Category: पंजाब

  • केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी कानून को रद्द करें,पंजाब के अल्पसंख्यक किसान भाइयों के साथ है:शाही इमाम पंजाब

    लुधियाना (मेराज़ आलम ब्यूरो रिपोर्ट) : आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद में जुम्मे की नमाज अदा करने से पहले अपने सप्ताहिक संबोधन में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने केंद्र सरकार की तरफ से बनाए गए किसान विरोधी कानून की निंदा करते हुए उसे रद्द करने की मांग की है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि किसान हमारे भाई हैं वह सिर्फ भारत को ही नहीं दुनिया भर के लोगों को अनाज मुहाईया करवाते हैं उनके साथ केंद्र सरकार की ओर से की जा रही मनमर्जी बर्दाश्त नही की जा सकती।

    शाही इमाम ने कहा कि पंजाब के किसान जो भी रणनीति अपनाएंगे पंजाब के सभी अल्पसंख्यक उसमें उनका साथ देंगे। उन्होंने कहा कि किसानों ने हमेशा ही हक और इंसाफ के लिए आवाज उठाई है इसलिए सभी भारतीयों पर यह फर्ज है कि वह इस मुश्किल घड़ी में अपने किसान भाइयों का साथ दें शाही इमाम ने कहा कि किसानों का साथ देना कोई सियासी मामला नहीं यह किसानों कि जिन्दगी का सवाल है कयोंकि खेती ही उनका जीवन है। शाही इमाम ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कानून से किसानों के ऊपर बाहर की कंपनियों का दबाव बढ़ जाएगा काला बाजारी बढ़ेगी इससे किसान तरक्की करने की बजाय मायूसी की तरफ चला जाएगा।

    सरकार को चाहिए कि वह किसानों के साथ बैठकर बातचीत करें और किसानों के मुताबिक ही नया कानून बनाया जाऐ। शाही इमाम ने आज जामा मस्जिद लुधियाना से राज्य के सभी इमाम साहिबान और मस्जिदों के प्रधानों को अपील जारी की है कि किसान भाइयों की तरफ से किए का रहे आंदोलन में शामिल होकर हर तरफ से साथ दें। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब के किसान सिर्फ किसान नहीं हक और सच्चाई की बुलंद आवाज भी हैं किसानों ने हमेशा ही सभी लोगों का साथ दिया इसलिए आज सब पर लाजमी है कि किसान भाइयों का साथ देकर काले कानून को रद्द करवाऐं।

  • पानीपत:इखलाक सलमानी के साथ जुल्म की इंतिहा,हाथ काट मृत समझकर फेंका रेलवे ट्रैक पर

