ओवैसी एवं बीजेपी नेता हिमंत बिस्वा के बीच एनआरसी को लेकर ट्वीटर पर तीखी बहस

दानिश अली,नई दिल्ली:असम में हाल में जारी की गयी एनआरसी की आंतिम सूची को लेकर एआईएमआईएम के सदर असदुद्दीन ओवैसी […]

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04 September 2019 (Publish: 05:57 PM IST)

दानिश अली,नई दिल्ली:असम में हाल में जारी की गयी एनआरसी की आंतिम सूची को लेकर एआईएमआईएम के सदर असदुद्दीन ओवैसी और बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा के बीच ट्वीटर पे तीखी बहस देखने को मिली। दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी ने हिमंत बिस्वा सरमा का एक विडियो शेयर करते हुए लिखा कि, ‘यह खुली स्वीकारोक्ति है कि किस तरह असम एनआरसी का इस्तेमाल मुस्लिमों को बाहर करने के लिए किया गया। पहले तो इस जटिल प्रक्रिया में बगैर दस्तावेजी सबूतों के लोगों को शामिल करने के बाद अब हिमंत बिस्वा कह रहे हैं कि किसी भी हाल में हिंदुओं की रक्षा की जाएगी।

उन्होंने आगे लिखा कि ‘किसी की मान्यता के आधार पर न तो उसे नागरिकता दी जानी चाहिए और न ही वापस लेनी चाहिए। इस ट्वीट के जवाब में सरमा ने लिखा, ‘अगर भारत हिंदुओं की रक्षा नहीं करेगा तो कौन करगा ? पाकिस्तान ? भारत हमेशा सताए हुए हिंदुओं का घर रहेगा, भले ही आप इसके विरोधी हों सर…

मगर बात यहीं खत्म नहीं हुई। सरमा के इस जवाबी ट्वीट पर ओवैसी ने फिर लिखा, ‘भारत को सभी नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए, न कि सिर्फ हिंदुओं की। जो लोग टू नेशन थ्यौरी में विश्वास रखते हैं, वे कभी नहीं समझ सकते हैं कि ये देश किसी एक आस्था या मान्यता से बहुत बड़ा है। संविधान कहता है कि भारत सभी धर्म और जाति के लेगों को बराबरी का दर्जा देगा। ये हिंदू राष्ट्र नहीं है, और न ही कभी होगा… इंशाअल्लाह। फिर हिमंत बिस्वा ने पलटवार करते हुए लिखा कि, ‘सर भारत एक सभ्यता है, देश नहीं। इंडिया, जो कि भारत है…वह हमेशा एक जीवंत सभ्यता थी और रहेगी। हिंदुओं की बात करें तो भारत 5000 सालों से अधिक समय से हमारा घर रहा है।
गौरतलब हो कि असम में बहुप्रतिक्षित एनआरसी की अंतिम सूची शनिवार को जारी कर दी गई है। जिसमें शामिल हेने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था। जिनमें 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है।

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