Author: Millat Times Staff

  • PMC Bank के ग्राहकों को RBI से मिली बड़ी राहत, अब 10 हजार रुपये निकाल सकेंगे

    PMC बैंक के ग्राहकों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से राहत मिली है. अब इस बैंक के ग्राहक 6 महीने में 10 हजार रुपये तक निकाल सकेंगे. पहले यह राशि 1 हजार रुपये थी, जिसे विरोध प्रदर्शन के बाद बढ़ाया गया है. बता दें कि मुंबई में पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC BANK) में वित्तीय गड़बड़ियों की वजह से RBI ने खाता धारकों को हज़ार रुपये से ज़्यादा देने रोक लगा दी थी, जिसकी वजह से बैंक के हर ब्रांच में भीड़ लगी थी और लोग इसका जमकर विरोध कर रहे थे.पैसों की निकासी पर रोक से नाराज़ खाताधारकों ने आज ही बैंक से लेकर थाने तक मार्च भी किया था.

    बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बीते मंगलवार को मुंबई स्थित पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (PMC) बैंक लिमिटेड पर किसी भी प्रकार के व्यापारिक लेन-देन पर रोक लगा दी थी, जिससे बैंक के निवेशकों और शहर में व्यापारी वर्ग को बड़ा झटका लगा था.

    रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने बताया था कि RBI के निर्देशों के अनुसार, पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) के जमाकर्ता बैंक में अपने सेविंग, करंट या अन्य किसी भी तरह के खाते में से 1,000 रुपये से ज्यादा रुपये नहीं निकाल सकते हैं. PMC बैंक पर RBI की अग्रिम मंजूरी के बिना ऋण और अग्रिम धनराशि देने या रीन्यू करने, किसी भी प्रकार का निवेश करने, फ्रेश डिपोजिट स्वीकार करने आदि पर भी रोक लगा दी गई थी.

    मालूम हो कि भारत में 1,500 से अधिक छोटे शहरी सहकारी बैंक हैं जो आमतौर पर कुछ जिलों या राज्यों में छोटे स्थानीय समुदायों को अपनी सेवा देते हैं. INPUT:(NDTV)

     

  • Ayodhya Case: CJI रंजन गोगोई फिर बोले- 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म होना जरूरी..

    अयोध्या मामले में सुनवाई के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने एक बार फिर कहा है कि 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर चार हफ्ते में हमने फैसला दे दिया तो ये एक चमत्कार की तरह होगा. लेकिन अगर सुनवाई 18 अक्टूबर तक खत्म नहीं हुई तो फैसला संभव नहीं हो पाएगा. साथ ही CJI ने कहा कि आज का दिन मिलाकर 18 अक्टूबर तक हमारे पास साढे दस दिन हैं. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि 18 अक्टूबर के बाद एक भी दिन अतिरिक्त नहीं है. इसलिए पक्षकार इसी समय सीमा में सुनवाई पूरी करें.

    मीनाक्षी अरोडा ने कहा कि वह आज खत्म कर देंगी. हिंदू पक्ष ने कहा कि जवाब देने के लिये 3 से 4 दिन का समय चाहिए. राजीव धवन से कोर्ट ने पूछा कि सूट नं 4 पर बहस करने के लिये 2 दिन पर्याप्त हैं? धवन ने कहा कि हम शनिवार को भी बहस कर सकते हैं.

    गौरतलब है कि इससे पहले भी सीजेआई रंजन गोगोई का ऐसा ही बयान आया था. 18 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई कहा था कि सभी को संयुक्त प्रयास करना होगा और पक्षकार समझौता कर अदालत को बताए. इसके साथ ही उन्होंने इस केस की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद भी जताई थी. .

