Category: बिहार

  • कोरोना योद्धा डॉ जेपी को नम आँखों से से दी गयी विदाई

    मौके पर विधायक और जिला प्रशासन के लोग भी पहुंचकर अर्पित किया श्रद्धासुमन

    शहनवाज हुसैन,त्रिवेणीगंज,सुपौल. दिल्ली में तैनात कोरोना योद्धा डॉ जेपी का शव बुधवार को उनके पैतृक गांव त्रिवेणीगंज के भूरा पहुंचा तो पूरा क्षेत्र गमगीन था.श्रधांजली देने लॉक डाउन के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे .ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार सिंह भी उपस्थित थे. कोरोना योद्धा डॉ जेपी दिल्ली नगर निगम के पोलिक्निक में सीएमओ प्रभारी थे जिनका निधन पिछले दिनों दिल्ली में सड़क दुर्घटना में उस वक्त हो गया था जब वो क्लिनिक में स्वास्थ्यकर्मियों के बीच पीपीई किट देने गये थे और वापस आने वक्त इनके साइकिल में एक कार ने ठोकर मार दिया था.डॉ जेपी साइकिल से इसलिए क्लिनिक गये थे चूँकि इनकी कार खराब हो गयी थी और क्लिनिक जाकर पीपीई किट कर्मियों के बीच देना अत्यंत जरुरी था इसलिए डॉ ने पुत्र की साइकिल से ही निकल लिया था .

    अंतिम संस्कार के दौरान सोशल डिस्टसिंग का ख्याल रखते हुए अंत्येष्टि कार्य संपन्न किया गया। डॉक्टर जेपी को मुखाग्नि उनके 13 वर्षीय पुत्र ने दिया। मौत की खबर मिलने पर स्थानीय विधायक वीणा भारती भी कोरोना योद्धा डॉ जेपी के परिजनों से मिल ढाढ़स बँधाया और नमन कर अपना श्रधा सुमन अर्पित किया ।अपने कार्य के प्रति समर्पित रहने वाले डॉ के इस दर्दनाक मौत से बिहार सहित पूरा देश आज गमगीन है.परिवार में पत्नी और एक पुत्र तथा एक पुत्री को अपने पीछे डॉ जेपे छोड़ गये है.

    पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई कर देश की सेवा में तैनात डॉ जेपी को उनके कार के ख़राब हो जाने के बाद परिवार के लोगों ने अस्पताल जाने से रोका था और विनती किया था कि कार के ठीक हो जाने के बाद अस्पताल जाएँ .लेकिन डॉ जेपी ने ये कहकर साइकिल से अस्पताल निकल लिया था कि पूरा देश कोरोना से तबाह है ऐसे में कर्मियों के बीच पीपीई किट बांटना बेहद ही जरुरी है.आज पूरा देश डॉ जेपी को कोरोना योद्धा कहकर सलाम कर रहे है.

    शव के गाँव पहुँचते ही न केवल परिवार के सदस्य बल्कि पूरा गाँव लोगों के चित्कार से गूंज रहा था और नम आँखों से सभी सलाम कर अंतिम विदाई दे रहे थे.मौके पर मौजूद विधायक वीणा भारती ने कहा ऐसे कर्तव्यनिष्ठ इंसान को देश नही सम्पूर्ण राष्ट्र सलाम कर रहा है ,आज देश को अपूर्णीय क्षति हुआ है .असल में चिकित्सक ही असली भगवान है. एसडीओ विनय कुमार ने कहा सलाम है ऐसे डॉ को जिसने लोगों के लिए अपनी जान की बजा लगा दी .

