Category: पंजाब

  • पंजाब:मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को CAA&NRC लागू न करने के लिए नायब शाही इमाम ने सौंपा ज्ञापन

    लुधियाना,दिसम्बर (मेराज़ आलम): लुधियाना में मुख्यमंत्री पंजाब के आने पर मुसलमानों ने पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना की तरफ से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने मुख्यमंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ज्ञापन सौंपा, नायब शाही इमाम ने बताया कि प्रदेश के सभी अल्पसंख्यकों की ओर से महाराजा साहिब का सी.ए.ए और एन.अर.सी. पंजाब में लागू ना करने के ऐलान पर आभार जताया और भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि पंजाब के अल्पसंक्यकों की इन बातों को राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी को अवगत करवाया जाए,

    नायब शाही मौलाना उस्मान लुधियानवी ने महाराजा अमरिंदर सिंह को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए अत्याचार को बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आवाज उठाई जाए, मौलाना उस्मान ने कहा कि पंजाब से इस काले कानून के खिलाफ मुख्यमंत्री साहिब और सभी लोगों ने जो सच्चाई की आवाज उठाई है उसे सारे देश को लगाना होगा

    , उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिक हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जाग चुके हैं क्योंकि यह बात सब को समझ आ गई है कि केंद्र सरकार एन.आर. सी. के नाम पर हर एक भारत के नागरिक को लाइन में लगाना चाहती है , एक सवाल का उत्तर देते नायब शाही इमाम ने बताया कि मुख्मंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि पंजाब सहित देश भर में ना सिर्फ अल्पसंख्यकों बल्कि हर एक भारतीय के आत्म सम्मान की रक्षा की जाएगी,

  • पंजाब भर में 3 जनवरी को मनाया जाएगा काला दिवस:शाही इमाम

    सी.ए.ए और उत्तर प्रदेश पुलिस की गुंडागर्डी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी

    – पंजाब भर में काला दिवस 3 जनवरी को मनाया जाएगा : शाही इमाम

    मेराज आलम,लुधियाना, 29 दिसम्बर : आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में राज्य के सभी शहरों की मस्जिदों के इमाम साहिबान, मुफ्ती साहिबान ,मुस्लिम संस्थाओं के सदस्यों, मुस्लिम बुद्धिजीवी , मुस्लिम सामाजिक व सियासी नेताओं की महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इस अवसर पर केंद्र सरकार की तरफ से नागरिकता कानून में किए गए संशोधन की निंदा करते हुए जहां इस काले कानून को रद्द करने कि मांग की गई,

    वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक पुलिस की तरफ से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर किए गए अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक में सर्वसहमती से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्र की भाजपा सरकार की धर्म के आधार पर बांटने कि नीति और उत्तर प्रदेश पुलिस की बर्बरता के खिलाफ 3 जनवरी को पंजाब भर में काला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन सभी लोग कली पट्टी बांध कर जुम्मा की नमाज अदा करेंगे और फिर रोष प्रदर्शन में काले झंडे लिए अपने अपने जिला अधिकारी को माननीय भारत के राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन देंगे।

    शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि काले कानून का देशव्यापी विरोध जारी रहेगा, क्योंकि भारत का संविधान धर्म निरपेक्ष है और हम किसी कीमत पर अपने देश के दस्तूर को बदलने नहीं देंगे। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों और खास कर उत्तर प्रदेश में राज्य पुलिस ने जो गुंडागर्दी का नंगा नाच किया है उस से इंसानियत का सिर शर्म से झुक गया है व जनरल डायर जैसे ज़ालिम की रूह भी शर्मा गई होगी। योगी की पुलिस ने ना सिर्फ शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया बल्कि अंधा धुंध गोलियां चलाईं और मुसलमानों को पाकिस्तान जाने की खुले आम धमकियां भी दी। शाही इमाम ने कहा कि हैरत कि बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी को पुलिस का अत्याचार नजर नहीं आया उल्टा राजनेता प्रदर्शनकारियों को उपद्रवी बता कर जुल्म करने वालों को हरी झंडी दे रहे हैं। शाही इमाम ने कहा कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जमीनी हकीकत नहीं दिखा पा रहा है सरकार बार-बार प्रेस को दिशानिर्देश देकर प्रेस की आजादी पर पहरा बिठा रही है जो कि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कितनी शर्म की बात है कि सत्ता में बैठे लोगों को अपना बनाया गलत कानून सही सिद्ध करने के लिए रैलियां करनी पड़ती है।

