Category: राजस्थान

  • राजस्थान में 31 नए कोरोना पॉजिटिव केस आए सामने, मरीजों का ग्राफ पहुंचा 520

    अशफाक कायमखानी

    *जयपुर :* राजस्थान में कोरोना का आंकड़ा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया है. इनमें 31 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं. इसके साथ ही दोपहर 2 बजे तक प्रदेश में 57 नए पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. अकेले जयपुर शहर में 15 पॉजिटिव केस चिन्हित किए गए हैं. ऐसे में अब राजस्थान में 520 कोरोना पॉजिटिव मरीज हो गए हैं.

    *कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मामले में चौथे पायदान पर पहुंचा राजस्थान :*
    वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ते मामलों के चलते कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मामले में राजस्थान चौथे पायदान पर पहुंच गया है. देशभर में अब तक सर्वाधिक पॉजिटिव मरीज महाराष्ट्र में चिन्हित किए गए है. उसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु और तीसरे नंबर पर देश की राजधानी दिल्ली का नाम है. आज दोपहर 2 बजे तक राजस्थान में 520 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. ऐसे में इस आंकड़े के साथ राजस्थान का चौथा जबकि तेलंगाना का 5वां नंबर है.

    *देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 6400 से ज्यादा :*
    देश में इस समय कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 6400 से ज्यादा हो गई है. इनमें से एक्टिव पेशेंट की संख्या 5709 है और कुल 199 लोगों की मौत इस वायरस के संक्रमण से हो चुकी है. हालांकि 503 मरीज इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक मिले आंकड़ों के आधार पर ये जानकारी दी गई है. वहीं दुनियाभर में 16 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हैं. इस वायरस से अब तक 95 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी स्कूल संचालकों को विधार्थियों से तीन माह की फीस नही लेने के निर्देश दिये।

    अशफाक कायमखानी।

    जयपुर।कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के जारी रहने तक प्रदेश के सभी स्कूल संचालकों को विद्यार्थियों से तीन माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिए गये हैं। फीस के अभाव में किसी भी छात्र का नाम नहीं काटा जाए। साथ ही, 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं वाले विद्यार्थियों को छोड़कर अन्य सभी स्कूली विद्यार्थियों को अगली कक्षा में क्रमोन्नत किये जाने को भी कहा गया।

    मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉकडाउन के दौरान स्कूलों, कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र की स्थिति और आगामी सत्र की तैयारियों की समीक्षा की। निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में यथासम्भव ऑनलाइन लेक्चर तथा ई-लर्निंग की व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरन्तरता बनी रहे और वे घर पर रहकर भी समय का सदुपयोग कर सकें।

    कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से जुडे़ संस्थानों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जा सकता है। लेकिन स्कूलों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश नहीं होगा। साथ ही, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों में लॉकडाउन हटने के बाद आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्राथमिकता से करवाने का भी निर्णय लिया गया।

    वीडियो कॉन्फ्रेंस में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं के शेड्यूल के निर्धारण के लिए एक 5 सदस्यीय समिति बनाई है, जो लॉकडाउन हटने के बाद परीक्षाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र के संचालन के बारे में सुझाव देगी। समिति में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति तथा आयुक्त कॉलेज शिक्षा और शासन सचिव उच्च शिक्षा शामिल हैं।

    शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि सभी कक्षाओं की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई हैं। अब विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कन्टेन्ट तैयार करने का कार्य किया जा रहा है ताकि घर पर रहकर भी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

    तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में मिड सेमेस्टर परीक्षाएं ऑनलाइन पूरी कराई जा चुकी हैं। विद्यार्थियों को ई-कन्टेन्ट उपलब्ध करवाने के लिए एक यू-ट्यूब चैनल तैयार किया गया है, जिस पर 600 से अधिक लेक्चर अपलोड किए गए हैं। अध्यापकों को अधिक से अधिक ई-कन्टेन्ट तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

    कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, शासन सचिव उच्च शिक्षा शुचि शर्मा, शासन सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल और आयुक्त कॉलेज शिक्षा प्रदीप बोरड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • राजस्थान:पाक विस्थापित लोगो के लिये राशन सामग्री की कोई कमी नही रहेगी।

