Category: दिल्ली

  • आरएमएल हॉस्पिटल के स्टाफ ने बेड पता करने गये फोरम4 के संपादक से की मारपीट

    देश की राजधानी दिल्ली में आज फिर एक पत्रकार के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। आर एम एल हॉस्पिटल के स्टाफ और वहां के कुछ गार्ड्स ने फ़ोरम4 के मुख्य संपादक और पत्रकार प्रभात के साथ मारपीट की। यह घटना उस समय घटी जब पत्रकार प्रभात अपने एक साथी के इलाज़ के सिलसिले में रोगी के बेड से जुड़ी पूछताछ के लिए आर एम एल हॉस्पिटल पहुंचे।

    आज कल कोविड-19 के दौरान हॉस्पिटल्स में रोगियों के उपचार में काफ़ी दिक्कतें आ रही हैं। रोगियों का उपचार और भर्ती प्रक्रिया के संबंध में लगातार शिकायतें भी आ रही हैं। इसी बीच हाल ही में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हॉस्पिटल सख़्त कदम उठाते हुए डॉक्टर और हॉस्पिटल के लिए कुछ नए निर्देश भी जारी किए जिसमें रोगियों के उपचार में कुछ सहूलियतों के बरतने का भी ज़िक्र किया गया था पत्रकार प्रभात ने आर एम एल हॉस्पिटल के रिसेप्शन पर जाकर पूछा कि नए एमरजेंसी मरीजों के उपचार के लिए बेड उपलब्ध हैं या नहीं, जवाब था “नहीं”। रिसेप्शन पर मौजूद व्यक्ति ने कहा “यहां बेड नहीं है कुछ भी ; हम नए मरीज नहीं लेंगे ।” हॉस्पिटल स्टाफ का ये झूठ और रोगियों के साथ बरती जा रही लापरवाही मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो चुकी थी।

    अब क्या था आर एम एल हॉस्पिटल के स्टाफ ने झड़प शुरू कर दी और वह पत्रकार के पीछे पीछे आने लगा और पत्रकार प्रभात से मोबाइल फोन छीन लिया और मौके पर लाठी डंडे समेत आए गार्ड्स ने मारपीट भी शुरू कर दी। ऐसे में प्रभात को काफ़ी चोटें भी आयीं।

    गंभीर त्रासदी और संकट से जूझ रहे देश में पत्रकार भी सच न दिखा सकें तो देश के लिए इससे बुरा दिन और कोई नहीं होगा। सरकारों के दावों की पड़ताल भी नहीं होगी तो क्या होगा? अगर इसी तरह पत्रकारों को सच दिखाने से रोका गया तो बुरे अंजाम सामने आएंगे। सरकारी विभागों में लापरवाही, भ्रष्टाचार, कालाबाजारी की अनगिनत घटनाएं घटित होगी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में शामिल पत्रकार की ज़बान बंद होने पर देश को सबसे बड़े खतरे से गुजरना होगा और आम जनता बेबसी का शिकार बन जाएगी।

  • दिल्ली में लॉकडाउन में ढील को ले कर 5 लाख से ज़्यादा सुझाव मिले हैं:मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

    आशिफ अली/मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर के लॉकडाउन में मांगी थी जनता से उनकी राय । कहा कि दिल्ली में 17 मई के बाद क्या दिल्ली में लॉकडाउन में ढील देनी चाहिए अगर देनी चाहिए तो ? कितनी ढील देनी चाहिए?जनता से मांगा था सुझाव | अरविंद केजरीवाल सुझाव देने के लिए जारी किया था नंबर | मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने सुझाव मुझें इस नंबर पर मुझे कल शाम 5 बजे तक whatsapp करें 8800007722 या 1031 पर फ़ोन कर के अपना सुझाव रिकॉर्ड कर के देने को कहा था | मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कि अपील के बाद दिल्ली वासियों ने 5 लाख से ज़्यादा सुझाव दिये हैं | अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं आपके सुझावों के आधार पर हम केंद्र सरकार को दिल्ली से संबंधित प्रस्ताव भेजेंगे।


