Category: दिल्ली

  • कैबिनेट:दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे 40 लाख लोगों को मिलेगा मालिकाना हक

    नई दिल्ली. केंद्रसरकार ने बुधवार को दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उनके घर का मालिकाना हक देने के प्रस्ताव कोमंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर नेकहा-कैबिनेट के इस फैसले से दिल्ली के 40 लाख लोगों को फायदा होगा।

    कैबिनेट के फैसले सेदिल्ली के 175 वर्ग किमी क्षेत्र में बसी1,797 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा।इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अब संपत्ति का मालिकाना हक मिल सकेगा, जिससे संपत्ति की खरीद-फरोख्त को कानूनी जामा पहनाया जा सकेगा। सरकार के मुताबिक, इन कॉलोनियों में बड़ी संख्या में निम्न आय वर्ग के लोग रहते हैं।अब उन्हें नागरिक सुविधाओं के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि सरकार की तरफ से इन कॉलोनियों में विकास कार्य किए जा सकेंगे।

    डीडीए द्वारा चिह्नित 69 कॉलोनियों पर कैबिनेट का फैसला लागू नहीं

    केंद्रीय कैबिनेट ने यह फैसला अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण पर सलाह देने के लिए बनाई गई कमेटी के प्रस्ताव पर लिया है। यह फैसला दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा चिह्नित69 कॉलोनियों पर लागू नहीं होगा। डीडीए की इस सूची में सैनिक फार्म, महेंद्रू एन्क्लेव और अनंत राम डेयरी जैसी कॉलोनियां शामिल हैं।

    नियमितीकरण के लिए मामूली शुल्क जमा करना होगा

    नियमितीकरण के लिए लोगों को प्लॉट के क्षेत्रफल औरफ्लोर एरिया के आधार पर शुल्क जमा करना होगा। यह शुल्क, नजदीकी रहवासी इलाके के अधिकतम सर्किल रेट के आधार पर तय किया जाएगा।सरकारी जमीन पर बसीकॉलोनियों में 100 स्क्वेयर मीटर तक के प्लॉट के लिए सर्किल रेट का0.5%, 100 से 250 स्क्वेयर मीटर के लिए 1% और 250स्क्वेयर मीटर से अधिक के लिए 2.5% शुल्क देना होगा। निजी जमीन पर बसी कॉलोनियों के लिए यह रकम और भी कम होगी।

    संसद के शीतकालीन सत्र में जीपीए बिल लाएगी सरकार

    केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ‘रिकॉगनाइजिंग जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी’ (जीपीए) विधेयक पेश करेगी, ताकि कैबिनेट के इस फैसले को कानून में तब्दील किया जा सके।(इनपुट भास्कर)

  • तुगलकाबाद में उसी जगह पर बनेगा संत रविदास का मंदिर: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

    संत रविदास का मंदिर तुगलकाबाद में उसी जगह बनेगा जहां पर वह पहले था. सुप्रीम कोर्ट ने इसपर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है जिसमें उसी जगह पर मंदिर बनाने के लिए जमीन देने की बात कही गई है. बता दें कि कुछ महीने पहले ही प्रशासन ने दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित संत रविदास के मंदिर को ढहा दिया था. इसे लेकर बाद में जमकर बवाल भी हुआ है. और बाद में प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.

    मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि शांत और सद्भाव सनिश्चित करने के लिए किया जाना जरूरी है. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि साइट के 200 वर्ग मीटर क्षेत्र को मंदिर निर्माण के लिए भक्तों की एक समिति को सौंपा जा सकता है. कोर्ट ने केंद्र के प्रस्ताव को रिकॉर्ड में ले लिया और सोमवार को आदेश पारित करने के लिए मामले को सूचीबद्ध किया. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि उन्होंने भक्तों और सरकारी अधिकारियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श किया और केंद्र सरकार ने साइट के लिए भक्तों की संवेदनशीलता और विसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर के लिए पक्का निर्माण किया जा सकता है. इसे लेकर केंद्र सरकार एक समिति का गठन करेगी जो मंदिर का निर्माण कराएगी. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि उस जगह पर किसी के भी द्वारा व्यावसायिक पार्किंग या गतिविधि की अनुमति नहीं होगी. संत रविदास के मंदिर का पक्का निर्माण करने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि क्योंकि यह मंदर जंगल के इलाके में है इसलिए यहां पक्का निर्माण करना सही नही होगा. लोगों की आस्था को देखते हुए सरकार जमीन दे रही है लेकिन यहां लकड़ी का ही मंदिर बनाया जा सकता है. इसपर कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार जमीन दे रही है तो मंदिर के लिए पक्के निर्माण पर रोक कैसे लगाई जा सकती है.

