Author: Millat Times Staff

  • UN Climate Meet में बोले PM मोदी- अब सारी दुनिया को सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ‘बाय बाय’ कह देना चाहिए

    नई दिल्ली:  मरुस्थलीकरण पर दुनिया के 190 देशों की बैठक (COP14) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारतीय संस्कृति में धरती को महत्व दिया गया है…” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जलवायु एवं पर्यावरण का असर बायोडाइवर्सिटी और भूमि, दोनों पर पड़ता है… सर्वमान्य तथ्य है कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों का सामना कर रही है…”

    साथ ही उन्होंने कहा, “हम कितने भी फ्रेमवर्क लागू कर लें, लेकिन असली बदलाव हमेशा टीमवर्क से ही आता है… भारत ने ऐसा ही देखा था स्वच्छ भारत मिशन के दौरान… सभी वर्गों के लोगों ने इसमें भाग लिया, और सुनिश्चित किया कि वर्ष 2014 में जो सैनिटेशन कवरेज 38 फीसदी थी, वह आज 99 फीसदी है…” उन्होंने कहा, “मेरी सरकार ने घोषणा की कि भारत आने वाले सालों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का खात्मा कर देगा. मेरे विचार में समय आ चुका है, जब सारी दुनिया को सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ‘बाय बाय’ कह देना चाहिए…”

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी महसूस हो रही है कि भारत लैंड रीस्टोरेशन स्ट्रेटेजी विकसित करने में सभी मित्र देशों की मदद करने के लिए तैयार है…”

    (Ndtv, input)

  • फिरोजाबाद: कॉलेज में छात्राओं के बुर्का पहनकर आने पर पाबंदी, देवबंद के उलेमा ने जताई आपत्ति

    फिरोजाबाद के एसआरके डिग्री कॉलेज में बुर्का पहनकर आने वाली मुस्लिम छात्राओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। शुक्रवार को दो छात्र गुटों में हुई मारपीट और पथराव की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन यह फैसला लिया है। वहीं कॉलेज प्रशासन के फैसले पर देवबंद के उलेमा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे बेतुका फरमान बताते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन का यह फैसला किसी भी तरह से ठीक नहीं है।
    शहर के एसआरके डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को दो छात्र गुटों में मारपीट हो गई थी। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड प्रभावी ढंग से लागू कर दिया है। कॉलेज में ड्रेस और आई कार्ड लेकर आने वाले छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है। शनिवार को मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर आई थीं तो कॉलेज प्रशासन ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। प्राचार्य और अनुशासन समिति के सदस्य मुख्य गेट पर तैनात रहे।
    कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं को हिदायत दी गई कि वे ड्रेस में और आईकार्ड के साथ आएं। एसआरके कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रभाष्कर राय ने बताया कि शुक्रवार को हुई मारपीट की घटना के बाद से कॉलेज में ड्रेस कोड लागू कर दिया है। बिना ड्रेस के बुर्का पहनकर आई छात्राएं वापस लौट गईं, उन्हें ड्रेस में आने की हिदायत दी गई है।
    कॉलेज अनुशासन समिति के सदस्य शहरयार अली ने बताया कि छात्र-छात्राएं के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य है। जो मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर आती हैं, उनके लिए अलग से चेजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। घर से बुर्का पहनकर आएं, किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं। मगर कॉलेज में प्रवेश के यूनीफार्म में ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज का अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफार्म कोड लागू रहेगा।
    कॉलेज के इस फरमान का देवबंद के उलेमा ने विरोध किया है। रविवार को जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि फिरोजाबाद के एसआरके कॉलेज प्रशासन का यह निर्णय महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। कॉलेज ने यह फरमान जारी कर लोकतंत्र में मिला धार्मिक आजादी के विरुद्ध गैर कानून काम किया है।
    कारी इस्हाक ने कहा कि इस्लाम धर्म में महिलाओं को बहुत कीमती माना गया है। इसके चलते मुस्लिम महिलाएं पर्दा करती हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन को मुस्लिम समाज से माफी मांगते हुए अपना
    यह बेतुका फरमान वापस लेना चाहिए। गोरा ने सरकार से भेदभाव करने वाले गलत मानसिकता के लोगों पर लगाम कसने की मांग की ताकि लोकतंत्र आबाद रह सके।
    (अमर उजाला, इनपुट)

  • शेहला रशीद पर देशद्रोह का केस दर्ज, कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सेना पर शेहला ने लगाए थे गंभीर आरोप

