Category: बिहार

  • मिल्लत काॅलेज प्राचार्य विजय मिश्रा का संघी चेहरा हुआ बेनकाबः नजरे आलम

    मिल्लत काॅलेज के प्राचार्य विजय मिश्रा ने सर सैयद के प्रोग्राम को साजिश के तहत घंटों किया बाधितः बेदारी कारवाँ

    दरभंगा- हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ ने 17 अक्टूबर, 2019 को मिल्लत काॅलेज के काॅन्फ्रेंस हाॅल में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया था। काॅन्फ्रेंस हाॅल की अनुमति भी बेदारी कारवाँ ने प्राचार्य से लिखित में ले रखी थी। उसके बावजूद प्राचार्य ने साजिश के तहत अपना संघी चेहरा उस वक्त दिखाया जब राजद के राज्यसभा सांसद प्रो0 मनोज कुमार झा, पूर्व मंत्री जनाब अब्दुल बारी सिद्दीकी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डा0 शकील अहमद सभागार में पहुँचे। तभी अचानक काॅन्फ्रेंस हाॅल की बिजली कट गई। जब 5-10 मिनट इंतेजार के बाद भी बिजली नहीं आई तो कारवाँ के जिम्मेदारों ने पता किया तो काॅलेज से सभी स्टाफ फरार पाए गए।

    यहाँ तक कि मिल्लत काॅलेज के प्राचार्य भी फरार मिले, जब प्राचार्य के मोबाईल पर संपर्क किया गया तो वह फोन पर कारवाँ के जिम्मेदारों को धमकी दे बैठे और कहा कि बिजली का ठेका नहीं ले रखा है और ना ही प्रोग्राम का जब कि दुनिया जानती है कि सर सैयद अहमद खाँ का व्यक्तित्व किया है। ऐसे में प्राचार्य द्वारा इस तरह से सर सैयद के प्रोग्राम को बाधित करना प्राचार्य के संघी चेहरा को उजागर करता है। करीब एक घंटे तक बिजली गायब रही सभी सम्मानित अतिथि खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे। अर्थात काॅलेज के सभागार को छोड़ कर पूरे काॅलेज की बिल्डिंग में बिजली थी। जब कारवाँ के जिम्मेदारों ने बिजली मिस्त्री को बुलाया तो पता चला कि सभागार की बिजली का तार काट दिया गया था।

    घंटों सम्मानित अतिथि और श्रोता बिना बिजली के कार्यक्रम में मौजूद काॅलेज के प्राचार्य की घटिया और संघी हरकत से परेशान दिखे। कारवाँ के अध्यक्ष नजरे आलम ने प्राचार्य के इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब से मिल्लत काॅलेज में विजय मिश्रा को प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है तब से मिल्लत काॅलेज में सम्प्रदायिकत का माहौल बना दिया है। चूँकि हमारे सभी अतिथि सेक्यूलर छवि के थे इसलिए प्राचार्य मिश्रा को यह बर्दाश्त नहीं हो सका कि उसके रहते यहाँ कोई सम्प्रदायिक चेहरा को क्यूं नहीं बुलाया गया।

    पूरे मिल्लत काॅलेज को कबाड़खाना बना कर रख दिया है, शिक्षा व्यवस्था पूर्णतः चैपट होकर रह गई है, किसी भी कार्यक्रम को शांति के साथ होने नहीं देता है। यही कारण है कि यह प्राचार्य साजिश के तहत सर सैयद अहमद खाँ के कार्यक्रम को घंटों बाधित किया और कारवाँ के साथ साथ सभी सम्मनित अतिथि एवं श्रोता को अपमानित करने का काम किया है। श्री नजरे आलम ने कहा कि प्राचार्य को कुलपति 24 घंटे के अन्दर हटाए और किसी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मिल्लत काॅलेज का प्राचार्य बनाए। अगर कुलपति महोदय ने विजय मिश्रा पर अविलंब कार्रवाई नहीं कि तो माननीय न्यायालय में विजय मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जायगा।

