Category: बिहार

  • मुसलमान सबको चाहिए लेकिन “विक्टिम” की शक्ल में चाहिए। मुसलमान नेता किसी को नहीं चाहिए, चाहे वो कन्हैया कुमार ही क्यूँ न हों।

    आप सबको JNU का वो नारेबाज़ी वाला मामला तो याद ही होगा जिसमें JNU के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, छात्र नेता उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को मुख्य आरोपी बनाया गया था और इन तीनों को इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में सात कश्मीरी छात्रों को भी मुख्य आरोपी बनाया गया था और इन सब के अलावा 36 अन्य को कॉलम नंबर 12 में आरोपी बनाया गया था जो कि कथित तौर पर घटनास्थल पर मौजूद थे।

    इस विवाद से किसी को फ़ायदा हुआ हो या न हुआ हो लेकिन JNU के उसी विवाद से कन्हैया कुमार एक नेता बन कर उभरे और आज बेगूसराय से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। बेगूसराय सीट पर CPI के उम्मीदवार कन्हैया कुमार, भाजपा के गिरिराज सिंह और महागठबंधन के प्रत्याशी डॉ तनवीर हसन चुनाव लड़ रहे हैं। कल यानी 9 अप्रैल को कन्हैया कुमार बेगूसराय से नामांकन करेंगे और CPI उनके नामांकन को अभूतपूर्व बनाना चाहती है। इसी सिलसिले में CPI अंचल परिषद की विस्तारित बैठक सोमवार को जिला कार्यालय कार्यानंद भवन में श्यामसुंदर झा की अध्यक्षता में की गई। मौके पर अंचल मंत्री अनिल कुमार अंजान ने कहा कि “9 अप्रैल को वाम मोर्चा के उम्मीदवार डा. कन्हैया कुमार के नामांकन को अभूतपूर्व बनाया जाएगा। एक-एक बूथ से संगठित जत्था आएगा, जिसमें सभी जाति और सांप्रदाय के लोग शामिल होंगे।”

    हालाँकि ज़मीनी हक़ीक़त इस से परे है। ये सही है की कन्हैया के नामांकन को अभूतपूर्व बनाने ले लिए उन्होंने देश भर में लोगों को न्योता दिया है लेकिन बड़े अफ़सोस की बात है की कन्हैया कुमार के उस निमंत्रण सूची से छात्र नेता उमर खालिद का नाम ग़ायब है। कल तक छात्र नेता का नाम कन्हैया कुमार की निमंत्रण सूची में था लेकिन रात उस सूची से उमर ख़ालिद का नाम निकाल दिया गया है। CPI को डर है की कन्हैया कुमार के नामांकन में उमर ख़ालिद के आने से कन्हैया कुमार का भूमिहार वोट कट जाएगा। इसलिए भूमिहार वोट कटने के डर से उमर ख़ालिद को इस अवसर पर नहीं बुलाया गया है।

    आज कन्हैया कुमार ने भी साबित कर दिया की मुसलमान सबको चाहिए लेकिन विक्टिम की शक्ल में चाहिए। मुसलमान नेता किसी को नहीं चाहिए, चाहे वो कन्हैया कुमार ही क्यूँ न हों। इस का अंदाज़ा आप इस बात से भी लगा सकते हैं की इस अवसर पर JNU के गुमशुदा छात्र नजीब की माँ फ़ातिमा नफ़ीस को तो वहाँ बुलाया गया है लेकिन कन्हैया के कभी बहुत ही क़रीबी साथी उमर ख़ालिद को नहीं बुलाया है। अब आप ख़ुद अंदाज़ा लगा लीजिए कि जिस कन्हैया को आज एक उर्दू नाम वाले उमर ख़ालिद के अपने नामांकन समारोह में सम्मिलित होने से दिक्कत महसूस हो रही है, कल उनका मसलमानों के साथ रवैया कैसा होगा।

    लाल सलाम। ?

    मोहम्मद ख़ालिद हुसैन

  • शिवहर लोकसभा क्षेत्र के महागठबंधन प्रत्याशी फैसल अली का विरोध , नाराज कार्यकर्ताओं की तेजस्वी को हिदायत , टिकट वापस नहीं लेने पर देंगे सैकड़ों कार्यकर्ता पद से देंगे इस्तीफा

    शिवहर लोकसभा क्षेत्र के महागठबंधन प्रत्याशी फैसल अली का विरोध जारी , नाराज कार्यकर्ताओं की तेजस्वी को सख्त हिदायत , टिकट वापस नहीं लेने पर देंगे सैकड़ों कार्यकर्ता पद से देंगे इस्तीफा , 

