Author: Millat Times Staff

  • नीतीश को मिला सुशील मोदी और रामविलास पासवान का सपोर्ट- कहा बिहार में एनडीए के कप्तान नीतीश हैं और रहेंगे

    पटना:  करीब दो दिनों तक भाजपा नेताओं के अलग-अलग बयान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए जाने के बाद बुधवार को NDA के शीर्ष नेताओं में  नीतीश कुमार के नेतृत्व पर मुहर लगाने की होड़ लगी लग गई है. बुधवार को जहां मंगोलिया से लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक ट्वीट कर साफ कर दिया कि बिहार में एनडीए के कप्तान नीतीश हैं और अगले साल के विधानसभा चुनाव में उन्हीं की कप्तानी में चुनावी मैदान में जाएगी. इसके बाद लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने पटना में एक मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा कि नीतीश कुमार को लेकर एनडीए में कोई विवाद नहीं है.

    पासवान ने कहा कि BJP के नेताओं से मेरी बातचीत होती रहती है. बिहार में NDA की सरकार है और सरकार रहेगी. 2020 के चुनाव में उनके अनुसार 200 से ज्यादा सीटें NDA जीतेगी. जहां तक चेहरा का सवाल है तो रामविलास पासवान ने साफ किया कि नीतीश कुमार चेहरा है और वही चेहरा रहेंगे. किसी के कहने से चेहरा बदल नहीं जाता है. भाजपा नेताओं के बयान पर उन्होंने कहा कि इसका कोई अर्थ नहीं है जब तक की कोई आधिकारिक बयान पार्टी की तरफ से ना आए.

    बता दें, बिहार का अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बजाय भाजपा से होने के पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के जोर देने पर राज्य में सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री पद पर नीतीश का यह तीसरा कार्यकाल है. भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय पासवान ने इस बात पर जोर देने की कोशिश की कि जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (नीतीश कुमार) के प्रति उनके मन में असम्मान की भावना नहीं है. लेकिन इस बात का जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही राजग के सभी घटक दलों को वोट मिले थे. पासवान ने सोमवार को कहा था कि लगातार तीन कार्यकाल तक हम (भगवा दल) नीतीश कुमार के लिए खड़े रहे. समय आ गया है कि वह बदले में भाजपा को एक मौका दें. लोकसभा चुनाव से साबित हो गया है कि उन्हें भी वोट पाने के लिए नरेंद्र मोदी की जरूरत है.

    (NDTV, INPUT)

  • मुस्लिम लड़की के बालिग होने पर स्टडी करेगा सुप्रीम कोर्ट, आया ये अजब केस

    सुप्रीम कोर्ट एक नाबालिग मुस्लिम लड़की की याचिका पर सुनवाई के तैयार हो गया है, जिसने कोर्ट से कहा है कि उसने मुस्लिम कानून के हिसाब से निकाह किया है. इस केस में सुप्रीम कोर्ट इस बात पर भी विचार करेगा कि मुस्लिम लड़की कब बालिग होती है? और क्या वह 18 साल से पहले शादी कर सकती है?

    दरअसल, ये पूरा मामला अयोध्या का है. पहले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और फिर हाईकोर्ट ने एक नाबालिग की शादी को रद्द कर दिया और उसे शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को इस लड़की ने चुनौती दी है और कहा है कि उसने शादी अपनी मर्जी से की है न कि किसी दवाब में आकर. वह शादीशुदा है और ऐसे में उसे दांपत्य जीवन गुजारने की इजाजत दी जाए. अब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की सहमति देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजकर जवाब दाखिल करने को कहा है.
    मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक लड़की की उम्र 16 वर्ष है. इससे पहले लड़की के पिता ने एक केस दायर कर बेटी के अपहरण की शिकायत दी थी. लेकिन लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए अपने बयान में कहा कि उसने युवक से अपनी मर्जी से शादी की है. वह लड़के के साथ ही रहना चाहती है और वो अपने पति के साथ ही रहना चाहती है. हालांकि, मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद लड़की को 18 बरस होने तक उसे आश्रय गृह भेजने का आदेश दिया गया.