  • गुटों में बंट कर नहीं संगठित होकर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करें – शकील मोइन , मोतिहारी में सर सैयद डे का आयोजन ,

    ए०एम०यू० ओल्ड बॉयज एसोसिएशन, पूर्वी चंपारण के तत्वावधान में  सर सैयद दिवस समारोह का आयोजन ,

    अलीगढ़ का तराना पढ़ती छात्राएं , साथ में ओल्ड बॉयज एसुशियेशन के सदस्य

    मोतिहारी ( फजलुल मोबीन )

    ए०एम०यू०ओल्ड बॉयज एसोसिएशन, पूर्वी चंपारण के तत्वावधान में मदरसा अंजुमन इस्लामिया,मोतिहारी में सर सैयद दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष हॄदय रोग विशेषज्ञ डॉ०तबरेज आलम और संचालन सैयद साजिद हुसैन ने किया।

     

    समारोह की शुरुआत कलाम पाक की तिलावत से हुई। जबकि मुहिब्बुल हक खान के पुत्र द्वारा नात शरीफ सुना गया ।

    संबोधन करते मुहीब्बुल हक खान

    समारोह में बतौर मुख्य अतिथि वरीय अलीग अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश,बेतिया सगीर आलम ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का समय शिक्षा के महत्व पर विचार करने का नहीं है।आज दुनिया चांद और मंगल के नये अभियान पर है ।ऐसे में अगर हम शिक्षा के महत्व पर पारंपरिक रूप में भाषण कर के समय बर्बाद करेंगे तो फिर शिक्षा कब हासिल करेंगे।उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई चीज स्थायी नहीं है स्थायी सिर्फ परिवर्तन है।इसलिए समय की मांग के अनुसार हमें परिवर्तनकामी होना पड़ेगा।
    बतौर विशिष्ट अतिथि प्रख्यात मंच संचालक और शायर डॉ०शकील अहमद मोईन ने कहा कि आज का समय फिरकों और गिरोहों में बंटने का नहीं है बल्कि संगठित हो कर अच्छा कुछ बनाने का है।सर सैयद अहमद खान ने अपना लक्ष्य तय किया और आलोचनाओं की परवाह किये बिना सब को साथ लेकर चलने के जज्बे के साथ तालीम की जो तहरीक शुरू की उसे मंजिल की गोद में ला कर डाल दिया।हम फिरकों में बंटे हैं और हमारी नस्ल सड़क के किनारे पैंकचर बना रही है,सड़क के किनारे टोपी पहने कर मुर्गे काट रही है,होटलों में बर्तन साफ कर रही है।

     

    प्रोग्राम के अध्यक्ष , हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ मोहम्मद तबरेज आलम संबोधन करते हुए ।

    पूर्व विभागाध्यक्ष,उर्दू विभाग बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर फारूक अहमद सिद्दीकी ने कहा कि 2 सौ साल के लंम्बे समय में सर सैयद अहमद खान जैसा कौम का कायद पैदा नहीं हुआ।सर सैयद एक विद्वान,एक महान शिक्षाविद,एक फिलॉस्फर और कौम के सच्चे दर्दमंद थे।

    अतिथियों का स्वागत करते गुलरेज शहजाद

    वहीं भोजपूरी एवं हिन्दी जगत के सुप्रसिद्ध कवि गुलरेज शहजाद ने कहा कि : सर सैयद के शहजादे सिर्फ चर्बज़बानी से अपना काम चला रहे हैं।मैदाने अमल में उनकी कारकर्दगी सिफर है।ज़रूरत इस बात की है कि अलीग बिरादरी के लोग जहां हैं वहीं मैदाने अमल में उतर कर सर सैयद का कर्ज अदा करें।
    उक्त अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एकबाल हुसैन अंग्रेजी विभाग,मुंशी सिंह महाविद्यालय मोतिहारी ने आए अतिथियों का अभिनंदन किया और स्वागत भाषण भी किया ।