    शाही इमाम ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं की उत्तर प्रदेश समेत उन सभी राज्य के पुलिस अफसरान के खिलाफ कानून तोडऩे और हत्या करने का मुकद्दमा दर्ज होगा, जिन्होंने बेकसूर लोगों को मारा है। वर्णयोग है कि आज जामा मस्जिद लुधियाना में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पंजाब भर से सैंकड़ो इमाम साहिबान के साथ-साथ पंजाब के सभी धार्मिक व सियासी संस्थाओं के नेता विशेष रूप से उपस्थित हुए।

  • लुधियाना पांजब में C A A के खिलाफ प्रदर्शन,योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाया

    लुधियाना में विभिन्न स्थानों पर सी.ए.ए के खिलाफ रोष प्रदर्शन

    काले कानून को रद्द करने की मांग, देश का संविधान धर्म निर्पेक्ष रहेगा

    लुधियाना, 27 दिसम्बर (मेराज़ आलम ) : पंजाबी बाग टिब्बा रोड, रामनगर मुंडिया, जमालपुर चौंक, एल बलॉक रणधीर सिंह नगर, हरगोबिंद नगर, कुंदनपुरी, भामिया कालोनी ताजपुर रोड, पुनीत नगर में जुमा की नमाज के बाद अलग-अलग संस्थाओं की ओर से केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए नागरिकता कानून की विरोधता करते हुए जबरदस्त रोष प्रदर्शन किए गए। वर्णन योग है कि मुंडिया मस्जिद से रोष प्रदर्शन की अगुवाई सूरज अंसारी, शाही इमाम के सचिव मुस्तकीम अहरार, पंजाबी बाग मस्जिद से मुफ्ती आरिफ कासमी, कुंदनपुरी मस्जिद से प्रधान नूर उल हक, मस्जिद पीएयू से मुफ्ती खालिद, एल ब्लॉक मस्जिद से डाक्टर मुहम्मद इद्रीस, भामिया ताजपुर रोड से मुहम्मद खालिद की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काला कानून मुर्दाबाद, हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, आपस में भाई-भाई, संविधान बचाओ देश बचाओ, फिर्कापरस्ती मुर्दाबाद के प्ले कार्ड उठाएं हुए थे।

    प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से धर्म के नाम पर शुरू की गई राजनीति अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि हमारा देश धर्म निरपेक्ष देश है हम अपने वतन के संविधान की हर कीमत पर रक्षा करेंगे, उन्होंने कहा कि दुख कि बात है कि काला कानून बनाने के बाद से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर यूपी पुलिस ने जो अत्याचार किया है उससे देश का सिर शर्म से झुक गया है। पुलिस जो कि हमेशा सब को बराबर की नजर से देखती है ने यूपी में अपना विश्वास खो दिया है। प्रदर्शनकरियों ने भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी से मांग की है कि पुलिस की तरफ से की गई हत्याओं पर कारवाई करते हुए यूपी पुलिस में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, खास बात यह है कि प्रदर्शनकारी जुमा की नमाज के बाद शांतिपूर्वक रोष प्रदर्शन करते हुए वापिस अपने घरों को लौटे। एक सवाल के जवाब में शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि हम भारत के वासी है रोष प्रदर्शन में भी मर्यादा का ध्यान रखते हैं, किसी को गद्दार कह कर नहीं बोलते।

  • धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता बिल पास करना संविधान और मूल सिद्धांतों के खिलाफ है:शाही इमाम पंजाब

    पाकिस्तान शरणार्थियों के भेस में भारत में अतांकवाद फैला सकता है – शाही इमाम पंजाब

