Category: उत्तर प्रदेश

  • आज़मगढ़ अखिलेश यादव के प्रचार में अब्बास अंसारी की भविष्यवाणी,23 मई भाजपा गयी

    आज़मगढ़/मुख्यालय,जौनपुर:जैसे जैसे लोकसभा चुनाव की तारीख़ क़रीब आरही है वैसे वैसे सियासी सरगर्मियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं तमाम पार्टियों के नेतागण अपने अपने तरीक़े से जनता को लुभाने में हर दाँव पेंच इस्तेमाल करने में लगे हैं।

    यूपी की स्पेशल लोकसभा सीटों में शुमार आज़मगढ़ से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ख़ुद गठबंधन के प्रत्याशी हैं जिसकी वजह से इस सीट पर मीडिया के साथ साथ जनता की भी ख़ास नज़र बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी अलग पहचान रखने वाले बहुजन समाज पार्टी के मऊ से बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी के बड़े बेटे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ अब्बास अंसारी लगातार आज़मगढ़ के दौरे करके माहौल को गठबंधन के पक्ष में करने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं।

    बताते चलें कि अब्बास अंसारी के बडे़ अब्बा पूर्व सांसद अफ़जाल अंसारी ख़ुद ग़ाज़ीपुर लोकसभा से गठबंधन के प्रत्याशी हैं उसके बावजूद अब्बास अंसारी ग़ाज़ीपुर के साथ साथ अखिलेश यादव की आज़मगढ, सलेमपुर, घोसी’, जौनपुर, बलिया, लोकसभा सीट पर जी जान से मेहनत कर रहे हैं जिससे युवाओं में गठबंधन के प्रति झुकाव भी तेज़ी से बताया जा रहा है।

    आज फिर अब्बास अंसारी अचानक आज़मगढ़ लोकसभा की सगड़ी और गोपालपुर विधानसभा में गाँव गाँव जाकर लोगों से सीधे मिल रहे हैं।

    सगड़ी और गोपालपुर विधानसभा के अंजानशहीद,बाग़ख़ालिस,चाँद पट्टी,सलाहुद्दीनपट्टी,करमैनी,बिलरियागंज,सोनबुज़ुर्ग,छीहीं एवं सदर विधान सभा के कोट और परसपूरा में जगह जगह रुक रुक कर लोगों से घुलमिल कर उनसे सीधे चर्चा कर रहे हैं और सपा-बसपा गठबंधन को पूरे प्रदेश में मज़बूत करने के लिए जोश भर रहे हैं।

    अब्बास अंसारी अपने संबोधन मे मुख्य रूप से संविधान और लोकतंत्र बचाने की अपील करते हुए कहते हैं कि अब समय आगया है की देश से सामंतवादी और दलितों पिछड़ों अल्पसंख्यकों’, नौजवानों, किसानों’, बुनकरो, व्यापारियो, की विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंका जाए और अखिलेश यादव को आज़मगढ़ लोकसभा से अधिक से अधिक मतों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करवाकर बहन जी के हाथो को और गठबंधन को मजबूत करें।

    बातचीत में अब्बास अंसारी ने कहा की मैं बहन जी के आदेश पर आज़मगढ़ आया हूँ और यहाँ के लोगों से मिल कर अखिलेश यादव जी की जीत को ऐतिहासिक जीत बनाने की अपील कर रहा हूँ,ये पूछे जाने पर की भाजपा प्रत्याशी निरहुआ क्या कर पाएँगे अखिलेश यादव के सामने इसके जवाब में अब्बास अंसारी ने उलटा मीडिया से ही सवाल किया की ये कौन है? कोई गवैया है.अब्बास अंसारी के जनसम्पर्क मे युवाओं की भारी भीड़ रही।

