Author: Fazlul Mobeen

  • MEEM ने बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाकों में किया फूड किट का वितरण ।।

    MEEM ने बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाकों में किया फूड किट का वितरण ।।

    सीतामढ़ी:

    दिल्ली और आस-पास के युवाओं के द्वारा गठित समाजिक संगठन *मीम* की बिहार से पहचान वर्ष 2017 में हुई जब यह टीम बिहार में आये प्रलयकारी बाढ़ में पहली बार बिहार के पूर्वी चम्पारण पहुंची। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर जरूरतमंद लोगों को चिन्हित कर स्थानीय समाजिक संगठनों के सहयोग से घर-घर तक मदद पहुंचाने की कोशिश की। टीम ने अपने कार्य करने के अंदाज से चम्पारण और सीतामढ़ी के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित किया और वह इस संगठन से जुड़ने लगे। इस वर्ष जुलाई में जब प्रलयकारी बाढ़ ने बिहार में दस्तक दिया और सीतामढ़ी जिला के साथियों ने मदद की गुजारिश की तो *इरशु ताज और वसीम कुरैसी* को दिल्ली से सीतामढ़ी के बैरगनिया प्रखण्ड के बाढ़ग्रस्त परिवारों को चिन्हित करने के लिए भेजा गया। स्थानीय साथी *मिनहाज खान, अरशद खान, शादाब अनवर, गुफरान असद, सद्दाम खान और क़ादिर खान आदि* के साथ मिलकर टीम ने बैरगनिया प्रखण्ड के पिपराढी सुल्तान, चकवा तकिया टोला और चकवा गांव के लगभग 350 परिवारों को चिन्हित किया और खाने का किट वितरण किया।

    Fazlul Mobeen

  • पटना यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरी का मनाया गया शताब्दी समारोह । पी यू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने को लेकर उप राष्ट्रपति को छात्रों ने दिखाए पोस्टर , नीतिश ने भी किया समर्थन

    पटना यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरी का मनाया गया शताब्दी समारोह ।
    पी यू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने को लेकर उप राष्ट्रपति को छात्रों ने दिखाए पोस्टर , की नारे बाज़ी

    नीतीश ने कहा- अगर उपराष्ट्रपति चाहें तो छात्रों की मांग पूरी हो सकती है

    पटना / फजलुल मोबीन

    पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सामने पोस्टर लहराए और पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की मांग की। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर तब हल्ला करना शुरू कर दिया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नीतीश ने भी छात्रों की मांग का समर्थन किया और कहा कि इस बारे में उपराष्ट्रपति से बात करेंगे। अगर उपराष्ट्रपति चाहें तो छात्रों की मांग पूरी हो सकती है। नीतीश ने कहा किहमने पटना विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग की थी, लेकिन हमारी मांग को खारिज कर दिया गया।
    लिहाजा, पटना विवि को आज तक केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा नहीं मिल सका है।वेंकैया नायडू के भाषण के दौरान भी छात्रों ने मांगों को लेकर पोस्टर लहराना शुरू कर दिया।

    इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैं दिल्ली जाकर शिक्षा मंत्री से इस विषय पर बात करूंगा और छात्रों के हित में जो भी उचित फैसले लिए जा सकते हैं, लिए जाएंगे। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू रविवार को पटना यूनिवर्सिटी के सेंट्रल लाइब्रेरी के 100 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
    इस मौके पर नायडू ने कहा कि लोग सरकार से कार्यक्रम शुरू करने की मांग करते हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार, कोई भी योजना तब तक सफल नहीं होगी जब तक उसमें जनता की भागीदारी नहीं हो। चाहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना हो या पेड़ लगाने की योजना, जब तक ये योजनाएं जन आंदोलन का रूप नहीं लेगी तब तक देश आगे नहीं बढ़ सकता।
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक समृद्ध पुस्तकालय ज्ञान का मंदिर होता है। जीवन में पुस्तकों का काफी महत्व है। एक प्रसिद्ध दार्शनिक ने कहा था कि बिना किताबों का कमरा बिना आत्मा के शरीर के समान होता है। ज्ञान के लिए पुस्तक और पुस्तकालय के प्रति आकर्षित होना स्वभाविक है। लोग बोलने से पहले सोचें और सोचने से पहले पढ़ें। पढ़ने से ही सोचने की क्षमता विकसित होती है। ये बातें हर उम्र के लोगों पर लागू होती है। हर उम्र के लोगों को पढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा समेत कई मंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम में कई किताबों का भी विमोचन किया गया।

