Category: बिहार

  • बिहार:छापामारी करने गई पुलिस टीम पर शराब व्यवसायी व उनके सहयोगियों ने किया हमला

    परवेज़ सिवानी,छपरा:शुक्रवार की रात गौरा के शराब व्यवसायी के यहा छापामारी करने गई गौरा ओपी पुलिस टीम पर शराब व्यवसायी व उनके सहयोगियों ने हमला कर दिया। इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है जिसमे 5 लोगो को नामजद व 25 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। इस संबंध में मढ़ौरा के पुलिस निरीक्षक ने बताया की गुप्त सुचना के आधार पर गौरा ओपी के सअनि सुरेन्द्र भगत गौरा के शराब कारोबारी भृगु मांझी के यहाँ छापामारी करने गये थे जहाँ पुलिस को देखते सभी लोग भागने लगे इस दौरान पुलिस ने दो कारोबारियों को खदेड़कर गिरफ्तार कर लिया ।

    थानाध्यक्ष ने बताया की गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों को छुड़ाने के लिए गौरा निवासी भृगु मांझी अमित मांझी ,संजीत मांझीप्रदीप मांझी व मुकेश मांझी सहित अन्य अज्ञात पच्चीस लोगों ने गाली – गलौज और धक्का मुक्की करते हुए पुलिस पर पथराव करने लगे। इस पथराव के दौरान ईट पत्थर के हमले से सरकारी पुलिस गाड़ी छतिग्रस्त हो गयी।

    छापेमारी दल के पुलिस अधिकारी और पुलिस बल किसी तरह वहां से जान बचाकर भागे। इस मामले में पुलिस ने सभी अभियुक्तों पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने और पुलिस बल पर हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी हेतु छापामारी शुरू कर दी है। समाचार भेजे जाने तक किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी की सूचना नही है।

  • 18 लाख का चेक बाउंस,भोजपुरी अभिनता खेसारीलाल पर प्राथमिकी दर्ज

    *असहनी गांव निवासी श्रीकृष्ण पांडेय के पुत्र मृत्युंजय नाथ पांडेय ने रसुलपुर थाने में 18 लाख का चेक बाउंस होने की प्राथमिकी दर्ज करायी*

    परवेज़ सिवानी,एकमा:भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता व गायक के खिलाफ बिहार में छपरा के एकमा में रसूलपुर थाना क्षेत्र के धानाडीह गांव निवासी मंगरू यादव के पुत्र शत्रुध्न कुमार उर्फ खेसारीलाल यादव पर 18 लाख रुपये के चेक बाउंस होने के मामले में असहनी गांव निवासी श्रीकृष्ण पांडेय के पुत्र मृत्युंजय नाथ पांडेय ने रसुलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.

    दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित ने कहा है कि वह अपनी खरीदी गयी जमीन मौजा अठडीला तौजी संख्या 954, खाता संख्या 128, सर्वे संख्या 295, रकबा सात कट्ठा ग्यारह धुर जमीन बाईस लाख सात हजार रुपये में तय किया था. जिसकी रजिस्ट्री चंदा देवी पति शत्रुध्न कुमार उर्फ खेसारीलाल यादव के नाम एकमा स्थित निबंधन कार्यालय में 04 जून 2019 को कर दिया. जिसके बाद आरोपी ने बैंक ऑफ बड़ौदा का 000451 चेक संख्या पर अठारह लाख रुपये की रकम का चेक दिया और बाकी का शेष रकम बाद में देने का भरोसा दिलाया. 20 जून 2019 को जब अपने बैंक में उक्त चेक को जमा किया तो 24 जून को चेक वापस हो गया.

    बैंक कर्मियों के कहने पर पुन: उक्त चेक को दुबारा 27 जून को अपने बैंक खाते में जमा किया पर 28 जून को चेक बाउंस हो गया. अंततः मानसिक रूप से परेशान होकर कानूनी वकालतन नोटिस भेजा गया. जिसका भी जवाब अबतक आरोपी ने नहीं दिया तो थक हार कर पीड़ित ने निबंधित जमीन के कागजात व चेक मेमो की छाया प्रति संलग्न करते हुए रसूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगायी है.