    मिल्लत टाइम्स, पानीपत:हरियाणामें जंगल राज की एक होर घटना सामने आई
    कस्बा ननौता जिला सहारनपुर के निवासी इखलाक सलमानी s/o फकीरा रोजगार की तलाश में पानीपत आया और पार्क में बैठा हुआ था पार्क में दो आदमी आए जिन्होंने नशा किया हुआ था और उससे मारपीट करने लगे और वहां से जाकर 6,7 तो लोगों को बुला कर लाए और उनमें एक औरत भी थी और इखलाक सलमानी को पकड़ कर एक घर डैयरी के अंदर ले गए जहां पर मौजूद कुछ औरतें और आदमियों ने उसके साथ बहुत ज्यादा मारपीट की और उसका एक हाथ काट दिया और मरा हुआ समझकर रेलवे लाइनों के पास फेंक दिया । इखलाक सलमानी को होश आया तो उसने किसी राहगीर से एक नंबर मिलाने के लिए कहा और उसने अपने फोन से उसके घरवालों को ननौता फोन किया और बता कि आपका लड़का यहां पर जख्मी हालत में पड़ा हुआ है और इस का एक हाथ भी कटा हुआ है । पीड़ित के भाई इकराम सलमानी s/o फकीरा ने अपने किसी परिचित को फोन कर के घायल अवस्था में पडे अपने भाई के पास भेजा और परिचित ने पुलिस की मदद से रोहतक हस्पताल पहुंचाया । उसके बाद इकराम सलमानी रोहतक अस्पताल पहुंचा और अपने भाई को देखा और उसने देखा कि उसके भाई के पूरे शरीर में बहुत ज्यादा पीटने से चोटें लगीं हुईं हैं यह घटना चौंकी किसनपुरा पानीपत की है और अभी तक गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है और अभी तक पुलिस ने पीड़ित इखलाक के बयान लिए ओ ना ही एफ आई आर दर्ज की क्या सुशांत सिंह राजपूत ही भारत का वासी था उसी को इन्साफ के सरकार और मीडिया मुहिम चला सकता है। मैं इकराम सलमानी और मेरा भाई पीड़ित इखलाक जिस को मरा हुआ समझ कर फेंक दिया और कोहनी से एक हाथ काट सारी जिंदगी के लिए अपाहिज बना दिया को भी इनसाफ चाहिए हमारी मान्ननय प्रधानमंत्री, ग्रह मंत्री, डीजीपी हरियाणा, पुलिस कमिश्नर पानीपत और इंचार्ज चौकी किशनपुरा पानीपत और सभी देशवासियों से भी अपील है कि हमें इंसाफ दिलाया जाए और गुनाहगारों को जेल भेजा जाए और उनके खिलाफ इरादतन कत्ल और हाथ काटने और मारपीट करने की जो भी धारा हेल्प बनती हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए इकराम सलमानी सदर नानौता ऑल इंडिया जमात ए सलमानी बिरादरी

  • जंग-ए-आजादी के महान स्वतंत्रता सेनानी थे मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी

    हिन्दू पानी-मुसलमान पानी की साजिश को नाकाम कर दिया था गोरों के खिलाफ फतवा : उस्मान रहमानी

    लुधियाना, 2 सितम्बर (मेराज़ आलम ब्यूरो रिपोर्ट) : भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लुधियाना से राष्ट्रीय नायक मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी की आज 64वीं बरसी के मौके पर ऐतिहासिक जामा मस्जिद में स्वतंत्रता संग्राम की पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से क़ुरान शरीफ पढ़ कर दुआ के साथ उन्हे श्रद्धाजंलि दी गई। इस अवसर पर संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी भारत की जंग-ए-आज़ादी के वह नायक हैं जिन्होंने अंग्रेज साम्राज्य की जड़े हिला दी थीं। मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में 14 साल जेल काट और अंग्रेजों द्वारा रेलवे स्टेशनों पर हिन्दू पानी और मुस्लिम पानी के मटके लगवा कर रची गई साजिश के खिलाफ ऐलान करते हुए पेशावर तक सभी मटके तुड़वा दिए और इस जुर्म में जेल भी काटी और देश के लोगों को समझा दिया कि एक ही पानी पीकर अंग्रेजों की साजिश को नाकाम बनाना है।

    नायब शाही इमाम ने कहा कि यह मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवीं ही थे, जिन्होंने जालिम अंग्रजों की परवाह ना करते हुए शहीद-ए- आजम भगत सिंह के परिवार, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, पंडित जवाहर लाल नेहरू, पंथ रत्न मास्टर तारा सिंह, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय, नामधारी सतगुरु प्रताप सिंह, सय्यद अताउल्लाह शाह बुखारी का हमेशा साथ दिया। यह मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ही थे जिन्होंने 1947 में देश के विभाजन को अस्वीकार करते हुए पाकिस्तान की स्थापना की विरोधता की और फिर पाकिस्तान जाने की बजाए भारत में रहने को उचित समझा। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान ने बताया कि भारत की जंगे आज़ादी का पहला फतवा भी आपके दादा जान मौलाना शाह अब्दुल कादिर लुधियानवी ने 1857 में दिया था और लुधियाना से अंग्रजों को मार भगाया था। उन्होंने कहा कि आज इस महान स्वतंत्रता सेनानी की बरसी के अवसर पर हम जहां उनके लिए दुआ करते हैं वहीं इस बात का फिर से प्रण करते हैं कि बहुत कुर्बानियों के बाद आज़ाद करवाए गए अपने इस भारत देश में एकता भाईचारे के लिए काम करते हुए देश के विकास में योगदान डालते रहेगें।

    : महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी की बरसी के अवसर पर उनके लिए दुआ करवाते (उनके पौत्र व हम नाम) शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवीं व अन्य।

  • लुधियाना जामा मजिस्द में यौमे आशूरा अवसर पर ऑनलाइन कांफ्रेंस का आयोजन

    हजरत इमाम हुसैन की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा-शाही इमाम पंजाब

    लुधियाना 30 अगस्त (मेराज़ आलम ब्यूरो रिपोर्ट) कोविड-19 के मद्देनजर आज यहां एतिहासिक जामा मजिस्द में यौमे आशूरा के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू की याद में ऑन लाइन शहीद ऐ करबला कांफ्रेंस का आयोजन मजलिस अहरार इस्लाम द्वारा किया गया। जिसकी प्रधानगी शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। इस अवसर पर पावन कुरान शरीफ की तलावत कारी मुहम्मद मुहतरम द्वारा की गई और प्रसिद्व शायर गुलाम हसन कैसर,कारी मुहम्मद मुस्तकीम करीमी ने नातिया कलाम पेश किया।

    कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन विश्व के एतिहास मेें बहुत विशेष है,इस दिन अल्लाह ताआला ने बड़ी रहमत व बरकत वाला बताया है और इस्लाम धर्म में मुहर्रम की 9 व 10 तारीख को रोजा रखने को कहा गया है। शाही इमाम ने कहा कि आज से 1400 वर्ष पहले आज के दिन करबला के मैदान में पैंगबर इस्लाम हजरत मुहम्मद सलल्लाहु अलैही वस्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू ने अपने पूरे परिवार व साथियों के साथ वक्त के जालिम हुक्मरानो के खिलाफ सच्चाई की आवाज बुलंद करने के कारण शहीद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि विश्व भर में सरकारों के खिलाफ सच्चाई की आवाज उठाने का पहला संदेश मैदान ए करबला से हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू ने दिया,जो कि हमेशा याद रखा जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि इस शहादत को कभी भुलाया नही जा सकता और जो कौमे अपने शहीदो को भूल जाती है,उनका वजूद खत्म हो जाता है। शाही इमाम ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने उस समय के जालिम बादशाह से कौम व धर्म को बचाने के लिए कुर्बानी दीं थी। शाही इमाम ने कहा कि यौमे आशूरा के दिन ही अल्लाह पाक ने
    जमीन,आसमान,हवा,पानी,इंसान व हर चीज को बनाया और 10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आएगी। शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमे अपने घर वालो पर दिल खोल कर खर्च करना चाहिए और इस दिन गरीबो की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी मुसलमान किसी यतीम को खाना खिलाता है,अच्छे कपड़े पहनाता है और बाद में उस यतीम के सिर पर प्यार से हाथ फेरता है और जितने वाल उसके हाथों के नीचे से निकलेगे,अल्लाह पाक उसको हर वाल के बदले में नेकियां देते है। कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद रहमानी लुधियानवी ने मैदाने करबला का किस्सा बयान करते हुए हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू की बहादुरी की दास्तान बयां की। उन्होंने कहा कि कयामत तक आने वाले लोगो के लिए करबला का मैदान सच्चाई व इमानदारी देने का संदेश देता रहेगा।

    जामा मजिस्द लुधियाना में ऑनलाइन शहीद ए करबला कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के साथ गुलाम हसन कैसर,मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी।

  • मुकीद आलम तीसरी बार चुने गए राष्ट्रीय जनता दल पंजाब के अध्यक्ष

    पार्टी के भरोसे को मैं टूटने नहीं दूंगा , पंजाब बॉडी का होगा जल्द ऐलान: मुकीद आलम

