Author: M Qaisar Siddiqui

  • अचानक रक्त दान स्थल बदलने जाने के बावजूद सचिन पायलट के जन्मदिन पर फतेहपुर मे 250 से अधिक यूनिट रक्तदान।

    अशफाक कायमखानी।
    फतेहपुर (सीकर)।
    राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के तेयालिसवे जन्मदिन पर राजस्थान भर के अतिरिक्त लगते प्रदेशो मे जगह जगह उनके राजनीतिक समर्थकों व उनके चाहने वालो ने कोराना काल मे रक्त की कमी को भांपकर जगह जगह रक्दान शिविर लगाकर रक्त दान करने के सिलसिले मे सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे मे पहले से तय रक्त दान स्थल सरकारी धानुका अस्पताल प्रशासन द्वारा उक्त स्थल उपलब्ध करवाने को लेकर पहली रात अचानक नो बजे मना करने के बावजूद पायलट के नजदीक माने जाने मोहम्मद शरीफ ने अपने निवास स्थान पर आज पुख्ता इंतेजाम करके रक्तदान शिविर लगाकर उसमे 250 से अधिक यूनिट रक्तदान करवाने के बाद क्षेत्र मे अनेक तरह की राजनीतिक चर्चाओं चलने लगी है।

    उक्त रक्त दान शिविर संयोजक मोहम्मद शरीफ ने बताया कि खासतौर पर क्षेत्र के युवाओं मे सचिन पायलट के जन्मदिन पर रक्त दान करने को लेकर काफी उत्साह था लेकिन अचानक स्थल बदले जाने पर आई अड़चनो को पार करके भी शिविर में 250 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। काफी अन्य ओर लोग रक्त दान करना चाहते थे पर वो स्थल बदलाव के कारण बने हालात के कारण कर नही पाये।

    इस रक्त दान शिविर के अवसर पर हाजी हुसैन खाँ, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश भाकर, आसिफ जलालसर, लियाकत खाँ फोरेस्टर, आरीफ खाँ सरपंच, एडवोकेट नयूम हुसैन, मुबारिक खाँ गारिन्डा, रफीक खाँ सामदखानी, मुबारिक अली जाजोद, अय्यूब खाँ बलोदी, असलम खाँ, गोविन्द ढाका, नरेन्द्र झुरीया, पार्षद सुरेश चिरानिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिविर में गेटवेल ब्लड बैंक सीकर की टीम ने सेवाएं दी।

    एन वक्त पर शिविर का स्थान बदला राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया।

    शिविर संयोजक मोहम्मद शरीफ के अनुसार स्थानीय राजनैतिक दबाव के चलते प्रशासन ने एन वक्त पर रात्री नो बजे पहले से मिली इजाजत अनुसार धानुका अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तय रक्त दान शिविर का आयोजन करने से मना कर दिया। शरीर के मुताबिक रात्रि नौ बजे अस्पताल प्रभारी एसएन सबल ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में शिविर का आयोजन नहीं हो सकता। कारण पूछने पर बताया कि हम मजबूर है हमारी नोकरी का सवाल है। युवाओं की काफी समझाइस के बाद भी बात नहीं बनी, सूचना पर शहर कोतवाल उदयसिंह यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। एन वक्त पर शिविर को मोहम्मद शरीफ को अपने निवास पर शिफ्ट करना पड़ा। शिविर में सैनिटाइजर ओर मास्क वितरण भी किया गया तथा कोरोना गाइड लाइन का पूरा खयाल रखा गया।

  • शहीद को राजकीय सम्मान से दी अंतिम विदाई,हर आंख नम, फिर भी देश सेवा का दिखा जज्बा

    झुंझुनूं।जिले का एक ओर लाडला शनिवार को देश सेवा के लिए अपना इतिहास रच गया। सैनिकों और शहीदों के इस जिले की वीर गाथा आज देश में किसी से छिपी हुई नहीं है। जब देश सेवा की बात आती है तो झुंझुनू जिले का नाम बडे फर्क और सम्मान से लिया जाता है और यह संभव होता है यहां के जाबाज लाडलों की बदौलत। ऐसा ही इतिहास को दोहराता हुआ जिले का एक ओर बेटा शनिवार को अंतिम विदाई ले गया।शनिवार को जिले के उदयपुरवाटी तहसील के हुक्मपुरा गांव के लाडले नायब सुबेदार शहीद समशेर अली खान को सुपुर्द ए खाक किया गया। जैसे ही शहीद का प्रार्थिव देह गुढागौडजी कस्बें पंहुचा वहां गगनभेदी नारों के बीच लोगों ने नम आखों से अपने लाडले के अंतिम दर्शन किये।

