Category: बिहार

  • बिहार में बेरहमी से मारा गया मुस्लिम युवक;पीएफआई और एसडीपीआई के हस्तक्षेप के बाद गिरफ्तार मुजरिम

    प्रेस रिलीज,दरभंगा 11 जून 2020

    BIHAR / दरभंगा, सिंघवाड़ा: एक युवा मुस्लिम शख्स को बदमाशों के एक झुंड ने कथित तौर पर बेरहमी से मार डाला, अपनी स्टेशनरी से उसके घर लौटते समय।

    पीएफआई और एसडीपीआई ने एक प्रतिनिधिमंडल को भेजा,

    मामले में प्रतिनिधिमंडल के प्रभावी और समय पर हस्तक्षेप से 5 आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हुई, जिन्होंने कथित रूप से युवक की हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना अभी बाकी है।

    मृतक के माता-पिता ने रोते हुए कहा कि मोहम्मद नाज़िम की शादी अभी 8 महीने पहले हुई थी और उसकी विधवा 4 महीने की गर्भवती है।

    SDPI नेताओं ने निर्दयता से हत्या के मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी दल की चुप्पी पर सवाल उठाया है और कहा है कि उनका गुट अल्पसंख्यकों के प्रति उनके भेदभावपूर्ण रवैये का प्रदर्शन कर रहा है।

    पीएफआई और एसडीपीआई लीडर ने नीतीश कुमार सरकार से परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का का आग्रह किया है।

  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री शामायेले नबी ने लालू प्रसाद यादव जी के शासनकाल को याद किया लालू जी के जन्मदिन पर

    बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद देश के बड़े राजनैतिक दिग्गज माने जाते हैं। अपने बात कहने के अंदाज, बेबाक बयानबाजी का अलग अंदाज है श्री लालू प्रसाद यादव का जब भी नाम लिया जाता है तो लोगों के जेहन में जो छवि उभरकर आती है वह हाजिर जवाब होने के साथ-साथ एक तेज तर्रार नेता के तौर पर होती है।

    पूर्व मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद के नेतृत्व में नया बिहार बन रहा था उनके नेतृत्व में बिहार में जंगल राज्य नहीं था मंगल राज्य था हर तरह के लोगो का विकास हो रहा था तरक्की हो रही थी धार्मिक सौहार्द बना हुई थी हिन्दू-मुस्लिम में आपस में प्रेम था सभी लोग मिल जुल कर कर के काम करनी की बात सोचते थे लालू प्रसाद के नेतृत्व में गठित सरकार जिसमे कांग्रेस की अहम् भूमिका थी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी दोनों ने मिलकर बिहार को एक नयी दिशा दी थी एक नए रास्ता दिखाया था नई रौशनी दी थी और वो रौशनी थी विकास के लिए प्रगति के लिए आगे बढ़ने के लिए धर्मनिरपेक्षता के लिए उसमे जो लोग इस देश में धर्म के नाम पर जात के नाम पर भाषा के नाम पर बँटवारे के बात करते है जो नफरत की राजनीति करते है उसे बिलकुल ही नकार दिया गया था हमें याद है लालू प्रसाद के नेतृत्व में बनी सरकार में एक दूसरे के प्रति भाईचारे की भावना थी ये बात आज हम इसलिए कह रहे है आज लालू यादव जी का जन्मदिन है उनके जन्मदिन पर हम उनको मुबारकबाद देते है आशा और विश्वास करते है उनके बताये हुई रास्ता पर बिहार आगे बढ़ेगा धर्मनिरपेक्षता बनेगा जातिवाद से ऊपर उठेगा।