    लुधियाना पंजाब (मेराज़ आलम): राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कार्यकारिणी की आज पटना में बैठक हुई जिसमें राजद की ओर से जारी की गई राष्ट्रीय अध्यक्ष की लिस्ट में आरजेडी पंजाब प्रदेश अध्यक्ष की कमान मुकीद आलम उर्फ मलकीत के हाथों में ही रहेगी ।
    उल्लेखनीय है कि मुकीद आलम पिछले 3 सालों से पंजाब के अध्यक्ष पद पर हैं।

    वहीं मुकीद आलम ने कहा कि पार्टी ने जिस यकीन के साथ मुझ पर फिर से भरोसा जाहिर किया है उसे मैं टूटने नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि पंजाब भर में लाखों की संख्या में बिहार के लोग बसते हैं जिनका पार्टी के प्रति उत्साह देखते हुए मुझे भी हौसला मिलता है। इस साल बिहार में विधानसभा

    चुनाव की तैयारी चल रही है पंजाब के वर्कर बिहार के इस चुनाव में मुख्य रोल अदा करेंगे उन्होंने कहा कि बहुत जल्द पंजाब बॉडी का भी एलान कर दिया जाएगा।
    वहीं पार्टी के प्रिंसिपल सेक्रेट्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने मुकीद आलम को तीसरी बार पंजाब प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी है और कहा है कि मुकीद आलम ने बहुत कम समय में राष्ट्रीय जनता दल को ऊंचाई पर पहुंचाया है।

  • मुसलमान देश के लिए हमेशा कुर्बानी देने को तैयार है : शाही इमाम पंजाब

    – लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में सोशल डिस्टेंस से ईद की नमाज अदा की गई

    लुधियाना 1 अगस्त (मेराज़ आलम ब्यूरो रिपोर्ट ) : करोना वायरस के संकट के मद्देनजर सोशल डिस्टेंस के साथ आज यहां फील्ड गंज चौक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद समेत अन्य सभी मस्जिदों में ईद उल अजहा (बकरा ईद) कि नमाज अदा की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री भारत भूषण आशू, लोकसभा सदस्य स. रवनीत सिंह बिट्टू, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रधान सरदार प्रितपाल सिंह, विधायक सुरिंदर डावर, श्री राकेश पाण्डे, श्री संजय तलवार, श्री कुलदीप सिंह वैद, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने बधाई संदेश भेजा। ईद के अवसर पर संबोधन करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन हम अल्लाह के प्यारे नबी हजऱत इब्राहीम अलहिस्सलाम की याद में मानते हैं जिन्होंने इंसानों को यह सबक दिया कि अगर वक़्त आए तो अपनी जान से प्यारी चीज भी अल्लाह की राह में कुर्बान करने से ना घबराओ, शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम की इसी प्रेरणा से भारत के मुसलमानों ने देश को आज़ाद करवाने के लिए अंग्रेजों से टक्कर लेते हुए हजारों कुर्बानियां दी थी।

    उन्होंने कहा कि आज भी अगर देश को जरूरत पड़ी तो मुसलमान कुर्बानी देने को तैयार है। शाही इमाम ने कहा की आज का दिन बरकत और रहमत वाला है, दुआ कबूल होती है और अल्लाह का हुक्म है कि ईद के दिन गरीबों और जरुरतमंदों की मदद की जाए। शाही इमाम ने नमाजियों से कहा कि आज ईद के दिन इस बात का ख्याल रखा जाए कि कोई भी पड़ोसी चाहे वह किसी भी धर्म का हो भूखा ना रहे।

    इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि इस्लाम के पर्व इबादत और नेकी की राह दिखाते हैं हम साल भर रोजाना पांच नमाज अदा करते हैं और ईद के दिन छे नमाज अदा करते है। उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कुर्बानी के इस दिन हम सब इस संकल्प को दोहराते हैं कि अगर देश और कौम को जरुरत पड़ी तो हम पीछे नहीं रहेंगे। इस अवसर पर पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया गए थे। डीसीपी लॉ एंड आर्डर श्री अश्वनी कपूर, एडीसीपी 1 दीपक पारेख, एसीपी सेन्ट्रल सरदार वरियाम सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे।

