Category: चुनाव

  • तीसरा चरण:117 सीटों पर 65% वोटिंग:बंगाल में एक बूथ के पास बम फेंका गया,केरल मे 10 लोगों की मौत

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 15 राज्यों की 117 सीटों पर 65% मतदान हुआ। पिछली बार इन सीटों पर 68.08% वोट डाले गए थे। बंगाल में लगातार तीसरे चरण में मतदान के दौरान हिंसा हुई। मुर्शिदाबाद में एक मतदान केंद्र पर तृणमूल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इस दौरान लाइन में लगे एक वोटर की मौत हो गई। मुर्शिदाबाद के ही एक अन्य बूथ के पास अज्ञात लोगों ने बम फेंक दिया। हिंसा के बावजूद राज्य में79% वोट पड़े। उधर, केरल में 20 सीटों पर मतदान के दौरान अलग-अलग वजहों से 10 लोगों की मौत हो गई।

    कहां कितना मतदान?

    राज्य और सीटें 3 बजे तक 4 बजे तक 5बजे तक कुल मतदान
    असम(4) 62% 63% 74% 81%
    बिहार(5) 47% 48% 55% 60%
    गोवा(2) 59% 59% 71% 71%
    गुजरात (26)50% 50% 59% 62%
    कश्मीर(1) 11% 11% 13% 13%
    कर्नाटक(14)50% 51% 61% 66%
    केरल(20) 55% 57% 68% 70%
    महाराष्ट्र(14)45% 45% 55% 58%
    ओडिशा(6)46% 47% 58% 58%
    त्रिपुरा(1) 64% 67% 71% 79%
    उत्तरप्रदेश(10)47% 47% 56% 60%
    बंगाल(5) 68% 68% 79% 79%
    छत्तीसगढ़(7)55% 55% 64% 68%
    दादरा नगर(1)57% 57% 71% 71%
    दमन दीव(1)55% 55% 65% 65%

    कहां कितना मतदान?

    राज्य और सीटें 11 बजे तक 12 बजे तक 1 बजे तक 2 बजे तक
    असम (4) 29% 29% 47% 47%
    बिहार (5) 26% 26% 37% 37%
    गोवा (2) 19% 28% 37% 46%
    गुजरात (26)15% 25% 31% 39%
    कश्मीर (1)5% 5% 5% 10%
    कर्नाटक (14)16% 21% 31% 37%
    केरल (20)22% 26% 36% 40%
    महाराष्ट्र (14)10% 17% 24% 32%
    ओडिशा (6)11% 19% 27% 33%
    त्रिपुरा (1) 18% 29% 33% 45%
    उत्तरप्रदेश (10)18% 22% 29% 30%
    बंगाल (5) 34% 35% 45% 52%
    छत्तीसगढ़ (7)22% 27% 38% 43%
    दादरा नगर(1)11% 22% 22% 37%
    दमन दीव (1)19% 24% 41% 43%

    बंगाल में हिंसा, केरल में बूथ पर वोटर की मौत

    प. बंगाल में कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत की गई। मुर्शिदाबाद में कांग्रेस और तृणमूल कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई। इस दौरान लाइन में लगे एक वोटर की मौत हो गई। उधर, बलिग्राम में अज्ञात लोगों ने एक बूथ के पास बम फेंके। दोमकल नगरीय निकाय में तृणमूल कार्यकर्ता देसी बम से किए गए हमले में जख्मी हो गया। केरल में अलग-अलग वजहों से 10 लोगों की मौत हो गई। कन्नूर में वोट डालकर लौटे व्यक्ति की मौत हो गई। तेल्लीचेरी में 52 वर्षीय मुस्तफा की वोटिंग का इंतजार करते वक्त मौत हो गई। एर्नाकुलम में पोलिंग बूथ पर वोटर स्लिप ले रहे 87 साल की थेरीसियम्मा की मौत हो गई। रन्नी में पपाचेन (67) की वोटिंग लाइन में इंतजार करते वक्त मौत हो गई।