    लालू प्रसाद जी गरीब-गुरबों, शोषितों, पीड़ितों, वंचितो, अल्पसख्यकों और जरूरतमंदों के हक़ की लड़ाई लड़ने वाले एक ऐसे राजनेता है जिनका जीवन मानवता को समर्पित रहा है। ये बातें बिहार के पूर्व मंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामायेले नबी ने कही है लालू जी के जन्मदिन के अवसर पर। खासकर में नौजवानों से अपील करता हूँ कि लोग राजनैतिक गतिविधिओ में भरपूर हिस्सा ले कर बिहार को एक नया समृद्ध, ख़ुशहाल और सौभाग्यशाली राज्य बनाने में योगदान दे। धर्म और जाति के नाम पर नफरत की राजनितिक सम्प्रदायिकता बढ़ाती है और विकास के लिए बहुत बड़ी रूकावट है इन्हे हमलोगो को एक साथ मिलकर ख़त्म करना है और बिहार को एक नई उचाईयो पर ले जाना है युवा कांग्रेस नेता शहजाद नबी ने भी लालू यादव जी उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई दी और साथ में उनके दीर्घायु होने की कामना की.

  • भाजपा की वर्चुअल रैली के खिलाफ काला गुब्बारा उड़ाये युवा कांग्रेसी।

    पूरा देश कोरोना से त्रस्त है और बीजेपी सत्ता का द्रुपयोग कर रही है ।

    सीतामढ़ी (इश्तेयाक आलम)
    बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देशानुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बिहार चुनाव के मद्देनजर आयोजित वर्चुअल रैली के खिलाफ सीतामढ़ी जिला युवा कांग्रेस द्वारा स्थानीय जिला कांग्रेस मुख्यालय ललित आश्रम में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष मो.शम्स शाहनवाज़ की अध्यक्षता में आयोजित इस धरना के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ता *13 साल तड़पता बिहार*, *बिहार में हाहाकार बा, नीतीश कुमार के राज बा*, *आपदा में डबल इंजन की सरकार गायब है* जैसे नारों की तख्ती हाथों में लेकर सूबे की एनडीए सरकार का विरोध कर रहे थे। इसके बाद डुमरा हवाई अड्डा मैदान में विरोध स्वरूप काला गुब्बारा उड़ाया गया।

    इस मौके पर युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मो.शम्स शाहनवाज़ ने कहा कि एक ओर पूरा देश कोरोना महामारी से बेहाल है, लगातार लोगों की मौतें हो रही हैं।बिहार में भी संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा जनता को इस महामारी में भुखमरी और बेरोजगारी से बचाने की बजाय चुनावी तैयारी में व्यस्त हैं। शम्स ने कहा कि क्या भाजपा के लिए राजनीति सिर्फ चुनावी खेल है जन सेवा नहीं?

    उन्होंने कहा कि कोरोना त्रासदी में केंद्र और बिहार सरकार ने लाखों बिहारी गरीब श्रमिकों को अपने घर लौटने में कोई मदद नहीं किया और अमानवीय व्यवहार के साथ भूखे-प्यासे, नंगे-पांव सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर किया।

    शम्स ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1.25 लाख करोड़ के पैकेज का क्या हुआ और विशेष राज्य का दर्जा कहाँ गया?
    एनडीए के 13 साल के बिहार में न कोई उद्योग स्थापित हो पाए और न ही कोई औद्योगिक विकास हुआ, क्यों? सरकार ने बिहार की प्राथिमिक और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता,पाठ्यक्रम और माहौल का बंटाधार क्यों कर दिया ?
    एनडीए की सरकार को युवा विरोधी करार देते हुए मो.शम्स ने कहा कि देश की कुल आबादी का लगभग 10% युवा बिहार में रहते हैं और उनकी बेरोजगारी चरम पर है। करोड़ों युवाओं को रोजगार देने के वायदे और सरकारी पदों पर नियुक्तियों का क्या हुआ?बिहार की कृषि विकास दर 1 प्रतिशत से भी कम है मानो कि पाताल लोक में है, ऐसा क्यों? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब बिहार की जनता को चाहिए।