    अशोक कायमखानी।
    जयपुर।राजस्थान के किसी भी जिले में रह रहे पाक विस्थापित जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखने की बात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोहराई है।

    इस विषय में सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिन्दू सिंह सोढ़ा का पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री समय पर मिले यह सुनिश्चित किया जाए। सोढ़ा ने अपने पत्र में अवगत कराया था कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 6 हजार पाक विस्थापित परिवार रह रहे हैं, उनमें से कई जरूरतमंद परिवारों को लॉकडाउन के चलते राशन सामग्री की आवश्यकता है।

    इस सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे, जिस पर सम्बन्धित जिलों के कलेक्टर्स से रिपोर्ट मांगी गई थी। कलेक्टर्स द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जयपुर जिले के जामड़ोली, गोविन्दपुरा एवं मांग्यावास में रह रहे 500 पाक विस्थापित परिवारों से जिला प्रशासन संपर्क में है एवं इन परिवारों को राशन सामग्री वितरित की जा रही है। जोधपुर जिले में 618 पाक विस्थापित परिवारों एवं जरूरतमंदों को राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर (द्वितीय) महिपाल कुमार को सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष सोढ़ा के सम्पर्क में रहने के निर्देश सरकार द्वारा दिए गए हैं।

    बाड़मेर जिले की शिव और चौहटन पंचायत समिति में करीब 200 पाक विस्थापित परिवारों, पाली जिले में रह रहे 92 परिवारों, बीकानेर जिले की पूगल एवं बज्जू तहसील में रह रहे 93 परिवारों को उनकी मांग के अनुसार राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन जिलों के साथ ही जैसलमेर, जालौर एवं सिरोही जिलों में रह रहे पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री के साथ ही वित्तीय सहायता के लिए पात्र परिवारों को अनुग्रह राशि भी वितरित की जा रही है। साथ ही

    निर्देश दिए गये है कि ऐसे जरूरतमंद पाक विस्थापित परिवार जो किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आ रहे हैं, उन्हें राशन सामग्री के किट पहुंचाए जाएं।

  • घर लोट चुके मजदूरों व गरीबो को वापस लोटने की बजाय कुछ समय तक घर ही रहना चाहिए।

    अशफाक कायमखानी।
    जयपुर।कोराना वायरस व लोकडाऊन के चलते फ्लैट व बंगलो मे आरामदायक जीवन जीने वालो मे से अधिकांश लोगो ने उनके यहां झाड़ू-पोंचा, साफ-सफाई व कपड़े धोने वालो के अलावा किचन मे फरमाईस अनुसार खाना बनाकर देने वाले मजदूर-गरीबो को एक मिनट मे उनके हाल मे जीने के लिये छोड़ने के बाद उन मजदूरों के सामने भूख से तड़फ तड़प कर मरने या फिर जगह छोड़कर गावं जाने के अलावा जब उन्हे कोई अन्य विकल्प नजर नही आया तो उन्होंने गावं साधन व पैदल जाना ही उचित समझा। भवन निर्माण ठेकेदार व उधोग संचालक ( फेक्ट्री मालिक) कार्यरत मजदूरों को उनके हाल मे छोड़ भागे। इसी बीच एक सुखद खबर यह जरूर आ रही थी कि किसान के खेत मे जो मजदूर बंटाईदार या मजदूरी का काम करते थे। उन सबको को किसानों ने शेल्टर व हर जरुरियात की चीजे उपलब्ध करने मे कोई खसर नही छोड़ी। तभी किसान के यहां काम करने वाले मजदूरों की भगदड़ देखने को नही मिली।

