Category: चुनाव

  • गोडसे विवाद पर नीतीश बोले-साध्वी का बयान बर्दाश्त से बाहर,पार्टी से बाहर करे BJP

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने वाले बयान पर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि ऐसा बयान बर्दाश्त से बाहर है और बीजेपी को साध्वी को पार्टी से बाहर करने पर विचार करना चाहिए, हालांकि उन्होंने कहा कि ये बीजेपी का अंदरूनी मामला है।सीएम नीतीश से साध्वी के बयान को लेकर जब उनसे प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने कहा, ‘’ये सब हम बर्दाश्त नहीं कर सकते, बीजेपी को उन्हें बाहर निकालने पर जरूर विचार करना चाहिए। ये बीजेपी का अंदरूनी मामला है। एक्शन लेना पार्टी का काम है।’’ उन्होंने कहा, ‘’हम अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से बिल्कुल भी समझौता नहीं कर सकते. हमारी राय स्पष्ट है।

    ’’बता दें कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने इस विवादित बयान को वापस लेते हुए इसे निजी बयान बताया और इसके लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर पार्टी लाइन पर चलेंगी। नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने का बयान देकर प्रज्ञा की देशभर में किरकरी हो गई थी। बीजेपी ने उसके इस बयान से दूरी बना ली थी, जबकि विपक्षी दलों ने इसकी घोर निंदा करने के साथ-साथ इस बयान को देशद्रोही बयान तक बता दिया था।

    दरअसल लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मशहूर अभिनेता और मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला चरमपंथी हिंदू कहा था। कमल हासन के इस बयान पर जब साध्वी प्रज्ञा से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा, ‘‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे।

  • पंजाब में मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा,हिंसा मे एक व्यक्ति की हुई मौत 8 घायल

    पंजाब में मतदान के दौरान कई जगह हिंसा हुई है। हिंसक घटनाओं में एक व्‍यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। तलवंडी साबो में कांग्रेस और शिअद कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के बाद बवाल मच गया। शिअद के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शिअद कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस के बठिंडा देहाती प्रधान खुशबाज सिंह जटाना ने यहां स्‍कूल के बाहर बने शिअद के पाेलिंग कैंप पर फायरिंग कर दी। इसके बाद हंगामा हाे गया। फायरिंग में एक व्‍यक्ति घायल हो गया।

  • मोदी की केदारनाथ यात्रा पर ममता ने जताई आपत्ति,चुनाव आयोग को लिखा पत्र

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए प्रचार ख़त्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर हैं.
    उनकी इस यात्रा को सभी टीवी चैनल दिखा रहे हैं. इस पर तृणमूल कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और कहा है कि यह खुलेआम आचार संहिता का उल्लंघन है.

    तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर भी इसे नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है.
    पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आयोग को पत्र लिख कर प्रधानमंत्री की यात्रा के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
    डेरेक ने पत्र में लिखा है, “प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान केदारनाथ मंदिर के लिए बनाए गए मास्टर प्लान की भी घोषणा की और वहां के लोगों और मीडिया को संबोधित भी किया. यह बिल्कुल ग़लत है और अनैतिक है. यह आचार संहिता का खुला उल्लंघन है.”

    “उनकी यात्रा के हर मिनट के बारे में लोगों को बताया जा रहा है, जिसका मकसद कहीं न कहीं वोटरों को प्रभावित करना है. बैकग्राउंड में मोदी-मोदी के नारे सुनने को मिल रहे हैं.”

    प्रधानमंत्री शनिवार को केदारनाथ की यात्रा पर गए थे, जहां उन्होंने करीब 17 घंटा बिताए. वहां उन्होंने पूजा की और गुफा में ध्यान लगाया.
    यहां उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “जिस गुफा मे रह रहे थे, उसके ठीक सामने वो 24 घंटे शिव जी के दर्शन कर सकते थे. एक प्रकार से मैं वर्तमान में हिंदुस्तान के वातावरण से पूरी तरह दूर था, अलग था. यहीं खोया हुआ था. किसी के साथ संपर्क में नहीं था.”

    “यहां जो हमारे विकास का जो मिशन है, वो है प्रसूति, पर्यावरण और पर्यटन. मेरी कोशिश है कि यहां तक लोगों को पहुंचने में परेशानी न हो, इस दिशा में सरकार काम करने को प्रतिबद्ध है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विकास का जायजा लेते रहता हूं.”

    तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने पत्र में चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर नज़र रखने वाली सर्वोच्च संस्थान भारतीय चुनाव आयोग आचार संहिता के उल्लंघन के इस मामले में आंख मूंदे है.

    “मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले मे त्वरित कार्रवाई और यात्रा के प्रसारण पर रोक लगाई जाए.”
    केदारनाथ की यात्रा के दौरान पत्रकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूछा कि क्या वो चुनावों में जीत की कामना करने वहां पहुंचे हैं?
    इस सवाल पर नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं कभी भी कुछ नहीं मांगता. और मांगने की प्रवृति से मैं समहत भी नहीं हूं क्योंकि उसने (भगवान ने) आपको मांगने योग्य नहीं बनाया है बल्कि देने योग्य बनाया है.”

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग को केदारनाथ यात्रा की इजाजत देने के लिए धन्यवाद कहा है. रविवार को प्रधानमंत्री केदारनाथ की यात्रा पर निकले हैं.

  • आतंकी गोडसे को देशभक्त बताने पर भड़के मोदी,कहा- साध्वी प्रज्ञा को कभी माफ नहीं करूंगा

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर दिए गए साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर बवाल जारी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर बड़ी टिप्पणी की है. पीएम मोदी ने कहा कि भले ही साध्वी प्रज्ञा ने माफी मांग ली हो लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी माफ नहीं कर पाउंगा.

    लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण के मतदान से पहले भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया, जिसपर बवाल हो गया था. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर अपनी पहली प्रक्रिया दी है. पीएम मोदी ने कहा है कि भले ही उन्होंने इस मुद्दे पर माफी मांग ली हो, लेकिन वह उन्हें अपने मन से कभी माफ नहीं कर पाएंगे.

    भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान जारी किया गया. प्रधानमंत्री ने कहा है कि महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे को लेकर जो भी बातें की गईं हैं, वो भयंकर खराब हैं.

    PM मोदी ने दो टूक कहा कि ये बातें पूरी तरह से घृणा के लायक हैं, सभ्य समाज के अंदर इस प्रकार की बातें नहीं चलती हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भले ही इस मामले में उन्होंने (साध्वी प्रज्ञा, अनंत हेगड़े) माफी मांग ली हो, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी भी माफ नहीं कर पाऊंगा.

    साध्वी प्रज्ञा और अनंत हेगड़े के बयान से हुई थी BJP की किरकिरी

    आपको बता दें कि मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने गुरुवार को एक बयान में कहा था कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे. जिसपर भारतीय जनता पार्टी की किरकिरी हुई थी और पूरे विपक्ष ने भाजपा को आड़े हाथों ले लिया था. किरकिरी के बाद साध्वी प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी, लेकिन तबतक विवाद गहरा चुका था. पहले अमित शाह का बयान आया और फिर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान दिया है.

    इतना ही नहीं मोदी कैबिनेट के मंत्री अनंत हेगड़े ने भी ट्वीट कर साध्वी प्रज्ञा का बचाव किया था और कहा था कि इस समय चल रही सार्थक बहस से नाथूराम गोडसे को खुशी होगी. लेकिन बाद में वह भी अपने बयान से पलटे और कहा कि उनका ट्विटर किसी ने हैक कर लिया था.

    राहुल गांधी ने भी किया ट्वीट

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि आखिरकार उन्हें बीजेपी और आरएसएस के बारे में पता लग गया है, वो लोग भगवान को चाहने वाले नहीं, बल्कि नाथूराम गोडसे को चाहने वाले हैं.

    अमित शाह ने भी किया एक्शन का वादा

    भाजपा की लगातार हो रही किरकिरी के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर इन बयानों से किनारा किया और कहा कि ये उनके निजी बयान थे, पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है. शाह ने लिखा कि बीजेपी की अनुशासन समिति उनके खिलाफ एक्शन लेगी.

    सिर्फ साध्वी प्रज्ञा और अनंत हेगड़े ही नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अनिल सौमित्र ने भी ऐसा ही बयान दिया था. उन्होंने महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बता दिया था, जिसपर एक्शन लेते हुए बीजेपी ने उन्हें पार्टी से ही सस्पेंड कर दिया है.