    यहां से युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाल कर अपने लाडले को सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव तक लेकर गयें। इस दौरान देश भक्ति से ओत-प्रोत नारों से माहौल्ल देशभक्तिनुमा बन चुका था। जैसे ही बेटे का शव घर के आंगन पंहुचा वैसे ही वहा पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका था, वहां खडे हर व्यक्ति की आंख नम थी, परन्तु ऐसे दुख के माहौल्ल में भी देश सेवा के लिए लगाए जा रहे नारों से यह साफ नजर आ रहा था कि दुख की घडी में भी यहां के लोग देश सेवा के जज्बें को हमेशा सजोकर रखते है।

    सामाजिक रिवाजों के बाद शहीद की अंतिम विदाई की गई। यहां पर शहीद के पिता को तिरंगा भेट किया गया तथा सेना व पुलिस की टूकडी की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी प्रार्थिव देह पर वहां उपस्थित लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित किये। *यह रहे उपस्थित*: शहीद को अंतिम विदाई देने वालों में जिले के सांसद नरेन्द्र कुमार, जिला कलेक्टर उमर दीन खान, पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, विधायक राजेन्द्र गुढा,एसडीएम उदयपुरवाटी,फतेहपुर विधायक, सीकर नगर परिषद सभापति, सैनिक कल्याण अधिकारी कमाण्डर परवेज अहमद, नवलगढ डीवाईएसपी, करणी सेना शेखावाटी प्रभारी गोविंदसिंह सुलताना,जिलाध्यक्ष गिरवरसिंह तंवर सहित बडी संख्या में जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। *यहां हुऐ शहीद*:42 वर्षीय समशेर अली वर्तमान में अरूणाचल प्रदेश के टंेगा में 24 ग्रेनेडियर यूनिट में तैनात थे। वे 9 अप्रेल 1997 को जबलपुर में सेना में भर्ती हुए थे।वे भारत-चीन सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हुए। वे उनकी प्रार्थिव देह शनिवार को उनके पैतृक गांव पंहुची,जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनको सुपुर्द ए खाक किया गया। *यह है परिवार* परिवार में शहीद के पिता सलीम अली,मां नथी बानो, पत्नी सलमा बानो,दो बेटे एक 16 वर्षीय आलम शेर व दूसरा 12 वर्षीय गुलशेर तथा आठ साल की बेटी शाहीन है,तीनों बच्चे अभी पढाई कर रहे है। *चार पीढी से कर रहे है देश सेवा* : समशेर अली अपने तीन भाईयों में सबसे बडे थे। उनसे छोटा भाई जंगशेर अली भी सेना में सेवारत है। शहीद के परिवार की चार पीढियों सहित कुल 17 जने देश सेवा में है। इनमें से तीन रिटायर्ड हो चुके है। समशेर अली के पिता सलीम अली भी सेना में नायब सुबेदार के पद से रिटायर्ड है।सलीम के पिता फैज मोहम्मद भी फौज में सेवा दे चुके है व उनके पिता बागी खां भी देश सेवा में रहे।

  • राजस्थान की गहलोत सरकार का अल्पसंख्यक विरोधी चेहरा एक दफा फिर बेनकाब हुवा।

    मुख्यमंत्री गहलोत व शिक्षा मंत्री डोटासरा के प्रति 2-सितम्बर 2020 के आदेश से अल्पसंख्यकों मे भारी आक्रोश।

    अशफाक कायमखानी।
    जयपुर।:राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व मे जब जब कांग्रेस सरकार बनी है तब तब अल्पसंख्यकों को उदासीन व उनके हको पर चोट पहुंचाने के अलावा उनके सम्बंधित सरकारी इदारों को पंगू बनाने के लिये लगातार एक के बाद एक प्रयास होते रहे है। अब जाकर मुख्यमंत्री गहलोत के साथ शिक्षा मंत्री गोविद सिंह डोटासरा ने भी अल्पसंख्यक विरोधी विचारधारा का खुला प्रदर्शन करते हुये उनके तहत आने वाले शिक्षा विभाग के निदेशक सौरभ स्वामी ने 2 सितंबर 2020 को एक आदेश जारी कर स्कूली शिक्षा मे इच्छुक स्टुडेंट्स के लिये तृतीय भाषा उर्दू, सिंधी, व पंजाबी भाषा के सरकारी स्कूलो मे पढने का रास्ता बंद कर दिया है।

