दिल्ली में एक हफ्ते के लॉकडाउन के ऐलान के बाद जगह जगह पर लोगों का पलायन देखने को मिल रहा है। दिल्ली की प्रवासी मजदूर बड़ी तादात में अपने सामान के साथ यहां से पलायन कर रहे हैं। दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर तो बुरा ही हाल है लोगों को बस में जगह तक नहीं मिल रही है। प्रवासी मजदूर यहां से जाने के लिए अपना इंतेजामात कर रहे हैं। इसी तरह के मंज़र दिल्ली के मुख्तलिफ इलाकों का है। लोग अपने सामान के साथ बसों का , ट्रेनों का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि वो जैसे तैसे अपने घर अपने गांव में पहुंच सकें।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से हाथ जोड़कर ये विनती की है कि वो दिल्ली छोड़ कर ना जाएँ। पिछली साल जब lockdown लगा था। तब भी बहुत बड़ी तादात में यहां के प्रवासी मजदूरों ने पलायन कर लिया था। अब हालात पटरी पर आये ही थे कि फिर से मजदूरों को इस मुसीबत का सामना करना पड़ गया। लोग इसलिए भी यहां से जा रहे हैं कि जिस तरह का मंज़र उन्होंने पहले लॉक डाउन में देखा था उसी तरह के हालात अब दुबारा उनके सामने पैदा न हों इसलिए तालाबंदी के ऐलान सुनते ही लोगों ने यहां से रवाना होना शुरू कर दिया है। बस स्टैंड रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर लोगों की भीड़ जमा हो गयी है। दिल्ली में हर तरफ कोरोना की वजह से दहशत और डर का माहौल बन गया है कि लोग अब इससे दूर जाना ही एक मात्र रास्ता समझ रहे हैं।
पहले की तरह लोगों के अंदर इतनी दहशत फ़ैल गयी है कि लोग तालाबंदी ऐलान के बाद अपने घरों में राशन भरना शुरू कर दिए हैं। दिल्ली में लगे छह दिनों के लॉकडाउन के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री ने प्रवासी मजदूरों से दिल्ली न छोड़ने की अपील की है। केजरीवाल ने कहा, बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव जाने लगे हैं, उनसे अपील है कि यह छोटा सा लॉकडाउन है 6 दिन का, दिल्ली छोड़कर मत जाइए। आपके आने – जाने में समय और पैसा दोनों खराब होगा, दिल्ली में रहिए, मुझे उम्मीद है कि यह छोटा लॉकडाउन है और छोटा ही रहेगा। मुझे उम्मीद है कि इसे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आप दिल्ली में रहिए, हम पूरी इमानदारी के साथ सब मिलकर लड़ेंगे तो सब इस मुसीबत से छुटकारा पा लेंगे।
सीएम ने कहा, ”मैं आपको यकीन दिलाता हूं, सरकार आपका पूरा ख्याल रखेगी, मैं हूं ना, मुझपर पूरा भरोसा रखिए, मेरी दिल्ली के सभी नागरिकों से अपील है कि यह निर्णय हमने मुश्किल से किया, आप सब जानते हैं कि मैं लॉकडाउन के खिलाफ रहा हूं, मेरा मानना है कि लॉकडाउन से कोरोना खत्म नहीं होता उससे स्पीड कम होती है। 6 दिन जो हम ले रहे हैं आपसे उन 6 दिनों में दिल्ली के अंदर बहुत बड़ी संख्या में बेड्स बढ़ाएंगे, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाएंगे, ऑक्सीजन और दवाओं की व्यवस्था करेंगे।
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। बीते दिन रविवार को दिल्ली में कोरोना के 10 हज़ार से ज्याद नए केस दर्ज किये गए। कोरोना के बढ़ते मामले पर केजरीवाल ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा की दिल्ली में कोरोना की लहर तेज़ी से बढ़ती जा रही है। ये बहुत चिंताजनक बात है। इसलिए मुख्यमंत्री ने दिल्ली में एक हफ्ते का सम्पूर्ण lockdown लगा दिया है। उन्होंने अपने वीडियो के जरिये दिल्ली की जनता को इस मुसीबत की घड़ी में हौसला रखने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास तालाबंदी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। यही एक आखिरी उपाय बचा था , इस बीमारी से बचाव का इलाज बस एक मात्र lockdown ही है।
6 दिन के लॉकडाउन ऐलान के बाद शहर में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ने लगी है। शहर के कई ठेकों के बाहर शराब के शौकीन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शराब खरीद रहे हैं लेकिन ज्यादातर ठेकों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही है। पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार, लक्ष्मी नगर से लेकर साउथ दिल्ली के पॉश इलाकों में भी शराब की दुकानों पर भारी भीड़ नजर आ रही है। मिल्लत टाइम्स से ब्यौरो रिपोर्ट (शबीना सैय्यद)
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