  • PM मोदी के साथ ही राहुल गांधी ने भी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, सवालों की कर दी बौछार

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव 2019 के 7वें चरण का मतदान 19 मई को होगा, इस बीच पीएम मोदी और राहुल गांधी ने एक साथ प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर सभी को चौका दिया। एक तरह जहां पीएम मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी तो दूसरी राहुल गांधी उनके ताबड़तोड़ सवाल दाग रहे थे। राहुल ने दो टूक सवाल किया कि आपने मुझसे राफेल के मुद्दे पर बहस क्यों नहीं की?

    -दरअसल, चुनाव प्रचार खत्म होने से ठीक पहले BJP अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। पिछले पांच साल में ये पहला मौका था जब पीएम किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे थे। जब PM की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी तब दूसरी ओर राहुल गांधी की भी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई। पीसी शुरू होते ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आज पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, वेरी गुड।

    -राहुल ने कहा कि चुनाव नतीजों से पांच दिन पहले प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, बहुत अच्छा है, लेकिन मुझे पता लगा है कि वह खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर रहे हैं, वह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद हैं, लेकिन वहां पर तो दरवाज़ा ही बंद कर दिया गया है, कुछ पत्रकारों को तो घुसने भी नहीं दिया जा रहा है।

    -ना सिर्फ राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया, बल्कि उन्होंने ‘बादल’ वाले बयान पर भी कमेंट किया। राहुल ने कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के मुद्दे पर जब प्रधानमंत्री से सवाल हुआ तो वह बादलों की बात कर रहे हैं। वाह, वेरी गुड प्रधानमंत्री जी।

    -राहुल बोले कि मैं तो 2-3 पत्रकार भेजने वाला था लेकिन पता लगा वहां पर दरवाज़ा बंद है। मैं प्रधानमंत्री से सवाल पूछना चाहता हूं कि PM जी, आपने मुझसे राफेल के मुद्दे पर बहस नहीं की। आप अभी पीसी कर रहे हैं, मैंने आपको चैलेंज दिया, अनिल अंबानी के मुद्दे पर सवाल पूछा। आप आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं तो देश को बता दीजिए कि आपने मेरे साथ डिबेट क्यों नहीं की।

    -राहुल से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी एक बार फिर सत्ता में आने वाली है और नई सरकार नए रूप से अपना काम शुरू करेगी। पीएम मोदी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ बयान जारी किया, लेकिन उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। प्रधानमंत्री से जो सवाल किया गया, उसका जवाब भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दिया।

  • 5 साल में PM मोदी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस,मोदी के बदले अमित शाह दिए जवाब

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:साल 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उनके साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी उनके साथ मौजूद रहे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने दोबारा पूर्ण बहुमत सरकार बनाने का दावा किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय के बाद देश में दोबारा पूर्ण बहुमत से सरकार आएगी.

    उन्होंने कहा, पिछले 2 चुनावों में आईपीएल तक नहीं हो पाया था. जब सरकार मजबूत हो तो आईपीएल, रमजान, स्कूल एग्जाम सब शांतिपूर्ण तरीके से हुआ. पीएम ने पूर्ववर्ती सरकार पर तंज कसते हुए 17 मई को देश में ईमानदारी की शुरुआत हुई थी. सट्टा बाजार सत्ताखोरों के पक्ष में माहौल बनाता था लेकिन 17 मई को वह सब खत्म हो गया. पीएम ने कहा, जल्द से जल्द नई सरकार अपना काम शुरू करेंगी. हमने आखिरी शख्स तक योजनाओं का फायदा पहुंचाया.

    अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा कि 2019 में जनता फिर मोदी सरकार बनाने जा रही है. हमने सभी चुनावों में सफलता हासिल की है. अमित शाह ने कहा कि बीजेपी की योजनाओं ने 50 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया. बीजेपी चीफ ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने कार्यकाल में 133 योजनाएं लाई, जो गेमचेंजर साबित हुईं.

    अमित शाह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के विकास अजेंडे ने भारत को बदल दिया है. हमें पूरा विश्वास है कि दोबारा सरकार बनेगी. उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने महिलाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस किया. 5 साल के दौरान न तो महंगाई बढ़ी और न ही भ्रष्टाचार हुआ. बीजेपी ने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए बहुत मेहनत की.