    इसपर अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि मन्दिर की आड़ में लोगों ने जंगल क्षेत्र में बड़ी जगह घेर रखी थी. ट्रक पार्क करते थे. 2000 वर्ग मीटर जगह घेर रखी थी जबकि 400 वर्गमीटर ही हो सकता है. जंगल क्षेत्र में आप स्थाई निर्माण नहीं कर सकते. इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि सब समहत हो जाएं तो कोर्ट मंदिर के लिए समुचित जमीन को मंजूरी दे सकता है. जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि हमारा आदेश इस जमीन का किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकेगा. हम चाहते हैं कि मंदिर के देखभाल के लिए एक कमेटी का गठन हो. और इस कमेटी का गठन केंद्र सरकार खुद करे. कोर्ट ने सरकार को अगले छह हफ्ते के अंदर कमेटी का गठन करने को कहा है. श्वास को देखते हुए भूमि देने के लिए सहमति व्यक्त की.. INPUT:(NDTV)

  • दो अक्टू बर से जामिया होगा प्लास्टिक फ्री , लगेगा 500 रुपये फाइन..

    प्रदूषण की एक बड़ी वजह प्‍लास्‍ट‍िक का इस्‍तेमाल भी है. इसका प्रयोग कम करने के ल‍िये सरकार लगातार नये कदम उठा रही है. इसी कड़ी में देश की सबसे प्रतिष्‍ठ‍ित यूनिवर्सिटीज में एक जामिया म‍िल्‍ल‍िया इस्‍लाम‍िया(जेएमआई) ने भी प्‍लास्‍ट‍िक के उपयोग पर एक बड़ा फैसला ल‍िया है. जामिया म‍िल्‍ल‍िया इस्‍लामिया(JMI) में अब प्‍लास्‍ट‍िक इस्‍तेमाल पर पूरी तरह रोक होगा और यह नियम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 02 अक्टूबर, 2019 से लागू होगा.

    यूनिवर्सिटी ने सभी स‍िंंगल यूज प्‍लास्‍ट‍िक पर रोक लगाने का फैसला क‍िया है. ल‍िहाजा, जाम‍िया के कम्‍यून‍िटी सेंटर, सभी कैंटीन, दुकानों, कॉफी हाउस और हॉटल तक में प्‍लास्‍ट‍िक पर बैन होगा. बैन होने वाली प्‍लास्‍ट‍िक की वस्‍तुओं में वो चीजें शामिल होंगी, जो चौड़ाई में 50 माइक्रॉन से कम होंगी. इसमें प्‍लास्‍टि‍क बोतल, कप, ग्‍लास, पॉलिथ‍िन बैग और अन्‍य प्‍लास्‍ट‍िक आइटम शामिल हैं. यही नहीं थर्मोकोल से न‍िर्म‍ित वस्‍तुएं, जैसे क‍ि कप, ग्‍लास और प्‍लेटों पर भी रोक होगा.

    देना होगा मोटा फाइन:
    यूनिवर्स‍िटी के इस न‍ियम को ना मानने वाले लोगों को मोटा फाइन भरना होगा. नियमों का उल्‍लंघन करने वाले लोगों को 500 रुपये का फाइन देना होगा.

    बता दें क‍ि इस साल स्‍वतंत्रता द‍िवस 2019 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्‍लास्टिक वस्‍तुओं के प्रयोग को रोकने को कहा था. पीएम मोदी ने कहा था क‍ि पर्यावरण की हो रही हानि को रोकने के ल‍िये प्‍लास्‍ट‍िक का इस्‍तेमाल ना करें.

    जामिया म‍िल्‍लि‍या इस्‍लाम‍िया:
    जामिया मिल्‍ल‍िया इस्लामिया यूनिवर्सिटी को मूल रूप से साल 1920 में अलीगढ़ में स्थापित क‍िया गया था. तब यह भारत का संयुक्त प्रांत था. इसके बाद साल 1988 में भारतीय संसद के एक अधिनियम द्वारा इसे केंद्रीय विश्‍वविद्यालय का रूप म‍िला. उर्दू में जामिया का अर्थ होता है ‘यूनिवर्सिटी’ और म‍िल्‍ल‍िया का तात्‍पर्य ‘राष्‍ट्र’ या ‘देश’ होता है. INPUT;(NEWS 18)

  • चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा रंगदारी के आरोप में गिरफ़्तार

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न और कई लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाने वाली छात्रा के भाई ने कहा कि मेरी बहन की अग्रिम जमानत याचिका शाहजहांपुर के स्थानीय अदालत में लंबित होने के बावजूद एसआईटी उन्हें गिरफ्तार करके ले गई. ये अदालत की अवमानना है.