    धरना प्रदर्शन में बेलसंड युवा कांग्रेस अध्यक्ष अफ़रोज़ आलम, सेराज अहमद, वैदेही शरण यादव, रंजीत कुमार, मो.सैफुल्लाह, नसीम अहमद, यदुवंशी पिंटू, पप्पू कुमार, अरुण कुमार वर्मा, हरीश कुमार, बिट्टू कुमार, प्रमोद कुमार आदि मौजूद थे। धरना के दौरान सोशल डिस्टेनसिंग का पूरा ध्यान रखा गया

  • प्रवासी मज़दूरों के लिए रैयाम चीनी मिल को फ़ौरन चालू किया जाए – शहज़ाद नबी

    आल इंडिया दलित मुस्लिम अधिकार मंच के जनरल सेक्रेटरी और कांग्रेस लीडर शहज़ाद नबी ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के जबरदस्त प्रकोप के बाद तालाबंदी के चलते दूसरे राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मज़दूरों की घर वापसी के बाद हालात बद से बदतर हो गए है कोरोना के मामले बिहार में तेज़ी से बढ़ रहे हैं. वहीं शहज़ाद नबी ने बताया कि कोरोना को लेकर रोजगार के सभी साधन बंद हो गये हैं गांवों में जहाँ बिहार के बाहर प्रदेशों से आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढती जा रही है वहीं बेरोजगारी भी चरम सीमा पर है. इस हालात से निपटने के लिए ओर गरीब और प्रवासी मज़दूरों के भलाई के लिए दरभंगा जिला के केवटी ब्लॉक स्थित रैयाम चीनी मिल को फ़ौरन चालू किया जाये ताकि इससे गरीब और मज़दूर के रोज़गार का जल्द समस्या हल हो सके.

    शहज़ाद नबी ने मजीद जोर देकर कहा कि कोरोना संकट की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर अपने राज्य लौट रहे हैं. मजदूरों के सामने सबसे बड़ी समस्या रोजगार है. बड़े पैमाने पर बिहार में मजदूर लौट रहे हैं. बिहार आ रहे मज़दूरों की माली हालात दयनीय है उनलोगो की आर्थिक रूप से मदद के लिए नीतीश सरकार से अपील की है और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें सरकार जिससे बेरोजगारी की समस्या कम हो सके.

    प्रेस विज्ञप्ति:आल इंडिया दलित मुस्लिम अधिकार मंच

  • सीएम लॉ कॉलेज गेट पर से क्यों हटाया गया उर्दू नेमप्लेट?बिहार की दूसरी सरकारी भाषा उर्दू का किया अपमान:अमानुल्लाह

    सीएम लॉ कॉलेज गेट पर से क्यों हटाया गया उर्दू नेमप्लेट?बिहार की दूसरी सरकारी भाषा उर्दू का किया अपमान, जबाब दे विवि प्रशासन: एस ० आई ० आे ० दरभंगा
    कॉलेज प्रशासन ने बिहार की दूसरी सरकारी भाषा उर्दू का किया अपमान: बी वाई आे दरभंगा
    सिर्फ उर्दू नाम को कॉलेज की पट्टी से नोच कर नहीं फेंका गया बल्कि आपके वजूद को मिश्रित समाज से निकाल कर अलग-थलग गया है।

    प्रेस विज्ञप्ति, दरभंगा: इस समय देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, लेकिन मिथिला के कुछ छात्र संगठन एवं राजनीतिक दल शिक्षण संस्थान में उर्दू भाषा के नाम पर साम्प्रदायिकरण का खेल खेलने में लगे हुये हैं। सम्प्रदायिकरण की इस जड़ में साफ-साफ बिहार सरकार की गठबंधन राजनीतिक पार्टियां नजर आ रही हैं।