    अमित शाह ने कहा कि 2014 में जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया. हमें भरोसा है कि जनता इस बार और बड़ा जनादेश देगी.बीजेपी चीफ ने कहा, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा बड़े मुद्दे थे, जिन पर सरकार फोकस कर रही है. शाह ने कहा कि 16 जनवरी को हमने चुनावी कैंपेन की शुरुआत की थी. हमारा टारगेट उन 120 लोकसभा जीतने का है, जो पार्टी पिछली बार नहीं जीत पाई थी. शाह ने कहा कि हमारी 2014 में 6 राज्यों में सरकार थी. अब हमारी 16 राज्यों में सरकार है. एनडीए दोबारा सरकार बनाएगी और नरेंद्र मोदी फिर प्रधानमंत्री बनेंगे.

    (इनपुट आजतक)

  • अंतिम चरण तक यह कोशिश जारी रहे

    (नजरिया:डॉक्टर मोहम्मद मंजूर आलम)
    आम चुनाव लगभग पूर्ण होने वाला है छ: चरणों के चुनाव हो चुके हैं अंतिम चरण की पोलिंग 19 मई को बाकी रह गई है इसके बाद 23 मई को परिणाम हमारे सामने होगा परिणाम कैसा होगा किसकी हार और किसकी जीत होगी हिंदुस्तान को एक नई सरकार मिलेगी या पुराने लोग ही सत्ता में बरकरार रहेंगे इस हवाले से 23 मई को सब कुछ साफ हो जाएगा तजुर्बे और सर्वे लगातार आ रहे हैं अपने अपने एतबार से सभी बता रहे हैं कि 23 मई को क्या होगा?
    देश को तहसील सरकार मिलेगी सरकार की गठन में किन लोगों का रोल होगा ? उन सबके बीच अभी आखिरी चरणों का चुनाव बाकी है जिस पर ध्यान केंद्र करने की जरूरत है और एक बार फिर जा जा जा लेना और जानना जरूरी है कि 5 साल कैसा रहा क्या 5 साल हिंदुस्तान समेत दुनिया भर में मुद्दा बहस बना रहा इन 5 सालों में ऐसा क्या हुआ कि देश समेत पूरे दुनिया में हिंदुस्तान की चिंताएं बढ़ गई है

    पिछले 5 सालों के दौरान पूरे देश में खौफ,दहशत और नफरत का माहौल हावी रहा ऐसे माहौल की सरकार सरबराहों की तरफ से हौसला अफजाई की गई नफरत पसंद और दहशतगर्दी की हौसला अफजाई की गई सरकारी सतह पर सिद्दत पसंद अनासिर की पस्त पनाही हुई देश में लॉ एंड ऑर्डर का मजाक रहा जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली सरकार देखने को मिली

    मुसलमानों,दलितों ,आदिवासियों और कमजोरों का सरेआम कत्ल किया गया इन्हें मारा गया कभी किसी चीज का बहाना बनाकर और कभी बगैर किसी बहाना के भीड़ ने कत्ल कर दिया क्राइम की खुद ही वीडियो बनाई और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर के सबूत पेश किया कि हमने ऐसा किया है लेकिन इसके बावजूद अफसर और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और इसके रोकथाम के लिए कोई ध्यान नहीं दि गई

    देश ने किसानों पर हमला हुआ उनके मामले हल करने पर कोई ध्यान नहीं दी गई कुछ खास मालदारों, व्यवसायियों, और कारपोरेट घराने के लिए खजाना की पूरी तिजोरी खोल दिए गई उनकी बिजनेस को अधिक फायदा देने के लिए सरकार ने अनुबंध परिवर्तन कर दिया नोटबंदी जीएसटी समेत कई महत्वपूर्ण फैसला लिया लेकिन गरीब किसानों की भलाई बेहतरी और कामयाबी के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया मजबूर होकर जब देशभर के किसानों ने विरोध शुरू किया अपना हक लेने के लिए धरना दिया तो सरकार ने उन पर लाठियां बरसाई इन्हें खौफजदा करके देख बेबसी और मजबूरी के आलम में रहने पर ही मजबूर कर दिया