    शिवहर ( फजलुल मोबीन )

    बीते कुछ दिनों से ये खबर मिल रही थी के सैयद फैसल अली शिवहर लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन के उम्मीदवार हो सकते हैं । जिसकी पुष्टि कल शनिवार को राजद ने की । राजद प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे के अनुसार सैयद फैसल अली को ही शिवहर लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन का प्रत्याशी बनाया गया ।
    जैसे ही यह खबर शिवहर के आम जनों तक पहुंची सोशल मीडिया से लेकर चौक चौराहा तक उनके विरुद्ध आवाज उठनी शुरू हो गई जहां एक तरफ लोग आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को उसका जिम्मेदार बता रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सैयद फैसल अली की दावेदारी पर भी लोगों ने प्रश्न चिन्ह लगाया है ??
    इस से पूर्व ये चर्चा तेज थी के वैशाली के सांसद रमा सिंह या आंगेश कुमार सिंह अंग्राज या पूर्व सांसद लवली आनंद को महागठबंधन का प्रत्याशी बनाया जाएगा ।
    लेकिन जैसे ही कल फैसल अली का नाम आया वैसे ही विरोध के स्वर उठने लगे जहां एक तरफ लोगों ने “शिवहर बचाओ – बाहरी भगाओ” का नारा दिया ….. वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के प्रतित्वबंदी रमा देवी को भी राजद समर्थकों ने बधाई देनी शुरू कर दी ।
    नाराज राजद कार्यकर्ताओं ने पार्टी को चेतावनी दी है कि अगर स्थानीय को टिकट नहीं मिलता है तो वह पार्टी का विरोध कर आने वाले प्रत्याशी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और उन्हें काले झंडे दिखाएंगे । समर्थकों का कहना है कि शिवहर लोकसभा सीट से स्थानीय को टिकट ना देकर पार्टी के आलाकमान ने यहां की जनता से भद्दा मजाक किया है जिसको वह कतई कुबूल नहीं करेंगे ।

       गौरतलब होगी सैयद फैसल अली का संबंध बिहार के गया जिला से है । वे सऊदी अरब के सुप्रसिद्ध दैनिक पत्रिका अरब न्यूज़ में 18 साल तक एडिटर इन चीफ के पद पर रह चुके हैं वहीं वे भारत के सबसे बड़े एवं सुप्रसिद्ध उर्दू न्यूज़ ग्रुप रोजनामा राष्ट्रीय सहारा के भी ग्रुप एडिटर रह चुके हैं और अब वे दैनिक उर्दू पत्रिका ” सच की आवाज़ ” के मालिक और संपादक हैं ।
    …… शिवहर लोकसभा क्षेत्र जिसे चितौड़ गढ़ कहा जाता है यहां राजपूत समाज का वोट काफी निर्णायक होता है और अगर वो राजद समर्पित उम्मीदवार को अपना समर्थन करते हैं तो वो MY समीकरण के साथ राजद को आसानी से लक्ष्य की प्राप्ति हो जाती है । लेकिन उसके लिए किसी राजपूत उम्मीदवार का मैदान में उतरना ही परफेक्ट बैठता है । अब जब फैसल अली को प्रत्याशी बनाया गया है तो ऐसे में उनकी राह काफी मुश्किल होगी ऐसी परिस्थिति में my समीकरण उन्हें अपना नेता मान भी लेती है फिर भी उनके लिए दिल्ली दूर नजर आ रही है …. क्यूंकि यहां मुस्लिम प्रत्याशी को मुस्लिम वोट छोड़ कर किसी समाज का वोट कभी नहीं मिला है ….
    …… शिवहर लोकसभा क्षेत्र से अब तक सिर्फ एक मुस्लिम सांसद अनवारूल हक के रूप में निर्वाचित हुए हैं जो कि यहां के हर दिल अजीज और स्थानीय नेता थे लेकिन वह भी 2014 में लगभग डेढ़ लाख वोटों से चुनाव हारे थे। 2009 से यहां से लगातार बीजेपी की नेत्री रामादेवी जीतती आई है । लोगों के अनुसार सैयद फैसल अली को वर्तमान परिस्थिति देख कर मैदान में नहीं उतरना चाहिए क्योंकि आमजन विशेषकर अल्पसंख्यक बिल्कुल ही नहीं चाहते यहां से कोई मुस्लिम प्रत्याशी हो क्योंकि जब जब मुस्लिम उम्मीदवार होता है तब तब हिंदू – मुस्लिम का रंग देकर बीजेपी अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेती है ….. मुसलमानों के वोट बैंक पर राज करने वाली आरजेडी की हवा शिवहर लोकसभा क्षेत्र में अभी इतनी खराब हो चुकी है कि खुद यहां के पार्टी कार्यकर्ता राजद घोषित उम्मीदवार सैयद फैसल अली को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं कर रहे हैं । यहां तक कि लोगों ने राजद को वोट ना देकर किसी निर्दलीय को वोट देने का फैसला कर लिया है ।