    गुजरात के गिर में 1 वोटर के लिए बनापोलिंग बूथ
    गुजरात में जूनागढ़ के गिर जंगल में एक मतदाता के लिए पोलिंग बूथ बनाया गया। यहां वोटर भारत दास बापू ने वोट डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने इतना पैसा खर्च किया है तो वे जरूर मतदान करेंगे। उधर, छत्तीसगढ़ के कोरबा लोकसभा क्षेत्र में प्रदेश का सबसे छोटा मतदान केंद्र कोरिया जिले के सेराडांड़ में बनाया गया। यहां केवल 4 मतदाताओं के लिए केंद्र बनाया गया। चार में से तीन वोटर एक ही परिवार के हैं।

    गुजरात में मोदी, आडवाणी और शाह ने वोट डाला
    नरेंद्र मोदी और उनकी मां ने अहमदाबाद में मतदान किया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पत्नी सोनल शाह के साथ अहमदाबाद के नारणपुरा में मतदान किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी शाहपुर हिंदी स्कूल में मतदान करने पहुंचे। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पत्नी अंजली समेत राजकोट में वोट डाला।

    मोदी ने कहा- वोटर आईडी की ताकत आईईडी से ज्यादा
    नरेंद्र मोदी ने वोट डालने के बाद कहा- मेरे गृहराज्य गुजरात में वोट देकर इस महान लोकतंत्र के पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर मिला। जैसे कुंभ के मेले में स्नान करके एक पवित्रता का आनंद आता है, वैसे ही लोकतंत्र के महापर्व में वोट कर मैं पवित्रता का अनुभव कर रहा हूं। मैं देश के सभी नागरिकों से आग्रह करूंगा कि इस लोकतंत्र के पर्व में जहां-जहां मतदान बाकी हैं, वहां मतदान करें। आतंकवाद का शस्त्र आईईडी होता है और लोकतंत्र का शस्त्र, उसकी शक्ति वोटर आईडी होता है। मुझे विश्वास है वोटर आईडी की ताकत आईईडी की ताकत से काफी ज्यादा है। हम इसकी ताकत समझें।

    तीसरे चरण के बड़े चेहरे

    अमित शाह: गुजरात की गांधी नगर सीट सेभाजपा अध्यक्ष शाह चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने उनके खिलाफ स्थानीय विधायक सीजे चावड़ा को मैदान में उतारा है। यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। इस सीट से भाजपा पिछले 9 बार से चुनाव जीत रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी यहां से मौजूदा सांसद हैं। वे इस सीट से 6 बार सांसद रहे। उनके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी भी इस सीट से एक बार चुनाव जीते।

    राहुल गांधी : कांग्रेस अध्यक्षराहुल गांधीइस बार अमेठी के अलावा केरल की वायनाड लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं। वायनाड 2009 में नई लोकसभा सीट बनी थी। तब से हुए दो चुनावों में यहांकांग्रेस के एमआई शनवास को जीत मिली। इस सीट से भाजपा के सहयोगी दल भारत धर्म सेना के उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली मैदान में हैं।

    मुलायम सिंह यादव : समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव एक बार फिर मैनपुरी सीट से मैदान में हैं। 2014 में वे मैनपुरी के साथ हीआजमगढ़ से भीचुनाव लड़े थे और दोनों सीटोंपर जीते थे। हालांकि, बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट अपने पौत्र तेज प्रताप सिंह यादव के लिए छोड़ दी थी। मुलायम इस सीट से चार बार चुनाव जीते हैं।

    सुप्रिया सुले : बारामती सीट से दो बार सांसद राकांपा प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले इस बार भी इसी सीट से चुनाव लड़ रही हैं। शरद भी इस सीट से सांसद रह चुके हैं। भाजपा ने सुप्रिया के खिलाफ कंचन राहुल कुल को मैदान में उतारा है।

    मल्लिकार्जुन खड़गे : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक की गुलबर्गा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वे यहां से दो बार सांसद चुने गए। खड़गे के खिलाफ कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए विधायक उमेश जाधव मैदान में हैं। वे लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए हैं।
    शशि थरूर : कांग्रेस नेता त‍िरुवनंतपुरम सीट से एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से 2009 और 2014 में भी चुनाव जीत चुके हैं। भाजपा ने उनके खिलाफ कुम्मनम राजशेखरन को टिकट दिया है।

