Category: शिक्षा

  • मर्कज़ुल मआरिफ़ अपने मिशन में कामयाब-हिंदुस्तान समेत दुनिया भर में यहाँ के फोज़ला दावते दीन का कर्तव्य निभा रहे है-MMERC की सिल्वर जुबली समारोह का आज से आरंभ-मौलाना बदरुद्दीन अज़मल,कारी उस्मान मंसूरपूरी सहित कई बड़ी हस्तियां हुए शामिल

    नई दिल्ली – 4 अक्टूबर 2019 (प्रेस रिलीज़) :
    मर्कज़ुल मआरिफ़ एडुकेशन और रिसर्च सेंटर के 25 साल पूरे होने पर वहाँ के फोज़ला ने तीन दिवसीय सेमिनार का आयोजन करके सिल्वर जुबली मना रहे है। जिसका आज जमीयत के मदनी हाल में आरंभ हुआ। आरंभिक सत्र को संबोधित करते हुए MMERC के संस्थापक मौलाना बदरुद्दीन अज़मल क़ासमी ने कहा कि मर्कज़ुल मआरिफ़ एक ख़ालिस मदरसों से जुड़ा हुआ एक आंदोलन है। जिसका उद्देश्य ऐसे बासलहियत , संजीदा, मोतदिल और बाक़ीरदार अफ़राद तय्यार करना है जो अंग्रेजी भाषा में इस्लाम की सही तर्जुमानी कर सके। ब्रादराने वतन और इस्लाम से नावाकिफ ग़ैर मुस्लिम भाइयों में इस्लाम का परिचय करा सके औऱ उनके ज़हनों मे पाए जाने वाली गलतियों का संतुष्टपूर्ण उत्तर दे सके। अल्हम्दुलिल्लाह इस मिशन में सफलता मिली है और मर्कज़ुल मआरिफ़ की कोशिशों से एक बड़ी संख्या में ऐसे उलमा की टीम तैयार हो गई है जो अंग्रेजी भाषा में शोध, तहक़ीक़, दावत, तबलीग, तस्नीफ, पत्रकारिता, तर्जुमा निगारी और दूसरे मैदानों में काम कर रहे है।

    जामियाते उलेमा हिन्द के अध्यक्ष करी सय्यद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने अपने सदरती संबोधन में मौलाना अज़मल के इस अकदाम की प्रशंसा करते हुए कहा कि अंग्रेजी ज़ुबान में दरसों तदरीस भी धर्म का हिस्सा है और अंग्रेजी भाषा सिख कर लोग दावतों तबलीग का नुमाया कर्तव्य निभा रहे है। अमेरिका,यूरोप और दुनिया के दर्जनों देशों में मर्कज़ुल मआरिफ़ से शिक्षा प्राप्त करने के बाद दावते दीन और दफाये इस्लाम का अज़ीम कर्तव्य निभा रहे है। इन का प्रयास प्रशंसा के पात्र है । मुख्य अतिथि मौलाना सय्यद महमूद असद मदनी जामिते उलमा हिन्द के सचिव ने कहा कि मर्कज़ुल मआरिफ़ ने ज़माने के जरूरतों और तक़ाज़ों का खयाल रखते हुए यह कारनामा अंजाम दिया है। इसके सकारात्मक और प्रशंसनीय प्रभाव दिखा है और भविष्य में यह संस्था कौमो मिल्लत के लिए फायदेमंद साबित होगा। सिल्वर जुबली सेमिनार के कन्वेनर डॉ. उमर गौतम साहब ने खुतबाये इस्तेकबलिया पेश करते हुए MMERC के स्थापना का इतिहास और उस समय के हालात का विस्तार से विश्लेषण करते हुए बताया कि मरकज़ अपने मिशन और मकसद में मोकम्मल तौर पर कामयाब है और आए दिन यह संस्था तरक्की कर रहा है।