    प्रोफेसर एकबाल हुसैन आए अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए

    जबकि सर सैयद वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मोहिब्बुल हक खान ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
    सर सैयद दिवस समारोह के अवसर पर स्कूली बच्चे-बच्चियों के बीच सर सैयद अहमद खान के व्यक्तित्व और कृतित्व पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले हंजला फरीदी को सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
    सर सैयद दिवस समारोह का समापन प्रसिद्ध अलीगढ़ तराना से हुआ।जिसे अलहम्द पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने तैयार किया था।

     

    प्रोग्राम में उमड़ी भीड़

    उक्त अवसर पर कैप्टन अब्दुल हमीद , वसील अहमद खान , पत्रकार ओजैर अंजुम, पत्रकार इंतज़ार उल हक, डॉ जमाल अख्तर, डॉ सीताब हसन, डॉ। फिरोज आलम, तारिक अनवर चंपारानी, ​​सबा अख्तर शोख , नासिर वसीम कौसर, डॉ कासिम अंसारी, माउंट सेना अकेडमी के निदेशक अनिसुर रहमान  कारी अरशद, उजैर सालिम, अनवर कमाल सहित ए०एम०यू०ओल्ड बॉयज एसोसिएशन, पूर्वी चंपारण के सदस्यों के अतिरिक्त शहर के बुद्धिजीवी और आम लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने किया कमला मिश्र मधुकर की प्रतिमा का अनावरण

    मुख्यमंत्री ने किया कमला मिश्र मधुकर की प्रतिमा का अनावरण
    पुस्तकालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा कम्प्यूटर केन्द्र का भी किया शुभारंभ
    वृक्षारोपण कर दिया  पर्यावरण संरक्षण का संदेश
    एक घंटे के कार्यक्रम के दौरान नहीं किया लोगों को संबोधित
    चकिया (फजलुल मोबीन )।
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार अनुमंडल के कल्याणपुर प्रखंड स्थित मेदन सिरसिया में पूर्व सांसद एवं  कम्युनिस्ट नेता स्व कमला मिश्र मधुकर की आदम कद प्रतिमा का अनावरण किया।वे यहां  मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्व कमला मिश्र मधुकर की धर्मपत्नी डॉ कामना मिश्रा ने की जिसमे विधान सभा अध्यक्ष विजय चौधरी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन अरूण कुमार द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रम से करीब आधे घंटे विलम्ब  दोपहर अढ़ाई बजे मेदन सिरसिया स्थित जनता जानकी उच्च विद्यालय  पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हैलिकॉप्टर से उतर उपस्थित जनसमूह का अभिवादन किया तथा सीधे स्मारक भवन की तरफ चल दिए। जहां उन्होंने स्व मिश्र की प्रतिमा के अनावरण के साथ स्मारक भवन में मौजूद पुस्तकालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कम्प्यूटर केन्द्र का भी शुभारंभ किया।इस दौरान न तो मुख्यमंत्री सभा स्थल पर मौजूद मंच पर गये और ना ही मौजूद जनता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान वहां स्व मिश्र की स्मृति में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इसके पूर्व मंच पर मौजूद वक्ताओ ने स्व कमला मिश्र मधुकर को  सादगी और सरलता से ओतप्रोत व्यक्तित्व का  बताया। मौके पर मौजूद वक्ताओ ने स्व मिश्र के साथ अपने अविस्मरणीय संस्मरण को साझा किया।
    इस कार्यक्रम में  पूर्व  केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद राधामोहन सिंह किसी कारण नहीं आ सके उनके भेजे गए संदेश को स्व मिश्र की ज्येष्ठ पूत्री निलीमा पाठक ने पढ़ कर सुनाया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर आसपास के लोगों में काफी उत्साह था। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों को मुख्यमंत्री के बिना संबोधन किए जाने से काफी निराशा हुई। अपने अध्यक्षीय भाषण में डाॅ कामना मिश्रा ने स्व मिश्र के साथ अपने संस्मरणों को को साझा किया।इस दौरान डॉ कामना मिश्रा काफी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वें नौवीं कक्षा से ही स्व मिश्र के सानिध्य में रही है। अपने संबोधन में शालिनी मिश्रा ने मुख्यमंत्री को  साधुवाद देते हुए उनके सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के लिए फोन पर ही हामी भर दी। उन्होंने कहा कि बाबू जी ने अंतिम समय में उनसे यह संकल्प लिया कि वह हमेशा गरीबों और पिछड़ों की सेवा में समर्पित रहेंगी। मौके पर  सहकारिता मंत्री राणा रंधीर सिंह, पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद कुशवाहा, महाचन्द्र प्रसाद सिंह,श्याम बिहारी प्रसाद, विरेन्द्र कुशवाहा, बब्लू गुप्ता, सतीश पासवान, महेश्वर सिंह,मो अब्दुल्ला,प्रकाश अस्थाना,रजिया खातून,मीना देवी, सुरेश मिश्रा, त्रिवेणी तिवारी,मंजू देवी,भुवन पटेल, शंभू शरण सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