    बताते चलें कि ….. इसे पूर्व 2014 में साबिर अली को जदयू कोटे से उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन मुसलमानों का साथ न मिलने पर उन्होंने टिकट वापस कर दिया था ठीक वैसी ही परिस्थिति आज फैसल अली के साथ भी है । लोगों ने कई माध्यम से पार्टी को सूचित किया है कि वह किसी भी कीमत पर बाहरी प्रत्याशी को स्वीकार नहीं करेंगे तथा लोगों ने पार्टी के आला कमान विशेषकर तेजस्वी यादव को सख्त हिदायत दे डाली है कि इस पर विचार विमर्श कर अपने फैसले को बदलें ।

    ★ मिल्लत टाइम्स के लिए फजलुल मोबीन की खास रिपोर्ट ★

  • बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट घोषित,80.73% स्टुडेंट हुए पास,सावन राज ने किया टाॅप

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:बिहार बोर्ड मैट्रिक रीजल्ट आज जारी हो गया। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन शनिवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सभागार में बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर की मौजूदगी में मैट्रिक परिणाम जारी किए गए। सिमुलतला विद्यालय के सावन राज भारती ने मैट्रिक परीक्षा में टॉप किया है। उन्होंने 97 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वहीं दूसरे स्थान पर सिमुलतला स्कूल के रविन्द्र राज ने 96 फीसदी अंक पाए हैं। इस बार फिर से सिमुलतला विद्यालय ने बाजी मारी है। पहले 5 रैंक पाने वाले 8 स्टूडेंट्स सिमुलतला के हैं।

    प्रथम श्रेणी में 2 लाख 90 हजार छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।
    द्वितीय श्रेणी में 5,56,131 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।
    तृतीय श्रेणी में 454450 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।

    कुल 13,20036 स्टूडेंट्स पास हुए हैं। इन में 683990 छात्र और 636046 छात्राएं पास हुए हैं।

    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2019 के परीक्षाफल में कुल 80.73 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो पिछले वर्ष 68.89 प्रतिशत था। इस प्रकार, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2019 में कुल 11.84 प्रतिशत विद्यार्थी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक उत्तीर्ण हुए हैं। इस परीक्षा में सम्मिलित विद्यार्थियों में कुल 3,14,813 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए हैं। वहीं 18,789 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है, जिसकी परीक्षा मई में होंगी।

    पिछले शनिवार को बिहार बोर्ड ने इंटर रिजल्ट जारी किए थे। ऐसा पहली बार है जब अप्रैल में ही बिहार बोर्ड इंटर और मैट्रिक के नतीजे जारी हो जाएंगे। बिहार बोर्ड वार्षिक मैट्रिक परीक्षा का आयोजन 21 से 28 फरवरी, तक राज्य के कुल 1418 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इसमें 16,60,609 स्टूडेंट्स ने फार्म भरा था। इनमें 8,37,075 छात्राएं व 8,23,534 छात्र हैं।

    बोर्ड द्वारा पहली बार मार्च में रिजल्ट जारी किया जा रहा है। नतीजे जारी करने के लिए बोर्ड ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। इंटर का मूल्यांकन मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हुआ था।

  • मेरे खिलाफ बगावत करने वाले हो जाएं ‘खामोश’:शत्रुघ्न सिन्हा

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:शनिवार को बीजेपी से नाराज शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में शामिल होते ही बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी करने लगे. शत्रुघ्न ने कहा कि बीजेपी में वन मैन शो और टू मैन आर्मी है. शत्रुघ्न सिन्हा ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि वो हमेशा से ही कहते आएं है कि सिचुएशन कुछ भी हो लोकेशन वही रहेगा. इतना ही नहीं लाल कृष्ण आडवाणी के ब्लॉग के बहाने शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा सोचिए कितना दर्द होगा उनके अंदर. मौजूदा सरकार के फैसलों की आलोचना करते हुए शत्रुघ्न ने नोटबंदी को सबसे बड़ा घोटाला बताया. इतना ही नहीं पत्नी के समाजवादी पार्टी के टिकट से लड़ने पर शत्रुघ्न ने कहा कि कुछ भी हो सकता है.