    वही , चेक बाउंस मामले में खेसारी लाल यादव ने पूछे जाने पर बताया कि उनके खाते में सत्तर लाख से ऊपर रुपये है. चेक बाउंस हो ही नहीं सकता. बल्कि उसे भुगतान करने से रोका गया है. अभिनेता खेसारी लाल ने कहा कि रजिस्ट्री करने वाले मृत्युंजय नाथ पांडेय ने तय की गयी रुपये भुगतान के पहले दाखिल खारिज करने की बात की थी. क्योंकि उस जमीन का दाखिल खारिज किसी और के नाम से है. जिससे पांडेय ने जमीन खरीदी थी. खेसारीलाल ने कहा कि तीन महीना बीतने के बाद भी उस जमीन का दाखिल खारिज पांडेय अपने नाम से नहीं करा सके. इसलिए उन्हें आशंका है कि इस जमीन की खरीद बिक्री में उनके साथ धोखाधड़ी की गयी है. जब तक जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो जाती तब तक भुगतान रुका रहेगा. दाखिल खारिज नहीं होने पर वे खुद धोखाधड़ी की प्राथमिकी करेंगे.

  • शहर में बहन के साथ हो रही छेड़खानी का विरोध करने पर भाई-बहन को चाकू घोंप किया जख्मी

    परवेज सिवानी:छपरा शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित कुलदीप नगर मोहल्ले में शुक्रवार की देर शाम छेड़खानी का विरोध करने पर मनचलों ने भाई-बहन को चाकू घोंप कर जख्मी कर दिया। जख्मी युवक स्थानीय थाना क्षेत्र के कुलदीप नगर मोहल्ला निवासी अर्जुन साह का पुत्र राजीव साह एवं उसकी 18 वर्षीय बहन आरती देवी बताए जाते हैं।

    घटना के संबंध में बताया जाता है कि आरती देवी अपने पति अमरजीत कुमार के साथ रक्षाबंधन में मायके आई थी। शुक्रवार की देर शाम मोहल्ले के कुछ मनचले युवकों ने आरती देवी के साथ छेड़खानी करना शुरू कर दिया। उसके द्वारा शोर मचाए जाने पर उसका भाई राजीव साह वहां पहुंचा और विवाद के बाद मनचले युवकों ने राजीव के पीठ पर चाकू से वार कर दिया। बीच बचाव के दौरान आरती के हाथ पर भी चाकू लगा। दोनों जख्मी के सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस मामले में जख्मी राजीव के बयान पर मोहल्ले के तीन मनचलों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

  • दरभंगा में भीड़ और पुलिस के द्वारा लिंचिंग का प्रयास,पहुँची पाँपुलर फ्रंट आँफ इंडिया की टीम।

    प्रेस विज्ञप्ति,16/08/2019:दरभंगा जिला के पंडासराय के रहने वाले अफज़ल अली, प्रवेज़ अली, और मोहम्मद आजाद को उस समय मुसलमान होना महंगा पड़ा जब वो क़ुरबानी का गोश्त लेकर ताजपुर के एक रिश्तेदार के यहाँ जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में सोनु कुमार यादव, मनोज कुमार यादव और बबलू कुमार यादव बाइक से आकर उन्हें परेशान करने लगे और मना करने पर कुछ और लोगों के साथ मिल कर उन्होने इन तीनों की पिटाई शुरू कर दी। इस के बाद जब वो लोग बिशनपुर थाना में आवेदन देने पहुँचें तो थाना के इंचार्ज भी कई पुलिस वालों और भिड़ के साथ मिलकर इनकी पिटाई करने लगे। 15 अगस्त को जब पाँपुलर फ्रंट आँफ इंडिया की पिड़ितों से मिलने पहुँची तो पता चला कि बाद में यादवों की भीड़ थाने आई और थाना प्रभारी कई पुलिस वालों और भिड़ के साथ मिलकर तीनों नौजवान को बुरी तरह से पीटे।

    जब गाँव वालों को पता चला तो उन्होने एस. पी और अन्य जिला अफसरान को फोन कॉल करने का प्रयास किया लेकिन वो अफसरान भी फोन कॉल रिसिव नहीं किए।इसी से अंदेशा होता है कि इन तीनों के लिंचिंग का मिली भगत से मनसूबा बनाया गया था। लेकिन जब गाँव वालों के सड़क जाम कर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पाँपुलर फ्रंट आँफ इंडिया दरभंगा की टीम ने मुलाकात कर लिंचिंग के पीड़ित लड़को को लीगल यानी क़ानूनी मदद का भरोसा दिया और अपराधी को कठोर सजा दिलाने का अश्वसन दिया और पीडिता को न्याय दिलाने का काम करेंगे।