    डॉ जेपी को पुरे देश सहित अन्य देशों के लोगों ने भी अपने तरीके से याद किया और सलाम किया है.क्या आम क्या ख़ास ख़ास सभी ने तरीके से डॉ जेपी को सलाम किया अहै और अपना श्रधासुमन अर्पित किया है भारत के मशहूर पत्रकार रविश कुमार ने अपने फेसबुक टाइमलाइन पर कुछ यूँ लिख कर श्रधांजली दिया है …

    कोरोना के योद्धा डॉ जे पी यादव आपको मेरा सलाम

    डॉ जे पी यादव। सोमवार को आपकी गाड़ी ख़राब हो गई। परिवार के लोगों ने कहा कि गाड़ी ठीक होने पर ही अस्पताल जाएं। लेकिन आपने कहा कि जाने में देरी होगी क्योंकि स्वास्थ्यकर्मियों को पी पी ई किट देने हैं। उनकी ज़िंदगी ज़रूरी है। यह कह कर आप बेटे की साइकिल लेकर पोलिक्लिनिक चले गए। शाम को जब घर लौट रहे थे तब पीछे से एक तेज़ी आती कार ने टक्कर मार दी। आपको नहीं बचाया जा सका। आप दक्षिण दिल्ली नगर निगम के पोलिक्निक में सीएमओ प्रभारी थे। हमें आप पर गर्व है। आपने पुणे से एम बी बी एस की पढ़ाई की थी। आप एक ज़िम्मेदार डाक्टर थे तभी तो कार ख़राब होने पर साइकिल से निकल गए। हमारी कोई भी संवेदना आपके परिवार के ग़म को हल्का नहीं कर पाएगी। फिर भी आपकी ख़बर सुनकर मन ख़राब हो गया। काश वो कार न आती और आप साइकिल से घर पहुंच जाते। काश। आप बिहार के सुपौल ज़िले के रहने वाले हैं। ऐसे वक्त में आप मानवता के सिपाही थे। उम्मीद है बिहार सरकार राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार करेगी।

  • बिहार सरकार का दो तरह का राशनकार्ड फार्म कोई संयंत्र तो नहीं?पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने की जनता से फार्म भरने में सावधानी बरतें की अपील।

    प्रेस विज्ञप्ति पटना
    १६ अप्रैल २०२०:बिहार सरकार ने लाकडाउन में भुखमरी जैसे हालात से निपटने के लिए गरीबों के लिए राशन अभियान प्रारंभ किया है और जिन योग्य परिवारों के पास अब तक राशनकार्ड नहीं बन सका उनके लिए भी फार्म निकाला है ताकि उन् लोगों की भी सहायता को सुनिश्चित किया जासके ये बेशक सराहनीय कार्य है। इन बातों का इजहार पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव मोहम्मद सनाउल्लाह ने किया लेकिन साथ ही साथ उन्होंने सरकार की तरफ से दो तरह के फार्म जारी करने पर चिंता व्यक्त किया उन्होंने कहा कि गांव गांव में प्रवासी परिवार से संबंधित फार्म पहुंच गया है जिससे जनता में चिंता का विषय बना हुआ है वहीं कुछ लोगों की गलती से इस फार्म के भर देने की भी खबर आ रही है लोगों का एक वर्ग इसे कीसी संयंत्र का हिस्सा मान रहा है परन्तु बिहार सरकार को अविलंब इस अनावश्यक और संदिग्ध फार्म को वापस लेना चाहिए और सिर्फ एक फार्म इन परिवारों के लिए जारी करना चाहिए जिनका अब तक राशनकार्ड नहीं बन सका है।

    सनाउल्लाह ने लोगों से भी निवेदन किया है कि पुरी सावधानी के साथ फार्म भरें क्यूंकि वर्तमान धोखेबाज सरकार की तरफ कुछ भी संयंत्र संभव है साथ ही अपने जानने वालों में अधिक से अधिक इसके बारे में जागरूकता पैदा करने की कोशिश करें।

  • सीतामढ़ी:कोरोना वायरस को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तमाम तैयारियों की समीक्षा बैठक का आयोजन

