पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही वह राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बन गए हैं।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराकर बने मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने इस विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। यह जीत बंगाल की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के रूप में देखी जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रोटोकॉल के तहत ममता बनर्जी को भी निमंत्रण भेजा गया था।
इन नेताओं ने भी ली मंत्री पद की शपथ
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जा सकता है।
अमित शाह ने किया था मुख्यमंत्री पद के लिए नाम का ऐलान
8 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे। भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
15 साल बाद खत्म हुआ टीएमसी का शासन
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। इस परिणाम के साथ ही ममता बनर्जी के 15 साल लंबे शासन का अंत हो गया।
मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?
शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र पर काम करेगी। उन्होंने बंगाल में कानून-व्यवस्था मजबूत करने, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने और निवेश बढ़ाकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का वादा किया।
बीजेपी के लिए क्यों खास है यह जीत?
पश्चिम बंगाल में लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। ऐसे में भाजपा की यह जीत राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह न केवल राज्य की राजनीति में बदलाव का संकेत है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