    अचानक हुये लोकडाऊन के कारण मजदूर व गरीबो को अनेक तरह के जो खट्टे-मिठ्ठे अनुभव हुये है, उन अनुभवों को जीवन भर याद रखकर आगे की रणनीति जरूर बनानी चाहिए।ताकि विपत्ति मे परेशान लोग अपनी परेशानी कम करने का आईडिया जरुर समय रहते भविष्य मे काम ले सके। कोराना-19 का प्रकोप एक न एक दिन खत्म जरूर होगा। लोकडाऊन भी खत्म होगा। उसके बाल मजदूरों-गरीबो आपकी याद जरूर इनको सतायेगी। उस वक्त आप कुछ दिन ओर घर रुकने का तय करलेगे या गावं मे ही जीवनयापन का साधन तलाश लोगो तो एक यह बडा कदम साबित हो सकता है।

    लोकडाऊन के बाद बने असमंजस के माहोल मे अपने अपने स्वामियों जजमानो व सेठ साहिबानो द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिये जाने वाले मजदूरों–गरीबो धन्यवाद देना उन लोगो को जिनहोने आपके मुशीबत की घड़ी मे खाने को सामन दिया, पैदल सेंकड़ो किलोमीटर पैदल चलते समय रास्ते मे पानी पिलाया ओर जो कुछ बन पड़ा खाने को दिया। उन पुलिस वालो का भी शुक्रीया अदा करना जिन्होंने घर से पहले चिकित्सा जांच करवाने को मजबूर करके कोराना वायरस की चपेट से बचाया। साथ ही उन चिकित्सा कर्मियों को भी धन्यवाद देना जिन्होंने हर पल घर आने के सफर व घर पहुंचने के बाद भी पुरी जांच करके भला काम किया। साथ ही उन लोगो को भी जीवन मे याद रखना कि भूख से तड़फने की नोबत आने पर आपको भोजन का निवाला देने की भरसक कोशिशे की है।

  • कृषि जिंसों की खरीद चरणबद्ध तरीकें से करने के निर्देश।

    अशफाक कायमखानी।
    जयपुर।कृषि जिंसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं खुली खरीद प्रक्रिया के जरिए चरणबद्ध खरीद प्रारंभ करने के लिए प्रदेश की अनाज मंडियों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिए गये हैं। प्रदेश में चरणबद्ध रूप से 15 अप्रैल से रबी जिंसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद तथा खुली खरीद शुरू करने के भी निर्देश दिए।

    किसानों का हित सरकार की प्राथमिकता है। कोरोना महामारी के कारण यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कीमत पर खरीद केन्द्रों एवं मंडियों में भीड़ की स्थिति न हो। सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी प्रोटोकॉल की पूरी पालना कर किसानों, व्यापारियों, मजदूरों, पल्लेदारों तथा खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाए।

    मुख्यमंत्री निवास से मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किसानों के हित में यह निर्णय किया। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, खाद्य मंत्री रमेश मीणा, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, कृषि एवं पशुपालन राज्यमंत्री भजनलाल जाटव, सहकारिता राज्यमंत्री टीकाराम जूली के साथ विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस विषय पर मुख्यमंत्री ने चर्चा की।

    वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान बताया गया कि चूंकि राज्य में गेहूं एवं अन्य रबी जिंसों की कटाई अंतिम चरण में है। ऐसे में 15 अप्रैल से खरीद शुरू कर दी जाएगी। यह भी बताया गया कि विकेन्द्रीकृत खरीद को सुलभ बनाने के लिए कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषक उत्पादक कंपनियों (एफपीसी), प्रोसेसिंग इकाइयों तथा इच्छुक व्यापारियों को सीधी खरीद का लाइसेंस देने की प्रक्रिया चल रही है। इससे किसानों को उनके खेत के पास ही अपनी जिंसों को बेचने की सुविधा मिल सकेगी। यह भी बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर बनाकर छोटी एवं गौण मंडियों में सक्षम ग्राम सेवा सहकारी समितियों की भागीदारी भी खरीद में सुनिश्चित की जाए। इससे राज्य में करीब 800 स्थानों पर कृषि जिंसों की चरणबद्ध तरीके से खरीद हो सकेगी।

    चर्चा के दौरान कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि 5-5 ग्राम पंचायतों के समूह पर एक ग्राम सेवा सहकारी समिति को केन्द्र बनाकर खरीद की जा सकती है। जिससे मण्डियों में आने वाले किसानों एवं मजदूरों तथा अन्य व्यक्तियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि खरीद का लाभ किसानो को मिले इस बात का पूरा ख्याल रखा जाए। जिला कलेक्टर गंगानगर तथा जिला कलेक्टर कोटा ने भी इस दौरान सुझाव दिए।

    मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अति. मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, राजस्थान राज्य भंडारण निगम के सीएमडी पीके गोयल, प्रमुख सचिव कृषि नरेशपाल गंगवार, सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सिद्धार्थ महाजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • 90 वर्षीय महिला ने राजकीय उपस्वास्थ्य केन्द्र को बचत से दियें 16 हजार

    अशफाक कायमखानी।
    सीकर।भामाशाहों की धरती सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी के पंचायत मांडेला के गांव खूडी की एक 90 वर्षीय वृद्ध महिला ने अपनी बचत से 16 हजार रूषये राजकीय उपस्वास्थ्य केन्द्र को दियें। गांव की 90 वर्षीय महिला चन्द्री देवी थालौड पत्नी हरदेवाराम थालौड ने अपनी बचत से 16 हजार रूपये राजकीय वेलनेस सेंटर के चिकित्साधिकारी डा.कैलाश वर्मा को प्रदान कियें और कहा कि गांव के इस राजकीय हैल्थ वेलनेस सेंटर में करोना वायरस के संक्रमण काल में दवाईयों की कमी नहीं रहनी चाहिएं। महिला ने उक्त राशि सरकार से उसे मिलनें वाली वृद्धावस्था पेंशन की राशि से जमा करके दिये है।

  • राजस्थान:मुख्यमंत्री ने कोराना संक्रमण के हाट स्पाट बन रहे क्षेत्रो पर विशेष फोकस करने को कहा।

    अशफाक कायमखानी।
    जयपुर।राजस्थान में कोरोना संक्रमण के हॉट स्पॉट बन रहे क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने तथा वहां जांच व्यवस्था को और मजबूत करने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। जिस तरह प्रदेश के पहले हॉटस्पॉट बने भीलवाड़ा में स्थिति को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया गया है, उसी मॉडल पर काम करते हुए जयपुर, जोधपुर, कोटा, टोंक, चूरू, झुंझुनूं आदि स्थानों पर भी संक्रमण के प्रसार को रोका जायेगा

    जोधपुर शहर के विधायकों, संभागीय आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री गहलोत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना संक्रमण की समीक्षा की। जोधपुर में अचानक मामले बढ़ना चिंता का विषय बताया है। जोधपुर बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। इसको ध्यान में रखते हुए वहां घर-घर स्क्रीनिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाया जाने को कहा। उन्होंने कहा कि हमे हर हाल में कोरोना की कम्यूनिटी स्प्रेडिंग को रोकना है। इसके लिए सख्ती करनी पड़े तो की जाए। कर्फ्यू एवं लॉकडाउन का उल्लंघन न हो।
    जोधपुर के स्थानीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखें। जिला प्रशासन के सहयोग से ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे जरूरतमंदों तथा असहाय लोगों को राशन एवं भोजन प्राप्त करने में परेशानी न हो, साथ ही वितरण के दौरान हैल्थ प्रोटोकॉल की पूरी पालना हो। लॉकडाउन को सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बड़ी भूमिका होती है। उनसे मुख्यमंत्री ने इस दिशा में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। जिला प्रशासन को क्वारेंटाइन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। शहर के जिन इलाकों में रोगियों की संख्या बढ़ी है वहां ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग पर जोर दिया जाए। रोगियों का उपचार कर रहे चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टॉफ को किसी तरह की परेशानी न आए। उन्हें सभी प्रकार के सुरक्षा उपकरण एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना के सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है। अधिक संख्या में जांचों के लिए प्रदेश में जल्द रैपिड टेस्टिंग की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इसके लिए हमने किट्स का ऑर्डर दे दिया है।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। विधायक श्रीमती सूर्यकान्ता व्यास एवं श्रीमती मनीषा पंवार आदि से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए वस्तुस्थिति पर चर्चा की।

  • मुख्यमंत्री गहलोत की अपील के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष मे धन जमा हो रहा है।