    CJI ने कहा था, ”हमें उम्मीद है कि हम अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर लेंगे. इसके लिए हम सभी को संयुक्त प्रयास करना होगा. इसके बाद जजमेंट लिखने के लिए जजों को चार हफ्तों का वक्त मिलेगा.” सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ”अगर पक्षकार इस मामले को मध्यस्थता समेत अन्य तरीके से सैटल करना चाहते हैं तो कर सकते हैं. पक्षकार समझौता कर अदालत को बताएं.”.input (ndtv)

  • अयोध्या केस LIVE: SC ने कहा- सुनवाई पूरी करने के लिए 18 अक्टूबर के बाद एक दिन का भी नहीं मिलेगा समय

    अयोध्या केस की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने आज साफ कर दिया कि इस मामले 18 अक्टूबर के बाद पक्षकारों को जिरह के लिए एक भी दिन अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। शीर्ष अदालत ने साफ किया कि सुनवाई पूरी करने की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। बता दें कि अबतक 31 दिनों की सुनवाई शीर्ष अदालत में हो चुकी है। हिंदू पक्षकारों ने अपनी दलीलें रख दी हैं और मुस्लिम पक्षकार की दलीलें जारी हैं। (31वें दिन की सुनवाई यहां पढ़ें)चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व वाले पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा कि अगर 18 अक्टूबर तक दलीलें पूरी हो जाती हैं तो चार सप्ताह में फैसला देना किसी करिश्मे से कम नहीं होगा। बता दें कि चीफ जस्टिस गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

    चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से कहा कि आज का दिन मिलाकर 18 अक्टूबर तक हमारे पास साढ़े 10 दिन हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आगाह करते हुए कहा कि अगर 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो फैसला आने की उम्मीदें कम हो जाएंगी।

    “18 अक्टूबर तक बहस पूरी होने के बाद चार सप्ताह में फैसला देना कोई करिश्मा जैसा होगासंविधान पीठ ने मुस्लिम पक्षकार और हिंदू पक्षकार को बहस के लिए समयसीमा तय कर दी है। कोर्ट के अनुसार, ज्यादातर दलीलें 4 अक्टूबर तक पूरी हो जाएंगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट दशहरा की छुट्टियां हो जाएंगी। कोर्ट 14 अक्टूबर को फिर खुलेगा। ऐसे कोर्ट के पास सुनवाई के लिए 18 अक्टूबर तक 5 और दिन बचेंगे।आइए जानते हैं आज कोर्ट में क्या हो रहा है…

    CJI ने सभी पक्षकारों से पूछा कि वे इस मामले में आगे कितना समय लेने वाले हैं। अभी मुस्लिम पक्ष की ओर से मीनाक्षी अरोड़ा दलील दे रही हैं। इसके बाद दो और वकील दलील देंगे। उसके बाद हिन्दू पक्षकार उसपर दलीलें देंगे। उस पर राजीव धवन अपनी जिरह करेंगे और उसके बाद फिर हिन्दू पक्षकार।

    CJI- मैं जानना चाहता हूं कि इसमें कितना टाइम लग जाएगा। यह सब 18 अक्टूबर तक पूरा हो जाना चाहिए। क्योंकि एक सप्ताह की छुट्टियां हैं।

    वैद्यनाथन ने कहा कि हिन्दू पक्षकारों को 3 से 4 दिन लगेंगे जिरह में।

    मुस्लिम पक्ष की वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि मैं आज शाम तक अपनी दलीलें पूरी कर लूंगी।

    CJI- क्या मुस्लिम पक्षकारों के लिए अपनी दलीलें पूरी करने के लिए 2 दिन काफी हैं?

    राजीव धवन- 2 दिन में हम प्रयास करेंगे इसे समाप्त करने का।

    हिन्दू पक्ष ने कहा 28 सितंबर और 1 अक्टूबर को हम रिजॉइंडर दाखिल करेंगे

    CJI ने धवन ने पूछा कि क्या आपके लिए 2 दिन काफी होगा रिजॉइंडर के लिए

    राजीव धवन ने कहा कि सम्भवत: यह कम होगा

    CJI- फिर हम उम्मीद कर सकते है कि सुनवाई 18 अक्टूबर तक निपट जाएगी। हम इससे अधिक समय नहीं बढ़ाएंगे।

    धवन- मैं ASI रिपोर्ट पर कुछ बातें कोर्ट के सामने रखना चाहता हूं।

    CJI ने अनुमति दी।

    ASI रिपोर्ट पर राजीव धवन ने पक्ष रखना शुरू किया।

    धवन ने कहा विस्तृत आपत्तियां रिपोर्ट के खिलाफ की गईं थीं और यह भी कहा गया था कि रिपोर्ट को अदालत स्वीकार नहीं करे पर ऐसा नहीं किया गया।

  • रिज़र्व बैंक ने नौ बैंक बंद किए जाने की ख़बरों का खंडन किया, कहा- कोई बैंक बंद नहीं हो रहा

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोशल मीडिया पर नौ बैंकों को बंद करने की अफवाहों का बुधवार को खंडन किया. आरबीआई ने कहा कि कोई भी वाणिज्यिक बैंक बंद नहीं हो रहा है.