  • कोरोना पर केजरीवाल का ऐलान:72 लाख लोगों को 7.5 किलो फ्री राशन,बुजुर्ग-विधवा का पेंशन भी डबल

    ‌नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शनिवार (21 मार्च) को कहा कि फिलहाल बंद जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन कोरोना वायरस के मद्देनजर जरूरत पड़ने पर इसे करना होगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी तरह के पहले डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोविड-19 के कारण पाबंदियों से गरीबों को भयानक वित्तीय परेशानी हो रही है।उन्होंने घोषणा की कि इन लोगों को अगले महीने से उचित मूल्य की दुकानों से 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशन मिलेगा और इस महीने के लिए बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों की पेंशन दोगुनी की गई है।

    केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक सभाओं में लोगों की संख्या घटा दी है और अब पांच से अधिक लोगों को एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बंद जैसी स्थिति नहीं है लेकिन कोरोना वायरस के मद्देनजर जरूरत पड़ने पर इसे करना होगा।

    उन्होंने कहा कि रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ के दौरान दिल्ली की सड़कों पर 50 प्रतिशत बसें नहीं चलेंगी। उन्होंने कहा, ”सात अप्रैल तक 8.5 लाभार्थियों को 4000-5000 पेंशन दी जाएगी।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”दिल्ली में 72 लाख लोगों को उचित मूल्य की दुकानों से राशन मिलेगा। राशन को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। इसे मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।”

    उन्होंने कहा, ”हम कोरोना वायरस के मद्देनजर दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों के बारे में बहुत चिंतित हैं। हम नहीं चाहते कि कोई खाली पेट सोए।” केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के रैन बसेरों में बेघरों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

    देश में अब तक कोरोना वायरस के मामले:
    देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के 40 से अधिक नए मामले सामने आने के बाद भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर शनिवार को 271 हो गई। इन 271 लोगों में से 39 विदेशी नागरिक हैं। इन विदेशी नागरिकों में 17 इटली के, तीन फिलीपीन के, दो ब्रिटेन के तथा कनाडा, इंडोनेशिया एवं सिंगापुर का एक-एक नागरिक है। मंत्रालय ने कहा, ‘इस समय भारत में अब तक कोविड-19 से 23 लोग बीमारी से उबर चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है या वे देश से बाहर चले गए हैं और चार लोगों की मौत हो गई ह

    कहां कितने मामले:
    दिल्ली में कोरोना वायरस के अभी तक 26 मामले सामने आए हैं जिनमें एक विदेशी नागरिक है। उत्तर प्रदेश में 24 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें एक विदेशी नागरिक है। महाराष्ट्र में शनिवार तक मामलों की संख्या बढ़कर 63 पहुंच गई, जबकि केरल में 40 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें सात विदेशी नागरिक हैं। कर्नाटक में कोरोना वायरस के 16 मरीज हैं लद्दाख में अभी तक 13 और जम्मू-कश्मीर में चार लोग इससे संक्रमित हैं। तेलंगाना में संक्रमण के 21 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें 11 विदेशी हैं। राजस्थान में 17 मामले सामने आए हैं जिनमें दो विदेशी नागरिक है। वहीं, पंजाब में 13 मामले आए हैं। गुजरात में अभी तक सात मामले सामने आ चुके हैं।

    तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में तीन -तीन मामले दर्ज किए गए हैं। ओडिशा में दो तथा पुडुचेरी, छत्तीसगढ़ एवं चंडीगढ़ में एक-एक मामला सामने आया है। हरियाणा में 17 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं जिनमें 14 लोग विदेशी नागरिक हैं।

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव: पूर्वांचल फैक्टर कितना असर डालेगा, तीस सीटों पर निर्णायक भूमिका में हैं