    सेमिनार के दौरान लिखे गए मोकालत के मजमुआ सोवेनियर हाफत रोज़ा मिल्ली बसीरत के खुसूसी शुमारह MMERC के सदस्य मौलाना मोदस्सिर अहमद क़ासमी की किताब इंकलाबी तहरीरें , मर्कज़ुल मआरिफ़ का तआरुफ़नामा का रस्म उजरा भी अमल में आया। इसके इलावा मर्कज़ुल मआरिफ़ की खिदमात और मिशन के बारे में मिल्लत टाइम्स के एडिटर शम्स तबरेज़ क़ासमी के प्रोग्राम ख़बर दर ख़बर को प्रोजेक्टर के द्वारा पेश किया गया।

    मर्कज़ुल मआरिफ़ एडुकेशन और रिसर्च सेंटर की स्थापना 1994 में हुवा था। जिसका उद्देश्य मदारिस के फोज़ला को अंग्रेजी भाषा सीखना था अब तकरीबन 20 से ज्यादा इदारे का क़याम अमल में आ चुका है। 25 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली में 3 दिवसीय सेमिनार का आयोजन हो रहा है जिसका क्लीदी उनवान ” उल्लामाये मदरसा मॉडर्ननज़ीशन और मुस्लिम नौजवान है। आरंभिक सत्र के इलावा यह सेमिनार 4 बिज़नेस सेशन एक अंग्रेजी भाषा में कुल हिन्द ताक़रीरी मुसाबका पर मुस्तमिल है। 6 अक्टूबर को मालवंकर हॉल कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इज़लासे आम होगा जिसमें मुल्क के प्रसिद्ध उलेमा दानिशवाराण और दूसरी बड़ी हस्तियों की शिरकत होगी।

    आरंभिक सत्र का एखतेताम अजीजुर्रहमान फतह पूरी के दुवा पर हुवा। उससे पहले मुफ़्ती ताहा क़ासमी के तेलवत पर समारोह का आरंभ हुआ। मौलाना सादिक क़ासमी और मुफ़्ती जसीमुद्दीन क़ासमी ने मुश्तर्का तौर पर निज़ामत का फिरिज़ा अंजाम दिया।

  • JNU चुनाव:लेफ्ट की हुई जीत,परंतु नतीजे घोषित करने पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ चुनाव के नतीजे घोषित करने पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई है. छात्र संघ चुनाव की वोटों की पूरी गिनती हो चुकी है. हालांकि, परिणाम घोषित होने के बजाय उसे अदालत में जमा किया जाएगा. जिसके बाद 17 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई के बाद रिजल्ट घोषित किया जाएगा. बता दें कि ट्रेंड्स के हिसाब से जेएनय छात्र संघ चुनाव में लेफ्ट आगे है.

    लेफ्ट फ्रंट के आइशे घोष आगे हैं. बापसा के जितेंद्र सुना दूसरे नंबर पर और एबीवीपी उम्मीदवार मनीष जांगिड़ तीसरे नंबर पर हैं. इसके बाद एनएसयूआई के प्रशांत कुमार चौथे नंबर पर और सीआरजेडी की प्रियंका भारती पांचवे नंबर पर हैं. ट्रेंड्स के मुताबिक निर्दलीय राघवेंद्र मिश्रा को सबसे कम वोट मिले हैं.

    मिली जानकारी के मुताबिक उपाध्यक्ष पद की बात करें तो अभी तक लेफ्ट फ्रंट के साकेत मून को 3028 वोट मिले हैं. इसके बाद एबीवीपी की श्रुति अग्निहोत्री को 1165 वोट हासिल हुए हैं. CRJD के ऋषि राज यादव को 216 वोट मिले हैं. इसके अलावा छात्रसंघ के महसचिव पद के लिए अभी तक लेफ्ट फ्रंट के सतीश चंद्र यादव 2228 वोट पाकर आगे हैं.

    इसके बाद एबीवीपी के सबरीश पीए को 1182, बापसा के वसीम आरएस को 1070 वोट मिले हैं. संयुक्त सचिव पद पर लेफ्ट फ्रंट के मोहम्मद दानिश 2938 वोट हासिल कर अभी तक सबसे आगे हैं. इसके बाद एबीवीपी के सुमंत्र कुमार साहू को 1310 वोट मिले हैं और वह दूसरे नंबर पर हैं.

    दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र संघ चुनाव के नतीजे जारी करने पर रोक लगा दी है. साथ ही मामले की सुनवाई 17 सितंबर तक के लिए टाल दी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगले आदेश तक जेएनयू छात्र संघ के चुनाव जारी न किए जाएं.