    लड़की के वकील दुष्यंत पाराशर ने शफीन जहां केस का हवाला देते हुए कहा कि कानून सबके लिए बराबर है. सभी को अपनी पसंद के पार्टनर के साथ रहने का हक है. उसने बालिग होने के बाद खुद ये निर्णय लिया है और मुस्लिम कानून के मुताबिक निकाह किया है. ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट भी ये देखेगा कि क्या क्या बालिग होने की उम्र 18 साल से पहले है?

    (News18,input)

  • मथुरा में बोले मोदीः आज गाय और ओम नाम सुनकर कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं

    उत्तर प्रदेश:  मथुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उन महिलाओं से मुलाकात की, जो कचरे से प्लास्टिक बीनती हैं, और उनका हाथ भी बंटाया. प्रधानमंत्री बुधवार को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ एक अभियान को लॉन्च किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मथुरा पहुंचे, जहां उनकी अगवानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की. प्रधानमंत्री बुधवार को मथुरा जिले में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (National Animal Disease Control Programme- NADCP) को लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य मवेशियों में होने वाली फुट एंड माउथ डिज़ीज़ (FMD) तथा ब्रूसेलोसिस का खात्मा करना है.

    इस मौके पर पीएम मोदी ने यहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ”स्वच्छ भारत हो, जल जीवन मिशन हो या फिर कृषि और पशुपालन को प्रोत्साहन. प्रकृति और आर्थिक विकास में संतुलन बनाकर ही हम सशक्त और नए भारत के निर्माण की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. आज स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हुई है, नेशनल एनीमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम को भी लॉन्च किया गया है. पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, डेरी उद्योग और कुछ अन्य परियोजनाएं भी शुरु हुई हैं. इसके अलावा मथुरा के इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से जुड़े कई परियोजनाओं शुभारंभ भी हुआ है.”

    उन्होंने कहा, ”ब्रजभूमि ने हमेशा से ही पूरे विश्व और पूरी मानवता को प्रेरित किया है. आज पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण के लिए रोल मॉडल ढूंढ रहा है, लेकिन भारत के पास भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रेरणा स्रोत हमेशा से रहा है जिनकी कल्पना ही पर्यावरण प्रेम के बिना अधूरी है. प्रकृति, पर्यावण और पशुधन के बिना जितने अधूरे खुद हमारे आराध्य नजर आते हैं उतना ही अधूरापन हमें भारत में भी नजर आएगा. पर्यावण और पशुधन हमेशा से ही भारत के आर्थिक चिंतन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.”

    (NDTV,INPUT)

  • JNU की छात्रा शेहला राशिद को मिली गिरफ्तारी से राहत, सेना के खिलाफ ट्वीट करने पर दर्ज हुआ था देशद्रोह का केस

    दिल्ली की एक अदालत ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की छात्र नेता और जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की नेता शेहला राशिद को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है. भारतीय सेना के खिलाफ कथित ट्वीट करने के लिए शेहला पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन ने पटियाला हाउस कोर्ट में राशिद को अंतरिम सुरक्षा देते हुए कहा, “सभी तथ्यों पर विचार करते हुए, मैं इस विचार पर पहुंचा हूं कि मामले की विस्तृत जांच की जरूरत है. तब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए, हालांकि जांच अधिकारी (आईओ) के बुलाने पर उन्हें जांच में शामिल होना होगा.’

    कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पांच नवंबर को तय की है. सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त जन अभियोजक ने कहा कि पुलिस ने शेहला राशिद को अभी तक नोटिस नहीं दिया है. आरोपी के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनकी क्लाइंट जांच में शामिल होने के लिए तैयार है और वह पुलिस का सहयोग करेंगी.

    जन अभियोजक ने भी कहा कि पुलिस को अभी तक सेना की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस को मामले की जांच के लिए कम से कम छह सप्ताह का समय चाहिए.

    पुलिस ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के संदर्भ में शेहला राशिद के बयानों के आधार पर उनके खिलाफ शुक्रवार को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया गया था.

    दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने कहा कि तीन सितंबर प्राथमिकी दर्ज की गई थी और जेएनयू से पीएचडी कर चुकीं राशिद पर सुप्रीम कोर्ट के वकील आलोक श्रीवास्तव की आपराधिक शिकायत पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया. आलोक ने राशिद की गिरफ्तारी की मांग की थी.

    राशिद ने एक साथ कई ट्वीट्स कर दावा किया था कि घाटी में भारतीय सेना ने निरंकुश होकर आदमियों को उठा रही है, घरों में छापेमारी कर रही है और लोगों का उत्पीड़न कर रही है. उन्होंने दावा किया था कि कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है. भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर इन आरोपों को खारिज कर इन्हें आधारहीन और असत्यापित बताया था.

    Input: NDTV

  • बुर्का पहनकर कॉलेज आईं लड़कियां तो प्रिंसिपल ने छड़ी दिखाकर भगाया.

    उत्तर प्रदेश: कॉलेज में लड़कियों की ड्रेस कोड को लेकर झगड़ा पुराना है. अक्सर उनसे कहा जाता है कि जीन्स न पहनो, पश्चिमी लिबास न पहनो, पारंपरिक पहनावे में रहो, लेकिन यूपी के फिरोज़ाबाद में एक नया अजूबा देखने को मिल रहा है. वहां एसआरके डिग्री कॉलेज ने बुर्क़े पर पाबंदी लगा दी है. कॉलेज का एक वीडियो सामने आया है जिसमें प्रिंसिपल छड़ी लेकर बुर्क़े में आई छात्राओं को कॉलेज से भगाते नज़र आ रहे हैं. इन छात्राओं का कहना है कि उनसे कहा जा रहा है, वो बस स्टॉप पर बुर्क़ा उतार कर कॉलेज में दाखिल

    बुर्का पहनना किसी कॉलेज के ड्रेस कोड के खिलाफ हो सकता है. इसे औरत की आजादी के भी खिलाफ माना जा सकता है. इसे पिछड़ेपन की निशानी भी कह सकते हैं पर यह देश के किसी कानून के खिलाफ नहीं है. फिलहाल यह चौंकाने वाला है कि कॉलेज के प्रिसिंपल छड़ी लेकर बुर्का पहनने वाली लड़कियों को किस तरह दुतकार के कॉलेज से भगा रहे हैं.

    एआसके डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल प्रभासकर राय का कहना है कि यह नियम पुराना है कि लड़कों को यूनिफॉर्म में आना है, चूंकि अभी एडमिशन चल रहे थे इसलिए इसका सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा था. अब एडमिशन प्रॉसेस पूरा हो गया है इसलिए 11 तारीख के बाद से बिना परिचय पत्र और बिना यूनिफॉर्म के प्रवेश कर दिया गया है. उन्होंने कहा, बुर्का ड्रेस के अंतर्गत नहीं आता. ड्रेस में जो कॉलेज द्वारा निर्धारित ड्रेस है उसे ही अनुमति दी जाएगी.

    कॉलेज में पुलिस का पहरा है. पुलिस बुर्का पहनने वाली लड़कियों से कह रही है कि वो बाहर बस स्टैंड पर जाकर बुर्का उतार कर आए. क्लास के अंदर बुर्का उतारने की इजाजत नहीं है. तमाम बुर्का वाली लड़कियों का कहना है कि वह हमेशा बुर्का में कॉलेज आती हैं, लेकिन अचानक यह नियम लागू कर दिया गया.

    INPUT: NDTV

     

  • नरेंद्र मोदी सरकार के 100 दिन : डूब गए निवेशकों के 12.5 लाख करोड़ रुपये

    30 मई, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद पहले 100 दिन के भीतर निवेशक 12.5 लाख करोड़ रुपये गंवा चुके हैं. सोमवार को बाज़ार बंद होने के वक्त बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों की बाज़ार पूंजी या उनका बाज़ार मूल्य 1,41,15,316.39 करोड़ रुपये था, जबकि मोदी सरकार के सत्ता संभालने से एक दिन पहले यह बाज़ार मूल्य 1,53,62,936.40 करोड़ रुपये था.