    पाँपुलर फ्रंट आँफ इंडिया के दरभंगा जिला अध्यक्ष मोहम्मद सनाउल्लाह साहब ने कहा कि हम मुजरिम को कठोरतापूर्वक सज़ा दिलाने की पुरी कोशिश करेंगे और साथ ही साथ हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि थाना प्रभारी और उनके साथी अन्य पुलिस वालों को अविलंब बरखास्त करे और अविलंब क़ानूनी काररवाई करे।
    टीम में शामिल सोशल डैमोक्रेटिक पार्टी आँफ इंडिया (एस•डी•पी•आई) के दरभंगा जिला महासचिव मोहम्मद महबूब आलम ने कहा है कि यही बिहार सरकार का बिहार माडल है आगे उन्होने कहा कि आज पुरा बिहार जंगल राज बन चुका है इसलिए जंगल राज के खिलाफ जनता को सड़क पर उतरना होगा और इस लड़ाई के लिए बिहार के जनता की अगवानी करने के लिए और मार्गदर्शन के लिए SDPI तैयार है और इस तरह बिहार की पावन धरती की मर्यादा को धूमिल नहीं होने देंगे। टीम में पाँपुलर फ्रंट आँफ इंडिया के अन्य सदस्य शामिल थे डाक्टर शारिक़ रेज़ा, मोहम्मद इशतियाक, मोहम्मद सादिक, मोज़फ्फर हुसैन आदि

  • बहन से राखी बाँधवा कर घर लौट रहा बाइक सवार युवक को बोलेरो ने मारा टक्कर घंटो पड़ा रहा सड़क पर बेहोश किसी ने नही पहुंचाया हॉस्पिटल।

    परवेज,छपरा:छपरा सिवान मुख्य मार्ग NH 85.थाना एकमा के हरपुर मोड पर बोलेरो गड़ी ने सुमित गिरी नामक बाइक सवार को टक्कर मार कर फरार होगया।लगभग आधा घंटा से सड़क पर बेहोश पड़े युवक को लोग तमाशा बीन बने रहे।

    परवेज जब अपने घर रुदलपुर जलालपुर से सिवान जारहा था तो युवक को किसी तरह एकमा प्राथमिक सवास्थ्य केंद्र पहुंच कर इलाज करवाया ।डॉक्टर संतोष कुमार सीरियस स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद पटना PMCH रेफर करदिया।

  • मुजफ्फरपुर के निर्दोष मुस्लिमों पर से झूठे मुकदमे वापस लेकर रिहा करो:माले

    *सांप्रदायिक ताकतों के दबाव में बिहार पुलिस, सांप्रदायिक ताकतों पर लगाम लगाए नीतीश सरकार.*

    प्रेस रिलीज़:पटना 16 अगस्त 2019
    भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में एक बार फिर से सांप्रदायिक ताकतों के दवाब में बिहार पुलिस को काम करते देखा गया है. जहां नियम-कानून की धज्जियां उड़ाकर नीतीश कुमार के पूर्व मंत्री अजीत कुमार तथा भाजपा-विश्व हिन्दू परिषद् के दबाव में पुलिस ने दामोदरपुर बाजार में आधी रात को घर में घुस कर निर्दोष मुसलमानों की गिरफ्तारी की. इसमें एक वृद्ध महिला की मौत भी हो गई. भाकपा-माले पुलिस की इस ज्यादती की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने, गिरफ्तार निर्दोष लोगों को रिहा करने, अन्य निर्दोषों पर आगे किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा सांप्रदायिक उन्माद-उत्पात भड़काने वाले हिन्दूवादी संगठनों व नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग करती है.k

    भाकपा-माले और इंसाफ मंच ने कहा है कि ’बकरीद के दिन दामोदरपुर बाजार के आगे स्थित ईदगाह चैक पर सांप्रदायिक उत्पात भड़काने के लिए कांटी के पूर्व विधायक और नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री अजीत कुमार मुख्य रूप से जिम्मेवार हैं. अजीत कुमार पर मामले को भड़काने तथा उत्पात मचाने का मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी अविलंब गिरफ्तारी की भी मांग पार्टी करती है.