    लुधियाना 6 दिसम्बर: केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से कैबिनेट में पारित करने के बाद अब संसद में पेश किए जाने वाले नागरिकता बिल का स्वतंत्रता सैनानियों की जमात मजलिस अहरार की ओर से विरोध करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब और रहमान सानी लुधियानवी ने आज पत्रकार सम्मेलन में कहा कि धर्म के आधार पर किसी को भारतीय नागरिकता देना किसी भी तरह से उचित नहीं है यह सरासर देश के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है , शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भारत के संविधान में से बात स्पष्ट रूप से कहीं गई है कि देश की सरकार किसी धर्म विशेष की नहीं बल्कि धर्म निरपेक्ष होगी और यही भारत का शुरू से सिद्धांत रहा है ,

    शाही इमाम पंजाब ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का यह कहना कि पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश में वहां के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं इसलिए गैर मुस्लिमो को भारतीय नागरिकता दी जानी चाहिएं तो क्या चाइना, म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका में अगर किसी मुसलमान पर अत्याचार हो उसे भारत की नागरिकता का अधिकार नहीं होगा , क्या यह गैर मुस्लिम देश भारत के पड़ोसी नहीं है क्या इन देशों में मानवता पर अत्याचार नहीं हो रहे हैं , शाही इमाम ने कहा कि म्यांमार में वहां के अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार हुए हैं उसे कौन नहीं जानता लेकिन फिर भी धर्म के आधार पर राजनीति की जा रही है ,

    शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि दुनिया इस वक़्त आतंकवाद से जूझ रही है आतंक का कोई धर्म नहीं होता वोट की राजनीति में कहीं हम इन पड़ोसी देशों से आए पाकिस्तानी घुसपैठियों के लिए दरवाजा तो नहीं खोलने जा रहे , क्योंकि अब तक जो भी जासूस और अतांकी भारत में पकडे गए हैं उन सब का किसी एक धर्म से संबंध नहीं है , शाही इमाम ने कहा कि सरकार देश में बढ़ रही महंगाई ओर बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करने की बजाए धर्म के नाम पर सियासत कर रही हैं, एक सवाल के जवाब में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि 6 दिसम्बर के दिन बाबरी मस्जिद को कानून की परवाह ना करते हुए शहीद कर दिया गया था जिसे आज भी सुप्रीम कोर्ट ने गलत कहा है इस लिए बाबरी मस्जिद की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता ,

  • मुस्लिम समुदाय की तरफ से पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के लिए हर मुमकिन मदद की जा रही है

    मुस्लिम भाईचारे की ओर से खालसा ऐड को बाढ़ पीडि़तों के लिए सहायता राशि भेंट

    – मुश्किल समय में पंजाब के सभी वासी एकजुट हैं : मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवीं

    लुधियाना,3 सिंतबर:आज यहां जामा मस्जिद में लुधियाना के मुस्लिम भाईचारे की ओर से खालसा ऐड को पंजाब में बाढ़ से पीडि़त लोगों की सहायता के लिए सवा लाख रूपये की नकद राशि भेंट की गई। इस अवसर पर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवीं, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह, खालसा ऐड की ओर गुरसाहिब सिंह व शहर की विभिन्न मस्जिदों के प्रधान व इमाम विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवीं ने कहा कि मुश्किल समय में एक दूसरे का साथ देना ही असल धर्म है। उन्होनें कहा कि देश में जब भी कोई आपदा आई है तो पंजाब के लोगों ने पीडि़तों का बढ़-चढ़ कर साथ दिया है और जब पंजाब में बाढ़ आने पर बहुत सारे गांव पानी में डूबे हुए हैं ग्रामीणों की खेती और पशुधन का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है,

    ऐसी स्थिति में पंजाब के सभी लोग एकजुट है और पीडि़तों को राहत पहुंचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। शाही इमाम ने कहा कि खालसा ऐड की ओर से पीडि़तों के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह ने कहा कि मुस्लिम भाईयों की ओर से खालसा ऐड को भेंट की गई राशि से जहां पीडि़तों को फायदा होगा वहीं पर सर्व धर्म एकता को भी बल मिलेगा।