    ईद उल अजहा पर संबोधन करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी।

    नमाज अदा करवाते नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी।

    सोशल डिस्टेंस से अपनी बारी का इंतजार करते हुए नमाजी।
    नमाजियों को सैनिटाइजर कर बुखार चेक कर जामा मस्जिद में एंट्री करवाते प्रबंधक।

  • रमजान सभी इंसानों के लिए रहमत का महीना है:शाही इमाम पंजाब

    ।अकड़ कर चलने वाले, घमंड करने वाले लोग खुदा को बिल्कुल भी पंसद नहीं है

    लुधियाना, 15 मई (मेराज़ आलम ब्यूरो) : फील्डगंज चौंक में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में मौके पर आन-लाईन मुस्लमानों को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि रमजान का मुबारक महीना दुनिया भर के इंसानों के लिए रहमत है। इस पवित्र महीने में रोजदारों के साथ-साथ सभी इंसानों को अल्लाह ताआला का विशेष कर्म होता है। शाही इमाम ने कहा कि इस मुबारक महीने में एक नेकी करने के बदले में 70 नेकियों का सवाब मिलता है, अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगनें वालों की तौबा कबूल की जाती है। उन्होनें कहा कि रोजदारों को चाहिए कि वे चुगली जैसे गुनाहों से बचे। दूसरों का दिल दुखा कर खुदा की नाराजगी मोल ना लें। बल्कि रोजा रखने के बाद अपने गुनाहों की माफी मांगते रहा करें। शाही इमाम ने कहा कि अल्लाह ताआला बड़ा रहीम है और माफ करने वालों को पसंद करता है। अकड़ कर चलने वाले, घमंड करने वाले लोग खुदा को बिल्कुल भी पंसद नहीं है

  • शराब की दुकानें खुल सकती है तो धार्मिक स्थान बंद क्यों?

    केंद्र सरकार शोशल डिस्टेंस के साथ सर्व धर्म के धार्मिक स्थानों को खोलने का आदेश दें : शाही इमाम पंजाब

    लुधियाना 8 मई (मेराज़ आलम ब्यूरो) : शराब की दुकानें खुल सकती है तो धार्मिक स्थान बंद क्यों रहें? केंद्र सरकार को चाहिए कि देश भर में सर्व धर्म के धार्मिक स्थानों में शोशल डिस्टेंस के साथ इबादत शुरू करवाए यह मांग आज यहां रमजान शरीफ के दूसरे जुम्मे के अवसर पर एतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। शाही इमाम ने कहा कि विश्व भर में कोरोना महामारी के बीच जब मरीजों की संख्या दिन-व-दिन बढ़ रही है तो सख्त कदम उठाने की बजाए केंद्र सरकार ने देश भर में शराब की दुकानें खोलने का आदेश जारी कर दिया है जो कि हैरत और दुख की बात है, शराब की दुकानें खुलने से दो दिन में ही शोशल डिस्टेंस खत्म होता नजर आ रहा है और उसके साथ ही शराब की वजह से घरेलू हिंसा के समाचार भी मिलने शुरू हो गए हैं। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि हम मोदी सरकार से पूछना चाहते हैं कि अगर शराब की दुकानें खुल सकती हैं तो धार्मिक स्थान बंद क्यों रखें जाऐ?

