Category: चुनाव

  • EC:बालाकोट पर मोदी के बयान को क्लीन चिट,लेकिन बाबरी मस्जिद बयान पर प्रज्ञा के प्रचार पर रोक

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली/भोपाल:चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लातूर में दिए भाषण को क्लीन चिट दी है। आयोग ने कहा कि यह भाषण चुनाव प्रचार के दौरान सशस्त्र सेनाओं के नाम के इस्तेमाल पर दिए गए हमारे निर्देशों का उल्लंघन नहीं करता है। पिछले महीने मोदी ने लातूर में पहली बार वोट करने वालों से अपील की थी कि अपना मत बालाकोट एयर स्ट्राइक और पुलवामा के शहीदों को समर्पित कर दें। उधर, भोपाल में भाजपा की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बाबरी मस्जिद पर दिए गए बयान को आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। आयोग ने साध्वी प्रज्ञा के चुनाव प्रचार पर 72 घंटे तक रोक लगा दी है।

    9 अप्रैल को महाराष्ट्र के लातूर में दिया था मोदी ने भाषण

    महाराष्ट्र के लातूर में 9 अप्रैल को चुनावी रैली में कहा था- मैं पहली बार वोट करने वालों से कहना चाहता हूं कि क्या आपका पहला वोट वीर जवानों के नाम समर्पित हो सकता है, जिन्होंने एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया। क्या आपका पहला वोट उन वीर शहीदों को समर्पित किया जा सकता है, जो पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए थे।

    मोदी के इस बयान के बारे में लातूर के चुनाव अधिकारियों ने आयोग को बताया था। स्थानीय अधिकारियों ने इस बयान को निर्देशों को उल्लंघन माना था। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा कि इस मामले की विस्तार से जांच की गई। 11 पन्नों के भाषण की पूरी ट्रांस्क्रिप्ट की जांच के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि सशस्त्र सेनाओं के नाम के इस्तेमाल के संबंध में दिए गए हमारे निर्देशों का उल्लंघन नहीं हुआ है।

    प्रज्ञा ने कहा था- बाबरी मस्जिद तोड़ने पर गर्व है
    साध्वी प्रज्ञा ने कुछ दिन पहले एक टीवी चैनल पर कहा था, “अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ने पर मुझे गर्व है। मैं खुद बाबरी मस्जिद गिराने गई थी। मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी, हमने देश का कलंक मिटाया है।”इस बयान पर जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम पी खाड़े ने संज्ञान लेते हुए प्रज्ञा से जवाब तलब किया था।

    बयान पर साध्वी ने दी थी सफाई
    आयोग ने जब इस पर साध्वी प्रज्ञा से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा था कि चैनल को उन्होंने तब बयान दिया था, जब वे भाजपा प्रत्याशी नहीं थीं। उन्होंने कहा कि मैंने अंतर्मन की बात कही थी। मीडिया मॉनीटरिंग सेल इस बयान पर संज्ञान नहीं ले सकता।

  • अमेठी:PM मोदी को गाली दे रहे थे बच्चे,तभी प्रियंका गांधी ने रोका कहा-अच्छे बच्चे बनो

    मिल्लत टाइम्स,अमेठी:कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का एक वीडियो बुधवार को वायरल हुआ। यह वीडियो अमेठी के तिलोई गांव का है, जहां प्रियंका गांधी जनसंपर्क कर रही थीं। वीडियो में कुछ बच्चों से प्रियंका के सामने मोदी विरोधी नारे लगवाए जा रहे हैं। एक व्यक्ति ने पहले बच्चों से ‘चौकीदार चोर है’ का नारा लगवाया। इस पर प्रियंका मुस्कुराती रहीं। दूसरी बार बच्चों ने नारे में मोदी के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया। इस पर प्रियंका ने बच्चों से कहा- ‘‘ये वाला नारा अच्छा नहीं लगा। अच्छे बच्चे बनो।’’ इसके बाद बच्चों ने ‘राहुल गांधी’ जिंदाबाद के नारे लगाए।

    स्मृति ने प्रियंका पर निशाना साधा
    केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, ‘‘यह अत्यंत अशिष्ट है। आप सोच सकते हैं कि जिनकी शोहरत केवल वंशवाद के चलते है, उनसे प्रधानमंत्री को अत्यंत भद्दे शब्द सुनने पड़ते हैं। इस बात पर लुटियंस में गुस्सा दिखाई दिया क्या?’’

    कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पूर्वांचल की जिम्मेदारी दी है। वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए अमेठी में भी प्रचार कर रही हैं। अमेठी से राहुल के खिलाफ स्मृति ईरानी दूसरी बार चुनाव लड़ रही हैं। वे 2014 में इस सीट से हार चुकी हैं। रविवार को प्रियंका ने कहा था कि 5 साल में स्मृति केवल 16 बार अमेठी आईं। इस पर स्मृति ने कहा कि खुश हूं कि वे अमेठी दौरे का हिसाब रख रही हैं। उन्हें (प्रियंका) लोगों को यह भी बताना चाहिए कि 15 साल से अमेठी का सांसद (राहुल गांधी) कहां है?