    वरुण गांधी : केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बेटे और भाजपा के युवा नेता वरुण पीलीभीत सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वे 2014 में सुल्तानपुर से चुनाव जीते थे। लेकिन इस बार वे अपनी मां की सीट पीलीभीत से उतरे हैं। मेनका यहां से 6 बार सांसद रह चुकी हैं। वरुण यहां से 2009 में लोकसभा चुनाव जीते थे।

    महबूबा मुफ्ती : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अनंतनाग से चुनाव लड़ रहीं हैं। वे यहां से 2 बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। भाजपा ने यहां से सोफी मोहम्मद यूसुफ को टिकट दिया है।

    पिछले दो चुनावों में इन 117 सीटों पर नतीजे

    पार्टी 2014 के नतीजे 2009 के नतीजे 2014 में नफा/नुकसान
    भाजपा 62 44 +18
    कांग्रेस 15 38 -23
    बीजद 6 5 +1
    राजद 2 0 +2
    सपा 3 4 -1
    माकपा 7 5 +2
    मुस्लिम लीग 2 2 0
    निर्दलीय 3 2 +1

  • मधुबनी:मिल्लत टाइम्स की ख़बरों का असर,अशरफ अली फातमी ने अपना नामांकन लिया वापस

    वोटो के विभाजन से बचने और NDA को हराने के के लिए डॉक्टर शकील अहमद को दिया अपना समर्थन

    एम कैसर सिद्दीकी/मिल्लत टाइम्स,मधुबनी: ज्ञात हो कि कांग्रेस के सीनियर लीडर डॉ शकील साहब ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया था उसके बाद ही आरजेडी के सीनियर लीडर अशरफ अली फातमी का टिकट कट जाने के कारण उन्होंने भी दरभंगा को छोड़कर मधुबनी में आकर बीएसपी पार्टी की तरफ से अपना नामांकन किया था दोनों को एक साथ आने की वजह से मधुबनी की वोटरों में कंफ्यूजन आ गया कि हम किसे वोट करें और किसे नहीं करें

    उसी को लेकर मिल्लत टाइम्स ने मतदाताओं से राय लिया तो उन्होंने कहा कि दोनों में से किसी कोई एक बैठ जाते हैं तो हम एक को वोट करेंगे वरना दोनों अगर खड़े रहेंगे तो हम कैसे तय करेंगे किसे वोट दे और किसे नहीं दे अगर दोनों लड़ेंगे तो हम महागठबंधन को वोट देंगे, इसी को लेकर अली अशरफ फातमी से मिल्लत टाइम्स ने इंटरव्यू लिया था और उसके बाद अली अशरफ फातमी ने अपनी कुर्बानी देते हुए उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने का फैसला किया

  • हेमंत करकरे वाले बयान पर पलटीं प्रज्ञा,कहा-विरोधी मजबूत हो रहे,वापस लेती हूं बयान

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:मुंबई हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी को साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने वापस ले लिया है. उन्होंने शुक्रवार शाम को कहा कि उनके बयान से दुश्मन मजबूत हो रहे हैं, इसलिए वह अपनी टिप्पणी वापस ले रही हैं. इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने दावा किया था कि मुंबई के आतंकवाद निरोधक दस्ते के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे ने उन्हें मालेगांव विस्फोट मामले में गलत तरह से फंसाया था और वह अपने कर्मों की वजह से मारे गए. करकरे मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मारे गए थे.

    साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘यह मेरा व्यक्तिगत बयान है क्योंकि मैंने यातानाएं सहन की है. मैं सन्यासी हूं. अपने भाव में रहती हूं. हम अपने देश को कभी कमजोर नहीं होने देंगे. यह अपने घर की लड़ाई है और अगर अपने घर की लड़ाई में मैंने कहा है कि मुझे प्रताड़ित किया तो वह भाव गलत हो ही नहीं सकता.’ उन्होंने कहा कि लेकिन मेरे इस बयान से दुश्मनों को अगर बल मिल रहा है बिल्कुल इस बात को कहती हूं कि हम दुश्मनों का बल नहीं बढ़ाएंगे.

    साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘अगर किसी ने हमें प्रताड़ित किया तो हमने उसको कह दिया है. यह बिल्कुल हमारा बयान होना चाहिए. लेकिन हमारे देश के दुश्मनों को इस से बल मिलता है. मैं अपना बयान वापस लेती हूं.’ बीजेपी की तरफ से पल्ला झाड़ा जाने पर कहा, ‘यह वास्तव में मेरा व्यक्तिगत बयान है क्योंकि मैंने पीड़ा सही है, लेकिन देश के दुश्मनों को अगर इससे बल मिल रहा है तो मैं बिल्कुल बयान वापस लेती हूं. वहीं चुनाव आयोग की तरफ से कार्रवाई किए जाने पर साध्वी ने कहा कि उनको जो कार्रवाई करना होगी करना चाहिए. मैं उसका जवाब दूंगी.


    वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बिना नाम लिए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के टिप्पणी की निंदा की है. राहुल ने ट्वीट किया कि, ‘हेमंत करकरे ने देश को बचाने के लिए जान गंवाई थी. सभी को उनका सम्मान करना चाहिए.’ इससे पहले बीजेपी ने साध्वी के बयान से खुद को अलग कर लिया था और कहा था कि बीजेपी का स्पष्ट मानना है कि हेमंत करकरे आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे. बीजेपी ने उन्हें हमेशा शहीद माना है. इससे पहले आईपीएस एसोसिएशन ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर नाराजगी जताई थी और चुनाव आयोग ने उनके बयान पर संज्ञान लेते हुए जांच पड़तला की बात कही थी.

  • चुनाव आयोग ने लॉन्च किया वोटर voter turnout ऐप;रियल टाइम में पता लगेगा,कहां-कितनी वोटिंग हुई

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:चुनाव आयोग ने गुरुवार को एंड्राइड यूजर्स के लिए वोटर टर्नआउट ऐपलॉन्च किया। ऐप की मदद से मतदान के दौरानरियल टाइम में यह जाना जा सकता है कि वोटरों की संख्या कितनी है और कहां-कितने प्रतिशत मतदान हुआ। आयोग ने बताया कि आने वाले दिनों में ऐप को अपडेट किया जाएगा, जिसके बाद यूजर्समतदाता उपस्थिति को चुनाव के चरण, लिंग और क्षेत्र के हिसाब से फिल्टर करके भी देखसकेंगे। ऐप का बीटा वर्जन गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

    चुनाव उपायुक्त संदीप सक्सेना ने कहा- यह ऐप जनता में मतदाता की उपस्थिति को लेकर पारदर्शिता बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि संसदीय क्षेत्र स्तर पर डेटा को एक अन्य ऐप के जरिए लगातार अपडेट किया जाएगा ताकि ऐप रियलटाइम में जानकारी दे सके। मतदान खत्म होने और पोलिंग पार्टी केवापस लौटने के बाद डेटा को वेरिफाईकिया जाएगा। इसके बाद अंतिम आंकड़ों को ऐप पर अपलोड कर दिया जाएगा।ऐपपर पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या भी अलग-अलग दिखाई जाएगी।

    आसानी से होता हैवोटर टर्नआउट ऐप का इस्तेमाल

    ऐप खोलते ही होम पेज पर सभी राज्यों में संभावित मतदाता की उपस्थिति दिखाई देती है। सबसे ऊपर चुनावी चरण में पूरे देश में मतदान प्रतिशत दिखाई देता है। ऐप में नीचे की तरफ दाईं और बाईं ओर दो बटन हैं। बाईं तरफ केबटन से यूजर मतदाताओं की उपस्थिति को राज्य के अनुसार या संसदीय क्षेत्र के अनुसार देख सकते हैं। दाईं ओर के बटन से यूजर किसी भी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता की उपस्थिति की जानकारी राज्य,संसदीय क्षेत्र औरविधानसभा क्षेत्र के हिसाब से फिल्टर करकेदेख सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले यूजर को राज्य चुनना होगा, इसके बाद उस राज्य में संसदीय क्षेत्र चुनना होगा। इसके बाद उस संसदीय क्षेत्र में जिस भी विधानसभा क्षेत्र की जानकारी देखना चाहते हैं उसे चुनना होगा। किसी भी राज्य या संसदीय क्षेत्र को चुनने पर ऐप उस क्षेत्र में मतदाताओं की संभावित उपस्थिति दिखाता है। वर्तमान में ऐप सिर्फ दूसरे चरण में हुए चुनाव की जानकारी दे रहा है।चुनाव आयोग के अनुसार ऐप को कुछ दिनों में अपडेट किया जाएगा, जिसके बाद चुनाव के चरण के हिसाब सेमहिला और पुरुष मतदाताओं का उपस्थिति प्रतिशत भी अलग-अलग दिखाई देगा।