  • मोतिहारी:पताही थानाध्यक्ष पर शराब माफियाओं ने किया जानलेवा हमला

    बूरी तरह घायल थानाध्यक्ष मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती
    शरीर में भारी चोट, अनेक हड्डियों के टूटने की आशंका
    बिहार/ मोतिहारी (फजलुल मोबीन)।पताही थानाध्यक्ष विकास तिवारी पर उस समय शराब कारोबारियों के संगठित गिरोह द्वारा जानलेवा हमला किया गया जब वे एक गुप्त सूचना के आधार पर शराब के कारोबार के ठिकाने पर छापा मारने गए थे। घटना थाना क्षेत्र के ढंगरटोली की बतायी जा रही है। घायल थानाध्यक्ष को मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना के बाद घटनास्थल ढांगरटोली चौक पर पुलिस कैम्प कर अभियुक्तों की तलाश कर रही है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, वहां महीनों से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था। पताही थानाध्यक्ष शराब के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। इसके तहत वे अनेक बार छापामारी कर शराब के अवैध धंधे का नेटवर्क ध्वस्त किया है। बताते हैं कि शराब माफियाओं ने योजनाबद्ध तरीके से थानाध्यक्ष पर हमले का प्लानिंग बना रखा था और उन्हें सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया और जोरदार हमला किया। हमलावरों ने थानाध्यक्ष की हत्या की योजना बनाई थी जिसके कारण उन्हें बेरहमी से पीटने के बाद मरा समझ कर खेत में फेंक दिया। बताते हैं कि उन्हें दो किलोमीटर तक खदेड़ कर मारा गया है। संयोग से बगल के सिसवामंगल गांव के लोगों ने थानाध्यक्ष को पीटता देख दौड़ा और उनको उठाकर लाया। बताते चलें कि घटनास्थल पचपकडी ओपी थाना क्षेत्र की सीमा पर है। पचपकडी बाजार में कई धनाढ्य व्यापारी वर्षों से पुलिस के संरक्षण में देशी, विदेशी और नेपाली शराब का कारोबार कर रहे हैं।इन थोक कारोबारियों द्वारा अगल-बगल के गाँवों,चौक-चौराहों, छोटे-छोटे बाजारों में सक्रिय छोटे-छोटे कारोबारियों को शराब आपूर्ति की जाती है।ढांगरटोली में पाया गया शराब पचपकडी के ही किसी बडे़ कारोबारियों द्वारा आपूर्ति की गई बतायी जाती है। ज्ञात हो कि थानाध्यक्ष श्री तिवारी को गुप्त सूचना मिली थी कि ढांगरटोली में शराब की बड़ी खेप पहुंची है। वे एक आरक्षी, एक चौकीदार और अपने चालक के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी कर बडी़ मात्रा में शराब बरामद किया।थानाध्यक्ष ने मौके पर हीं करीब दो हजार लीटर शराब जमीन पर गिरा कर नष्ट कर दिया। इस बीच शराब माफिया और वहाँ के खुदरा कारोबारियों का दल संगठित हो उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।सभी पुलिस कर्मी जान बचाकर भागने लगे।भीड़ ने थानध्यक्ष को निशाना बनाकर खदेड़ने लगे और उन्हें दौड़ा-दौडा़कर लाठी-डंडे से पीट पीट कर बूरी तरह घायल कर दिया। वे बेहोश हो कर गिर पडे़ और शराब माफियाओं तथा उनके समर्थक ग्रामणों ने थानाध्यक्ष को मृत समझ भाग खड़े हो गए। बगल के सिसवा गाँव के नागरिकों ने इस घटना को देखा और बचाव में दौडे़। इन्ही ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष को खटिया पर लादकर मुख्य पथ पर लाया जहाँ से उन्हें मोतिहारी के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