    (मेराज़ आलम ब्यूरो) बिहार सीतामढ़ी। डीएम ने समाहरणालय में वरीय पदाधिकारियो के साथ बैठक कर अब तक कोरोना महामारी के लिए उठाए गए कदमो, लॉक डाउन , सीमावर्ती प्रखंडो की स्थिति,आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, राशन वितरण सहित चमकी बुखार,पेयजल आदि को लेकर अब तक कि गई तैयारियों का विस्तृत समीक्षा किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग एवम प्रयास से अभी तक जिले में एक भी कोरोना का पॉजिटिव केस प्राप्त नही हुआ है। अभी तक 68 संदिग्ध लोगों का सैंपल जाँच के लिए भेजा गया जिसमे 59 का रिपोर्ट आ गया है जो सभी निगेटिव है।

    उन्होंने कहा कि अभी का समय जिले में ज्यादा ही सजगता एवम संयम का समय है ताकि आने वाले समय मे भी जिला को कोरोना मुक्त जिला बनाकर रखा जा सके।डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर हाल में लॉक डाउन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करवाये।दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो,इसे भी हर हाल में सुनिश्चित करे। डीएम ने एईएस(चमकी बुखार) को लेकर भी उपस्थित सिविल सर्जन एवम डीएमओ को निर्देश दिया कि प्रतिदिन किये जा रहे कार्यो से संबंधित प्रतिवेदन भेजे। सिविलसर्जन ने उन्हें अब तक कि तैयारियों पर विस्तार से जानकारी भी दी। डीएम ने कहा कि गर्मी की शुरुआत हो चुकी है,इसलिये पेयजल आपूर्ति संबंधित योजनाओ को सुचारू रूप से कार्यरत रखना है,परंतु कार्य करते समय कोरोना से संबंधित दिशा निर्देशों का पालन हो,इसे भी हर हाल में सुनिश्चित करना है। उक्त बैठक एसपी अनिल कुमार,डीडीसी प्रभात कुमार,एडीएम मुकेश कुमार,एसडीओ सदर कुमार गौरव,एसडीओ पुपरी धनंजय कुमार,सिविलसर्जन सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे

  • ’’भूख से नहीं मरने देंगे’’मुहिम के तहत सैकड़ों लोगों में राहत सामाग्री वितरणःबेदारी कारवां

    दुबारा लाॅकडाउन बढ़ने से सामाजिक संगठनों की बढ़ी जिम्मेदारियांः नजरे आलम

    प्रेस रिलीज़, दरभंगा- कोरोना वायरस जैसी महामारी को हराने के लिए आज पूरा देश एकजुट होकर लड़़ रहा है। इस महामारी से निपटने के लिए गरीब मजदूर विशेष रूप से रोजाना कमाने खाने वालों को कठिनाइयों का सामना भी बड़े पैमाने पर करना पड़़ रहा है। ऐसी महामारी में जो लोग परेशान हैं हमारी आपकी जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों की मदद करें। हमारे एक सहयोगी कर्मठ समाजसेवी के सहयोग से आज ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां और बिहार बोल रहा है के कार्यकर्ताओं के हाथों सैकड़ों गरीब बेसहारा लोगों के बीच राहत सामग्री वितरण किया गया और यह कार्य लगातार जारी है और रहेगा। उक्त जानकारी देते हुए आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष श्री नजरे आलम ने बताया कि 21 दिनों के लाॅकडाउन के बाद फिर से दुबारा 19 दिनों का लाॅकडाउन बढा दिया गया है जिससे सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। अधिक संख्या में सामाजिक संगठने और सामाजिक कार्यकर्ता राहत कार्य में लगातार लगे हैं हम उनके जज्बे को सलाम करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह सिलसिला आगे और मजबूती के साथ जारी रखेंगे क्योंकि सरकारें सिर्फ एलान तक सिमित हैं। गरीबों तक राशन उपलब्ध कराने में सरकारें नाकाम साबित हो रही हैं। करोडों की संख्या में गरीब बेसहारा विशेषरूप से रोजाना कमाने खाने वाले लोगों को इस लाॅकडाउन से काफी परेशानियों हो रही हैं।