    उक्त बातें एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए एस आई ओ दरभंगा के जिला अध्यक्ष अमानुल्लाह और बी ०वाई० आे ० दरभंगा के जिला सचिव अब्दुल मलिक ने संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुये कहा। आगे उन्होंने इस विषय पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि सीएम लॉ कॉलेज गेट से किस आधिकारिक आदेशानुसार उर्दू नेमप्लेट हटाया गया है? जबकि पूर्व से ही कॉलेज गेट पर हिन्दी के अलावा उर्दू भाषा में भी कॉलेज का नाम अंकित है। क्या लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो० बदरे आलम किसी के दबाव में काम कर रहे हैं? क्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंगा-जमुनी तहजीब को तोड़ने के लिए सांप्रदायिकता फैलाने वालों के साथ हाथ मिलाया है? यह जबाब विश्वविद्यालय प्रशासन को देना होगा साथ ही लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल को बताना चाहिए आखिर घटना आगे कैसे और क्यों बढ़ गया। बिहार की दूसरी सरकारी भाषा उर्दू है फिर भी कॉलेज प्रशासन ने किस आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए किस कानून के‌ तहत उर्दू नेम प्लेट हटा दिया गया है। अगर कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रशासन जल्दी उर्दू नेम प्लेट नहीं लगाता है तो एस आई ओ विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। कानून के मंदिर में कॉलेज प्रशासन को कानून के हिसाब से काम करना चाहिए लेकिन इन्होंने खुलेआम कानून की अवहेलना की है। ऐसा लगता है कि नफरत को फलने-फूलने देने वाले लोगों को इस बात का ज्ञान नहीं है कि उर्दू बिहार की दूसरी सरकारी भाषा है। लेकिन फिर कुछ छात्र संगठन एवं राजनीतिक दल ने एक बार फिर इस घिनौनी हरकत कर कॉलेज को बदनाम करने का दुस्साहस किया है।

    सभी भाषाओं का सम्मान हमारे देश की संस्कृति रही है, राष्ट्रीय भाषा हिन्दी के साथ-साथ उर्दू और दूसरी अन्य सभी भाषाएं हमारे समाज की साझी विरासत है। हिन्दी के साथ साथ उर्दू भी भारत की गोद में पली बढ़ी हैं। एक भरतीय नागरिक होने के नाते हम देश के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सभी भाषाओं के रक्षक हैं। अपनी इस साझी विरासत को साम्प्रदायिकता की आड़ में खोने नहीं देंगे।

    #Urdu
    #CMlawCollege

    अमानुल्लाह
    जिला अध्यक्ष
    एस ० आई ० आे ० दरभंगा
    अब्दुल मलिक
    जिला सचिव
    बी० वाई ०आे० दरभंगा

  • प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.कफील खान को रिहा करे योगी सरकार-इंसाफ मंच

    *प्रेस विज्ञप्ति*
    *पिछले साल चमकी बुखार से प्रभावित मुजफ्फरपुर के गांव-पंचायतों में मुफ्त मेडिकल कैंप लगा कर इलाज किया था डाॅक्टर कफील ने ,इस बार भी बच्चों को बचाने के लिए उनकी जरूरत।*