    ‘चौकीदार चोर है’ पर राहुल की तरफ से सिंघवी ने मांगी माफी
    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘चौकीदार चोर है’ वाले अपने बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को नया हलफनामा दायर किया। उन्होंने इसमें भी खेद ही जताया, माफी नहीं मांगी। मंगलवार को राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने मुवक्किल के बयान के लिए माफी मांगी। राहुल ने हलफनामे में कहा कि राजनीतिक लड़ाई में उनका कोर्ट को घसीटने का कोई इरादा नहीं है।

  • वाराणसी:मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे पुर्व सैनिक तेज बहादुर का नामांकन रद्द,अब उठाएंगे यह कदम

    मिल्लत टाइम्स,वाराणसी:चुनाव आयोग ने बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव के दोनों नामांकन रद्द कर दिए हैं। तेज बहादुर ने दो नामांकन दाखिल किए थे। पहला निर्दलीय और दूसरा सपा से टिकट मिलने के बाद। सरकारी नौकरी से बर्खास्त होने के बाद तेज बहादुर ने आयोग से चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं ली थी, जो कि आवश्यक होती है। ऐसे में आयोग ने कानूनी सलाहकार मंडल के चर्चा के बाद उसका नामांकन रद्द कर दिया।

    तेज बहादुर ने आरोप लगाया- मेरा नामांकन डीएम पर दबाव बनाकर रद्द करवाया गया है। यह गलत तरीके से किया गया है। मुझे मंगलवार शाम सबूत देने के लिए कहा गया था और मैंने ऐसा किया भी। इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा।

    इसलिए रद्द हुआ पहला नामांकन
    तेज बहादुर यादव ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 24 अप्रैल को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन दाखिल किया। यादव ने नामांकन में लिखा किउन्हें सरकारी नौकरी के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया गया था। इसके चलते उनका पहला नामांकन रद्द कर दिया गया। दूसरा नामांकन उन्होंने 29 अप्रैल को दाखिल किया। यह सपा से टिकट मिलने के बाद दाखिल किया गया। इसमेंउन्होंने अपनी बर्खास्तगी की बात को छिपाया। यह भी लिखा किपहले नामांकन में बर्खास्तगी की बात मानी थी, जो कि गलत है। दूसरे नामांकन प्रपत्र में तेज बहादुर ने लिखा कि मुझे 19 अप्रैल 2017 को बर्खास्त किया गया है, लेकिन भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा पदधारण के दौरान भ्रष्टाचार एवं अभक्ति के कारण पदच्युत नहीं किया गया है। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस जारी किया था।

    जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया किदो अलग-अलग नामांकन में तेज बहादुर ने अलग-अलग बातें लिखीं। इससे स्पष्ट होता है कि अभक्ति या भ्रष्टाचार के कारण पदच्युत किए जाने, न किए जाने पर निर्णायक साक्ष्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रमाणपत्र जारी करवाना पड़ता है। प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। दोनों में सही जो भी हो, चुनाव आयोग से लिखित अनुमति चाहिए होती है।

    सपा से शालिनी यादव

    सपा ने पहले कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुईं शालिनी यादव को वाराणसी में कैंडिडेट घोषित किया था। जिसके बाद उन्होंने नामांकन दाखिल किया। शालिनी का नामांकन जांच के बाद सहीपाया गया है। इसी बीच नामांकन के अंतिम दिन 29 अप्रैल को सपा ने अधिकृत टि्वटर हैंडल से तेज बहादुर यादव को सिंबल दे दिया। तेज बहादुर नेदोबारा नामांकन किया। शालिनी यादव खुद को सपा का अधिकृत उम्मीदवार बता रही हैं। वे अपने प्रचार में जुटी हुई हैं।

    तेज बहादुर ने सेना के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे
    तेज बहादुर यादव हरियाणा के रेवाड़ी के रहने वाले हैं। दो साल पहले 9 जनवरी, 2017 को उन्होंने सेना में परोसे जा रहे भोजन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। जिनमें सिर्फ हल्दी-नमक वाली दाल और साथ में जली हुई रोटियां दिखाते हुए खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा समेत कई स्थानों पर घटिया क्वॉलिटी का खाना दिया जाता है। कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है।

    जांच के बीच अनशन पर बैठे थे तेज बहादुर
    प्रधानमंत्री कार्यालय ने गृह मंत्रालय और बीएसएफ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच तेज बहादुर ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन कर दिया, जिसे बीएसएफ ने स्वीकार नहीं किया। तेज बहादुर को निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वह बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। विरोध में तेज बहादुर राजौरी स्थित मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 19 अप्रैल 2017 को अनुशासन तोड़ने के आरोप में तेज बहादुर को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया।

  • फिर से PM नहीं बने नरेंद्र मोदी तो कर लूंगा सुसाइड:वसीम रिजवी

    उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने कहा है कि अगर नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बने तो वह सुसाइड कर लेंगे. लखनऊ में एक बयान में वसीम रिजवी ने ये बयान दिया है. वसीम रिजवी यूपी बीजेपी सरकार के नजदीकी रहे हैं. वसीम रिजवी ने कहा कि अगर 2019 में नरेंद्र मोदी फिर से देश के प्रधानमंत्री नहीं बने तो वह अयोध्या में राम मंदिर के गेट के पास जाकर आत्महत्या कर लेंगे.