    दिल्ली का विधानसभा चुनाव हो और हिन्दीभाषी राज्य बिहार और उत्तर प्रदेश की चर्चा न हो यह असंभव सी बात है। यह कहावत है की दिल्ली का रास्तआ उत्तर प्रदेश से होकर गुज़रता है और यह कहावत बहुत हद तक सही भी है सत्ताधारी दल भाजपा और उसके गठबंधन के पास उत्तर प्रदेश और बिहार से ही अकेले 100 से अधिक सांसद हैं इसलिए पूर्वांचल मतदाता को ध्यान में रखना हर पार्टी चाहेगी आज चुनाव प्रचार का आख़िरी दिन बचा है। जितनी रैलियां होनी है वह आज तक ही होगी। क्योंकि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे और 11 फ़रवरी को मतगड़ना होगी।

    पूर्वांचल फैक्टर

    दिल्ली में पूर्वांचली वोटरों की संख्या के अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं. न्यूज़लॉन्ड्री को दिए एक इंटरव्यू में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी बताते हैं कि दिल्ली में 43 प्रतिशत वोटर पूर्वांचल के रहने वाले हैं जनसत्ता अख़बार से जुड़े वरिष्ट पत्रकार मनोज मिश्रा जो खुद भी पूर्वांचल से आते हैं, बताते हैं, “दिल्ली में 26 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में 20 प्रतिशत वोटर पूर्वांचली हैं. वहीं 10 विधानसभा क्षेत्रों में वोटरों की संख्या 50 प्रतिशत से ज्यादा है. ऐसे विधानसभा क्षेत्र संगम विहार, बुराड़ी, किराड़ी, विकासपुरी और उत्तम नगर है.’’

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर मनोज तिवारी का होना।

    जहाँ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी जो की भोजपुरी गायक से सांसद बन्ने तक का सफ़र तय किया है। और अभी वह दिल्ली में भाजपा की कमान संभाल रहे हैं। इसके पीछे बस एक ही वजह है की वह पूर्वांचल से आते हैं और दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं इसको देखते हुए भाजपा के दिल्ली इकाई में मनोज तिवारी के विरोध के बावजूद भाजपा ने विधानसभा चुनाव की कमान मनोज तिवारी के हांथों में दे रखी है। और चुनाव प्रचार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बिहार के उप मुख्यमंत्री को भी प्रचार की अहम ज़िम्मेदारी दी गई है। जिसका मुख्य कारण है पूर्वांचल के मतदाताओं की संख्या को ध्यान में रखा गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में अपनी सरकार होने का फ़ायदा उठाना चाहती है भाजपा तो भाजपा की तरफ़ से दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार की कमान वैसे तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के हांथों में है।

    कांग्रेस के लिए कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं कृति आज़ाद।

    उसी प्रकार कांग्रेस ने भी भाजपा के पूर्व सांसद और अब कांग्रेस के नेता कृति आज़ाद जो भारतीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं और पिछला 2019 का लोकसभा से पहले भाजपा से कांग्रेस में आए और झारखंड के धनबाद लोकसभा से चुनाव लड़ा जिसमें उनहें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उनकी भी अपनी राष्ट्रीय पहचान है। भले ही कृति आज़ाद अभी कांग्रेस में आए हैं लेकिन इनके पिता श्री भागवत झा आज़ाद बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं जो कांग्रेस के कद्दावर नेता थे। कृति आज़ाद भी दरभंगा से तीन बार लोकसभा सदस्य और दिल्ली के गोल मार्केट से विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। इसलिए कांग्रेस ने भी अपनी शुन्य को दूर करने के लिए और पूर्वांचल के मतदाताओं को ध्यान रखते हुए उनहें दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रमुख बनाया है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शिला दीक्षित जीनकी शादी उत्तर प्रदेश में कन्नौज में हुई थी और उनहोंने भी अपने को पूर्वांचल की कहकर हमेशा राजनीति की। लेकिन अभी कांग्रेस के पास शिला दीक्षित की मृत्यु के बाद कोई वैसा नेता नहीं है जो दिल्ली की जनता के पर अपना प्रभाव छोड़ सके। इसलिए कांग्रेस के पास खोने को कुछ नहीं है। कांग्रेस मैदान में अपने कुछ प्रत्याशीयों और राष्ट्रीय नेतृत्व के दम पर चुनाव लड़ रही है। इसलिए कांग्रेस की कोशिश है किसी भी तरह से अपना वोट प्रतिशत बढ़ाया जा सके और विधानसभा में अपने शून्य के नम्बर को समाप्त किया जा सके। जबकि 2013 तक पूर्वांचल के मतदाताओं साथ कांग्रेस के साथ था।

