे अक्षरो मे नाम दर्ज करवा लिया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गीता को उसकी इस कामयाबी पर फोन करके मुबारकबाद पैश की है।

    एक गरीब टेलर की बेटी गीता अपने घर से रोजाना आठ किलोमीटर दूर जोरावरसिंहपुरा गावं की सरकारी स्कूल मे पढने जाने के बाद हिन्दी, राजनीतिक विज्ञान व पंजाबी साहित्य मे सो मे सो अंक पाये है। जबकि अंग्रेजी मे 99 व इतिहास मे 98 अंक पाने के अनुसार कुल 500 मे से 497 अंक पाने पर 99.40 प्रतिशत अंक पाये है।

    कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की गीता के आज जारी हुये बारवी कला के परीक्षा परिणाम मे 99.40 अंक पाने पर दलित समुदाय की योग्यता व सरकारी स्कूल की पढाई स्तर पर ऊंगली उठाने वाले पर करारी चोट करते हुये गरीब-अमीर की खाई के शिक्षा के मध्य बनने वाले रोड़े के मिथक को भी तोड़ डाला है। गीता ने अच्छे अंक लाने मे माता-पिता के साथ अध्यापकों का सहयोग बताते हुये राजस्थान प्रशासनिक सेवा मे जाने की इच्छा जताई। इसके अतिरिक्त भारतीय सिविल सेवा परीक्षा-2018 को टोप करने वाला भी राजस्थान के दलित समुदाय का लाल कनिष्क कटारिया ही है।

  • बिहार के संदर्भ में मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी के उठते माँग पर आज दिल्ली में एक चिंतन शिविर किया गया

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:बिहार के संदर्भ में मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी के उठते माँग पर आज दिल्ली में एक चिंतन शिविर किया गया, इस चिंतन शिविर में समाजिक, राजनीतिक मुद्दों पर काम करने वाले अनुभवी साथियों द्वारा इस मिशन पर आम सहमति बनी। यूनाइटेड फ़ॉर मुस्लिम पॉलिटिकल एम्पावरमेंट के बैनर तले काम करने की आम सहमति बनी है।

    आबादी के अनुसार राजनीतिक भागीदारी पर सहमत होने वाले सभी राजनीतिक पार्टियों को इस बैनर तले लाने की कोशिस की जायेगी। एक बदलाव की आहट पर सहमति बनना बिहार में राजनीतिक विकल्प के तौर पर देखिये। विकल्प तय्यार हो रहा है, आप भी तय्यार रहिये। कौन आपका हमदर्द है, कौन आपको राजनीतिक भागीदारी देना चाहता है यह भी जल्द ही खुल कर सामने आ जायेगा।

    इस चिंतन शिविर में भाग लेने वाले भाई Nadeem Khan , H R Khan , Mozammil Hussain, Meharban Ali, Ali Mohammad Maaz, Anwar Sadat, Shams Tabrej, Torab Niazi, Rizwan Alam
    अंत मे Mustaqim Siddiqui,यूनाईटेड फ़ॉर मुस्लिम पॉलिटिकल एम्पावरमेंट ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया

  • राजस्थान के बाहरवीं कला वर्ग के परीक्षा परिणाम मे भी मुस्लिम बेटियो ने कमाल किया।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    शेक्षणिक तौर पर कमजोर माने जाने मुस्लिम समुदाय की बेटियों ने पहले सिनियर विज्ञान के आये परीक्षा परिणाम मे एवं अब आज आये बाहरवीं कला के परीक्षा परिणाम मे अच्छे अंक पाकर पूरे समुदाय को अंधेरे से उजाले की तरफ दखेलने की भूमिका मे नजर आने लगी है। बोर्ड के जारी परिणाम मे छात्राओं का परिणाम 90.81 प्रतिशत रहा है। जबकि हजारों मुस्लिम छात्राओं ने नब्बे व नब्बे से अधिक प्रतिशत अंक पाकर समुदाय का मान बढाया है।