    JNU के छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिसमें पहली याचिका में कहा गया था कि छात्रसंघ चुनावों में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन किया गया है.(इनपुट आजतक)

  • दिल्ली के छात्र संघ चुनाव पर पूरे देश की निगाहें हैं:नदीम जावेद

    नई दिल्ली,कल 9 सितंबर को दिल्ली के रशियन कल्चर सेंटर फिरोज़ शाह रोड न‌ई दिल्ली में पूर्वाह्न 11 बजे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एन‌एसयुआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नदीम जावेद जी के आह्वान पर आयोजित होगा बड़ा कार्यक्रम, दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव को लेकर NSUI के पक्ष में छात्र-छात्रा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

    जिसमें कांग्रेस के क‌ई दिग्गज नेताओं का होगा जमावड़ा,हाल में कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के प्रभारी बनाए गए श्री नदीम जावेद ने कहा कि दिल्ली के छात्र संघ चुनाव पर पूरे देश की निगाहें हैं दिल्ली की राजनीति ही देश की राजनीति की दिशा व दशा तय करती है, उन्होंने कहा कि इस देश में 60% युवा हैं और भविष्य की राजनीति में देश के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना हम सब की ज़िम्मेदारी है, जिससे आने वाले दिनों में देश की जनता को जनकल्याणकारी नीतियों वाली एक निष्पक्ष व विकासशील सरकार मिल सके,

    वर्तमान सरकार जाति धर्म साम्प्रदाय के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास करने के साथ साथ देश संवैधानिक मुल्यों के साथ खिलवाड़ कर रही है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के तिरंगे झंडे के नीचे हम विश्वविद्यालयों सहित देश भर में लड़ाई लड़ रहे हैं दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में एन‌एसयुआई एतिहासिक जीत करने जा रही, उक्त कार्यक्रम में अतिथि के रूप में श्री शशि थरूर, श्री मुकुल वासनिक,श्री बी के हरिप्रसाद,श्री दिपेन्द्र हुड्डा, सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शिरकत करेंगे।

  • मऊ:शिक्षक दिवस पर याद किये गए सर्वपल्ली राधाकृष्णन

    मुजफ्फरुल इस्लाम,घोसी(मऊ)।भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डा०सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन पूरे क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया।
    नगर के मुहल्ला काजीपुरा स्थित मदरसा उस्मानिया में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।अध्यापकों ने गुरु शिष्य की परम्परा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बच्चों से शिक्षित बनने के साथ साथ अनुशासित बनने का आह्वान किया।
    तो वही इस्लामी साल का पहला महिना चल रहा है और इस महिने की बहुत सी फ़ज़ीलतें हैं

    यह एक अजीब इत्तेफाक है कि दसवी मोहर्रम के दिन तारीखे इस्लामी के दो अहम वाकियात पेश आए। एकझ यौमे आशूरा दूसरा शहादते इमाम हुसैन (रजि०)। तारीखी एतबार से इस दिन की बड़ी फज़ीलत और अहमियत है। इसलिए रमज़ान के रोजों के बाद मोहर्रम के दो रोजों की सबसे ज़्यादा फज़ीलत हदीसे नबवी से मंकूल है

    इस अवसर पर क़ाज़ी फैज़ुल्लाह, हाफ़िज़ मुज़फ्फरूल इस्लाम,मौलाना इरशाद नोमानी,मौलाना अज़ीमुर्रहमान क़ासमी,हाफ़िज़ मुनिरुल इस्लाम, अमेना खातून, फातिमा खातून,नाज़मा खातून, फातिमा खातून आदि मौजूद रहे।
    सिपाह इब्राहिमाबाद प्रतिनिधि के अनुसार वसुन्धरा कान्वेंट विद्यालय परिसर में शिक्षक दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अनेकानेक मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किए।जिसे देख उपस्थित शिक्षक और अभिभावक मंत्र मुग्ध हो गए कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रबंधक श्रीनिवास जायसवाल ने विद्यालय के शिक्षक व शिक्षिका ओ को उपहार देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान ए के मोहपात्रा, प्रीति मजमुदार,राधेश्याम, इरम खान,नुरफिशा खान,संजय पाठक,मु,खालिद,मु,अफजल, मु,नफीस, हरिंद्र ,समीना खान,नरगिस, आदि उपस्थित रहे।

  • राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने आठ सरकारी विश्वविद्यालयों के आज वीसी नियुक्त किये।

    जिनमें मुस्लिम समुदाय ना तीन मे ओर ना तेराह मे।
    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    राजस्थान मे कांग्रेस सरकार बनवाने के लिये मुस्लिम समुदाय द्वारा एकतरफा कांग्रेस के पक्ष मे मतदान करके भाजपा के बढते कदम को रोकते हुये दोसो विधानसभा सीटो मे से सो सीट जीतवाने के बावजूद सरकारी नियुक्तियों मे उनको ना तीन मे गीना जा रहा ओर नाही तेराह मे शामिल किया जा रहा है।

    राजस्थान सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल कल्याण सिंह ने आज आठ सरकारी वाईस चांसलर की नियुक्तियो के आदेश जारी किये।

    जारी आदेश मे वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा में रतनलाल गोदारा, आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर में अभिमन्यु कुमार रामानंद राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में डॉक्टर अनुला मौर्य को वीसी बनाया गया है। इनके अलावा राज्य की पांच कृषि विश्वविद्यालय में भी वीसी नियुक्त किये गये है। जिनमें कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर में रक्षपाल सिंह,उदयपुर में नरेंद्र सिंह राठौड़, कोटा में दिनेश चंद जोशी, जोधपुर में बागड़ा राम चौधरी और जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय में जीत सिंह संधू को वीसी नियुक्त किया।

    ज्ञात रहे इससे पहले राजस्थान की हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय का वीसी भी अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी को वीसी नियुक्त किया था। इसके अतिरिक्त अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद राजस्थान मे सोलह अतिरिक्त महाअधिवक्ता व एक महाअधिवक्ता की नियुक्ति के आदेश जारी हुये थे। जिनमे एक भी मुस्लिम ऐडवोकेट को जगह नही मिल पाई थी.

  • अल्पसंख्यक छात्रवृति को ले डीएमडब्लू ने कुलपति एवं डीईओ को पत्र भेज किया अनुरोध

    पुनः पंजीकरण की धीमी गति से अल्पसंख्यक छात्र होंगे छात्रवृति से वंचित

    परवेज़ सिवानी,छपरा: केन्द्र प्रायोजित अल्पसंख्यक छात्रवृति को लेकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग गंभीर है, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बिहार सरकार के द्वारा 27 जुलाइ के आदेश का पालन अब तक शिक्षण संस्थानों द्वारा नहीं किया जा सका है। इस आशय के संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी उपेन्द्र कुमार यादव ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर एनएसपी पोर्टल पर पुनः पंजीकरण कराने की दिशा में शिक्षण संस्थानों को दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्र प्रायोजित अल्पसंख्यक छात्रवृति योजना के तहत प्री मैट्रिक पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट कम मीन्स छात्रवृति अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाती है।

    केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ष एनएसपी पोर्टल पर पूर्व में दर्ज शिक्षण संस्थानों को पुनः पंजीकरण कराने का प्रावधान किया है तथा पूर्व में निर्गत सभी शिक्षण संस्थानों का पास वर्ड निष्क्रिय कर दिया गया है। ऐसी परिस्थिति में पुनः पंजीकरण कराए बिना आॅन लाइन स्कूू्रटनी नहीं हो पाएगा। वहीं जिला में लगभग 2000 से अधिक अधिक सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों होने के बाद भी अभी तक एक दर्जन के आस पास ही पुनः पंजीकरण हो पाया है। यदि शिक्षण संस्थानों द्वारा इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बड़े तादाद में अल्पसंख्यक छात्र केन्द्र प्रायोजित छात्रवृति योजना से वंचित होंगे।

    जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी उपेन्द्र कुमार यादव ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को शुक्रवार को अनुरोध पत्र भेज कर सभी शिक्षण संस्थानों से एनएसपी पोर्टल पर पुनः पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है। श्री यादव ने यह भी कहा कि कार्यालय द्वारा लगातार शिक्षण संस्थानों को मोबाईल द्वारा सूचित किया जा रहा है। इसके बावजूद संस्थान द्वारा दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। गत 15 जुलाई से एनएसपी पोर्टल पर आॅन लाइन आवेदन जारी है। आगामी 15 अक्टूबर तक चलेगा। अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी इसको लेकर गंभीर है।

  • शिक्षा के जरिए ही हमारे युवा विकास की ओर अग्रसर होंगे:उमैर जलाल

    *शाही पैलेस मऊआइमा एजुकेशनल सोसाइटी की मीटिंग*

    27 जुलाई शनिवार मऊआइमा प्रयागराज,
    शिक्षा अनमोल नेमत है ,इस्लाम धर्म में शिक्षा हासिल करने पर खूब उभारा गया है ,उक्त बातें मऊआइमा शाही पैलेस में मऊआइमा एजुकेशनल सोसाइटी की तरफ से अहम् मीटिंग में मौलाना वसीम मज़ाहिरी नाज़िम मदरसा अबु बकर सिद्दीक़ ने कहीँ ,उन्होंने कहा यह अत्यंत दुखद जो चीज़ हमारे इस्लाम में मना है हमारे क़स्बे के अक्सर युवा नशा में विलुप्त हैं ,उन्होंने कहा जो नशा में विलुप्त हैं ऐसे लोग खुद की ज़िन्दगी बर्बाद कर रहे हैं उनहोंने कहा हम और आपकी ज़िम्मेदारी इन युवा को समझाएं ,उन्होंने कहा तालीम की दूरी की वजा से हमारे नौजवान नशा जैसे गलत आदत की चपेट में हैं ,युवा आलिम मुफ़्ती फजलुर्रहमान इलाहाबादी ने कहा ,कामयाबी बिना क़ुरबानी के नही मिलती इसलिए तालीम के मैदान में कठिन परिश्रम करें ,उन्होंने कहा यह बात अफसोसजनक है तालीम के मैदान में मऊआइमा क़स्बा बहुत ही ज़्यादा पीछे है

    यहाँ के अधिकांश छात्रों का इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन कोटे से ही होता है ,मेरिट से एडमिशन में अक्सर छात्र नाकाम रहते हैं ,उन्होंने युवाओं से अपील किया कि अपनी ज़बान और कलाम की जरिए मज़बूत करके देश और क़ौम की सेवा करें ,मऊआइमा एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष अल्ताफ हुसैन ने कहा इस तंज़ीम का मक़सद तालीम की तरफ युवाओं को अग्रसर करना है ,उन्होंने कहा ज़्यादा से ज़्यादा युवा इस तंज़ीम से जुड़ कर फायदा उढायें , सोसाइटी के उपाध्यक्ष अम्मारा अंसारी और अम्मार आरिफ ने भी तालीम के मैदान में आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया ,

    सोसाइटी के सरपरस्त उमैर जलाल ने कहा शिक्षा के बेगैर हम विकास नहीं कर सकते ,उन्होंने युवायों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर ज़ोर दिया ,उन्होंने कहा मेरी यह कोशिश रहेगी की मऊआइमा क़स्बे के युवा तालीम के मैदान में आगे बढ़ें उसके लिए मैं हर तरह की सहायता के लिए तैयार हों ,उन्होंने युवाओं से कहा आप मेरे छोटे भाई की तरह हो विकास की ओर अग्रसर करना यह मेरी जिम्मेदारी है लेकिन शर्त यही है आप लोग तालीम के लिए क़ुरबानी दें ,मीटिंग का आगाज़ कारी मोहम्मद शादाब की तिलावत से हुवा ,बारिश के बावजूद भी भारी संख्या में युवा मीटिंग में पहुंचे ,हाफिज मोहम्मद साकिब ,कारी शादाब ,हाफिज दानिश ,सैफ अंसारी ,अर्हम आरिफ ,मोहम्मद अरशद ,मोहम्मद ज़ैद ,सलमान सिद्दीकी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे मुफ़्ती फजलुर्रहमान इलाहाबादी की दुआ पर मीटिंग समाप्त हुई ,