    खबर पाते हीं पुलिस कप्तान उपेन्द्र शर्मा, जिलाधिकारी रमण कुमार, सदर के अनुमंडल पदाधिकारी, डीएसपी, इन्सपेकटर अजय कुमार, छतौनी थानाध्यक्ष आदि पहुँच उनका कुशल क्षेम पूछा। इधर चिकित्सकों ने उनकी हालत चिंता जनक बतायी है और कहा है कि उनके बचाव के लिए सभी संभव उपचार किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ सिकरहना और पकडीदयाल डीएसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल दण्डाधिकारियों के साथ तैनात हो अभियुक्तों की तलाश में जुटे हुए हैं। पुलिस लाइन से भी बडी़ संख्या में पुलिस बल वहाँ भेजे गए हैं। आश्चर्य तो यह है कि जब थानाध्यक्ष पर हमला हुआ तो साथ गयी पुलिस टीम और चालक वाहन लेकर अपने थानाध्यक्ष को मरते देख क्यों भाग खडे़ हो गये।

    थानेदार के साथ हुई इस घटना के बाद भी शराब कारोबारियों पर पुलिस अंकुश लगाती है या नहीं यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल बुरी तरह घायल थानाध्यक्ष का मोतिहारी रहमानिया हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।मौके पर मोतीहारी के अभियान एसपी हिमांशु गौरव,पकड़ीदयाल डीएसपी दिनेश कुमार पांडेय, सिकरहना डीएसपी शिवेंद्र कुमार अनुभवी,ढाका सर्किल इंस्पेक्टर राजीव कुमार,मधुबन सर्किल इंस्पेक्टर अशोक महतो पचपकडी ओपी अध्य्क्ष प्रमोद कुमार सहित कई थानों के पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है।

  • इंसाफ मंच ने अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल में 1अक्टुबर को NRC के सम्बंध में दिए गए बयान को विभाजनकारी करार दिया।

    प्रेस विज्ञप्ति,दरभंगा 3 अक्टूबर 2019
    सरकार द्वारा एनआरसी से पहले संसद में विधेयक लाने जिसके तहत एनआरसी में नाम न आने के बावजूद किसी हिंदू, ईसाई या बौद्ध को नागरिकता दी जाएगी ऐसा कहना मुस्लिम विरोधी जेहनियत का नतीजा है।

    इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्षा नेयाज अहमद ने कहा कि पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों को धार्मिक शोषण से बचाने के नाम पर देश के अल्पसंख्यक मुसलमानों को प्रताड़ित करने और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने का यह संघी षणयंत्र है।

    यह खुला रहस्य है जिसे संघ और भाजपा नेताओं के प्रतिदिन आने वाले मुस्लिम विरोधी बयानों में भी देखा जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी में वंचित रह जाने वालों में संघ–भाजपा की आशाओं के विपरीत हिंदुओं की संख्या अधिक होने के कारण उसकी साम्प्रदायिक राजनीति को झटका लगा।

    बांग्लादेशी नागरिकों की असम में घुसपैठ के मुद्दे को लेकर लम्बे हिंसक आंदोलन के बाद एनआरसी करने का निर्णय लिया गया था।

    लेकिन असमिया समूहों के विरोध के बावजूद सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक लाने पर जिद बांधे हुए है।