  • तेजस्वी पर प्रशांत किशोर का पटलवार,कहा सिर्फ पिता की वजह से है पहचान,अपने दमपर कुछ करके दिखाएं

    मिल्लत टाइम्स,पटना:चुनाव रणनीतिकार और जनया दल यूनाइटेड (JDU) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार किया है। प्रशांत किशोर ने तेजस्वी को अपने ट्विटर हैंडल से टैग करते हुए लिखा कि उनकी उपलब्धि सिर्फ इतनी है कि वह लालूजी के बेटे हैं।

    प्रशांत किशोर ने लिखा ‘तेजस्वी यादव आज भी लोगों के लिए आपकी पहचान और उपलब्धि बस इतनी है कि आप लालूजी के लड़के हैं। इसी एक वजह से पिता की अनुपस्थिति में आप RJD के नेता हैं और नीतीशजी की सरकार में DyCM बनाए गए थे। पर सही मायनों में आपकी पहचान तब होगी, जब आप छोटा ही सही पर अपने दम पर कुछ करके दिखाएंगे’

    https://twitter.com/PrashantKishor/status/1114110396049137664?s=19

    इसी एक वजह से पिता की अनुपस्थिति में आप RJD के नेता हैं और नीतीशजी की सरकार में DyCM बनाए गए थे। पर सही मायनों में आपकी पहचान तब होगी, जब आप छोटा ही सही पर अपने दम पर कुछ करके दिखाएंगे

    इससे पहले प्रशांत किशोर ने लालू प्रसाद यादव के उस दावे को झूठा बताया है जिसमें उन्होंने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गठबंधन में वापसी करना चाहते थे और इसके लिए नीतीश ने कई बार प्रशांत किशोर को उनके पास भेजा था। लालू यादव ने अपनी आत्मकथा ‘गोपालगंज टू रायसीना: माय पॉलिटिकल जर्नी’ में यह दावा किया है।

    लालू यादव के इस दावे का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने झूठा बताया है, अपने ट्वीट संदेश में प्रशांत किशोर ने लिखा ‘ लालूजी के द्वारा किया जा रहा दावा झूठा है, यह एक ऐसे नेता, जिसके अच्छे दिन बीत चुके हैं, द्वारा चर्चा में रहने का घटिया प्रयास है। हां, JDU में शामिल होने से पहले मैं कई बार उनसे मिला, लेकिन मुझे अगर मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का ब्यौरा बताना पड़ा तो उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी।‘

    लालू यादव ने दावा किया था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन छोड़ने के बाद 6 महीने के बाद वापस आना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था क्योंकि वह नीतीश कुमार में भरोसा खो चुके थे। लालू यादव ने अपनी जिस किताब में यह दावा किया है वह जल्द ही रिलीज होने वाली है।

  • सीतामढ़ी:जदयू उम्मीदवार डॉ वरूण ने लौटाया टिकट,NDA पर लगाया बेइज्जती का आरोप

    मिल्लत टाइम्स,पटना:लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जेडीयू को बड़ा झटका लगा है. बिहार की सीतामढ़ी सीट से जदयू के उम्मीदवार डॉ वरुण कुमार ने टिकट लौटा दिया है. लोग सांसद का टिकट लेने के लिए मरते रहते है और इस भाई साहब ने लौटा दिया बाकी आप समझ ही गये होंगे. जदयू की हालत यह है कि बीजेपी के उम्मीदवार को जदयू में शामिल करा कर अब मैदान में उतारने का प्लान हुआ है.

    जेडीयू ने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता सुनील कुमार पिंटू को अपना उम्मीदवार बनाया है. जानकारी के मुताबिक पिंटू आज ही जेडीयू ज्वाइन करेंगे, जिसके बाद उन्हें पार्टी अपना सिंबल देगी. वरूण के टिकट लौटाने को लेकर कई तरह की अफवाहें सामने आ रही हैं. लेकिन मुख्य कारण पार्टी के अन्दर हो रहे विरोध को माना जा रहा है.

    अब जदयू ने सुनील कुमार पिंटू पर विश्वास जताया है जो कि बिहार में वैश्य समुदाय का एक चेहरा हैं और पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. पिंटू का परिवार काफी दिनों से राजनीति में है और वो खुद दो बार सीतामढ़ी से विधायक रह चुके हैं.

    सदस्यता ग्रहण करने के बाद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि एनडीए मजबूत है और इस बार एनडीए की भारी बहुमत से जीत होगी. सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि जदयू में आकर अच्छा लग रहा है. मैं खुश हूं कि नीतीश कुमार ने हमपर विश्वास जताया है. हम मजबूती से चुनाव लड़ेंगे एेसा सीतामढ़ी की जनता का विश्वास है.