    राजस्थान मे जारी नई शिक्षा नीती मे सरकार द्वारा किये जाने वाले बडे बडे दावो के विपरीत सरकार द्वारा जारी आदेश अनुसार स्टाफिंग पैटर्न 28 मई 2019 के प्रावधान अनुसार प्रत्येक राउप्रावि मे एक ही तृतीय भाषा का संचालन किया जा सकता है। इसमे तृतीय भाषा के किसी एक ही शिक्षक पद का प्रावधान है। इसी तरह साल 2004 के नियम मुताबिक़ प्रारंभिक कक्षाओं (6-8 कक्षाओं मे) किसी भी एक कक्षा मे दस विधार्थी होने पर तृतीय भाषा (उर्दू, सिंधी, पंजाबी) के शिक्षक का पद जिला शिक्षा अधिकारी स्वीकृत कर सकते थे। जिसके तहत उर्दू, पंजाबी व सिंधी भाषा के शिक्षकों के पद स्वीकृत होते थे। जो अब 2-सितम्बर 2020 के नये आदेश मुताबिक उक्त तरह के सभी पद समाप्त हो जायेगे। जिसकी शुरुआत झालावाड़ जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश से हो चुकी है।

    राजस्थान मे संस्कृत विषय को मेनस्ट्रीम (मुख्यधारा) का विषय माना जाता है। जिसके शिक्षक तो विधालय स्वीकृति के साथ ही अन्य विषयो के शिक्षक पदो के साथ स्वीकृत हो जाते है। जबकि तृतीय भाषा के तौर पर उर्दू, सिंधी व पंजाबी भाषा के शिक्षक 2004 के आदेश अनुसार स्वीकृत होते रहे है। अब तृतीय भाषा उर्दू, सिंधी व पंजाबी के शिक्षक पद उसी विधालय मे ही स्वीकृत हो पायेगे जहां शत प्रतिशत स्टुडेंट उसी भाषा को पढने वाले उस विधालय मे होगे।
    राजस्थान की कांग्रेस सरकार द्वारा तृतीय भाषाओ को सरकारी स्कूलो से समाप्त करने के लिये जारी 2-सितम्बर 2020 के आदेश के खिलाफ अल्पसंख्यक समुदाय मे गहलोत व डोटासरा के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त होना देखा जा रहा है। उर्दू शिक्षक संघ राजस्थान के अध्यक्ष आमीन कायमखानी सहित अनेक सामाजिक संगठनो ने उक्त आदेश के खिलाफ मजबूत आंदोलन छेड़ने का ऐहलान कर दिया है। इसके अतिरिक्त बसपा से कांग्रेस मे आये नगर विधायक वाजिब अली भी मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से उक्त मामले मे तूरंत सज्ञान लेकर मामले का हल निकालने की अपील की है।
    कुल मिलाकर यह है कि मुख्यमंत्री गहलोत व शिक्षा मंत्री के अलावा अचानक बने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद पर काबिज गोविंद डोटासरा को उक्त मामले पर तूरंत संज्ञान लेकर अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय पर रोक लगाने की तरफ बढना चाहिए। वर्ना राजस्थान भर मे उक्त आदेश को लेकर पनप रहे भारी आक्रोश को ठंडा करना मुश्किल हो सकता है।

  • मॉस्को से अचानक ईरान के लिए निकले राजनाथ सिंह, जानिए क्यों अहम है यह दौरा

    मास्को में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अचानक ईरान पहुंचने वाले हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी ट्वीट करके दी है। चीन से हालिया तनाव के बीच ईरान दौरे पर भारत के रक्षामंत्री का पहुंचना रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। तेहरान के एक दौरे से राजनाथ चीन के साथ पाकिस्तान को भी साधने की कोशिश कर सकते है

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स

    तेहरान:मास्को में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अचानक ईरान पहुंचने वाले हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी ट्वीट करके दी है। चीन से हालिया तनाव के बीच ईरान दौरे पर भारत के रक्षामंत्री का पहुंचना रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। तेहरान में राजनाथ सिंह अपने समकक्ष ईरानी रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। भारतीय रक्षा मंत्री के ईरान के अचानक दौरे से कई कयासों को बल मिलने लगा है। जानिए क्यों महत्वपूर्ण है राजनाथ सिंह का ईरान दौरा?