    हिंदुस्तान के इतिहास का यह पहला मौका है जब संवैधानिक संस्थान गंभीर संकट से दो-चार हुए है सुप्रीम कोर्ट और न्यायालय के अन्य संस्थान की आजादी खतरे में है सुप्रीम कोर्ट इसका इजहार कर चुका है न्यालय पर दबाव की कई शिकायतें भी सामने आ चुकी है सरकार न्यायालय की आजादी छीन कर रही है इसे अपनी मर्जी के मुताबिक फैसला करने पर मजबूर कर रही है सीबीआई वर्सेस सीबीआई की लड़ाई का मंजर भी हिंदुस्तान ने इन 5 सालों में देख लिया सीबीआई के नंबर वन और नंबर 2 डायरेक्टर ने एक दूसरे पर रिश्वतखोरी का इल्जाम लगाया और फिर सरकार ने सब खून मारकर एक ईमानदार अफसर को हटा करके अपनी मर्जी का फैसला लागू कर दिया आरबीआई की आजादी छीनने की कोशिश हुई और इसके निजाम में मोदी सरकार ने पूर्ण हस्तक्षेप की इलेक्शन कमिशन एक आजाद संस्था है लेकिन यहां भी मामला साफ नहीं है सरकारी दबाव उन पर डाला जा रहा है ऐसा लग रहा है कि इलेक्शन कमिशन बीजेपी की बी टीम बन कर उसे फायदा पहुंचाने का काम कर रही है चुनाव की तारीखों का जिस तरह ऐलान हुआ उसने वजह कर दिया कि किसी पार्टी का दबाव है या फिर उसे फायदा पहुंचाने की कोशिश है फर्ज का इस्तेमाल भी मोदी सरकार ने अपने सियासी फायदा के लिए करके दुनिया भर में हिंदुस्तान का सर झुका दिया है सभी देश की एक आर्मी होती है ढोढर की हिफाजत सुरक्षा और विदेशी हमलों से यही फौज हमें बचाती है इसे अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों का बखूबी इल्म होता है हिंदुस्तान की फौज सभी दिन से अपना कर्तव्य बखूबी निभा रही है और देश की तरफ उठने वाली हर एक गंदी आंख का हमारे नौजवान ने सख्त जवाब दिया है लेकिन 2019 में नरेंद्र मोदी साहब फौज की बहादुरी कोडी अपनी कामयाबी गिनाते हुए कहने लगे कि हमारी वजह से हुआ या फौज और उनके अधिकार की तोहीन है कर्तव्य पर सवालिया निशान लगाने के बराबर है पिछले 5 सालों में ऐसे मामलों की लंबी सूची है जिसमें सरकार ने देश के संवैधानिक और निजी संस्थानों पर हमला किया है

    इन्हें संविधान में प्राप्त सभी अधिकार और हक के मुताबिक काम करने से रोका गया है आर्थिक एतबार से देश कंगाल हो गया है जीडीपी की स्तर में कमी आ चुकी है रोजगार का अधिक संकट है शिक्षा बजट कम हो चुका है महंगाई आसमान छूने लगी है रेलवे का किराया जरूर बड़ा है लेकिन सहूलियत नहीं है महिलाएं सुरक्षित है महिलाएं और बच्चों के साथ क्राइम के मामले में वृद्धि हुई है कतली कथा गुंडागिरी बड़ी है और हिंदुस्तान की दुनिया के सामने या तस्वीर बन गई है कि हिंदुस्तान महिलाओं के लिए एक असुरक्षित देश है अल्पसंख्यकों को यहां बुनियादी हक हासिल नहीं है मुसलमानों दलितों आदिवासियों और ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है इन्हें तरह-तरह से परेशान किया जाता है संविधान और कानून नाम की कोई चीज नहीं पाई जाती है लॉ एंड ऑर्डर नहीं है ऐसे हालात देश में पहली बार पैदा हुए और इसी कारण से देश के लोगों में बीजेपी की वर्तमान सरकार के खिलाफ गम तथा गुस्सा और नाराजगी है