     

    भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली 23 वर्षीय कानून की छात्रा को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार सुबह को ब्लैकमेल करने और पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

    इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पूछताछ के बाद एसआईटी ने छात्रा को उसके घर से गिरफ्तार किया.

    छात्रा के भाई ने कहा, ‘मेरी बहन से पूछताछ के लिए एसआईटी सुबह मेरे घर पहुंची. कुछ मिनट तक उससे बात करने के बाद एसआईटी ने हमें बताया कि वे उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं. जब मेरी बहन ने इस पर आपत्ति जताई और उनके साथ जाने से इनकार किया तब एसआईटी अधिकारी उन्हें जबरदस्ती खींचकर कार में ले गए.’

    उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी बहन की अग्रिम जमानत याचिका शाहजहांपुर के स्थानीय अदालत में लंबित होने के बावजूद एसआईटी उसे गिरफ्तार करके ले गई. मेरी बहन की गिरफ्तारी अदालत की अवमानना है.’

    छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने मंगलवार को स्वीकार किया था और 26 सिंतबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी.

    वहीं शाहजहांपुर के जिला सरकारी वकील अनुज कुमार ने कहा, ‘लड़की द्वारा अग्रिम जमानत की याचिका जिला जज की अदालत में दी गई है और इसकी सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार कर रहे हैं, जो कि फिलहाल जिला जज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.’

    उन्होंने कहा, ‘अदालत ने एसआईटी को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना जवाब दाखिल करे. बिना कोई अंतरिम राहत दिए हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की है.’

    बता दें कि, पिछले हफ्ते चिन्मयानंद को महिला का पीछा करने, आपराधिक धमकी और गलत तरीके से बंदी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

    पीड़ित छात्रा के वकील ने कहा था कि 73 वर्षीय चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप के तहत केस दर्ज नहीं कराया गया है. इसकी जगह उन पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए अधिकारों का गलत इस्तेमाल से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है. हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की थी.

    चिन्मयानंद को शाहजहांपुर स्थित उनके आवास ‘दिव्य धाम’ से गिरफ्तार किया गया था. विशेष जांच दल ने उन्हें सीजेएम की अदालत में पेश किया था जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

    इसके बाद एसआईटी ने बताया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं, जिसमें यौन वार्तालाप और मालिश के आरोप भी शामिल हैं.

    गौरतलब है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण तथा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाने के साथ ही उसे तथा उसके परिवार को जान का खतरा बताया था.

    हालांकि छात्रा ने इस वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन छात्रा के पिता ने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में कहा है कि वह चिन्यमानंद की ओर इशारा कर रही थी.

    छात्रा के पिता ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनकी बेटी का यौन शोषण किया गया. इसके बाद भाजपा के पूर्व सांसद के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई.

    चिन्मयानंद इस महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं.

    हालांकि, इससे एक दिन पहले स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का भी मुकदमा दर्ज करा दिया था.

    इसके बाद चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के आरोप में तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के अनुसार, इनमें से एक छात्रा के साथ मिला था जबकि दो अन्य उसके साथी हैं. उन्हें भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है.

     

  • Petrol-Diesel के दाम में वृधि पर 8 दिन बाद लगा ब्रेक, जानें अपने शहर की कीमत

    पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार आठ दिन से हो रही वृद्धि पर आखिरकार बुधवार को ब्रेक लगा. उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी का रुख बना हुआ है. बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव दो दिनों में करीब दो डॉलर प्रति बैरल गिरा है. सऊदी अरामको के तेल संयंत्रों पर हुए हमले से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आए जोरदार उछाल के बाद भारत की तेल विपणन कंपनियां लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही थीं.

    इस हमले के बाद भारत में पेट्रोल दो रुपये से ज्यादा महंगा हो गया है. वहीं, डीजल का दाम दिल्ली में 1.70 रुपये लीटर बढ़ गया है तो कुछ अन्य शहरों में डीजल के दाम में इससे ज्यादा की वृद्धि हुई है.

    हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में फिर नरमी का रुख बना हुआ है. पिछले सत्र में बेंट क्रूड के वायदा सौदे में 3.75 फीसदी की गिरावट आई. ऊर्जा विशेषज्ञ बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक विकास सुस्त पड़ने से तेल की मांग कमजोर रहने की संभावनाओं से तेल की कीमतों पर फिर दबाव आया है.

    इंडियन ऑयल की बेवसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम पूर्ववत क्रमश: 74.13 रुपये, 76.82 रुपये, 79.79 रुपये और 77.06 रुपये प्रति लीटर बने रहे. चारों महानगरों में डीजल के दाम भी बिना किसी बदलाव के क्रमश: 67.07 रुपये, 69.47 रुपये, 70.37 रुपये और 70.91 रुपये प्रति लीटर बने हुए हैं.

    इसी महीने 14 सितंबर को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के तेल संयंत्रो पर ड्रोन से हुए हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में 16 सितंबर को अचानक तकबरीन 20 फीसदी का उछाल आया जोकि 28 साल बाद आई सबसे बड़ी एक दिनी तेजी थी. कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी यमन के हौती विद्रोहियों ने ली थी.

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के नवंबर डिलीवरी अनुबंध में इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर पिछले सत्र के मुकाबले 0.65 फीसदी की नरमी के साथ 62.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था.

     

  • दिल्ली में फिर लागू होगा ऑड-ईवन फॉर्मूला, अरविंद केजरीवाल ने की घोषणा

    दिल्‍ली में इस साल फिर वाहनों के लिए ऑड ईवन फॉर्मूला लागू किया जा रहा है। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा करते हुए बताया कि दिल्‍ली में इस साल 4 नवंबर से लेकर 15 नवंबर के बीच ऑड ईवन फॉर्मूला लागू किया जा रहा है। यह ऑड ईवन 12 दिनों के लिए लागू होगा। इसके तहत दिल्‍ली में 6 दिन ईवन नंबर वाली गाडि़यां और शेष 6 दिन ऑड नंबर वाली गाडि़यां सड़कों पर प्रतिबंधित रहेंगी।

    अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली के प्रदूषण में 25 फीसदी कमी आई है। दिल्ली की इकलौता ऐसा शहर है, जहां प्रदूषण बढ़ने के बजाय कम हो रहा है लेकिन हमें प्रदूषण और कम करना है। हमें पराली जलाने और सर्दियों की वजह से होने वाले स्मॉग से निपटने के लिए भी तैयारियां करनी हैं”

    मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिवाली के वक्‍त हर साल दिल्‍ली में प्रदूषण का स्‍तर काफी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों से अपील है कि दिल्‍ली की सेहत को देखते हुए लोगों से अपील है दिल्‍ली में इस बार पटाखें न चलाएं। इसी के साथ मुख्‍यमंत्री ने घोषणा की है कि इस बार अक्‍टूबर में दिल्‍ली के लोगों को सरकार की ओर से मास्‍क बांटे जाएंगे।

    अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हमने प्रदूषण से निपटने के लिए सात सूत्री कार्य योजना की घोषणा की है। जिसमें सम-विषम, प्रदूषण मॉस्क, कम्यूनिटी दिवाली लेजर शो, एनवॉयरमेंट मार्शल, हॉटस्पॉट कट्रोल, डस्ट कंट्रोल, ट्री चैलेंज शामिल शामिल हैं।

    उन्होंने इस बात की जानकारी भी दी कि पराली सीजन के बाद विंटर एक्शन प्लॉन लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सम-विषम और कम्यूनिटी दिवाली सेलिब्रेशन के अलावा सभी उपाय सर्दियों के मौसम में जारी रहेंगे।

  • दिल्ली:चांदनी चौक से आ विधायक अलका ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया,निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने का फैसला किया। अलका ने रविवार को एक कार्यकर्ता सम्मान समारोह में कहा कि वे जल्द ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देंगी। उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही।

    अलका के मुताबिक, उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की राय जानने के बाद पार्टी छोड़ने का फैसला किया। अलका करीब 20 साल कांग्रेस में रहने के बाद दिसंबर 2014 को आप में शामिल हुई थीं। 2015 विधानसभा चुनाव में दिल्ली के चांदनी चौक से विधायक चुनी गईं।

    अलका बोलीं- विधायक बनी रहूंगी

    उन्होंने आज कहा, ‘‘मैंने सोचा कि मुझे लोगों से बात करनी चाहिए और निर्णय लेना चाहिए। फैसला लिया गया कि मुझे आम आदमी पार्टी से सभी तरह के संबंध तोड़ लेने चाहिए और अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं जल्दी ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना लिखित इस्तीफा दूंगी। मैं विधायक बनी रहूंगी।’’

