Category: महाराष्ट्र

  • उर्मिला मातोंडकर का कंगना रनौत पर निशाना, बोलीं-फिल्म इंडस्ट्री नशेड़ी है तो पीएम मोदी ने मिलने के लिए क्यों बुलाया

    उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के बयानों को अशोभनीय करार देते हुए उनपर निशाना साधा.

    नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के निधन के बाद से ही समूचे बॉलीवुड गलियारे पर निशाना साधा जा रहा है. एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के बयान लगातार मीडिया की सुर्खियों में हैं. हाल ही में जया बच्चन (Jaya Bachchan) ने बॉलीवुड को निशाना बनाए जाने पर संसद में बयान दिया. उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं. जया बच्चन के इस बयान पर कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने ट्वीट कर कहा कि कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? ये मेरी अपनी थाली है जया जी आपकी नहीं. अब इस पूरे मामले पर बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने एनडीटीवी से खास बातचीत की है और अपने विचार रखे हैं.

    उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने कहा: “अगर हमारी इंडस्ट्री नशेड़ियों का अड्डा है तो इतने सालों तक कैसे देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्री रह पाई. इस इंडस्ट्री में बड़े-बड़े लोग आए और फिल्मों के जरिए देश को नई दिशा दी. राज कपूर और दिलीप कुमार जैसे कई बड़े कलाकारों ने देश के लिए शानदार फिल्में बनाईं. बॉलीवुड पूरे विश्व में सबसे बड़ी इंडस्ट्री है. तनी बड़ी नशेड़ी इंडस्ट्री इस मुकाम पर पहुंची है तो जरूर कोई बात होगी. पीएम मोदी (PM Modi) ने इसी नसेड़ी इंडस्ट्री को मिलने के लिए बुलाया था. उन्होंने कलाकारों से महात्मा गांधी के विचारों को आदगे बढ़ाने के लिए कहा था. अगर इंडस्ट्री में सब नशेड़ी हैं तो पीएम मोदी ने उनका साथ क्यों मांगा था.”

    उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के बयानों को अशोभनीय करार देते हुए उनपर निशाना साधा. उन्होंने  कहा: “मुझे लगता है कि उन्होंने कई बार गलत टिप्पणी की हैं, जो अशोभनीय है. उन्होंने मुंबई को पीओके कहा और साथ ही मुंबई पुलिस पर भी सवाल उठाया. जया बच्चन ने उनके जन्म से पहले काम किया है. उन्होंने हमेशा समाज के लिए आवाज उठाई है और सही बात की है. अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. लोग समझेंगे और सच्चाई जानेंगे.”

    उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री पर सवाल उठा है तो मैं सामने आई हूं. जिनके करोड़ों रुपये लगे होते हैं वो डर से पीछे हटे हैं इसलिए वो बात नहीं कर रहे हैं. कुछ लोगों से निजी दुश्मनी की वजह से पूरी इंडस्ट्री को बदनाम करना गलत बात है. उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि अगर कंगना के पास कोई ड्रग मामले में सबूत है तो नारकोटिक्स डिपार्मेंट को सौंपना चाहिए.

  • कंगना रनौत ने किया जया बच्चन पर पलटवार तो स्वरा भास्कर बोलीं- शर्मनाक, बड़ों की इज्जत करना…

    कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को अब स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने जवाब दिया है. स्वरा भास्कर ने कंगना रनौत के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि शर्मनाक कमेंट. बड़ों की इज्जत करना भारतीय संस्कृति का पहला सबक है और तुम तो कथित राष्ट्रवादी हो.

    नई दिल्‍ली: जया बच्चन (Jaya Bachchan) ने बीते दिन बीजेपी सांसद रवि किशन और कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को आडे़ हाथों लेते हुए कहा था कि जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं. जया बच्चन के इस बयान को लेकर कंगना रनौत ने भी उनपर पलटवार किया. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? ये मेरी अपनी थाली है जया जी आपकी नहीं. कंगना रनौत की इस बात पर अब स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने भी जवाब दिया है. स्वरा भास्कर ने कंगना रनौत के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि शर्मनाक कमेंट. बड़ों की इज्जत करना भारतीय संस्कृति का पहला सबक है और तुम तो कथित राष्ट्रवादी हो.

    कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के ट्वीट पर स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने उन्हें जवाब देते हुए लिखा, “शर्मानक कमेंट, कृप्या बस करो अब. अपने जहन की गंदगी खुद तक सीमित रखो. गाली देनी है तो मुझे दो. मैं तुम्हारी बकवासें खुशी-खुशी सुनूंगी और यह कीचड़ कुश्ती लड़ूंगी तुम्हारे साथ. बड़ों की इज्जत भारती संस्कृति का पहला सबक है- और तुम तो कथित राष्ट्रवादी हो.” स्वरा भास्कर का यह ट्वीट खूब वायरल हो रहा है, साथ ही लोग इसपर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं. बता दें कि स्वरा भास्कर ने कंगना रनौत के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए यह जवाब दिया.

    बता दें कि स्वरा भास्कर और कंगना रनौत (Kangana Ranaut) एक साथ फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ में एक साथ नजर आई थीं. वहीं, कंगना रनौत की बात करें तो उन्होने जया बच्चन (Jaya Bachchan) पर पलटवार करते हुए लिखा, “कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? एक थाली मिली थी, जिसमें दो मिनट के रोल आइटम नम्बर्ज़ और एक रोमांटिक सीन मिलता था. वो भी हेरो के साथ सोने के बाद, मैंने इस इंडस्ट्री को फेमिनिज्म सिखाया, थाली देश भक्ति नारीप्रधान फिल्मों से सजाई, यह मेरी अपनी थाली है जया जी आपकी नहीं.” बता दें कि बीते दिन जया बच्चन ने बॉलीवुड को लेकर राज्यसभा में बयान दिया था.

     

     

  • मुंबई को बदनाम करने वाली कंगना रनौत को बीजेपी का समर्थन दुर्भाग्यपूर्ण: राउत

    “रनौत को समर्थन देकर और सुशांत सिंह राजपूत मामले में अपने रुख के जरिए भाजपा राजपूत और क्षत्रिय जैसी अगड़ी जातियों के वोट हासिल कर बिहार चुनाव जीतना चाहती है.”

    मुंबई: Shivsena Leader Sanjay Raut :  शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा मुंबई की तुलना ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ (पीओके) से करने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत का समर्थन कर रही है. साथ ही, यह बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है.

    शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने साप्ताहिक स्तंभ ‘‘रोखठोक” में राउत ने यह भी दावा किया मुंबई के महत्व को कम करने का प्रयास पद्धतिबद्ध तरीके से चल रहा है और शहर को सतत बदनाम करना इसी साजिश का हिस्सा है. राउत ने कहा,‘‘यह कठिन वक्त है, जब महाराष्ट्र में सभी मराठी लोगों को एकजुट हो जाना चाहिए.”

    उन्होंने कहा कि रनौत को समर्थन देकर और सुशांत सिंह राजपूत मामले में अपने रुख के जरिए भाजपा राजपूत और क्षत्रिय जैसी अगड़ी जातियों के वोट हासिल कर बिहार चुनाव जीतना चाहती है.

    राउत ने कहा, ‘‘ जिस तरह से राज्य का अपमान किया गया, उससे महाराष्ट्र (भाजपा) का एक भी नेता दुखी नहीं हुआ.” उन्होंने कहा,‘‘ एक अभिनेत्री मुख्यमंत्री को अपमानित करती है और क्या राज्य के लोगों को प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए, यह किस तरह की एकतरफा स्वतंत्रता है?”

    उन्होंने कहा,‘‘जब शहर में उनका अवैध निर्माण जिसे वह पाकिस्तान कहती हैं, ध्वस्त किया जाता है, तो वह ध्वस्त ढांचे को राम मंदिर कहती हैं. जब अवैध निर्माण पर सर्जिकल स्ट्राइक हो रहा तो आप मर्माहत हो रहे हैं. यह किस प्रकार का खेल है?

     

  • ‘आपराधिक अवमानना केस में अपील को बड़ी बेंच देखे’, प्रशांत भूषण ने SC दाखिल की रिट याचिका

    इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है.

