समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जेल में बंद मोहम्मद आजम खान को दोहरे पैन कार्ड मामले में बड़ा झटका लगा है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 7 साल की सजा को अपर्याप्त मानते हुए इसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया है।
यह फैसला अभियोजन पक्ष की अपील पर आया है। इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए दोनों को 7-7 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
कोर्ट ने जुर्माने की रकम भी बढ़ाई
सेशन कोर्ट ने सजा के साथ-साथ जुर्माने की राशि में भी बड़ा बदलाव किया है।
- मोहम्मद आजम खान की सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है।
- उनका जुर्माना 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
- वहीं, अब्दुल्ला आजम खान की 7 साल की सजा बरकरार रखी गई है।
- हालांकि, उनका जुर्माना बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक दस्तावेजों में हेरफेर और धोखाधड़ी जैसे मामलों में कड़ी सजा जरूरी थी और अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार किया।
बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना का बयान
इस मामले के शिकायतकर्ता और भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने भी फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और फर्जी दस्तावेजों के सहारे खड़ा किया गया साम्राज्य आखिरकार कानून के सामने टिक नहीं सका।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के नाम पर कथित तौर पर दो पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। आरोप है कि अलग-अलग जन्मतिथि दिखाकर दो पैन कार्ड तैयार कराए गए थे।
अभियोजन पक्ष का दावा है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल वित्तीय लाभ लेने और चुनाव लड़ने के लिए किया गया। इसी मामले में अदालत ने आजम खान और उनके बेटे को दोषी माना था।
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