    शिकायत के लिए है cVIGILऐप

    चुनाव आयोग ने पिछले महीने cVIGIL ऐप भी लॉन्च किया था।इस ऐप के जरिए वोटर्स आचार संहिता के उल्लंघन होने पर इस उसकी जानकारी फोटो व वीडियो के मध्यम से चुनाव अधिकारियों को भेज सकते हैं। ऐप के बारे में कहा गया था कि शिकायत सही पाई जाने पर 100 मिनट के अंदर इसका समाधान कियाजाएगा।

  • गुजरात:राहुल बोले अंबानी-अडानी जैसे मित्रों का कालाधन सफेद करने के लिए मोदी ने 2000 के नोट चलाए

    मिल्लत टाइम्स,बाजीपुरा:कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर उद्योगपतियों की मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मोदी केवल उद्योगपतियों के चौकीदार हैं। उन्होंने अंबानी और अडानी जैसे अपने उद्योपगति मित्रों का कालाधन सफेद करने के लिए 500 और 1000 के नोट बंद कर 2000 रुपए के गुलाबी नोट चलाए। इन नोटों के जरिए कालाधन आसानी से बदला गया।

    न्याय योजना गरीबी पर सर्जिकल स्ट्राइक – राहुल
    राहुल शुक्रवार को गुजरात के तापी के बाजीपुरा में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। राहुल ने कहा कि वे खुद किसानों और गरीबों के चौकीदार बन गए हैं। उन्होंने कहा, मोदी ने लोगों से तकलीफ सहने की बात कही थी, लेकिन उनके पास से पैसे छीन लिए। ईमानदार लोगों को बैंकों के सामने लाइन में लगा दिया

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश के पांच करोड़ परिवारों को सालाना 72 हजार रुपए देने की उनकी पार्टी की न्याय योजना गरीबी पर सर्जिकल स्ट्राइक है। इसके जरिए गरीबी को समाप्त किया जाएगा।

    उन्हाेंने कहा कि मोदी ने दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देने, सबके खाते में 15 लाख रुपए डालने और किसानों को फसल की बेहतर कीमत दिलाने के तीन वादे किए थे।

    राहुल ने कहा, न्याय योजना और किसानों की कर्ज माफी पर सवाल खड़ा करने वाली मोदी सरकार ने 10 से 15 बड़े उद्योगपतियों का साढे़ तीन लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया पर किसानों का कर्ज माफ नहीं किया।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”एक तरफ अनिल अंबानी, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या जैसे अरबपति बैंकों का बड़ा कर्ज पचा जाने के बावजूद जेल में नहीं हैं। ये लोग लंदन में आनंद उठा रहे हैं। दूसरी तरफ 20 हजार रुपए जैसी छोटी रकमों के लिए किसानों को जेल में डाला जा रहा है। यह गलत है।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह मोदी की तरह झूठे वायदे नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘’मैं झूठ नहीं बोलूंगा कि 15 लाख रुपए खाते में डालूंगा। अगर उतना डाला तो अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। मैं दो करोड़ रोजगार की बात नहीं करूंगा पर 22 लाख सरकारी नौकरियां हैं वह हम देंगे।”

    (इनपुट भास्कर)

  • 24 साल बाद एक मंच पर माया-मुलायम:मायावती ने कहा- मुलायम मोदी की तरह फर्जी नहीं

    मिल्लत टाइम्स,मैनपुरी:उत्तर प्रदेश में 24 साल बाद सपा नेता मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती एक मंच पर नजर आए। मैनपुरी में दोनों दलों की संयुक्त रैली में मायावती ने मुलायम के लिए प्रचार किया। मायावती ने कहा- मुलायम सिंह जी असली, वास्तविक हैं। वे भाजपा की तरह नकली या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी रूप से पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मुलायम को मैनपुर में आप रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जिताएं।