    अपने पांच साल के विकास और केजरीवाल का चेहरा।

    आम आदमी पार्टी को अपने पिछले पांच सालो के कामों पर भरोसा है। और अरविंद केजरीवाल का एक मज़बूत चेहरा है जबकि और किसी दल के पास अरविंद केजरीवाल को टक्कर देने के लिए कोई नेता नहीं है और अगर मुख्य विपक्षी पार्टी भापजा के प्रदेश अध्यक्ष जो की अरविंद केजरीवाल के सामने कहीं दिखाई नहीं देते हैं और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को पिछले चुनाव में किया गया वादा बिजली, पानी, स्वास्थ्य, मोहल्ला क्लिनिक और सरकारी स्कूल जैसे बुनियादी वादे को पूरा कर के दिल्ली की जनता के बीच अपने भरोसे को मज़बूत किया है। अब केजरीवाल भी क्यों पिछे रहते पूर्वांचल के मतदाताओं की बात की जाए तो पिछले विधानसभा चुनाव में आप के 14 विधायक पूर्वांचल से आते थे। इस बार भी आप ने 12 प्रतयाशी पूर्वांचल से संबंध रखते हैं। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली इकाई के पूर्व प्रमुख दिलीप पांडे और सरकार में मंत्री और वर्तमान दिल्ली इकाई के प्रमुख गोपाल राय भी पूर्वांचल से ही आते हैं। दिल्ली में अपने किए गए विकास और राजनीतिक समिकरण को बखूबी समझने वाले केजरीवाल को पूरी उम्मीद है की फिर से उनकी वापसी ज़रूर होगी । अब यह तो परिणाम ही बताएगा।

    Zain Shahab Usmani, Engineer, Columnist & Political Analyst. This is personal’s view of writer.

  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने डाली ‘जामिया स्टडी सर्किल’ की बुनियाद

    (दिल्ली) आज दिनांक 24 जनवरी 2020 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रो ने जामिया के विरासत को संजोने के लिए जामिया स्टडी सर्किल की बुनियाद डाली. इस मौक़े पर एक संवाद का भी आयोजन किया गया, जिसमे बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया.

    जामिया स्टडी सर्किल के बारे में हिदायतउल्लाह बताते हैं के इसका मक़सद जामिया की उस विचारधारा को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत जामिया की बुनियाद डाली गई थी. वो आगे बताते हैं के इस स्टडी सर्किल के ज़रिया जामिया के छात्रों को ना सिर्फ़ उनके विरासत से रूबरू कराया जाएगा, बल्के उनको देश विदेश के मौजूदा और पूर्व के हालात से भी रूबरू कराया जायेगा.

    आज ज़ाकिर हुसैन लाइब्रेरी की सीढ़ीयों पर छात्र इकट्ठा हुवे, और “मुल्क के वो सियासी हालात जिसमे जामिया की बुनियाद डाली गई” पर बात रखते हुवे जामिया के छात्र मुहम्मद उमर अशरफ़ ने कहा के जामिया आज पुरे विश्व में एक आंदोलन की जगह के तौर पर जाना जा रहा है. पर बहुत कम लोगों के ये पता है कि जामिया ख़ुद एक आंदोलन की देन है, ये ना सिर्फ़ असहयोग और ख़िलाफ़त आंदोलन कि पैदावार है, बल्कि इसके पीछे पैनएशिया मूवमेंट है, उन्होंने रूस तुर्की युद्ध, ग्रीस तुर्की युद्ध, रूस जापान युद्ध और इटली लिबिया युद्ध का उदहारण देते हुवे बताया के इस युद्ध भारत के लोगों ने एशिया के देशों का न सिर्फ़ ज़ुबान से साथ दिया बल्कि पैसे से भी मदद कि.