    अब्बास अंसारी के जनसंपर्क और जनसंवाद के दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख चंद्रशेखर यादव,पूर्वमण्डल कोआर्डिनेटर सुभाष गौतम,सपा नेता अजय यादव,ज़ोरावर खान,जयराम पटेल,अब्दुल हक़,ज़िला पंचायत सदस्य शहबाज़ खान,अब्बास अंसारी के प्रतिनिधि बृजेश जायसवाल,मिंटू राय,राजेश राय प्रधान,विकास सिंह,अफ़जल खान,नीरज सिंह,मक़बूल खान,तारिक खान,दानिश खान प्रधान,विधान सभा अध्यक्ष सपा बसपा सगड़ी, गोपालपुर और सदर विधानसभा के सैकड़ों समर्थक भी मौजूद रहे।

  • हिन्दू युवा वाहिनी का ईसाइयों पर हमला बर्दाश्त नहीं: अमीक जामेई

    अजवद कासमी,लखनऊ:बीते 14 अप्रैल को जौनपुर के खेतासाराय थाना छेत्र के जमदहा गाँव में इसाइयों द्वारा शंत्तिपूर्वक की जा रही हाई कोर्ट की परमीशन के बाद हो रही पूजा अर्चना को हिन्दू युवा वाहिनी और शिव सेना द्वारा हमले का मामला तूल पकड़ने लगा है।

    अल्पसंख्यक अधिकारो पर काम करने वाले देश के युवाओ के नेता व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता अमीक जामेई के सख्त तेवर सामने आये हैं!

    जामेई नें पत्रकारों से बात करते हुए कहा की

    क्या इस देश में धार्मिक स्वतंत्रता समाप्त हो
    गयी है?
    क्या किसी अल्पसंख्यक समुदाय को अपने तरीके से पूजा पद्धति करने का कोई अधिकार नहीं है?
    कोर्ट के आदेश के बाद भी ईसाई समाज के लोगो को चर्च में इबादत करने से कैसे रोका जा सकता है?

    गौरतलब है की जौनपुर के खेतासाराय थाना छेत्र के जमदहा में इसाइयों द्वारा पूजा शंत्तिपूर्वक की जा रही थी और इस मौके पर ईसाई समाज के लोग इकठ्ठा हुए तभी हिन्दू युवा वाहिनी और शिव सेना द्वारा उनपर धर्मांतरण का आरोप लगा कर पुलिस के सहयोग से ईसाई सामज को खदेड़ना शुरू कर दिया जिसमे पुलिस ने साथ दिया,इस मामले में इसाई समाज में डर और खौफ पसरा हुआ है!

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की क्या किसी भी शांति पूर्वक पूजा जुलूस व धार्मिक कार्यक्रम के लिए पुलिस परमीशन की ज़रूरत पड़ती है? उन्होंने कहा की जौनपुर व उत्तर प्रदेश में ईसाई समाज की एक बड़ी तादाद है और हम समाजवादी पार्टी के लोग अल्प्संख्यक समाज की धार्मिक आजादी को छीनने का हक किसी को नहीं देंगे,जामेई ने जिले की अवाम से गुज़ारिश की है की कही भी ईसाई समाज के नागरिक अधिकार या स्वंत्रता पर हमला हो आप उनका साथ दीजिये, 2019 के चुनाव में संविधान,अल्प्संखयक विरोधी इस सरकार को उखाड़ फेकने के बाद दम लेना है, पुलिस प्रशासन को कहा की आपने भारत के संविधान की शपथ ली है न की आरएसएस के संविधान की,दस्तूर के इक़बाल को दम घुटने से बचाइए और अवाम को चाहिए की एक-एक वोट के ज़रिये इस संघी फाशिष्ट सरकार को उखाड़ फेकिये!

  • उत्तरप्रदेश, मायावती और महिला: महिला सशक्तिकरण में फिसड्डी

    Anamika Singh

    उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी से लेकर मायावती जैसी सशक्त महिला मुख्यमंत्री दिए यूपी की जनता ने.

    लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव यूपी से मात्र 14 महिला सांसद चुनी गई हैं.
    फिलहाल यूपी में 80 लोकसभा सीट है,

    मायावती को तरह तरह के उपाधियों से नवाजा गया.
    फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की 59 वीं सबसे शक्तिशाली महिला लीडर बताया.
    न्यूज़वीक ने उन्हें दुनिया की 15 शक्तिशाली महिला लीडर में से एक तथा ‘बराक ओबामा ऑफ इंडिया’ भी कहा.
    हालांकि अपने शासनकाल में महिला सुरक्षा देने में भी मायावती सफल हुई.
    पर महिला सशक्तिकरण में फिसड्डी साबित हुई हैं.