    दरअसल नागरिकता संशोधन विधेयक कुछ और नहीं बल्कि उसी साम्प्रदायिक और संकीर्ण राजीनीति को खाद पानी देने की कवायद है।

  • सीतामढ़ी:रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर अल्पसंख्यक एकता मंच बैठे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

    महफूज़ आलम/मिल्लत टाइम्स,सीतामढ़ी: सीतामढ़ी मेहसौल रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का काम लगभग 5 साल पहले ही शुरू कर दिया गया था लेकिन अभी तक ब्रिज का निर्माण पुरा नही हुआ है ना तो कोई नेता ना कोई अफसर उस पर ध्यान दे रहे हैं सीतामढ़ी शहर के मेहसौल मे रेलवे क्रॉसिंग है जहां पर रोज पूरे दिन जाम का सिलसिला लगा रहता है यात्री परेशान हो जाते हैं लेकिन ना तो वहां की प्रशासन को कोई परवाह है ना तो वहां के नेता को इसी को लेकर अल्पसंख्यक एकता मंच ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं उनकी मांग है कि जब तक ओवरब्रिज का काम पूरा नहीं किया जाता तब तक हम लोग भूख हड़ताल पर रहेंगे इन 5 सालों में कई नेता आए और कई चले गए विधायक से लेकर संसद तक बदल गए लेकिन नहीं बदली तो रेलवे क्रॉसिंग का जाम और नहीं बना ओवरब्रिज

    अल्पसंख्यक एकता मंच के कार्यकर्त्ता द्वारा रेलवे गुमटी के निकट अनिश्चित कालीन भूख हरताल पर मंच के संस्थापक मो० तनवीर अहमद , जिला अध्यक्ष मो० मुर्तुजा , प्रदेश महासचिव सह संगठन प्रभारी सागर शाह ,महिला सेल के जिला अध्यक्ष अबादी खातून ,प्रदेश सचिव शाकिब रजा, युवा प्रदेश संगठन सचिव मो० मकसूद सहित दर्जनों समर्थको के साथ अनशन पर बैठ

  • ढाका/पूर्वी चंपारण:दो बाइक आपस में टकराई,दो की मौत एक घायल

    फजलुल मोबीन: ढाका प्रखंड के पचपकडी मंडार मोड़ पर दो बाइक सवार आपस में टकराई जिसमें जो सवार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक बाइक सवार लहसनिया निवासी फैजान आलम पिता शफी आलम जबकि दूसरा मृतक सवार भंडार निवासी गालिब सरवर बताया जाता है। घायल युवक लहस्निया निवासी नेयाज पिता कमरूदीन है। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि दोनों युवक के बाइक कि रफ़्तार तेज थी दिनों आपस में ही टकरा गए।

  • नया मोटर वाहन अधिनियम आतंक का पर्याय बन गया है,अविलंब वापस ले सरकार:माले

    *नया मोटर वाहन अधिनियम आतंक का पर्याय बन गया है,अविलंब वापस ले सरकार:माले*

    ◆ *माले व आॅटो चालक संघ के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री से मिला.*

    ◆ *परिवहन मंत्री ने उच्चस्तरीय कमिटी गठित कर मामले पर विचार का आश्वासन दिया.*

    ◆ *चेकिंग के दहशत के कारण पटना शहर में 75 प्रतिशत आॅटो बंद.*

    ◆ *प्रतिनिधिमंडल ने 10 सूत्री ज्ञापन मंत्री को सौंपा.*

    प्रेस रिलीज़,पटना 10 सितंबर 2019:भाकपा-माले विधायक सुदामा प्रसाद, बिहार राज्य आॅटो रिक्शा (टेम्पु) चालक संघ – एक्टू के महासचिव मुर्तजा अली तथा उपाध्यक्ष नवीन मिश्रा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के परिवहन मंत्री से मुलाकात करके अपने 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा. माले विधायक सुदामा प्रसाद ने मंत्री से मुलाकात के बाद कहा है कि नया मोटर वाहन अधिनियम आॅटो चालकों व अन्य वाहन चालकों के लिए आतंक का पर्याप्त बन गया है. इसकी आड़ में आॅटो चालकों से अवैध वसूली की जा रही है. मंत्री महोदय ने इस मामले में एक उच्चस्तरीय कमिटी बनाकर हमारी मांगों पर विचार करने व त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