    Prashant Bhushan Contempt Case: प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को एक रिट याचिका दायर की गई. इस याचिका में मांग की गई है कि मूल आपराधिक अवमानना मामलों में सजा के खिलाफ अपील का अधिकार एक बड़ी और अलग पीठ द्वारा सुना जाए. यह याचिका वकील कामिनी जायसवाल के माध्यम से दायर की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है.

    याचिका में कहा गया है कि यह गलत सजा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा और वास्तव में बचाव के रूप में सत्य के प्रावधान को सक्षम करेगा.

    बता दें कि 3 अगस्त को प्रशांत भूषण के सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले पर फैसला सुनाते हुए एक रुपये का जुर्माना लगाया था. फैसले के अनुसार 15 सितंबर तक जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में 3 महीने की जेल हो सकती है और तीन साल के लिए उन्हें वकालत से निलंबित भी किया जा सकता है.

    63 वर्षीय प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने यह कहते हुए पीछे हटने या माफी मांगने से इनकार कर दिया कि यह उनकी अंतरात्मा और न्यायालय की अवमानना होगी. उनके वकील ने तर्क दिया है कि अदालत को प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) की अत्यधिक आलोचना झेलनी चाहिए क्योंकि अदालत के “कंधे इस बोझ को उठाने के लिए काफी हैं.

     

  • कंगना ने मुंबई पहुंचते ही कहा-आज मेरा घर टूटा है, कल उद्धव ठाकरे का घमंड टूटेगा

    कंगना रनौत मुंबई पहुंच चुकी हैं और मुंबई पहुंचते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘आज मेरा घर टूटा है कल तुम्हारा घमंड टूटेगा.’

    कंगना ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करके कहा है, ”उद्धव ठाकरे तुझे क्या लगता है तूने फ़िल्म माफ़िया के साथ मेरा घर तोड़ कर मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है. आज मेरा घर टूटा है कल तेरा घमंड टूटेगा. ये वक़्त का पहिया है याद रखना हमेशा एक जैसा नहीं रहता और मुझे लगता है तुमने मुझ पर बहुत बड़ा अहसान किया है, मुझे पता था कि कश्मीरी पंडितों पर क्या बीती होगी आज मैंने महसूस किया है. आज मैं इस देश को वचन देती हूं कि मैं अयोध्या पर ही नहीं कश्मीर पर भी एक फ़िल्म बनाऊंगी. और अपने देशवासियों के जगाऊंगी क्योंकि मुझे पता था कि ये हमारे साथ होगा तो लेकिन ये मेरे साथ हुआ है इसका कोई मतलब है, कोई मायने है. उद्धव ठाकरे अच्छा हुआ कि ये क्रूरता मेरे साथ हुई क्योंकि इसके कुछ मायने हैं…जय हिंद, जय महाराष्ट्र”

    कंगना गुरूवार को चंडीगढ़-मुंबई फ़्लाइट से मुंबई पहुंची हैं. जब वह एयरपोर्ट पर पहुंची तो बाहर करणी सेना कंगना के समर्थन में और शिवसेना विरोध में नारेबाज़ी कर रही थी.

    आज बॉम्बे हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेती कंगना रनौत के दफ़्तर पर मुंबई महानगरपालिका की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने बीएमसी से कंगना की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है.

    इससे पहले मुंबई महानगरपालिका की एक टीम ने अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले के कुछ हिस्सों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी थी जिन्हें वो अवैध तरीक़े से किया गया बदलाव बता रहे थे.

    कंगना के वकील रिज़वान सिद्दिक़ी ने कहा कि बीएमसी ने जो नोटिस दी थी उसका जवाब पहले ही दे दिया गया था.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा,”बीएमसी ने जो ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस दिया था वो बे​बुनियाद है और अवैध है, स्टॉप वर्क उनको देना पड़ता है जिनके घर में काम चालू हो. वो अवैध तरीके से घर में घुसे, आस पड़ोस में सबको धमकी देकर घुस गए. नोटिस का जवाब मैंने कल ही दे दिया था.”

  • अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र विधानसभा करेगी कार्रवाई

     

    रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दाख़िल किया गया है.

    शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ ये प्रस्ताव रखा. ये प्रस्ताव रखने के बाद विधानसभा में हंगामा हुआ और आधे घंटे के लिए काम रोक दिया गया. विधानसभा ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. ऐसे में अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सदन जल्द ही कार्रवाई शुरू कर सकता है.

    अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सख्त से सख़्त कार्रवाई की मांग परिवहन मंत्री अनिल परब ने की है.

    अनिल परब ने कहा, “अगर कोई पत्रकार के ख़िलाफ़ कुछ बात करे या फिर उन्हें हाथ लगाए तो इस विधानसभा में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक्ट बनाया गया था. पर कोई पत्रकार ही किसी जन प्रतिनिधि के बारे में कुछ कहे तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं.”

    प्रताप सरनाइक ने कहा, “मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार के ख़िलाफ़ अर्नब गोस्वामी ने जिस भाषा का प्रयोग किया है, उसकी मैं निंदा करता हूं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार, दोनों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास हुआ है. अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई हो.”

    अनिल परब ने अर्नब गोस्वामी के बारे में कहा, “अर्नब को लगता है कि वो खुद ही जज हैं. उद्धव ठाकरे और शरद पवार के ख़िलाफ़ उन्होंने तू-तड़ाक वाली शैली में बात की है. इस सदन को जिस तरह से पत्रकारों की सुरक्षा का क़ानून पास करने का अधिकार है उसी तरह से किसी पत्रकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का भी अधिकार है.”

    अनिल परब कहते हैं, “अगर किसी ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ गैर-ज़िम्मेदार भाषा का इस्तेमाल किया तो उस पर कार्रवाई होती है तो फिर मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ गैर-ज़िम्मेदारी भरे बयान पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? प्रधानमंत्री को कोई कुछ बोले तो आपको गुस्सा आता है पर अगर कोई मुख्यमंत्री को बोले तो आपको गुस्सा नहीं आता है क्या? सुपारी लेने वाले पत्रकारों पर कार्रवाई करनी चाहिए.”

    अन्वय नाइक की आत्महत्या का मामला
    महाराष्ट्र विधानसभा में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अन्वय नाइक मामले में अर्नब गोस्वामी की जांच होगी. अन्वय नाइक एक मराठी इंटीरियर डिज़ानइर थे, जिन्होंने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी.

    आत्महत्या करने से पहले लिखे अपने ख़त में उन्होंने आरोप लगाया था कि अर्नब गोस्वामी ने रिपब्लिक नेटवर्क के स्टूडियो का इंटीरियर डिज़ाइन कराने के बाद भुगतान नहीं किया था.

    अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा, “अन्वय नाइक की पत्नी और बेटी ने मेरे पास आकर अर्नब गोस्वामी की शिकायत की है, इसलिए महाराष्ट्र पुलिस अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ जांच करेगी. अन्वय नाइक की पत्नी अक्षता नाइक और बेटी प्रज्ञा नाइक के शिकायतों के आधार पर ही जांच होगी.”

     

  • शिवसेना सांसद संजय राउत बोले – पहले भी मुकर चुकी है BJP

    महाराष्ट्र में भाजपा पर दबाव बनाते हुए शिवसेना ने 50-50 के फॉर्मूले की मांग कर रही है. भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया है, लेकिन अभी तक सरकार बनाने को लेकर कोई बात नहीं हुई है. सोमवार को शिवसेना और भाजपा दोनों पार्टियों को प्रतिनिधिमंडलों ने राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात की है. एनडीटीवी से बात करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ‘वे(भाजपा) अपने वादे से नहीं मुकर सकते.’ बता दें, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सोमवार सुबह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. यह मुलाकात राज्य में गठबंधन सहयोगियों भाजपा-शिवसेना के बीच सत्ता को लेकर जारी झगड़े के बीच हुई है. राज भवन के एक अधिकारी ने बताया कि यह ‘औपचारिक मुलाकात थी.’  वहीं, दूसरी ओर शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्यपाल से मुलाकात की है.

    महाराष्ट्र में 50-50 के फॉर्मूले पर कहा, ‘यह उनका(भाजपा) हमारे साथ समझौता है. इसको समझाना चाहिए. उन्होंने मीडिया के सामने यह बात कही थी. वे अपनी बात से नहीं मुकर सकती.’