    चाबहार पर होगी बातचीत?
    पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के जवाब में भारत ईरान के चाबहार पोर्ट को विकसित कर रहा है। इस पोर्ट के रास्ते भारत न केवल अपनी सामरिक बल्कि आर्थिक हितों को भी साधेगा। चीन से बढ़ते तनाव और रिंग ऑफ पर्ल्स के खिलाफ इस पोर्ट की अहमियत काफी ज्यादा है। कुछ दिनों पहले ऐसी खबरें आईं थी कि चाबहार में निर्माण की धीमी गति को लेकर ईरान चिंतित है। ऐसे में भारत की बड़ी कोशिश ईरान की इन चिंताओं का समाधान करना होगा।
    फेल होगा पाकिस्तान-चीन का मिशन ग्वादर
    पाकिस्तान और चीन एक साथ मिलकर ग्वादर बंदरगाह को भारत के खिलाफ आर्थिक और सामरिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। ऐसे में चाबहार के जरिए भारत ग्वादर के ऊपर बैठा है और वहीं से चीन-पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है। इस बंदरगाह के कारण पाकिस्तान का व्यापारिक घाटा भी बढ़ रहा है क्योंकि मध्य एशिया के अधिकतर देश अब पाकिस्तान के ग्वादर को छोड़कर ईरान के चाबहार का उपयोग करने लगे हैं।

    चीन-पाक को एक साथ साधने की तैयारी
    दो फ्रंट पर युद्ध की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने भी कमर कस ली है। ईरान को साधकर भारत न केवल पाकिस्तान बल्कि चीन को भी तगड़ी चोट लगाने की तैयारी में है। चीन ने कुछ दिनों पहले ही ईरान के साथ अरबों डॉलर का सौदा किया था। इसमें न केवल रक्षा बल्कि व्यापार क्षेत्र के भी कई बड़े समझौते हुए थे। ऐसे में अगर भारत चीन के खिलाफ ईरान को मना लेता है तो यह बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी।

    पाकिस्तान को तगड़ा झटका देगा भारत
    ईरान और पाकिस्तान की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। इस स्थिति में भारत ईरान को अपने पाले में करके पाकिस्तान को बड़ा झटका भी दे सकता है। वहीं, कट्टर शिया देश होने के कारण पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंध अच्छे भी नहीं है। ऐसे में भारत को इसका फायदा हो सकता है। ईरान के रास्ते भारत व्यापार के नए आयाम स्थापित करने की तैयारी में है। इससे भारी दबाव से गुजर रही ईरानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    ईरान के रास्ते पश्चिम एशिया से व्यापार बढ़ाएगा भारत
    चाबहार पोर्ट के ऑपरेशनल हो जाने से भारत अपना व्यापार अफगानिस्तान और ईरान से कई गुना बढ़ा चुका है। अब भारत की नजर इस बंदरगाह के जरिए रूस, तजकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजकिस्तान और उजेबकिस्तान से अपने व्यापार को बढ़ाना है। इस के जरिए हथियारों की खरीद के कारण रूस से बढ़ रहे व्यापार घाटे को भी कम करने में भारत को मदद मिल सकती है।

  • सरकार के नए आदेश:सभी सरकारी विभागों में नई नौकरी पर लगा रोक, वित्त मंत्रालय ने जारी किए निर्देश

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स
    कोरोना के चलते उत्पन्न वितीय हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी सरकारी महकमों में नई पदों के सृजन पर प्रतिबंध लगा दी है।

    कोरोना ने पूरे दुनिया के इकॉनमी को तबाह कर रखा है। कई देशों की जीडीपी खस्ते हालत में है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने आज एक अहम निर्णय लिया है। कोरोना के कारण उत्पन्न मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए, केंद्र सरकार ने सभी सरकारी महकमों में नए पदों के सृजन पर प्रतिबंध लगा दी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी एक निर्देश के अनुसार, यह स्थगन सभी मंत्रालयों, विभागों, उनके संलग्न कार्यालयों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों, वैधानिक संस्थानों और स्वायत्त संस्थानों के लिए होगा। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के सरकारी खर्चों में कटौती करने का भी घोषणा किया गया है।