    #श्रोत_

  • बाढ़ग्रस्त इलाकों के जन प्रतिनिधियों ने बिजली बिल माफी को लेकर रखी अपनी मांग

    पटना : बाढ़ग्रस्त इलाकों के जनप्रतिनिधि बिजली बिल माफ करने की सरकार से मांग कर रहे हैं. इसमें मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर जिले के जनप्रतिनिधि शामिल हैं. उनका कहना है कि बाढ़ खत्म होने के बाद पीड़ितों को आय का साधन विकसित करने और नुकसान से उबरने में समय लग जायेगा. खासकर किसानों की दयनीय स्थिति है.
    ऐसे में बाढ़पीड़ितों का बिजली बिल माफ होना चाहिए. दूसरी ओर इस संबंध में ऊर्जा विभाग के मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि फिलहाल बाढ़पीड़ितों का बिजली बिल माफ करने के संबंध में सरकार के पास कोई योजना नहीं है.
    इस संबंध में पंचायती राज विभाग के मंत्री और मधुबनी जिले के बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र के विधायक  कपिलदेव कामत ने कहा कि सरकार बाढ़पीड़ितों की हर तरह से सहायता कर रही  है. ऐसे में उनका बिजली बिल माफ हो जाये तो अच्छा है. उन्होंने कहा  कि नेपाल से बागमती नदी में पानी के साथ बालू भी आया है. इससे    मधुबनी जिले  के लदनिया प्रखंड स्थित कुमारखंड पूर्वी और कुमारखंड पश्चिमी पंचायतों में  करीब दो हजार हेक्टेयर जमीन में पांच फुट ऊंचाई तक बालू भर गया है.
     
    मांग उचित 
    योजना एवं विकास विभाग के मंत्री और समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर से विधायक महेश्वर हजारी ने कहा कि प्रजातंत्र में मांग करना उचित है. मुख्यमंत्री भी बाढ़पीड़ितों को  हरसंभव सहायता का आश्वासन दिये हैं. उन्होंने कहा कि   बिजली बिल माफ होना चाहिए, लेकिन सरकार वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेगी.
    बिल माफी से िमलेगी मदद 
    दरभंगा के विधायक संजय सरावगी ने कहा कि बाढ़पीड़ितों के लिए सरकार कई स्तर पर राहत कार्य चला रही है. पीड़ित परिवारों के खाते में छह-छह हजार रुपये  भेज दिये गये हैं. फसल क्षति और मृत पशुओं का आकलन हो रहा है. इसके लिए भी मदद दी जायेगी. उन्होंने कहा कि बाढ़पीड़ितों खासकर किसानों का बिजली बिल भी माफ होना चाहिए.
    सरकार से रखेंगे मांग
    रोसड़ा के विधायक डॉ अशोक कुमार ने कहा कि  बाढ़पीड़ितों का बिजली बिल माफ होना चाहिए. इस संबंध में संबंधित मंत्री और अधिकारियों से मिलकर अपनी मांग रखेंगे
    Fazlul Mobeen

  • ढाका में महावीरी झंडा को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न

    ढाका में महावीरी झंडा को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न , निर्दोषों पर कार्रवाई को लेकर खूब हुआ हंगामा 

    ढाका (पु०च०)

    अगामी 5अगस्त को महावीरी झंडा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर  अनुमंडल के ढाका थाना परिसर मे शुक्रवार को शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुई ।बैठक का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी व नव पद स्थापित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कर रहे थे।