    अशफाक कायमखानी।
    जयपुर।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अपील के बाद दानदाताओं, संगठनों तथा संस्थानों की ओर से मुख्यमंत्री सहायता कोष कोविड-19 राहत कोष के लिए लगातार सहायता राशि प्राप्त हो रही है। मंगलवार तक कोविड-19 राहत कोष में कुल 147.72 करोड़ रूपये की राशि जमा हुई। संकट की घड़ी में सरकार का सहयोग करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी का आभार व्यक्त किया हैं।

    राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश श्री इन्द्रजीत महांति ने राजस्थान उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों की ओर से मंगलवार को कोविड-19 राहत कोष के लिए कुल 14 लाख 75 हजार रूपये की सहायता राशि का चेक भेजा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की ओर से 1 करोड़ 2 लाख 22 हजार 22 रूपये का चेक मंगलवार को मुख्यमंत्री को भेंट किया गया। इस दौरान परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, परिवहन आयुक्त रवि जैन, केएस मोटर्स के किशोर सिंह गहलोत सहित अन्य लोग उपस्थित थे। राजस्थान रॉयल्स ने भी राहत कोष में 25 लाख रूपए की सहायता दी है।

    सोमेन्द्र शर्मा और अर्चना शर्मा नेे रोटरी क्लब जयपुर नॉर्थ सोशल फण्ड की ओर से 3 लाख रूपये, अग्रवाल समाज चौरासी प्रवासी ट्रस्ट, जयपुर की ओर से 1 लाख रूपये, बरकत नगर निवासी श्री चन्द्रकांत मित्तल की ओर से 51 हजार रूपये तथा स्वयं की ओर से 50 हजार रूपये सहित कुल 5 लाख 1 हजार रूपये के चेक भेंट किए। विधायक रामनारायण मीणा के साथ आई छोटी बालिका खनक ने 51 हजार रूपये का चेक कोविड राहत कोष में दिया।

    कोरोना महामारी से प्रभावित गरीब लोगों की मदद के लिए जयपुर की छात्रा नव्या भंडारी ने स्कॉलरशिप के रूप में मिली 11 हजार रूपए की राशि कोविड-19 राहत कोष में जमा कराकर मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। जरूरतमंदों की मदद करने की अपील से प्रभावित होकर तथा माता प्रीति भंडारी की प्रेरणा से, सामाजिक कार्यों में रूचि रखने वाली श्यामनगर द्वितीय निवासी विनय भंडारी की पुत्री मेधावी छात्रा नव्या ने छात्रवृत्ति की राशि राहत कोष में समर्पित की है।

    कोविड-19 राहत कोष में जयश्री पेड़ीवाल इन्टरनेशनल स्कूल की ओर से जयश्री पेड़ीवाल ने 11 लाख रूपये, श्री बब्बू सेठ मेमोरियल ट्रस्ट जयपुर की ओर से श्री जयप्रकाश ने 5 लाख रूपये, श्रम राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव ने 1 लाख रूपये और कुलदीप व्यास ने 51 हजार रूपये की सहायता राशि भेंट की है। महादेव भोमराजका ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने 1 लाख 11 हजार रूपये, कपिल ज्ञानपीठ जयपुर की ओर से 1 लाख 51 हजार रूपये, श्री गुजराती समाज जयपुर की ओर से सचिव कान्तीभाई टी. पटेल ने 51 हजार रूपये, कॉस्मो कॉलोनी विकास समिति, जयपुर के प्रतिनिधियों डी.सी. लीला, बी.के. पारीक, दौलत सिंघवी नेे 51-51 हजार रूपये की सहायता राशि भेंट की।