    स. प्रितपाल ने कहा कि पंजाब के लोग किसी भी धर्म से संबध रखते हों वह खुशी हो या गम हमेशा एक साथ रहते हैं व पंजाब का भाईचारा ही यहां की असल ताकत है। इस मौके पर डा. मुहम्मद इदरीस, नूर उल हक, महमूद प्रधान, मुफ्ती आरिफ, मुहम्मद नौशाद अंसारी,मौलाना कुतबुदीन, शेख अशरफ, मुहम्मद खालिद रकाा, मुजीब उर रहमान, डा. सराजदीन बाली, मुहम्मद रफीक, बिलाल खान, बाबुल खान, अल्ताफ जोशन, मुहम्मद इरशाद, मौलाना नबी जान, मुहम्मद महफूज प्रधान, मुहम्मद सज्जाद व मुहम्मद कुलबुल आदि मौजूद थे।

  • इस्लामी नव वर्ष शुरू,हजरत उमर की शहादत को किया याद 10 सितंबर को मनाया जाएगा यौम-ए-आशूरा:शाही इमाम

    लुधियाना, 1 सितंबर: मुहर्रम का चांद नजर आते ही इस्लामी नव वर्ष 1441 के आरंभ के मौके पर आज यहां लुधियाना जामा मस्जिद में विशेष दुआ करवाई गई और इस मौके पर इस्लाम धर्म के दूसरे खलीफा हजरत उमर फारूक रजी अल्लाह को भी याद किया गया। वर्णनयोग है कि एक मुहर्रम के दिन ही हजरत उमर फारूक शहीद हुए थे। इस अवसर पर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि हमारी दुआ है कि इस्लामी नव वर्ष दुनिया भर के लोगों के लिए शांति व अमन भाईचारे वाला रहे।

    शाही इमाम मौलाना हबीब ने मुसलमानों के दूसरे खलीफा हजरत उमर फारूक रजी अल्लाह की जीवनी पर रोशनी डालते हुए कहा कि विश्व भर में आज भी उमर-ए-फारूक का इंसाफ अपनी मिसाल आप है। उन्होनें कहा कि फारूकी दौर में ही दुनिया भर के इंसानों के लिए बड़े-बड़े फैसले किए गए, जिससे इंसानियत का सिर बुलंद हुआ।

    शाही इमाम ने कहा कि हजरत उमर फारूक की जीवनी हम सब के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। फारूकी दौर दुनिया में आज भी सुनहरे शब्दों के साथ याद किया जाता है। शाही इमाम ने बताया कि मुहर्रम का चांद नजर आते ही इस्लामी नव वर्ष का आगाज हो गया है और आने वाली 10 तारीख को यौम-ए-आशूरा का दिन मनाया जाएगा। उन्होने बताया कि आशूरा का दिन यहां इस्लाम धर्म में बहुत बड़ी विशेषता रखता है वहीं इसी दिन प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहीवसल्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन रजीअल्लाह अनहु ने मैदान-ए-करबला में सच्चाई का परचम बुलंद करते हुए शहादत का जाम पीया था।

  • आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता:शाही इमाम पंजाब

    – मौलवी ओवस जांच में बेकसूर साबित होंगे : मुहम्मद जमील
    – किसी बेकसूर को बदनाम ना किया जाए : अतीक उर रहमान
    – देश की सुरक्षा प्रथम इस से कोई समझौता नहीं : उस्मान रहमानी