    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की पूर्व छात्रा और कश्मीरी नेता शेहला रशीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया है। उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। शेहला के खिलाफ यह मामला सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। अलख ने अपनी शिकायत में कथित तौर पर भारतीय सेना और भारत सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने के आरोप लगाते हुए शेहला को गिरफ्तार करने की मांग की थी।
    शेहला पर सेना के खिलाफ झूठी खबर फैलाने का आरोप है। शेहला ने 18 अगस्त को कई ट्वीट किए थे, जिसमें उन्होंने सेना पर कश्मीरियों के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों को सेना ने झूठा बताया था। सेना ने ट्वीट कर कहा था, “शेहला रशीद द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। ऐसी असत्यापित और फर्जी खबरें असामाजिक तत्वों और संगठनों द्वारा अनसुनी आबादी को भड़काने के लिए फैलाई जाती हैं।

    गौरतलब है कि शेहला रशीद जेएनयू की छात्रा रही हैं। शेहला रशीद 2015-16 में छात्रसंघ की उपाध्यक्ष थीं। हाल ही में शहला पूर्व आईएएस शाह फैसल की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट से जुड़ थीं। यह वही शाह फैसल हैं, जिन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था, जो इंस्ताबुल जाना चाह रहे थे। शाह फैसल ने भी जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने जाए के खिलाफ आवाज उठाते हुए इस मोदी सरकार के इस कदम को असंवैधानिक करार दिया था। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसला का शाह फैसला लगातार विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में वे कई ट्वीट भी कर चुके हैं।
    (नवजीवन)

  • दिल्ली सरकार नहीं मानती कन्हैया को देशद्रोही, केस चलाने की नहीं देगी अनुमति

    नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से कन्हैया कुमार को बड़ी राहत मिल सकती है. केजरीवाल सरकार दिल्ली पुलिस की उस मांग को खारिज कर सकती है जिसमें जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और बेगूसराय से लेफ्ट पार्टी के उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी. कन्हैया कुमार को लेकर 18 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई हो सकती है.
    सूत्रों के मुताबिक ”केजरीवाल सरकार मानती है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जो सबूत पेश किए हैं उनके आधार पर देशद्रोह का मामला नहीं बनता है.”
    बता दें कि 9 फरवरी साल 2016 में कन्हैया कुमार समेत कुल 10 छात्रों पर जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारे लगाने का आरोप लगा था. जिसके बाद कन्हैया कुमार को गिरफ्तार करके तिहाड़ जेल भेज दिया गया था.
    हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2019 में इस मुद्दे को लेकर कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी. चार्जशीट दायर करने के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि देशद्रोह के आरोपों पर दिल्ली सरकार की मंजूरी क्यों नहीं ली गई?
    कोर्ट के फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने सरकार से देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी. सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल की बैठक के दौरान चर्चा हुई. स्टैंडिंग काउंसिल ने सरकार को बताया कि जो सबूत पेश किए गए हैं उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता.
    बताया जा रहा है कि स्टैंडिंग काउंसिल के इस सलाह को दिल्ली सरकार ने मान लिया है. जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब केजरीवाल सरकार कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह की इजाजत नहीं देगी.
    (ABP)

  • आम आदमी पार्टी को झटका, चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने दिया इस्तीफा, ट्वीट कर कही ये बात

    नई दिल्ली: दिल्ली के चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही पार्टी के साथ उनका सफर यहीं खत्म हो गया है। इस्तीफे की जानकारी खुद अलका ने अपने ट्विटर अकाउंट पर दी। उन्होंने लिखा, ‘अब आम आदमी पार्टी को अलविदा कहने और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने का समय आ गया है। पिछले 6 साल का सफर मेरे लिए काफी सीखने वाला रहा। सभी का शुक्रिया। जय हिंद।’ अलका ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, अरविंद केजरीवाल जी आपके प्रवक्ता ने आपकी इच्छानुसार पूरे घमंड से मुझसे कहा था कि पार्टी मेरा इस्तीफा ट्विटर पर भी स्वीकार कर लेगी। इसलिए कृपया करके ‘आम आदमी पार्टी’ जो ‘अब खास आदमी पार्टी’ बन चुकी है, की प्राथमिक सदस्यता से मेरा इस्तीफा स्वीकार कीजिए।
    गौरतलब है कि यह बात बहुत पहले ही तय हो गई थी कि अलका लांबा पार्टी से कभी भी इस्तीफा दे सकती हैं। लांबा और पार्टी के बीच काफी समय से चीजें खराब चल रही थीं। यहां तक आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सोशल मीडिया से अनफॉलो भी कर दिया था। दरअसल अलका लांबा और पार्टी के बीच दूरियां तब आनी शुरू हुईं जब उन्होंने दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने वाले प्रस्ताव का विरोध किया था। इसके बाद से ही लांबा और आम आदमी पार्टी के बीच तल्खियां आनी शुरू हो गई थीं। उन्हें कई बार आप के नेताओं से ट्विटर वार में उलझते देखा गया। यहां तक कि एक नेता ने तो उनके इस्तीफे की बात पर ये भी कहा था कि इस्तीफा ट्विटर पर भी स्वीकार कर लिया जाएगा।
    (अमर उजाला)