    बीजेपी की सरकार इससे पहले भी हिंदुस्तान में रह चुकी है अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री के पद पर रह चुके हैं लेकिन दोनों में जमीन आसमान का फर्क है बीजेपी सरकार में जो अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे तो लोगों ने संविधान के तय बेचैनी नहीं थी देश के दस्तूर और संविधान पर लोगों का भरोसा बरकरार था उन्हें इस बात का भरोसा था कि न्यायालय आजाद है इलेक्शन कमिशन किसी का तरफदार नहीं है सीबीआई और इस तरह के अन्य एजेंसियां सरकारी दबाव से सुरक्षित है देश में कानून का राज है लॉ एंड ऑर्डर बरकरार है इन दोनों खौफ और दहशत का मामला भी नहीं था हर तरह के खौफ और जुल्म ज्यादती से आजाद होकर लोग अपने
    जीवन जी रहे थे वाजपेई के जमाने में जो लोग सरकार चला रहे थे उन्हें भी देश के दस्तूर पर भरोसा था वह बाबा अंबेडकर के नेतृत्व में गठन पाने वाले संविधान के मुताबिक ही सरकार चलाना चाहते थे लेकिन बीजेपी की वर्तमान सरकार में इस तरह की कोई खूबी अब नहीं पाई जाती है यहां दस्तूर पर बिल्कुल भरोसा नहीं है संवैधानिक संस्थानों की खुद महतारी पर हमला प्रथम एजेंडा है मुसलमानों दलितों आदिवासियों और अन्य अल्पसंख्यकों को बुनियादी हक से महरूम करना और मनुस्मृति को लागू करना बुनियादी मकसद बना हुआ है जिससे लोगों मे अधिक बेचैनी है बेकरारी है और चिंताजनक है

    देश की यह शमा की सूरत हाल है जिसकी तब्दीली जरूरी है संविधान तीन नियम और दस्तूर पर भरोसा करने वालों के हाथों में देश देश की सत्ता स्थानांतरित होना देश की विकास और सुरक्षा का साक्षी है अब तक व्रत चुनाव से जो परिणाम सामने आ रहे हैं इससे यही मालूम हो रहा है कि लोगों ने बहुत सोच-समझकर वोटिंग की है चुनाव के दौरान एक एहसास और अच्छे नागरिक होने का सबूत पेश किया है अपने हक के लिए मतदान किया है अब अंतिम चयन बाकी रह गया है जिसमें 59 सीटों पर पोलिंग है उम्मीद नहीं है कि अन्य छह चरणों की तरह इस अंतिम चरण में भी लोग संवेदनशीलता का सबूत पेश करेंगे 6 चरणों की प्राइस और अंतिम चरण में भी पिछले 5 सालों में पेश आने वाले मामला यह अनुवाद दिमाग में तरोताजा रहेंगे सोच समझ कर मजबूत सुरक्षित और विकसित हिंदुस्तान के लिए अपने मतदान का प्रयोग करेंगे

    पहली बार मतदान का प्रयोग करने वाले इस अवसर पर ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं अच्छा भविष्य सफल जिंदगी और विकसित देश का सपना हच करने के लिए वोट दें क्योंकि लोकतंत्र में वोट से ही देश समाज और हालात की तस्वीर बदलती है वोट ही समाज की कामयाबी की राहें हम वार करता है उसे चरणो में जिस तरह बहुत सोच समझकर आप अपना वोट दिया है इसी होशियारी जिम्मेदारी बेदारी और पूरी संवेदनशीलता के साथ अंतिम चरणों के चुनाव में भी अपना वोट दें लोकतान्त्रिक सेकुलरिज्म और संविधान का पालन करने वाले को सत्ता तक पहुंचाएं उन लोगों को सबक सिखाएं जिन्होंने संविधान की धज्जियां उड़ाई है दस्तूर की धज्जियां उड़ाई है देश के अमन चैन को नुकसान पहुंचाया है बेगुनाहों मासूम गरीबों कमजोर और महिलाओं पर जुल्म सितम किया है अंतिम चरण के चुनाव में कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने के कोशिश में है देश के अमन को नुकसान पहुंचा करवा एक तरह का राजनीतिक फायदा हासिल करना चाहते हैं लेकिन आप होशियार रहें हिंसा और संप्रदायिकता से बचे ऐसी राजनीति करने वालों से अपना संबंध खत्म करें अमन बच्चन की बहाली में अपना किरदार अदा करें सेकुलर पार्टियों के जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों को कामयाब बनाएं सेक्युलर और हमदर्द सरकार के चुनाव के लिए 11 अप्रैल से जो सिलसिला शुरू हुआ है 19 मई को इसका शानदार अंत करें, हकदार,अमन पसंद, हमदर्द और सक्रिय नेता को अपना वोट देकर पार्लियामेंट पहुंचाएं