    केजरीवाल ने भी कहा था पार्टी छोड़ दो

    पार्टी सूत्रों की मानें तो अलका दिसंबर 2018 से ही पार्टी से नाराज चल रही हैं। तब आप के एक विधायक ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया ‘भारत रत्न’ वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव विधानसभा में रखा था। अलका ने इसका विरोध करते हुए जब अपनी बात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बताई, तब सीएम ने पार्टी छोड़ने के लिए कह दिया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान भी अलका और आप नेता सौरभ में बहस हो गई थी।

  • मकान मालिक ने किया नाबालिग से रेप,खुलासा होने पर गर्भपात की दवा पिलाई

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:संजय कॉलोनी,फरीदाबाद में रहने वाले एक युवक पर अपने किराएदार कि 13 साल की बेटी से रेप का आरोप लगा है। युवक का नाम दीपू चंदीला है। पीड़िता के गर्भवती होने पर उसने गर्भपात की दवाई खिलाकर मामले को छिपाने के लिए उसको मथुरा भेज दिया। यह कहा की वह पीछे से आ जाएगा, लेकिन वह गया नहीं और पीड़ित मथुरा में भटकती रही। इधर बेटी की गुमशुदी की शिकायत लेकर उसके मां-बाप पुलिस चौकी गए। आरोप यह है कि वह तैनात एक एएसआई ने दोनों को भगा दिया। पीड़िता के घर वापस आने के बाद भी केस दर्ज कराने को लेकर घरवालों को भटकना पड़ा।

    पीड़िता का परिवर्यहा किराए पर रहता है। मकान मालिक दीपू चंदीला (28) ने एक दिन तबीयत खराब होने का बहाना कर किशोरी से दवाई एवम् पानी मांगा। आरोप है कि फिर उसने बंधक बनाकर रेप किया और मुंह खोलने पर परिवार को मारने की धमकी दी। पीड़िता गर्भवती हुई तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसने आरोपी को गर्भवती होने बात बता दी।

    यह जान ने के बाद उसने गर्भपात को दवाई लाकर पीड़िता को खिलाई। इससे पीड़िता गुमसुम रहने लगी। घरवालों ने अस्पताल में चैकअप करने की बात कहीं। इस पर आरोपित ने कहा कि दोनों मथुरा चलते है सब ठीक हो जाएगा। झासे में आकर किशोरी मथुरा चली गई लेकिन आरोपित नहीं गया। इधर उसके मा – बाप बेटी की तलाश में भटकते रहे। किशोरी मथुरा से अाई और आपबीती सुनाई। यह सुनकर मा – बाप थाने गए। पुलिस ने ये के कर टरका दिया कि केस महिला थाने दर्ज होगा।

  • दिल्ली में माॅब लिंचिंग:भीड़ ने नाबालिक को पिटती रही, और लोग वीडिया बनाते रहे

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:देश की राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाक़े में चोरी के शक में एक नाबालिग़ की पीट पीटकर हत्या कर देने का मामला सामने आया है. ये घटना आदर्श नगर के लाल बाग इलाक़े की बताई जा रही है. इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही इलाक़े में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है.

    साहिल नाम के इस नाबालिग़ पर चोरी करने का आरोप था. मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ ये नाबालिग़ एक मकान में युवक चोरी की नीयत से घुसा. इस दौरान मकान मालिक मुकेश ने उसे पकड़ लिया. इस दौरान शोर होने पर आस-पास के लोग भी वहां पहुंच गए और युवक की जमकर पिटाई कर दी. इन लोगों ने इस नाबालिग़ को इतना पीटा कि मौक़े पर ही उसकी मौत हो गई. यह घटना शुक्रवार सुबह 8 बजे की बताई जा रही है.

    वहीं पुलिस के मुताबिक़ शुक्रवार को जब दिल्ली की आदर्श नगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक नाबालिग़ लड़के की पिटाई की गई है. मौक़ा-ए-वारदात पर जब पुलिस पहुंची तो क़रीब 14 साल का लड़का बेहोशी की हालत में पड़ा था. उस समय उसकी हालत काफी गंभीर थी लड़के को फौरन ही अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी मौत हो गई.