    अयोध्या में राम मंदिर बनाने के पक्ष में कई बार बयान दे चुके वसीम रिजवी ने कहा, “अगर 2019 में किसी और सियासी दल का नेता देशद्रोहियों की मदद से प्रधानमंत्री बन जाता है तो मैं आत्महत्या कर लूंगा, क्योंकि देशद्रोहियों के हाथों मरने से अच्छा है इज्जत की मौत मरना.” वसीम रिजवी ने कहा कि भारत के देशप्रेमियों में पीएम नरेंद्र मोदी के लिए मोहब्बत, प्यार है तो गद्दारों के बीच उनके लिए खौफ है. शिया नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के कुशल प्रधानमंत्री हैं.

    वसीम रिजवी ने कहा, “राष्ट्र हर मजहब से ऊपर होता है, जब भी मैं राष्ट्रहित की कोई बात करता हूं तो कट्टरपंथी मुझे जान से मारने की धमकी देते हैं, वह कहते हैं कि जाने दो मोदी सरकार को हम तुम्हें बोटी-बोटी काट देंगे.” इसी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि देशद्रोहियों के हाथों मरने से अच्छा है कि वे सुसाइड कर लें.

    बता दें कि वसीम रिजवी राममंदिर पर अपने बयान को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. उन्होंने पिछले दिनों मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं. बता दें कि वसीम रिजवी ने कहा था कि भारत के मदरसे आतंकी गतिविधियों का केंद्र बन गए है. वसीम रिजवी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर देशभर के मदरसों को बंद करने की मांग की थी. रिजवी ने पत्र में लिखा था कि मदरसों में छात्रों के बीच आतंकी संगठन आईएसआईएस की विचारधारा फैलाई जा रही है.

    (इनपुट आजतक)

  • बिहार की सभी 40 सीटें जातीय खेमों में बटीं,उम्मीदवारों ने भी इसी आधार पर रणनीति बनाई

    ओम गौड़,पटना:अगर आपको चुनाव में जातिवाद का नजारा देखना है तो एक बार बिहार जरूर आइए। न कहीं उम्मीदवारों के पोस्टर, न झंडे-बैनर, न कहीं प्रचार-प्रसार। क्योंकि यहां देश का चुनाव जातीय प्रमुख चुने जाने की तर्ज पर लड़ा जा रहा है। जातीय खेमों में फैली प्रदेश की 243 विधानसभा और 40 लोकसभा सीटों पर सिर्फ जाति का लेबल चस्पा है। दलों के पास जातिगत आंकड़ें हैं और सभी दल इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए जिताऊ चेहरे सिलेक्ट करते हैं, इसीलिए कि जातिवाद के आधार पर चुनाव जिताने-हराने का 40 साल पुराना यह टेस्टेड फॉर्मूला है।

    बिहार में सांसद-विधायक विकास की बातें करते नजर तो आते हैं लेकिन उन्हें जिस चीज को सहेज कर रखना है वह जातिगत गठजोड़ ही है। सबसे मजेदार बात यह है कि प्रदेश में पार्टियों से नेता नहीं जातियां रूठती-मनती हैं। राष्ट्रीय पार्टियां जातिवाद के कारण ही छोटे क्षेत्रीय दलों से गठजोड़ करने को मजबूर हैं। बानगी देखिए, यहां महागठबंधन की 40 में से 19 सीटों पर राजद लड़ रहा है तो कांग्रेस को महज 9 सीटों पर समझौता करना पड़ा। एनडीए में जदयू-भाजपा 17-17 सीटों पर लड़ रही है। यह समझौता भी उन हालात में हुआ जब भाजपा को 2014 में जीती हुई 5 सीटें कुर्बान करनी पड़ी। भाजपा ने 2014 में बिहार में 22 सीटें जीती थीं अब 17 पर लड़ रही हैं। जदयू ने 2 सीटें जीती थीं अब 17 सीटों पर मैदान में है।