    *दामोदरपुर में पुलिस ज्यादती की रिपोर्ट*

    विगत 13-14 अगस्त को भाकपा-माले मुजफ्फरपुर नगर सचिव व इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह, इंसाफ मंच के नेता आफताब आलम, असलम रहमानी, जफर आजम, रेयाज खान और आइसा के विकेश कुमार, दीपक कुमार व अजय कुमार की एक संयुक्त टीम ने मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर गांव पहुंच कर आम लोगों से भेंट-मुलाकात की तथा पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से बात की. इस दौरान दामोदरपुर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों से तल्खी और नोकझोंक भी हुई.

    स्थानीय लोगों से बातचीत के उपरांत घटनाक्रम इस प्रकार उभरकर सामने आया. 12 अगस्त की सुबह में बकरीद के दिन मुजफ्फरपुर से 4-5 किलोमीटर पश्चिम कांटी प्रखंड के अंतर्गत दामोदरपुर मुख्य बाजार के बाद ईदगाह चैक पर चकमुरमुर, शुभंकरपुर, दामोदरपुर के पश्चिमी टोले के मुस्लिम समुदाय के लोग ईद की नमाज अता करने जुटे थे. इसी दौरान अंतिम सोमवारी पर बोलबम वालों का एक जत्था वहां डीजे के साथ पहुंच कर धार्मिक जयकारा लगाने लगा. वहां पर मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों और पुलिस ने डीजे बजाने और धार्मिक जय-जयकार करने से मना किया, लेकिन बोलबम का जत्था अड़ा रहा और फिर नोकझोंक पर उतारू हो गया. पुलिस और कुछ स्थानीय लोगों ने डीजे को ठेल कर आगे करने की कोशिश की, लेकिन बोलबम वालों का जत्था और आक्रामक होता चला गया. पुलिस भी उन्हें समझाने और हटाने में लगी रही लेकिन बवाल बढ़ता गया. वहां से सटे चकमुरमुर और शुभंकरपुर गांव से भी लोग आकर बोलबम वालों के साथ पुलिस और ईदगाह चैक पर खड़े लोगों पर पत्थराव करने लगे. तब तक शहर से वरीय अधिकारी भी पहुंच गए और वे मामले को शांत कराने की कोशिश करते रहे. लेकिन सैकड़ों की संख्या में जुटे बोलबम के समर्थक जोरदार पत्थराव करते रहे जिसमें कई पुलिस वाले भी घायल हो गये. अंततः पुलिस ने भी दंगा पर उतारू उत्पातियों पर लाठी चार्ज करते हुए खदेड़ना शुरू कर दिया. डीएम, एसपी, डीआईजी और कमिश्नर के पहुंचने पर उत्पातियों को भगाया जा सका. इस दौरान पांच उत्पातियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

    नेपथ्य में कांटी विधान सभा के पूर्व विधायक सह नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री अजीत कुमार (जो लोकसभा चुनाव के पूर्व ‘हम’ पार्टी में थे लेकिन चुनाव के दौरान ही ‘हम’ छोड़ने की घोषणा की थी) ने पुलिस-प्रशासन पर पक्षपात करने तथा बोलबम वालों पर ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए लोगों को भड़काने में जुटे रहे. यह भी चर्चा है कि अजीत कुमार अपने राजनीतिक स्वार्थ में पहले से ही पूरे मामले को भड़का रहे थे.

    बहरहाल पुलिस-प्रशासन ने दोनों पक्ष के सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बैठा कर शांति कायम रखने की अपील की और उस क्षेत्र में 144 धारा लागू कर बड़ी संख्या में पुलिस को उतार दिया. पुलिस ने दोनों पक्ष के 41 लोगों पर नामजद तथा 500 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की.

    13 अगस्त की सुबह उस क्षेत्र में कोई घटना नहीं घटी और चौक की दुकानें भी खुली. लेकिन विश्व हिन्दू परिषद् के दर्जन भर लोगों ने घटना स्थल से काफी दूर बैरिया बस स्टैंड चैराहे को जाम कर पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए बोलबम के लोगों से मारपीट व उनके डीजे तोड़ने के लिए जिम्मेवार अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई करने की मांग की. पुलिस-प्रशासन के आश्वासन के बाद जाम खत्म हुआ. और इसके बाद पुलिस का असली रूप खुलकर सामने आ गया.