    लोग भूख से मर रहे हैं। लाखों की संख्या में गरीब मजदूर भटक रहे हैं इसलिए हम चाहते हैं कि इस परेशानी की घडी में जो लोग भी हर स्तर पर मजबूत हैं और अल्लाह ने उन्हें हर प्रकार की सहुलियात से नवाजा है ऐसे लोग आगे आएं और गरीब बेसहारा लोगों की मदद करें। बेदारी कारवां भी आप से इस मुहिम से जुडने की अपील करता है। नजरे आलम ने अपने सभी जिम्मेदारों शकील अहमद सलफी, ई0 फखरूद्दीन कमर, जीशान अख्तर, अहमद बशर, दानियाल अकरम, अमानुल्लाह अमन, शाहनवाज आकिल, राजा खान, बदरूलहोदा खान, मोतिउर रहमान, हीरा नेजामी, फरहान शैख, अब्दुल मलिक, आदिल हुमायु शैख, शमसे आलम पप्पु, नाजिया हसन, सबा प्रवीण, जीशान इलाही, समस्तीपुर जिला अध्यक्ष असरार दानिश, शहादत हुसैन, मो0 नौशाद, मो0 महफुज, शाहिद अतहर, कारी मो0 सईद जफर आदि का शुक्रया अदा करते हुए कहा कि सभी जिम्मेदारान मुबारकबाद के मुस्तहिक हैं लगातार राहत कार्य में लगे हैं और हम उम्मीद करते है कि कोरोना को हराने तक इस मुहिम को सभी लोग मिलकर जारी रखेंगे।

  • मीडियाकर्मियों की आवाजाही पर कोई बैन नहीं-डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय

    बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मंगलवार को स्पष्ट कहा कि लॉकडाउन की अवधि में मीडियार्किमयों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वे अपना प्रेस कार्ड दिखाकर अपने वाहन के साथ काम पर निकल सकेंगे। लॉकडाउन को ले पूर्व में जो गाइडलाइन आई थी, उसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन में कोई व्‍यक्ति अपना लाइसेंसी हथियार लेकर चला तो उसका लाइसेंस कैंसिल हो जाएगा।

    मंगलवार को दिन में पटना सहित कई जिलों से यह खबर आयी कि लॉकडाउन में सड़़क पर वाहनों के परिचालन पर लगी रोक का अनुपालन करा रहे पुलिसकर्मी मीडिया के लोगों को भी रोक रहे हैं। कई जगह लोग मीडियार्किमयों से उलझ भी गए। मीडियार्किमयों द्वारा अपने संस्थान का प्रेस कार्ड दिखाने पर भी उन्हें रोकते हुए यह कहा जा रहा कि वे जिला प्रशासन से अपने लिए पास निर्गत कराएं। प्रेस कार्ड नहीं चलेगा।

    डीजीपी पांडेय ने कहा कि मीडियार्किमयों को नहीं रोकने के संबंध में उन्होंने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं। लॉकडाउन के तहत जो प्रावधान पूर्व में तय किए गए हैं, उसमें मीडिया को इससे अलग रखा गया है। हॉकर भी सुबह अखबार का वितरण कर सकेंगे। उन पर किसी तरह की रोक नहीं रहेगी।

  • सीतामढ़ी पाँच और लोगो की रिपोर्ट आई नेगेटिव,अब तक भेजे गए कुल 59जाँच में 56 नेगेटिव पाए गए:डीएम

    एक दो दिन में 3 लोगो की रिपोर्ट आएगी।
    डीएम ने जिले वासियों से अपील किया है कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र से आये है तो अपनी यात्रा संबंधी जानकारी नहीं छुपाएं

    मेराज आलम, ब्यूरो,सीतामढ़ी: बिहार सीतामढ़ी के लिए एक बार पुनः राहत देने वाली रिपार्ट आई है 59 भेजे गए जाँच मे अब तक कुल 56 रिपोर्ट प्राप्त हो गए है जिसमे सभी नेगेटिव पाए गए है। डीएम ने कहा है कि सभी के सहयोग से कोरोना महामारी संकट का डटकर मुकाबला किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान में हमें और भी ज्यादा ही सचेत रहने की आवश्यकता है और इसका सबसे अच्छा उपाय है कि हम सोशल डिस्टेंसिंग को बनाये रखे ,साथ ही अगर आप हाल-फिलहाल में प्रभावित क्षेत्रो से आये है तो अपनी यात्रा संबधी जानकारी जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से दे। डीएम ने कहा कि ऐसा करके आप अपना एवम अपने सभी को संक्रमित होने से बचा सकते है।