  • बिहार:मदरसों के 18 हजार शिक्षकों को एक अगस्त से सरकार देगी पेंशन

    मिल्लत टाइम्स,पटना:बिहार मदरसा बोर्ड के शिक्षकों व कर्मियों को सरकार ने पहली बार पेंशन देने का ऐलान किया है। 7 अगस्त को बोर्ड के सौ साल पूरे होने वाले हैं। इस मौके पर 1942 मदरसों के 18 हजार शिक्षकों व कर्मियों के लिए 1 अगस्त से पेंशन स्कीम लागू हो जाएगी। बेसिक वेतन का 10-12% पेंशन के रूप में कटेगा। जितनी राशि शिक्षकों-कर्मियों के वेतन से कटेगी, उतनी सरकार भी देगी।

    यही नहीं, 1128 मदरसों के 13536 शिक्षकों व कर्मियों को अगस्त माह में सातवां वेतनमान मिलेगा जो मार्च से ही जोड़कर मिलेगा। इससे हर शिक्षक व कर्मी को करीब 7 से 10 हजार प्रतिमाह का फायदा होगा। वहीं, 814 मदरसों के शिक्षकों व कर्मियों को मौजूदा वेतन से दोगुना मिलेगा। यह भी मार्च से जोड़कर मिलेगा। बोर्ड के चेयरमैन अब्दुल कय्यूम अंसारी ने कहा कि शिक्षकों की दोनों मांगें सरकार ने पूरी कर दी हैं।

    डेढ़ दशक से हो रही थी मदरसा शिक्षकों और कर्मचारियों को पेंशन देने की मांग
    बिहार मदरसा बोर्ड के शिक्षकों व कर्मियों को सरकार ने पेंशन के रूप में बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मदरसा की स्थापना के सौ साल तक इन शिक्षकों व कर्मियों को पेंशन नहीं मिल रहा था। रिटायर होने के बाद शिक्षकों व कर्मियों की हालत आर्थिक रूप से कमजोर रहती थी।

    डेढ़ दशक से पेंशन लागू करने की मांग चल रही थी। पेंशन स्कीम लागू करने के लिए एक अगस्त को पटना में भविष्य निधि कार्यालय में कार्यशाला होगी। जिसमें मदरसा शिक्षकों, कर्मियों, सभी डीईओ को बुलाया जाएगा। मदरसा बोर्ड के चेयरमैन अब्दुल कय्यूम अंसारी ने कहा कि इससे मदरसा शिक्षकों व कर्मियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रिटायरमेंट के बाद उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना होगा।

    814 मदरसा शिक्षकों को मिलेगी यह सौगात

  • आध्यात्मिक चुनौतियों पर मदरसा ग्रेजुएट्स की भूमिका के बारे में जामिया में परिचर्चा

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘‘ न्यू थीअलाजिकल चैलेंजेस टू कन्टेमपरेरी इस्लामिक थाट एंड रोल आॅफ मदरसा ग्रेजुएट ‘‘ पर एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें देश-विदेश के विद्वानों ने हिस्सा लिया। इस संगोष्ठी का आयोजन जामिया के इस्लामिक स्टडीज़ विभाग ने इंस्टिटूट आॅफ रिलिजन एंड सोशल थाॅट:आईआरएसटीः से मिल कर किया।

    अमेरिका की नाटेª डेम यूनिवर्सिटी के प्रो इब्राहिम मूसा ने मदरसों की सोच में आधुनिकीकरण लाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि ऐसा करके ही मदरसा छात्र आधुनिक युग से क़दम मिला कर चल सकते हैं। इसी यूनिवर्सिटी के प्रो जोश लूगो ने भी इसमें शिरकत की।

    जामिया के इस्लामिक स्टडीज़ विभाग के प्रमुख, मुहम्मद इसहाक़ ने कहा, वक़्त का तकाज़ा है कि ऐसी चर्चाएं बार बार की जाएं जिसमें, धर्म की सही समझ रखने वाले दानिशमंद, उसकी सही तस्वीर पेश कर सकें।