    बालकान युद्ध का उदाहरण देते हुवे उन्होंने आगे कहा जामिया के संस्थापकों में से डॉ मुख़्तार अहमद अंसारी ने 1911-12 मे हुए इस युद्ध मे तुर्की के समर्थन मे मेडिकल टीम की नुमाईंदगी की, जिसके बाद तुर्की ने 1 दिसम्बर 1915 को काबुल में राजा महेंद्र प्रताप कि अध्यक्षता में बनी आज़ाद हिंदुस्तान सरकार को मान्यता दे दी थी. इस सरकार की सरप्रस्ती जामिया की संग ए बुनियाद डालने वाले मौलाना महमूद उल हसन ने कि थी, इस सरकार के गृहमंत्री मौलाना ओबैदउल्ला सिंधी थे, जिन्होंने जामिया में पढ़ाया, इन लोगों का मक़सद ना सिर्फ़ भारत को आज़ाद करवाना था, बल्कि पुरे एशिया से साम्राज्यवादी ताक़त को बाहर निकलना था.

    इस मौक़े पर छात्रों से सलाह भी ली गई, जिसमे छात्रों बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, देवांशी माहेश्वरी ने इस पहल का स्वागत करते हुवे कहा के ये छत्रों के द्वारा शुरू कि गई एक बहुत अच्छी पहल है, और इसी तरह विभिन्न मुद्दे पर संवाद होते रहनी चाहिए.

    जामिया के एम.सी.आर.सी के छात्र मुदस्सिर नज़र ने कहा के जामिया स्टडी सर्किल से ना सिर्फ़ छात्रों का बल्के समाज के कमज़ोर तबक़े का भी फ़ायदा होगा.

    एहसान उर रहमान के अनुसार छात्रों का काम ना सिर्फ़ परिक्षा पास कर नौकरी करना है, बल्कि समाज के विकास में भी सहयोग करना है.

    इस मौक़े पर अफ़ाक़ हैदर, नेहाल ज़ैदी, सलमान अहमद, आरिफ़ा, मदिहा आदि छात्र मौजूद थे.

  • शाहीन बाग की महिलाओं को बदनाम करने का बीजेपी का भांडा फूटा,सामने आया वीडियो वाला युवक

    नई दिल्ली: देशभर में बीजेपी द्वारा लाए गए विवादित नागरिकता संशोधन कानून का पुरजोर तरीके से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के संख्या बल को देखते हुए साफ पता चलता है कि इस देश की जनता ने कानून को सिरे से खारिज कर दिया है लेकिन बीजेपी अब भी अपनी जिद पर अड़ी हुई है और विरोध प्रदर्शन को नजरंदाज करते हुए कानून को वापिस लेने की मांग को नकार रही है।

    वहीं दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में लगभग 1 महीने से सभी समुदाय की महिलाए और बच्चे इस कानून को वापिस लेने की मांग पर धरना प्रदर्शन कर रहे है। और पूरे देश में शाहीन बाग कि महिलाओं की जमकर तारीफ हो रही है किस प्रकार वो इस कड़ाके कि ठंड में संविधान की रक्षा के लिए सड़क पर बैठी है

    किन्तु बीजेपी और उसके समर्थक रोज नए प्रोपगेंडा तैयार कर महिलाओं के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है कभी वह सड़क पर लोगो को हो रही तकलीफ का बहाना लेकर याचिकाएं दायर करते है तो कभी कुछ और लेकिन हद तो तब हो गई जब बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख ने एक फर्जी वीडियो डालकर दावा किया की शाहीन बाग की महिलाओं के आंदोलन के पीछे कांग्रेस का हाथ है।