    आंकड़ो पर आते हैं.?

    2007 में मायावती(बसपा) आखिरी बार मुख्यमंत्री बनती हैं और इसबार मात्र 3 महिला विधायक चुनी जाती हैं.

    2012 में अखिलेश(सपा) की सरकार बनती है मात्र 35 महिला विधायक चुनी जाती हैं
    सपा 34 महिला प्रतिनिधि खड़ा करती है जिसमें 22 जीतकर विधायक बनती हैं
    बसपा 33 कंडीडेट खड़ा करती है.

    2017 में सपा+कांग्रेस 33 महिला उम्मीदवार उतारते हैं
    वही बसपा मात्र 20 महिला उम्मीदवारो को टिकट प्रदान करती है.
    जबकि भाजपा 43 महिला को उम्मीदवारी देती है और 32 जीतकर आते हैं.

    भाजपा की तरफ से आनेवाली महिला उम्मीदवार किसी काम की नहीं हैं वो बस महिला के नाम पर मुखौटा है.

    अब आते हैं बसपा यानी मायावती जिसकी लीडर हैं फ़िलहाल.
    बसपा को कांशीराम ने बनाया. उन्होंने मायावती को कमान दी.
    मायावती 4 बार यूपी की मुख्यमंत्री चुनी जाती हैं.
    बसपा अम्बेडक्राइट पार्टी है अर्थात डॉ आंबेडकर के विचारों पर चलती है.
    अम्बेडकर का मानना था अगर समाज में महिलाओं का प्रतिनिधित्व दृढ़ हो तो समाज सभ्य हो जाएगा.

    लेकिन उन्हीं के विचारों को मानने वाली पार्टी ने सबसे कम महिला उम्मीदवार खड़े किए हैं.
    उत्तरप्रदेश में फिलहाल 403 विधानसभा की सीटे हैं.
    और महिला वोटर यहां 45% के आस पास है.

    अगर मायावती ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को टिकट प्रदान करती तो आज बसपा यूपी की ही नहीं बल्कि भारत की सबसे बड़ी पार्टी होती.
    तथा समाज काफी हद तक बदल गया होता.
    मायावती के पास मौका था 403 विधानसभा उम्मीदवारों में 300 उम्मीदवार महिला उतार सकती थी.
    80 लोकसभा उम्मीदवार में से 50 लोकसभा उम्मीदवार महिलाओं के खेमे में डाल देती.

    300 में से 50 उम्मीदवार सवर्ण पृष्ठभूमि से आनेवाली महिला.
    50 मुस्लिम समाज से तथा 100 पिछड़ा और 100 दलित समाज से.

    कुछ इसी तरह से लोकसभा उम्मीदवारी में महिलाओं की भागीदारी तय कर देतीं.

    2014 के लोकसभा चुनाव में महिला भागीदारी यूपी की देखते हैं?
    बसपा- 7(जीत-0)
    कांग्रेस-12(जीत-1)
    सपा-11(जीत-1)
    भाजपा-11(जीत-10)
    अपना दल की अनुप्रिया पटेल भाजपा गठन्धन की तरफ से कैबिनेट मंत्री थीं.

    अगर ऐसा करती तो टकले सन्तरे के लंठो की फौज एंटी रोमियो स्क्वाड बनके प्रेमी जोड़ों को न पीटते.
    पुलिस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ पर लाठियां न बरसाती.
    शिक्षामित्रों पर लाठियां न बरसती.
    और भी न जाने कितने इंसिडेंट हुए महिला उत्पीड़न को लेकर.

    इसबार तो मायावती ने हद कर दी है, कोई उम्मीद नहीं बची है इनसे जैसा इनका बिहेवियर रहा है.हो सकता मायावती और अखिलेश को इसके बाद अपने अम्बेडक्राइट और समाजवादी होने का अक्ल आये.