    13 अगस्त की रात्रि में पुलिस दामोदरपुर मुख्य बाजार स्थित मुस्लिम समुदाय के घरों में जबरन घुसकर गाली-गलौज व मारपीट करने लगी. लोगों का यहां तक कहना है कि जय श्रीराम के नारे लगाए गए. 11 मुस्लिम लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. एक घर का दरवाजा तोड़ कर दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया, जब उनकी मां ने विरोध किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई. उन्हें जोर से धकेल दिया गया. जिसके कारण वे बुरी तरह घायल हो गईं और अगले दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
    जबकि 12 अगस्त को दामोदरपुर बाजार के मुस्लिम समुदाय ईदगाह चौक पर उपस्थित भी नहीं थे. वे लोग बाजार स्थित मस्जिद में ही ईद की नमाज अता कर रहे थे. यहां मुस्लिम समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है और हिन्दूवादी संगठन उत्पात मचाने और इनको फंसाने में अक्सर जुटे रहते हैं. साल भर पहले भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश की गई थी.

    13 अगस्त की रात में दामोदरपुर से आगे के चकमुरमुर/शुभंकरपुर गांव से 6 मुस्लिमों व 6 हिन्दुओं जो दलित व पिछड़े हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
    दामोदरपुर बाजार मुहल्ले में गिरफ्तारी और इस दौरान एक महिला की मौत से गुस्साये मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दामोदरपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. एसडीओ, वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ने वार्ता कर जिनकी मां की मृत्यु हुई थी, उनके गिरफ्तार दोनों बेटों को छोड़ दिया. लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है.

  • दरभंगा:बढ़ते अपराध को लेकर इंसाफ मंच ने एसएसपी के समक्ष दिया धरना

    प्रकाशानार्थ/प्रसारणार्थ
    बढ़ते अपराध व मेट्रो हॉस्पिटल में हुई हत्या पर पुलिसिया निष्क्रियता व अपराधियों को मिल रहें पुलिस सरंक्षण के खिलाफ इंसाफ मंच ने दरभंगा एसएसपी के समक्ष दिया धरना।
    *मेट्रो हॉस्पिटल के कर्मी की हत्या पर डीआईजी के आदेश पर भी अभी तक मुक़दमा न होना पुलिस की भूमिका संदेहास्पद-नेयाज अहमद*
    नीतीश बाबू के सुशासन में पुलिस पब्लिक फ्रेंडली के बदले अपराधी फ्रेन्डली -अभिषेक कुमार

    लहेरियासराय, 10 अगस्त 2019।
    जिले में बढ़ते अपराध, मेट्रो हॉस्पिटल में हुई हत्या में प्राथमिकी दर्ज करने, अपराधियों को मिल रहे पुलिसिया संरक्षण, महिला थाना कांड संख्या 13/19, सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या-86/19, सदर थाना कांड संख्या 325/19, लहेरियासराय थाना कांड संख्या 187/19, सिमरी थाना 101/18, मनीगाछी थाना कांड संख्या-123/19 आदि कांडों के अभियुक्तों की गिरफ्तारी व लहेरियासराय थाना कांड संख्या 103/17 फँसाये गए निर्दोष माले नेता शिवन यादव व अन्य ग्रामीणों को पुनः जांच कर दोषमुक्त करने, कमतौल थाना कांड संख्या 38/18 में आरोप पत्र समर्पित करने, हत्या से सम्बंधित सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 83/19 में नामज़द अभियुक्तों को पर्यवेक्षण में पुलिस उपाधीक्षक द्वारा हटाने की वरीय पुलिस आधीक्षक अपने स्तर पर जांचकर पीड़ित परिवार को इंसाफ देने आदि 12 सूत्री मांगो पर इंसाफ मंच की दरभंगा जिला कमिटी के बैनर तले वरीय पुलिस अधीक्षक के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया।

    धरना का नेतृत्व इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, जिला सचिव डॉ0 लक्ष्मण पासवान, प्रो0 युसुफ कमाल, मो0 कुर्बान,रसीदा खातून, माले जिला स्थायी समिति सदस्य अशोक पासवान, शिवन यादव व जयराम यादव ने किया। लक्ष्मण पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि जिला में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ हैं। अपराधियों का पुलिस के साथ गहरा पैठ हो गया हैं। सिमरी, सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष अपने वरीय पदाधिकारियों के आदेश का भी पालन करना उचित नहीं समझते हैं। नेयाज अहमद ने आगे कहा कि मेट्रो हॉस्पिटल के कर्मी की हत्या में दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआईजी के स्पष्ट आदेश के बावजूद अभी तक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हो रहा हैं। हम वरीय पुलिस अधीक्षक से मांग करते हैंकि अविलम्ब प्राथमिकी करवाएं। सभा को सम्बोधित करते हुए