    उन्होंने कहा कि देश भर में सभी धार्मिक स्थानों के क्षेत्र फल के अनुसार फासला रखते हुए प्राथना करने की वव्यस्था करवाई जाए। शाही इमाम ने कहा कि सभी धर्म स्थान कोविड-19 में लगातार लोगों की सेवा भी कर रहे हैं, भूखों को खाना और पानी पिला रहे हैं। शाही इमाम ने कहा सरकार अस्पतालों में धार्मिक स्थानों व समाज सेवी संस्थाओं की मदद ले रही है लेकिन जब लोगों को राहत देने की बात आए तो शराब खाने खुलवा दिय गए। शाही इमाम ने कहा की सभी धर्मों के पचास-पचास लोगों को रोजाना मास्क और सैनेटाईजर व सोशल डिस्टेंस के साथ अपने अपने धार्मिक स्थान में इबादत करने की इजाजत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए दवाई के साथ दुआ बहुत जरूरी है। शाही इमाम ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थानों को खोलने की मांग पवित्र रमज़ान शरीफ को लेकर नहीं की जा रही बल्कि सभी लोगों की आस्था को देखते हुए की गई है।

  • कोरोना Positive एसीपी की मौत,दूसरों की जान बचाने में खुद की गई जान पंजाब में मृतकों की संख्या हुई 16

    लुधियानाः (मेराज़ आलम ब्यूरो ) ऐसे जाँबाज ऑफिसर को मिल्लत टाइम्स के टीम की नमन कोरोना वायरस पॉजिटिव लुधियाना के ए.सी. पी. अनिल कोहली की शनिवार को मौत हो गई है, जिसकी पुष्टि सिविल सर्जन ने की है। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे। बता दें कि शुक्रवार को कोरोना वायरस से पीड़ित 58 वर्षीय कानूनगो गुरमेल सिंह की मौत हुई थी। 

    पंजाब में अब तक हुई मौतों पर एक नजर

    पहली मौत: सबसे पहले 18 मार्च को नवांशहर के गांव पठलावा के बुज़ुर्ग की मौत हुई, जो गत दिवस जर्मनी से इटली होता हुआ पंजाब लौटा था। 

    दूसरी मौत: 29 मार्च को नवांशहर के पाठक बलदेव सिंह के संपर्क में आने वाले होशियारपुर के हरभजन सिंह की मौत हुई, जो अमृतसर के अस्पताल में दाख़िल था। 

    तीसरी मौत: 30 मार्च को लुधियाना की 42 वर्षीय महिला पूजा ने पटियाला के राजिन्दरा अस्पताल में दम तोड़ दिया। 

    चौथी मौत: 31 मार्च को चंडीगढ़ के पी.जी.आई. में भर्ती मोहाली के 65 वर्षीय बुज़ुर्ग की चौथी मौत हुई थी।

    5वीं मौत: 3 अप्रैल को 5वीं मौत अमृतसर के पूर्व रागी भाई निर्मल सिंह खालसा की हुई, जिन्होंने अमृतसर के श्री गुरु नानक देव अस्पताल में दम तोड़ा।

    छटी मौत: कोरोना के साथ छटी मौत 5 अप्रैल को लुधियाना में 70 साल के करीब महिला की हुई। उसे 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 2 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।

    7वीं मौत: पठानकोट जिले में पहला पॉजीटिव केस 75 वर्षीय महिला का आया, जिसे 1 अप्रैल को पठानकोट से अमृतसर रैफर किया गया था। 4 अप्रैल को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई, जिसकी मौत हो गई थी।

    8वीं मौत: 6 अप्रैल को अमृतसर के नगर निगम से रिटायर हो चुके 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। हालांकि पहले उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। 5 अप्रैल को दोबारा भर्ती किए जाने पर उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी।

    9वीं मौत: 8 अप्रैल को पी.जी.आई. में भर्ती रोपड़ के 55 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी। गांव चतामली के उक्त व्यक्ति को शुगर के कारण 2 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।

    10वीं मौत: 9 अप्रैल को जालंधर में कांग्रेसी नेता के 59 वर्षीय पिता ने इलाज दौरान दम तोड़ दिया। गत बुद्धवार शाम को ही उनके कोरोना पॉजीटिव होने का पता लगा था, जिसके बाद वह सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड में वेंटिलेटर पर थे।

    11वीं मौत: इसके साथ ही 9 अप्रैल को बरनाला की रहने वाली महिला की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई। इस महिला ने लुधियाना के अस्पातल में दम तोड़ा था।

