Category: चुनाव

  • बिहार:कांग्रेस के दिग्गज नेता शकील अहमद ने दिया इस्तीफा,मधुबनी से निर्दलीय किया नामांकन

    मिल्लत टाइम्स,मधुबनी।:पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद ने बागी तेवर अख्तियार कर लिया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही मंगलवार को मधुबनी लोकसभा क्षेत्र से नामांकन की घोषणा करने के बाद आज उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।

    विदित हो कि लोकसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में हुई सीट शेयरिंग में मधुबनी सीट विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के खाते में गई है। यहां वीआइपी के बद्री पूर्वे महागठबंधन के अधिकृत प्रत्‍याशी हैं। लेकिन डॉ. शकील अहमद ने भी यहां से नामांकन करने की घोषणा की थी।

    डॉ. शकील अहमद का तर्क है कि महागठबंधन के तहत सुपौल कांग्रेस के हिस्से में है, लेकिन वहां कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत रंजन के विरुद्ध राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के एक नेता ने निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया और राजद ने उसका समर्थन भी कर दिया है। इसी तरह उन्‍हें भी मधुबनी में कांग्रेस के समर्थन की उम्‍मीद है।

    डॉ. शकील अहमद ने कहा कि उन्‍होंने क्षेत्र की जनता, कांग्रेसजनों और समाज के विभिन्न तबकों के दबाव पर चुनाव लडऩे का फैसला किया है। डॉ. शकील अहमद ने एक ट्वीट भी किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि वे कल मधुबनी संसदीय सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह जानकारी भी दी है कि उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा कर दिया है।

  • 5 साल में दोगुनी हुई राजनाथ की संपत्ति,5.14 करोड़ चल-अचल संपत्ति हुई,बंदूकों का भी शौक

    मिल्लत टाइम्स,लखनऊ:गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लखनऊ लोकसभा सीट से पर्चा भरा। वे दूसरी बार यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है।नामांकन भरने से पहले सिंह ने लखनऊ में लंबा रोड शो निकाला। पिछले पांच सालों में राजनाथ सिंह की संपत्ति दोगुनी हो गई। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के मुताबिक, उनके मकान की कीमत में 40 लाख रु की कमी आई है।राजनाथ को असलहोंका भी शौक है।

    हलफनामे के मुताबिक,राजनाथ के पास 1.64 करोड़ रुऔर उनकी पत्नी के पास 53 लाख रु की चल संपत्ति है। सिंह के पास 2.97 करोड़ रु की अचल संपत्ति है। इस तरह कुल संपत्ति 5 करोड़ 14 लाख 92 हजार 709 रुहै। राजनाथ के पास नकद 68 हजार रु जबकि पत्नी के पास 37 हजार रुहैं। राजनाथ सिंह का कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।

    पत्नी के पास 35 लाख के जेवरात
    राजनाथ सिंह के लखनऊ स्थित 5 बैंक खातों में 91 लाख 38 हजार 667 रु जमा हैं, जबकि दो बैंकों में 7 एफडी के खाते हैं। जिसमें 67.4 लाख रुजमा हैं। उनके औरपत्नी के पास 35 लाख 50 हजार रुकीमत के जेवरात मौजूद हैं। राजनाथ सिंह के पास 1.47 करोड़ रुकी पैतृक संपत्ति भी है।

    राजनाथ के पासरिवॉल्वर औरबंदूक भी
    राजनाथ सिंह को हथियारों का भी शौक है। उनके पास 32 बोर की एक रिवाल्वर है, जबकि एक दो नाली बन्दूक भी है। राजनाथ सिंह का आवास लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में है। जिसकी वर्तमान कीमत उन्होंने 1 करोड़ 50 लाख रुबताई है।इससंपत्ति की कीमत 2014 के हलफनामे में 1 करोड़ 90 लाख थी। राजनाथ सिंह के ऊपर कोई देनदारी भी नहीं है।

    2014 में कुल संपत्ति 2.9 करोड़ थी
    राजनाथ सिंह ने 2014 में दिए गए हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 2 करोड़ 92 लाख 40 हजार 729 रुपए बताई थी। इस तरह उनकी संपत्ति पिछले पांच साल में दोगुनी हो गई है। 7 बैंक खातों में 56 लाख 6 हजार 858 रुजमा थे। जबकि 30 लाख 80 हजार रु केजेवरात थे।

    राजनाथ के खिलाफ शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी उम्मीदवार

    सपा-बसपा गठबंधन ने भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुएशत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को लखनऊ से उम्मीदवार बनाया है। पूनम मंगलवार को ही सपा में शामिल हुईं।

    (इनपुट भास्कर)

  • ऑनलाइन फंड जुटा रहे प्रत्याशी,कन्हैया कुमार को 5500 लोगों ने 70 लाख रुपए दिए

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:कोलकाता.लोकसभा चुनाव में फंड जुटाने के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन क्राउड फंडिंग का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑनलाइन फंड जुटाने के मामले में बिहार के बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार, नागपुर से कांग्रेस उम्मीदवार नाना पटोले, दिल्ली में आप के राघव चड्ढा, प. बंगाल में रायगंज सीट से सीपीआई (माले) के मोहम्मद सलीम जैसे बड़े नेता भी शामिल हैं।