    वहीं, मुलायम सिंह ने इस रैली में मायावती का आभार जताया। कहा- बहुत दिनों बाद साथ आने के लिए मायावतीजी का अभिनंदन करता हूं। उम्मीद है कि सपा-बसपा का गठबंधन राज्य में भारी मतों से जीतेगा। आज मायावतीजी आई हैं। उनका हम स्वागत करते हैं, आदर करते हैं। मायावती जी का बहुत सम्मान करना हमेशा, क्योंकि समय जब भी आया है, मायावती जी ने हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि हमारे समर्थन के लिए वे आईं हैं।

    चौकीदारी की नाटकबाजी भी मोदी को नहीं बचा पाएगी- मायावती
    मायावती ने कहा, “नकली पिछड़ा व्यक्ति कभी भी देश भला नहीं कर सकता। नकली पिछड़े लोगों से धोखा खाने की जरूरत नहीं है। असली-नकली कौन है, इसकी पहचान कर ही अपने गठबंधन को कामयाब बनाना है। पिछड़ों के असली नेता मुलायम जी को ही चुनकर भेजना है।’ “आजादी के बाद काफी लंबे समय तक देश में ज्यादातर सत्ता कांग्रेस और उसके बाद भाजपा या अन्य पार्टियों के हाथ में रही। भाजपा की संकीर्णवादी, सांप्रदायिक नीतियों की वजह से उनकी सरकार वापस चली जाएगी। उनकी चौकीदारी की नाटकबाजी भी नहीं बचा पाएगी।’ “मोदी ने पिछले चुनाव में कई चुनावी वादे किए थे। उन्होंने कहा था कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद विदेशों में जमा काला धन वापस देश के हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपए डाले जाएंगे। क्या किसी को भी ये रुपए मिले?’ “कांग्रेस पार्टी क्या कर रही है। वे पूरे देश में घूम-घूमकर कह रहे हैं कि सत्ता में आने के बाद गरीबों को आर्थिक मदद की जाएगी। इस थोड़ी सी आर्थिक मदद से आपका भला नहीं होने वाला। हम गरीबों को स्थायी नौकरी देंगे।”

    हमें नया प्रधानमंत्री चाहिए-अखिलेश

    अखिलेश ने कहा, “आज ऐतिहासिक क्षण है। मायावती ने जनता से अपील की है कि नेताजी को बहुमत से जिताएं। मुझे पूरा भरोसा है कि नेताजी ने जिस तरह से हमें जगाने का काम किया, उन्हें मैनपुरी की जनता ऐतिहासिक मतों से जिताने जा रही है।” “इस देश की खेती और किसान आत्मा है। लोगों के रोजगार खत्म हो गए। यह चुनाव दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यकों के लिए है। हमें नया प्रधानमंत्री बनाना है। जब नया प्रधानमंत्री बनेगा, तभी देश नया बनेगा। भाजपा ने नोटबंदी-जीएसटी लाकर देश को अंधेरे में डाल दिया।” “अगर ग्रामीण जनता का किसी ने विकास हुआ है तो सपा-बसपा की सरकार ने किया है। हमने दिल्ली पास कर दी। क्या आपका फर्ज नहीं कि सपा-बसपा-रालोद के लिए दिल्ली पास लाकर दिखाएं।”
    अजित सिंह नजर नहीं आए

    सभामें माया-मुलायम के अलावा अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। रालोद प्रमुखअजित सिंह नहीं पहुंच सके। 1995 में सपा-बसपा ने गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ा था, इसके बाद गेस्ट हाउस कांड के कारण दोनों दलों में दूरियां हो गईं थीं।

    मैनपुरी की सभासे पहले महागठबंधन की तीन रैलियां (सहारनपुर, बदायूं औरआगरा) हो चुकी हैं। इनमें से आगरा की रैली में मायावती चुनाव आयोग की रोक के कारण नहीं पहुंची थीं, उनकी जगह उनके भतीजेआकाश आनंदने सभा को संबोधित किया था।अखिलेश और मायावती आज हीबरेली में भी एक सभा करेंगे।

    गठबंधन की संयुक्त रैलियां

    20 अप्रैल को रामपुर और फिरोजाबाद में, 25 अप्रैल कन्नौज, 1 मई को फैजाबाद, 8 मई को आजमगढ़, 13 मई को गोरखपुर में गठबंधन की रैली होंगी। लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन की आखिरी रैली16 मई को वाराणसी में होगी। गठबंधन की ओर से 11 सीटों के लिएहो रहीं 11साझा रैलियों में से मैनपुरी, कन्नौज, बदायूं, फिरोजाबाद और आजमगढ़ अभीमुलायम सिंह के परिवार के पास हैं। सहारनपुर और आगरा बसपा के खाते में है।