    इस्लामी फ़लसफ़े के विद्वान और जामिया के पूर्व प्रोफेसर, अख़्तरूल वासे ने कहा कि मौजूदा दौर में इस्लाम और मदरसों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में मदारिसों में पढ़े लोगों की ज़िम्मेदारी है कि वे ग़लतफ़हमियों को दूर करें और इस्लाम की सही तस्वीर पेश करें। मदरसों का आधुनिकीकरण ऐसा होना चाहिए कि वह सिर्फ धार्मिक तालीम के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक युग की ज़रूरतों और सोच के लिए भी जाने जाएं।

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रो नजमा अख़्तर ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इस्लाम के फलसफ़े में ठहराव नहीं है और उसमें आधुनिक वक़्त के साथ चलने की पूरी सलाहियत है। ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि इस्लाम के विद्वान, आज के आधुनिक युग और उसकी चुनौतियों को, इस्लाम की सही रोशनी में हल करें। उन्होंने ब्रिज कोर्स को और बढ़ाव दिए जाने पर ज़ोर दिया जिससे मदरसों की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वहां के छात्र, आधुनिक शिक्षा के लिए विश्वविद्यायों में आसानी से दाखिाल पा सकें। जामिया में ऐसा कोर्स पहले से ही चल रहा है।

    जामिया के नाज़िम ए दीनयात, प्रो इक़्तेदार मुहम्मद ख़ान ने कहा कि मुसलमानों को अपने माज़ी से सबक़ लेते हुए दीनी और दुनियावी, दोनों में तरक़्क़ी करनी चाहिए।

    इस्लामी विद्वान मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने कहा कि मुसलमानों को पश्चिम के नज़रिए को पढ़ना और समझना चाहिए। संगोष्ठी के संयोजक, जामिया हमदर्द के प्रो, डा वारिस मज़हरी ने मदरसा संवाद के बारे में विस्तार से बताया कि कैसे आपसी चर्चा से सही ज्ञान को पाया जा सकता है।

    इस संगोष्ठी में बड़ी तादाद में जामिया के अध्यापकों और छात्रों ने हिस्सा लिया।

  • भारत में बढ़ती बेरो़गारी दर 45 साल के ऊचे स्तर पर पहुंची:शौकत नोमान

    भारत में बेरोज़गारी एक प्रमुख सामाजिक मुद्दा रहा है, सितंबर 2018 तक भारत में 31 मिलीयन बेरोजगार है।
    बेरो़गारी दर 45 साल के ऊचे स्तर पर पहुंच गई। इसे भारत सरकर द्वारा आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया गया है। कुछ महीने पहले लिक हुए एक रिपोर्ट में बताया गया था के भारत में बेरोजगारी की स्तर 45 साल के ऊंचे स्तर पर है।

    इस रिपोर्ट को लिक होते ही मोदी सरकार ने मानने से इंकार कर दिया था, मगर वहीं मोदी सरकार को इस खारिज ना कर सका, 31/05/19 को स्वीकार करने पर मजबूर होना पड़ा।
    पूरे देश में जूलाई 2017 से लेकर जून 2018 तक 1 साल में बेरोजगारी सचमुच 6.1% के दर से बढ़ा। वहीं, केन्द्रीय सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 6 साल में ग्रामीण इलाकों के युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी बढ़ कर तीन गुना से ज्यादा हो गई।

    भारत की राजधानी दिल्ली में जितनी कोचिंग संस्थान हैं उतनी तो नौकरी भी नहीं मेरे अनुसार,
    खुद पर भरोसा रखें, इन गैर कानूनी कोचिंग संस्थान की बहकावे में ना आये, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत करे।

    एक मित्र आरती शर्मा अपने फेसबुक वाल पर लिखती है-:
    13 साल के बच्चे प्यार कर रहे है,
    65 साल के लोग शादी कर रहे हैं,
    और जिनकी उम्र ये सब करने की वो कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे हैं।

    मेरे दूसरे मित्र Arshad Anwar लिखते हैं।-:
    जरूरी नहीं है कि बर्बाद होने के लिए जुआ, शराब और इश्क़ ही किया जाएं,
    आप सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर सकते है….।

    हर शक्श दौडता है भीड़ की तरफ, फिर यही चाहता है उसे भी मिल जांए रास्ता, वो रास्ते पर होता तो है लेकिन वो रास्ता तो भ्रष्टाचारियों से बंद हुआ मालूम पड़ता है।

    (लेखक सौकत नोमान)