    बैठक मे अनुमंडल पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश ने कहा कि : चप्पे चप्पे पर सी सी टीवी के ज़रिए निगरानी की जाएगी । किसी भी तरह असमाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और ना ही निर्दोष को फंसाया जाएगा । उन्हों ने कहा जुलुस वाले मार्ग को मोटरेबल बनाने के लेकर विभाग को निर्देश दिए जा चुके हैं और पर्व से पूर्व उक्त कार्य को पूरा कर लिया जाएगा । अंत में उन्हों ने कहा कि  संवेदनशील जगहों पर प्रयाप्त पुलिस बल के साथ जुलुस वॉलंटियर की भी तैनाती रहेगी साथ ही उन्होंने हर जुलुस के साथ अंकित गांव के नाम कि तख्ती को साथ रखने की भी अपील की ।जबकि नव पदस्थापित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवेन्द्र कुमार अनुभवी ने बैठक में अधिक संख्या में उपस्थित सदस्यों को देखकर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि : यहां के लोगों में अनुशासन है और अनुशासन वाले लोग ही सख्ती से कानून का पालन करते हैं । उन्हों ने कहा कि:  आप दोनों समुदाय के बुद्धिजीवी लोग शांतिपूर्वक महाबीरी झंडा सम्पन्न कराने मे दिल से सहयोग करे। इस बार उपद्रवी तत्व पर जुलुस में पैनी नजर रखें , शराब मुक्त जुलुस लाएं । डी एस पी ने कहा कि उपद्रवी अगर अपने मन मे अंशांती की सोंच बनाते रहेंगे , तबतक पुलिस उन्हें थाने के अंदर कर लेगी।
    इस मौके पर उपस्थित दोनो समुदाय के लोगों ने प्रशासन से जुलुस वाले मार्ग को मोटरेबल बनाने व संवेदनशील जगहों पर प्रयाप्त पुलिस बल की जुलूस समाप्ति तक प्रतिनियुक्त करने की मांग की। जबकि मुस्लिम समुदाय की ओर से 6.30 से 7.15 तक मगरिब नमाज़ का समय दिया गया इस दौरान जुलुस मस्जिद को पार नहीं करेगी ।
    इधर बैठक में निर्दोषों पर कार्रवाई को लेकर दोनों समुदाय के लोगों ने जांच करने की भी अपील की।
    बैठक मे थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजय कुमार,बी डी ओ शशी कुमार,सीओ अशोक कुमार के साथ अताउल्लाह ढाकवी , ई ० किशोर कुमार ,पप्पू चौधरी, अली अख्तर उर्फ गुड्डू , शंभू सिंह, प्रमोद मिश्र, अम्बीका सिंह, शम्स तबरेज, मो. वसी अख्तर, नूर आलम खान, मो नुरैन, अंजार खान, जमील अख्तर , दिलीप श्राफ सहित लाइसेंस धारी एवं दोनो समुदाय के सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
    विदित हो कि गत् वर्ष मुहर्रम  के दौरान  ढाका मे कतिपय कारणों से दोनो समुदाय मे काफी झंझट हो गया था।जिससे क्षेत्र मे कई दिनों तक तनाव व्याप्त था।अमन शांति के खातिर जिलाधिकारी रमण कुमार व एस पी उपेन्द्र कुमार शर्मा को कई दिनों तक ढाका मे कैम्प करनी पडी थी।
    जिसके मद्देनजर इस बार ढाका की प्रशासन काफी चुस्त चौबन्द नज़र आ रही है ।।

  • शिवहर राजद अध्यक्ष का विवादित बयान , “फैसल अली” को अकबर बताया

     

    शिवहर ( मिल्लत टाइम्स)