    कार्यक्रम में मंत्री ललन सिंह ने कहा कि वरुण कुमार ने खुद अपना सिंबल छोड़ा है. पिंटू ने मंत्री रहते हुए भी अच्छा काम किया है. हम सभी उनका स्वागत करते है.

    डॉक्टर वरुण ने नीतीश कुमार से मिलकर चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई है और इसके लिए उन्होंने वजह ये बताई है कि उन्हें न तो जनता दल यूनाइटेड का और न ही भाजपा का कोई नेता बहुत महत्व दे रहा था. इस वजह से वे काफी परेशान थे. इसीलिए उन्होंने ये फैसला लिया है और नामांकन से पहले ही टिकट लौटा रहे हैं.

  • आरजेडी के खिलाफ तेज प्रताप यादव खड़ा करेंगे लालू-राबड़ी मोर्चा?जल्द हो सकता है ऐलान

    मिल्लत टाइम्स,पटना:लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जल्द ही एक बड़ा ऐलान कर सकते हैं। तेज प्रताप ने हाल ही में छात्र राष्ट्रीय जनता दल के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही जहानाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी का उन्होंने समर्थन भी किया है।

    छात्र राष्ट्रीय जनता दल के संरक्षक पद से इस्तीफा देने के बाद अब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बड़ा ऐलान करने वाले हैं। हमारे सहयोगी टाइम्स नाउ के मुताबिक, तेज प्रताप यादव सोमवार शाम तक लालू राबड़ी मोर्चा नाम से एक नए दल के गठन का ऐलान कर सकते हैं। इन सुर्खियों के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) खेमे में हड़कंप मच गया है।

    बता दें कि हाल ही में तेज प्रताप यादव ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, ‘छात्र राष्ट्रीय जनता दल के संरक्षक के पद से मैं इस्तीफा दे रहा हूं। नादान हैं वे लोग जो मुझे नादान समझते हैं, कौन कितना पानी में है सबकी ख़बर है मुझे।’ गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। खबरों के मुताबिक, तेज प्रताप यादव ऐश्वर्या राय के पिता और सारण सीट से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार चंद्रिका राय को टिकट देने की वजह से ही तेजस्वी यादव से नाराज चल रहे हैं।

    लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने शनिवार को विरोध के स्वर बुलंद रते हुए जहानाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। बता दें कि जहानाबाद संसदीय क्षेत्र से बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता शनिवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप से मिलने पटना पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार सुरेंद्र यादव का विरोध करते हुए किसी युवा को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की। इसके बाद कार्यकर्ताओं से बातचीत में तेज प्रताप ने स्पष्ट किया, ‘जो जनता की मांग है, उसे लोगों को सुनना चाहिए। जनता की जो भी मांग है, उसके साथ मैं रहूंगा।(इनपुट नवभारत)

  • बिहार:महागठबंधन के प्रत्याशी घोषित;पाटलिपुत्र से मीसा, पटना साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी हो सकते है शत्रुघ्न सिन्हा

    कांग्रेस के 12 और उम्मीदवारतय, बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम और पप्पू यादव की पत्नी रंजीतको टिकट राजद ने सजायाफ्ता बाहुबली शहाबुद्दीन की पत्नी को सीवान से उतारा, तेजप्रताप यादव के ससुर चंद्रिका राय को सारण से टिकट पटना साहिब से प्रत्याशी का ऐलान नहीं हुआ, यहां से कांग्रेस के टिकट पर शत्रुघ्न सिन्हा लड़ सकते हैं

    ‌मिल्लत टाइम्स,पटना:बिहार में महागठबंधन ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों का शुक्रवार को ऐलान कर दिया। पाटलिपुत्र से लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती, मधेपुरा से शरद यादव और सारण से तेजप्रताप (लालू के बड़े बेटे) के ससुर चंद्रिका राय को टिकट दिया।राजद 19, कांग्रेस 9, रालोसपा 5, हम-वीआईपी 3-3 और राजद के कोटे से सीपीआई-एमएल एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी।

    उधर,कांग्रेस ने भी12 उम्मीदवारों की सूची जारी की।बिहार की चार में से तीन सीटों पर महिलाओं को टिकट दिया गया।सासाराम से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, सुपौल से वर्तमान सांसद और बाहुबली पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन को टिकट दिया गया। मुंगेर से नीलम देवी कांग्रेस प्रत्याशी होंगी। नीलमपूर्व जेडीयू विधायक और बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी हैं। वहीं, समस्तीपुर से डॉ. अशोक कुमार कांग्रेस प्रत्याशी होंगे।