    चुनाव में हार-जीत के एंगल की तलाश के पीछे भी जातिवाद के तर्क होते हैं। लालू प्रसाद यादव को बिहार में जमीन से राजनीति का क्षत्रप बनाने की कहानी के पीछे एकमात्र गठजोड़ जातिवाद का रहा है। कहते हैं क्षेत्रीय दलों की उत्पत्ति में जातिवाद सबसे मजबूत कारण रहा। नीतीश कुमार को छोड़ कर बिहार में लालू, पासवान या उपेन्द्र कुशवाहा जैसे नेता छोटे से गांव से निकल कर अपने – अपने जातीय गठजोड़ बना सर्वोच्च पदों पर रहे। लालू-राबड़ी पंद्रह साल मुख्यमंत्री रहे तो केंद्रीय मंत्रालय के प्रमुख पदों को संभाला।

    केंद्र में अति महत्वपूर्ण मंत्रालयों में कैबिनेट मंत्री रहे रामविलास पासवान को राजनीति का मौसम वैज्ञानिक यूं ही नहीं कहा जाता। इसके पीछे भी जातिवाद का ही प्रभाव है। उपेन्द्र कुशवाहा इस बार नए मौसम वैज्ञानिक बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐन वक्त पर एनडीए का साथ छोड़ महागठबंधन का दामन थाम लिया है। हां, इनके मौसम विज्ञान का नतीजा 23 मई को आएगा लेकिन इनके पलटने के पीछे एकमात्र आधार जातिवाद ही है। यहां न विकास कोई मुद्दा है, न राष्ट्रवाद की लहर है, न ही कहीं न्याय योजना का जिक्र है। बिहार में जातिगत आधार रखने वाले नेताओं की मान-मनौव्वल में राष्ट्रीय पार्टियों के बड़े नेता सक्रिय हो रहे हैं। हेलीकॉप्टर लेकर पीछे घूमते हैं। उन्हें बिहार से उड़ा कर दिल्ली ले जाकर राष्ट्रीय प्रमुख से मिलवाकर गिले-शिकवे दूर करने पड़े। इतना ही नहीं चुनाव के दौरान किसी ऐसे ही जातिवादी नेताओं को छींक आ जाए तो बड़ी पार्टियां पलक-पांवड़ें बिछा देती हैं।

    यह जातिवाद की ही वजह है कि सीवान से कुख्यात अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह चुनाव लड़ रही है। अनंत सिंह की पत्नी मुंगेर से चुनाव मैदान में हैं, नवादा से लोजपा प्रत्याशी के रूप में बाहुबली सूरजभान के भाई चंदन मैदान में रहे तो उनके सामने दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद राजवल्लभ की पत्नी विभा देवी चुनाव लड़ी।

    कुल मिलाकर बिहार में जातिवाद ही मुद्दा है। कभी सीएम रहे जीतन राम मांझी की पहचान जातिवादी नेता की नहीं रही। पर पद से हटने के बाद उन्हें जाति याद आई और उन्होंने भी पार्टी बनाई और जातिवादी नेता बन गए। जातिवाद कमोबेश देशभर में फैला है लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश जातिवाद के जन्मदाता स्टेट हैं। यहां लोग कहते सुने जा सकते हैं कि बेटी और वोट जात को। चुनाव में एमवाय (मुस्लिम+यादव) फैक्टर की खूब चर्चा होती है जो बिहार से निकलकर ही उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। यह फैक्टर भी चुनाव जीतने के लिए जातिवादी एकता का स्लोगन है।

    जाति की एकता का एक किस्सा यह भी…

    एक मजेदार वाकया है। रामलखन सिंह यादव फतुहा के इलाके में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। संभवत: वह 1967 का चुनाव था। उन्होंने अपने स्वजातीय लोगों से आह्वान किया कि हमें देश में बदलाव के लिए और समाज को आगे बढ़ाने के लिए एक पैर पर खड़े होना है। यादव का इतना कहना था कि भीड़ में मौजूद हजारों लोग यह सुनते ही सचमुच ही एक पैर पर खड़े हो गए। बाद में रामलखन सिंह ने सभा में उपस्थित लोगों को बताया कि एक पांव पर खड़े होना एक मुहावरा है। इसका मतलब है-जो तय कर लिया उसे करो। इसलिए हमें समाज का साथ देना है।

    (इनपुट भास्कर के शुक्रिया के साथ)

  • मच्छर को कपड़े पहनाना,हाथी को गोद में झूलाना और तुमसे सच बुलवाना असंभव है मोदी:सिद्धू

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:पुर्व क्रिकेटर और पंजाब की कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार को मध्य प्रदेश के भोपाल में एक चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।

    नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मच्छर को कपड़े पहनाना, हाथी को गोद में झूलाना और तुमसे सच बुलवाना असंभव है नरेंद्र मोदी। बता दें कि लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के नताओं के बीच जुबानी जंग और आरोप प्रत्यारोप का सिलसिल जारी है।

    नकारी के लिए आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के चार चरणों का चुनाव समाप्त हो गया है। पांचवे चरण का चुनाव 6 मई और अंतिम चरण का चुनाव 19 मई को होगा।

  • सिंगरौली में अजय सिंह समर्थक ने BJP नेता को मारा चांटा,बूथ कैप्चरिंग का आरोप

    मिल्लत टाइम्स,जबलपुर:सिंगरौली जिले में कांग्रेस नेता द्वारा बीजेपी कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। सिंगरौली सीधी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। आज यहां मतदान था।