  • बिहार की पांच सीटों पर वोटिंग खत्म,58.14 प्रतिशत हुआ मतदान,किशनगंज मे सबसे ज्यादा हुआ मतदान

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:बिहार में दूसरे चरण का लोकसभा चुनाव को लेकर किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर एवं बांका संसदीय क्षेत्रों में मतदान खत्म हो गया है। यहां पर अब तक कुल 58.14 प्रतिशत मतदान हो चुका है। मतदान प्रतिशत का यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है।

    इन क्षेत्रों के 85,91,382 मतदाता कुल 68 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें से 45,11,858 पुरुष, जबकि 40,79,249 महिला व 275 अन्य मतदाता हैं। इन पांचों लोकसभा सीट पर कुल 8644 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

    चुनाव आयोग ने मतदान को लेकर इन क्षेत्रों में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की है। सभी मतदान केंद्रों पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, चार स्तर पर सुरक्षा का घेरा बनाया गया है।

    इस चरण में कुल 186 मतदान केंद्र नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है। इनमें सर्वाधिक 170 बांका एवं 16 भागलपुर संसदीय क्षेत्रों में हैं। वहीं, 3216 क्रिटिकल बूथ हैं। यहां सख्त निगरानी रखी गयी है। वहीं, 160 मतदान केंद्रों से लाइव वेबकास्टिंग व क्रिटिकल बूथों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

    बिहार में पांच बजे का मतदान प्रतिशत
    किशनगंज 60.40 प्रतिशत

    बांका 55.20 प्रतिशत

    भागलपुर 52.10 प्रतिशत

    कटिहार 55.40 प्रतिशत

    पूर्णिया 58 प्रतिशत

  • प्रधानमंत्री मोदी के काफिले की तलाशी लेने वाले अधिकारी को चुनाव आयोग ने किया सस्पेंड

    चुनाव आयोग ने मोहम्मद मोहसिन नामक अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है. मोहसिन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की तलाशी लेने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया था. कर्नाटक (1996) बैच के आईएएस संबलपुर में जनरल ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त थे. पीएमओ ने इस मामले में दखल दिया था और चुनाव आयोग के अधिकारी इस मामले को देखने के लिए ओडिशा गए थे. पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उन्हें ड्यूटी से सस्पेंड किया गया है. उन्हें एसपीजी सुरक्षा प्राप्त शख्स के बारे में चुनाव आयोग के निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में सस्पेंड किया गया है

  • मालेगांव बम धमाके मामले मे 9 साल सजा काट चुके साध्वी प्रज्ञा को BJP ने दिग्विजय के खिलाफ भोपाल दिया दिया टिकट

    भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है. वह कांग्रेस उम्मीदवार और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को चुनौती देंगी.

    भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को उम्मीदवारों की 22वीं सूची जारी की, जिसमें उनके नाम की घोषणा की गई. इस सूची में मध्य प्रदेश की चार सीटों की घोषणा की गई है.

    विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सीट विदिशा से रमाकांत भार्गव को टिकट दिया गया है. गुना से के.पी. यादव और सागर से राज बहादुर सिंह को टिकट दिया गया है.

    29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगाँव में हुए दो बम ब्लास्ट के बाद साध्वी प्रज्ञा को अभियुक्त बनाया गया था. इस धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी और तकरीबन 101 लोग घायल हुए थे. फ़िलहाल साध्वी प्रज्ञा इस मामले में ज़मानत पर हैं.

    भड़काऊ भाषणों के लिए प्रसिद्ध प्रज्ञा ठाकुर हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत और दुर्गा वाहिनी से जुड़ी रही हैं.

    उनको उम्मीदवार बनाए जाने की जब अटकलें चल रही थीं उन्होंने तब कहा था, “मैं देश के दुश्मनों के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए तैयार हूं.”