    जिले के पाँच सीमा राहत केंद्र में 162 लोग रह रहे है।तीन आपदा राहत केंद्र में 223 लोग भोजन कर रहे है।जिले के वैसे 14058 श्रमिक जो लॉक डाउन में राज्य के बाहर ही रह रहे है,उनके खाते में एक-एक हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की गई है। कोरोटाईन सेंटर सह आइसोलेशन सेंटर भी 15 जगह स्थापित किए गए हैं

    क्षमता356 बेड की है। प्रखंड स्तर पर जो कोरोटाईन सेंटर बने हैं उसकी कुल संख्या 46 है ,जिसकी क्षमता 3420 है ।वैसे व्यक्ति जिनमे कोरोना के संक्रमित होने के लक्षण यथा सर्दी, खाँसी, बुखार भी पाए जाते है उन्हें कोरोटाईन सेंटर में रखा जाना है। वहां से सैंपल लेकर उसकी जांच करानी है और जो भी पॉजिटिव पाए जाते हैं उनको कोरोटाईन सेंटर सह आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त जिसमें कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं और चिकित्सीय दृष्टिकोण से गंभीर पाए जाते है तो उन्हें एनएमसीएच पटना रेफर किया जाना है ,ताकि प्रभावित व्यक्ति की जीवन रक्षा की जा सके।इसके लिए पांच टीम का गठन किया गया है और जिसमें स्पेशल ट्रेंड मेडिकल स्टाफ है।

  • बिहार:चक बहाउद्दीन और बाबूपुर मस्जिदों में तब्लीगी जमात के सभी सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव

    रक्त का नमूना पटना भेजा गया, सभी लोग जांच में स्वस्थ पाए गए

    (दलसिंह सराय: 7 अप्रैल) समस्तीपुर जिले के दलसिंह सराय ब्लॉक में स्थित चक बहाउद्दीन गाँव और बाबूपुर की मस्जिद में ठहरे हुए तब्लीगी जमात के सभी पंद्रह सदस्यों के कोरोना का परीक्षण किया गया है और सभी लोगों की रिपोर्ट को नेगेटिव पाया गया है। ज्ञात हो कि 2 मार्च से, तब्लीगी जमात के 15 सदस्य चक बहाउद्दीन और बाबूपुर की मस्जिद में ठहरे हुए थे, जो लॉकडाउन के कारण अपने स्थान पर नहीं लौट सके थे। इन सभी लोगों का संबंध हरदोई, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश), अनूपपुर (मध्य प्रदेश) और दिल्ली से है । तबलीगी जमात के सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं : मोहम्मद ओज़ैर अहमद , मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हमज़ा सेराज , मोहम्मद सोहराब , मोहम्मद इस्राइल , मोहम्मद शादाब, मोहम्मद वसीम , मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद जकी, मोहम्मद इफजान, जुनेद कुरैशी, मोहम्मद रिज़्वान , मोहम्मद सरफराज कुरैशी, मोहम्मद आसिफ़, मोहम्मद रेहान