    मामला सिंगरौली के देवसर विधानसभा के मतदान केंद्र 223 पड़री खुटा टोला का है। जहां आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार शाह को कांग्रेस के प्रवेश सिंह ने मतदान केंद्र पर थप्पड़ मारा है। आरोप है कि कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले की लिखित शिकायत भी थाने में दे दी गई है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के पक्ष में सैकड़ों वोट डाले गए। यह भी आरोप है कि सैकड़ों से अधिक वोट प्रवेश सिंह ने स्वयं डाले हैं।

    वहीं सीधी में भी व्यवस्था और ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत उठी है। बीजेपी प्रत्याशी रीति पाठक ने बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया और कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह ने अव्यवस्था पर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा कि कोस्टा मतदान केंद्र में कांग्रेसियों ने अभद्रता कर बूथ कैप्चर कर लिया। उन्होंने मतदान निरस्त करने की मांग की. खबर मिलने पर एसपी मौके पर पहुंचे।

  • सैनिक के नाम पर वोट मांगने वाले मोदी के खिलाफ पुर्व सैनिक तेज बहादुर को SP ने बनाया उम्मीदवार

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्लीःप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ही गढ़ वाराणसी में घेरने के लिए महागठबंधन ने बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने वाराणसी में अपनी उम्मीदवार शालिनी यादव को हटा, बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव को मैदान में उतारा है. तेज बहादुर यादव पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे.

    लेकिन सोमवार को तेज बहादुर यादव ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर अपना नामांकन दाखिल किया. वह गठबंधन के उम्मीदवार होंगे. आम आदमी पार्टी ने भी तेज बहादुर यादव का समर्थन कर दिया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर तेज बहादुर यादव को समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि PM को चुनौती देने के लिए न तेजबहादुर को सलाम.

    आपको बता दें कि 2017 में बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने जवानों को मिलने वाले खाने की क्वालिटी को लेकर शिकायत की थी. तभी से वह चर्चा में आए थे, हालांकि उस विवाद के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था. तभी से वह केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं.

    बीते दिनों ही तेज बहादुर यादव ने ऐलान किया था वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने तब कहा था कि मैंने भ्रष्टाचार का मामला उठाया लेकिन मुझे बर्खास्त कर दिया गया. मेरा पहला उद्देश्य सुरक्षा बलों को मजबूत करना और भ्रष्टाचार खत्म करना होगा.

    साफ है कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद के मुद्दे पर इस लोकसभा चुनाव में आगे बढ़ रही है, तो वहीं महागठबंधन ने अब उनके सामने एक पूर्व सैनिक को ही मैदान में उतार लड़ाई को दिलचस्प कर दिया है. हालांकि, क्या कांग्रेस तेज बहादुर यादव का समर्थन करेगी अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है.

    अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी में सपा-बसपा-आप की तरफ से बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव, कांग्रेस की ओर से अजय राय, पूर्व जस्टिस एस. कर्णन, तमिलनाडु के कई किसान चुनाव लड़ रहे हैं.

    अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से अपना नामांकन किया था. पीएम ने वाराणसी में एक मेगा रोड शो किया था और अपनी ताकत का एहसास कराया था. उनके नामांकन के दौरान एनडीए के कई दिग्गज भी साथ रहे थे, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई अन्य नेता भी शामिल रहे थे.

    2017 में जब तेज बहादुर ने वीडियो अपलोड किया था, तब वह जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर के पास तैनात थे. उन्होंने सैनिकों को मिलने वाले खाने की क्वालिटी पर सवाल खड़े किए थे. लेकिन बीएसएफ ने उन्हें अनुशासनहीनता का आरोपी माना था और बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया था.

    (इनपुट आजतक)

  • 71 सीटों पर 62% मतदान,पिछली बार से 2% कम;बिहार मे 59% हुआ मतदान

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 62% मतदान हुआ। इस चरण में नौ राज्यों की 71 सीटों पर वोट डाले गए। सबसे ज्यादा 76% वोट बंगाल में पड़े। 2014 में इन सीटों पर इस बार के मुकाबले 2% ज्यादा यानी 64 फीसदी वोटिंग हुई थी। बंगाल में लगातार चौथे चरण में भी हिंसा की घटनाएं सामने आईं। आसनसोल में भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा झड़प हुई। तृणमूल की शिकायत पर चुनाव आयोग ने पोलिंग अफसर को धमकाने के आरोप में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

    इससे पहले भाजपा उम्मीदवारबाबुल सुप्रियो आसनसोल के पोलिंग बूथ 199 पर सुप्रियो पीठासीन अधिकारी को डांटते दिखे। बाबुल ने पूछा- आप क्यों खड़े हो यहां? अपनी जगह पर बैठो। इसके बाद जब वे यहां से बाहर निकले तो तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। यहां सुरक्षाबलों और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। सुरक्षाबलों को उन्हें काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। आसनसोल में सुप्रियो के खिलाफतृणमूल ने मुनमुन सेन को उम्मीदवार बनाया है।