  • आवश्यकता अविश्कार की जननी की कहावत चरितार्थ करते दिहाड़ी मजदूर व ओटो चालक।

    अशफाक कायमखानी।सीकर।: आवश्यकता अविश्कार की जननी को जब कोई हर मुश्किल मे चरितार्थ करने की ठान ले तो वो हर कठिन समय मे भी कोई ना कोई रास्ता निकाल कर अपने जीवन मे सुनहरा रंग भर ही लेता है। अभी कोविड-19 के प्रकोप से बचने के लिये सरकार ने लोकडाऊन का आदेश जारी किया तो देशभर मे अनेक दिहाड़ी मजदूर व रोज कमाकर खाने वाले इधर से उधर व उधर से इधर पैदल व उपलब्ध साधनो से किसी भी तरह से अचानक घर पहुंचने के लिये भागते नजर आये। उसी समय कुछ मजदूर -गरीबो के सामने भोजन के लाले पड़ने पर किसी ने दान लिया तो किसी ने भोजन सामग्री भामाशाहों से लेकर गुजारा किया। लेकिन कुछ दिहाड़ी मजदूर ऐसे भी थे जो चेजा-पत्थर यानि भवन निर्माण मे मजदूरी करके जीवन यापन करते थे। अचानक लोकडाऊन से उनका वो काम बंध हुआ तो उनमे से कुछेक ने दान या फिर भामाशाहों से खाद्य सामग्री की मदद लेना गवांरा नही किया। ओर उन्होने हाथ ठेला किराये पर लेकर लोकडाऊन मे छूट वाले काम “शब्जी” मंण्डी से खरीदकर घर घर (डोर-टू-डोर) जाकर बेचने का नया काम शुरु करने पर उनके जीवन यापन के लिये प्रयाप्त खर्चा इस धंधे से निकलने लगा।

    प्रधानमंत्री के लोकडाऊन करने की घोषणा के पहले राजस्थान मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकडाऊन जारी कर दिया था। उसके कारण राजस्थान मे दिहाड़ी मजदूरों की रेलमपेल तो हुई लेकिन अन्य प्रदेशों की रेलमपेल के मुकाबले राजस्थान मे काफी कम हुई। साथ ही राजस्थान सरकार द्वारा उपजे हालात को बहुत ही सावधानी पूर्वक समय रहते सम्भाल लेने से हालात बिगड़ नही पाये है। जिसका परिणाम है कि चारो तरफ इस मामले मे राजस्थान सरकार के प्रयासों की हर तरफ तारीफ हो रही है।

    हालांकि कोराना-19 के बचाव के उपाय के लिये जारी लोकडाऊन के कारण अधिकांश लोग घरो मे रहकर की सूखी सब्जी पापड़, मंगोड़ी, दाल, आलू, सूखी हुई सांगरी, खिंपोली, खेरला, कढी व रायता का ही इस्तेमाल कर रहे है। लेकिन कुछ लोग हरी सब्जी व सब्जियों मे डलने वाले हरे समान को घर घर पहुंच कर देने वाले हाथ ठेला सब्जी विक्रेताओं से ही खरीद कर रहे है। लोकडाऊन के बाद हाथ ठेला सब्जी विक्रेताओं की तादाद अचानक बढ गई है।

    कुल मिलाकर यह है कि दिहाड़ी मजदूरों व आटो चालको मे से अधिकांश लोग लोकडाऊन मे छूट वाले सब्जी बेचने का काम शुरु कर दिया है। पहले के मुकाबले गली-मोहल्ले मे सब्जी बेचने वालो की दिनभर रेलमपेल मची रहती हैँ। जो एक अच्छा कदम ही माना जायेगा।

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कोविड-19 को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य तथा प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जयपुर के रामगंज क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम करें। इस क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति नाजुक है और वायरस के सामुदायिक प्रसार (कम्युनिटी स्प्रेडिंग) को रोकने के लिए आपात योजना (मास्टर प्लानिंग) लागू करने की आवश्यकता है। जयपुर, जोधपुर चुरू, टोंक, झुन्झुनूं आदि जिलों में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिसके लिए तुरन्त सैम्पल कलेक्शन और टेस्टिंग की गति बढ़ाने की जरूरत है।

    आज मुख्यमंत्री निवास पर नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि जयपुर में भीलवाड़ा की तर्ज पर बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों को आइसोलेट करना होगा। इसके लिए तयशुदा प्राटोकोल के अनुसार शहर में स्थित विभिन्न शिक्षा संस्थानों आदि की चिन्हित होस्टल सुविधाओं का उपयोग करें। रामगंज में घर-घर सर्वे और पीसीआर टेस्टिंग सहित जांच की सुविधाएं बढ़ाई जाएं, ताकि मौके पर ही रेन्डम टेस्ट के लिए सैम्पल लिये जा सकें।