    महागठबंधन के शिवहर लोकसभा प्रत्याशी सैयद फैसल अली के स्वागत समारोह के बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवहर राजद अध्यक्ष दीपू वर्मा द्वारा फैसल अली को दूसरा अकबर बताया गया है । जिसके बाद उनके बयान पर पलटवार होने शुरू हो गए हैं ।

     

    मोतीहारी के युवा नेता और जिला पार्षद संजय सिंह ने शिवहर राजद जिलाध्यक्ष दीपू वर्मा द्वारा एक प्रेस वार्ता में शिवहर लोकसभा के राजद प्रत्याशी सैयद फैसल अली को दूसरा अकबर कहने पर कटाक्ष किया है। श्री सिंह ने कहा कि राजद के लोगो का अकबर प्रेम उबाल मार रहा है।अब भी इनके दिमाग मे अकबर महान वाला कीड़ा है।जिस कारण उन्होंने अपने लोकसभा प्रत्याशी सैयद फैसल अली को अकबर की संज्ञा दी है।परन्तु उन्हें भूलना नही चाहिए कि शिवहर छोटा चित्तौरगढ़ के नाम से प्रख्यात है।और चित्तौरगढ़ पर शासन हमेशा महाराणा प्रताप ने किया,अकबर ने नही।उन्होंने कहा कि चित्तौरगढ़ की जनता के दिल मे हमेशा महाराणा प्रताप ही रहते है,अकबर के लिए कोई जगह नही है। सिंह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में शिवहर की जनता अकबर और महाराणा प्रताप में से स्वयं अपना प्रतिनिधि चुन लेगी।

  • शिवहर लोकसभा क्षेत्र के महागठबंधन प्रत्याशी फैसल अली का विरोध , नाराज कार्यकर्ताओं की तेजस्वी को हिदायत , टिकट वापस नहीं लेने पर देंगे सैकड़ों कार्यकर्ता पद से देंगे इस्तीफा

    शिवहर लोकसभा क्षेत्र के महागठबंधन प्रत्याशी फैसल अली का विरोध जारी , नाराज कार्यकर्ताओं की तेजस्वी को सख्त हिदायत , टिकट वापस नहीं लेने पर देंगे सैकड़ों कार्यकर्ता पद से देंगे इस्तीफा , 

    शिवहर ( फजलुल मोबीन )

    बीते कुछ दिनों से ये खबर मिल रही थी के सैयद फैसल अली शिवहर लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन के उम्मीदवार हो सकते हैं । जिसकी पुष्टि कल शनिवार को राजद ने की । राजद प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे के अनुसार सैयद फैसल अली को ही शिवहर लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन का प्रत्याशी बनाया गया ।
    जैसे ही यह खबर शिवहर के आम जनों तक पहुंची सोशल मीडिया से लेकर चौक चौराहा तक उनके विरुद्ध आवाज उठनी शुरू हो गई जहां एक तरफ लोग आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को उसका जिम्मेदार बता रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सैयद फैसल अली की दावेदारी पर भी लोगों ने प्रश्न चिन्ह लगाया है ??
    इस से पूर्व ये चर्चा तेज थी के वैशाली के सांसद रमा सिंह या आंगेश कुमार सिंह अंग्राज या पूर्व सांसद लवली आनंद को महागठबंधन का प्रत्याशी बनाया जाएगा ।
    लेकिन जैसे ही कल फैसल अली का नाम आया वैसे ही विरोध के स्वर उठने लगे जहां एक तरफ लोगों ने “शिवहर बचाओ – बाहरी भगाओ” का नारा दिया ….. वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के प्रतित्वबंदी रमा देवी को भी राजद समर्थकों ने बधाई देनी शुरू कर दी ।
    नाराज राजद कार्यकर्ताओं ने पार्टी को चेतावनी दी है कि अगर स्थानीय को टिकट नहीं मिलता है तो वह पार्टी का विरोध कर आने वाले प्रत्याशी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और उन्हें काले झंडे दिखाएंगे । समर्थकों का कहना है कि शिवहर लोकसभा सीट से स्थानीय को टिकट ना देकर पार्टी के आलाकमान ने यहां की जनता से भद्दा मजाक किया है जिसको वह कतई कुबूल नहीं करेंगे ।