    30 मई से अब तक BSE का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 5.96 प्रतिशत, या 2,357 अंक लुढ़क चुका है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के संवेदी सूचकांक निफ्टी 50 में 30 मई से अब तक 7.23 प्रतिशत, या 858 अंक की गिरावट दर्ज की गई है.

    विश्लेषकों के अनुसार, शेयर बाज़ारों में गिरावट की वजूहात में आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार के अलावा विदेशी फंडों का देश से बाहर जाना व कॉरपोरेट की कम कमाई भी शामिल है.

    भारतीय बाज़ारों में विदेशी निवेशक बिकवाल हो गए हैं. बिकवाली का दबाव उस समय बढ़ा, जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई में पेश किए गए NDA सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में विदेशी निवेशकों पर भी सुपर-रिच टैक्स लागू कर दिया, हालांकि इस टैक्स को लगभग एक महीने बाद वापस ले लिया गया था.

    नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉज़िटरी लिमिटेड (NSDL) द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सरकार गठन के बाद से अब तक 28,260.50 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके

    IDBI कैपिटल में रिसर्च प्रमुख ए.के. प्रभाकर ने NDTV को बताया, “बाज़ारों में गिरावट की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरा कार्यकाल शुरू होने से काफी पहले ही हो गई थी.

    फरवरी, 2018 के बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स तथा डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स लागू किए जाने के बाद से ही शेयर बाज़ार मूल्यांकन में गिरावट शुरू हो गई थी, और इन्फ्रास्ट्रक्चर लीज़िंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज़ (IL&FS) संकट के बाद बाज़ारों में मंदी और बढ़ गई..

    ए.के. प्रभाकर के अनुसार, “बहुत-सी मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में काफी सुधार हुआ और अब वे बढ़िया मूल्यांकन पर हैं. IL&FS संकट का बाज़ारों पर काफी देर तक असर बना रहा, लेकिन अब हालात में सुधार की उम्मीद है

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा एकत्र किए जाने वाले सभी सेक्टरों के सूचकांकों में, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स को छोड़कर, पिछले 100 दिनों में नकारात्मक रिटर्न ही देखने को मिली है, और निफ्टी का PSU बैंक इंडेक्स तो 26 प्रतिशत गिरा है. पिछले महीने सरकार ने सरकारी बैंकों के बड़े स्तर पर विलय की घोषणा की थी, और अब सरकार के स्वामित्व वाले बैंकों की संख्या 12 हो जाएगी.

    अमेरिका और चीन के बीच व्यापार गतिरोधों के बढ़ने से धातु (मेटल) इंडेक्स में 20 फीसदी की गिरावट आई है. विश्लेषकों का कहना है, एन्टी-डंपिंग ड्यूटी के बावजूद चीन सस्ता स्टील बेच रहा है, जिससे घरेलू धातु कंपनियों को नुकसान हो रहा है.

    निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 13.48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि ऑटो उद्योग पिछले दो दशक की सबसे भयावह मंदी का सामना कर रहा है. IDBI कैपिटल में रिसर्च प्रमुख ए.के. प्रभाकर ने कहा, “हमने पिछले पांच साल के दौरान ऑटो क्षेत्र में ज़ोरदार उछाल देखा, इसलिए मंदी भी साफ नज़र आ रही है. चौपहिया वाहनों की इतनी शानदार बिक्री (पिछले पांच साल जैसी) कभी नहीं देखी गई थी.पिछले पांच साल में मारुति सुज़ुकी ने जिस तरह तरक्की की है, वह अद्भुत है.