    चक बहाउद्दीन पंचायत के मुखिया अदीब कौकब फरीदी ने मीडिया को बताया कि उनके ठहरने की सूचना उसी समय स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दे दी गई थी। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आ कर उन सब की जांच की और उन्हें स्वस्थ पाकिर मस्जिद में क्वारेंटाइन में रहने का निर्देश दिया। अत: सात लोग चक बहाउद्दीन की मस्जिद में और आठ लोग बाबूपुर मस्जिद में ठहरे थे। लेकिन अचानक, शुक्रवार को, स्वास्थ्य विभाग की टीम आई और उन सब लोगों को दलसिंघ सराय ले गई तथा उन्हें दलसिंघ सराय में स्थित ए एन कॉलेज में बने कोरनटाईन केंद्र में रखा और ब्लड सैंपल जांच के लिए पटना भेजा। आज इन सभी लोगों की रिपोर्ट आ गई है और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है और सब लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं ।चुनांचे स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी सदस्यों को दोनों मस्जिदों में पहुंचा दिया गया है, परंतु एहतियात के तौर पर चौदह दिनों के लिए मस्जिद में ही रहने की सलाह दी गई है।इन लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आने से स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है और खुशी जाहिर की है।

  • बिहार:शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका नुसरत खातून कर रही है कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरूक

    मेराज़ आलम ब्यूरो सीतामढ़ी।प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन मेहसौल गोट की राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका नुसरत खातून कोरोना वायरस को लेकर जहां लॉक डाउन पालन एवं समाजिक दूरी बनाए रखने के लिए महिलाओं को फोन से जागृत करती हैं। वहीं कोरोना वायरस के बचाव के लिए घर मे भी सजगता दिखा रही हैं। पुरे घर की सफाई प्रतिदिन करती हैं। वह घर के कोने कोने के सफाई अभियान में जुटी है। बच्चो को दिन मे कई बार हाथ हैंड वाश से धुलवाती है। अपने आस पड़ोस के महिलाओं को भी साफ सफाई के लिए प्रेरित करती हैं। कोरोना वायरस को लेकर महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं कि दिन में कई बार बच्चों को हाथ धोए। साफ सफाई से संक्रमण नहीं फैलता है। घर के आस पास के जगहों को भी साफ रखें।

  • भाकपा (माले) के आह्वान पर”लाॅकडाउन में भात के लिए-12 अप्रैल को 2 से 2.30 के बीच 10 मिनट थाली पीटने में इंसाफ मंच भी मज़बूती से उतरेगी।

    ◆ लॉकडॉउन में गरीबों के लिए राशन की व्यवस्था करनी होगी- नेयाज अहमद

    प्रेस रिलीज़,दरभंगा 10,अप्रैल 2020
    लाॅकडाउन ने गरीबों, बाहर से आए मजदूरों, निर्माण मजदूरों, अन्य दिहाड़ी मजदूरों, मनरेगा मजदूरों, रिक्शा-टेंपों-ई रिक्शा चालको, निम्न मध्यवर्गीय तबके और समाज के कामकाजी हिस्से के सामने भुखमरी की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. क्योंकि सरकार द्वारा इन लोगों तक राशन पहुंचाने का काम न के बराबर हो रहा है. एक बड़े हिस्से के पास राशन कार्ड भी नहीं है, सरकार उस विशाल तबके को पूछ तक नहीं रही है. जबकि हम बार-बार केंद्र व राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं कि सभी जरूरतमंदों तक कच्चा राशन अविलंब पहुंचाने की गारंटी की जाए.

    सरकार की इस संवेदनहीनता के कारण भूख का भूगोल लगातार बढ़ रहा है. भूख व बेबसी से मरने वालों की भी संख्या कोई कम नहीं है. यदि समय रहते सरकार द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाते तो भुखमरी से मरने वालों की तादाद में कई गुणा वृद्धि हो सकती है. इसलिए
    भाकपा-माले बिहार राज्य कमिटी के आह्वान पर 12 अप्रैल को 2 से 2.30 बजे अपने-अपने घरों में 10 मिनट के लिए थाली अथवा अन्य चीजें बजाने का आह्वान किया गया हैं।