    क्या हैं वित्त मंत्रालय के निर्देश
    वित्त मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, वे सभी विभाग या संस्थाएं जिन्हें पदों के सृजन का अधिकार प्राप्त है, इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। अब किसी संस्था या सरकारी विभाग में नई नौकरी पर रोक लगा दी गयी है।

    वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नए निर्देश के अनुसार, यदि किसी विभाग ने व्यय विभाग की अनुमति के बिना इस साल 1 जुलाई के बाद किसी पद के लिए वैकेंसी निकली है और अभी तक उस रिक्ति को भरा नहीं गया है तो अब उस रिक्ति को भरा नहीं जा सकेगा। वैकेंसी निकालने वाले विभाग या संस्था को यदि लगता है कि उस पद का सृजन बहुत जरूरी है तो ऐसे स्थिति में व्यय विभाग के पास उस प्रस्ताव को भेजना होगा।

    सरकारी खर्चो में होगी कटौती
    कोरोना के चलते उत्पन्न इकॉनमी की हालत को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कई अन्य सरकारी खर्चों में कटौती का निर्णय लिया है। जिसके मुताबिक अब किसी भी आयातित पेपर पर किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं छपा होगा। शिलान्यास जैसे आयोजनों पर होने वाले खर्च में कटौती की जाएगी और ऐसे समारोहों के अवसर पर यात्रा पर किए गए खर्च को भी समाप्त किया जाएगा।

  • उत्तर प्रदेश में मुस्लिम युवकों का उत्पीड़न,एनएचआरसी ने डीजीपी को अपीलीय कार्रवाई के निर्देश दिए

    प्रेस विज्ञप्ति
    2 सितंबर 2020, नई दिल्ली

    पिछले महीने 5 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आयोजित भूमि पूजन के मद्देनजर, यूपी पुलिस पिछली रात से मुस्लिम युवकों को परेशान कर रही है। लगभग 38 मुस्लिम युवकों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है, निवारक निरोध, झूठे मामलों में गिरफ्तार किया गया और जेल में रखा गया, महिला पुलिसकर्मियों के बिना आधी रात के दौरान अवैध रूप से घरों में प्रवेश किया और अवैध तथा मनमाने तरीके से तलाशी और छापे मारे, गृह-गिरफ्तारी, घरों पर पूछताछ के नाम पर मानसिक यातना, परिवार के सदस्यों को धमकाना और पुलिस स्टेशनों में पूछताछ के दौरान हिरासत में यातना, आदि। बाराबंकी, लखनऊ, बहराइच, बनारस (वाराणसी), सीतापुर, शामली और मुजफ्फरनगर में पुलिस अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रियाओं, मानवाधिकारों और भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किया,

    साथ ही साथ धार्मिक रूपरेखा और समाज की नजर में मुस्लिम युवकों का अलगाव। मानवाधिकार संगठन एनसीएचआरओ ने 22 अगस्त को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष एक विस्तृत शिकायत दर्ज की। हमें 31 अगस्त से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से संचार प्राप्त हुआ है कि शिकायत को मामले के रूप में दर्ज किया गया था और बाद में कल यह सूचना मिली थी कि शिकायत को 01/09/2020 को आयोग के समक्ष रखा गया था। शिकायत से इनकार करने पर, आयोग ने पुलिस महानिदेशक (DGP), यूपी को शिकायतकर्ता / पीड़ित को संबद्ध करने के लिए 8 सप्ताह के अन्तराल में उचित कार्रवाई करने और मामले में की गई कार्रवाई के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया।

  • बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री की पत्नी की कोरोना से हुई मौत,राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स
    पटना : अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद आलम की पत्नी का निधन हो गया. उनके निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गयी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके निधन पर शोक जताय. साथ ही मंत्री खुर्शीद आलम ढांढस बंधाया है.

    कोरोना संक्रमण की वजह से खुर्शीद आलम की पत्नी को पटना एम्स में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गयी. ड़ॉक्टरों की माने तो भर्ती के दिन से ही उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही थी. इधर सीएम ने अपने शोक संदेश में दुख जताते हुए कहा कि वो एक कर्तव्यपरायण महिला थी.