    भाजपा ने सभी बूथों पर केंद्रीय बलतैनात करने की मांग की

    पूर्वी बर्दवान के केतुग्राम पोलिंग बूथ पर धांधली का दावा किया गया। कथित तौर पर हुई धांधली का वीडियो भी वायरल हुआ। इसमें वोटिंग के स्थान पर एकसाथ दो-दो लोगों को देखा गया। केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ममता सरकार पर धांधली का आरोप लगाया। उधर, भाजपा ने चुनाव आयोग से सभी बूथों पर केंद्रीयबल तैनात करने की मांग की है।

    तृणमूलनेकेंद्रीय बलों के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की

    तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय बलों के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। तृणमूल का आरोप है कि केंद्रीय बल के जवानवोटरों के मन में डर का माहौल पैदा कर रहे हैं। यह स्वतंत्र और साफ चुनाव की अवधारणा के खिलाफ है।तृणमूल नेता शांता छेत्री और चंदन मित्र ने आयोग से दो मामलोें में शिकायत की है। पहली शिकायत में कहा गया है कि केंद्रीय बलों द्वारा अवैध कार्रवाई की जा रही है और भाजपा प्रत्याशी लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके अलावा दूसरी शिकायत में कहा गया है कि बीरभूम और दुबरायपुर में बूथों पर केंद्रीय बलों के जवानों ने फायरिंग की।

    कहां कितना मतदान

    राज्य 4 बजे 5 बजे तक कुल मतदान 2014 में वोटिंग
    बिहार (5) 44% 53% 59% 57.48%
    मप्र (6) 55% 63% 66.6% 65.28%
    महाराष्ट्र(17)41% 46% 55.9% 55.82%
    ओडिशा(6)52% 60 64% 75.65%
    राजस्थान(13)54% 60% 66.5% 64.4%
    उप्र (13) 44% 50% 56% 58.29%
    बंगाल (8) 66% 74% 76.6% 83.3%
    झारखंड(3)56% 58 64% 57.3%
    *कश्मीर(1)8% 9% 9.8% —
    *जम्मू-कश्मीर की एक सीट अनंतनाग में तीन चरण में मतदान, इसलिए 71 सीटों की गणना में शामिल नहीं

    * मतदान के आंकड़ों में परिवर्तन हो सकता है

    राज्य 12 बजे 1 बजे 2 बजे 3 बजे
    बिहार (5) 18% 18% 38% 44%
    *कश्मीर (1)4% 6% 7% 51%
    मप्र (6) 28% 31% 43% 35%
    मप्र (6) 17% 20% 30% 41%
    ओडिशा(6)20% 21% 36% 48%
    राजस्थान(13)29% 32% 45% 42%
    उप्र (13) 21% 25% 34% 59%
    बंगाल (8) 35% 36% 52% 50%
    झारखंड (3)29% 32% 45% 8%
    *जम्मू-कश्मीर की एक सीट अनंतनाग में तीन चरण में मतदान, इसलिए 71 सीटों की गणना में शामिल नहीं

    चौथेचरण में 12 करोड़ 79 लाख मतदाता हैं।943 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें से 33%करोड़पति हैं। 23% पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।इस चरण में महाराष्ट्र की 17, राजस्थान-उत्तरप्रदेश की 13-13, पश्चिम बंगाल की 8, मध्यप्रदेश-ओडिशा की 6-6, बिहार की पांच, झारखंड की तीन और जम्मू-कश्मीर की एक सीट पर मतदान है। जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीट पर 3 चरणों में मतदान हो रहा है।