    इंसाफ मंच इस कार्यक्रम का समर्थन करता हैं। उक्त जानकारी दिए हुये प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने बयान जारी कर कहा कि आज लॉकडॉउन से कोरोना महामारी के साथ गरीबों, निर्माण मज़दूरों, दिहाड़ी मज़दूरों, रेहड़ी-पटरी आदि तमाम लोगों के सामने भूख का सवाल अहम बन गया हैं। लॉक डाउन के एक पखवाड़ा से ज्यादा हो जाने के बाद भी अभी तक सरकार-प्रशासन की ओर से कुछ भी राहत नहीं पहुंचा हैं। इन लोगों उनके हाल पर छोड़ दिया हैं। अब इस हाल में घर में बैठकर सहन करने का धैर्य टूट रहा हैं। इन स्थितियों में पटना-दिल्ली की बहरी व निर्दय सरकार को सुनाने के लिए सभी 12 अप्रैल को 2 बजे से 2.30 बजे अपराह्न थाली-बर्तन पीटकर अपने राशन के सवाल को उठाया जाएगा। इंसाफ मंच दरभंगा के तमाम न्याय पसंद नागरिकों से अपील करती हैं कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का काम करेंगे।
    नेयाज अहमद

  • बिहार:पिछले 24 घंटे में नहीं मिला कोरोना का कोई नया मरीज,30 अप्रैल तक सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टी रद्द

    पटना. कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए 21 दिन के लॉकडाउन का सोमवार को 13वां दिन है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर समेत पूरे बिहार में लॉकडाउन प्रभावी है। एक बाइक पर दो लोगों के सवार होने पर भी रोक लगा दी गई है। इस बीच, अच्छी खबर यह है कि पिछले 24 घंटे में कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिला है। राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 32 है। एक मरीज की मौत हो चुकी है, जबकि 4 ठीक भी हुए हैं। रविवार को 706 सैंपल की जांच हुई थी। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। छपरा के पहले कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। उसके 13 नजदीकी लोग भी कोरोनावायरस से संक्रमित नहीं पाए गए हैं।

    इधर, गोपालगंज के एक कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। वह 20 दिन पहले गुजरात के सूरत से आए थे। रविवार को परिजनों ने मरीज को गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए मरीज को पटना रेफर किया था। सोमवार को पटना लाते समय रास्ते में ही मरीज की मौत हो गई। परिजन शव को वापस गोपालगंज ले गए। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद परिजन को शव सौंपा जाएगा।

    पीएमसीएच में भी जांच शुरू
    राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। इसके तहत, सोमवार से कोरोना के सैंपल की जांच पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल(पीएमसीएच) में भी शुरू हो गई। इससे पहले कोरोना की जांच आरएमआरआई, आईजीआईएमएस और डीएमसीएच में हो रही थी। अब राज्य में चार जगह कोरोना की जांच होगी। रियल टाइम पीसीआर मशीन की सुविधा शुरू होने से पीएमसीएच में कोरोना के अलावा स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, हेपेटाइटिस बी की भी जांच हो सकेगी। अभी सिर्फ जांच कोरोना पर ही केंद्रित रहेगी। यहां की मशीन की क्षमता एक शिफ्ट में 40 सैंपल की जांच करने की है। हर रोज दो शिफ्ट में 80 सैंपल की जांच हो सकेगी।

    30 तक सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व टेक्नीशियन की छुट्टी रद्द
    स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी 30 अप्रैल तक रद्द कर दी है। इसमें संविदा और नियोजित दोनों श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि यह आदेश सभी चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य/अधीक्षक से लेकर जूनियर रेजिडेंट व विशिष्ट चिकित्सा संस्थान के निदेशक तक पर लागू होगा।

    क्वारैंटाइन सेंटरों में उपद्रव पर राष्ट्रीय आपदा अधिनियम के तहत दर्ज होगा मुकदमा
    क्वारैंटाइन सेंटरों में हंगामा करने वालों के खिलाफ सरकार ने तेवर कड़े कर लिए हैं। हंगामा करने वालों पर राष्ट्रीय आपदा अधिनियम और आईपीसी की धाराओं में मुकदमा किया जाएगा। आइसोलेशन की अवधि खत्म होने के बाद हंगामा करने वालों को घर की बजाय सीधे जेल भेज दिया जाएगा। ऐसे लोगों की गतिविधियों को समाज के लिए खतरनाक मानते हुए सरकार ने यह फैसला किया है।