  • अंतरिक्ष विज्ञान में इतिहास रचेगा भारत, 7 सितंबर रात 1 बजकर 55 मिनट पर चांद पर उतरेगा चंद्रयान-2

    बैंगलुरू: 7 सितंबर को सुबह 1:55 पर जब चंद्रयान का लेंडर विक्रम चांद की धरती पर कदम रखेगा उसी के साथ भारत एक नया इतिहास रच देगा. चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के उतरने का सीधा नजारा देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 60 हाईस्कूल विद्यार्थियों के साथ बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र में मौजूद रहेंगे. इसरो के चेयरमैन के सिवन ने बताया कि अब तक चांद पर भेजे गए मिशन में सॉफ्ट लैंडिंग के चांस केवल 37 फ़ीसदी ही सफल हुए हैं. हालांकि बावजूद इसके इसरो पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरा है कि यह मिशन सफल होगा. दरअसल वैज्ञानिक एक्सपेरिमेंट में हमेशा यह एक रूल रहा है कि अगर किसी एक्सपेरिमेंट के पास होने के एक फ़ीसदी भी चांस हो तो उसे जरूर आजमाया जाता है. अनगिनत सपनों को लेकर चंद्रमा पर गए चंद्रयान-2 के पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह पर सफलतापूर्वक उतरने के साथ ही रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत वहां सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा और चंद्रमा के अनदेखे दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा. चंद्रमा की सतह पर उतरने के बाद विक्रम के भीतर से रोवर प्रज्ञान 7 सितंबर की सुबह साढ़े पांच बजे से साढ़े छह के बीच बाहर निकलेगा और एक चंद्र दिवस की अवधि (धरती के 14 दिन के बराबर) तक चंद्रमा की सतह पर रहकर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा. ऑर्बिटर का जीवनकाल एक साल का है और यह लगातार चंद्रमा की परिक्रमा कर धरती पर मौजूद इसरो के वैज्ञानिकों को संबंधित जानकारी भेजता रहेगा. गौरतलब है कि चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण तकनीकी खामी के चलते 15 जुलाई को टाल दिया गया था. इसके बाद 22 जुलाई को इसके प्रक्षेपण की तारीख पुनर्निर्धारित करते हुए इसरो ने कहा था कि चंद्रयान-2 अनगिनत सपनों को चांद पर ले जाने के लिए तैयार है.
    (ABP)

  • बुर्का पहने महिलाओं को ब्रिटेन के पीएम बोला ‘लेटरबॉक्स’, सिख सांसद ने यूं दिया करारा जवाब…

    नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और कंजरवेटिव पार्टी के नेता बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) और यूके की लेबर पार्टी के सिख सांसद तनमनजीत सिंह (Tanmanjeet Singh Dhesi) की तीखी बहस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस वीडियो में तनमनजीत सिंह बोरिस जॉनसन द्वार की गई नक्सलीवादी टिप्पणी पर उनसे माफी मांगने को कह रहे हैं. दरअसल, ब्रिटिश संसद में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 15 अक्टूबर को मध्यावधि चुनाव (समय पूर्व चुनाव) कराने का प्रस्ताव रखा. इसी दौरान सिख सांसद तनमनजीन सिंह ने उन्हें साल 2018 में की गई नक्सलीवादी टिप्पणी याद दिलाई और माफी मांगने को कहा. वह 24 जुलाई 2019 को ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे. दरअसल, साल 2018 में बोरिस जॉनसन ने द टेलीग्राफ़ के एक आर्टिकल में लिखा था कि जो महिलाएं बुर्क़ा पहनती हैं वो किसी लेटरबॉक्स या बैंक लूटने वाले की तरह दिखाई देती हैं. उनकी इसी टिप्पणी पर तनमनजीत सिंह ने उनसे माफ़ी की मांग की है. तनमनजीत सिंह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं पर की गई ऐसी टिप्पणी गलत है. उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई मुझे टॉवल हेड, तालिबानी या फिर बोन्गो-बोन्गो लैंड से आया हूं व्यक्ति कहता है तो हम भी उसी दर्द से गुजरते हैं, जिनसे वो मुस्लिम महिलाएं गुजरती हैं जिनपर आपने टिप्पणी की. भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह ढेसी उर्फ टैन ढेसी ब्रिटेन के पहले सिख यानी पगड़ीधारी सांसद हैं. उन्होंने इंग्लैंड में साल 2017 में यह इतिहास रचा. इससे पहले वह इंग्लैंड के ग्रावसेंड शहर में यूरोप के सबसे युवा सिख मेयर रह चुके हैं. 41 साल के तनमनजीत सिंह का जन्म इंग्लैंड में ही हुआ. उनके पिता जसपाल सिंह ढेसी ब्रिटेन के सबसे बड़े गुरुद्वारा (ग्रावसेंड, केंट में बना गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके साथ ही वह यूके में कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते हैं.
    (NDTV)

  • कश्मीर मामला: तिलमिलाया पाक जंग को तैयार, एलओसी पर तैनात किए 2000 सैनिक

    कश्मीर मसले पर अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती झेल चुका पाकिस्तान अब जंग की ढोल पीट रहा है। परमाणु युद्ध की खोखली धमकी देने के बाद अब पाकिस्तान ने नई पैंतरेबाजी करते हुए सीमा से सटे बाघ और कोटली सेक्टर में 2000 से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है। यह स्थान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित है।
    भारतीय सेना के सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सैनिकों को बैरकों से निकालकर एलओसी के 30 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया गया है। भारतीय सेना पाकिस्तान के इस मूवमेंट पर करीब से नजर रखे हुए है। पाक ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ने स्थानीय और अफगानों की बड़े पैमाने पर भर्ती करनी शुरू कर दी है।
    ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने पहले ही गिलगित बाल्टिस्तान में स्थित स्कर्दू हवाई अड्डे पर अपने जेएफ-17 युद्ध विमानों को तैनात कर दिया है। यह हवाई अड्डा लद्दाख के नजदीक है। भारतीय खुफिया एजेंसियां पाकिस्तानी सेना की इन गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
    सूत्रों के अनुसार, तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना लद्दाख के नजदीक स्थित अपनी अग्रिम चौकियों पर भारी हथियार और सैन्य साजो-सामान को एकत्रित कर रही है। पाकिस्तानी वायुसेना के तीन सी-130 हरक्यूलस परिवहन विमानों ने सैन्य साजो-सामान को गिलगित बाल्टिस्तान में स्कर्दू हवाई अड्डे पर पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अग्रिम मोर्चे पर जो साजो-सामानों पहुंचाया है उसका उपयोग युद्ध के दौरान लड़ाकू विमानों की सहायता के लिए किया जाता है। पाकिस्तान द्वारा किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना भी पूरी तरह से तैयार है। भारत की खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा पर सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। सेना, वायुसेना और नौसेना अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रही हैं। इस बाबत रक्षा खरीदारियों में भी तेजी देखी जा रही है।
    (अमर उजाला)

  • पूर्वी आर्थिक मंच में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- 2024 तक भारत बनेगा पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