    राजस्थान बोर्ड आफ सेकण्डरी, अजमेर द्वारा कक्षा बाहरवीं कला वर्ग के जारी आज परिणाम मे मुस्लिम बेटियों ने अभावो मे शिक्षा पाते हुये भी अच्छे अंक पाकर आने वाली अपनी पीढी को सूनहरे रास्ते को अपनाकर कामयाबी की मंजिल पाने की ओर साफ ईशारा किया है।

    पकते चावल मे से दो-चार चावल को बानगी के तौर पर निकाल कर पकने का तय करने की तरह आज के परिणाम मे उदाहरण के तौर पर कुछ बेटियो का परिणाम देखते है तो डीडवाना के धणकोली गावं की समीरा बानो के 92.60, डीडवाना के ही बेरी छोटी गावं की आरिहा खानम के 92.20 प्रतिशत, झूंझनू की नौसीन के 92.20 प्रतिशत व झूंझुनू के पीथूसर गावं की सलमा बानो के 91.20 , झूंझुनू के इटावा कला गावं की नाजिया बानो के 90.40 के अलावा छोटी छापरी, डीडवाना की मुस्कान के 88.40 व सीकर जिले के दाड़ूण्दा गावं की नाजमीन बानो के 88.20 प्रतिशत अंक आये है। इनके अतिरिक्त नब्बे व नब्बे से ऊपर प्रतिशत अंक पाने वाली मुस्लिम बेटियों की बडी तादाद के साथ साथ पिच्यासी व पिच्यासी से नब्बे प्रतिशत अंक पाने वाली हजारो बेटियों मे से अधीकांश बेटीयाँ सिविल सेवा, न्यायीक सेवा के अलावा कालेज लेक्चरर बनने की बात कहती है।

    राजस्थान मे आज भी मुस्लिम बेटियो को शिक्षा के क्षेत्र उतने अवसर देने को समुदाय तैयार नजर नही आता है, जितने अवसर बेटियो को मिलने चाहिये। फिर भी परिवार व समुदाय की तरफ से सिमित सुविधाएं मिलने के बावजूद बेटीयाँ इक्कीस रजल्ट दे रही है। राजस्थान की सिविल व न्यायीक सेवा के अलावा शैक्षणिक व चिकित्सा सेवा मे बेटियों ने काफी आगे कदम बढा लिया है। इसके अतिरिक्त असलम खान व फराह खान ने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास करके बडा नाम कमाया है। इशरत बानो ने आर्मी अधिकारी व रुखसार खान ने नेवी मे अधिकारी बनकर बहनो को नया पाठ पढाया है

    कुल मिलाकर यह है कि काफी अवरोधकों को पार करते हुये मुस्लिम समुदाय की बेटीया शैक्षणिक क्षेत्र मे बहुत अच्छा नाम कमा रही है। अगर समाजी स्तर पर महिला शिक्षा को ठीक से प्रोत्साहन व गाइडेंस मिलने लगे तो यह बेटीया आसमान से तारे तोड़कर लाने की कहावत को सभी स्तर पर सिद्ध करती नजर आये। राजस्थान के शेखावाटी जनपद मे मयारी गलर्स ऐजुकेशन मे तेजी के साथ इजाफा होने के कुछ कारणो मे अवल कारण तो यह है कि वाहिद चौहान जैसे अनेक समाजी लोग शैक्षणिक क्षेत्र मे जीवन व जीवन मे कमाया धन लगा कर जेहनी शकून पा रहे है। दूसरा कारण यह है कि देहाती परिवेष मे रहने वाले मुस्लिम समुदाय के परिवार के पड़ोसी व गावं की जाट बीरादरी की बेटियों ने जब शैक्षणिक क्षेत्र मे धूम मचाई तो उनका कुछ असर मुस्लिम परिवारों पर पड़ने से उन्होंने भी अपनी बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिये देखा देखी कदम बढाना तय किया।

  • राजस्थान की मुस्लिम बेटियो के सिनियर सेकण्डरी के परीक्षा मे चमकते परिणाम।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सीनियर विज्ञान के परीक्षा परिणाम आज जारी होने के बाद राजस्थान भर से मुस्लिम बेटियों के अच्छे नम्बरों से पास होने के मिल रहे समाचारों के बाद लगता है कि अब अगले पांच-आठ साल मे मुस्लिम गलर्स ऐजुकेशन का स्तर काफी ऊंचा व बदलाव वाला नजर आने वाला है।

