आम चुनाव लोकतंत्र और सेक्यूलरिज्म पर यकीन ना रखने वालों के खिलाफ मुल्क गैर सतह की नुमाइंदह व्यक्तियों पर मुसतमिल काउंसिल का सियासी मशावरती इजलास

(प्रेस रिलीज़,नई दिल्ली,16 मार्च 2019)
देश में सेकुलरिज्म लोकतंत्र सत्ता रवादारी फिरका वराना हम अहंगी मजहबी व मअआशरती मसावात की बकां और इसके सुरक्षा के लिए आम चुनाव मुल्क के 135 करोड़ जनता के लिए एक ऐसी जंग है जिस के ताल्लुक से तमाम इंसाफ पसंदो और लोकतंत्र एकतेदार पर यकीन रखने वालों को एक होकर काम करना होगा हर सतह पर इसके लिए जद्दोजहद की जाएगी और लोगों को जमीनी सच्चाइयों से वाकिफ कराना होगा इस जमन में मिल्ली काउंसिल ने तमाम राज्यों के सरबराह और आलमा एकराम दानिश्वर,सियसी शऊर रखने वालों और कौंसिल के नुमाइंदा अरकान के साथ अलग अलग मुद्दो पर बहस किया गया और चुनाव के सिलसिले में जरूरी तजावेज मंजूर की- तमाम उमूर पर फैसला भी हुए

वजह रहे है कि मिली काउंसिल का मजकोरा इजलास आई ओ एस के कांफ्रेंस हॉल में हुआ जिसकी सदारत कौंसिल के कौमी सदर हज़रत मौलाना हकीम मोहम्मद अब्दुल्ला ने किया, सदर कौंसिल ने अपने भाषण मे कहा की माजी करीब और मौजूदा खतरा और मुस्तकबिल के अंदेशों के पेश नजर कौंसिल ने पुरी हिकमत अमली के साथ यह इजलास रखा है ताकी मुस्तकबिल के लिए हम एक लाहिय अम्ल तय कर सके-यकिनन इसके लिए गैर मामूली जद्दोजहद की दरकार है हमे अच्छी सोच का मजाहिरा भी करना है इंशाअल्लाह हम मसतरका कोशिशों को आगे बढ़ाएंगे तो कामयाबी हमें यकीनन मिलेगी

आल इंडिया मिली काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर मोहम्मद मंजूर आलम ने अपने शुरूआती और अंतिम भाषण मे वोटों की ताकत के हवाले से कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा पोलिंग करानी है और मनुवाद ने जिस तरह से जिस तरह सर उठाया है और मनुस्मृति को जिस तरह मुल्क में नाफिज किए जाने की खुली जद्दोजेहद जारी है हम अपने नाखून तदबीर से इन्हें शिकस्त देने के लिए तैयार हैं इस मौके पर कौंसिल ने मुख्तलिफ जमातो से अपने तैयार करदा मंसुर मुतालबात इजलास में पेश किया जिसे सरका ने मुतफका तौर पर मंजूरी दी इजलास में डॉक्टर मोहम्मद मंजूर आलम के मजामीन का मजमुआ (अंदेशे जो सच साबित हुए) का इजरा भी अमल में आया

सरका इजलास का इस्तेमाई टापिक यही था कि हमें अपने वोट फिसद बढ़ाने पर खाश ध्यान देना है और मजीद पेश रफ्त के लिए मुस्तकबिल साज अमूर अंजाम देना है , मिली कौंसिल के इस मरकजी सियासी मशावरती इजलास में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च मस्जिद पर जिस तरह आतंकी हमला हुआ और 49 नमाजियों को जिस तरह सहिद कर दिया काउंसिल ने इस आतंकी हमले पर अपने गहरे रंज व गम का इजहार किया नीज सभी शहीद के लिए बुलंदी दरजात की दुआएं की

इजलास में सदर व जनरल सेक्रेटरी के अलावा मौलाना यासीन अली उस्मानी उपाध्यक्ष कौंसिल ,मौलाना सैयद मुस्तफा रिफाई नदवी असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी काउंसिल ,एस एम अब्दुल रहीम चेन्नई,मुनीर अहमद खान इंदौर, मुशर्रफ हुसैन अब्दुल कयूम ,अख्तर एडवोकेट ,सैयद मुजाहिद अली, एडवोकेट जनाब अब्दुल लतीफ, मौलाना मोहम्मद गुलजार कासमी, प्रोफेसर हशीना हाशिया नई दिल्ली, कारी मजहर नदवी,काजी अबु रेहान फारूकी इंदौर, मुफ्ती सईद असद हाशमी आसनसोल, इस्माइल नदी कोलकाता, मुफ्ती रिजवान कासमी तारापुरी ,अब्दुल हाफिज अहमदाबाद, सय्यद अली मुंबई ,इनाम उद्दीन अहमद, अनवर सिद्दीकी मलेरकोटला,, कारी जिशान कादरी पानीपत, डॉक्टर जहीर अहमद खान बुलंदशहर,, डॉ परवेज मियां, साहब उद्दीन अहमद गुवाहाटी ,निजामुद्दीन शेख सोलापुर, मुफ्ती बाकीर अरशद कासमी, सैयद शाहिद अहमद ,आसिफ शेख, अफरोज सलमान खान बेंगलुरु,, अब्दुल मालिक माई सहारनपुर ,मोहम्मद उमर गौतम ,अशफाक अहमद सिद्दीकी, मौलाना डॉक्टर एजाज अहमद दरभंगा,, मोहम्मद हसन गोरी जोधपुर, मौलाना तारिक शफीक नदवी समेत अन्य गणमान्य लोग व आलमा ए एकराम ने भाग लिया

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