    मध्यप्रदेश में सोमवार को मतदान के दौरान चुनाव ड्यूटी में लगे तीन अधिकारियों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। इनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल है। सलमान खान ने बूथ नंबर 283 पर मतदान किया। उधर, करीना कपूर ने भी वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और अमेठी से भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने पति जुबिन ईरानी के साथ वर्सोवा में मतदान किया। आमिर खान पत्नी किरण राव के साथ बांद्रा में वोट डालने पहुंचे। माधुरी दीक्षित ने जूहु स्थित पोलिंग बूथ पर मताधिकार का इस्तेमाल किया। राकांपा प्रमुख शरद पवार मुंबई के तारदेव मेंपरिवार के साथ वोट डालने पहुंचे। बंगाल में आसनसोल में तृणमूल कार्यकर्ताओं की सुरक्षाबलों सेझड़प हुई। यहां तृणमूल ने मुनमुन सेन और भाजपा ने बाबुल सुप्रियो को उम्मीदवार बनाया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में शिकारपुर के पोलिंग बूथ पर मताधिकार का इस्तेमाल किया। सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया ने बेगूसराय में वोट डाला। भाजपा के लोकसभा सांसद परेश रावल पत्नी स्वरूप संपत के साथ विले पार्ले में वोट डालने पहुंचे। उत्तरप्रदेश के गोरखपुर से भाजपा उम्मीदवार और अभिनेता रवि किशन ने मंबई के गोरेगांव स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। फिल्म अभिनेत्री रेखा ने मुंबई के बांद्रा में वोट डाला। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास मुंबई के पेडर रोड स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। उत्तर-मध्य मुंबई से भाजपा उम्मीदवार पूनम महाजन ने वर्ली स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता वसुंधरा राजे सिंधिया ने राज्य के झालावाड़ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उद्योगपति अनिल अंबानी ने मुंबई में कफपरेड इलाके के जीबी सोमानी स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और नवादा से मौजूदा सांसद गिरिराज सिंह ने बिहार में लखीसराय जिले की बरहिया में मतदान किया।
    राजस्थान- मध्यप्रदेशमें भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला
    चौथे चरण में मध्यप्रदेश की छह और राजस्थान की 13 सीटों पर कांग्रेस-भाजपा का सीधा मुकाबला है। 2014 में मध्यप्रदेश की इन छह सीटोंमें से पांच(सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट) पर भाजपा जीती थी, जबकि छिंदवाड़ा की परंपरागत सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। राजस्थान की जिन 13 सीटों पर मतदान होने हैं, उन सभी पर भाजपा जीती थी।

    उत्तरप्रदेश में त्रिकोणीय मुकाबला
    उत्तरप्रदेश की जिन 13 सीटों पर मतदान है, 2014 में भाजपाउनमें से 12 जीतीथीं, जबकि सिर्फ कन्नौज से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने जीत दर्ज की थी। इस बार इन सीटों पर कांग्रेस-भाजपा और गठबंधन के बीच त्रिकोणी मुकाबला माना जा रहा है।

    महाराष्ट्र में सभी 17 सीटों पर एनडीए जीता था
    चौथे चरण में महाराष्ट्र की 17 सीटों पर मतदान है। 2014 में सभी पर एनडीए (शिवसेना-9 और भाजपा-8) ने जीत हासिल की थी।

    बंगाल में तृणमूल औरओडिशा में बीजद का दबदबा रहा था

    चौथे चरण मेंपश्चिम बंगाल की आठसीटों पर मतदान है। 2014 में इसमें से सिर्फ बेहरामपुर पर कांग्रेस और आसनसोल सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। बाकी सभी छह सीटों पर तृणमूलने कब्जा जमाया था। वहीं, ओडिशा की जिन छह सीटों पर मतदान है, वहां 2014 में सभी पर बीजद ने जीत हासिल की थी।

    चौथा चरण: ये बड़े चेहरे मैदान में

    डिंपल यादव : उत्तरप्रदेशके पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव इस बार भी कन्नौज सीट से चुनाव लड़ रही हैं। 2014 में उन्होंने भाजपा के सुब्रत पाठक को हराया था। इस बार भी भाजपा ने पाठक पर ही भरोसा जताया है। अखिलेश भी इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं।

    नकुलनाथ : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ छिंदवाड़ा सीट से मैदान में हैं। यहां से कमलनाथ नौबार से सांसद हैं। भाजपा ने रामदास उइके को उम्मीदवार बनाया है।

    राकेश सिंह : मध्यप्रदेशभाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह इस बार भी जबलपुरसे चुनाव लड़ रहे हैं। वे यहां से तीन बार से सांसद हैं। कांग्रेस ने यहां से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को टिकट दिया है।

    पूनम महाजन: पूनम महाजन भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन की बेटी हैं। वे मुंबई उत्तर-मध्य से चुनाव लड़ रहीं हैं। 2014 में पूनम ने कांग्रेस नेता और संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त को हराया था। कांग्रेस ने प्रिया को इस बार फिर टिकट दिया है।

    गिरिराज सिंह : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बेगूसराय से उम्मीदवार हैं। उनके सामने राजद से तनवीर हसन और माकपा से कन्हैया कुमार मैदान में हैं। यहां त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। गिरिराज सिंह 2014 में नवादा सीट से चुनाव जीते थे। इस बार यह सीट गठबंधन के तहत रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा के खाते में गई है।

    बैजयंत पांडा : ओडिशा की केंद्रपाड़ा सीट काफी अहम मानी जा रही है। दरअसल, नवीन पटनायक के करीबी माने जाने वाले और बीजद नेता बैजयंत पांडा ने इस बार भाजपा का दामन थाम लिया है। वे केंद्रपाड़ा से चुनाव लड़ रहे हैं। पांडा इस सीट से बीजद के टिकट पर दो बार चुनाव भी जीत चुके हैं। बीजद ने उनके खिलाफ उड़िया अभिनेता अनुभव मोहंती को टिकट दिया है।