    राजस्थान मे बडी तादात मे मुस्लिम बेटियों ने सीनियर विज्ञान कक्षा के परीक्षा परिणाम मे नब्बे या नब्बे से अधिक प्रतिशत अंक पाकर समाज मे जारी महिला शिक्ष के अवरोध को तोड़ कर आने वाली पीढी को आगे बढने के लिये आला दर्जे की तालीम पाने की राह दिखाई है। उदाहरण के तौर पर आज आये परिणाम मे कुछ मुस्लिम बेटियो मे डीडवाना तहसील के छोटी बेरी गावं निवासी सीमरन बानो ने 96.80 प्रतिशत, तो सुजानगढ़ की ही दूसरी सीमरन बानो ने 94.20 प्रतिशत, डीडवाना के दाऊदसर गावं की खुशबू खान के 92.80, सीकर के धोद तहसील के गूनाठू गावं की हीना बानो के 92.00 प्रतिशत,फलोदी की माफिया के 91.00 प्रतिशत, नसीराबाद की उजमा ने 90.20 प्रतिशत व सुजानगढ़ की असमा बानो ने 89.20 प्रतिशत अंक पाकर बेटियों का मान बढाया है।

    राजस्थान के सीकर जिले मे आज से पेंतीस साल पहले ऐक्सीलैंस गलर्स स्कूल कायम करके अंग्रेजी माध्यम से बेटियों को मुफ्त तालीम देने का पूख्ता इंतजाम करने वाले वाहिद चोहन ने प्रदेश मे अच्छे अंको से पास होने वाली बेटियों को मुबारकबाद देते हुयें कहा है कि उक्त तरह के रजल्ट आने से उनके कलेजे को काफी ठण्डक व मस्तिष्क को खूराक पहुंचती है। इसी तरह डा. परवीन कायमखानी का कहना है कि मुस्लिम समाज अगर अब भी शिद्दत के साथ बेटियों को अच्छी व आला दर्जे की शिक्षा दिलाने का प्रण ले तो बेटिया तालीम के क्षेत्र मे अपना एक मुकाम बनाकर मिल्लत व देश की खिदमत मे अहम किरदार अदा करने को तैयार है

    हालांकि राजस्थान की मुस्लिम बेटियों ने इससे पहले भारतीय व राजस्थान स्तर की सिविल सेवा परीक्षा, आर्मी , ऐयरफोर्स व नेवी मे डायरेक्ट अधिकारी का ओहदा भी पाया है। राजस्थान न्यायीक सेवा परीक्षा मे भी एक ठीक ठीक तादाद मे बेटीयाँ परीक्षा पास करके सेवा मे आ रही है। इसके अलावा मेडिकल, इंजीनियरिंग व टिचर्स के क्षेत्र मे अच्छी तादाद मे आना जारी है।

    कुल मिलाकर यह है कि आज सीनियर कक्षा के आये परीक्षा परीणाम मे बेटियो के अच्छे नम्बरों से पास करने पर मुस्लिम समाज को गलर्स ऐजुकेशन को आम करने मे आने वाले सभी अवरोधकों को तोड़ते हुये हर शख्स को कम से कम अपने परीवार की बेटियों के आला तालीम हासिल करने के लिये संघंर्षशील होने का तय करते हुये बेटियों को हर तरह के अवसर उपलब्ध कराने पर कार्ययोजना पर अमल करने का तय कर ही लेना ही होगा।

  • I A मेमोरियल स्टेट लाईब्रेरी एवं एजुकेशनल रिसर्च सेंटर”द्वारा गरीब छात्रों मे स्कुल बैग और पौधा बितरण।लोगो ने की सराहना।

