झारखंड में आदिवासी ईसाइयों के साथ माॅब लिंचिंग की पॉपुलर फ्रंट ने की निंदा

प्रेस रिलीज़,नई दिल्ली,25 सितंबर 2019:पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के चेयरमैन ई. अबूबकर ने अपने एक बयान में, झारखंड में गौरक्षकों द्वारा किए गए हमले की निंदा की, जिसमें एक आदिवासी व्यक्ति की हत्या कर दी गई और 2 लोगों को बुरी तरह घायल कर दिया गया।

राज्य की राजधानी रांची से केवल 50 किलोमीटर दूर खुंटी जिले में गाय के नाम पर हैवानियत की एक और वारदात सामने आई है, जिसमें गौरक्षकों ने एक निर्दोष की जान ले ली और 2 लोगों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। इस बार पीड़ित आदिवासी ईसाई हैं।

झारखंड राज्य अल्पसंख्यकों के लिए दहशत की जगह बन गई है, जहां नफरत की बुनियाद पर अपराध और मानव अधिकार का हनन आम बात बन गई है, जबकि बीजेपी सरकार में वहां गौरक्षकों को आम माफी हासिल है। इसी साल जून में तबरेज अंसारी नामक एक 24 वर्षीय नौजवान को, जिसकी हाल ही में शादी हुई थी राज्य में प्रचलित इसी फैशन के तहत बड़ी बेदर्दी से पीटा गया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

झारखंड सरकार और पुलिस के रवैये से यह पता नहीं लग रहा है कि वे इस पागलपन को रोकने का इरादा रखते भी हैं या नहीं। दरअसल उनकी ढील और लापरवाही के कारण ही अपराधी और सांप्रदायिक तत्वों को अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों के निर्दोष लोगों को निशाना बनाने का हौसला मिलता है।

मुसलमानों के साथ-साथ ईसाई, दलित और आदिवासी भी मॉब लिंचिंग को अंजाम देने वालों के नफरती नजरिए का निशाना बन रहे हैं। ई. अबूबकर ने सभी पीड़ित समुदायों से अपील की कि वे अपने लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाएं और इस दिशा में संयुक्त कदम उठाएं।