    पुलिस का ये भी कहना है कि नाबालिग़ ड्रग्स एडिक्ट था और शायद इसी के चलते वह चोरी करने की नीयत से घर में घुसा होगा. हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि वह चोरी करने गया था या नहीं. मामले की जांच की जा रही है.

    बता दें कि गुरुवार को नरेला में भी ऐसी घटना देखने को मिली थी. यहां चोरी के शक में एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इससे पहले बिहार के नवादा ज़िले के गोविंदपुर थाना अंतर्गत कोयलीगढ़ गांव में मंगलवार को कुछ लोगों ने एक महिला को डायन बताकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी

  • दिल्ली:शीला दीक्षित पंचतत्व में विलीन,निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (81) का निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ रविवार दोपहर अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले उनकी पार्थिव देह कांग्रेस मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई। यहां सोनिया और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सोनिया ने कहा कि वह मेरी बड़ी बहन और दोस्त थीं। हमेशा मुझे उनका समर्थन मिला। शनिवार दोपहर राजधानी के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल में कॉर्डियक अरेस्ट से दीक्षित का निधन हो गया था। वे 15 साल दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने10 जनवरी को उन्हें दिल्ली की कमान सौंपी थी।

    प्रधानमंत्री मोदी-केजरीवाल ने दी श्रद्धांजलि दी

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार देर शामपूर्वी निजामुद्दीन स्थित दीक्षित केआवास पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराजसमेत कई नेता उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। उधर, केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में दो दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है।

    शीला जी कांग्रेस की बेटी थीं: राहुल गांधी

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, ”शीला जी के निधन से दुखी हूं। वह मुझे बहुत प्यार करती थीं। दिल्ली और देश के लिए उन्होंने जो किया उसे हमेशा याद रखा जाएगा। वह पार्टी की बड़ी नेता थीं।” राहुल ने उन्हें कांग्रेस की बेटी बताया। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही शीला जी से मिला था। वह मेरी मां जैसी थीं।

    लोकसभा चुनाव में मनोज तिवारी से हार मिली थी

    शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। 2014 में उन्हें केरल का राज्यपाल बनाया गया था। हालांकि, उन्होंने 25 अगस्त 2014 को इस्तीफा दे दिया था। वे इस साल उत्‍तर-पूर्व दिल्‍ली से लोकसभा चुनाव लड़ीथीं। हालांकि, उन्हें भाजपा के मनोज तिवारी के सामने हार मिली।

    1998 में मिली थी दिल्ली की कमान
    शीला पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय थीं, लेकिन लगातार 4 लोकसभा चुनाव हारने के बाद 1998 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें दिल्ली की जिम्मेदारी दी। शीला ने चुनाव में पार्टी की कमान संभाली और चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने 2013 तक तीन कार्यकाल बतौर मुख्यमंत्री पूरे किए थे।

    राजीव सरकार में 3 साल केंद्रीय मंत्री भी रहीं
    1984 में जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई, तब राजीव कोलकाता में थे। शीला के ससुर उमाशंकर दीक्षित बंगाल के राज्यपाल थे। शीला ने अपनी किताब में बताया है, राजीव जिस विमान से दिल्ली जा रहे थे, उसी में मैं और प्रणब मुखर्जी सवार थे। वो कॉकपिट में गए और बाहर आकर बोले कि इंदिराजी नहीं रहीं। राजीव ने पूछा कि ऐसी परिस्थितियों में क्या प्रावधान है? प्रणब ने कहा- पहले भी ऐसे हालात हुए हैं। तब वरिष्ठतम मंत्री को अंतरिम प्रधानमंत्री बना कर बाद में प्रधानमंत्री का विधिवत चुनाव कराया गया है। शीला ने राजीव सरकार में तीन सालकेंद्रीय मंत्री पद भी संभाला था।

    पहली बार 1984 में कन्नौज सेसांसद बनी थीं

    शीला ने पहला चुनाव 1984 में कन्नौज लोकसभा सीट से लड़ा। यहां उन्होंने छोटे सिंह यादव को बुरी तरह हराया। अगले ही लोकसभा चुनाव में बोफोर्स तोप घोटाले के हल्ले में कांग्रेस की हालत पतली थी। 1989 में पासा पलटा और जनता दल के छोटे सिंह यादव ने शीला को 53 हजार वोटों से हाराया। हार के बाद शीला दिल्ली आ गईं। फरवरी, 1998 के लोस चुनाव शीला ईस्ट दिल्ली से चुनाव लड़ीं। वह भाजपा के लाल बिहारी तिवारी से हार गईं।(इनपुट भास्कर)