    उन्होंने कहा कि नए मोटर वाहन अधिनियम 2019 ने आॅटो चालकों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर रखी है. सभी वैध कागजात होने के बावजूद गाड़ियों को जब्त किया जा रहा है और उनसे भारी जुर्माना वसूला जा रहा है. जूता नहीं पहनने के दंड स्वरूप 1000 रु. से अधिक का फाईन कर दिया जा रहा है. इतना ही नहीं परिवहन पदाधिकारी द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जारी परमिट आॅटो पर नहीं लिखे होने की स्थिति में दो-दो हजार रु. तक का जुर्माना लगाया जा रहा है. यह स्थिति आॅटो चालकों के लिए बेहद ही गंभीर है और इस कारण आज पटना शहर में 75 प्रतिशत आॅटो चालकों ने अपना वाहन चलाना बंद कर दिया है. उनके परिवार के सामने कई प्रकार की समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं.

    *ज्ञापन की 10 सूत्री मांगें-*

    1. पहले जारी किए गए सभी लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाए.
    2. पटना शहर में पूर्व में जारी सभी शहरी क्षेत्र परमिट का नवीनीकरण किया जाए.
    3. सरकार ने आॅटो-रिक्शा चालकों से 15 साल का रोड टैक्स व 5 साल के परमिट का पैसा वसूला है लेकिन अब कह रही है कि सभी डीजल वाहनों के परमिट रद्द कर दिए जाएंगे और सीएनजी सेवा चलाई जाएगी. सरकार प्रदूषण बढ़ने का तर्क दे रही है. यदि सरकार सचमुच सीएनजी वाहनों को चलाना चाहती है तो इस बात की गारंटी करे कि पुराने वाहन चालक के वाहन की कीमत लगाकर सीएनजी वाहन खरीदने के लिए उन्हें 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने की गारंटी करे.
    4. प्रदूषण केंद्र सरकार के परिवहन विभाग द्वारा ही स्थापित किए गए थे, लेकिन अब नए कानून के तहत प्रदूषण के वे सारे सर्टिफिकेट रद्द कर दिए जाएंगे. इस पर अविलंब रोक लगाई जाए.
    5. सभी कागजात के रहने पर आॅटो का जब्त नहीं किया जाए क्योंकि सभी गाड़ी बैंक द्वारा पर लिए गए हैं और कर्ज को समय रहते चुकता करना है.
    6. प्रशासन आॅटो चालकों से आॅन द स्पाॅट जुर्माना नहीं वसूलती. बाद में कई तरह के अन्य फर्जी चार्ज भी जोड़ दिए जाते हैं. इसलिए स्पाॅर्ट फाइन की ही व्यवस्था होनी चाहिए.
    7. आॅटो रिक्शा के लिए यात्री को चढ़ाने व उतारने का स्थान नियत किया जाए. बिहार सरकार तत्काल टाटा पार्क में स्टैैंड बनाकर आॅटो चालकों के लिए जगह की व्यवस्था करे. हमारी पार्टी इन मसलों पर बिहार सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग करती है.
    टाटा पार्क के साथ-साथ जीपीओ ओवर ब्रिज के नीचे तथा कारगिल चैक, गांधी मैदान में स्थायी आॅटो सुविधा युक्त आॅटो स्टैंड की भी स्थापना की जाए.
    8. पूर्व में मौखिक समझौते के अनुरूप चालक सीट पर बाईं ओर एक यात्री बैठाने पर जुर्माना नहीं लिया जाए.
    9. शहर में चैक चैराहों के पास प्री पेड आॅटो बुकिंग काउंटर स्थापना की जाए ताकि यात्री सुरक्षित रिजर्व यात्रा कर सकें.
    10. हम बिहार सरकार से इस मोटर अधिनियम 2019 को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालने की भी मांग करते हैं.