    मिल्लत टाइम्स,लुधियाना: बीते दिन राहों रोड मदनी मस्जिद मदरसा में एन.आई.ए की तरफ से की गई करवाई के बाद आज शहर की सभी मस्जिदों के इमाम और प्रबंधकों की जामा मस्जिद में विशेष मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। इस अवसर पर अतीक उर रहमान लुधियानवी, आरजेडी के अध्यक्ष मुकीद आलम, बैंस ग्रुप से शेर खान, सूफिया बाग मस्जिद से जफर आलम, साबिर आलम,नूर उल हक,बिलाल खान कुंदनपुरी मस्जिद,अब्दुल शकूर मस्जिद नूर नर्सरी, मौलाना कुतबुदीन मस्जिद गिलां,मास्टर आफताब,मुफ्ती आरिफ,मौलाना मुजाहिद,हाफिज इजहार आलम, रईस अहमद गुलाबी बाग टिब्बा रोड, इसरार तरीन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, मुफ्ती मुहम्मद ईनाम, डाक्टर इदरीस एल ब्लॉक मस्जिद,अल्ताफ जोशन गिल चौंक मस्जिद, रहमत अली सिराजदीन शेरपुर, मिज़ान उर रहमान जोगियाना मस्जिद, मुजीब उर रहमान कबीर नगर मस्जिद, मुफ्ती साकिब यूनिर्वसिटी मस्जिद, मुफ्ती हक नवाज मस्जिद बाड़ेवाल,मुफ्ती खालिक पुनीत नगर, सूरज अंसारी रामनगर मुंडिया, मौलाना नबी जान हैबोवाल, मौलाना आले कबीर मस्जिद भट्टिया, इरशाद फतेहगढ़, उबेद उर रहमान मस्जिद खुड्ड मोहल्ला, मौलाना साजिद गुलाबी बाग मदरसा,मौलाना फारुक, नसिबुदीन, हाशिम अंसारी राहों रोड, शमशाद कुरैशी, हाफिज शाहनवाज,मौलाना आकिल, हाफिज नाजिम ताजपुर रोड ,मौलाना नियामुदीन मस्जिद गिल चौंक, मौलाना फिरोज, हाफिज फारुक लोहारा, मुहम्मद इस्माईल, मौलाना मुहम्मद आइनन आलम दाना मंडी, मौलाना हबीब उर रहमान मस्जिद राम नगर, मौलाना मौला बख्श कादरी, मौलाना अता मुहम्मद अशरफी, हाफिज सलीम अशरफी, मौलाना आसिम कोट मंगल सिंह, हाफिज आलीशान गियासपुरा, कारी लुतफुर रहमान, अब्दुल मलिक त्यागी,खालिद रजा, हकीम मुहम्मद उसमान त्यागी सलेम टाबरी, शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी व अन्य लोग उपस्थित थे।

    मीटिंग को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने इस घटना को दु:खद बताते हुए कहा कि सच क्या है इसका पता तो जांच पूरी होने पर ही लगेगा लेकिन भविष्य में ऐसी कोई नोबत ना आए इस पर गम्भीरता से विचार करना होगा। शाही इमाम ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नही होता, उन्होंने ने सभी मस्जिदों के इमामों और प्रबंधकों को स्पष्ट कहा कि खुदा के घर के सम्मान की जिम्मेारी प्रबंधकों की है। शाही इमाम ने प्रबंधकों को सभी मस्जिदों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने और समाज व देश की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का आदेश भी दिया। मदनी मस्जिद राहों रोड के प्रधान मुहम्मद जमील ने मीटिंग में सारे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी उच्च अधिकारियों से बात हुई थी उन्हे यकीन है कि मदनी मस्जिद मदरसा के मौलवी ओवैस इस जांच में बेकसूर साबित होंगे और उन्हे छोड़ दिया जाएगा।

    इंडियन मुस्लिम काउंसिल पंजाब के अध्यक्ष अतीक उर रहमान ने कहा कि मस्जिद से कुछ भी आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है, हम समझते है कि किसी बेकसूर को बदनाम नहीं किया जाएगा। समाज सेवी मुहम्मद जफर ने कहा कि यह घटना बड़ी ही दु:ख दाई है हमें आपस में मिल कर सहयोग करते हुए ऐसी घटनाओं को रोकना होगा। मुकीद आलम अध्यक्ष आरजेडी पंजाब ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिएं राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में कुछ ऐसा बनाए की कारवाइयों के बीच धार्मिक स्थलों का नाम ना आए ताकि इनकी पवित्रता बहाल रहे।

    इस अवसर पर मौलाना फारुक ने कहा कि मदनी मस्जिद के प्रबंधकों से उनकी लड़ाई निजी है लेकिन वह इस बात के गवाह है कि यहां से कभी भी कोई देश विरोधी गतिविधियां नहीं होती, बल्कि यहां 15 अगस्त व 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि हमें यकीन है कि किसी बेगुनाह का जीवन खराब ना होगा, उस्मान ने कहा कि देश की रक्षा प्रथम है इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।