    (लेखक:प्रसिद्ध स्कॉलर और ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी हैं)

  • प्रियंका का तंज-आपने सबसे बढ़िया अभिनेता को PM बनाया,इससे अच्छा तो अमिताभ को बना देते

    मिल्लत टाइम्स,मिर्जापुर:कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को उत्तरप्रदेश केमिर्जापुर में कांग्रेस प्रत्याशी ललितेश त्रिपाठीके समर्थन में रोड शो और नुक्कड़ सभा की। इस दौरानप्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ”आपने दुनिया के सबसेबढ़िया अभिनेता को अपना पीएम बना दिया। इससे अच्छा तो आप अमिताभ बच्चन को ही प्रधानमंत्रीबनादेते, आपके लिए किसी को कुछ करना तो था नहीं।’

    प्रियंका ने कहा,”उनके अंदर किसान से बात करने की हिम्मत क्यों नहीं? क्योंकि, किसान के लिए कुछ नहीं किया। मैं तो कहती हूं वेनेता नहीं अभिनेता हैं। अब प्रचार का समय आया तो क्या करें, चुनाव का समय है कुछ न कुछ तो करना है।15 लाख रुपए देने का वादा किया था। बाद में उनके अध्यक्ष ने कहा कि यह तो चुनावी जुमला है।”

    किसान सम्मान योजना भाजपा की नई कहानी- प्रियंका

    कांग्रेस महासचिव ने केंद्र की किसान सम्मान योजना को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ”चुनाव आ गया तो भाजपा नेनई कहानीकिसानों के लिए बनाई। यह कहानी है किसान सम्मान योजना। आपके खाते में दो-दो हजार रुपए आएगा। कहां 15 लाख के सपने, कहां दो हजार की असलियत। दो हजार रुपए डाले, पिछले हफ्ते निकलना भी शुरू कर दिए।”
    प्रियंका ने जनसभा में खड़ी एकमहिला से पूछा कि आपके परिवार में कितने सदस्य हैं?उसने जवाब दिया- 10। एक रुपया एक के लिए। अब आप बताइए किसान सम्मान योजना है या अपमान योजना। एक रुपए एक सदस्य के लिए। प्रधानमंत्री की देन किसानों के लिए। इसे कहते हैं किसान सम्मान योजना।
    आखिरी चरण में उप्र की13 सीटों पर मतदान

    लोकसभा चुनाव के सातवें औरआखिरी चरण में पूर्वी उत्तरप्रदेश की 13 सीटों पर मतदान है। शुक्रवार कोचुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। मिर्जापुर के बाद प्रियंका कुशीनगर में भी कांग्रेस के वरिष्ठनेता और पूर्वकेंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह के समर्थन मेंरोड शो करेंगी। आरपीएन सिंहराहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।साल 2009 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने यहां से जीत दर्ज की थी।

    वहीं, मिर्जापुर से कांग्रेस ने ललितेश त्रिपाठी परदांव लगायाहै। यहां ललितेश का सीधा मुकाबला गठबंधन के प्रत्याशीरामचरित्र निषाद और एनडीए प्रत्याशीऔर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से है।

    (इनपुट भास्कर)

  • UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 23 मई को गैर-एनडीए दलों की बुलाई बैठक

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने गैर-एनडीए दलों को 23 मई को बैठक के लिए बुलाया है। इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित होने हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक,कांग्रेस का मानना है कि भाजपा को इस बार बहुमत नहीं मिलेगा। इसी के मद्देनजर यूपीए प्रमुख ने सेक्युलर पार्टियों के नेताओं को निमंत्रण भेजा है। इनमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, राजद और टीएमसी के नेता शामिल हैं।

    इस मामले को संभालने के लिए कांग्रेस नेचार नेताओं की टीम बनाई है। इसमें अहमद पटेल, पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत का नाम है। दरअसल, कांग्रेस दूसरी पार्टियों के नेताओं के बदलते रवैये पर लगातार नजर बनाए हुए है। इनमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव (केसीआर) का नाम शामिल है।