    साध्वी प्रज्ञा, मध्य प्रदेश के भिंड की रहने वाली हैं. भोपाल में बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैंने औपचारिक रूप से बीजेपी जॉइन कर ली है. मैं चुनाव लड़ूंगी और बिल्कुल विजयी रहूंगी. यह मेरे लिए बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है.”

    प्रज्ञा ठाकुर के ख़िलाफ़ कांग्रेसी उम्मीदवार दिग्विजय सिंह उम्मीदवार हैं. दिग्विजय सिंह आरएसएस और हिंदुत्व के ख़िलाफ़ कड़े शब्दों में बोलते रहे हैं. वो 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं.

    भोपाल से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के कई सप्ताह बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा की है.

    चुनाव में बीजेपी ध्रुवीकरण की राजनीति क्यों अपना लेती है
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    ऐसी अटकलें थीं कि उनके ख़िलाफ़ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन शिवराज सिंह का कहना था कि वह केंद्र की राजनीति में जाने के इच्छुक नहीं हैं.

    इसके बाद कई और नाम चल रहे थे जिनमें से एक बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी था.

  • अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार की कमान बाहुबली मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने संभाला

    अजवद कासमी,आज़मगढ़/मुख्यालय:बहुजन समाज पार्टी के युवा नेता एवं मऊ के बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी हो रहे लोकसभा चुनाव में पूरे ज़ोर शोर सपा बसपा गठबंधन के प्रचार प्रसार लगे हुए हैं।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश की आज़मगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जिसके प्रचार में बाहुबली मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी जी जान से लगे हैं।

    बता दें कि उत्तर प्रदेश में बसपा सपा गठबंधन के बाद सियासी गलियारों में गरमी बढ़ गयी है और पहले चरण में हुए चुनाव के बाद बसपा सपा समर्थकों में दुगना जोश देखने को मिल रहा है।

    इसी क्रम में आज अखिलेश यादव की आज़मगढ़ सीट पर अब्बास अंसारी भी प्रचार करने पहुँच गए हैं और जनता से सपा बसपा गठबंधन को वोट देने की अपील कर रहे हैं।
    अब्बास के आज़मगढ़ आने से सियासी पारी और चढ़ गया है क्यूँकि अब्बास युवाओं में काफ़ी लोकप्रिय हैं और अपनी सख़्त सुरक्षा के बाद भी लोगों से मिलने जुलने और बातचीत करने से नही चूकते।

    आज़मगढ़ लोकसभा सीट से गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के केंद्रीय कार्यालय भी पहुँचे और उपस्थित लोगों में अपने संबोधन माध्यम जोश भी भरा।
    अब्बास अंसारी जैसे ही सपा के वर्तमान विधायक एवं पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के आवास आज़मगढ़ पहुँचे युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा कोई अब्बास अंसारी से हाथ मिलाना चाह रहा तो कोई सेल्फ़ी लेता दिखायी दिया जिससे अब्बास अंसारी की लोकप्रियता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। अब्बास अंसारी सपा मुखिया अखिलेश यादव के चुनावी केंद्रीय कार्यालय पहुँचकर पूर्व मंत्री व विधायक बलराम यादव, विधायक संग्राम यादव और एमएलसी राकेश यादव से मिलकर काफी देर चुनावी चर्चा और नामांकन के दिन भारी भारी मात्रा में युवाओं की सहभागिता के लिये कई अपने समर्थकों को सफल और ऐतिहासिक कार्यकम के लिऐ टीमे गठित की और आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

    बता दें कि आज़मगढ़ की लोकसभा सीट से वर्तमान में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव सांसद हैं और इस बार उनकी जगह पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा ने अखिलेश यादव सामने भोजपुरी फ़िल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ को मैदान में उतारा है।

    इस मौक़े पर बलराम यादव विधायक एवं पूर्व मंत्री, दुर्गा यादव विधायक एवं पूर्व मंत्री, संग्राम यादव विधायक,राकेश यादव एमएलसी, अजय यादव, विजय यादव ब्लाक प्रमुख , इकबाल भाई, अब्दुल हक, बृजेश जायसवाल, अशोक राम, सुरेश राम, असगर भाई, अरमान, सद्दाम खान, मुख्तार भाई, नीरज सिंह, अफजल अहमद, सालिम, मोइन खाँ छात्र नेता आदि मौजूद रहे।