    वित्त सचिव राजीव कुमार ने सोशल मीडिया पर चल रहे इन संदेशों को शरारतपूर्ण बताया और कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालकर उन्हें मजबूत बनाने की तैयारी में है.

    केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा, ‘सोशल मीडिया के कुछ तबकों में खबरें चल रही हैं कि आरबीआई कुछ वाणिज्यिक बैंकों को बंद कर रहा है. यह पूरी तरह से गलत और झूठी खबरें हैं.’

    यह अफवाह ऐसे समय पर आयी है, जब आरबीआई ने बीते 24 सितंबर को महाराष्ट्र के पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की कुछ खामियों को लेकर कुछ पाबंदियां लगाई हैं. इसके तहत जमाकर्ताओं के लिए छह महीने में सिर्फ 1,000 रुपये निकालने की सीमा तय की गई है.

    पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक पर इसके अलावा नया कर्ज देने और जमा लेने की भी रोक लगाई गई है.

    मालूम हो कि जिन बैंकों को बंद करने की अफवाहें उड़ रही हैं, उनमें ऐसे बैंक शामिल हैं, जिनका या तो दूसरे बैंकों में विलय हो गया है फिर विलय होने की प्रक्रिया में हैं. इनमें कॉरपोरेशन बैंक, यूको बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आंध्रा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक और यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल है.

    सरकार ने पिछले महीने ही सार्वजनिक क्षेत्र के दस बैंकों का विलय कर उन्हें चार बैंकों में तब्दील करने का फैसला किया है. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया जाएगा.

    वहीं सिंडीकेट बैंक को केनरा बैंक में मिलाया जाएगा. आंध्र बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय किया जाएगा, जबकि इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय किया जाएगा.

    सरकार देना बैंक और विजया बैंक का पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कर चुकी है. हाल ही में आईडीबीआई बैंक का विलय एलआईसी में किया गया है.

  • Ayodhya Case : सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर सवाल उठाए..

    अयोध्या केस (Ayodhya Case) में बुधवार को 31 वें दिन की सुनवाई हुई. अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए. भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट पर आपत्ति उठाने वाली दलील पर संविधान पीठ ने कहा कि आपकी दलीलें जोरदार नहीं हैं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि ASI की रिपोर्ट को लेकर जो आपत्ति आप यहां उठा रहे हैं आपने ट्रायल के दौरान तो ये बातें कही नहीं. इस मुद्दे पर आपकी दलीलें भी जोरदार और ठोस नहीं हैं. क्योंकि कोर्ट ऐसे मुद्दे पर जब विशेषज्ञों की कोई कमेटी बनाती है तो उसमें कोई भी कमी या गलती हो तो या तो कोर्ट उस बारे में बताए, या फिर पक्षकार बताएं. तभी विशेषज्ञ उसका जवाब दे सकते थे. इस रिपोर्ट को लेकर उस समय ऐसा कुछ नहीं हुआ था. लिहाजा सीपीसी के नियम 26 के मुताबिक भी हम इसे यहां यानी पहली अपील में नहीं सुन सकते. मुस्लिम पक्षकारों की ओर से ASI की रिपोर्ट पर मीनाक्षी अरोड़ा वे आपत्तियां जता रही थीं जो ट्रायल के दौरान कोर्ट के संज्ञान में नहीं लाई गईं. अरोड़ा ने कहा कि वे गुरुवार को इसका जवाब देंगी.

    अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील जफरयाब जिलानी ने दलीलें दीं. उन्होंने कहा कि सन 1858 में पहली बार सिख निहंग मस्जिद वाली इमारत में जबरन घुसे और पाठ शुरू किया था. मना करने पर वे नहीं हटे तो दरोगा और पुलिस ने उनको जबरन बाहर किया. तब पहली बार कोई गैर मुस्लिम उस इमारत में उपासना के लिए दाखिल हुआ था. जिलानी की दलीलें पूरी होने के बाद भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण, यानी कि आर्कियालॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से मीनाक्षी अरोड़ा ने बहस की..

    मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि मस्जिद 1528 से थी, लेकिन कई तरह के सबूत मिले हैं. सबूत मौखिक भी हैं और वैज्ञानिक भी, लेकिन उन पर बहुत भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि यहां मामला सामाजिक विज्ञान से भी जुड़ा है. कुछ लोगों को रामजन्म स्थान का विश्वास है लेकिन 1528 में कुछ हुआ था.अरोड़ा ने हाईकोर्ट के फैसले के हवाले से कहा- 1885 में जिला जज ने भी यह पाया था कि महंत रघुबर दास ने मंदिर बनाया था. मस्जिद ऐसी जगह पर बनाई जो हिंदुओं के लिए पवित्र थी. लेकिन 356 साल  हो गए हैं. लिहाजा अब इस मामले में कुछ करने से शांति भंग होगी. लिहाजा दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखें.

    जफरयाब जिलानी की आंखों में मोतियाबिंद होने की वजह से उन्हें देखने में दिक्कत है. लिहाजा कोर्ट में कई दस्तावेज इनकी जूनियर आकृति ने पढ़े.  उन्होंने ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत का उल्लेख करते हुए कहा कि विक्रमादित्य के बनाए मंदिर और बौद्ध मठ, स्मारक अयोध्या में थे. मंदिरों के इस शहर में सारे मंदिर हिंदुओं के नहीं थे.

    मीनाक्षी अरोड़ा ने एएसआई की रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्षकारों की ओर से बहस की. मीनाक्षी अरोड़ा ने ASI की रिपोर्ट और खुदाई में मिले सामान पर दलीलें दीं. उन्होंने कहा कि उन अलग-अलग यात्रियों के वर्णन में भी मंदिर, ढांचे, खंबों को लेकर कई विरोधाभास हैं. जब मस्जिद बनाई गई तो वहां खाली जगह थी. जस्टिस बोबड़े ने कहा कि जीर्णोद्धार का मतलब यह भी हो सकता है कि वहां बहुत पुराना ढांचा रहा हो जहां यह मस्जिद बनाई गई.

    अरोड़ा ने कहा कि 1528 से 1992 तक मस्जिद का अस्तित्व था. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि इसमें दो तर्क हो सकते हैं, अव्वल तो निर्जन पड़े जीर्ण मंदिर की जगह मस्जिद बनाई गई, या फिर बिल्कुल खाली जमीन पर बनाई गई. आप इस पर अपनी बात रखें. अरोड़ा ने कहा कि हिंदुओं का दावा है कि महाराजा विक्रमादित्य के समय रामजन्म भूमि मंदिर बनाया गया था. उसमें

    कसौटी पत्थर के खंभों पर देवी-देवताओं की मूर्तियां थीं. उन्हें ध्वस्त कर उसके अवशेषों के साथ मस्जिद बनाई गई. इसमे एएसआई की रिपोर्ट भी मौखिक, यात्रा वृत्तांत और खुदाई में मिली चीज़ों का रसायनिक विश्लेषण है. ASI के खुदाई में विशेषज्ञ भुवन विक्रम सिंह थे. हाईकोर्ट ने उनसे भी पूछताछ की लेकिन कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकारों को उनसे जिरह की इजाजत नहीं दी.  बाद में एएसआई रिपोर्ट को ठोस सबूत माना और फैसले में इसका जिक्र भी किया.

    मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि हाईकोर्ट ने भी इस मामले में कुछ नहीं कहा कि मस्जिद बाबर ने बनाई या औरंगजेब ने. मैं भी इसमें नहीं पड़ूँगी. जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि ASI की रिपोर्ट न मानने का आधार क्या है? जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि मंदिरों के जीर्णोद्धार की भी परंपरा रही है. पुराने जीर्ण मंदिरों को उसी स्थान पर सिरे से बनाया जाता है. क्या जीर्ण मंदिर की जगह पर बनाई मस्जिद? ये तो हिन्दू पक्ष को बताना पड़ेगा कि वहां मंदिर था. वो सबूत दें. किसी यात्री के वृतांत से यह कैसे साबित होगा कि उसे किसी ने बताया था कि वहां एक मंदिर था.

    मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि रिपोर्ट पर दस्तखत नहीं हैं. सीजेआई ने कहा कि हालांकि वह रिपोर्ट कोर्ट का रिकॉर्ड बन गई थी, उस पर तो नाम छपे हैं. आपकी आपत्ति उसके लेखक को लेकर है. आप रिपोर्ट के दसवें चैप्टर को लेकर दलील देना चाहती हैं तो दें. जस्टिस भूषण ने कहा कि उस रिपोर्ट पर हरि

    मांझी और बीआर मणि के नाम छपे हैं, क्योंकि रिपोर्ट पर उनके दस्तखत हैं. ये तो ASI ने नाम छापकर मान लिया है कि यह साझा रिपोर्ट है. चीफ जस्टिस ने कहा कि हमने रिपोर्ट के दसवें अध्याय, जिसमें रिपोर्ट का निष्कर्ष है, को लेकर आपकी इस आपत्ति का संज्ञान लिया है. हम देखेंगे कि रिपोर्ट के साथ कोई फारवर्ड लेटर था या नहीं. अब आप अगला पॉइंट बताएं.

    मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि हिन्दू पक्षकारों ने यह नहीं बताया कि वहां मंदिर किसने और किस काल में बनाया? विक्रमादित्य तो कई राजाओं की पदवी रही, लिहाज़ा ये दावा ठोस नहीं है. 85 खंभे की बात कही गई जिनमें से एएसआई ने 50 को ही देखा और 12 को पूरी तरह एक्सपोज़ किया. बाकी को थोड़ा बहुत देखकर छोड़ दिया था. खुदाई के दौरान ज़मीन के भीतर से मिले सबूत का कालखंड निर्णय जरूरी है जिससे निर्माण काल का पता चलता है. जस्टिस बोबड़े ने कहा कि हालांकि यहां इसकी क्या अहमियत होगी? अरोड़ा ने कहा कि हो सकता है नीचे कोई मंदिर जैसा ढांचा हो, लेकिन उसे तोड़कर ही मस्जिद बनाई गई इसका कोई सबूत नहीं है.

    जस्टिस बोबड़े ने कहा, लेकिन नीचे मंदिर का ढांचा तो मिला है. उसके निर्माण के कालखंड की अहमियत उतनी नहीं है. मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि वहां खुदाई की जगह पश्चिमी छोर पर 50 मीटर लंबी मोटी दीवार मिली. वह ईदगाह की दीवार होगी. ईदगाह बस्ती के बाहर होती थी, जहां मुस्लिम बड़ी तादाद में ईद बकरीद की नमाज़ अदा करते थे. जस्टिस भूषण ने कहा कि आपकी दलीलों में ईदगाह का कहीं ज़िक्र नहीं है जैसा कि हिन्दू मंदिर होने की प्लीडिंग देते रहे हैं.

    मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि पुरातत्व रिपोर्ट में कहा गया है कि खंभे अलग-अलग समय के हैं. कोई 6AD और कोई 7AD का है. कोई बड़ा और छोटा तथा अलग-अलग दूरी पर स्थित हैं. ऐसे में खुदाई के बाद जिन खंभों की बात की जा रही है वह मंदिर के थे, यह स्पष्ट नहीं है. चीफ जस्टिस ने कहा कि आप जो भी दलीलें दे रहीं हैं वो आपके दावे से संबंधित हैं, क्या इनका औचित्य है? अरोड़ा ने कहा कि मेरा तात्पर्य यह है कि रिपोर्ट सही नहीं है. जस्टिस बोबड़े ने कहा कि आप क्यों पुरातत्व विशेषज्ञों की राय को नकार रहीं हैं, जबकि उन्होंने अदालत के आदेश पर प्रक्रिया के अनुरूप काम किया.. INPUT( NDTV)

  • अगर आप मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ स्वीकार नहीं कर सकते, तो आप भारतीय नहीं: जितेंद्र सिंह

    केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने बुधवार को कहा कि खुद को भारतीय नहीं मानने वाला ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को ‘भारत का पिता’ कहे जाने पर गर्व महसूस नहीं करेगा. डाक विभाग में केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) सुधारों की शुरुआत किए जाने संबंधी कार्यक्रम से इतर सिंह ने कहा कि भारत का सम्मान आज जिस ढंग से किया जा रहा है, वह विगत में दुर्लभ था. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री ने कहा, ‘जो लोग विदेश में रहते हैं, उन्हें आज भारतीय होने पर गर्व है. यह प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और उनकी व्यक्तिगत पहुंच की वजह से हो रहा है.’

    डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मोदी को ‘भारत का पिता’ कहे जाने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी किसी अमेरिकी राष्ट्रपति से किसी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए ऐसा शब्द नहीं सुना है. सिंह ने कहा, ‘यदि अमेरिका या इसके राष्ट्रपति की ओर से कोई निष्पक्ष और साहसिक बयान आता है तो मुझे लगता है कि हर भारतीय को गर्व महसूस होना चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा से जुड़ा हो.’ उन्होंने कहा, ‘यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी भारतीय प्रधानमंत्री या विश्व के किसी अन्य नेता की प्रशंसा इस तरह के शब्दों से की है. यदि किसी को इस पर गर्व नहीं है तो हो सकता है कि वह खुद को भारतीय न मानता हो.’ कुछ कांग्रेस नेताओं के यह कहने पर कि केवल एक ही राष्ट्रपिता हो सकता है, सिंह ने कहा कि इसके लिए कांग्रेस को ट्रम्प से जिरह करनी होगी.

    आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की आलोचना करते हुए सिंह ने कहा, ‘जहां तक आतंकवाद और इस बुराई को बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका की बात है, तो जो विदेशी देश आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता की भारत की बात को नहीं मानते थे, वे आज इसे स्वीकार कर रहे हैं और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है.’ ट्रम्प ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में मोदी की खूब सराहना की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘मुझे याद है कि भारत पहले काफी अस्थिर था. वहां काफी मतभेद, लड़ाई थी, लेकिन वह (मोदी) सभी को साथ लेकर आए. जैसे कि एक पिता करता है. शायद वह ‘फादर ऑफ इंडिया’ (भारत का पिता) हैं.. input: (NDTV)

  • Petrol-Diesel के दाम में वृद्धि पर 8 दिन बाद लगा ब्रेक, जानें अपने शहर की कीमत..

    पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार आठ दिन से हो रही वृद्धि पर आखिरकार बुधवार को ब्रेक लगा. उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी का रुख बना हुआ है. बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव दो दिनों में करीब दो डॉलर प्रति बैरल गिरा है. सऊदी अरामको के तेल संयंत्रों पर हुए हमले से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आए जोरदार उछाल के बाद भारत की तेल विपणन कंपनियां लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही थीं.

    इस हमले के बाद भारत में पेट्रोल दो रुपये से ज्यादा महंगा हो गया है. वहीं, डीजल का दाम दिल्ली में 1.70 रुपये लीटर बढ़ गया है तो कुछ अन्य शहरों में डीजल के दाम में इससे ज्यादा की वृद्धि हुई है.

    हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में फिर नरमी का रुख बना हुआ है. पिछले सत्र में बेंट क्रूड के वायदा सौदे में 3.75 फीसदी की गिरावट आई. ऊर्जा विशेषज्ञ बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक विकास सुस्त पड़ने से तेल की मांग कमजोर रहने की संभावनाओं से तेल की कीमतों पर फिर दबाव आया है.

    इंडियन ऑयल की बेवसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम पूर्ववत क्रमश: 74.13 रुपये, 76.82 रुपये, 79.79 रुपये और 77.06 रुपये प्रति लीटर बने रहे. चारों महानगरों में डीजल के दाम भी बिना किसी बदलाव के क्रमश: 67.07 रुपये, 69.47 रुपये, 70.37 रुपये और 70.91 रुपये प्रति लीटर बने हुए हैं.