    *इंसाफ मंच ने डाॅ कफील की रिहाई के लिए पोस्टर के साथ किया धरना-प्रदर्शन।*

    *मुजफ्फरपुर,18मई 2020*

    उत्तरप्रदेश के जेल में महीनों से बंद प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कफील खान की रिहाई के लिए इंसाफ मंच के द्वारा शहर के मुहल्लों व घरों में पोस्टर के साथ धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह ने कहा कि पिछले साल चमकी बुखार के चपेट में आये मुजफ्फरपुर और आसपास के कई जिलों शहर से गांव तक दर्जनों जगह मुफ्त मेडिकल कैंप लगा कर डाॅ. खान ने बच्चों का इलाज किया था। इस साल फिर चमकी बुखार के चपेट में तेजी से बच्चे आने लगें हैं और गरीबों के गांव-मुहल्लों में मेडिकल कैंप लगाने की जरूरत है। यदि डाॅक्टर कफील खान बाहर रहते तो लाॅकडाउन के दौरान भी वे मुजफ्फरपुर आकर बच्चों के इलाज में जुट जाते। डाॅ कफील पिछले चार महीने से सीएए-एनआरसी के खिलाफ बोलने के आरोप में यूपी सरकार के द्वारा एनएसए लगा कर जेल में बंद कर दिया गया है। इंसाफ मंच की मांग है कि उनको अविलंब रिहा किया जाए ताकि पिछले साल की तरह ही वे मुजफ्फरपुर आकर गांव- मुहल्लों में मेडिकल कैंप लगा सके। लाॅकडाउन और कोरोना संकट के दौरान ही चमकी बुखार से बच्चों को बचाने के लिए हर हालत में ऐसे प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ को जेल से रिहा करना चाहिए।
    इंसाफ मंच के साथ भाकपा-माले ने भी यूपी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी अपील की है कि चमकी बुखार के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर डाॅक्टर कफील को ससम्मान अविलंब रिहा किया जाए।

    अपने- अपने मुहल्लों व घरों पर धरना- प्रदर्शन में इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह व भाकपा-माले के जिला सचिव कृष्णमोहन सहित इंजीनियर रेयाज खान, मतलुबूर रहमान, प्रो इम्तियाज,महफुज आलम, शफीकुर रहमान, अनीस, कैसर जावेद, महिला संगठन ऐपवा की निर्मला सिंह,शोभा ठाकुरी, पिंकी ठाकुरी, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव राहुल कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं व नागरिकों ने भाग लिया।

  • सीएम लॉ कॉलेज मुख्य द्वार पर हिंदी और उर्दू में कॉलेज का नाम लिखे जाने का विरोध कर रहे छात्रों एंव संस्थानों पर कार्यवाही कर कुलपति लोकतान्त्रिक व्यवस्था को सुनिश्चिय करें:एडवोकेट मो.अदीबउद्दीन

    *प्रेस विज्ञप्ति*
    दरभंगा:सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया जिला युवा अध्यक्ष, एडवोकेट मो. अदीबउद्दीन ने कहा की
    हाल ही मे सीएम लॉ कॉलेज मुख्य द्वार पर हिंदी और उर्दू में कॉलेज का नाम लिखाया गया है, जिसे देख कुछ साम्प्रदायिक छात्रों ने उर्दू मे लिखे नाम का विरोध कर रही है और उर्दू को धर्म विशेष से जोड़कर बता रही है, जबकी उर्दू बिहार का द्वित्य भाषा है और उर्दू भारतीय समाज का अभिन्न अंग है, लेकिन कुछ लोग जो साम्प्रदायिक मानसिकता से ग्रसित है वो इसका विरोध तो कर रहे एवं प्रिंसिपल से भी अमर्यादित भाषा मे बात कर रहे है साथ ही साथ समाज मे ज़हर घोलने का काम कर रहे है, ये नफरत फैलाने वाले लोग असल मे भारत के संविधान के खिलाफ है, जो की संवैधानिक व्यवस्था के अंदर किये गये कार्यों का विरोध करते है,

    एडवोकेट मो. अदीबउद्दीन ने कहा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन एंव कुलपति को इस नफरत फैलाने वाले छात्रों एंव संस्थानों पर कार्यवाही करना चाहिए जो भारत की एकता और अखंडता को तोड़ने का काम कर रहे है और यह कार्यवाही धर्म और भाषा के नाम पर अराजकता फैलाने वालों के लिए एक सबक होना चाहिए,

  • मधेपुरा:घर में घुसकर हथियार के बल पर किया हमला,तोड़फोड़ के बाद लूटपाट

    मधेपुरा,शंकरपुर थाना के कजरा गांव क्षेत्र का मामला है जहां 16 मई की शाम को मोहम्मद हाशिम के भतेजे ज़ैद खान के घर मे घुस कर मोहम्मद कैयूम, मोहम्मद फिरोज, साहिल उर्फ हैदर, और मोहम्मद नसीम ने घर मे लूट-पाट कर पैसे, जेवरात ले गए । सहमे परिवार वाले छुप कर लूट की घटना को देखते रहे ।

    मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर हमला व तोड़फोड़ करने के बाद लूटपाट का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाने में दिए आवेदन में बताया है कि ज़ैद खान, और उसका चचेरे भाई नवी आलम जब नमाज़ पढ़ कर अपने दरवाजे पे बैठा हुआ था तभी साहिल खान उर्फ हैदर आया और घर में जबरन घुस कर गाली गलौज करने लगा ओर कहने लगा कि साजिद खान नेतागिरी करता है मदद देकर लोगो का फ़ोटो वायरल करता है उसने मेरे एक रिस्तेदार की भी फ़ोटो मदद देते वक्त का वाइरल किया है । जानकारी के अनुसार साजिद खान पप्पू यादव के जनअधिकार पार्टी का कार्यकर्ता है वह दिल्ली में रहकर प्रवासी मजदूर के लिए मदद पहुंचा रहा है कुछ दिन पूर्व वह पप्पू यादव के साथ जाकर कुछ लोगो की मदद किया जिसका फ़ोटो साजिद ने वायरल कर दिया जिस कारण मो नसीम ,मो कैय्युम ,मो फिरोज, सभी कजरा वार्ड 11 निवासी दरवाजे पर आकर इस बाबत बहस कर गाली गलौज करने लगे

    सभी साजिद के घरवालों द्वारा समझाया कि इसमें कोन सी बड़ी बात है सामग्री बांटते वक्त का फोटो सभी लेते है लेकिन सभी तैश में आकर गाली गलौज देते हुए दरवाजे पर से चले गए लेकिन करीब 7 बजे शाम में मो साहिल ,मो अय्यूब सहरसा सौरबाजार निवासी हथीयार के साथ दरवाजे पर आकर गाली गलौज देने लगा और घर मे घुसकर हमला कर दिया और जमकर लूटपाट मचाया डरे सहमे घरवाले छिपकर देखते रहे वही बताया गया कि घर मे रखे जेवर ओर कई कीमती सामान ओर रुपया लूटकर ले गया जाते जाते घर पर पथराव भी करता हुआ गया जिसकी जानकारी पीड़ित के द्वारा तुरंत शंकरपुर थाना को दी गई स्थल पर पुलिस गई भी लेकिन कोई कार्यवाही नही की उसने पीड़ित से आवेदन लेकर सुबह थाने पर आने को कहा । ओर जब सुबह आवेंदन लेकर पीड़ित गया तो उसे टालमटोल कर वापस लौटा दिया गया ।

  • मजदूरों को व्यवस्था नहीं दिए जाने से नाराज विधायक फैसल रहमान बैठे धरने पर

    पटना ( फजलुल मोबीन/मिल्लत टाइम्स)
    बिहार सरकार भले ही प्रवासी मजदूरों के लिए बड़े बड़े वादे कर रही हो लेकिन मजदूरों के लिए बने क्वारेंटाइन सेंटर का हाल बे हाल है । सरकार पानी की तरह पैसे बहा रही है लेकिन अधिकारियों के घालमेल से प्रवासी मजदूरों को सुविधा नहीं मिल पा रही। जिसके कारण आज बिहार विधान सभा के एक सदस्य को मजबूरन धरने पर बैठने की नौबत आ गई ।

    पूर्वी चंपारण के ढाका से विधायक फैसल रहमान आज से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं । वे ढाका विधानसभा क्षेत्र क्वारेंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को व्यवस्था नहीं दिए जाने से नाराज हैं। उन्होंने कई दफे अधिकारियों से बातचीत की और सेंटर का दौरा किया, लेकिन व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा।

