कांग्रेसियों ने दी डॉ बी.आर.अम्‍बेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि

जिला कांग्रेस मुख्यालय नूह में कांग्रेस कार्यकर्ता व पार्टी के पदाधिकारियों ने आज डॉ बी.आर. अम्‍बेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य चौधरी महताब अहमद ने कहा कि डॉ बी.आर. अम्बेडकर राष्ट्र के प्रतीक-पुरुष व संविधान शिल्पी थे। वे जातिगत एवं अन्य पूवाग्रहों से मुक्त भारत के निर्माण के लिए आजीवन संघर्षरत रहे। वे एक ऐसा समाज चाहते थे जहाँ महिलाओं व कमजोर वर्गों को समान अधिकार प्राप्त हों । महताब अहमद ने कहा कि आम्बेडकर की प्रतिष्ठा एक अद्वितीय विद्वान और विधिवेत्ता की थी, 15 अगस्त 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार अस्तित्व में आई तो उसने आम्बेडकर को देश के पहले क़ानून एवं न्याय मंत्री के रूप में सेवा दी, 29 अगस्त 1947 को, आम्बेडकर को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया और उन्होंने बेहतरीन संविधान देश को दिया।

वहीं आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला मेवात एससी सेल के अध्यक्ष पार्षद मदन तंवर ने डॉ बी.आर. अम्बेडकर को पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब के नाम से मशहूर अंबेडकर अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। इस दौरान बाबा साहेब गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे।

इस दौरान अरशद चेयरमैन, नईम इक़बाल, हाजी गुड्डू, तौसीफ़ नूह, उमा शंकर, नसीम चंदेनी, टेकचंद, सोराब सरपंच, हाजी हमीदा, लियाकत सलाहेडी, ताहिर नंगली, इखलास नूह, आदिल, अजमत बीरसिका, गनी रीठौड़ा, उमरदीन, मुस्ताक़ रानिका, फराहिम दिहाना सहित काफी कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।