    यह पोस्ट अनामिका सिंह के फेसबुक वॉल से ली गई है

  • बुलंदशहर:विकास ने होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव में नेताओं के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध

    ग्रामीणों ने नेताओं के प्रतिबंध वाला बैनर दिवारों पर लगकर अपना विरोध दर्ज किया है. साथ ही उनका कहना है कि वोट मांगने आने वाले नेताओं के साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा.

    बुलन्दशहर लोकसभा के ग्रामीणों ने भाजपा सांसद पर विकास न कराकर सिर्फ वायदे करने का आरोप लगाया है. गांव में विकास की मूलभूत सुविधाओं का विकास ना होने से नाराज ग्रामीणों ने नेताओ के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. ग्रामीणों ने नेताओं के प्रतिबंध वाला बैनर दिवारों पर लगकर अपना विरोध दर्ज किया. साथ ही उनका कहना है कि वोट मांगने आने वाले नेताओं के साथ बदतमीजी की की जाएगी.

    बता दें कि पांच हजार की आबादी काहिरा गांव के लोग भाजपा समर्थित माने जाते हैं, लेकिन ग्रामीण अपने सांसद भोला सिंह पर ही पिछले पांच साल से कोई विकास कार्य न कराये जाने का आरोप लगा है. साथ ही दीवारों पर नेताओं के प्रतिबंध वाले बैनर लगा दिए हैं.

    दरअसल गांव की कीचड़ से भारी सड़के भाजपा के विकास के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. ग्रामीण दावा कर रहे है कि पिछले पांच साल में कई बार गांव की सड़कें बनवाने की मांग की थी. लेकिन सांसद से केवल आश्वाशन ही मिला, विकास नही.

    वहीं गांव में विकास न होने पर वोट के बहिष्कार की घोषणा से परेशान भाजपा के जिलाध्यक्ष का कहना है कि यह विरोधी और शरारती तत्वों की साजिश हो सकती है. उन्होंने कहा है कि वे गांव में जाकर लोगों को समझएंगे. साथ ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास भी करेंगे(इनपुट न्यूज १८)

  • सऊद शमीम अंसारी ने प्रयागराज का किया नाम रौशन

    मिल्लत टाइम्स,प्रयागराज:प्रयागराज कस्बा मऊआइमा के पुरामियांजी के सऊद शमीम अंसारी ने ca की परीक्षाअच्छे नम्बर से उत्तीर्ण किया , मऊआइमा जो क़ि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है ,इस क़स्बे में ca का एग्जाम उत्तीर्ण करने वाला पहला विद्यार्थी है ,सऊद शमीम ने 214 नम्बर हासिल किया ,इस खबर के सुनते ही मऊआइमा क़स्बे में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी ,और मुबारबादी का सिलसिला जारी है

    ,मऊआइमा के मशहूर मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना वकील मज़ाहिरी महासचिव जमीयतुल उलमा कुर्ला ने बधाई दी ,उन्होंने कहा यह मऊआइमा वासियों के लिए बड़ी खुशी की बात है,उन्होंने माता पिता को बधाई दी ,और युवाओं से इस कामयाबी से सबक लेने को कहा ,मऊआईमा के मशहूर समाज सेवक उमैर जलाल ने इस अवसर पर सऊद अंसारी को मुबारकबादी दी उन्होंने कहा हमारे क़स्बे के युवाओं को सऊद से सबक लेते हुए शिक्षा के मैदान में आगे आना चाहिए,युवा मुस्लिम धर्म गुरु मुफ़्ती फजलुर्रहमान इलाहाबादी ने इस अवसर पर खुशी प्रकट किया ,उन्होंने कहा सऊद शमीमअंसारी युवाओं के लिए आदर्श हैं ,मुफ़्ती साहब ने कहा मेहनत कभी बेकार नही जाती ,उन्होंने कहा यह पहला अवसर है जब हमारे क़स्बे का कोई युवा ca का एग्जाम में कामयाबी हासिल किया हो ,

  • जौनपुर:सय्यद उरूज को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड का प्रदेश सचिव मनोनीत किया गया