    तीसरे मोर्चे को लेकर केसीआर ने की थी स्टालिन-विजयन से मुलाकात

    राव ने केरल के मुख्यमंत्री पी.विजयन और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात की थी। इसका उद्देश्य तीसरे मोर्चे की सरकार के गठन पर चर्चा करना था।रिपोर्ट्स तो यह भी है कि मुख्यमंत्री राव और वायएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगमोहन रेड्डी को भी यूपीए प्रमुख ने निमंत्रण भेजा थाहालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है। केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) ने यह भी कहा था कि तीसरे मोर्चे की सरकार के गठन के लिए हम कांग्रेस का साथ ले सकते हैं, लेकिन राहुल गांधी को नेतृत्व सौंपने पर पार्टी को ऐतराज है।

    कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी प्रधानमंत्री पद को लेकर बहुत ज्यादा उत्सुक नहीं है। यह पद सरकार बनाने के पार्टी के प्रयासों के बीच नहीं आएगा।

    भाजपा अपने वादों को पूरा करने में असफलहुई- तेजस्वी

    राजद नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा है कि नई सरकार के गठन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्य भूमिका निभाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा अपनेवादों को पूरा करने में असफल हुई है। इन पर कोई सवाल न उठे, इसलिए समाज में नफरत की राजनीति कर रही है।बिहार में राजद, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। तेजस्वी का दावा है कि यह महागठबंधन कोप्रदेश में जीत मिलेगी।

    (इनपुट भास्कर)

  • गोडसे के बयान पर प्रज्ञा ने माफी मांगी,कहा-गांधीजी ने जो किया,वह भुलाया नहीं जा सकता

    मिल्लत टाइम्स,इंदौर:भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे पर दिए बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि अगर बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो मैं उसके लिए माफी मांगती हूं। प्रज्ञा ने कहा कि गांधीजी ने जो देश के लिए किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। उनके बयान पर चुनाव आयोग ने भी शुक्रवार तक रिपोर्ट मांगी है। प्रज्ञा से मक्कल निधि मैयम के अध्यक्ष और दक्षिण के सुपर स्टार कमल हासन के बयान पर सवाल पूछा गया था। कमल हासन ने नाथूराम गोडसे को पहला हिंदू आतंकवादी कहा था। हालांकि, भाजपा ने प्रज्ञा के बयान से दूरी बनाते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

    प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर कहा- यह मेरी निजी राय थी। मेरा इरादा किसी की भावनाएं भड़काने का नहीं था। अगर मैंने किसी को आहत किया हो तो उसके लिए माफी मांगती हूं। मेरे बयान को मीडिया ने तोड़ा-मरोड़ा।

    प्रियंका ने कहा- प्रत्याशी से दूरी बना लेना काफी नहीं

    आगर-मालवा में चुनाव प्रचार के लिए पहुंची प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि गोडसे सबसे बड़े देशभक्त थे और जो लोग उन्हें आतंकवादी कहते हैं, वे अपने गिरेबां में झांककर देखें।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्राने प्रज्ञा के बयान को लेकर भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया- अपने प्रत्याशी से दूरी बना लेना काफी नहीं है। भाजपा के राष्ट्रवादी दिग्गजों में अगर दम हो तो अपना नजरिया स्पष्ट करें।

    हम प्रज्ञा के बयान से सहमत नहीं- भाजपा

    जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि भाजपा साध्वी प्रज्ञा के इस बयान से सहमत नहीं है। हम इसकी निंदा करते हैं। पार्टी उनसे इस बारे में स्पष्टीकरण मांगेगी और उन्हें इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

    गोडसे का महिमामंडन देशद्रोह है- दिग्विजय सिंह
    दिग्विजय सिंह ने कहा- मोदीजी, अमित शाहजी और भाजपा की राज्य इकाई को इस पर अपना बयान देना चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए। मैं इस बयान की निंदा करता हूं। नाथूराम गोडसे एक हत्यारा था। उसका महिमामंडन करना देशभक्ति नहीं है, यह देशद्रोह है।

    हेमंत करकरे पर भी दिया था विवादित बयान

    इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने अयोध्या में राम मंदिर और महाराष्ट्र के शहीद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर भीबयान दिया था। साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि हेमंत करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा और मेरे जेल जाने के करीब 45 दिन बाद ही वह 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का शिकार हो गए।

    प्रज्ञा का मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह है। भोपाल ससंदीय सीट पर 12 मई को मतदान हो चुका है। अब अंतिम चरण चरण यानी 19 मई को प्रदेश के मालवा-निमाड़ की 8 सीटों पर मतदान है।