    उधर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शोक-संवेदना व्यक्त किया है.अपने शोक संदेश में में तेजस्वी यादव ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भगवान शोक-सम्पत्त परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे. बता दें कि खुर्शीद अहमद नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं.

    स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरूवार को जारी आंकड़े के अनुसार आज एक बार फिर बिहार में कोरोना के 1922 नए मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है की अब बिहार में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 18029 हो गयी है. आज पटना में कोरोना से संक्रमित 255 नए मरीज मिले हैं. जबकि अररिया में 121, भागलपुर में 103, पूर्वी चंपारण में 81, किशनगंज में 50, मधुबनी में 121, मुजफ्फरपुर में 113 और सुपौल में कोरोना के 59 नए मरीज मिले हैं.

  • कोरोना पोजिटिव रोगी के लिए पानीपत से जयपुर आकर किया प्लाज्मा डोनेट।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया की पहल पर हुई प्लाज्मा की व्यवस्था।

    जिले के फतेहपुर तहसील के गावं लावंडा के सुभाष प्रजापत ने पेश की मानवता की मिसाल
    सीकर 2 सितम्बर-

    सीकर जिले के फतेहपुर तहसील के ग्राम लावंडा निवासी सुभाष प्रजापत ने दुर्लभजी हॉस्पिटल जयपुर में भर्ती सीकर निवासी अर्जुन घासोलिया को प्लाज्मा डोनेट कर मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है |

    सुधीर महरिया स्मृति संस्थान के निदेशक एवं नेहरू युवा संस्थान सचिव बी एल मील ने बताया कि सीकर निवासी अर्जुन घासोलिया कोरोना पॉजिटिव होने के कारण दुर्लभजी हॉस्पिटल जयपुर में भर्ती थे | रोगी की स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सकों ने प्लाज्मा चढ़ाने की सलाह दी | रोगी के परिजनों द्वारा जब सुधीर महरिया संस्थान नेहरू युवा संस्थान से संपर्क कर एबी पॉजिटिव प्लाज्मा डोनर भेजने को कहा |

    ज्ञात रहे दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया पूर्व विधायक नंदकिशोर महरिया के सहयोग एवं निर्देशन में कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए लोगों से संपर्क कर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए मोटिवेट करती है |संस्थान सचिव द्वारा मोटिवेटेड निवासी सुभाष प्रजापत से बात करने पर पता चला कि वह अपने गांव से पानीपत नौकरी करने चला गया था | रोगी के गंभीर होने पर प्लाज्मा की ज़रूरत हेतु मोटिवेट करने पर तुरंत पानीपत से कार किराए पर लेकर लगभग 6 घंटे के सफर के बाद 400 कि.मी.से ज्यादा का सफर कर दुर्लभजी हॉस्पिटल जयपुर जाकर आवश्यक जांच के बाद तुरंत प्लाज्मा डोनेट कर मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है | श्री मिल ने 18 से 55 साल के कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए व्यक्ति जिनका वजन 60 किलो से ज्यादा है से अपील की है कि वे कोरोना के गंभीर रोगी जिनको प्लाज्मा की जरूरत है को प्लाज्मा डोनेट करने के काम में आगे आए |

  • कांग्रेस फिर से मजबूत दल बनकर भारत मे उभर पाना मुश्किल नजर आता है।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।

    कभी देश को आजादी दिलाने के लिये संघर्ष करने वाली कांग्रेस के आजाद भारत मे राजनीतिक दल का रुप धारण करने के बाद चुनावी प्रक्रिया शुरु होने के करीब पच्चीस साल तक केन्द्र मे कांग्रेस का एक तरफा राज रहने के बाद 1977 मे पहली दफा भाऋत मे गैर कांग्रेस सरकार गठित होने के बाद फिर से 1979 मे कांग्रेस के सत्ता मे आने पर कांग्रेस मे बदलाव आने लगा कि जो गांधी परिवार को भाये वो नेता बाकी अन्य सब पावर की धूरी के बाहर।