    निफ्टी के बैंक, प्राइवेट बैंक, मीडिया और रियल्टी सेक्टरों के इंडेक्सों में भी 10 से 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

  • कश्मीर मुद्दे पर चीन ने पाकिस्तान के सुर में मिलाया सुर, जारी किया संयुक्त बयान

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी एक दिन की यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। यहां पाकिस्तान और चीन के बीच बातचीत हुई जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इस बयान में चीन का कहना है कि वह किसी भी तरह की किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध करता है और कश्मीर मुद्दे को शांति से सुलझाया जाना चाहिए।

    पाकिस्तान ने चीनी मंत्री को जम्मू कश्मीर की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि चीन घाटी के हालात पर करीबी से नजर रखे हुए है। पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए चीन ने कहा कि कश्मीर मसला ऐतिहासिक विवाद है। जिसका संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र, प्रासंगिक यूएनएससी प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर शांति से हल किया जाना चाहिए। चीन किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध करता है जो स्थिति को जटिल बनाती है।

    बता दें कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद चीन ने ही संयुक्त राष्ट्र में इस मसले पर पाकिस्तान का साथ दिया था। उसके अनुरोध पर ही बंद कमरे में कश्मीर को लेकर बैठक हुई थी हालांकि पाकिस्तान और चीन अपने मकसद में नाकाम साबित हुए और किसी भी देश ने इनका साथ नहीं दिया।

    (अमर उजाला, इनपुट)

  • लुंगी पहनकर गाड़ी चलाने पर सरकार ने लगाई पाबंदी, क्या होगा बिहार,केरला और तमिलनाडु के लोगों का

    देश में यातायात नियम लागू होने बाद आए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। कल तक तो जो ट्रक ड्राइवर लुंगी और बनियान पहनकर ट्रक चला रहे थे अब उनकी शामत आ गई है। लुंगी पहनकर ट्रक चलाने वाले ड्राइवर्स को भारी जुर्माना भरना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश की ट्रैफिक पुलिस ऐसे ड्राइवर्स का चालान काट रही है। जो ड्राइवर लुंगी और बनियान पहनकर कमर्शियल वाहन चलाते पकड़े जा रहे हैं, उन्हें दो हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ रहा है।
    दरअसल मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कमर्शियल ड्राइवर्स को ड्रेस कोड का पालन करना होता है। हालांकि अभी तक ड्रेस कोड का पालन सख्ती से लागू नहीं किया गया था, लेकिन अब इसका सख्ती पालन करवाया जा रहा है। मोटर कानून के मुताबिक, कमर्शिल चालकों को फुल-लेंथ पैंट और शर्ट या फिर टीशर्ट पहनकर ही गाड़ी चलाना होगा। ड्राइवर्स को चप्पल, सैंडल पहनकर या फिर नंगे पैर गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है, उन्हें जूते पहनना जरूरी होगा। यह प्रावधान सभी स्कूली वाहनों के चालकों के लिए भी लागू है। स्कूल वाहन चालकों को वर्दी पहनना जरूरी है।
    लखनऊ ट्रैफिक के एएसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि ड्रेस कोड 1939 से एमवी अधिनियम का हिस्सा था। वहीं 1989 में अधिनियम में जब संशोधन किया गया तो इसके उल्लंघन के लिए 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। नए प्रावधानों के तहत अब अगर चालक ड्रेस कोड का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें दो हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। ऐसे में अगर आपको भी लुंगी पहनकर कमर्शिल वाहन चलाने की आदत है तो इसे बदल लीजिए वरना आपको भी भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है
    (नवजीवन,इनपुट)

  • हरियाणा में कांग्रेस और बीएसपी के बीच क्या होगा गठबंधन? भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मायावती के बीच हुई बैठक