    चाईजुर रहमान,असम:-असम के शैक्षिक क्षेत्र मे काम करते आ रहे सामाजिक संगठन “मरहूम ईद्रिश आली मेमोरियल स्टेट लाईब्रेरी एवं एजुकेशनल रिचार्च चेन्टर” असम द्वारा बारपेटा जिला के भेल्ला मे गरीब मुस्लिम परिवार के तालेबा के बीच स्कुल बेग और पेड़ का पौधा वितरण किया गया। मरहूम वाचिकुर हुसैन के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम मे संस्था के संस्थापक तथा मिल्लत टाईम्स, असम के पत्रकार चाईजुर रहमान, रिटायर्ड फौजी आनोवार हुसैन, भेल्ला बाजार जामे मस्जिद के शाही इमाम हाफिज आब्दुल कालाम समेत बहुत सारे बिशिष्ट लोग मौजूद थे।

    कुल चलिश (40) प्राथमिक विद्यालय के छोटे छोटे तालेबा को स्कुल बेग और पेड़ का पौधा प्रदान किया गया। इसको लेकर बच्चो के बीच खुशी का लहर देखने को मिला। शाही इमाम आब्दुल कालाम के कुरान शरीफ तिलावत द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम मे तालेबा के माता-पिता अलावा स्थानीय बहुत सारे लोग उपस्थित रहे। लोगो ने कार्यक्रम की पर सराहना और तारीफ जाहिर की।

  • CBSE:रिकॉर्ड 28 दिन में 12वीं का रिजल्ट,83.4% बच्चे पास,हंसिका और करिश्मा ने किया टॉप

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने गुरुवार को 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया।500 में से 499 अंक लाकर पहले स्थान पर दो लड़कियों ने जगह बनाई है। वहीं, तीन लड़कियों ने 500 में से 498 नंबर लाकर दूसरा स्थान हासिल किया है।छात्र अपना रिजल्ट सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.nic.in पर देख सकते हैं। इस साल 12वीं परीक्षा में कुल 12.87 लाख छात्र/छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 83.4% बच्चों ने परीक्षा पास की। सबसे ज्यादा त्रिवेंद्रम रीजन में 98.2% बच्चे पास हुए। सीबीएसई ने बताया कि पहली बार परीक्षा खत्म होने के 28 दिन बाद नतीजे घोषित किए गए हैं।

    12वीं के नतीजों में लगातार 5वीं बार लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी है। बोर्ड की परीक्षा में 2014 में आखिरी बार सार्थक अग्रवाल 99.6 प्रतिशत के साथ टॉपर बने थे। इसके बाद से लगातार 5वें साल लड़कियां टॉपर हैं।

    टॉप-2 पोजिशन पर 5 लड़कियां

    नाम नंबर स्कूल
    हंसिका शुक्ला 499/500 डीपीएस, मेरठ रोड गाजियाबाद
    करिश्मा अरोड़ा 499/500 एसडी पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरनगर
    गौरांगी चावला 498/50 निर्मल आश्रम स्कूल, ऋषिकेश
    ऐश्वर्या 498/500 केंद्रीय विद्यालय, रायबरेली
    भव्या 498/500 बीआरएसके इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, जींद
    आयुषी उपाध्याय 497/500 लखनऊ पब्लिक स्कूल, लखनऊ
    महक तलवार 497/500 डीपीएस, रोहिणी, नई दिल्ली
    पार्थ सैनी 497/500 सेंट ल्यूक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन
    विराज जिंदल 497/500 वसंत वैली स्कूल, नई दिल्ली
    टॉपर हंसिका का सिर्फ अंग्रेजी में एक अंक कटा

    सीबीएसई टॉपर हंसिका शुक्ला को पॉलिटिकल साइंस, हिस्ट्री, साइकोलॉजी और वोकल म्यूजिक में 100 में से 100 और इंग्लिश में 100 में से 99 नंबर मिले।उन्होंने मीडिया कोबताया कि मां चाहती थी कि मैं पॉलिटिकल साइंस की कोचिंग करूं, लेकिन मैंने घर पर रहकर पढ़ाई की। मैं आगे साइकोलॉजी में पढ़ाई करना चाहती हूं। इंडियन फॉरेन सर्विस में जाना चाहती हूं।