    चलो पीछले कुछ समय को भूलकर चंद महीनो की राजनीति को सामने रखकर देखते है कि दो दफा लोकसभा का चुनाव हारने वाले व 2019 का लोकसभा चुनाव पार्टी आदेश के बावजूद चुनाव नही लड़ने वाले केरल निवासी केसी वेणुगोपाल जब राहुल गांधी के करीब क्या लगे कि उनको पार्टी का संगठन महामंत्री बनाकर राजस्थान से राज्य सभा का सदस्य भी बनाकर इनाम पर इनाम दिया जाता है। इसके विपरीत जब कांग्रेस के सीनियर नेताओं का एक समुह लोकतंत्र मजबूती के लिये सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी का पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने का मुद्दा अनेक सुझावों के साथ उठाते है तो कुछ तथाकथित नेता उन्हें नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाना बता कर अजीब अजीब बोल बोलकर उनके कांग्रेस मुखालिफ साबित करने की कोशिशे की जाती है।

    भारत के अन्य राज्यों को जरा अलग रखकर राजस्थान की राजनीति मे दो महीने मे घटे घटनाक्रमों पर नजर दोड़ाये तो फिर साबित होता नजर आता है कि जो गांधी परिवार के नजदीक है उनकी बल्ले बल्ले बाकी सब को पावर की धूरी से बाहर। चुनाव लड़ने पर असफलता का हरदम मजा चखने वाले पूर्व प्रदेश प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे को हटाकर जिन अजय माकन को प्रभारी महामंत्री बनाया गया गया है। वो माकन स्वयं दो दफा लगातार लोकसभा चुनाव हार चुके है। एवं हाल ही मे माकन के नेतृत्व मे दिल्ली विधानसभा का आम विधानसभा चुनाव लड़ने पर कांग्रेस की फजीहत होने के साथ साथ एक भी कांग्रेस उम्मीदवार जीत नही पाया। साथ ही तीन उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी सभी कांग्रेस उम्मीदवारों की दिल्ली चुनावों मे जमानत तक जब्त हुई थी। उसके बाद वो अजय माकन स्वयं के प्रदेश दिल्ली मे कांग्रेस को मजबूत कर नही पाया ओर अब उसे भेजा राजस्थान मे कांग्रेस को मजबूत करने। वाह कांग्रेस तेरे भी खेल निराले है।

    1979 के बाद से कांग्रेस मे अजीब खेल खेला जाने लगा है कि हमेशा जनधार वाले नेता को दरकिनार करके गांधी परिवार के नजदीकी का लाभ देकर अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बना दिया जाता है। जब जब अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री रहते राजस्थान मे आम विधानसभा चुनाव हुये तब तब कांग्रेस ओंधे मुह गिरते आने के बावजूद जब भी जनता ने कांग्रेस को सरकार बनाने का मोका दिया तो फिर उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाकर जनता पर थोप दिया जाता रहा है। इसी तरह गोविंद डोटासरा के अचानक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद आल इण्डिया कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर नीट व जेईई परीक्षा कराने पर केंद्र सरकार के अड़े रहने के खिलाफ भारत की तरह राजस्थान मे भी कांग्रेस के धरना प्रदर्शन हुये तो पाया कि राजस्थान के अनेक जिलो मे तो उक्त कार्यक्रम हुये ही नही। जयपुर के प्रोग्राम मे डोटासरा गये नही ओर डोटासरा के ग्रह जिला सीकर मे प्रदर्शन मे मुश्किल से मात्र एक दर्जन लोग ही जुट पाये।

    कुल मिलाकर यह है कि कांग्रेस की राजनीति मे चुनाव हारने या चुनाव लड़ने से दूर भागने वाले के संगठन के महत्वपूर्ण पदो पर बैठाकर उनको राज्यसभा सदस्य एवं मोका आने पर अन्य पदाधिकारी तक बनाकर मजबूत किया जाता है। स्वयं के अध्यक्ष रहते दिल्ली प्रदेश मे हुये विधानसभा व लोकसभा चुनावों मे कांग्रेस के ओंधे मुहं गिरने पर इनाम के तौर पर उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर दुसरे प्रदेश मे संगठन को मजबूत करने भेज दिया जाता है। जिस मुख्यमंत्री के नेतृत्व मे आम चुनाव होने पर कांग्रेस गरत मे चली जाये पर जनता द्वारा फिर से कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका देने पर फिर उसी नेता को मुख्यमंत्री बनाकर जनता पर थोप दिया जाता है।

  • रुमी सहित क़ई हत्याकांडों में पुलिस की निष्क्रियता को ले इंसाफ मंच का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन ।

    #प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए समाहरणालय को पुलिस फोर्स से भर दिया।