    प््रतिनिधिमंडल में उक्त नेताओं के अलावा रविन्द्र तिवारी, मो. बदरूद्दीन व नवल किशोर शामिल थे.

  • बदले की भावना से करवाई कर रही है दरभंगा पुलिस:नेयाज अहमद

    *दरभंगा पुलिस का दमनकारी चेहरा उजागर, मुकदमा का डर दिखाकर आन्दोलन को दबाना चाहती है प्रशासन-इंसाफ मंच*

    प्रेस रिलीज़ ,दरभंगा, 7/9/2019:दरभंगा पुलिस की मनमानी, दमनकारी रवैए पर इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि दरभंगा पुलिस अपने नाकामयाबी को छुपाने के लिए आंदोलन करने वाले नेताओं पर मुकदमा दर्ज करके अपराध के खिलाफ उठने वाली आवाज़ को दबाना चाहती है।

    उन्होंने आगे कहा कि शराब पकड़ने व वाहन चालकों से जुर्माना वसूलने में माहिर दरभंगा पुलिस की नाकामयाबी अपराध के कई मामलों में सामने आई है।पिछले दिनों लहेरियासराय दारू भठ्ठी चौक के पास मेट्रो अस्पताल में लेखपाल के पद पर कार्यरत रफीउल्लाह अंसारी उर्फ राजू की आत्महत्या के मामले में केस का उद्भेदन करने में दरभंगा पुलिस असफल रही है।

    वहीं मनीगाछी के जगदीशपुर गाँव में एक स्कूल के शिक्षक ने उसी विद्यालय में कार्यरत रसोइया के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पायी है।
    और अभी 2 दिनों पहले ही सिमरी थाना क्षेत्र के शोभन में दलित महिला की हुई हत्या में करवाई के बजाय भ्रष्ट पुलिस शोभन चौक पर वाहन चालकों से 8 बजे रात्रि तक जुर्माना वसूल रही थी।24 घंटे तक पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर बैठी थी लेकिन जब ग्रामीणों के साथ इंसाफ मंच व माले कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं तब तब ये दमनकारी दरभंगा पुलिस बदले की भावना से प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा करके कहीं न कहीं मामले को दबाना चाहती है।

    उन्होंने दरभंगा के एसएसपी महोदय से मांग किया है कि इन सभी मामलों जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी हो और बदले की भावना से प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा करने वाले संलिप्त पुलिसकर्मी पर करवाई हो।

  • नीतीश राज में लगातार बढ़ रही लिंचिंग की घटनाएं,मोतीहारी में एक वृद्ध को पीट-पीट कर मार डाला

    मोतिहारी ( फजलुल मोबीन ) मोतिहारी जिला के फेनहारा में बच्चा चोरी के आरोप में एक वृद्ध की पीटपीट कर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान सीतामढ़ी जिले के करचौलिया डुमरी गांव निवासी सत्रुधन सिंह के रूप में पहचान हुई है। मृतक अपने बहन के घर कुम्हरार सुरेंद्र सिंह के यहां आया था। जो किसी काम को ले कर कुम्हरार सरेह हो कर फुलवरिया के ओर जा रहा था। इसी बीच सरेह में घेर कर जमकर पिटाई किया।

    जिससे कि उसकी वही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उसकी बहन के घर वाले वहां पहुच स्थानीय पुलिस को सूचना दी जिसके बाद घटना स्थल पर पुलिस पहुच शव को कब्जे में ले कर कार्यवाइ में जुट गई है। घटना के संबंध में एसडीपीओ दिनेश कुमार पांडे ने बताया कि प्रशासन बार बार लोगो से अपील कर रही है कि आप किसी भी अफवाह की बातों पर ध्यान न दे । मृतक के शव को पुलिस कब्जे में लेकर कार्यवाई में जुट गई है। मृतक के परिजन के तरफ से आवेदन मिलने पर दोषी के ऊपर शख्त कार्यवाई की जाएगी। उक्त जानकारी फेनहरा संवाददाता क़ासिद अनवर ने दी ।।