मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी का इंतिकाल

Millat Times Staff

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29 June 2026 (Publish: 07:18 AM IST)

मशहूर आलिम-ए-दीन, दारुल उलूम नदवतुल उलेमा के पूर्व उस्ताद-ए-हदीस और जाने-माने वक्ता मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी का रविवार सुबह इंतिकाल हो गया। उनके बेटे यूसुफ हुसैनी के अनुसार, मौलाना का 72 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से इंतकाल हुआ।

उनके निधन की खबर से देश और विदेश के धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक हलकों में ग़म माहौल हैं। बड़ी संख्या में उलेमा, छात्रों और उनके चाहने वालों ने गहरा दुख ज़ाहिर किया है।

चार दशक तक नदवतुल उलेमा में दी सेवाएं

मौलाना सलमान हुसैनी नदवी ने करीब 40 वर्षों तक दारुल उलूम नदवतुल उलेमा में तदरीसी ख़िदमात अंजाम दीं। इस दौरान उन्होंने हदीस, इस्लामी अध्ययन और दीन की शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह जामिया सैयद अहमद शहीद, कटौली (मलिहाबाद) के संस्थापक भी थे। इसके अलावा वह मजलिस उलेमा इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदस्य रहे और कई धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे।

बेबाक अंदाज और इल्मी पहचान के लिए थे मशहूर

मौलाना सलमान हुसैनी नदवी अपनी बेबाक तकरीरों, गहरी इस्लामी समझ और दावती सेवाओं के लिए देश-विदेश में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इस्लाम की शिक्षा, अध्यापन और दावत-ए-दीन के काम में समर्पित कर दी। उम्मत से जुड़े विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर भी वह अपनी राय खुलकर रखते थे, जिसकी वजह से उनकी अलग पहचान बनी।

आज अस्र की नमाज के बाद होगी सुपुर्द-ए-खाक

मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी की नमाज-ए-जनाजा आज यानी सोमवार 29 जून 2026 अस्र की नमाज के बाद जामिया सैयद अहमद शहीद, कटौली (मलिहाबाद) में अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें वहीं सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके इंतकाल से इस्लामी शिक्षा जगत और उनके चाहने वालों के बीच गहरे शोक का माहौल है।

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