    वीडियो में एक युवक बोलता हुआ देखा जा सकता है जो दावा करता है कि शाहीन बाग में धरने पर बैठी महिलाओं को पैसे दिए जा रहे है और शिफ्ट के हिसाब के यह विरोध प्रदर्शन कर रहे है और प्रत्येक महिला को 500 रुपए मिल रहे है उसके बाद तो भाजपा के आईटी सेल ने अपना काम किया और बिकाऊ शाहीन बाग की महिलाए सोशिया मीडिया पर ट्रेंड करवाने लगे यह हमारा देश का दुर्भाग्य है जो महिलाओं के लिए ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया का रहा है।

    लेकिन बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के इस फर्जी वीडियो का भांडा तब फुट गया जब वीडियो वाला युवक खुद सामने आ गया और दावा किया की अमित मालवीय ने मुझे 5000 का लालच देकर यह वीडियो बनवाया लेकिन बाद ने वह मुकर गया और 200 रुपए का ही भुगतान किया।

    युवक ने अपना नाम अंकुर पंडित बताया है और बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए है की यह इसी प्रकार अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ पैसे देकर फर्जी प्रोपेगेंडा बनाते है। कभी हिंदू युवकों और महिलाओं को मुस्लिम वेसभूषा वाले कपड़े पहनाने के बाद CAA के शमर्थन में नारे लगवाते है तो कभी कुछ और
    इसके बाद सोशल मीडिया पर अमित मालवीय की जमकर खिंचाई की का रही है।

  • आंसू गैस:जामिया में दम घुटने कि वजह से मर जाते सैंकड़ो बच्चे

    By, Md Umar Ashraf
    5 बजे जामिआ मिल्लिआ इस्लामिआ के अंदर का माहौल बिलकुल नार्मल था, किसी भी बाहरी आदमी को अंदर आने कि इजाज़त नही थी, स्टूडेंट भी आईकार्ड दिखा कर ही अंदर आ सकते थे, अंदर में मौजूद बच्चे छोटे छोटे झुंड में बैठे थे, नारा तक नही लग रहा था, कुछ बच्चे और बच्चियाँ उस तिरंगे के साथ तस्वीर ज़रूर खैंचवा रहे(रही) थे, जिससे उन्हे महरूम करने कि साज़िश चल रही है, कैंपस के बाहर ज़रूर हंगामा था, पर अंदर बिलकुल नॉर्मल था, मै भी ग़ालिब लॉन से टहलता हुआ ओल्ड रीडिंग रूम पहुंच कर अपना मोबाइल चार्ज करने लगा, अंदर काफ़ी बच्चे पढ़ रहे थे, 4-5 हमारे क़रीबी लोग भी थे.

    वही कोई 5-10 मिनट गुज़रा होगा के 5-6 बच्चे दौड़ते हुवे रूम में घुसते हैं और दरवाज़े बंद करने कि कोशिश करते हैं, सामने बैठे हमारे साथी मना करते हैं, जैसे ही दरवाज़ा वापस खुलता है एक गॉर्ड अंदर आते हैं, और हमें जल्दी से रूम ख़ाली करने को कहते हैं, क्यूंकि उनके हिसाब से कैंपस में हमला हो चुका था, उनकी बात सुनकर हम जैसे ही बाहर आते हैं, तो कोई 10 मीटर कि दूरी पर आँसूगैस के गोले दिखते हैं, पुरा कैंपस धुँवा धुँवा हो रहा था, आँख जल रहे थे, बच्चे परेशान थे, बाहर खड़े बच्चे बड़ी ही तेज़ी से रीडिंग रूम में दाख़िल होने लगते हैं, मेरे ये कहने पर के अंदर आंसू गैस को नही सह पाइयेगा, बाहर भागए, तब कई बच्चे बाहर भागते हैं! लेकिन कई अंदर ही रह जाते हैं, अंदर रह जाने वालों में हमारे साथी भी थे. मै और मुझ जैसे सैकड़ो बच्चे तो गॉर्ड कि वजह कर बच गए, पर सैंकड़ो अंदर थे, तब हमने कुछ लोगों कि मदद से बाहर कि तरफ़ से ओल्ड रीडिंग रूम कि खिड़की पीट पीट कर लोगों को बाहर निकलने को कहा, और तब तक पीटते रहे जब तक वो सब बाहर नहीं निकल गए, तब तक अपने मुँह को रुमाल से ढकी हुई पुलिस वहां पहुंच गई, मुझे वहां पर से हटना पड़ा, आँसू गैस कि वजह कर सबके बुरे हाल थे, पुलिस ने चुन चुन कर मासूम बच्चे और बच्चियों को पीटा,