    भाकपा(माले) के राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार की सुशासन की पुलिस पब्लिक फ्रेन्डली के बदले अपराधी फ्रेन्डली ज्यादा दिख रही हैं। आज अपराधियों को बचाया जा रहा हैं और वहीं निर्दोष आम लोगों को मुकदमो में फंसाया जा रहा हैं। सभा को अशोक पासवान, रसीदा खातून, उमेश प्रसाद साह, कैलाश पासवान, मो सज्जाद, मो वसी अहमद, शिवन यादव, ऐपवा जिला सचिव शनीचरी देवी, शत्रुध्न पासवान, सत्य नारायण महासेठ आदि ने सभा को सम्बोधित किया। धरना के माध्यम से 12 सूत्री मांग-पत्र वरीय पुलिस अधीक्षक को समर्पित किया गया।

  • कश्मीर में शांति की जरूरत थी अभी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌न‌ की आर्टिकल 370 हटाने की:इंसाफ मंच

    प्रेस विज्ञप्ति, दरभंगा:मोदी सरकार द्वारा कश्मीर में धारा 370 को रद्द करने एवं जम्‍मू एवं कश्‍मीर राज्‍य को दो केन्‍द्र शासित क्षेत्रों -लद्दाख और जम्‍मू एवं कश्‍मीर में विभाजित करने की कड़ी भर्त्सना करता है और मांग करता है कि भारतीय संविधान और कश्मीरी जनता के विरुद्ध किए गए इस असंवैधानिक निर्णय को सरकार तत्काल रद्द करे.
    इंसाफ मंच की ओर से जारी एक बयान में इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्षा नेयाज अहमद ने कहा कि कश्मीरी जनता पहले से ही भारतीय राज्य दमन से लगातार पिसती रही है. कभी भी उसके सवालों पर सरकारों ने संवेदनशील तरीके से हल का रास्ता नहीं अपनाया. लंबे समय से बंदूकों के बल पर कश्मीर और कश्मीरी अवाम के सवालों का हल खोजा जाता रहा है और आज उसी सैनिक ताकत के बलबूते मोदी सरकार ने कश्मीरी जनता और प्रतिनिधियों को किनारे करते हुए कश्मीर के हर तरह के संविधान प्रदत्त अधिकारों को ही खत्म कर दिया है. मोदी सरकार की यह कार्रवाई कश्मीरी जनता के साथ ही देश के लोकतंत्र और संविधान पर खुला हमला है.

    इंसाफ मंच ने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश से हुए इस निर्णय पर मोदी सरकार सरकार ने किसी भी तरह की संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने की भी जरूरत नहीं समझी. भारतीय संविधान के अनुसार जम्‍मू एवं कश्‍मीर की सीमाओं को पुर्ननिर्धारित करने अथवा धारा 370 और धारा 35A के बारे में कोई भी निर्णय वहां की राज्‍य सरकार की सहमति के बगैर नहीं लिया जा सकता है. 2018 में जम्‍मू एवं कश्‍मीर विधानसभा बगैर किसी दावेदार को सरकार बनाने का मौका दिये गैरकानूनी तरीके से भंग कर दी गई थी. यह एक अघोषित तख्तापलट है जो कश्मीर और उसकी जनता के साथ ही देश के लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों के साथ धोखा और विश्वासघात है।

    इंसाफ मंच मांग करता है कि पूरे कश्मीर से सुरक्षा बलों की वापसी की जाय, धारा 370 और धारा 35A को तुरंत बहाल किया जाय और सभी विपक्षी नेताओं को नजरबन्‍दी से तत्‍काल रिहा किया जाय.
    और कश्मीरी जनता की संवैधानिक मांगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पूर्ण कर कश्मीर में विश्वास बहाली के लिए ईमानदारी से वास्तविक प्रयास किए जाऐं

  • MEEM ने बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाकों में किया फूड किट का वितरण ।।

    MEEM ने बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाकों में किया फूड किट का वितरण ।।