    12वीं मौत: खरड़ की 74 वर्षीय महिला की 8अप्रैल को मौत हो गई थी लेकिन उसकी रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजीटिव आई है। पहले उक्त महिला का कोरोना टैस्ट नेगेटिव बता कर उसे अस्पताल से घर भेज दिया गया था। 8अप्रैल को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद टैस्ट जांच के लिए भेजे गए थे जिसमें वह पॉजीटिव पाई गई थी। 

    13वीं मौत: गांव कोटला हेरा जालंधर की एक महिला की मामूली बीमारी के कारण मौत हो गई थी लेकिन बाद में उसकी कोरोना  रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी।

    14वीं मौत: गुरदासपुर जिले में गांव भैनी के पासवाल के रहने वाले पहले कोरोना पीड़ित व्यक्ति ने अमृतसर के सरकारी अस्पताल में 16 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। 

    15वीं मौत: लुधियाना जिले के पायल में रहने वाले 58 वर्षीय कानूगो गुरमेल सिंह की कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी, जिसके बाद उसने अस्पताल में 17 अप्रैल को दम तोड़ दिया। हैरान करने वाली बात यह थी कि गुरमेल सिंह की कोई ट्रैवल हिस्ट्री सामने नहीं आई थी।

  • लुधियाना जामा मस्जिद के ऑनलाइन जलसे में जुड़े डेढ़ लाख से अधिक लोग

    अल्लाह से माफी मांगने से पहले दूसरों को माफ करना सीखें : शाही इमाम पंजाब

    लुधियाना, 10 अप्रैल (मेराज़ आलम ब्यूरो) : शबे बरात की पवित्र रात के अवसर पर एतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में ऑनलाइन जलसे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। इस अवसर पर जामा मस्जिद में सिर्फ 4 लोग ही उपस्थित थे, जिनमें बज्मे हबीब के अध्यक्ष मशहूर शायर गुलाम हसन कैसर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी कारी मुहम्मद मोहतरम व शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम का नाम शामिल है।

    ऑनलाइन प्रोग्राम में एक लाख से ज्यादा श्रोता फेसबुक पर शाही इमाम पंजाब की पेज पर जुड़े जिन्होंने देर रात तक कुरान शरीफ की तिलावत और नाते रसूले पाक सुनी, इस बा बरकत रात को लेकर की गई विशेष दुआ में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शाही पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि अल्लाह से माफी मांगने से पहले जरूरी है कि बंदा दूसरों को माफ करना सीखें। उन्होंने कहा कि जो दूसरों को माफ करता है उसकी तरफ से मांगी गई माफ़ी खुदा के दरबार में कबूल होती है।

    शाही इमाम ने कहा कि आज शबे बरात की रात पर हम सबको कोरोना वायरस की मुक्ति के लिए विशेष दुआएं करनी चाहिए और अल्लाह से यह मांगे की दुनिया पहले की तरह खुशहाल हरी-भरी नजर आने लगे। उन्होंने ने कहा कि इस मुसीबत की घड़ी में जो लोग समाज में नफरत का जहर घोलना चाहते हैं उनकी साजिशों को प्यार आपसी भाईचारे और एकता के साथ नाकाम बनाया जाएगा।

    ऑनलाइन जलसे को संबोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि इबादत से पहले अपने पड़ोसी और घरवालों के साथ इंसान का व्यवहार नेकी वाला होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दूसरों को तकलीफ़ देने वाले खुदा की इबादत करके कभी कामयाब नहीं हो सकते। नायब शाही इमाम ने कहा कि पैग़ंबरे इस्लाम हजऱत मुहम्मद सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दुनिया को जो शिक्षा दी है उसमें प्यार और एकता की ऐसी ताकत है जिसे संप्रदायिक ताकते तोड़ नहीं सकतीं। उस्मान ने कहा कि इस्लमं धर्म शांति का सन्देश देता है और आगे भी देता रहेगा।