    #प्रदर्शनकारियों को कमिशनरी से पहले ही पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की।

    लहेरियासराय, 2 सिंतबर 2020।
    रूमी हत्याकांड लहेरियासराय थाना कांड संख्या358/20 के अभियुक्त डॉक्टर को गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार पर हुए झूठा मुक़दमा लहेरियासराय थाना कांड संख्या 357/20 वापस लेने, पंचायत समिति सदस्य मो कैशर हत्याकांड सदर थाना कांड संख्या 312/20 के अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने, सिहवाड़ा थाना कांड संख्या 95/20, मो नाज़िम हत्याकांड के साजिशकर्ता की गिरफ्तारी, मुखिया रियाजुद्दीन हत्याकांड मनीगाछी थाना कांड संख्या 135/20 के साजिशकर्ता की गिरफ्तारी, आंदोलकारियों पर हुये झूठा मुक़दमा सदर थाना कांड संख्या 354/20 को वापस लेने सहित 6 सूत्री मांग पत्र को लेकर इंसाफ मंच के दरभंगा जिला कमिटी के नेतृत्व में आज दरभंगा पोलो मैदान के गेट से दरभंगा आईजी के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन निकाला गया।

    प्रदर्शन का नेतृत्व इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, भाकपा(माले) जिला स्थायी समिति सदस्य अशोक पासवान, भाकपा(माले) सिंहवाड़ा प्रखंड सचिव सुरेंद्र पासवान, मो0 इजाज अतहर” बबलू, रियाज खान कादरी, ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी व रशीदा खातून ने किया। आईजी के समक्ष प्रदर्शन को देखते हुए लहेरियासराय टॉवर से लेकर कमिशनरी तक पुलिस फोर्स से भर दिया गया था। प्रदर्शनकारी पोलो मैदान के गेट के पास जुटकर वहीं से जुलूस की शक्ल में नारा लगाते हुए आई जी कार्यालय की ओर बढ़े तो लहेरियासराय पुलिस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने प्रदर्शनकारियों को कमिशनरी से पहले ही तीनकोनवां के पास रोक दिया। प्रदर्शनकरियों की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुआ और पुलिस को पीछे हटना पड़ा। और कमिशनरी के पास ही प्रदर्शनकारी सड़क पर धरना पर बैठ गए। अरई-बिरदीपुर के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि सुरेंद्र पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि जिला परिषद सदस्य रूमी का मामला हो या फिर छोटाईपट्टी पंचायत समिति सदस्य मो कैसर व मनीगाछी के मुखिया रियाजुद्दीन की हत्या का मामला हो सभी मामलों में पुलिस हाथ पर हाथ रख बैठी हुई हैं। अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर रहीं हैं। प्रदर्शन के माध्यम से आज पुलिस को अल्टीमेटम देने आये हैं कि हत्यारों को संरक्षण देना बंद करें औऱ जल्द गिरफ्तार करें।
    इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि जिला परिषद सदस्य जमाल अतहर रूमी की हत्या की उच्चस्तरीय जांच कराया जाना चाहिए और इस बात का भी जांच हो कि जब रूमी का कोविड 19 जांच नेगटिव था तो उनके परिवार के बगैर कैसे जेसीबी से रातों-रात कब्र खोदवाकर दफन कर दिया गया। इस तरह का जबर्दस्ती करने वाले पदाधिकारी पर भी कार्रवाई होना चाहिए। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुआ तो पीड़ित परिवार प्रशासन के समक्ष आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे। भाकपा(माले) सदर प्रखंड सचिव अशोक पासवान ने कहा कि सदर प्रखंड में पंचायत समिति सदस्य मो कैशर की हत्या हो गई लेकिन हत्यारा की गिरफ्तारी में पुलिस फेल हैं। सभा को ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, रसीदा खातून, पंचायत समिति सदस्य मो अरशद अलि”मरगूब, वसी अहमद,भाकपा(माले) जिला कमिटी सदस्य धर्मेश यादव, राजा पासवान, आइसा नेता मयंक कुमार,गुलाब हाफीजी, मो. मेराज, आदि सभा को सम्बोधित किया। प्रदर्शनकारियों का इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद के नेतृत्व में 5 सदस्यीये प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात मिथिला प्रक्षेत्र आईजी से सकारात्मक वार्ता हुई। उसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।