    अजवद क़ासमी,जौनपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुरू के दिनों से ही युवाओं पर ज़्यादा ही मेहरबान दिख रहे रहे हैं और शुरू से ही उनकी कोशिशों से लग रहा है कि वो समाजवादी पार्टी में युवाओं को ज़्यादा से ज़्यादा जोड़ना चाहते हैं।

    इसी कड़ी में एक और नाम जुड़ा है सैयद उरूज का जिन्हें मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड का प्रदेश सचिव बनाया गया है।

    आपको बताते चलें की सैयद उरूज उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर शाहगंज के ग्राम सभा अशरफ़पर उसरहटा के निवासी हैं।

    सैयद उरूज अपने पैतृक गाँव अशरफपुर उसरहटा से लगातार 2 बार प्रधान रह चुके हैं एवं शाहगंज विधानसभा के क़द्दावर विधायक शैलेन्द्र यादव ललई के चहेते और विश्वसनीय साथियों में से हैं और शैलेन्द्र यादव ललई के प्रतिनिधि भी हैं।

    सैयद उरूज क़रीब 17 सालों से समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और पार्टी की नीतियों को जनजन तक पहुँचाने में आगे आगे रहते हैं।
    समाजवादी पार्टी के प्रति समर्पण और उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधिकारिक तौर पर पत्र जारी करते हुए सैयद उरूज को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड का प्रदेश सचिव बनाए जाने की घोषणा की।

    ये ख़बर मिलते ही सैयद उरूज के समर्थकों और मित्रों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी और बधाई देने वालों का ताँता लग गया।
    सैयद उरूज को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड का सचिव बनाए जाने पर उनके समर्थकों नें कहा की अखिलेश यादव द्वारा सैयद उरूज को सचिव बनाए जाने का फ़ैसला सराहनीय है जो समाजवादी पार्टी को और मज़बूत करेगा।

  • गृहमंत्री राजनाथ नदवा पहुँचे,अखिलेश यादव ने भी मौलाना रबे हसन नदवी से की मुलाकात

    अदनान मलिक,लखनऊ:केंद्रीय गृहमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह नदवा कालेज के प्रमुख मौलाना राबे हसनी नदवी से मिलने नदवा कालेज पहुँचे । बता दें कि 16 जनवरी को मोलाना के छोटे भाई मोलाना वाजेह हसनी नदवी का निधन हो गया था ।इस पर राजनाथ सिंह ने शोक संवेदना व्यक्त किया ।मोलाना से शोक संवेदना व्यक्त करने शाम 5:16 बजे गृहमंत्री नदवा आऐ।इस अवसर पर मोलाना ने गृहमंत्री से कहा कि ” देश पहले हे पहले देश के प्रति सोचें “। इस दोरान मोलाना ने अपनी लिखी पुस्तक ” रहबरे ईन्सानियत ” गृहमंत्री को दिया ।इस अवसर पर गृहमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जी जबकि नदवा के ओर से नदवे के प्रभारी प्रधानाचार्य अब्दुल अजीज नदवी, मोलाना हमजा हसनी नदवी, मोलाना बिलाल हसनी नदवी व अन्य लोग उपस्थित थे ।

    करीब 20 की मुलाकात के उपरांत गृहमंत्री नदवा से वापस हुए।इस दौरान उन्होंने नदवा कालेज के छात्रों से भी बात करनी चाहि लेकिन अधिक भीड़ के कारण वह रवाना हो गए ।उल्लेखनीय हो कि इस पहले 12:45बजे के निकट उत्तर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शोक संवेदना व्यक्त करने आए ।उन्होंने मोलाना वाजेह हसनी नदवी के निधन पर दुख जाहिर किया ओर काफी दुखी भी नजर आए।उन्होंने नदवा से अपने पुराने सम्बन्धों के प्रति कहा कि ” वह नदवा से उस समय से जुड़े हैं जबकि उन्होंने ने राजनिती में कदम भी नहीं रखा था ।इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री के साथ अहमद हसन ,व अन्य लोग उपस्थित थे ।वहीं नदवे की ओर से मोलाना हमजा हसनी नदवी व अन्य लोग शामिल थे ।