    सेंटर पर प्रवासी मजदूरों को कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। भोजन से लेकर अन्य सुविधाओं की घोर कमी है।विधायक ने तमाम अधिकारियों को निर्देश दिया बावजूद व्यवस्था में सुधार होने का नाम नहीं ले रहा ।राजद विधायक फैसल रहमान ने इसमें घोटाले का आरोप लगाया है और कहा है कि प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार की तरफ सुविधा के लिए जो पैसा दिया रहा उसका बंदरबांट किया जा रहा है।इसी वजह से कोई व्यवस्था नहीं जा रही । यहां तक की PPE किट भी मुहैया नहीं कराई जा रही है ।

    उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और कहा है कि वे आपके नकारे सिस्टम की वजह से धरना देने को विवश हैं ।

    ज्ञात हो कि : बिहार के क्वारेंटाइन सेंटर की स्थति काफी खराब है , कहीं बिस्तर बिछौना नहीं है तो कहीं मजदूरों के साथ हैवानियत से पेश आया जा रहा है ।
    अब ऐसे में सवाल ये है कि : क्या विधायक जी धरने से स्थिति में सुधार होगा ?? प्रवासी मजदूरों के साथ इंसाफ होगा ??

  • कोरोना वायरस से बचाव के लिए मदरसों मस्जिदों से सीतामढ़ी में जरूरी एलान

    मेराज़ आलम ब्यूरो
    सीतामढ़ी।कोरोना वायरस को लेकर सरकार के जरिए लॉक डाउन लगाया गया है। स्थानीय जिला प्रशासन के जरिए दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए शहर के विभिन्न मस्जिदों एवं मदरसों से इस संबंध में ऐलान किया जा रहा है। मदरसा रहमानिया मेहसौल, मरकज मस्जिद मेहसौल, जामा मस्जिद मेहसौल चौक से शुक्रवार को ऐलान किया गया कि सोसल डिस्टेंस का पालन करें। बिना माकश लगाए घर से न निकलें। कोरोना से बचाव के लिए माकश पहनना जरूरी है। मस्जिद में इमाम सहित चार लोग ही नमाज अदा करें, बाकी लोग अपने घरों में नमाज अदा करें। आगामी 22 मई को अलविदा जुमा में भी इस बात का धयान रखें, उस दिन भी तीन चार लोग ही मस्जिद में नमाज अदा करें। इबादत करने में सोसल डिस्टेंस का पालन करें। बाहर से जो भी आएंगे जांच करा कर ही आये।

    सीतामढ़ी से बाहर जो भी फंसे हुए हैं वह वहीं कुछ दिन रहे, रहना मुश्किल हो बिना घर आए जिंदगी यापना करना कष्ट दायक हो तभी घर लौटे। घर पर क्वॉरेंटाइन रहें। 14 दिनों तक परिवार के सदस्यों से नहीं मिले, उनसे दूरी बना कर रहें। तभी हमारा परिवार सुरक्षित रह सकेगा। मदरसा रहमानिया मेहसौल के अध्यक्ष मो अरमान अली ने कहा क्वॉरेंटाइन सेंटर पर डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा के तत्परता से इफ्तार और सेहरी का बंदोबस्त किया गया है, इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उनके इस आदेश से मुस्लिम समाज में उनके प्रति हर्ष देखा जा रहा है। मुस्लिम समाज रोजेदारों के लिए उठाए गए कदम का स्वागत किया है। इस मौके पर मेहसौल गोट के सरपंच प्रतिनिधि मो नौशाद आलम, मरकज मस्जिद के सचिव मो दाऊद आलम,सलमान सागर, मो जौहर अली ताज,मो अलीम, मो बादशाह शेख, समाजसेवी मो कमर अख्तर, मो नदीम अकरम, रेहान फ़ैज़ सिफत हबीबी, मो मुराद, मो आलमगीर आजाद, रेजा अहमद, मुन्ना तस्लीम, गुलाम रसूल, हाजी अब्दुल्लाह रहमानी, अताउल्लाह रहमानी, मो इरफानुल्लह छोटे, मो मोतीउर रहमान, लड्डू , कलीम डब्बू, समेत अन्य लोग मौजूद थे