    भारत में 2017 से क्राउड फंडिंग की शुरुआत हुई
    यूरोप में चुनाव से पहले ऑनलाइन क्राउड फंडिंग काफी लोकप्रिय है। भारत में पहली बार 2017 में मणिपुर में फंडिंग किया गया था। अफ्स्पा के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली इरोम शर्मिला ने अपनी पार्टी पीपल्स रिसर्जेंस और जस्टिस अलायंस के लिए क्राउड फंडिंग से 4.5 लाख रुपए जुटाए थे। इसके बाद से इंटरनेट के जरिए पैसे जुटाने के चलन की भारत में शुरुआत हो गई।

    ऑनलाइन क्राउड फंडिंग के मुताबिक, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने 5,500 से ज्यादा लोगों से 70 लाख रु. फंड जुटाया है। आप के पूर्वी दिल्ली से लोकसभा उम्मीदवार अतिशी मर्लेना को अब तक 50 लाख रुपए मिले हैं। आंध्र प्रदेश के परचुर क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार पेदापुदी विजय कुमार इस लिस्ट में तीसरे नंबर हैं। उन्होंने 1,90,000 रु. जुटाए हैं। माकपा के दिग्गज नेता मोहम्मद सलीम ने 1,40,00 रु. जुटाए हैं।

    कन्हैया कुमार के चुनावी कैंपेन के प्रमुख रेजा हैदर ने बताया कि हमने लोकसभा चुनाव के लिए क्राउड फंडिंग से पैसे जुटाने का निर्णय लिया। हम इसे पूरी तरह पारदर्शी रखना चाहते हैं। लोगों के घर-घर जाकर उनसे मदद मांगना लेफ्ट पार्टियों में आम है। ऑनलाइन क्राउड फंडिंग से पैसे जुटाना आसान है और इससे आप कम समय में अधिक पैसे जुटा सकते हैं।

    सलीम ने कहा कि वह पहली बार क्राउड फंडिंग से पैसे जुटा रहे हैं। देश और विदेशों में रहने वाले दोस्त और शुभचिंतक कैंपेन के लिए फंड दे रहे हैं। आवर डेमोक्रेसी डॉट इन ऑनलाइन क्राउड फंडिंग की लोकप्रिय वेबसाइट है। यह 40 प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और इसने 17,000 लोगों से 1.4 करोड़ रु. जुटाए हैं।

    वेबसाइट के फाउंडर आनंद मंगनाले ने बताया कि अब तक, हमने लगभग 1.4 करोड़ रु. तक जुटा लिए हैं। इसमें पारदर्शिता बनाए रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर ट्रांजेक्शन का हम हिसाब देते हैं, चाहें वह 100 रुपए का हो या 5000 रु का। अगर आप 100 रु. भी दान करते हैं तो आपको मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कराना होता है। हम अच्छी तरह से जांच के बाद ही डोनेशन लेते हैं। हर डोनेशन पर हम पांच फीसदी मुआवजा लेते हैं।

    आजादी के बाद, लेफ्ट के साथ ही कई पार्टियां आमजन के घर जाकर पैसे दान के रूप में लेती थी। लेकिन, कॉर्पोरेट फंडिंग के बाद से यह धीरे-धीरे खत्म हो गया। बसपा के उम्मीदवार पेदापुदी विजय कुमार का कहना है कि भारत में चुनावी फंडिंग काले धन से हो होती रही है। लेकिन, ऑनलाइन क्राउड फंडिंग पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है।

    वेबसाइट के मुताबिक, कॉर्पोरेट हाउस राजनीतिक पार्टियों को चंदा देते हैं और उन्हें बदले में अपने फायदे वाली सरकारी नीतियां बनाने के लिए कहती हैं। यह प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए खतरा है।

    (इनपुट भास्कर)

  • महागठबंधन मे लड़ाई,RJD का कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत रंजन के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन

    मिल्लत टाइम्स,बिहार:सुपौल में महागठबंधन की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है. राजद और रंजीत रंजन के बीच जारी विवाद अब सतह पर आता नजर आ रहा है. राजद ने एक ओर अपने निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश यादव को समर्थन देने की औपचारिक घोषणा कर दी है. इसकी वजह से रंजीता की राह और भी मुश्किल होती जा रही हैं. दरअसल, राजद की मांग थी कि पप्पू यादव मधेपुरा से महागठबंधन के प्रत्याशी शरद यादव के खिलाफ अपना नामांकन वापस लें, तभी सुपौल में कांग्रेस प्रत्याशी और उनकी पत्नी रंजीता रंजन को राजद अपना समर्थन देगा.

    मालूम हो कि सोमवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी. इसके बावजूद भी पप्पू यादव ने मधेपुरा से अपना नामांकन वापस नहीं लिया, जिससे राजद के तल्ख तेवर अब दिखने लगे हैं. राजद विधायक और जिला अध्यक्ष यदुवंशी यादव ने कहा कि राजद के निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश यादव ने उनसे समर्थन की मांग की है, जिसे एक बैठक के बाद निर्णय लेकर समर्थन कर दिया जाएगा.

    वहीं, पूरे चुनाव में राजद का कोई वरिष्ठ नेता आएगा या नहीं इस पर उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर ऊपर में आलाकमान को बता दिया गया है. अगर कोई आता है तो उसका विरोध राजद करेगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि 15 साल से राजद को रंजीता रंजन सौंपा गया है. अब इस प्रत्याशी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विधायक ने कहा कि एक और पप्पू यादव दो-दो हाथ करने की बात करते हैं और दूसरी ओर यहां पर समर्थन खोज रहे हैं, जो अब कतई बर्दाश्त नहीं है. यदुवंश यादव ने कहा कि जल्द ही बैठक कर इस बात का निर्णय कर लिया जाएगा कि राजद कार्यकर्ता दिनेश यादव जो कि निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं उन्हें समर्थन दिया जाय.