    नई दिल्ली: हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपिंदर सिंह हुड्डा और बसपा प्रमुख मायावती के बीच नई दिल्ली में बंद कमरे में बैठक होने के बाद प्रदेश में कांग्रेस और बसपा के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन के अनुमान लगाए जा रहे हैं. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. रविवार रात लगभग आधे घंटे चली बैठक में कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा भी मौजूद रहीं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्य की 90 विधानसभा सीटों पर अक्टूबर में होने जा रहे चुनाव में दोनों पार्टियों में गठबंधन पर सहमति बन सकती है. यह बैठक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो द्वारा पिछले सप्ताह भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (आईएनएलडी) से अलग होकर दुष्यंत चौटाला की अगुआई में बने जननायक जनता पार्टी (जजपा) से चुनाव पूर्व गठबंधन तोड़ने के बीच हुई है. दुष्यंत चौटाला ओम प्रकाश चौटाला के पोते हैं.
    जजपा ने बसपा को 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, जिसे बीएसपी ने ठुकरा दिया. गठबंधन खत्म करने की घोषणा करते हुए मायावती ने कहा कि सीट-बंटवारे के मामले में प्रस्तावित समझौते में चौटाला की मांग अनुचित थी. वहीं चुनावी बिगुल बजाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रोहतक में एक सार्वजनिक सभा में ना सिर्फ मोदी सरकार 2.0 के 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, बल्कि भ्रष्टाचार और वंशवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए मनोहर लाल खट्टर की सरकार की भी प्रशंसा की. जहां मुख्य विपक्षी आईएनएलडी के ज्यादातर विधायकों और नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद उसकी ताकत कम हो गई है, वहीं राज्य में 2014 तक लगातार दो बार सरकार बनाने वाली कांग्रेस में अंदरूनी कलह जारी हैं. पहली बार विधायक बने खट्टर राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं और उनका लक्ष्य चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारकर 48 से ज्यादा सीटें दिलाना होगा..
    (NDTV,INPUT)

  • देश में मंदी से हाहाकार, ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनी अशोक लेलैंड ने 5 प्लांट में काम बंद करने का किया ऐलान

    देश में आर्थिक मंदी से हर सेक्टर का बुरा हाल है। अर्थिक मंदी से सबसे ज्यादा ऑटो सेक्टर प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनियां काम बंद करने को मजबूर हैं। मारुति सुजुकी के बाद ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनी अशोक लेलैंड ने काम बंद करने की आधिकारी घोषणा कर दी है। कंपनी ने पांच प्लाट में काम बंद करने की घोषणा की है। एन्नोर में 16 दिन, होसुर में 5 दिन, अलवर में 10 दिन, भंडारा में 10 दिन और पंतनगर में 18 दिन तक अशोक लेलैंड के प्लांट बंद रहेंगे। कंपनी ने यह फैसला व्यावसायिक वाहनों की मांग में कमी को देखते हुए लिया है। अशोक लेलैंड की कुल बिक्री अगस्त में 70 फीसदी घटकर 3,336 ट्रक रह गई थी। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 11,135 ट्रक बेचे थे।

    कंपनी द्वारा पांच प्लांट में इतने लंबे समय तक काम बंद करने का असर कर्मचारियों पर पड़ने वाला है। कंपनी के हजारों कर्मचारियों को बैठना पड़ेगा। हालांकि कंपनी की तरफ यह नहीं बताया गया है कि जिस दौरान प्लांट में काम बंद रहेगा उस दौरान कर्मचारियों की सैलरी रोक दी जाएगी या फिर उन्हें इन दिनों की सैलरी दी जाएगी।

    देश में मंदी की वजह से अब तक लाखों नौकरिया जा चुकी हैं। रोजगार देने में मोदी सरकार बुरी तरह से फेल हुई है। सीएमआईई के ताजा आंकड़ों से के अनुसार, भारत की बेरोजगारी दर फरवरी 2019 में बढ़कर 7.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह सितंबर 2016 के बाद की उच्‍चतम दर है, फरवरी 2018 में बेरोजगारी दर 5.9 प्रतिशत रही थी।

    अशोक लेलैंड से पहले मारुति सुजुकी ने दो दिन गुरुग्राम के प्लांट में दो दिन तक प्रोटक्शन बंद करने का फैसला लिया था। इसके अलावा जापानी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा मोटर और दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई मोटर को भी बिक्री में गिरावट को देखते हुए गाड़ियों का प्रोडक्शन रोकना पड़ा था।

    टोयोटा ने 16 और 17 अगस्त को बेंगलुरु प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने का फैसला किया था। वहीं हुंडई ने भी 9 अगस्त को अपने प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि वाहन बाजार में मंदी जारी है। अगस्त के महीने में वाहनों की बिक्री में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं कार और बाइक की बिक्री पिछले दो दशक में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

    (नवजीवन,इनपुट)