       गौरतलब होगी सैयद फैसल अली का संबंध बिहार के गया जिला से है । वे सऊदी अरब के सुप्रसिद्ध दैनिक पत्रिका अरब न्यूज़ में 18 साल तक एडिटर इन चीफ के पद पर रह चुके हैं वहीं वे भारत के सबसे बड़े एवं सुप्रसिद्ध उर्दू न्यूज़ ग्रुप रोजनामा राष्ट्रीय सहारा के भी ग्रुप एडिटर रह चुके हैं और अब वे दैनिक उर्दू पत्रिका ” सच की आवाज़ ” के मालिक और संपादक हैं ।
    …… शिवहर लोकसभा क्षेत्र जिसे चितौड़ गढ़ कहा जाता है यहां राजपूत समाज का वोट काफी निर्णायक होता है और अगर वो राजद समर्पित उम्मीदवार को अपना समर्थन करते हैं तो वो MY समीकरण के साथ राजद को आसानी से लक्ष्य की प्राप्ति हो जाती है । लेकिन उसके लिए किसी राजपूत उम्मीदवार का मैदान में उतरना ही परफेक्ट बैठता है । अब जब फैसल अली को प्रत्याशी बनाया गया है तो ऐसे में उनकी राह काफी मुश्किल होगी ऐसी परिस्थिति में my समीकरण उन्हें अपना नेता मान भी लेती है फिर भी उनके लिए दिल्ली दूर नजर आ रही है …. क्यूंकि यहां मुस्लिम प्रत्याशी को मुस्लिम वोट छोड़ कर किसी समाज का वोट कभी नहीं मिला है ….
    …… शिवहर लोकसभा क्षेत्र से अब तक सिर्फ एक मुस्लिम सांसद अनवारूल हक के रूप में निर्वाचित हुए हैं जो कि यहां के हर दिल अजीज और स्थानीय नेता थे लेकिन वह भी 2014 में लगभग डेढ़ लाख वोटों से चुनाव हारे थे। 2009 से यहां से लगातार बीजेपी की नेत्री रामादेवी जीतती आई है । लोगों के अनुसार सैयद फैसल अली को वर्तमान परिस्थिति देख कर मैदान में नहीं उतरना चाहिए क्योंकि आमजन विशेषकर अल्पसंख्यक बिल्कुल ही नहीं चाहते यहां से कोई मुस्लिम प्रत्याशी हो क्योंकि जब जब मुस्लिम उम्मीदवार होता है तब तब हिंदू – मुस्लिम का रंग देकर बीजेपी अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेती है ….. मुसलमानों के वोट बैंक पर राज करने वाली आरजेडी की हवा शिवहर लोकसभा क्षेत्र में अभी इतनी खराब हो चुकी है कि खुद यहां के पार्टी कार्यकर्ता राजद घोषित उम्मीदवार सैयद फैसल अली को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं कर रहे हैं । यहां तक कि लोगों ने राजद को वोट ना देकर किसी निर्दलीय को वोट देने का फैसला कर लिया है ।

    बताते चलें कि ….. इसे पूर्व 2014 में साबिर अली को जदयू कोटे से उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन मुसलमानों का साथ न मिलने पर उन्होंने टिकट वापस कर दिया था ठीक वैसी ही परिस्थिति आज फैसल अली के साथ भी है । लोगों ने कई माध्यम से पार्टी को सूचित किया है कि वह किसी भी कीमत पर बाहरी प्रत्याशी को स्वीकार नहीं करेंगे तथा लोगों ने पार्टी के आला कमान विशेषकर तेजस्वी यादव को सख्त हिदायत दे डाली है कि इस पर विचार विमर्श कर अपने फैसले को बदलें ।

    ★ मिल्लत टाइम्स के लिए फजलुल मोबीन की खास रिपोर्ट ★