    लड़कों से9% ज्यादा लड़कियां पास हुईं

    लड़कियां: 88.7%

    लड़के : 79.4%

    ट्रांसजेंडर : 83.3%

    रिजल्ट की कुछखास बातें

    इस बार 4627 परीक्षा केंद्र, 12.87 लाख विद्यार्थी थे।इनमें से 94,299 छात्र-छात्राओं ने 90% अंक प्राप्त किए। देशभर में 83.4% विद्यार्थी पास हुए।पिछली बार की तुलना में 0.4% रिजल्ट सुधरा। विदेश स्थित स्कूलों के नतीजों में भी सुधार हुआ। इस बार 95.43% रिजल्ट रहा, पिछली बार 94.94% था। स्पेशल कैटेगरी में हेरिटेज स्कूल, गुड़गांव की लावण्या बालकृष्णन ने 489 नंबर के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है।

    रिजल्ट तैयार करने वाले कर्मचारी 15 दिन घर नहीं गए

    सीबीएसई चेयरमैन अनिता कारवाल ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारी पिछले 15 दिन से रिजल्ट तैयार करने में जुटे थे। इस बार रिकॉर्ड 28 दिन में रिजल्ट घोषित करने के लिए कर्मचारी घर भी नहीं गए। बोर्ड की परीक्षाएं 4 अप्रैल को खत्म हुई थीं। 2 मई को रिजल्ट घोषित कर दिया गया।

    अगली बार से 16 रीजन में होंगी परीक्षाएं

    बोर्ड के मुताबिक अगली बार से परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो जाएंगी। रिजल्ट इसी तरह मई के पहले हफ्ते में आ जाएगा, ताकि छात्रों को यूनिवर्सिटीज में प्रवेश के लिए पर्याप्त समय मिल सके। अभी 10 रीजन में परीक्षा होती थी, लेकिन अगली बार से कुल 16 रीजन में परीक्षाएं होंगी।

    मानवसंसाधन विकास मंत्रीप्रकाश जावड़ेकर ने परीक्षा में पहला स्थान पाने वाली हंसिका को बधाई दी।

    ऐसे देखें रिजल्ट

    सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.nic.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें। एक नया पेज ओपन होगा। नए पेज पर अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें। इसके बाद रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा।

    (इनपुट भास्कर)

  • तेलंगाना:माध्यमिक परीक्षा में तीन लाख छात्र फेल,18 ने आत्महत्या की;मंत्रालय ने माना मूल्यांकन में चूक हुई

    मिल्लत टाइम्स,हैदराबाद:तेलंगाना में मार्च में आयोजित हुई माध्यमिक परीक्षा में करीब तीन लाख विद्यार्थी फेल हो गए। 18 अप्रैल को घोषित हुए परिणामों के बाद से अब तक 18 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। अभिभावकों ने सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से इस मामले की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। उधर, मंत्रालय ने माना कि मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है।

    हाईकोर्ट में केस दर्ज, मानवाधिकार आयोग में शिकायत
    मार्च में आयोजित हुई इस माध्यमिक परीक्षा के परिणाम 18 अप्रैल को घोषित किए गए। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदेशभर में लोगों ने इस पर असहमति जताई। फेल होने वाले सैकड़ों विद्यार्थी ऐसे भी हैं जिन्हें कुछ विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए आवश्यक अंकों से ज्यादा अंक भी मिले हैं।

    माध्यमिक शिक्षा मंडल के अलावा सरकार के प्रति भी लोगों में खासा रोष देखने को मिल रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट में एक केस दर्ज किया गया। मानव अधिकार आयोग में शिकायत की गई।

    शुरुआत में शिक्षा मंत्रालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल और सरकार ने अभिभावकों के आरोपों को नकारने का प्रयास किया। मगर मुख्यमंत्री केसीआर के दफ्तर के सामने विरोध होने पर इस मामले पर ध्यान दिया गया।

    कुछ अंकसूचियां ऐसी हैं, जिनमें विद्यार्थी को फेल बताया गया है मगर उसे अंक पास होने की आवश्यकता से कहीं ज्यादा मिले हैं।

    मंत्रालय ने माना कि मूल्यांकन में चूक हुई है। तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसमें हैदराबाद, बिट्स और आईआईटी के सदस्य शामिल हैं। यह लोग इस मामले को देखेंगे। डाटा एंट्री और अंकसूची को फिर से मिलाया जाएगा।

    (इनपुट भास्कर)