    मीसा के टिकट पर था लालू परिवार में घमासान
    पाटलिपुत्र सीट से मीसा भारती को लेकर लालू परिवार के अंदर ही खींचतान मची थी। सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी मीसा को यहां से सीट नहीं देना चाहते थे। वहीं, तेजप्रताप मीसा के समर्थन में थे। विवाद के चलते ही मीसा को राजद का स्टार कैंपेनर नहीं नहीं बनाया गया। आखिरकार राजद ने इस सीट से मीसा के टिकट को ही फाइनल कर दिया।

    कीर्ति आजाद और शत्रुघ्न के लिए रोकी गईं पटना साहिब और वाल्मीकि नगर सीटें
    कांग्रेस ने अपने कोटे की नौसीटों में से सात पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। वाल्मीकि नगर और पटना साहिब सीट पर उम्मीदवारों का ऐलान नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा को उतार सकती है। वहीं, भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए कीर्ति आजाद को वाल्मीकि नगर से उतारा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने कीर्ति को दरभंगा से टिकट देने का वादा किया था। महागठबंधन में हुई सीट शेयरिंग के बाद यह सीट राजद के खाते में चली गई। राजद ने यहां से बिहार सरकार में वित्त मंत्री रहे अब्दुल बारी सिद्दीकी को टिकट दिया है।

    तेजस्वी ने नहीं मानी तेजप्रताप की मांग

    लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप ने मीडिया से कहा था कि उन्होंने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से बात करके अंगेश सिंह के लिए शिवहर और चंद्रप्रकाश यादव के लिए जहानाबाद सीट की मांग की थी। शुक्रवार को हुए सीटों के ऐलान में शिवहर से तो कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया, लेकिन जहानाबाद सीट से चंद्रप्रकाश को टिकट न देकर सुरेंद्र यादव के नाम का ऐलान किया गया है।

    महागठबंधन: किस पार्टी को कौन सी सीट

    सीट  महागठबंधन उम्मीदवार पार्टी  2014 में कौनजीता
    वाल्मीकि नगर   बाद में घोषणा होगी   कांग्रेस   भाजपा
    पश्चिम चंपारण  बाद में घोषणा होगी   रालोसपा भाजपा
    पूर्वी चंपारण    बाद में घोषणा होगी   रालोसपा  भाजपा
    शिवहर           बाद में घोषणा होगी     राजद     भाजपा
    सीतामढ़ी       अर्जुन राय                राजद    रालोसपा
    मधुबनी।     बाद में घोषणा होगी    वीआईपी   भाजपा
    झंझारपुर       गुलाब यादव             राजद     भाजपा
    सुपौल।          रंजीत रंजन             कांग्रेस      कांग्रेस
    अररिया        सरफराज आलम ।      राजद       राजद
    किशनगंज।       मो. जावेद ।           कांग्रेस।   कांग्रेस
    कटिहार ।       तारिक अनवर           कांग्रेस   राकांपा
    पूर्णिया           उदय सिंह                कांग्रेस    जदयू
    मधेपुरा             शरद यादव            राजद      राजद
    दरभंगा       अब्दुल बारी सिद्धिकी    राजद     भाजपा
    मुजफ्फरपुर   डॉ. राजभूषण चौधरी   वीआईपी  भाजपा
    वैशाली         रंघुवंश प्रसाद सिंह       राजद।     लोजपा
    गोपालगंज     सुरेंद्रराम उर्फ महंतजी    राजद     भाजपा
    सिवान              हिना सहाब              राजद    भाजपा
    महाराजगंज       धीरेंद्र सिंह ।             राजद।   भाजपा
    सारन               चंद्रिका राय              राजद     भाजपा
    हाजीपुर ।         शिवचंद्र।                  राजद    लोजपा
    उजियारपुर    बाद में घोषणा होगी     रालोसपा  भाजपा
    समस्तीपुर (एससी)     अशोक राम    कांग्रेस   लोजपा
    बेगुसराय।      तनवीर हसन             राजद    भाजपा
    खगड़िया        मुकेश साहनी         वीआईपी    लोजपा
    भागलपुर       बल्लू मंडल             राजद।       राजद
    बांका           जयप्रकाश यादव       राजद ।      राजद
    मुंगेर            नीलम देवी              कांंग्रेस       लोजपा
    नालंदा         अशोक कुमार आजाद    हम        जदयू
    पटना साहिब   बाद में घोषित होगी    कांग्रेस   भाजपा
    पाटलीपुत्र         मीसा भारती           राजद     भाजपा
    आरा   बाद में घोषित होगी    सीपीआई एमएल  भाजपा
    बक्सर         जगदानंद सिंह          राजद         भाजपा
    सासाराम (एससी)    मीरा कुमार     कांग्रेस      भाजपा
    काराकाट    बाद में घोषणा होगी    रालोसपा    रालोसपा
    जहानाबाद      सुरेंद्र यादव        राजद         रालोसपा
    औरंगाबाद           उपेंद्र प्रसाद       हम         भाजपा
    गया (एससी)      जितन राम मांझी    हम      भाजपा
    नवादा                विभा देवी           राजद     भाजपा
    जमुई (एससी)     भूदेव चौधरी       रालोसपा   लोजपा