    जयपुर के जिन क्षेत्रों में कोरोना के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं वहां लोगों की आवाजाही को तुरन्त और अधिक सख्ती से रोकने की आवश्यकता है। शहर के दूसरे हिस्सों में भी केवल अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्ति ही अपने घरे से बाहर निकलें। शहर में स्वास्थ्य कर्मियों की अपने घर से कार्यस्थल तक आवाजाही को भी नियंत्रित कर न्यूनतम करने का सुझाव दिया कि हर व्यक्ति घर से बाहर निकलने पर एहतियात के तौर पर मुंह एवं नाक को हमेशा कपड़े अथवा मास्क से ढक कर रखें।

    राजस्थान में संक्रमण फैलने की तेज गति सभी के लिए एक चुनौती है। हमें सामूहिक रूप से ऐसे प्रयास करने हैं कि लोगों के जीवन पर आसन्न खतरे को जल्द से जल्द टाला जा सके। इसके लिए आमजन को स्वास्थ्य कर्मियों एवं प्रशासन का सहयोग करना होगा। मानवता की रक्षा के लिए धर्मगुरूओं, मौलवियों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय के वरिष्ठ लोगों का कर्तव्य है कि वे लाउडस्पीकर, पर्चे, वीडियो संदेश आदि जारी कर आम लोगों को स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने और उन्हें स्वास्थ्य एवं यात्रा संबंधी सही जानकारी देने के लिए प्रेरित करें।

    आमजन को इस वायरस के संक्रमण के बारे में शिक्षित करने के दौरान हमें लोगों को यह बताना होगा कि धार्मिक अनुष्ठान, पूजा या नमाज के लिए भी इक्ठ्ठा नहीं हों और सामाजिक दूरी के अनुशासन का पालन करें। उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन में जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को यह समझाना होगा कि जीवन बचाने के लिए 15 दिन का आइसोलेशन आवश्यक है। इस संकट के समय में सभी समाज के लोग एक-दूसरे का सहयोग करें और साथ मिलकर लड़ें।

    वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जयपुर शहर के विधायकों ने कहा कि वे संक्रमण से बचाव के लिए आम लोगों को जागरूक करने और स्वास्थ्य कर्मियों को सर्वे अथवा जांच के दौरान पूरी जानकारी देने और संदिग्ध लोगों के आइसोलेशन में रहने के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बताए गए प्रोटोकोल का पूरी तरह से पालन करने की शिक्षा देने में पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि आम जनता को विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए यह समझाने की आवश्यकता है कि राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा लोगों का जीवन बचाने के लिए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें। सभी को यह बात स्पष्ट हो जानी चाहिए कि कोरोना के मरीजों, संदिग्ध व्यक्तियों और उनके परिजनों की रक्षा के लिए ही हैल्थ सर्वे के साथ-साथ लॉकडाउन, कर्फ्यू, क्वारंटाइन और आइसोलेशन जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बड़े परिवारों में बुजुर्गों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए छोटे बच्चों का मोह और लाड-प्यार थोड़े समय के लिए छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस सांस से जुड़ी तकलीफें पैदा करता है और वृद्धजनों की दूसरी बीमारियों के खतरों को कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में बुजुर्गों को परिवार के अंदर आइसोलेट करने के साथ-साथ छोटे बच्चों के साथ उनके भावनात्मक संबंधों को भी कुछ समय के लिए छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए परिवार के सदस्यों की समझ बढ़ानी होगी।

    वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, परिवहन मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास, मुख्य सचेतक श्री महेश जोशी, विधायक श्री रफीक खान एवं अमीन कागजी, मुख्य सचिव श्री डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा श्री अजिताभ शर्मा, जयपुर पुलिस आयुक्त श्री आनन्द श्रीवास्तव, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, जिला कलक्टर जयपुर श्री जोगाराम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।