    हमारे दोस्त एग्जॉस्ट फ़ैन और वाशबेसिन कि वजह कर वाशरूम कि तरफ़ चले गए, के आँखों पर पानी मारा जाएगा, एग्जॉस्ट फ़ैन कि वजह कर गन्दी हवा बाहर चली जाएगी. पर हमारे दोस्तों ने बताया के रीडिंग रूम से होते हुवे पुलिस ने वाशरूम में घुस कर बच्चों को मारना शुरू किया तो कई लोग एक साथ टॉयलेट के केबिन में घुस कर दरवाज़े को बंद कर लिया, पर पुलिस ने दरवाज़ा तोड़ सबको बाहर निकाल जम कर पीटा, वाशरूम से बाहर कि गेट तक लाइन से पुलिस वाले खड़े थे और उन्होने ढ़ोल कि तरह एक एक कर पीटा, बच्चे लंगड़ाते हुवे भागते हैं, पीछे ही न्यू रीडिंग रूम था, जिसमे शीशा तोड़ कर आंसू गैस का गोला गिरता है और और दम घुट कर मरने से बचने के लिए बच्चे शीशा तोड़ कर बाहर आते हैं, जिन्हे पुलिस चुन चुन कर मरती है. और हाथ उठवा कर उनका प्रैड करवाती है. ये वो बच्चे थे जिनका आज के प्रोटेस्ट से वास्ता तक नही था, ये तो पढ़ रहे थे.

    वैसे आज अगर बच्चे रीडिंग रूम शीशा तोड़ कर नही निकलते तो 100+ बच्चे दम घुटने कि वजह कर मारे जाते और कुछ लोग पुलिस का उसी तरह समर्थन कर रहे होते जैसे अभी कर रहे हैं.

  • पुलिस और वकील के हिंसक झड़प पर बोले कीर्ति आजाद, निहत्थे वकीलों पर गोली चलाना घिनोना अपराध है

    दिल्ली : दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में आज पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प हुई. मामला इतना बढ़ा कि पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी. वहीं गुस्साए वकीलों ने पुलिस जिप्सी के साथ-साथ कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. वकीलों ने कोर्ट परिसर में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की.

    पुलिस फायरिंग में कई वकील बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कोर्ट परिसर में पुलिस और वकीलों में बीच बढ़ते विवाद को देखकर लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई. वकील और पुलिसकर्मी के बीच कहासुनी और गहमागहमी के बाद विवाद बढ़ता चला गया. जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र वर्मा नाम के वकील को गोली लगी है और यह गोली पुलिस द्वारा चलाई गई थी।

    दिल्ली कांग्रेस की कमान संभाले कीर्ति आजाद ने दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसक झड़प पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि निहत्थे वकीलों पर गोली चलाना घिनोना अपराध है वहीं उन्होंने इस घटना के बाद भाजपा के न्यू इंडिया पर भी सवाल खड़े कर दिए।