    महागठबंधन की प्रेस वार्ता से पहले कांग्रेस ने 12 उम्मीदवार घोषित किए थे। इनमें बिहार की चार सीटों- सुपौल, समस्तीपुर, मुंगेर और सासाराम के प्रत्याशी भी थे। 12 उम्मीदवारों की सूची में कांग्रेस ने ओडिशा से सात और उत्तरप्रदेश से एक उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया था।

  • बिहार:एनडीए ने 40 मे मात्र 1 सीट दिया मुस्लिमों को, जानिए कहा से किसे मिला टिकट

    मिल्लत टाइम्स,पटना:लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद आज एनडीए ने बिहार में उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है.
    बीजेपी ने जो बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए 17 कैंडिडेट मैदान में उतारे हैं उन चेहरों में अल्पसंख्यक का एक भी चेहरा नहीं है. बीजेपी ने बिहार लोकसभा चुनाव में एक भी अल्पसंख्यक चेहरे पर अपना भरोसा नहीं जताया है. मसलन बीजेपी की बिहार वाली लिस्ट से अल्पसंख्यक चेहरा गायब है.

    जेडीयू भले ही हर वर्ग को मिलाकर चलने की बात करती हो लेकिन लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों की सूची में जेडीयू ने भी सिर्फ एक अल्पसंख्यक चेहरे पर भरोसा किया है. जेडीयू ने किशनगंज से महमूद अशरफ को चुनावी मैदान में उतारा है. अगर एनडीए के सीट बंटवारे पर नजर डाला जाए तो बिहार के 40 सीटों पर एनडीए ने महज एक अल्पसंख्यक चेहरे पर भरोसा किया है. अब आने वाला वक्त ही बताएगा बिहार में एनडीए ने जिस आधार पर सीट बंटवारा किया है उसका क्या रिजल्ट पर क्या असर पड़ता है.