    मुनमुन सेन : पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट पर तृणमूल से अभिनेत्री मुनमुन सेन मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा सांसद बाबुल सुप्रियो से है। मुनमुन बांकुरा से मौजूदा सांसद हैं।

    2014 चुनावों में इन 71 सीटों पर नतीजे

    पार्टी सीटें जीती
    भाजपा 45
    शिवसेना 9
    बीजद 6
    तृणमूल 6
    लोजपा 2
    कांग्रेस 2
    पीडीपी 1
    सपा 1

    (इनपुट भास्कर)

  • आज़मगढ़ अखिलेश यादव के प्रचार में अब्बास अंसारी की भविष्यवाणी,23 मई भाजपा गयी

    आज़मगढ़/मुख्यालय,जौनपुर:जैसे जैसे लोकसभा चुनाव की तारीख़ क़रीब आरही है वैसे वैसे सियासी सरगर्मियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं तमाम पार्टियों के नेतागण अपने अपने तरीक़े से जनता को लुभाने में हर दाँव पेंच इस्तेमाल करने में लगे हैं।

    यूपी की स्पेशल लोकसभा सीटों में शुमार आज़मगढ़ से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ख़ुद गठबंधन के प्रत्याशी हैं जिसकी वजह से इस सीट पर मीडिया के साथ साथ जनता की भी ख़ास नज़र बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी अलग पहचान रखने वाले बहुजन समाज पार्टी के मऊ से बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी के बड़े बेटे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ अब्बास अंसारी लगातार आज़मगढ़ के दौरे करके माहौल को गठबंधन के पक्ष में करने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं।

    बताते चलें कि अब्बास अंसारी के बडे़ अब्बा पूर्व सांसद अफ़जाल अंसारी ख़ुद ग़ाज़ीपुर लोकसभा से गठबंधन के प्रत्याशी हैं उसके बावजूद अब्बास अंसारी ग़ाज़ीपुर के साथ साथ अखिलेश यादव की आज़मगढ, सलेमपुर, घोसी’, जौनपुर, बलिया, लोकसभा सीट पर जी जान से मेहनत कर रहे हैं जिससे युवाओं में गठबंधन के प्रति झुकाव भी तेज़ी से बताया जा रहा है।

    आज फिर अब्बास अंसारी अचानक आज़मगढ़ लोकसभा की सगड़ी और गोपालपुर विधानसभा में गाँव गाँव जाकर लोगों से सीधे मिल रहे हैं।

    सगड़ी और गोपालपुर विधानसभा के अंजानशहीद,बाग़ख़ालिस,चाँद पट्टी,सलाहुद्दीनपट्टी,करमैनी,बिलरियागंज,सोनबुज़ुर्ग,छीहीं एवं सदर विधान सभा के कोट और परसपूरा में जगह जगह रुक रुक कर लोगों से घुलमिल कर उनसे सीधे चर्चा कर रहे हैं और सपा-बसपा गठबंधन को पूरे प्रदेश में मज़बूत करने के लिए जोश भर रहे हैं।

    अब्बास अंसारी अपने संबोधन मे मुख्य रूप से संविधान और लोकतंत्र बचाने की अपील करते हुए कहते हैं कि अब समय आगया है की देश से सामंतवादी और दलितों पिछड़ों अल्पसंख्यकों’, नौजवानों, किसानों’, बुनकरो, व्यापारियो, की विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंका जाए और अखिलेश यादव को आज़मगढ़ लोकसभा से अधिक से अधिक मतों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करवाकर बहन जी के हाथो को और गठबंधन को मजबूत करें।

    बातचीत में अब्बास अंसारी ने कहा की मैं बहन जी के आदेश पर आज़मगढ़ आया हूँ और यहाँ के लोगों से मिल कर अखिलेश यादव जी की जीत को ऐतिहासिक जीत बनाने की अपील कर रहा हूँ,ये पूछे जाने पर की भाजपा प्रत्याशी निरहुआ क्या कर पाएँगे अखिलेश यादव के सामने इसके जवाब में अब्बास अंसारी ने उलटा मीडिया से ही सवाल किया की ये कौन है? कोई गवैया है.अब्बास अंसारी के जनसम्पर्क मे युवाओं की भारी भीड़ रही।

    अब्बास अंसारी के जनसंपर्क और जनसंवाद के दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख चंद्रशेखर यादव,पूर्वमण्डल कोआर्डिनेटर सुभाष गौतम,सपा नेता अजय यादव,ज़ोरावर खान,जयराम पटेल,अब्दुल हक़,ज़िला पंचायत सदस्य शहबाज़ खान,अब्बास अंसारी के प्रतिनिधि बृजेश जायसवाल,मिंटू राय,राजेश राय प्रधान,विकास सिंह,अफ़जल खान,नीरज सिंह,मक़बूल खान,तारिक खान,दानिश खान प्रधान,विधान सभा अध्यक्ष सपा बसपा सगड़ी, गोपालपुर और सदर विधानसभा के सैकड़ों समर्थक भी मौजूद रहे।