    इसी महीने 14 सितंबर को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के तेल संयंत्रो पर ड्रोन से हुए हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में 16 सितंबर को अचानक तकबरीन 20 फीसदी का उछाल आया जोकि 28 साल बाद आई सबसे बड़ी एक दिनी तेजी थी. कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी यमन के हौती विद्रोहियों ने ली थी.

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के नवंबर डिलीवरी अनुबंध में इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर पिछले सत्र के मुकाबले 0.65 फीसदी की नरमी के साथ 62.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था. INPUT(NDTV)

  • चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा रंगदारी के आरोप में गिरफ़्तार

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न और कई लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाने वाली छात्रा के भाई ने कहा कि मेरी बहन की अग्रिम जमानत याचिका शाहजहांपुर के स्थानीय अदालत में लंबित होने के बावजूद एसआईटी उन्हें गिरफ्तार करके ले गई. ये अदालत की अवमानना है.

     

    भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली 23 वर्षीय कानून की छात्रा को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार सुबह को ब्लैकमेल करने और पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

    इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पूछताछ के बाद एसआईटी ने छात्रा को उसके घर से गिरफ्तार किया.

    छात्रा के भाई ने कहा, ‘मेरी बहन से पूछताछ के लिए एसआईटी सुबह मेरे घर पहुंची. कुछ मिनट तक उससे बात करने के बाद एसआईटी ने हमें बताया कि वे उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं. जब मेरी बहन ने इस पर आपत्ति जताई और उनके साथ जाने से इनकार किया तब एसआईटी अधिकारी उन्हें जबरदस्ती खींचकर कार में ले गए.’

    उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी बहन की अग्रिम जमानत याचिका शाहजहांपुर के स्थानीय अदालत में लंबित होने के बावजूद एसआईटी उसे गिरफ्तार करके ले गई. मेरी बहन की गिरफ्तारी अदालत की अवमानना है.’

    छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने मंगलवार को स्वीकार किया था और 26 सिंतबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी.

    वहीं शाहजहांपुर के जिला सरकारी वकील अनुज कुमार ने कहा, ‘लड़की द्वारा अग्रिम जमानत की याचिका जिला जज की अदालत में दी गई है और इसकी सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार कर रहे हैं, जो कि फिलहाल जिला जज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.’

    उन्होंने कहा, ‘अदालत ने एसआईटी को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना जवाब दाखिल करे. बिना कोई अंतरिम राहत दिए हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की है.’

    बता दें कि, पिछले हफ्ते चिन्मयानंद को महिला का पीछा करने, आपराधिक धमकी और गलत तरीके से बंदी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

    पीड़ित छात्रा के वकील ने कहा था कि 73 वर्षीय चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप के तहत केस दर्ज नहीं कराया गया है. इसकी जगह उन पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए अधिकारों का गलत इस्तेमाल से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है. हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की थी.

    चिन्मयानंद को शाहजहांपुर स्थित उनके आवास ‘दिव्य धाम’ से गिरफ्तार किया गया था. विशेष जांच दल ने उन्हें सीजेएम की अदालत में पेश किया था जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

    इसके बाद एसआईटी ने बताया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं, जिसमें यौन वार्तालाप और मालिश के आरोप भी शामिल हैं.

    गौरतलब है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण तथा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाने के साथ ही उसे तथा उसके परिवार को जान का खतरा बताया था.

    हालांकि छात्रा ने इस वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन छात्रा के पिता ने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में कहा है कि वह चिन्यमानंद की ओर इशारा कर रही थी.

    छात्रा के पिता ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनकी बेटी का यौन शोषण किया गया. इसके बाद भाजपा के पूर्व सांसद के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई.

    चिन्मयानंद इस महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं.

    हालांकि, इससे एक दिन पहले स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का भी मुकदमा दर्ज करा दिया था.

    इसके बाद चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के आरोप में तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के अनुसार, इनमें से एक छात्रा के साथ मिला था जबकि दो अन्य उसके साथी हैं. उन्हें भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है.

     

  • अमिताभ बच्चन को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

    प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है. दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसी कलाकार के लिए भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है.

    सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्विटर पर इस खबर की पुष्टि की.

    जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ‘दो पीढ़ियों का मनोरंजन और उन्हें प्रेरित करने वाले कलाकार अमिताभ बच्चन को सर्वसम्मति से दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है. पूरा देश एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रसन्न है। उन्हें मेरी ओर से हार्दिक बधाई.

    76 वर्षीय अमिताभ बच्चन ने 1970 के दशक में ‘ज़ंजीर’, ‘दीवार’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों के माध्यम से युवा पीढ़ी के गुस्से को अभिव्यक्ति दी और उन्हें ‘एंग्री यंग मैन’ कहा गया.

    1970 के दशक से शुरू हुआ अमिताभ का स्टारडम भारतीय सिनेमा में अब तक जारी है.

    अपने पांच दशक के करिअर में अमिताभ ने कई यादगार फिल्में दीं और उन्हें अग्निपथ (1990), ब्लैक (2005), पा (2009) और पीकू (2015) के लिए चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

    1984 में पद्मश्री, 2001 में पद्मभूषण और 2015 में पद्मविभूषण से भी अमिताभ बच्चन को नवाज़ा जा चुका है. इसके अलावा फ्रांस की सरकार साल 2007 में उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित कर चुकी है.

    अमिताभ बच्चन ने साल 1969 में बॉलीवुड में फिल्म सात हिंदुस्तानी से कदम रखा था. उनकी हालिया फिल्म बदला (2019) थी, जिसमें वह अभिनेत्री अमृता सिंह और तापसी पन्नू के साथ नजर आए थे.

    बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का करिश्मा बिखेरने वाले अमिताभ बच्चन ने छोटे पर्दे यानी टीवी पर भी खासी सफलता हासिल की. छोटे पर्दे पर साल 2000 से शुरू हुआ कौन बनेगा करोड़पति आज भी लोगों के पसंदीदा कार्यक्रमों में से एक है. वर्तमान में वह कौन बनेगा करोड़पति के 11वां संस्करण के प्रस्तोता हैं.

     

     

     

     

  • Petrol-Diesel के दाम में वृधि पर 8 दिन बाद लगा ब्रेक, जानें अपने शहर की कीमत

    पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार आठ दिन से हो रही वृद्धि पर आखिरकार बुधवार को ब्रेक लगा. उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी का रुख बना हुआ है. बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव दो दिनों में करीब दो डॉलर प्रति बैरल गिरा है. सऊदी अरामको के तेल संयंत्रों पर हुए हमले से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आए जोरदार उछाल के बाद भारत की तेल विपणन कंपनियां लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही थीं.

    इस हमले के बाद भारत में पेट्रोल दो रुपये से ज्यादा महंगा हो गया है. वहीं, डीजल का दाम दिल्ली में 1.70 रुपये लीटर बढ़ गया है तो कुछ अन्य शहरों में डीजल के दाम में इससे ज्यादा की वृद्धि हुई है.

    हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में फिर नरमी का रुख बना हुआ है. पिछले सत्र में बेंट क्रूड के वायदा सौदे में 3.75 फीसदी की गिरावट आई. ऊर्जा विशेषज्ञ बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक विकास सुस्त पड़ने से तेल की मांग कमजोर रहने की संभावनाओं से तेल की कीमतों पर फिर दबाव आया है.

    इंडियन ऑयल की बेवसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम पूर्ववत क्रमश: 74.13 रुपये, 76.82 रुपये, 79.79 रुपये और 77.06 रुपये प्रति लीटर बने रहे. चारों महानगरों में डीजल के दाम भी बिना किसी बदलाव के क्रमश: 67.07 रुपये, 69.47 रुपये, 70.37 रुपये और 70.91 रुपये प्रति लीटर बने हुए हैं.

    इसी महीने 14 सितंबर को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के तेल संयंत्रो पर ड्रोन से हुए हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में 16 सितंबर को अचानक तकबरीन 20 फीसदी का उछाल आया जोकि 28 साल बाद आई सबसे बड़ी एक दिनी तेजी थी. कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी यमन के हौती विद्रोहियों ने ली थी.

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के नवंबर डिलीवरी अनुबंध में इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर पिछले सत्र के मुकाबले 0.65 फीसदी की नरमी के साथ 62.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था.