    लोकसभा क्षेत्र नाम। पार्टी

    1 वाल्मीकि नगर श्री वैद्यनाथ प्रसाद महतो जदयू

    2 पश्चिमी चंपारण डॉ संजय जायसवाल भाजपा

    3 पूर्वी चंपारण श्री राधा मोहन सिंह भाजपा

    4 शिवहर श्रीमती रमा देवी भाजपा

    5 सीतामढ़ी डॉ अरुण कुमार जदयू

    6 मधुबनी श्री अशोक कुमार यादव भाजपा

    7 झंझारपुर श्री विलेश्वर का मैप जदयू

    8 सुपौल श्री दिनेश्वर कुमार जदयू

    9 अररिया श्री प्रदीप सिंह भाजपा

    10 किशनगंज श्री महमूद अशरफ जदयू

    11 कटिहार श्री दुलाल चंद्र गोस्वामी जदयू

    12 पूर्णिया श्री संतोष कुमार कुशवाहा जदयू

    13 मधेपुरा श्री दिनेश चंद्र यादव जदयू

    14 दरभंगा श्री गोपाल जी ठाकुर भाजपा

    15 मुजफ्फरपुर श्री अजय निषाद भाजपा

    16 वैशाली श्रीमती मीना देवी लोजपा

    17 गोपालगंज डॉक्टर आलोक कुमार सुमन जदयू

    18 स श्रीमती कविता सिंह जदयू

    19 महाराजगंज श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल भाजपा

    20 सारण श्री राजीव प्रताप रूडी भाजपा

    21 हाजीपुर श्री पशुपति कुमार पारस लोजपा

    22 उजियारपुर श्री नित्यानंद राय भाजपा

    23 समस्तीपुर श्री रामचंद्र पासवान लोजपा

    24 बेगूसराय श्री गिरिराज से भाजपा

    25 खगड़िया लोजपा

    26 भागलपुर श्री अजय कुमार मंडल जदयू

    27 बांका श्री गिरिधारी यादव जदयू

    28 मुंगेर श्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह

    29 नालंदा श्री कौशलेंद्र कुमार जदयू

    30 पटना साहिब श्री रवी शंकर प्रसाद भाजपा

    31 पाटलिपुत्र श्री राम कृपाल यादव भाजपा

    32 आरा श्री राजकुमार से भाजपा

    33 दक्षिण श्री अश्विनी कुमार चौबे भाजपा

    34 सासाराम श्री छेदी पासवान भाजपा

    35 काराकाट श्री महाबली सिंह जदयू

    36 जहानाबाद श्री चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी जदयू

    37 औरंगाबाद श्री सुशील कुमार सिंह भाजपा

    38 गया श्री विजय कुमार मांझी जदयू

    39 नवादा श्री चंदन कुमार लोजपा

    40 जम्मुई श्री चिराग कुमार पासवान लोजपा

  • सीमांचल:महानंदा बेसिन परियोजना और कृषि उत्पादकता !!

    N N Madani: सीमांचल क्षेत्र के किसी भी जिले में कोई भी सिंचाई भूमि नहीं है। शायद क्षेत्र का एक एकड़ जमीन भी सिंचिाई-योग्य नहीं है। महानंदा बेसिन परियोजना 42 साल पहले प्रस्तावित किया गया था और इस परियोजना के उद्देश्यों में से एक है – इस क्षेत्र में नदियों के बाढ़ के प्रकोप से पूरे क्षेत्र को बचाने के अलावा सिंचाई-प्रणाली को स्थापित करना था। आप खुद ही देख सकते हैं आज तक प्रशासन की तरफ से कितने प्रयास किए गये हैं।

    सरकारें बहुत आईं और बदलती गईं, लेकिन उनमें से कोई भी सरकार इस परियोजना पर काम करने के लिए इच्छुक नहीं दिखे। वास्तव में, कटिहार सांसद को चुनाव के दौरान किए गए वादे के मुताबिक इस परियोजना को शुरू करना चाहिए था, लेकिन वह बुरी तरह विफल रहे और कभी लगा ही नहीं कि वो इस मुद्दे पर गंभीर भी हैं। अगर कोई नेता यह वादा करता है कि वह सीमांचल-क्षेत्र को कृषि उत्पादकता के मामले में पंजाब/हरियाणा या पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तरह बना देंगे तो इसका मतलब है कि उन्के पास कृषि-क्षेत्र का ज्ञान बिल्कुल भी नहीं है या फिर वह कृषि-क्षेत्र की बुनियादी बारीकियों को समझने में नाकामयाब रहे है। पहले देश के Average उत्पादकता वाला राज्य बनाने का तो प्रयास कर लें।

    जनता के सामने ऐसे वादे करने से पहले, नेताओं को महानंदा बेसिन परियोजना को साकार करना चाहिए था और फिर कृषि-क्षेत्र मे आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के क्रम में कदम उठाना चाहिए था। अब तो हमारे पास, एक कृषि महाविद्यालय (किशनगंज) भी है जिसे स्थानीय किसानों के साथ मिलकर काम करना चाहिए तथा उन्हें नवीनतम टिशू कल्चर तकनीक, बेहतर अंकुर उत्पादन आदि का ज्ञान किसानों में विकसित करना चाहिए। किसानों को यह भी बताना चाहिए कि कृषि वैज्ञानिक बुनियादी आवश्यकताओं के अनुसार इसे प्रयोगशाला से खेतों मे किस प्रकार इन तकनीकों का उपयोग करते हैं।

    जुलाई 2010 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14.5 9 करोड़ रुपये की लागत से महानंदा के तटबंधों को बांधने के लिए महानंदा नदी बेसिन परियोजना की शुरुआत की थी। लेकिन इस परियोजना को लांच किए हुए 8 वर्ष बीत चुके हैं पर धरातल पर कोई ऐसी परियोजना का नाम-व-निशान नहीं दिख रहा है। बाढ़ हर साल आती है जान-व-माल का नुकसान हर साल ही होता है। छोटे-छोटे नालों पर कलभर्ट और पुलिया ही अगर विकास है तो सीमांचल का क्षेत्र पूरे देश में सबसे विकसित कहलाएगा।

    क्या हम उम्मीद करें सीमांचल की जनता से कि आने वाली चुनाव में इन मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएंगे और विभिन्न पार्टियों की मेनिफेस्टो में शामिल करने के लिए मजबूर करेंगे। साथ ही इसे लागु करवाने का प्रयास करेंगे।