    कीर्ति आजाद ने ट्वीट करते हुए लिखा ” आज सुबह ६ बजे chath पूजा से लौटा और अख़बार में @DelhiPolice के काले कृत्य कि जानकारी मिली. निहथे वकीलों पर गोली चलाना घिनोना अपराध है. जब वकील सुरक्षित नहीं, वह भी अदालत परिसर में तो साधारण इन्सान का क्या होगा? ये है @BJP4India का #NewIndia #WeStandWithTheLawyers

  • दिल्ली के जामिया नगर पुलिस की बड़ी कामयाबी,4 अपराधियों को किया गिरफ्तार

    नई दिल्ली : आज जामिया नगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है जिसमें पुलिस ने 4 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के ऊपर धारा 307 के तहत मुकदमा चल रहा था। इसके इलावा इनके ऊपर भाजपा नेता सरफ़राज़ के ऊपर गोली चलाने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस का कहना है उनके पास गोली चलाने का CCTV फुटेज है जिसे वह पुख्ता सबूत के तौर कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस ने 4 पिस्टल 8 ज़िंदा कारतूस और 2 स्कुटी बरामद किए हैं।

    बताया यह जा रहा है कि यह सभी मेरठ से वांटेड तासिमुल्लाह के गैंग के है , जिसके ऊपर मेरठ पुलिस ने 50 हज़ार का इनाम रखा हुआ है। इन सारे अपराधियों पर हत्या और हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे है। गिरफ्तार किए अपराधियों कर नाम है मनीष भाटी, आसिफ डिल्लु, अब्दुर्रहमान रुमाली और आसिफ एलियास काला है। आपको बता दें कि आसिफ एलियास काला की माँ शमसुन निशा आसाम में पिछले 2 सालों से जेल में है आसाम पुलिस ने 41 किलों गांजे के साथ गिरफ्तार किया था।

    पुलिस का कहना है कि यह सारे अपराधी आसाम से गांजा लेकर दिल्ली के तैमूर नगर आते थे और छोटी छोटी पुड़िया बना कर बेचते थे। जब हम ने ओखला के लोगों से पुलिस व्यवस्था पर बात की तो लोगों का कहना था कि जब से जामिया नगर पुलिस स्टेशन में SHO उपेन्द्र सिंह आए है तब से ओखला में लॉ एंड ऑर्डर कायम है और अपराधियों के अंदर खौफ का माहौल है।

  • Odd Even के लिए दिल्ली तैयार…

    देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक बार फिर ऑड-ईवन (Odd-Even) शुरू होने जा रहा है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने शुक्रवार को ऐलान किया कि 4 से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में Odd-Even फॉर्मूला लागू होगा

    दिल्ली सरकार सोमवार से राजधानी में 12 दिन तक वाहनों को सम-विषम (Odd Even) के आधार पर चलाने की योजना के लिए तैयार है और इसके लिए 2000 अतिरिक्त बसें लगाई गयी हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए मेट्रो भी 61 अतिरिक्त फेरे लगाएगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा (Odd Even) बैठक की. उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सम-विषम (Odd Even) योजना के तहत किसी को असुविधा नहीं हो.

    सरकार के अनुसार ओला, उबर जैसी कैब कंपनियों को परामर्श जारी किये गये हैं कि योजना के दौरान दामों में इजाफा नहीं किया जाए. ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से भी अतिरिक्त किराया नहीं वसूलने को कहा गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि इस योजना के दौरान स्कूली बच्चों को लेकर जाने वाले वाहनों को लेकर थोड़ी भ्रम की स्थिति है. हालांकि विश्वास के आधार पर ऐसे वाहनों को चलने की इजाजत होगी। ऐसा ही रोगियों को लेकर जा रहे वाहनों के मामले में होगा.

    स्कूली बच्चों के वाहनों के मुद्दे के अलावा विशेषज्ञों और कुछ दिल्लीवासियों ने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की खराब हालत, सीएनजी वाहनों पर प्रतिबंध तथा दो पहिया वाहनों को दी गयी छूट को लेकर सरकार की आलोचना की..