    सीतामढ़ी:

    दिल्ली और आस-पास के युवाओं के द्वारा गठित समाजिक संगठन *मीम* की बिहार से पहचान वर्ष 2017 में हुई जब यह टीम बिहार में आये प्रलयकारी बाढ़ में पहली बार बिहार के पूर्वी चम्पारण पहुंची। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर जरूरतमंद लोगों को चिन्हित कर स्थानीय समाजिक संगठनों के सहयोग से घर-घर तक मदद पहुंचाने की कोशिश की। टीम ने अपने कार्य करने के अंदाज से चम्पारण और सीतामढ़ी के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित किया और वह इस संगठन से जुड़ने लगे। इस वर्ष जुलाई में जब प्रलयकारी बाढ़ ने बिहार में दस्तक दिया और सीतामढ़ी जिला के साथियों ने मदद की गुजारिश की तो *इरशु ताज और वसीम कुरैसी* को दिल्ली से सीतामढ़ी के बैरगनिया प्रखण्ड के बाढ़ग्रस्त परिवारों को चिन्हित करने के लिए भेजा गया। स्थानीय साथी *मिनहाज खान, अरशद खान, शादाब अनवर, गुफरान असद, सद्दाम खान और क़ादिर खान आदि* के साथ मिलकर टीम ने बैरगनिया प्रखण्ड के पिपराढी सुल्तान, चकवा तकिया टोला और चकवा गांव के लगभग 350 परिवारों को चिन्हित किया और खाने का किट वितरण किया।

    Fazlul Mobeen

  • पटना यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरी का मनाया गया शताब्दी समारोह । पी यू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने को लेकर उप राष्ट्रपति को छात्रों ने दिखाए पोस्टर , नीतिश ने भी किया समर्थन

    पटना यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरी का मनाया गया शताब्दी समारोह ।
    पी यू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने को लेकर उप राष्ट्रपति को छात्रों ने दिखाए पोस्टर , की नारे बाज़ी

    नीतीश ने कहा- अगर उपराष्ट्रपति चाहें तो छात्रों की मांग पूरी हो सकती है

    पटना / फजलुल मोबीन

    पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सामने पोस्टर लहराए और पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की मांग की। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर तब हल्ला करना शुरू कर दिया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नीतीश ने भी छात्रों की मांग का समर्थन किया और कहा कि इस बारे में उपराष्ट्रपति से बात करेंगे। अगर उपराष्ट्रपति चाहें तो छात्रों की मांग पूरी हो सकती है। नीतीश ने कहा किहमने पटना विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग की थी, लेकिन हमारी मांग को खारिज कर दिया गया।
    लिहाजा, पटना विवि को आज तक केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा नहीं मिल सका है।वेंकैया नायडू के भाषण के दौरान भी छात्रों ने मांगों को लेकर पोस्टर लहराना शुरू कर दिया।

    इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैं दिल्ली जाकर शिक्षा मंत्री से इस विषय पर बात करूंगा और छात्रों के हित में जो भी उचित फैसले लिए जा सकते हैं, लिए जाएंगे। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू रविवार को पटना यूनिवर्सिटी के सेंट्रल लाइब्रेरी के 100 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
    इस मौके पर नायडू ने कहा कि लोग सरकार से कार्यक्रम शुरू करने की मांग करते हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार, कोई भी योजना तब तक सफल नहीं होगी जब तक उसमें जनता की भागीदारी नहीं हो। चाहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना हो या पेड़ लगाने की योजना, जब तक ये योजनाएं जन आंदोलन का रूप नहीं लेगी तब तक देश आगे नहीं बढ़ सकता।
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक समृद्ध पुस्तकालय ज्ञान का मंदिर होता है। जीवन में पुस्तकों का काफी महत्व है। एक प्रसिद्ध दार्शनिक ने कहा था कि बिना किताबों का कमरा बिना आत्मा के शरीर के समान होता है। ज्ञान के लिए पुस्तक और पुस्तकालय के प्रति आकर्षित होना स्वभाविक है। लोग बोलने से पहले सोचें और सोचने से पहले पढ़ें। पढ़ने से ही सोचने की क्षमता विकसित होती है। ये बातें हर उम्र के लोगों पर लागू होती है। हर उम्र के लोगों को पढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा समेत कई मंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम में कई किताबों का भी विमोचन किया गया।

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