    रूस के व्लादिवोस्तोक में 5वें पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि आज इस मंच पर हमारे विचार मंथन से न केवल सुदूर पूर्व बल्कि पूरी मानव जाति के मानव कल्याण के प्रयासों को बल मिलेगा।
    उन्होंने कहा कि भारत और पूर्वी देशों का संबंध नया नहीं है, बल्कि पुराना है। भारत एक ऐसा देश है जिसने व्लादिवोस्तोक में अपना वाणिज्य दूतावास खोला। सोवियत रूस के दौरान भी जब अन्य विदेशियों पर प्रतिबंध था, व्लादिवोस्तोक भारतीयों के लिए खुला था।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि कल राष्ट्रपति पुतिन के साथ मैंने स्ट्रीट ऑफ दि फार ईस्ट इग्जिबिशन देखी। यहां की विविधता, लोगों की प्रतिभा और टेक्नॉलजी के विकास ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। इनमें प्रगति और सहयोग की अपार संभावनाएं मैंने महसूस की हैं।
    उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस मंच पर आज हमारा विचार मंथन न केवल मानव कल्याण के प्रयासों को मजबूत करेगा, बल्कि संपूर्ण मानव जाति को भी प्रभावित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र पर नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। हम 2024 तक पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य बना रहे हैं।
    मैंने और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस सहयोग के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखे हैं। हमारे संबंधों में हमने नए आयाम जोड़े हैं, उनको विविधता दी है। संबंधों को सरकारी दायरे से बाहर लाकर निजी उद्योग के बीच मजबूत सहयोग तक पहुंचाया है। प्रकृति पर प्रधानमंत्री ने कहा, मित्रों, भारत की प्राचीन सभ्यता के मूल्यों ने हमें सिखाया है कि प्रकृति से उतना ही लें, जितने की जरूरत है। हम प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन पर विश्वास करते हैं। प्रकृति के साथ यही तालमेल सदियों से हमारे अस्तित्व और विकास का अहम हिस्सा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, मैं अपने अनुभव के आधार पर ये बात कह सकता हूं कि फार ईस्ट और व्लादिवोस्तोक के रैपिड, संतुलित और समावेशी विकास के लिए राष्ट्रपति पुतिन का विजन जरूर कामियाब होगा। राष्ट्रपति पुतिन का फार ईस्ट के लिए लगाव और उनका विजन इस क्षेत्र के लिए ही नहीं बल्कि भारत जैसे सहोयगी के लिए भी अभूतपूर्व अवसर लेकर आया है। मुझे राष्ट्रपति पुतिन ने आम चुनाव से पहले निमंत्रण दिया था। 130 करोड़ भारतीयों ने राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण और मुझ पर भरोसा जताया। मैं इस आमंत्रण के लिए राष्ट्रपति पुतनि का आभार व्यक्त करता हूं।
    बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्वी आर्थिक मंच में इंडिया बिजनेस पवेलियन का दौरा किया है। इस बीच उन्होंने इंडो-रशियन इनोवेशन ब्रिज का उद्धाटन किया है।
    (अमर उजाला)

  • जुर्माने पर बोले नितिन गडकरी, एक्सीडेंट में 18 से 35 साल के लोगों की मौतें हो रही हैं, क्या इनकी जान नहीं बचानी चाहिए

    नई दिल्ली: केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मोटर व्हीकल संशोधन कानून को 20 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की समिति जिसमें 7 अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों की सरकारें थी, की सिफारिशों के आधार पर ही इसे तैयार किया गया और लागू किया गया. इसके साथ ही संयुक्त समिति और स्थाई समिति से भी सुझाव लिए गए थे तब संसद में पारित किया गया. उन्होंने कहा कि देश मे 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती है डेढ़ लाख मौतें हो जाती हैं. नितिन गडकरी ने कहा कि 18 से 35 आयु के 60 फीसदी की मौत हो जाती है क्या इनकी जान नहीं बचानी चाहिए. कानून के प्रति सम्मान और डर नहीं हो ऐसी स्थिति अच्छी नहीं है. सरकार की ऐसी मंशा नहीं है कि ज्यादा जुर्माना लगाया जाए लेकिन लोग ऐसी स्थिति आने ही नहीं दें कि जुर्माना लगे. आपको बता दें कि 1 सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हो गया है. जिसमें ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है. हालांकि इसकी वजह से कई लोग सरकार के फैसले की आलोचना कर रहे हैं. बीते दो दिन में कई ऐसे चालान काटे गए हैं जो पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं. 15 हजार की कीमत वाली एक स्कूटी का 23 हजार रुपये चालान काटा गया है. इसी तरह भुवनेश्वर में कथित रूप से नशे में धुत एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर पर ट्रैफिक पुलिस ने 47,500 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ऑटोरिक्शा ड्राइवर के पास वैध परमिट, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन समेत तमाम जरूरी कागजात नहीं थे. पीटीआई के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और आरटीओ के कर्मचारिय़ों ने रिक्शा ड्राइवर को शहर के आचार्य विहार चौक पर रोका और दस्तावेज दिखाने को कहा. जरूरी दस्तावेज न दिखाने पर उसपर 47,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया.
    (Ndtv)